Thursday, January 17, 2019

भव्यता के साथ प्रयाग नरायन मंदिर में मनाया गया बैकुंठ उत्सव

Hari Om Gupta
कानपुर नगर, कानपुर शहर में आस्था का केंद्र तथा दक्षिण भारतीय शैली का अद्भुद प्रयाग नारायण मंदिर शिवाला में पांच दिवसयी उत्सव प्रतिवर्ष पौष शुक्ल पक्ष की एकादशी से पूर्णमासी तक मनाया जाने वाले श्री वैकुण्ठ महोत्सव की भव्य शुरूआत की गयी, जिमसें विशेष मंत्रोच्चारण के साथ प्रथम दिन बैबुण्ठ द्वार को अर्चक द्वारा खोला गया। इसी स्थान पर रजत कुभ आरती से स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान वैकुण्ठ नाथ-लक्ष्मी नारायण की जयघोष के साथ आरती उतारी गयी।युवा प्रबंध अभिनव तिवारी एवं मुकु तिवारी के साथ हजारो भक्तगण भगवान श्री वैकुण्ठ नाथ के भव्य स्वर्ण सिहांसन को कंधे पर रखकर बाहर आये साथ ही दक्षिण भारत के चार आचार्यो के रजत सिंहासन भी रहे। यह बैकुण्ठ द्वार अब 21 जनवरी तक खुला रहे है। लगभग ढाई घंटे आरती एवं विशेष निर्मित अंग वस्त्रम व महाप्रसादम का भक्तों में वितरण किया गया। उत्सव में वृंदावन, नौमिषारण व आयोध्या, गोरखपुर आदि से अनेक भक्तो तथा आचार्यो ने भाग लिया। मध्यान्ह एक भव्य एकादशी का भण्डारा सम्पन्न हुआ जिसें दही, पेडा, फलहरी, महाप्रसाद का सामूहिक वितरण हुआ। इस अवसर पर अरूण कुमार बुबे, मनोज कुमार सामवेदी, राघव, अरूण पाळक, दीपक रामानुजदास, करूणाशंकर व्यास, शंकर दत्त मिश्राद्व हर प्रकाश अग्निहोत्री, स्वामी गोपाल प्रपन्न, आचार्य अर्पित, प्रताप रामानुजदास, अंकित त्रिवेदी, मनोज तिवारी आदि उपस्थित रहे।

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