Friday, November 2, 2018

हिंदुस्तान में आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं की अब खैर नही

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा है कि वह आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने वाले नेताओं पर आजीवन चुनाव लड़ने वाली याचिका पर विचार करेगा। शीर्ष अदालत ने इस मसले को गंभीर बताया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भाजपा नेता व याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय से कहा कि वह पूर्व में दाखिल अपनी याचिका की मुख्य मांग से न भटकें।वास्तव में उपाध्याय से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने वाले नेताओं पर आजीवन चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी जानी चाहिए। याचिका में तर्क दिया गया था कि अगर किसी सरकारी अधिकारी को आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जाता है तो उसकी नौकरी ताउम्र के लिए खत्म हो जाती है। ऐसे में नेताओं को प्राथमिकता क्यों होनी चाहिए इस सुनवाई केदौरान पीठ ने इस मसले से विचार करने का निर्णय लेने से पहले यह जानना चाहता था कि सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का क्या हुआ जिसमें दागी नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों का निपटारा एक वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया गया था। पीठ ने अब इस मसले को गंभीर बताते हुए इस पर विचार करने का निर्णय लिया है। चार दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट इस पर विचार करेगा।

No comments:

Post a Comment