लखनऊ में भी राष्ट्रीय रोजगार नीति आधारित कानून बनाने की उठी माँग TAP NEWS


लखनऊ :नफरत नहीं रोजगार चाहिए, जीने का अधिकार चाहिए और पूरा देश करे पुकार, रोजगार दो रोजगार,  लखनऊ के गांधी भवन में संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति द्वारा आयोजित रोजगार संसद  में इन नारों से 22 मई 2022 को गांधी भवन ऑडिटोरियम गूंज उठा। इस रोजगार संसद में प्रदेश भर के संघर्षरत संगठनों के सैकड़ों प्रतिनिधि एक साथ एक मंच पर शामिल हुए।

संयुक्त रोजगार आंदोलन समिति के सदस्य एवं देश की बात फाउंडेशन के सेंट्रल कोऑर्डिनेटर नीरज पांडेय ने बताया देश में बेरोजगारी की व्यापक समस्या का समाधान सिर्फ राष्ट्रीय रोजगार नीति है लखनऊ के गांधी भवन ऑडिटोरियम में आयोजित इस रोजगार संसद में उत्तर प्रदेश के सौ से ज्यादा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिन्होंने राष्ट्रीय रोजगार नीति पर अपनी बात रखी एवं 16 अगस्त से दिल्ली में होने वाले आंदोलन को लेकर समर्थन व्यक्त किया।
इस रोजगार संसद में छात्र, युवा, शिक्षक, महिला, पत्रकार, दलित, आदिवासी, व्यापारिक, ट्रेड यूनियन, किसान यूनियन, सामाजिक संस्थाएं, सामाजिक संगठन, गैर सरकारी संस्थाओं, मेडिकल एसोसिएशन टीचर्स एसोसिएशन जैसे 100 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने रोजगार संसद में बेरोजगारी की ज्वलंत समस्या के समाधान पर अपनी बात रखी। 

सभी संगठनों ने राष्ट्रीय रोजगार नीति आधारित कानून की मांग पर सहमति जताते हुए 16 अगस्त 2022, जंतर मंतर, दिल्ली पर शुरू होने वाले रोज़गार आंदोलन पर सुझाव दिए। साथ ही 16 अगस्त से दिल्ली में आंदोलन करने और इसमें उत्तर प्रदेश से हज़ारों हज़ार प्रतिनिधियों की भागीदारी का एलान किया गया। इसके लिए आगामी दिनों में जिलों में सम्मेलन किए जायेंगे और प्रदेश के कॉलेज यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम होंगे।