Friday, April 26, 2019

देव महादेव और सूफी संतों की धरती बाराबंकी पर विशेष

भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम के लघु भ्राता शेषावतार लक्ष्मण जी की प्रिय नगरी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनपुर लखनौती  लक्ष्मणपुरी लखनऊ से सटी हुई भगवान बारह के अवतरण एवं भगवान शिव की प्रिय अध्यात्मिक उर्जा से परिपूर्ण संत महात्माओं की पावन धरती वाली बाराबंकी सुरक्षित संसदीय सीट आज से नहीं बल्कि आजादी के बाद से अपनी अलग पहचान देश व प्रदेश में बनाए हुए हैं। यहां पर पर चुनाव आगामी पांचवें चरण के 6 मई को होने जा रहा है। 
    अवध क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण यह लोकसभा क्षेत्र देश दुनिया को  शांति सद्भाव कौमी एकता अखंडता की प्रतीक रही है।इस संसदीय क्षेत्र की पावन माटी पर जहां भगवान शिव लालेश्वर कुंतेश्वर अवसानेश्वर विराजमान हैं तो दूसरी तरफ दुनिया  को जो रब है वही राम है का कौमी एकता का संदेशा देने वाल सूफी संत हाजी वारिस अली और विष्णु अवतार माने जाने वाले समर्थ संत जगजीवन साहेब के परम मित्र सूफी संत मलामत शाह एवं टीकाराम बाबा की तपोस्थली है जो आज भी यहीं के धर्म परायण मतदाताओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही है। इतना ही नहीं यहीं पर जहां सप्त ऋषियों की पावन नगरी सतरिख विद्यमान  है तो वही तमाम अंग्रेजी हूकुमत से जंगे आजादी लड़ने वाले देशभक्त भारत माता के सच्चे सपूत भी इसकी गरिमा को चार चांद लगा रहे हैं। प्रदेश की राजधानी और भगवान राम की नगरी अयोध्या के मध्य होने के नाते यह संसदीय क्षेत्र आजादी के बाद से ही महत्वपूर्ण एवं कौमी एकता एवं समाजवादी विचारधारा के लिये देश दुनिया में मिसाल बनी हुई है।  यहां पर सोशलिस्ट पार्टी के स्वर्गीय रामसेवक यादव एवं कांग्रेस से जुड़े महंत जगन्नाथ बख्शदास एवं स्वर्गीय रफी अहमद किदवई जैसे राजनीतिज्ञ अपना राजनैतिक इतिहास को  रच कर ऐतिहासिक बनाकर आने वाली पीढी के लिये प्रेरणा के स्रोत एवं मिशाल बने हुये हैं। यहां के मतदाता आजादी के बाद से ही सत्ता विरोधी मानसिकता के रहे हैं और आजादी के बाद सत्ता के विरोध में अपना जनादेश दे चुके हैं। पिछले लोकसभा क्षेत्र परिसीमन के पहले इस संसदीय क्षेत्र से बाराबंकी जिले की सभी  विधानसभा सीटें नवाबगंज रामनगर दरियाबाद सिद्धौर हैदर गढ़ फतेहपुर मसौली जुड़ी हुई थी लेकिन परिसीमन के बाद इनकी संख्या घटकर कम हो गई और तहसील रामसनेहीघाट के विकासखंड बनीकोडर को सिद्धौर सुरक्षित  विधानसभा सीट से  काटकर दरियाबाद विधानसभा  में शामिल करके फैजाबाद से मिला  दिया गया जबकि दरियाबाद पहले बहरहाल जिले की कैसरगंज संसदीय क्षेत्र में शामिल धा।बाराबंकी की मसौली विधानसभा सीट को सिद्धौर सुरक्षित की जगह जैदपुर को नई विधान सभा सीट बना दिया गया है।कांग्रेस के महंत जगन्नाथ बख्श एवं रफी अहमद तथा  सोशलिस्ट नेता स्वर्गीय रामसेवक यादव की राजनैतिक धरोहर को उनके बाद स्वर्गीय अनंत राम जासवाल और उनके बाद उनके और चौधरी चरणसिंह के शिष्य रह चुके बेनी प्रसाद वर्मा राजनैतिक गति प्रदान करते रहें हैं। यह क्षेत्र स्वतंत्रा सेनानियों का गढ़ एवं अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाला माना जाता है इस संसदीय क्षेत्र की खूबी रही है कि यहां पर जो भी जहां से भी श्रद्धा भक्ति के साथ मतदाताओं के बीच में आया उसे यहाँ के सुधी मतदाताओं ने  प्यार मोहब्बत देकर अपना बना लिया है और उसे बिना भेदभाव के जिताकर अपने भविष्य की बागडोर थमाने में कभी संकोच नही किया। वह चाहे बैजनाथ कुरील रहे हो चाहे नौकरशाह पीएल पुनिया रहे हो।