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Wednesday, 11 September 2019

बच्चों के स्वभाव से भी सीखें जिंदगी के हुनर


 बच्चे मन के सच्चे सारे जग के आंख के तारे यह बोल नन्हे फूल है जो भगवान को लगते प्यारे यह पंक्तियां कभी बच्चों पर बेहद सटीक बैठती थी सदियों बाद भी आज भी या पंक्तियां बच्चों पर सटीक ही बैठती है बच्चे स्वभाव से बेहद मासूम और कोमल होते हैं भले ही हम अक्सर कहते हैं कि बच्चों को अपने बड़ों से सीखना चाहिए लेकिन देखा जाए तो हम बड़े भी बच्चों से काफी कुछ सीख सकते हैं और उनसे सीखी हुई बातें जीवन में कहीं न कहीं हमारे भी काम आ सकती हैं।

बच्चों से सीखे निडरता से जीना 


यदि आप बच्चों के इस गुण को सीख कर अपने स्वभाव में शामिल कर ले तो यकीनन आप अपने कैरियर में एक लंबा रास्ता तय कर सकते हैं बच्चे स्वभाव से निडर होते हैं और हर दिन जीवन में आने वाले चैलेंज का खुलकर सामना करते हैं फिर चाहे वह चुनौती स्कूल में हो या खेल के मैदान में यदि हम भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में निडर हो जाते हैं तो हम जोखिम उठा सकते हैं नई चीजों को आसानी से सीख कर आगे बढ़ सकते हैं इसी तरीके से।

बच्चों से सीखे कुछ भी नया सीखने की ललक


बच्चों में हमेशा एक सीखने की ललक रहती है और उनमें यह क्षमता अद्भुत तरीके की होती है वह हमेशा ही कुछ न कुछ नया सीखने तथा उसके साथ एक्सपेरिमेंट करने के लिए उत्सुक बने रहते हैं जीवन में सफलता प्राप्त करने का मूलमंत्र यही है कि जब आप नई चीजों को सीखने के लिए तैयार रहते हैं तब आप ग्रोथ करते हैं सीखने में आपसे कई गलतियां भी होती हैं परंतु गलतियों से ही आप बेहतर इंसान बनकर सामने आते हैं वहीं जब आप सीखना बंद कर देते हैं तो फिर इससे आपका ग्रुप भी रुक जाता है।

बच्चों से सीखे ईमानदारी


वैसे तो ईमानदारी हम लोगों के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है लेकिन हम जीवन की आपाधापी में शायद उतने ईमानदार नहीं रह पाते हैं लेकिन सीधे और खुले विचारों वाले बच्चे कभी भी किसी के बारे में भी अपनी राय और विचार व्यक्त करने में खुद को पीछे नहीं रखते हैं आपने कभी नोटिस किया होगा कि आपके बच्चे जब कभी गलती करते हैं तो उसी इमानदारी से कबूल भी कर लेते हैं यह बड़ों में नजर नहीं आता है कारपोरेट दुनिया में लोग कामा और जीवन की भागदौड़ में इस कदर फस जाते हैं कि एक दूसरे को झूठी बातों में खुश रखने की कोशिश करते हैं और सच्चे विचारों को छुपाते हैं जीवन की भागदौड़ में हम अक्सर अपने अंदर के मासूम बच्चे को पीछे छोड़ देते हैं परंतु हमें अपने जीवन में इस गुण को कभी नहीं होना चाहिए क्योंकि जीवन में जो कामयाबी इमानदारी से मिलती है वह हमेशा स्थाई रहती है

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