Wednesday, April 3, 2019

युवक को चाकुओं से गोदकर मारने का प्रयास हालत नाजुक

जनपद लखीमपुर खीरी का थाना फरधान की ग्राम सभा जगन्नाथपुर में युवक को चाकुओं से गोदकर जान से मारने का प्रयास किया स्थिति गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफरआपको बताते चलें थाना फरधान की ग्राम सभा जगन्नाथपुर के राजेंद्र सिंह पुत्र शुभ करन सिंह का  चचेरे भाई  राजेश्वर सिंह पुत्र मंगू सिंह शाम लगभग 9:00 बजे के आसपास  अपने खेत पर गन्ना देखने जा रहा था तभी जमीनी रंजिश के चलते अजय पाल पुत्र बाबू सिंह, जगपाल सिंह उर्फ तोता , उदयवीर सिंह उर्फ संजय पुत्र अजय पाल सिंह , रमेश सिंह पुत्र लालजी सिंह तथा मिथलेश सिंह पुत्र रामबरन सिंह इत्यादि लोगों ने राजेश्वर सिंह पुत्र मंगू सिंह को गन्ने के खेत में घेर कर धारदार हथियारों से बार करके जान से मारने का प्रयास किया परंतु शोरगुल सुनकर कई ग्रामीण वहां पर पहुंच गए तब तक हमलावरों ने युवक के सीने पर चाकुओं से कई बार कर के ग्रामीणों को आते देखकर वहां से फरार हो गए पीड़ित के घरवालों ने 100 नंबर को फोन करके फरधान स्वास्थ्य केंद्र ले गए परंतु युवक अधिक गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया वहां पर पीड़ित का इलाज चल रहा है परंतु वह अब भी खतरे से बाहर नहीं है पीड़ित युवक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कुछ समय पूर्व में मेरे पास पैसा ना होने के कारण मैंने अपने खेत को गिरवी बतौर विपक्षियों के हाथ अपनी जमीन एग्रीमेंट करा कर उनसे उधार पैसा लिया था परंतु  विपक्षियों द्वारा गुमराह करके हमसे बैनामा करा लिया  जब हमें इस बात की जानकारी हुई तो हमने दाखिल खारिज पर आपत्ति लगा दी और लखीमपुर न्यायालय में विपक्षियों के विरुद्ध गुमराह करके हम से फर्जी बैनामा कराने का  न्यायालय में मुकदमा लिखवाया हम लोगों का वाद विवाद न्यायालय में चल रहा न्यायालय द्वारा हमें सही मानते हुए यथा स्थिति निगरानी बतौर स्थगन आदेश दे दिया गया विपक्षी गणों द्वारा उसी रंजिश को मानते हुए हमारे ऊपर जान से मारने का प्रयास किया इस सारी घटना की जानकारी प्रार्थना पत्र के माध्यम द्वारा थाना फरधान को दे दी गई है थाना प्रभारी द्वारा अपराधियों के ऊपर मुकदमा पंजीकृत कर के उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया परंतु मुकदमा पंजीकृत करने के बाद भी अभी तक अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं पीड़ित युवक बहुत ही सहमा व डरा हुआ है कि अभी तक अपराधी पकड़े नहीं गए हो सकता हम पर पुनः हमला कर सकते हैं
आशीष राठौर

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