Monday, May 27, 2019

धारदार कुदाल बनी हत्या का कारण गला काटकर हत्या

पवन कुमार द्धिवेदी
गोण्डा। जनपद के कौडिया थाना क्षेत्र में आपराधिक वारदातों के लिहाज से रविवार का दिन पुलिस के लिए ब्लैक संडे साबित हुआ। 24 घंटे के भीतर हत्या की दो दो वारदातों ने पुलिस को ही नहीं पूरे जिले को हिलाकर रख दिया। पहली घटना कौड़िया थाना क्षेत्र के जमथरा गांव मे हुई। शनिवार की देर रात बीड़ी खरीदने गए एक युवक की कुदाल से गला काटकर हत्या कर दी गई। जमथरा गांव के रहने वाले बंसराज ने बताया कि शनिवार की रात करीब आठ बजे उनका बेटा वीर सिंह ( 45 ) गांव की ही एक दुकान पर बीड़ी लेने गया था। बीड़ी लेकर लौटते समय गांव के ही तीन लोगों ने कुदाल मारकर वीर सिंह का गला काट डाला और उसकी हत्या कर दी। इस मामले मे बंसराज ने गांव के ही रामअशीष समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।
वही दूसरी घटना  जनपद के परसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डेहरास के नेवला गांव में रविवार को भूमि विवाद को लेकर दबंगों ने धारदार हथियार से हमला कर वृद्ध  राम समोखन यादव की हत्या कर दी। नृशंस हत्या के इस वारदात सें पूरे गांव में कोहराम मच गया। सीओ जीतेंद्र दूबे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। 
ग्राम पंचायत डेहरास मजरा नेवला गांव में दो यादव परिवार में भूमि विवाद को लेकर काफी दिनों से रंजिश चली आ रही थी। इसको लेकर थाने पर व गांव में कई बार पंचायत भी हुई लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हो पाया। उसी रंजिश को लेकर रविवार की सुबह तकीरबन ग्यारह बजे पहले दोनों पक्षों के लोगों में गाली गलौज शुरू हुआ। फिर देखते ही देखते दोनों तरफ से लाठी डण्डा, फरसा, कुदाल, फावड़ा निकल आए। इसी दौरान एक पक्ष के लोगों में से एक व्यक्ति ने धारदार हथियार से बासठ वर्षीय राम समोखन यादव पुत्र स्व. ढोड़े यादव के सर पर हमला कर दिया। सर पर गंभीर चोट लगने से वृद्ध ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। मृतक के सर पर गहरे जख्म के निशान दिख रहे हैं। वहीं इस मारपीट में मृतक की दो विवाहित बेटी शन्ता, मन्ता व तीन पुत्र धर्मराज यादव, जगतराम यादव, विश्राम यादव भी घायल हुए हैं। इस जघन्य अपराध से घर पर परिवारीजनों का रो रो कर बुरा हाल है। परसपुर थानाध्यक्ष बृजानंद सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है । ये घटनाऐ यह साबित कर रही है कि इंसान की कीमत अब गाजर मूली हो गई जब इच्छा हुई तब काट डाला ।वही इसका जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व कानून कीमत लचर व्यवस्था व न्यायिक प्रणाली का काफी जटिल व काफी समय लगना भी इसका प्रमुख कारण है ।सरकार कीमत अब तरह तरह की लोक लुभावन योजनाओ पर कम ध्यान देने व कानून व्यवस्था को चुस्त -दुरुस्त करने की जरूरत है ।

No comments:

Post a Comment