Thursday, February 21, 2019

पाकिस्तानी आतंकवाद और मक्कारी पर विसेष

आजादी के समय हुयी जरा सी चूक आज देश के लिये समस्या ही बनकर नही खड़ी हो गई है बल्कि गले की हड्डी बन गई है।अगर आजादी के समय ही गुलाम काश्मीर को मिलाकर समस्या का फौजी निदान हो गया होता तो आज आजाद काश्मीर को वापस लेने के नाम पर पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देने का शायद मौका न मिलता।आज गुलाम काश्मीर के माध्यम से आजाद काश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।हमने भले ही गुलाम काश्मीर को वापस लेने के लिए आतंकवाद का सहारा नहीं लिया और न ही जेहाद शुरू किया  लेकिन पाकिस्तान गुलाम काश्मीर के लोगों की आड़ में आजादी के नाम पर आतंकवाद को बढ़ावा देने से बाज नहीं आया है।उसने गुलाम काश्मीर को आजाद देश घोषित करके उसे मान्यता देकर उसकी आड़ हमसे दुश्मनी निकाल रहा है।पाक अधिकृत कश्मीर आजादी के बाद से ही आतंकी घुसपैठ का मुख्य केन्द्र बना हुआ है और वहाँ से पाकिस्तानी सेना के जरिये आतंकियों को जम्मू कश्मीर भेजा जा रहा है।इधर कुछ समय से इसी गुलाम काश्मीर के माध्यम से आजाद काश्मीर में भी लोगों को भड़काकर आजादी दिलाने के नाम पर आतंकी बनाया जाने लगा है।जम्मू कश्मीर के अधिकांश लोग भारत को अपना वतन मानकर पाकिस्तानी को अपना दुश्मन मानकर आतंकियों का विरोध कर रहे हैं जिसके चलते अबतक हजारों लोग आतंकी हमले में अपनी जान न्यौछावर कर चुके हैं।देश प्रेमी काश्मीरी पंडितों के साथ जो सलूक हुआ उसे दुनिया जानती है और किस तरह से उन्हें भगाकर वहाँ पर आतंकी बसाये जा रहे है यह बात भी दुनिया से छिपी नहीं है। इतना ही नहीं आजादी के नाम पर आतंंकवाद को परवान चढ़ाने एवं संरक्षण के  लिए जम्मू कश्मीर में तमाम लोगों राजनैतिक लाबादा पहनाकर उन्हें धन भी दिया जा रहा है।वहाँ के नवजवानों को इस्लाम के नाम पर धन का लालच देकर आतंकी एवं आतंकियों का हमदर्द भी बनाया जा रहा है। इसके बावजूद जम्मू कश्मीर देशप्रेमियो से खाली नहीं हुआ है और आज भी वतन प्रेमी वहीं पर रहते हैं और देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर रहे हैं।इतना ही नहीं आजादी के समय से वहाँ के नौजवान पुलिस और सेना में भर्ती होकर पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को सबक सिखाने में जुटे हैं।हम देशभक्त काश्मीरियों की देशभक्ति और उनके जज्बे को सलाम कर रहे है। इस समय जब कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से की लहर फैला है और बदला लेने की चंहुओर मांग हो रही है ऐसे समय में पाकिस्तान अपना पुराना राग आलापकर आतंकियों को जेहादी बताकर आतंंकवाद को संरक्षण एवं बढ़ावा देने में जुटा है।वहाँ के प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ  आतंकी हमले की निंदा करने के बजाय आतंकवाद को जेहाद बताकर हमसे सबूत मांगने की बेशर्मी कर दुनिया को बेवकूफ बनाने में जुटे हैं।उन्हें शायद पता नहीं है कि पाकिस्तान जिस काश्मीर को आजादी दिलाने की बात कर रहा उसी काश्मीर के हजारों नवजवान उसके विरोध में भारतीय सेना में भर्ती होने के लिये बेताब हैं।अगर काश्मीर के लोग आजादी चाहते होते तो वह पुलिस एवं सेना में नहीं बल्कि आतंकी संगठनों में भर्ती होते।जम्मू कश्मीर को वहाँ की जनता नही बल्कि पाकिस्तान आजाद कराकर हमसे छीनने का दिवास्वप्न देख रहा है।पाकिस्तानी सेना एवं उसकी गुप्तचर एजेंसी काश्मीरी जेहादी बनकर बदले की भावना से आतंकवाद और आतंकियों को बढ़ावा दे रही है।दुनिया जानती है कि अमेरिका के ट्रेड सेंटर पर अलकायदा सरगना भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं पर पनाह पा रहा था।दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में जेहाद के नाम पर संगठन पल रहे तमाम संगठन के लोग आतंकी नर्सरी चलाकर आतंकियों को दुनिया में तबाही मचाने के लिए भेज रहे हैं।आतंकी सरगना सईद जैसे पाकिस्तान में ही राजनैतिक दल चलाने लगे हैं।आतंकी जैश मोहम्मद के आतंकी दुनिया को चुनौती देने रहे हैं और अबतक तमाम घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पुलवामा हमले की भी जिम्मेदारी जैश ले चुका है।इसके बावजूद  पाकिस्तान सबूत मांगने का ड्रामा कर दुनिया को गुमराह करने में जुटा है।वह एक तरफ तो भिखारियों की तरह  भीख मांग रहा है तो दूसरी तरफ आतंंकवाद को बढ़ावा देने के लिए उसके पास पैसे की कमी नहीं है।तबाही के कगार पर बैठा पाकिस्तान बार बार वहीं गुनाह करता है और हर अपने को बेगुनाह साबित का नाटक करता और गिदर धभकियां देकर परमाणु हमले का भय दिखाता है।पुलवामा हमले के बाद एक बार फिर पाकिस्तान दुनिया की नजरों में आतंकी साबित हो गया है और दुनिया में उसकी निंदा होने लगी है।लेकिन पाकिस्तान के लिए वही कहावत लागू हो रहे हैं कि-सौ-सौ जूता खाय तबौ तमाशा घुसिकै देखै। धन्यवाद।भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात/वंदेमातरम/गुडमार्निंग/नमस्कार/अदाब/शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः------/ऊँ नमः शिवाय।।

    भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

No comments:

Post a Comment