Tuesday, July 9, 2019

तेरह जुलाई को जिला मुख्यालय पर लगेगी लोक अदालत

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी

गोंडा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन पर आगामी 13 जुलाई, 2019 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सुबह साढ़े दस बजे से दीवानी न्यायालय परिसर में तथा समस्त विभागों में किया जायेगा, जिसमें जनपद न्यायाधीश द्वारा अधिक से अधिक वादों को निस्तारित कराये जाने की अपेक्षा की गयी है। यह जानकारी देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा जयहिन्द कुमार सिंह ने बताया कि आगामी 13 जुलाई को सुबह साढ़े 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला मुख्यालय पर साथ ही साथ जनपद के सभी तहसीलों में किये जायेंगे और ज्यादा से ज्यादा संख्या में विवादों को सुलझानेंध्निस्तारण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है साथ ही सम्बन्धित विभागों से चिन्हित मामलोंध्विवादों की रिपोर्ट मांगी गयी है, ताकि उनकी लिस्टिंग की जा सके, जिससे वादकारियों को यातायात की कठिनाई न झेलनी पडे़। उन्होंने यह भी बताया कि वादकारी अपने मुकदमें में समझौते के आधार पर निस्तारण कराना चाहता है तो वह सीधे तहसील न्यायालय अथवा कार्यालय के पीठासीन अधिकारी से सम्पर्क करें, और अपने मुकदमें को राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु पंजीकृत करा लेवें। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक लोन से सम्बन्धित प्रकरण को निराकरण के लिये बकायेदार सीधे बैंकों में जाकर अपना प्रार्थना पत्र दे सकते है अथवा कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में दे सकते हैं, उनके मामलों का निराकरण राष्ट्रीय लोक अदालत में  अवश्य कराया जायेगा।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव, श्री सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में नेशनल जूडिशियन डाटा ग्रीड पर अपलोड मुकदमें जो आपराधिक शमनीय प्रकृति के वाद, धारा-138  पराक्रम्य लिखित अधिनियम वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, श्रमवादों, भूमि अधिग्रहण वादों, बैंक वसूली(रिकवरी शूट) वाद, पारिवारिक, वैवाहिक विवाद, दीवानी वाद(किराया, सुखाधिकार, व्यादेश, विशिष्ट अनुतोष वाद), राजस्व वाद, विद्युत एवं जल विवाद (चोरी से सम्बन्धित विवादों सहित) सर्विस से वेतन सम्बन्धित विवाद एवं सेवानिवृत्ति लाभों से सम्बन्धित विवाद, ट्रैफिक चालानी सहित अन्य चालानी मुकदमों को ज्याद से ज्यादा संख्या में निस्तारण के लिये चिन्हित करने हेतु जनपद न्यायाधीश द्वारा सभी न्यायालय को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लिटिगेशन मामले एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को ज्यादा से ज्यादा निस्तारण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बैंक व बीमा कम्पनी, परिवहन विभाग, मोटर दुर्घटना, सक्सेशन पुलिस सहित तमाम सम्बन्धित समस्त विभागों के प्री-लिटिगेशन प्रकरण तथा समस्त बैंकों के ऋण से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन मामलों में बकायेदारों को ज्यादा से ज्यादा छूट का लाभ प्रदान कराते हुए अधिक से अधिक सुलझाने की अपेक्षा की है। उन्होंने प्रिन्ट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बन्धुओं से अपेक्षा है कि राष्ट्रीय लोक अदालत का जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में वादकारियों, पीडितों को लाभांवित किया जा सके।

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