मध्यप्रदेश में होर्डिंग के कारोबार पर नकेल कसने की तैयारी


 मध्य प्रदेश में होडिंग कारोबार के नाम पर विज्ञापन एजेंसियों और नगरीय निकायों के अधिकारियों कर्मचारियों ने दोनों हाथों से जमकर धन बटोरने का काम पूरी ईमानदारी से किया है।

 लेकिन अब मध्य प्रदेश में होडिंग कारोबार को लेकर नियम कायदों का पालन करना विज्ञापन एजेंसियों और कराना नगरीय निकाय के अधिकारियों की मजबूरी हो गई है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नगरीय निकायों में शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने वाले होडिंग कारोबार पर कंट्रोल करने के लिए फरमान जारी कर दिया है।
बकायदा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव श्री मोहंती ने सभी संभागायुक्त, सभी कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त को आदेश जारी कर अवैध होर्डिंग्स को हटाने और अवगत कराने के लिए कहा है।
 रीवा नगर निगम कार्यालय में पिछले पच्चीस साल के दौरान तैनात रहे जिम्मेदार अधिकारियों ने शहर में अवैध होर्डिंग्स के कारोबार को बढ़ाने में अपना हमेशा योगदान ईमानदारी के साथ दिया।‌
 यही वजह है कि रीवा नगर निगम क्षेत्र के प्रमुख चौराहों, तिराहों, आलीशान काम्प्लेक्स एरिया सहित अन्य जगहों पर छोटी और बड़ी होडिंग का जाल फैला रहा।
विज्ञापन संबंधी होडिंग लगाने के एवज में नगर निगम को जो वाजिब राजस्व मिलना चाहिए था वह अधिकारियों की जेब में चला गया।
रीवा नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव ने मुख्य सचिव का आदेश देखने के साथ ही चारों जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों को गलियों तक में लगे पोस्टर को हटाने के अभियान में लगा दिया है।

*विज्ञापन एजेंसियों को देना होगा नया रेट*

मुख्यमंत्री के सख्त रुख का मध्य प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में असर बराबर देखने को मिल रहा है।
 संभागायुक्त और कलेक्टर बराबर अपने क्षेत्रों में मानीटरिंग कर रहे हैं।‌
रीवा नगर निगम में पिछले पच्चीस साल तक जानबूझकर राजस्व के इस पहलू पर लीपापोती की गई है।
 जिसका लाभ तत्कालीन अधिकारियों और विज्ञापन एजेंसियों को हुआ है।
बताया जाता है कि नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने होडिंग कारोबार को लेकर जिस फीस का निर्धारण किया है उसे रीवा नगर निगम में अक्षरशः लागू करने की व्यवस्था आयुक्त सभाजीत यादव ने बना डाली है।
 ऐसे में रीवा नगर निगम क्षेत्र में जिन विज्ञापन एजेंसियों का बोलबाला है , अब उनके मालिकानो को कमर कस कर बिजनेस करना पड़ेगा।
 नया रेट साल 2017 में लागू किया गया है।  जिसे जानबूझकर रीवा नगर निगम में लागू नहीं किया जा रहा था। इसके एवज में जिम्मेदार अधिकारी अपनी जेब भरने का काम कर रहे थे।
 वैसे भी अब होडिंग लगाने के लिए कलेक्टर की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
शहर की सुंदरता और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही कलेक्टर को अनुमति देनी होगी।