Saturday, March 23, 2019

जिसने उन्हें बनाया और बचाया उन्ही को किनारे लगाया

वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी का टिकट काटा और सीट भी छीनी, ये इस बात सबूत है पार्टी अब आडवाणी को नही चाहती सिर्फ ऊपर के मन से उन्हें गुरु-गुरु कह कर पार्टी ने रोके रखा है।बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का टिकट काटे जाने पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि समय के अनुसार परिवर्तन होते रहते हैं. आडवाणी हमारे गुरु हैं. वो सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं. बीजेपी के हमेशा आदर्श है लालकृष्ण अडवाणीअडवाणी को लेकर नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार में हमेशा बेइज्जत करने का पूरा प्रयास किया. जबकि आज जो कुछ भी नरेंद्र मोदी है उसमें लालकृष्ण आडवानी की देंन है. जब बीजेपी के सर्वेसर्वा रहे अटल बिहारी बाजपेयी गुजरात में हुए दंगे को लेकर हटाना चाहते थे. तब अटल जी प्रधानमंत्री और लालकृष्ण अडवानी ग्रहमंत्री थे. अटल जी जब गुजरात में हुए दंगों से नाराज होकर गुजरात में सीएम बदलने की बात की तब लालकृष्ण आडवाणी ढाल बनकर खड़े हो गए.लेकिन जब उसी ढाल ने देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बाद सर्वप्रथम अपने ही जन्मदाता को बेइज्जत करने का काम किया. उसका नतीजा कि लोकसभा 2014 के चुनावके बाद बीजेपी में अडवाणी की अनदेखी जग जाहिर हो चुकी है. अब उनका टिकिट भी काट दिया गया है लेकिन जिस तरह उनको हर मोर्चा पर हमेशा पीछे धकेला गया है. अब देखना है कि बीजेपी लालकृष्ण अडवाणी को अभी और क्या दिन दिखाएगी. यह सवाल अभी गर्त में छिपा हुआ है

No comments:

Post a Comment