शक्तिशाली मनुष्य भी कमजोर होता है, वुद्धजीवी से भी होती है गलतियां-के सी शर्मा




हमें सदा ध्यान रखना चाहिए कि शक्तिशाली से शक्तिशाली मनुष्य भी एक दिन कमजोर होता है और बुद्धिमान से बुद्धिमान व्यक्तिभी गलतियां करता
 है।
समस्याओं का उसी मानसिकता के उपयोग से हल नहीं निकाला जा सकता है जिस मानसिकता के चलते वे पैदा हुई है अतीत पर ध्यान केन्द्रित नहीं करें,भविष्य का सपना नहीं देखें, वर्तमान क्षण पर ध्यान दें,दूसरों के साथ अपने जीवन की तुलना मत करो,सूर्य और चंद्रमा एक साथ कभी चमक नहीं सकते, वे भी अपने समय के लिए प्रतीक्षा करते हे।
    
प्रार्थना और ध्यान इंसान के लिए बहुत जरूरी है प्रार्थना में भगवान आपकी बात सुनते है और ध्यान में आप भगवान की बात सुनते है स्मरण करो तो मन सवर जाए,सेवा करो तो तन संवर जाए,भक्ति करो तो जीवन सफल हो जाये,कितनी दिलकश है।

 मेरे प्रभु की बातें,अमल करो तो जिंदगी संवर जाए पहली नमस्ते परमात्मा को, जिन्होंने हमें बनाया है"दूसरी नमस्ते माता पिता को,जिन्होंने हमें अपनी गोद में खिलाया है"तीसरी नमस्ते गुरुओं को,जिन्होंने हमको वेद और ज्ञान सिखाया है"चौथी और सबसे महत्वपूर्ण नमस्ते "आप को" जिन्होंने हमें अपने साथ जुड़े रहने का मौका दिया  है"।