Thursday, January 17, 2019

बेरोजगारों को नही मिलता लोन रोजगार योजना फेल

पवन कुमार द्विवेदी

आइये हम आपको बताते हैं की सरकार की मंशा पर बैंक कैसे पानी फेरते हैं।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुद्रा लोन के तहत आसान्त तरीके से बिना गारंटी के ज़रूरतमन्द को ऋण मुहैया कराने की सच्चाई थोड़ा चौकाने वाली ज़रूर है मगर सच तो है,
बैंको में जब कोई छोटा व्यवसायी ऋण आवेदन के लिए बैंक प्रबन्धक से मिलता है तो उनका ब्यवहार इतना मार्मिक होता है की आँखों में आंसू छलक आते हैं धानेपुर के एक किराने की दुकान दार राम प्रसाद उम्र करीब 60 वर्ष उनकी अच्छी खासी दुकान कुछ घरेलू समस्यायों की वजह से टूट गयी है पूजी एक निजी समस्या से निपटने में लग जाने की वजह से उन्हें दूकान के लिए पूंजी की आवश्यकता थी इसलिए इलाहाबाद बैंक के प्रबन्धक से मिले हाथ जोड़ कर निवेदन किया की प्रधानमन्त्री मुद्रा लोन योजना के तहत 50 हजार रूपये का लोन लेने की बात कहने पर बैठने के लिए बोलना तो दूर की बात मैनेजर साहब ऐसे बरसे जैसे राम प्रसाद हिन्दुतान और पाकिस्तान का बार्डर क्रास करने का प्रयास किये हों बेचारे आखों में आंसू लिए खाली हाथ लौट आये,ऐसे कइयों राम प्रसाद हैं जो बैंको के ब्यवहार से इतने अजीज हैं की क्षेत्र के सूदखोरों से 18 से 20 %पर कर्ज लेने को मजबूर हैं।

समझ नही आता की सरकार द्वारा चलाई गयी योजनाएं एलियन्स के लिए होती हैं या  राम प्रसाद जैसे ज़रूरत मन्द लोगों के लिए-राम प्रसाद गुप्ता जी से दुबारा बैंक जाने की बात कही गयी तो उन्होंने कान पकड़ कर कहा एक बार गया बेआबरू हो कर लौटा अब जाने की हिम्मत नही साहब.....यही हाल लगभग सभी बैंको का है ।जब बैंक जाईये तो कहते अब लक्ष्य पूरा हो गया ,अब नही हो पायेगा ,वही सरकार के द्वारा स्पष्ट दिशा निर्देश है कि जो भी रोजगार करना चाहता हो या कर रहा हूं उसे मुद्रा लोन दिया जाय ,लेकिन बैंक कहते है कि लोन किसे देना है किसे नही यह हम तय करेंगे सरकार नही ।कुछ बैंक यह भी कहते हुए पाए जाते है कि जाओ लोन मोदी से ले लो ।इस तरह सरकार की नीतिओ को पलीता लगाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है ।

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