Thursday, March 21, 2019

अच्छा तो तब होता जब कुछ भटके युवा मैं भी चौकीदार की जगह मै भी बेरोजगार हूँ लिखते-पी के सैनी

राजस्थान आम आदमी पार्टी के युवा नेता प्रकास चन्द्र सैनी ने कहा कि अच्छा तो तब होता, जब देश के बेरोजगार युवा "मैं भी चौकीदार हूँ,, की जगह "मैं भी  बेरोजगार हूँ'' लिखते ! सोच बदलने से ही राजनीति और राजनेता बदलेंगे ! क्या आप लोगों को कहीं से भी ये नहीं लगत है कि हमारा राजनितिक इस्तेमाल होने के साथ साथ राजनीतिक ब्रेनवाश किया जा रहा है ? आज देश मे प्रमुख मुद्दे बिल्कुल गायब होते जा रहे हैं ? अगर माहौल इसी तरह से चलता रहा तो फिर राजनीतिक पार्टियों को अपना घोषणापत्र बनाने की जरूरत ही नहीं पडेगी ? पिछले पांच साल में सिर्फ वोटबैंक की राजनीति देखने को मिली है ! पढेलिखे लोग अपनी व्यावहारिकता खोते जा रहे हैं और जो कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे, उन्हें शौशल मिडिया पर एक दूसरे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा जा रहा है ? लेकिन जब मैं ऐसे क्रेजी दोस्तों का राजनीति में पार्टीशिपेट का स्तर देखता हूँ तब बहुत निरशा होती है । आज भी वे उसी भीड का हिस्सा बने हुए हैं, जो वर्षों से बनते चले आ रहे हैं ? नेताओं की रैलीयों मे अंतिम छोर पर खडे होकर नारे लगाने वालों के बारे में मंच पर बैठे लोगों के लिए ये अंदाज लगाना बहुत मुश्किल होता है कि वे जिन्दाबाद के नारे लगा रहे हैं या मुर्दाबाद के ? कहने का मतलब है कि सरकार चाहे किसी की भी रहे, लेकिन एक जागरूक नागरिक की हैसियत से इतना सतर्क जरूर रहना चाहिए कि कोई हमें बेवकूफ ना बना सके  ।
जय हिन्द...

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