Monday, October 29, 2018

रुद्र महायज्ञ के लिए निकली गयी भव्य कलश यात्रा

दिलीपपुर/प्रतापगढ़

जनपद प्रतापगढ़ के दिलीपपुर बाजार से दक्षिण दिशा मे 2किमी. की दूरी पर सई नदी किनारे गुलरा वन  स्थित  प्राचीन मन्दिर  पशुपतिनाथ  प्रकट महादेवन धाम पर 11दिवसीय रुद्र महायज्ञ सहस्त्र रुद्र अष्टाध्यायी सस्वर पाठ शिवपुराण दिव्यकथा के लिए  आज सोमवार को अयोध्या से आए संत महामडंलेश्वर शिव महराज फलहारी बाबा के नेतृत्व में  बाजे-गाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल क्षेत्रीय विधायक प्रतिनिधि शिवम ओझा के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष हाथों में कलश लेकर चल रहे थे। यात्रा जिस रास्ते से गुजर रही थी, वहां का वातावरण भक्तिमय हो जा रहा था। तेज धूप  व मिट्टी की सड़क होने के बावजूद कलश यात्रा में शामिल महिला और पुरुषों की कतार घंटों चलती रही।
  महादेवन शिव मंदिर से सैकड़ों महिला-पुरुषों के साथ यज्ञ स्थल से सई नदी से जल भरकर निकली कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए दिलीपपुर बाजार के सभी प्रमुख मन्दिरो से होती हुई बाजार का भ्रमण कर पुन: यज्ञ स्थल के लिए रवाना हुई। यज्ञ स्थल पर पहुंचने पर मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थपित हुआ। यात्रा जिस रास्ते से भी गुजर रही थी, वातावरण भक्तियम बन जा रहा था। इस मौके पर आचार्य श्री प्रेम प्रकाश मिश्र ने प्रवचन करते हुए कहा कि रूद्र महा यज्ञ के कलश यात्रा के माध्यम से परिक्रमा प्रणाम और प्रसाद के द्वारा दैहिक, दैविक तथा भौतिक ताप, संताप, परिताप तीनो कष्ट कम होता है।

सई नदी को विष्णुपदी बूढी गंगा की मान्यता  हैं। जिसमें डुबकी लगाते ही शिव का रूप तथा कमंडल या कलश में लेकर चलने पर बह्मा का रूप प्रदान करती है। गंगा की अविरल धारा हम सब को निरंतर कर्म की प्रेरणा देती है। गंगा की शुद्धता औगुणों से दूर रहते हुए भक्ति परोपकार दूसरों की सहायता करुणा का संदेश देती है।
हम मनुष्यों के जीवन में विश्वास के साथ कर्म हो तो कठिनाई के बावजूद भी लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। कलयुग में कर्म युक्त विश्वास ही फल बन जाता है। विश्वास नि :संदेह हो, संदेहात्मक नहीं होना चाहिए।
कलश यात्रा मे प्रमुख रूप से समाजसेवी पंकज दूवे , अंशुमान सिंह , दीपू शुक्ला,अनिल पाण्डेय, सुरेन्द्र मिश्रा, धर्मेश दूवे, रुद्र दूवे, धर्मेन्द्र दूवे, हेमन्त मिश्रा,राजन मिश्रा,सहित सैकड़ो महिला पुरुष शामिल हुए।

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