जाने मध्य प्रदेश का इतिहास



के सी शर्मा 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस दौरान पूरे प्रदेश में हर जगह अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाते है।  मध्यप्रदेश की स्थापना को लेकर ये सवाल कि आखिर वो क्या कारण था जिनके चलते मध्य प्रदेश अस्तित्व में आया ?
यहां हम आपको प्रदेश की स्थापना से जुड़ीं खास जानकारियां हम आपको दे रहे हैं :-

  मध्य प्रदेश आज  64वें वर्ष में प्रवेश कर गया है!

- मध्य प्रदेश 1 नवंबर, 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था।इस दिन मध्य प्रदेश राज्य से १४ जिले अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य छत्तीसगढ़ की स्थापना हुई थी।मध्य प्रदेश की सीमाएं पांच राज्यों की सीमाओं से मिलती है। इसके उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान।

1 नवंबर 1956 को प्रदेश के गठन के साथ ही इसकी राजधानी और विधानसभा का चयन भी कर लिया गया।

- मध्यप्रदेश की राजधानी के रूप में भोपाल को चुना गया।

- इस राज्य का निर्माण तात्कालीन सीपी एंड बरार, मध्य भारत, विंध्यप्रदेश और भोपाल राज्य को मिलाकर हुआ।

 1956 में अस्तित्व में आए इस प्रदेश को पहले मध्य भारत कहकर संबोधित किया जाता था।

- इसका पुनर्गठन भाषाई आधार पर हुआ।

- 15 अगस्त, 1947 के पूर्व देश में कई छोटी-बड़ी रियासतें और देशी राज्य अस्तित्व में थे।

- आजादी के बाद उन्हें स्वतंत्र भारत में सम्मिलित और एकीकृत किया गया।

 1 नव‍ंबर,1956 को मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर पं. रविशंकर शुक्ल का पहला भाषण लाल परेड ग्राउंड पर हुआ था।

- 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के बाद देश में सन् 1952 में पहले आम चुनाव हुए, जिसके कारण संसद एवं विधान मण्डल कार्यशील हुए।

- प्रशासनिक दृष्टि से इन्हें श्रेणियों में विभाजित किया गया था।

 सन् 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के फलस्वरूप 1 नवंबर, 1956 को नया राज्य मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया।

- इसके घटक राज्य मध्य प्रदेश, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश।

- राजधानी बनाए जाने के बाद 1972 में भोपाल को एक जिले का तमगा मिला।

- अपने गठन के वक्त मध्य प्रदेश में कुल 43 जिले थे।

- आज मध्यप्रदेश में 52 जिले हैं।