आजादी के बाद स्वर्गीय रामसेवक यादव के भक्त मिनी लोहिया के नाम से चर्चित राम सागर रावत यहां से 4 बार लोकसभा सदस्य चुने जा चुके हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में यह सीट राम सागर रावत से कांग्रेस के पी एल पुनिया ने छीन ली थी लेकिन 5 साल बाद ही यह सीट उनसे वापस लेकर भाजपा की प्रियंका रावत को सौंप दी थी। इस बार भाजपा ने यह सीट प्रियंका रावत से छीनकर रायबरेली के भाजपा विधायक रामनरेश रावत के शिष्य रहे उपेंद्र  रावत को चुनाव में भाग्य आजमाने के लिए दे दी  है और वह इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपने और पार्टी की  भाग्य की आजमाइश कर रहे हैं जबकि टिकट कटने के कारण इतिहास में पहली बार किसी  वर्तमान सांसद को सड़क पर उतर कर बगावत करनी पड़ी है। भाजपा सांसद के प्रबल विरोध के चलते पहली बार विद्रोह जैसी स्थिति पैदा हुई है और भाजपा दो खेमों में बंटकर बिखर गई है और अपनो के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।भाजपा प्रत्याशी पार्टी की नीतियों एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रीतियों के नाम पर अपनी जीत का दम भर रही है। इस बार कांग्रेस ने अपने पूर्व नौकरशाह सांसद पीएल पुनिया की जगह उनके राजनैतिक वारिस उनके पुत्र तनुज पुनिया अपना प्रत्याशी बनाया है जो अपने पिता द्वारा तैयार की गई राजनैतिक सरजमी पर उनके नक्शे कदम पर चलकर पार्टी की भावी चुनावी घोषणाओं  एवं अपने पिता द्वारा कराये गये विकास कार्यो के बल पर मतदाताओं का दिल जीतने की जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं। सपा बसपा गठबंधन ने अपनी पार्टी के परम भक्त सभी वर्गों में अपनी एक अलग पहचान बनाने एवं जो रब है वही राम है सिद्धांत वाले ईमानदार जुझारू छबि के धनी और लगातार तीन बार विधायक एवं चार बार सांसद रहने वाले जीवन  के चौधेपन का सफर कर रहे राम सागर रावत पर विश्वास व्यक्त कर प्रत्याशी बनाया है।श्री रावत अखिलेश मुलायम एवं बहनजी के दम और बेनीबाबू के सहारे मतदाताओं का दिल जीतने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। इस संसदीय क्षेत्र में कांग्रेश भाजपा एवं सपा बसपा गठबंधन तीनों अपने वजूद को बचाने मे जुटे चुनावी सरगर्मियां को बुलंदियों पर पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस के भविष्य राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी यहां के मतदाताओं को प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए यहां पर आ चुके हैं तो सपा की तरफ से मतदाताओं में लोकप्रिय एवं विश्वास के पात्र बने बेनी प्रसाद वर्मा अपने पूर्व मंत्री सुपुत्र राकेश वर्मा के साथ लगातार प्रत्याशी के समर्थन में रात दिन एक कर रहे हैं और अखिलेश के करीबी माने जाने वाले पूर्व छात्र नेता एवं कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप पार्टी के अरमानों को परवान चढ़ाने में जी जान से जुटे हैंं। मुसीबत की इस घड़ी में भाजपा प्रत्याशी पार्टी की नीतियों रीतियों के सहारे मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने का भगीरथी प्रयास कर रहे हैं और चर्चा है कि उन्हे बल प्रदान करने के लिए भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मतदाताओं को जगाने आने वाले है। सपा बसपा कार्यकर्ताओं की जुगलबंदी के साथ मुस्लिम मतदाताओं की एकजुटता सत्ता पक्ष की की नींद हराम किये हुए है।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।।सुप्रभात/वंदेमातरम/गुडमार्निंग/अदाब/शुभकामनाएं।।ऊँ भूर्भुवः स्वः----/ऊँ नमः शिवाय।।।
      भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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