Tuesday, October 9, 2018

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राफेल सौदे में हुई गड़बड़ी की सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

रफ़ायल सौदा मामले में केंद्र सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में नई क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. इस याचिका में माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा परमादेश जारी कर स्वयं सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जाँच टीम गठित किये जाने का अनुरोध किया है। याचिकर्ता ने कथित मामलें में उच्चतम न्यायलय से यह जाँच किये जाने का अनुरोध किया है कि;
(A) 1. आख़िर किन वजहों से 126 रफ़ायल लड़ाकू विमान खरीदने का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया?
रफ़ायल लड़ाकू विमान की संख्या घटाकर 36 क्यों और कैसे किया गया तथा इस अतिसंवेदनशील रक्षा खरीद में इससे जुड़े जरूरी औपचारिकताओं का ध्यान क्यों नहीं रखा गया रफ़ायल लड़ाकू विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये से बढ़कर 1500 करोड़ रूपये से अधिक किन कारणों से हुई तथा इसमें रक्षा मंत्रालय की क्या भूमिका रही लड़ाकू विमान के उत्पादन में बिना किसी अनुभव एवं विशेषज्ञता के रिलायंस डिफेन्स कंपनी को 59,000 करोड़ रूपये के इस अतिसंवेदनशील सौदे में कैसे और क्यों शामिल किया गया?हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड का नाम समझौते से क्यों और कैसे हटा दिया गया?
क्या 126 की जगह 36 रफ़ायल लड़ाकू विमानों की खरीद से देश की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता किया गया है क्या रिलायंस डिफेन्स कंपनी या उसके सहयोगी उपक्रम के द्वारा किसी भी स्तर पर इस सौदे को प्रभावित किया करने की कोशिश की गई?
फ़्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति के हालिया बयान के सन्दर्भ में यह जाँच और अधिक प्रासंगिक हो जाता है कि क्या रिलायंस एंटरटेनमेंट के द्वारा जूली गेयेट की फर्म (रूश़ इंटरनेशनल) में निवेश इस समझौते को प्रभावित कने के उद्देश्य से किया गया?
(b) उच्चतम न्यायलय से यह अपील है कि कृप्या फ्रांस के साथ 23 सितंबर 2016 को हुए 36 रफ़ायल लड़ाकू विमान के खरीद के समझौते को रद्द किया जाए एवं सीबीआई को निर्देश दिया जाए की वह मामलें में एफ.आई.आर. दर्ज करे और जाँच की रिपोर्ट माननीय उच्चतम न्यायलय के समक्ष पेश करे।
(C) 24 जून 2016 को भारत सरकार द्वारा रद्द किये जाने से पहले के 126 रफ़ायल लड़ाकू विमान के खरीद के समझौते को फिर से बहाल किया जाए।
(D) डासो रिलायंस एरोनॉटिक्स लिमिटेड (DRAL) को भारत में रफ़ायल लड़ाकू विमान निर्माण से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।
(E) भारत सरकार को निर्देशित किया जाए कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड को डासो के भारतीय सहयोगी कंपनी के रूप में पेश करें.
तथा
(F)  मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट जो भी उचित समझें, निर्देश जारी करें। 
रफ़ायल मामलें में केंद्र सरकार की संदिग्ध भूमिका पर संजय सिंह शुरूआत से ही मुखर रहे हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर राज्यसभा में तथा मीडिया के विभिन्न मंचों से लगातार अपना विरोध दर्ज कराया है। इसके एवज में रिलायंस डिफेन्स के द्वारा किये गए 5000 करोड़ रूपये के मानहानि का मुकदमा भी संजय सिंह झेल रहे हैं। परन्तु उनका कहना है कि वह इन धमकियों से डरने वालों में से नहीं हैं। बल्कि आने वाले समय में यह आन्दोलन का रुख अख्तियार करेगा एवं सरकार को और देश के गरीबों का धन लूटने वालों को इसका जवाब देना पड़ेगा।

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