Thursday, November 22, 2018

इटियाथोक में दबंग मास्टर जी के आगे प्रशाशन भी नतमस्तक


गोण्डा। जनपद के इटियाथोक क्षेत्र के विद्यालयों की स्थिति बहुत ही दयनीय है । यहाँ के विद्यालयों के भवन जर्जर है , बॉण्डरी वाल नही ,शौचालय की स्थिति दयनीय है ,वही बच्चो की संख्या कागजो में अधिक ,मौके पर छात्रों की संख्या बहुत ही कम रहती है । साथ ही ड्रेस व अन्य के वितरण में भी लूट खसोट हो रहा है । एमडीएम की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। उसमें भी घालमेल हो रहा है वही अध्यापक भी अपनी मन मर्जी से विद्यालय में आते है वे बीएसए के आफिस के आस पास ही अक्सर मिलते है । और अपने आप को बीएसए स्वम ही बताते है । बड़े रौब गांठते है यह बात बीएसए जानते हुए भी उनसे नही पूछते है कि स्कूल छोड़ कर यहाँ क्या कर रहे हो । इस तरह शिक्षा विभाग में दबंगई ,घोटाले ,शिक्षण व्यवस्था की गरिमा ,सम्मान सबकी सरेआम धज्जिया उड़ रही है ,वही जिम्मेदार जानते हुए भी कार्यवाही नही कर रहे है । इससे साफ है कि सबकी मिली भगत है जिसका एक जीता जाता 

उदाहरण बेलभरिया के विद्यालय प्रथम ,द्वितीय 

यहा के स्कूल का भवन जर्जर ,टीचर मनमर्जी से आते है । बच्चो की संख्या अधिक मौके पर बहुत ही कम है । एमडीएम केवल एक विद्यालय में बनता है दूसरे में बनता ही नही । शिक्षण व्यवस्था बहुत ही दयनीय है । उच्च अधिकारी जानते हुए भी कार्यवाही नही कर रहे । ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ की शिक्षण व्यवस्था राम भरोसे है । पढ़ाई लिखाई न होने से कोई अपने बच्चो को यहाँ भेजना नही चाहता है । वही यहाँ के प्रधान भी शिक्षक की दबंगई के आगे कुछ नही बोल पा रहे है अब उनकी क्या मजबूरी है । यह हाल शिक्षा के मंदिर व मंदिर के पुजारियो का । बेसिक शिक्षा की स्थिति दिनों दिन बद से बदतर होती जा रही है ।सरकार जितनी सुविधाएं बढ़ाती जा रही ,शिक्षण व्यवस्था का स्तर उतना ही गिरता जा रहा है ।दिनों दिन बेसिक स्कूलों में बच्चो की संख्या कम होती जा रही है ,वही प्राइवेट स्कूलों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है इसका जिम्मेदार कौन है ।यहाँ एक बात समझ से परे है ।कुछ टीचर अपने स्कूल में कार्य न करके बीएसए आफिस में बैठ कर आनंद ,मौज व अन्य टीचरों पर रौब गांठते है ,वही बीएसए भी नही पूछते आप लोग अपना स्कूल छोड़कर यहां क्या कर रहे हो । अब ऐसे में जब ऐसे टीचर व अधिकारी अपने कर्तव्य से भागते रहेंगे तब तक यह व्यवस्था सुधरने वाली नही है ।सरकार को ऐसे टीचर व जिम्मेदारों पर जब तक कार्यवाही नही करती है तब तक ये टीचर अपनी दबंगई दिखाते रहेंगे ।अगर कोई ग्रामीण ,अभिवाहक ,व पत्रकार इन मगरूर टीचरो से कुछ पूछता है तो ये लंबी लंबी फेकते है और कहते है कोई मेरा कुछ नही विगाड़ सकता है ।जिसको जो करना जाकर कर ले ।मेरा अधिकारी व सरकार कुछ नही विगाड़ सकता है ।।  अब ऐसे में शासन व प्रशासन अगर इन शिक्षकों पर कार्यवाही नही करता है तो यही समझा जाएगा कि इन दबंग शिक्षकों के आगे शासन व प्रशासन ने घुटने टेक दिए ।

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