Wednesday, December 5, 2018

हरियाणा सरकार अपनी जिद छोड़े नही तो रोडवेज कर्मचारी फिर होंगे आंदोलन को मजबूर

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता इन्द्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा,हरियाणा नारायण शर्मा, अनूप सहरावत, सरबत सिंह पूनिया, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान,पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदूवा, आजाद गिल, सुल्तान सिंह,प्रदीप बूरा ने संयुक्त ब्यान में बताया कि 2016 में भर्ती हुए कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस के हटाने के फरमान जारी कर दिए गए हैं। यूनियन नेताओं ने कहा क पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हड़ताल के दौरान कर्मचारियों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए यथास्थिति के आदेश दिए थे, मगर इसके बावजूद फरीदाबाद में 37 रोडवेज चालकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। सरकार माननीय हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही है उनका कहना है कि हाई कोर्ट में आगामी माह में मामले की सुनवाई होनी हैं, लेकिन इससे पहले ही सरकार मनमानी पर उतर आई है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार हठधर्मिता को छोड़कर अपने तुगलकी फरमानों को तुरंत प्रभाव से वापस ले, अन्यथा कर्मचारी फिर से एक बार बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। तालमेल कमेटी नेताओं ने कहा कि सरकार रोडवेज विभाग में सरकारी बसों का बेड़ा बढ़ाने व बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की बजाय पहले से लगे हुए कर्मचारियों को हटाकर विभाग को समाप्त करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि सरकार संकीर्ण मानसिकता के तहत आए दिन कर्मचारियों के उत्पीड़न की कार्रवाई कर रही है सरकार ने कर्मचारियों की भर्ती किए बिना ही ओवरटाइम समाप्त कर दिया तथा ग्रामीण इलाकों में बसों का रात्रि ठहराव बंद कर दिया इससे आम जनता वह छात्र छात्राओं को समय पर बस सेवा नहीं मिल रही है ऐसा करके सरकार जनता को परेशान करना चाहती है
उन्होंने कहा हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी सरकार से पून: मांग करती है की 2016 में भर्ती सभी 365 चालकों को हटाने का निर्णय तुरंत वापिस लिया जाए तथा कानून बनाकर इन सभी चालकों को शीघ्र पक्का किया जाए l कर्मचारियों की सभी प्रकार की उत्पीड़न की कार्रवाई वापिस ली जाए l
तालमेल कमेटी के नेताओं ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता व तानाशाही के खिलाफ 5 दिसम्बर को रोहतक में हो रही बैठक में बड़े व निर्णायक आन्दोलन की घोषणा की जाएगी

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