Friday, March 1, 2019

फेसबुक पर आखिरी पोस्ट डाली थी शहीद पांडेय ने जिंदगी से कोई शिकवा नही

19 नवंबर 2018 को दोपहर 12:21 बजे दीपक ने फेसबुक पर लिखा कि जिंदगी से कोई शिकवा भी नहीं है...। इस पर दोस्तों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी थी। शहादत की खबर मिलने के बाद दोस्तों को इस पंक्ति ने झकझोर दिया।.फेसबुक की इस पोस्ट पर दोस्त धर्मेंद्र पाल ने लिखा कब से, तो दीपक ने जवाब देने हुए कहा जम्मू श्रीनगर में पोस्टिंग के बाद से। दिव्या तिवारी ने लिखा कि मेरे होते हुए यह हिम्मत किसने की। दीपक ने इस पर बड़ी शालीनता से जवाब देते हुए सिर्फ हा...हा...हा लिखा। दोस्त अभिषेक शर्मा ने लिखा आज फिर से पांडेय...। दीपक ने कमेंट को सिर्फ लाइक किया। शुभम द्विवेदी ने लिखा कि भाई मिस यू जय हिंद सलाम है आपको भाई..। आदित्य सिंह ने लिखा कि तब तो आप रजनीकांत हो गए हैं...। मोहम्मद अरमान खान ने कमेंट करते हुए लिखा कि भाई दीपक मिस यू यार मिस यू ए लॉट तुम कहां अकेले चले गए। इसी तरह तमाम सारे दोस्तों ने कमेंट लिखे। दोस्त के शहादत की खबर मिलने के बाद सभी दोस्त घर पहुंचे तो अचानक फेसबुक की यही पोस्ट सभी के दिमाग में कौंध गई। अशवेंद्र, आदित्य, आकाश समेत वहां मौजूद सभी दोस्त खुद को रोक नहीं सके और एक-दूसरे को पकड़कर रोने लगे।

कश्मीर के बड़गाम में क्रैश हुए एमआइ-17 में कारपोरल दीपक पांडेय शहीद हो गए। वह कानपुर के चकेरी क्षेत्र के मंगला विहार के रहने वाले थे। परिवार के इस इकलौते चिराग की शहादत की खबर जैसे ही कानपुर उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। उनके पिता राम प्रकाश पांडेय निजी नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दीपक के अलावा इस हादसे में मथुरा के पंकज कुमार सिंह भी शहीद हुए हैं। 

बुधवार दोपहर करीब एक बजे रामप्रकाश पांडेय के पास श्रीनगर एयरबेस से एक फोन आया, जिसमें उन्हें बताया गया कि एमआइ-17 चॉपर क्रैश हो गया है, जिसमें उनके बेटे दीपक भी सवार थे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई है। इकलौते बेटे के निधन की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बताया कि दीपक पांच साल पहले ही भारतीय वायु सेना का हिस्सा बने थे। इस समय उनकी तैनाती श्रीनगर एयरबेस में थी। शहादत की खबर मिलते ही शहीद दीपक पांडेय के घर लोगों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई।

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