Wednesday, December 5, 2018

बुलन्दशहर घटना की होगी एसआईटी जांच सामने आएगा सच

बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव में गोवंश अवशेष मिलने पर पुलिस, हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों में जमकर टकराव को लेकर मंगलवार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई बातों का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि किसी संगठन का नाम अभी सामने नहीं आया है। किसी निर्दोष को सजा न हो इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है जिससे निष्पक्ष जांच हो सके।एडीजी आनन्द कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच हो रही है। इस घटना में मारा गया सुमित प्रदर्शनकारियों में शामिल था, उसके शरीर से मिली गोली की जांच की जा रही है। एसआईटी की जांच में साबित होगा कि घटना के पीछे कौन है।
उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को पहले पत्थर लगा बाद में उन्हें गोली मार दी गई। कुछ पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया मगर भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया। साथ ही इंस्पेक्टर सुबोध को शहीद का दर्जा दिया गया है। बुलंदशहर में स्थिति सामान्य है। 15 से 20 हज़ार लोग अब भी इज्तेमा स्थल पर हैं। उन्हें वहां से निकाला जा रहा है।
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की गई है। घटना में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। जिसमें 27 लोगों को नामजद किया गया है और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मेरठ जोन के एडीजी ने बताया कि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार और 4 को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार होने वालों में देवेंद्र, चमन, आशीष, सतीश तथा मुख्य अभियुक्त बजंरग दल का जिला संयोजक योगेश राज भी शामिल है।
वहीं मंगलवार को बुलंदशहर के गुलावठी में असामाजिक तत्वों द्वारा एक बार फिर गोकशी की अफवाह फैला कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। सूचना पर पुलिस ने तत्परता से मौके पर पहुंच कर अफवाह का खंडन किया। एसओ ने बताया गोकशी नहीं हुई। पुलिस ने अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है।

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