घोटालों के विरुद्ध भी होंगे कुटुम्ब सत्याग्रह-एडवोकेट हरि प्रताप राठौड़



बदायूँ भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहयोगियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार जनपद बदायूं में गेहूं खरीद में हो रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध आपदाकाल के दृष्टिगत कुटुम्ब सत्याग्रह किया तथा चार सूत्रीय मांगपत्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ईमेल/ट्विटर व माई ग्रीवांस पोर्टल/जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्रेषित किए।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि जनपद बदायूं में उड़द घोटाला, उर्वरक घोटाला, गेहूं घोटाला की पुरानी परंपरा रही है। किसानों का खुलेआम शोषण होता है। किन्तु गेहूं माफिया,गन्ना माफिया व उर्वरक माफिया संरक्षण प्राप्त करने में सफल हो जाते हैं।प्याऊ घोटाला व भूमिगत विद्युतीकरण घोटाला को भी संरक्षण दिया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में साक्षर भारत मिशन में अभी तक आडिट न कराने के कारण घोटाले की गन्ध आ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इस्लामनगर पर चार नवजात शिशुओं की मौत के मामले में भी प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है।इस प्रकरण में सभी सूचना कार्यकर्ता पूर्व में प्रेषित मांगपत्रो पर कार्यवाही की प्रगति जानने के लिए आर टी आई का प्रयोग करेंगे। भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के सहयोगी आपदाकाल में कुटुम्ब सत्याग्रह के माध्यम से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाते रहेंगे।

श्री राठोड़ ने कहा कि जनपद बदायूं में गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार की गिरफ्त में हैं, अनेक ऐसे कृषक हैं जिनका गेहूं क्रय नहीं किया गया,क्रय केंद्रों पर अतिरिक्त धन की मांग की गई, धन न देने पर गेहूं में कमी निकालकर गेहूं क्रय करने से मना कर दिया गया, तौल में गड़बड़ी की गई, बिचौलियों के माध्यम से गेहूं बेचने को विवश किया गया, शिकायत करने पर भी कार्यवाही नहीं की गई, बल्कि डराया धमकाया गया, शिकायत का गलत निस्तारण कर दिया गया। आज कुटुम्ब सत्याग्रह के माध्यम से हमने उच्च स्तरीय बहुसदस्यीय जांच समिति गठित करने, गेहूं क्रय केंद्रों पर व्याप्त अनियमितताओं के सम्बन्ध में अब तक प्राप्त समस्त शिकायतों की जनसुनवाई करके सामूहिक जांच करने तथा जिला मुख्यालय पर निर्धारित तिथि पर गेहूं किसानों की व्यथा को सुनने, गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की चल अचल परिसम्पतियो की जांच उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर कराये जाने तथा गेहूं किसानों के शोषण में लिप्त कार्मिकों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराये जाने की मांग की है।  

कुटुम्ब सत्याग्रह में एम एल गुप्ता, डाल भगवान सिंह,राम रतन सिंह पटेल,एस सी गुप्ता, राम सिंह ,शमसुल हसन, रामगोपाल,एम एच कादरी, वेदपाल सिंह, अखिलेश सिंह, राम-लखन,असद अहमद,सी एल वर्मा एडवोकेट, अखिलेश सोलंकी,अभय माहेश्वरी,आर्येन्द्र पाल सिंह, विपिन कुमार सिंह, सत्येन्द्र सिंह गहलौत, कृष्ण गोपाल, महेश चंद्र, वीरपाल,नारद सिंह, भुवनेश कुमार,भानु प्रताप सिंह, देवेन्द्र शाक्य, अरविंद कुमार, जयकिशन लाल, सुमित कुमार आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे।