Saturday, December 1, 2018

फसल खराब होने के सदमे में जान गंवाने वाले किसान के परिवार का सहारा बने केजरीवाल भेजा पांच लाख का चेक

हरियाणा /इसराना दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पानीपत के इसराना के बांध गांव में फसल खराब होने के सदमे से जान गंवाने वाले किसान के परिवार का सहारा बने हैं।मिली जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद और राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने शनिवार को बांध गांव पहुंचकर पीड़ित किसान परिवार को 5 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। ये रकम अरविंद केजरीवाल की सैलरी से दी गई है बताते चले कि आप मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी 25 नवंबर को बांध गांव पहुंचकर इस परिवार से मुलाकात की थी। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली का मुख्यमंत्री होने के नाते मेरी अपनी सीमाएं हैं लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मैं इस परिवार की मदद करूंगा।इस बारे में नवीन जयहिंद ने कहा कि खट्टर सरकार की असंवेदनशीलता से हर कोई दुखी है। खट्टर को किसानों की बदतर हालत से कोई मतलब नहीं है। हम जो मदद कर रहे हैं वो हमारा धर्म है। अरविंद केजरीवाल की तरफ से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। हम किसान के बेटे की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे। वो जितना पढ़ना चाहेगा, हम करवाएंगे। हम भविष्य में उसके रोजगार की कोशिश भी करेंगे।  जयहिंद ने सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि चुनाव से पहले किसानो के लिए नंगे होकर प्रदर्शन करने वाले आज मुहं छिपा रहे है |आज सरकार की फसल बीमा योजना सिर्फ एक डाका योजना ही है आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने परिवार से मिलकर कहा कि हरियाणा में किसान लगातार अपनी जान गंवा रहे हैं। लेकिन खट्टर सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं है। हम इस मुद्दे को राज्यसभा में भी उठाएंगे।बताते चले कि इससे पहले, झज्जर जिले में आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को भी नवीन जयहिंद ने अपनी तरफ से मदद की थी नवीन जयहिंद ने झज्जर जिले के खुड्डन गांव में आत्महत्या करने वाले किसान प्रकाश पुनिया के परिवार से 27 नवंबर को मुलाकात थी और  किसान की बेटी को अपनी धर्म बहन बताते हुए उसकी शादी व पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी ली है।हरियाणा में किसानों की बदहाली के लिए खट्टर सरकार को जिम्मेदार बताते हुए अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि खट्टर साहब, फसल बीमा योजना बंद करें। किसानों से जो पैसे इकट्ठे किये हैं उन्हें वापस करें। सबका कर्ज माफ करें। मुआवजा योजना लागू करें। पिछले 6 महीने में जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन सबको मुआवजा दें आदि लेकिन अब देखना ये है कि इन सब के बावजूद भी सरकार के कानों में जूं रेंगती है या नही।

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