Monday, February 4, 2019

पति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सैलून से भटकती महिला

राजस्थान के दौसा में एक महिला अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले नौ साल से दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर है, लेकिन महिला की सुनने वाला कोई नहीं है. मामला दौसा जिले के भांवता गांव का है, जहां गुलाब देवी मीना अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के लिए संघर्ष कर रही है.मामले की जानकारी देते हुए गुलाब देवी मीना ने बताया कि उसका पति जयराम मीणा की साल 2010 में आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम की एक कंपनी में काम करने के लिए गया था. 20 सितंबर 2010 को उसकी मृत्यु हो गई थी और 21 सितंबर को जयराम के शव का पोस्टमार्टम किया जाता है, लेकिन एम्बलेमिंग सर्टिफिकेट में उसके पिता का नाम तेजाराम की जगह बलराम दर्ज कर दिया गया. इसके बाद शुरू होता है परेशान और फर्जीवाड़े का खेल. मृतक जयराम के परिजनों का आरोप है कि बीमा कंपनी द्वारा मृत्यु का प्रमाण पत्र मांगा जाता है तो विशाखापट्टनम में नौकरी लगाने वाले ठेकेदार व भांवता गांव के सरपंच ने सचिव से सांठ-गांठ कर जयराम की मौत भांवता में ही दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया .इस फर्जी सर्टिफिकेट में मृतक जयराम के पिता के तेजाराम के नाम आगे उर्फ लगाकर बलराम जोड़ दिया गया. इसके बाद इसी क्रमांक का एक और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर मृतक के पिता की जगह सिर्फ तेजाराम ही लिखा गया, लेकिन बीमा कंपनी ने मृत्यु का स्थान विशाखापट्टनम होने के कारण इस डैथ सर्टिफिकेट्स को नहीं माना, ऐसे में अब विशाखापट्टन के अस्पताल से मृत्यु प्रमाण पत्र लेने व फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक जयराम की पत्नी दर-दर की ठोकरें खा रही है.मामले में करीब दो माह पहले दौसा एसपी से मिलकर  जांच की मांग की थी

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