Wednesday, December 5, 2018

राजस्थान में कांग्रेस के समर्थन में मैदान में उतरी भीम सेना

राजस्थान विधानसभा चुनावों में जीत के लिए चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। वैसे तो राज्य के जैसलमेर और पोकरण में जातिगत गोलबंदी को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दलों ने कड़ी मेहनत की लेकिन दलित मतदाताओं तक पहुंच के मामले में बाजी कांग्रेस मारती हुई नजर आ रही है।यहां ‘भीम सेना’ नामक समूह कांग्रेस के पक्ष में घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहा है। इस समूह के कार्यकर्ता दलित समुदाय की बस्तियों में जाकर कांग्रेस पार्टी के लिए वोट अपील कर रहे है। इस इलाके में भीम सेना की दलित समुदाय के मतदाताओं में अच्छी पकड़ बताई जाती है।भीम सेना से जुड़े लोग राज्य और केंद्र सरकार दोनों से नाराज है। इनका कहना है कि मोदी सरकार और वसुंधरा सरकार में दलित समुदाय के लोगों और उनके संवैधानिक अधिकारों को निशाना बनाया गया है, इसलिए वे दोनों सरकारों को सबक सिखाने चाहते हैं। जैसलमेर-पोकरण क्षेत्र में ‘भीम सेना’ के अध्यक्ष कैलाश चंद नागौरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘हमारा संगठन इस इलाके में पिछले पांच वर्षों से सक्रिय है। मौजूदा समय में हमारे करीब एक हजार सदस्य दोनों सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में डोर टू डोर प्रचार में जुटे हुए हैं।’इस समूह के कार्यकर्ता दलित बस्तियों एवं उनके घरों पर जाकर जैसलमेर और पोकरण विधानसभा सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। खास बात ये है कि ये लोग व्हाट्सऐप का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाया जा सके।कांग्रेस पार्टी की ओर से जैसलमेर सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग से रूपा राम और पोकरण सीट पर शाले मोहम्मद उम्मीदवार है। ‘भीम सेना’ कांग्रेस का समर्थन क्यों कर रही है, इसके जवाब में कैलाश चंद नागौरा ने कहा कि हमारा मकसद दलित विरोधी भाजपा को सबक सिखाना है। इस समय सिर्फ कांग्रेस ही यहां भाजपा को हरा सकती है, इसलिये हम चाहते हैं कि बाबा साहेब में आस्था रखने वाले लोग कांग्रेस के पक्ष में वोट करें।’इस मामले को लेकर जैसलमेर जिले के भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार और वसुंधरा राजे सरकार की अधिकतर योजनाओं से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को सबसे अधिक फायदा हुआ है। इसलिए किसी प्रचार से कोई फर्क नहीं पड़ेगा और यह समाज भाजपा का साथ देगा। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में जैसलमेर और पोकरण दोनों सीटें भाजपा ने जीती थीं। इस बार भाजपा ने दोनों निवर्तमान विधायकों के टिकट काट दिए। राज्य में 7 दिसंबर को मतदान होंगे। 11 दिसंबर को मतगणना होगी।

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