Wednesday, May 22, 2019

13 जुलाई को लगेगी लोक अदालत उठाये लाभ

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
राष्ट्रीय सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार आगामी 13 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रातः दस बजे से दीवानी न्यायालय परिसर एवं विभिन्न विभागों न्यायालयों में किया जायेगा, जिसमें अधिक से अधिक लंबित मुकदमों का निस्तारण किया जायेगा।
यह जानकारी देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयहिन्द कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय के सभी न्यायालय को निर्देशित किया गया है कि नेशनल जूडिशियन डाटा ग्रीड पर अपलोड मुकदमों जो शमनीय प्रकृति के हों और अपराधिक प्रकृति के वाद, धारा-138 पराकम्य लिखित अधिनियम वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं श्रम वादों, भूमि अधिग्रहण वादों, बैंक वसूली(रिकवरी शूट) व पारिवारिक, वैवाहिक विवाद, दीवानी वाद, (किराया सुखाधिकार, व्यादेश, विशिष्ट अनुतोष वाद), राजस्व  वाद, विद्युत एवं जल बिल विवाद (चोरी से स्म्बन्धित विवादों सहित) सर्विस से वेतन सम्बन्धित विवाद एवं सेवानिवृत्त लाभों से सम्बन्धित विवाद, ट्रेफिक चालानी सहित अन्य चालानी मुकदमों को ज्यादा संख्या में निस्तारण हेतु चिन्हित करें। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक बीमा व बीमा कम्पनी, परिवहन विभाग, मोटर दुर्घटना सक्सेशन पुलिस सहित तमाम संबंधित समस्त विभागों के प्री-लिटिगेशन प्रकरण तथा समस्त बैंकों के ऋण से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन मामलों के बकायेदारों को ज्यादा से ज्यादा छूट का लाभ प्रदान कराते हुए सुलझाने में गंभीर रूख से अपनाने की अपेक्षा की है।
सचिव जिला विधिक प्राधिकरण ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत 13 जुलाई को पूर्वान्ह् 10 बजे से जिला मुख्यालय के साथ-साथ समस्त तहसीलों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जायेगी, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में विवादों को सुलझाने, निस्तारण कराने का लक्ष्य निर्धारित कर संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गयी है, ताकि उनकी लिस्टिंग की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जो वादकारी अपने मुकदमें में समझौते के आधार पर निस्तारण कराना चाहता है तो वह सीधे न्यायालय अथवा कार्यालय के पीठासीन अधिकारी से सम्पर्क करें, और अपने मुकदमें को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु पंजीकृत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक लोन सम्बन्धित प्रकरण को निराकरण के लिए बकायेदार सीधे बैंकों में जाकर प्रार्थना पत्र दे सकते हैं अथवा कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में दे सकते हैं, उनके मामलों का  निराकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में अवश्य कराया जायेगा। उन्होंने अधिवक्ता बन्धु एवं वादकारियों से अपील की है कि वह राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने-अपने मुकदमें, प्रकरण को जल्द निस्तारण हेतु पंजीकरण अवश्य करायें, जिससे वर्षों से लंबी पड़े मुकदमों का अधिक से अधिक निस्तारण हो और लाभांवित हो सकें। प्रदेश में वर्ष 2019 में राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के लिए चार तारीखें जारी कर दी गई हैं। न्याय विभाग के मुताबिक इस वर्ष नौ मार्च, 13 जुलाई, 14 सितंबर और 14 दिसंबर को राष्टीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में न्याय विभाग की तरफ से शासनादेश जारी किया गया है।

No comments:

Post a Comment