Monday, May 6, 2019

61 वें जन्मदिन पर पहली बार हमारा जीवन हमारा सफर-भोला नाथ मिश्रा की कलम से

✒सुप्रभात-सम्पादकीय✒
साथियों,देखते ही देखते जीवन के 61बंसत बीत गये और हम आप सभी के शुभाशीष शुभकामनाओं एवं मां गायत्री सावित्री एवं भगवान गौरीशंकर भोलेनाथ के साथ समर्थ बाबा रामसनेहीदास एवं  विष्णु अवतार माने जाने वाले संत शिरोमणि जगजीवन साहेब की छत्रछाया व कृपा दया दृष्टि से भइया बेटा से दादा बाबा नाना बन गये।वैसे कहने के लिए हमारा पैतृक घर ग्राम चौरी अलादासपुर रहा लेकिन पैदाइश लालन पालन एवं शिक्षा ननिहाल ग्राम महुलारा थाना तहसील रामसनेहीघाट में हुयी। शिक्षा ग्रहण के दौरान ही  अल्प आयु में मेरे परमपूज्य पिताश्री की मृत्यु के बाद मै असहाय हो गया और मां के साथ जीवन बसर करने के लियेः विवश हो गया।  चार छोटे छोटे भाई एवं चार बहनों  के साथ चार पुत्र पुत्रियों का पालन पोषण शिक्षा एवं उनकी शादी करने का उत्तरदायित्व कंधे पर आ गया।मजबूरी में शिक्षा के साथ ही परिवार के भरण पोषण के लिये अखबार बेचना एवं तहसील में स्टाम्प बेचना पड़ा। इस दौरान उपान्यास एवं तमाम विषयों पर लेखन किया लेकिन धनभाव एवं विपरीत परिस्थितियों के चलते उनको छपवा नही सका और न ही उज्ज्वल भविष्य संवारने के लिए घर छोड़कर बाहर निकल सका।पितातुल्य मामा स्व०बृजनाथ पांडे के जीवित रहते ही अपनी शादी अपने हाथों करके अपना अलग आशियाना बनाना पड़ा। शैक्षिक कार्यकाल मेंं ही 1971 में राजनैतिक क्षेत्र में सक्रिय हो गया और डा० राम मनोहर लोहिया, स्व०रामसेवक यादव, चौधरी चरण सिंह के सानिध्य में पूर्व सासंद रामसागर रावत के साथ कार्य करने का अवसर मिला और जनसम्साओं को लेकर आंदोलन में जेल जाना पड़ा।पत्रकारिता क्षेत्र में प्रवेश हिन्दी साप्ताहिक आकर्षण विचार सूचक एवं दैनिक जनमोर्चा फैजाबाद के साथ हुआ और जनमोर्चा में जाने माने परम आदरणीय सम्पादक शीतला सिंह के सानिया ने  उपन्यासकार स्तंभ लेखक ध्रुव जायसवाल आदि के साथ सुप्रसिद्ध  स्थाई स्तंभ गवंई की पाती के लेखक जगधर मिसिर के रूप में समाज के सभी वर्गो के बीच प्रतिष्ठित होने का अवसर मिला।आपातकाल के बाद लखनऊ से प्रकाशित सांध्य दैनिक तरूण भारत में सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत हुई और 1982 में लब्ध प्रतिष्ठित हिन्दी दैनिक अमृत प्रभात में जाने माने पत्रकार केबी माथुर स्व० श्री जयप्रकाश शाही एवं वर्तमान बीबीसी संवाददाता श्रद्धेय श्री रामदत्त त्रिपाठी जैसे तत्कालीन वरिष्ठ पत्रकारों के निर्देशन में पत्रकारिता करने एवं सीखने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।अमृत प्रभात लखनऊ संस्करण बंद होने के बाद 1990 में देश दुनिया में लोकप्रिय सम्मानित दैनिक जागरण में बुलाकर रामसनेहीघाट से पत्रकारिता करने का दायित्व सौंपा गया और सम्पादक विनोद कुमार शुक्ल महाप्रबंधक जीपी द्विवेदी उप संपादक श्री राजू मिश्र के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में पत्रकारिता का कारवां आगे बढ़ा जो निर्विघ्न रूप से 2018 के अंत तक चलता रहा और इसके बाद विभिन्न समाचार पत्रों में यह क्रम जारी है।  इसी दौरान नूतन कहानियां सच्ची दुनिया सच्ची कहानियां जैसी  सत्यकथा की मासिक पत्रिकाओं के साथ राष्ट्रीय सहारा साप्ताहिक जैसे समाचार पत्रों में पारश्रमिक सहित पत्रकारिता करने का मौका मिला।  पत्रकारिता के क्षेत्र में आने के बाद राजनीति से दूर हटकर एक दशक से अधिक समय  तक किसानों मजदूरों के हितों की लड़ाई किसान यूनियन के बैनर तले जिला संयोजक से राष्ट्रीय सचिव के रूप में लड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।इस दौरान राष्ट्रपति शासन में सरकार की मंशा को मूर्ति रूप दिलाने के लिए किसानों के साथ तहसील को नये ऐतहासिक अंदाज में हाईजैक करके किसानों की आवाज को बुलंद करने का पावन अवसर मिला। इस दौरान हमारे विरूद्व सैकड़ो किसानों के साथ अपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ जिसका मुकाबला दशकों तक करना पड़ा लेकिन निःस्वार्थ संघर्ष के कारण जनभावनाओं एवं जन आकांक्षाओं के अनुरूप मुकदमे से बाइज्जत रिहा कर दिया गया।मै परम सौभाग्यशाली हूँ कि जबसे सोशल मीडिया का जमाना आया है तबसे लेकर आज तक देश के सभी हिन्दी भाषी राज्यों में रोजाना विभिन्न विषयों समस्याओं लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं अध्यात्मिक क्षेत्रों पर लिखे जाने वाले लेखों का पढ़कर फोन करके एवं टिप्पणी करके सराहा और विभाग अखबारों में प्रकाशित करके हमारा उत्साहवर्धन किया जा रहा है। हम आशा करते हैं कि जीवन के शेष बचे लमहों में आप सभी लाड़ प्यार दुलार मान सम्मान आशीर्वाद यथावत बना रहेगा।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात/वंदेमातरम/गुडमार्निंग/नमस्कार/अदाब/शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः------/ऊँ नमः शिवाय।।।

   भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेव
रामसनेहघाट,बाराबंकी यूपी।

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