Wednesday, May 29, 2019

स्वच्छ्ता दिवस के अवशर पर कार्यक्रम का आयोजन

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेद
महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं और किशोरियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसलिए हर वर्ष 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य समाज में फैली मासिक धर्म संबंधी गलत अवधारणाओं को दूर करना, महिलाओं और किशोरियों को माहवारी प्रबंधन संबंधी सही जानकारी देना है। यह बातें मुख्य विकास अधिकारी आशीष कुमार ने विकासखण्ड पण्डरी कृपाल अन्तर्गत ग्राम पंचायत धनौली में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
मुख्य अधिकारी ने गांव की महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि भारत में मासिक धर्म अभी भी एक अमान्य कार्य है तथा समाज के लोगों के लिए इस विषय के बारे में असहज महसूस करना सामान्य बात है। मासिक धर्म प्रक्रिया महिलाओं और किशोर लड़कियों में वर्जनाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रतिबंधों से प्रभावित होती हैं। इसके साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता की पहुंच में कमी जिसमें सैनिटरी नैपकिन, विद्यालयों, घरों में शौचालय, जल उपलब्धता, गोपनीयता और सुरक्षित निपटान शामिल हैं। इसलिए, जागरूकता उत्पन्न करना और मासिक धर्म स्वच्छता से संबंधित आवश्यक आधारभूत स्वच्छता संरचना तक पहुंच बढ़ाना महत्वपूर्ण है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए तमाम तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं जैसे निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा (आरटीई) अधिनियम जिसमें स्कूलों में पीने के पानी और लिंग-आधारित (विद्यालयों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था) स्वच्छता सुविधाओं के मानकों को शामिल किया गया है। मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी बढ़ाने, स्वच्छता प्रक्रियाएं सुधारने, सब्सिडी वाले स्वच्छता अवशोषक प्रदान करने और स्कूल में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सभी जिलों तक बढ़ा दिया जा रहा है। सुरक्षित और प्रभावी मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) किशोर लड़कियों और महिलाओं के बेहतर और मजबूत विकास के लिए एक ट्रिगर है। इसके लिए आवश्यक है, कि सभी विभाग, विद्यालय, समुदाय और परिवार ऐसा वातावरण बनाएं, जहां मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को स्वीकार्य और सामान्य माना जा सके। कार्यक्रम में महिलाओं को हाथ धुलने की विधि, स्वच्छ कपड़े प्रयोग के बारे में, सेनेटरी पैड के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया गया तथा सीडीओ ने किशोरियों को सेनेटरी पैड भी प्रदान किए।
कार्यक्रम के दौरान ही इस समय चल रहेे सघन दस्त नियंत्रण पखावाड़े तथा स्वच्छ भारत मिशन के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। सीएमओ डा0 श्रीवास्तव ने बताया कि जिन ग्रामीणों को ओआरएस घोल तथा जिंन्क टैबलेट की जरूरत हो वे अपने गांव की आशा, एएनएम अथवा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से प्राप्त कर सकती हैं। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने स्वच्छ भारत मिशन के बारे में विस्तार से बताते हुए अपील किया कि वे सब अपने घरों में शौचालय जरूर बनवाएं तथा एसका प्रयोग हर हाल में करें। उन्होने कहा कि खुले में शौंच कतई न जाएं जिससे तमाम तरह की बीमारियों से आसानी से मुक्ति मिल सकती है।
इस दौरान सीएमओ डा0 संतोष श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह, डीपआरओ घनश्याम सागर, प्रभारी चिकित्साधिकारी पण्डरीकृपाल व अन्य विभागीय अधिकारी तथा महिलाएं, किशोरियां व ग्रामीण उपस्थित रहे।

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