Friday, November 9, 2018

मनुष्य के अपने कर्म ही उसकी असली पहेचान होते है

मनुष्य को शुभ कार्य करते रहना चाहिए चाहे कोई उसका सम्मान करे या न करे । नदी का पानी अपने उपयोग कि चिन्ता किये बिना जनहित मे अनवरत् अपनी गति से बहता रहता है ।मीठे फल वाले वृक्ष में ही लोग पत्थर मारते हैं जिसमें  खाने लायक नहीं होते हैं उन पर कोई फल कोई पत्थर नही मारता है। सूर्य उदय होता है तो बहुत लोग नींद में होते हैं फिर भी सूर्योदय तो होता ही है।ज्ञानी लोग परिणाम व प्रतिक्रिया की परवाह किये बगैर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहते है ।कौन क्या कहता है इसकी चिंता नही करते । खुद को ऐसा बनाओ और ऐसा करो कि तुम जहाँ पर रहो सब तुमसे प्यार करें । पथ से विचलित न होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान दे और याद रखें कि आपका लोग इन्तजार कर रहे हैं । ईश्वर सदैव उसी का साथ देता है जो अपने पथ से विचलित नही होते हैं । हाथी जब निकलता है तो रास्ते में उसे देखकर भौकते हैं लेकिन हाथी उनके भौकने की परवाह किये बगैर अपनी मंजिल पर बढ़ता रहता है। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निग /नमस्कार / अदाब /शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः-----/ ऊँ नमः शिवाय ।।।
         भोलानाथ मिश्र
  वरिष्ठ पत्रकार /समाजसेवी
रामसनेहीघाट बाराबंकी यूपी।

No comments:

Post a Comment