Sunday, April 21, 2019

ब्रिटिस नागरिकता के लपेटे में राहुल गांधी रिटर्निंग अधिकारी ने मांगा जवाब

लोकसभा चुनाव में अमेठी, वायनाड से प्रत्याशी और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाया गया हैअमेठी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ध्रुव लाल के वकील रवि प्रकाश ने रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की है कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश नागरिकता ली थी और इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाए।
उन्होंने ब्रिटेन में रजिस्टर्ड एक कंपनी के कागजातों के आधार पर यह दावा किया है।बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि रिटर्निंग अधिकारी ने राहुल गांधी के वकील राहुल कौशिक से आपत्तियों पर जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त जानकारी नहीं है और इसके लिए उन्होंने समय की मांग की।जीवीएल ने कहा, ‘राहुल गांधी को सोमवार सुबह तक का समय दिया गया है। यह बहुत आश्चर्य की बात है कि उनकी नागरिकता को लेकर जो आपत्तियां जताई गई हैं, उनका जवाब नहीं दिया गया है।जीवीएल ने कहा, ‘आज कांग्रेस और राहुल गांधी को जवाब देना होगा। सबसे चौंकाने वाली बात है राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर है कि वह भारत के नागरिक हैं या नहीं। क्या किसी समय वह ब्रिटिश नागरिक बने या नहीं? 2004 के चुनाव शपथपत्र में उन्होंने कहा कि बैकऑफ्स लिमिटेड नाम की कंपनी में निवेश किया था। 2005 के इस कंपनी के एनुअल रिर्टन में इस कंपनी के कागजात में राहुल गांधी की नागरिकता को ब्रिटिश बताया गया है। क्या राहुल गांधी उस समय ब्रिटेन के नागरिक थे? यह कानून का उल्लंघन है। यदि कोई भारतीय दूसरे देश की नागरिकता ग्रहण करता है तो उसकी भारतीय नागरिकता खुद समाप्त हो जाती है। नागरिकता समाप्त हो जाने के बाद आप भारत में चुनाव नहीं लड़ सकते हैं इसके अलावा 2004 से अब तक के चुनावों में दायर शपथपत्र के आधार पर उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया गया है। 2004 में उन्होंने कहा था कि 1989 में उन्होंने 12वीं की और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से 1995 में एमफिल की डिग्री ली। 2009 में उन्होंने कहा कि 1994 में रोलिंस कॉलेज ऑफ फ्लोरिडा से ग्रैजुएशन की और1995 में डिवेलपमेंट इकनॉमिक्स में ट्रिनिटी कॉलेज से एमफिल की। 2014 चुनाव में उन्होंने बताया कि उन्होंने डिवेलपमेंट स्टडीज में एमफिल की है। क्या उन्हें याद नहीं है कि उन्होंने कौन सी डिग्री ली है।

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