Saturday, June 15, 2019

मन से सभी तरह के विचार उतपन्न होते है

मन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के विचार उत्पन्न होते हैं। हमारा शरीर व इन्द्रियॉ हमारे मन द्वारा संचालित होती है। मन जैसा सोचेगा शरीर और इन्द्रियॉ उसी के अनुरूप कार्य करेगी। दुनिया में सारे अच्छे कार्य कुशल विचारों से उत्पन्न होते हैं। जब हमारे सोचने का ढंग अच्छा होगा तो हमारे जुबान से अच्छी बात निकलेगी। जैसा हम सोचते हैं लगभग वैसा ही बोलते हैं। हमारी बोली में हमारे विचार का विशेष योगदान है। अच्छे कार्य के लिए अच्छा विचार का होना जरूरी है । बुरे कार्य, बुरे विचारों (घृणा और विद्वेष) का परिणाम है।  जब तक मन में घृणा ईर्ष्या और विद्वेष भरा रहेगा प्रेम दया करुणा भाव पैदा नहीं होगी . विचार का श्रोत मन है और विचार चिन्तन और मनन का परिणाम है।

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