सन्तपाल सिंह राठोड़ के आदर्शों का अनुकरण करे शिक्षक समाज - बब्बू भैय्या


आदर्श शिक्षक स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ की षष्ठम पुण्यतिथि के अवसर पर जन दृष्टि भारत के तत्वावधान में आनलाइन शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट की अध्यक्षता में किया गया। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैय्या" उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चयन समिति के संयोजक हरिश्चंद्र सक्सेना ने किया।

पुण्यतिथि के अवसर पर स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ के परिजनों द्वारा उनके ग्राम नवीगंज स्थित समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई तथा स्मृति में वृक्षारोपण किया गया। पुरस्कृत होने वाले शिक्षकों द्वारा भी अपने कार्यस्थल/ निवास स्थल पर स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ की स्मृति में वृक्षारोपण किया गया।

सर्वप्रथम अतिथि गण द्वारा मां सरस्वती व स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया गया।
तदन्तर सरस्वती वन्दना व स्वागत गीत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ एक आदर्श व कर्तव्य निष्ठ शिक्षक रहे। वह पृकृति प्रेमी थे। अनुशासन प्रिय थे। ईमानदारी उनका मूल मंत्र था। मुझे भी उनका व्यक्तिगत सानिध्य मिला। उनके विचारों को जीवन्त रखने के लिए उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करने का ऐसा अनूठा आयोजन प्रति वर्ष किया जाता है।मेरी भी उपस्थिति प्रत्येक आयोजन में रही है। आपदाकाल में इस वर्ष यह आयोजन आनलाइन किया गया है।  इस वर्ष सम्मान का विस्तार भी किया गया है। देश भर के चौतीस श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन समिति द्वारा किया गया है। पुरस्कार हेतु चयनित शिक्षकों को मैं शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही उनसे अपेक्षा भी करता हूं कि वे स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ के विचारों और आदर्शों से समाज को लाभान्वित करने का कार्य करेंगे।

विशिष्ट अतिथि विधायक दातागंज राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैय्या" ने कहा कि स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ और उनके परिवार से हमारे व्यक्तिगत सम्बन्ध रहे हैं।वह वास्तव में व्यक्ति नहीं बल्कि सन्स्था थे। उनकी पृवृत्ति धार्मिक थी। व्यवस्था सुधार के लिए वे सतत प्रयासरत रहते थे। बुराई का उन्होंने सदैव दृढ़ता के साथ विरोध किया।मद्य निषेध के समर्थक थे, नागरिकों को उपयोगी वृक्ष लगाने हेतु प्रेरित करना उनके आचरण का हिस्सा था। रामचरितमानस और गीता उनकी प्रिय पुस्तकें थीं,जिनका वह नियमित अध्ययन करते थे। उनकी स्मृति में निरन्तर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से समाज उनके उपयोगी विचारों से परिचित होगा तथा नागरिक उनके विचारों का अनुसरण करेंगे। मैं स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ का भाव पूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा इस अवसर पर पुरस्कृत होने वाले शिक्षकों व शिक्षिकाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

अतिथि गण द्वारा देश के चौतीस श्रेष्ठ शिक्षकों को " सन्तपाल सिंह राठोड़ स्मृति आदर्श शिक्षक सम्मान " से सम्मानित करते हुए आनलाइन सम्मान पत्र प्रदान किए गए। सभी शिक्षकों के मूल सम्मान पत्र डाक/ कोरियर के माध्यम से प्रेषित किए जायेंगे। 

अन्त में कार्यक्रम अध्यक्ष व स्व सन्तपाल सिंह राठोड़ के पुत्र हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने सभी अतिथि गण व सम्मान समारोह में सहभागिता करने वाले सभी महानुभावों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भवेश प्रताप सिंह, हरि प्रकाश सिंह, अखिलेश्वर प्रताप सिंह, एस सी गुप्ता, राणा प्रताप सिंह, एम एल गुप्ता, डॉ सुशील कुमार सिंह,कैप्टन राम सिंह, मुनीश कुमार सिंह, वेदप्रकाश सिंह,शमसुल हसन, रामसरन सिंह, राकेश सिंह, रामगोपाल, अखिलेश सिंह, वेदपाल सिंह कठेरिया,एम एच कादरी, विपिन कुमार सिंह,डालभगवान सिंह, सतेन्द्र सिंह, शिशुपाल सिंह,आर्येन्द्र पाल सिंह,मो इब्राहिम,नीलम कौशल,उमा हान्डा, सारिका अग्रवाल, सुशीला चौधरी, शोभा कंवर, रामनारायण पांडेय, अहसान जमील, मीनाक्षी देवी, सरिता रानी, माधुरी पौराणिक, राजीव भटनागर, अशोक कुमार शुक्ला,रेशू जैन, अकबर अली, अमिता सचान,लक्ष्मी निरंजन, गीता ज्ञानी,पल्लवी शर्मा, रेखा दीक्षित,किरन कुशवाह, अनीता तिवारी, राजेश कुमार, अनीता कौशल,पन्कज वार्ष्णेय,सोनल गुप्ता,सय्यदा,सिम्मी सिंह,अन्जलि आर्य,रेनु आदि की सहभागिता रही।