Sunday, June 30, 2019

अब तहसील दिवस में मिलेंगे कृषियंत्र विभाग लगायेगे स्टाल

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग द्वारा संचालित आत्मा योजना की गवर्निंग बोर्ड तथा जिले के अग्रणी किसानों को मार्केटिंग के टिप्स देने व उनके सुझाव प्राप्त करने  अहम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की तथा जिले में बेहतरीन कार्य करने वाले किसानों से मुखातिब होकर उनके द्वारा किए जा रहे अभिनव कार्यों एवं प्रयोगों के बारे में जानकारी ली।बैठक में एक्सटेन्शन, प्रसार, प्रदर्शन, फील्ड डिमान्स्ट्रेशन तथा कृषि यंत्रों, बीजों, व फसलों पर दिए जा रहे अनुदान व अन्य अनुमन्य सुविधाओं पर जिले के अग्रणी किसानों के साथ खुलकर चर्चा हुई। सीडीओ आशीष कुमार बताया कि अब सरकार द्वारा दस हजार से कम अनुदान वाले कृषि यंत्रों पर वेटिंग लिस्ट समाप्त करते हुए सीधे कृषि यंत्र देने की व्यवस्था कर दी गई है जिससे किसान अब दस हजार तक के अनुदान वाले यंत्र सीधे खरीद सकते हैं। इसमें अब विभागीय वेटिंग का इन्जतार नहीं करना पड़ेगा। उन्होने बताया कि आने वाले जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में स्टाल लगाकर ऐसे कृषकों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके अलावा एक लाख तक या उससे अधिक अनुदान वाले यंत्रों के लिए किसानों को पांच हजार रूपए टोकन मनी के रूप में जमा करना होगा उसके बाद नम्बर आने पर उन्हें अनुदान का लाभ मिलेगा। बोर्ड की बैठक में किसानों से सुझाव लिए गए कि कैसे कृषि क्षेत्र में नवाचार व विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाए जिससे किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा हो सके। बैठक में ही किसानों को मार्केटिंग के टिप्स भी बताए गए व प्रशिक्षण दिया गया। कई अग्रणी किसानों द्वारा अपने कार्यों, अनुभवों व नवाचारों क बारे में बताया गया।
  जिलाधिकारी ने कहा कि गांव के विकास से देश का विकास होगा। गांवों में स्वरोजगार के लिये कृषकों की आय बढ़ाना जरूरी है। इसके किसानों को परम्परागत खेती के अलावा कुछ अन्य कार्य करने होंगे जैसे मक्के की प्रोसेसिंग, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, शहद उत्पादन, और दूध डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया, क्योंकि कृषि आधारित उद्योगों में लागत बहुत कम आती है। इससे किसानों का गांवों से पलायन रुकेगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ अधिक से अधिक पात्र किसानों को दिलायें, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि जनपद के प्रगतिशील कृषकों को ऐसे अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण कराया जाये, जहां कृषि, उद्यानीकरण के साथ-साथ अन्य कार्यक्रम भी संचालित होते हों, जिससे कृषक अपनी फसल उत्पादन के साथ-साथ बागबानी, पशुपालन व मछली पालन आदि का भी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने आय के श्रोतों में बढोत्तरी कर सकें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह योजना अन्तर्गत प्राप्त लक्ष्य की पूर्ति निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
  बैठक में सीडीओ आशीष कुमार, उपनिदेशक कृषि मुकुल तिवारी, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ड0 आरपी यादव,  एलडीएम दशरथी बेहरा, भूमि संरक्षण अधिकारी सहित अग्रणी किसान रविशंकर सिंह पवन, ओम प्रकाश पाण्डेय, अतुल कुमार सिंह व अन्य रहे।

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