Tuesday, May 7, 2019

गोंडा में 5 चरण में हुआ 51.80 तो कैसरगंज में 54.87 प्रतिशत मतदान

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
गोण्डा। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण की वोटिंग सोमवार की शाम छह बजे खत्म हो गई। इसके साथ ही चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के भाग्य ईवीएम मशीनों में कैद हो गये। पांचवें चरण में गोंडा संसदीय सीट पर 51.80 फीसदी वोट पड़े, जबकि बहुचर्चित कैसरगंज संसदीय सीट पर 54.87 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा यह .41 प्रतिशत कम रहा। वहीं गोण्डा में पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार एक फीसदी अधिक मतदान हुआ।छुटपुट घटनाओं को छोड़कर दोनों संसदीय क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया।लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सोमवार को गोण्डा व कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर बने पोलिंग बूथों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए थे।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही वोट डालने के लिए लोगों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। मतदान के लिए लोगों ने चिलचलाती धूप में भी मतदान केंद्रों पर मौजूद रहकर वोट किया। दोपहर दो बजे तक करीब 45 फीसदी मतदान हो चुका था। इससे कम से कम 60 प्रतिशत मतदान होने का अंदाजा लगाया जा रहा था लेकिन अंतिम के चार घंटों में धूप के चलते लोग घर से बाहर नहीं निकले। शाम छह बजे जब मतदान खत्म हुआ तो गोण्डा के खाते में 51.80 फीसदी मतदान ही दर्ज किया जा सका। वहीं कैसरगंज क्षेत्र में भी 54.87 फीसदी लोगों ने वोट डाला।
मतदान के पूरे दिन जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह अपनी टीमों के साथ मतदान केंद्रों का जायजा लेते रहे। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर दोनों संसदीय क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सुबह कुछेक मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनों में खराबी की सूचना मिली थी जिसे तत्काल बदलकर मतदान शुरू कराया गया। इसके अलावा कहीं कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। मतदान पूरी तरह से निष्पक्ष व शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया।इस चुनाव में आम मतदाता चुप रहा ,पार्टी के समर्थकों ने अपनी अपनी राग अलापा ।वही गोंडा लोकसभा में मुख्य मुकाबला भाजपा व गठबंधन के वीच रहा ।वही इस चुनाव में मोदी  के इर्द ग्रिद ही रहा ।जनता की बातों को माने तो एक बार जनता मोदी को पीएम बनाने के मूड में दिख रही है ।वही भाजपा के कुछ कथित कार्यकर्ताओ व प्रत्यासी के पास विकास का न तो कोई एजेंडा है ही नही बस कुछ पूछिये तो मोदी ने यह किया वह किया लेकिन खुद यह नही बताते है कि उन्होंने क्या किया ।उन्हें तो बस एक चीज की आवश्यकता है कि भाजपा प्रत्यासी तो क्षेत्र में आएंगे नही तो कार्यकरताओ की दाल रोटी आराम से चलेगी ।वही यदि गठबंधन का प्रत्यासी जीत जाएगा तो लोग उससे सीधे मिलेंगे और कार्यकर्ताओं की दाल रोटी कम चलेगी ।वही जनता के सामने बहुत बड़ी मजबूरी है एक तरफ प्रत्यासी कभी भी दिखेगा नही वही दूसरी तरफ प्रत्यासी एक तरफा कानून चलाएगा ।अब जनता क्या करे ।इसलिये जनता का रूझान भाजपा की तरफ दिख रहा है ।

No comments:

Post a Comment