Tuesday, April 23, 2019

देश की धड़कन अयोध्या लोकसभा सीट पर होगा इस बार दिलचस्प मुकाबला

✒सुप्रभात-सम्पादकीय✒
देश दुनिया की धड़कन उत्तर प्रदेश के अयोध्या से जुड़ी संसदीय सीट आगामी लोकसभा चुनाव में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और उनके सारथी महाबली हनुमान की चौखट आजकल लोकसभा चुनाव का मुद्दा बनी हुई है और इन्हीं दोनों के आधार पर आगामी लोकसभा का महासंग्राम छिड़ा हुआ हुआ है। देश के चारों तरफ इन दोनों के नाम पर राजनीतिक महा समर में फ़तेह पाने की कोशिश की जा रही है। यह संसदीय सीट अयोध्या  की चार और बाराबंकी जिले से जुड़ी दरियाबाद विधानसभा स्वीट को मिलाकर बनाई गई है। अयोध्या में जहां  राम हनुमान का अकबाल बुलंद है वहीं दरियाबाद में विष्णु अवतार माने जाने वाले परम संत बाबा जगजीवन दास और बाबा राम सनेही दास महिमा इस संसदीय क्षेत्र की आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ा रही हैं। वर्तमान समय में भाजपा के लल्लू सिंह सांसद के रूप में भगवा ध्वज लहरा रहे हैं और उनके भगवा ध्वज को उतार फेंकने के लिए दर्जनों लोगों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कल रखा है जिनमें राजनेता संत महात्मा घर घर गृहस्थ और नौकरशाह सभी शामिल है। कांग्रेस ने जहां अपने पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद राजनीति में अपनी अलग छवि रखने वाले मृदुभाषी लोकप्रिय अपनी जुबान के पक्के समझे जाने वाले डॉ निर्मल खत्री को पुनः मैदान में उतारा है तो वहीं सपा बसपा गठबंधन की तरफ से अपनी कार्यशैली के लिए बहुचर्चित रहे पूर्व सांसद स्वर्गीय मित्र सेन यादव के सुपुत्र पूर्व मंत्री बहुचर्चित आनंद सेन यादव को चुनावी समर में उतारा है। एक जमाने में फैजाबाद के जिलाधिकारी रह चुके अपनी ईमानदारी के लिए बहुत चर्चित सौम्य स्वभाव वाले विजय शंकर पांडे लोक गठबंधन पार्टी से प्रत्याशी के रूप में मैदान में अपनी ताल ठोक रहे है तो दूसरी तरफ सर्वोदय विकास पार्टी के साथ ही अन्य जानी मानी हस्तियां चुनावी परिदृश्य  को बदलने की चुनावी महिम में जुटे हैं।  चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा  इसे भगवान राम और हनुमान ही जान सकते हैं। इस संसदीय सीट पर जहां अन्य मुख्य दल जातीय गणित के आधार पर ताल ठोक रहे हैं तो वही कांग्रेश के निर्मल खत्री अपनी कार्यशैली की गणित को आधार बनाकर भाग्य आजमा रहे हैं। वर्तमान समय में इस संसदीय सीट से जुड़ी सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा का परचम लहरा रहा है और चुनाव की तारीख जो नज़दीक आती जा रही ह त्यौ त्यौ चुनावी सरगर्मियां भी अपनी बुलंदियों पर पहुंच रही हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में दरियाबा क्षेत्र से  जुड़ी घाघरा की तराई के मतदाता भी निर्णायक भूमिका अदा कर रहे हैं। आगामी चुनाव में फ़तेह पाने के लिए मतदाताओं की भावनाओं को  उकेरा जा रहा है और उन्हें अपने अपने जाल में फसाने की कोशिश की जा रही है लेकिन मतदाता इसमें भगवान बना हुआ चुप्पी साधे बैठा सबकी सुन रहा है और किसी को अपनी नहीं सुना रहा है। मतदाताओं की चुप्पी क्या गुल खिलाएगी यह मतगणना के बाद ही मालूम हो सकता है जबकि सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं। सभी जानते हैं कि इस संसदीय से जुड़ी  अयोध्या नगरी के भगवान राम का मंदिर और वहीं पर बनी बाबरी मस्जिद पिछले कई दशकों से राजनीति का मुद्दा बनी हुई है लेकिन इस बार चुनाव में भगवान राम के साथ महाबली हनुमान को भी चुनावी मुद्दा बना दिया गया है और दोनों के नाम पर मतदाताओं को जागृत किया जा रहा है। इस लोकसभा क्षेत्र पर दुनिया की निगाहें गड़ी हुई है और चुनाव आयोग इसकी विशेष निगरानी कर रहा है। भाजपा के प्रत्याशी जहां राम नगरी से जुड़ी 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के बहुमुखी विकास के नाम पर चुनाव मैदान में अपने भविष्य का निर्धारण कर रहे हैं तो दूसरी तरफ वहीं घाघरा नदी पर आजादी के पास से कमियार घाट पर पुल गोमती नदी  के सिल्हौर घाट पर बने पीपे के पुल की जगह पक्का पुल तथा कल्याणी नदी के सुल्तानपुर घाट पर पुलका मामला चुनावी मुद्दा बना हुआ है। इसके साथ ही रामसनेहीघाट में बस स्टेशन की स्थापना  एवं रामसनेहीघाट को नगर पंचायत बनाने का मुद्दा भी चुनावी वातावरण को गर्म आ रहा है। धन्यवाद।। भूल चूक गलती माफ।। सुप्रभात/ वंदेमातरम/ गुड मॉर्निंग/ नमस्कार/ आदाब/ शुभकामनाएं।।ऊँ भूर्भुवः स्वः----/ऊँ नमः शिवाय।।।  

     भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी

No comments:

Post a Comment