मध्य प्रदेश के छात्रों ने ईबीएसबी स्टूडेंट एक्सचेंज टूर प्रोग्राम के माध्यम से नागाओं की अनूठी संस्कृति, व्यंजनों और परंपराओं के बारे में जाना

रामजी पांडे

नई दिल्ली आजादी का अमृत महोत्सव-एक भारत श्रेष्ठ भारत (एकेएएम-ईबीएसबी) के तहत मध्य प्रदेश और नागालैंड के बीच पांच दिवसीय छात्र आदान-प्रदान यात्रा कार्यक्रम 20 जुलाई, 2022 को सम्‍पन्न हो गया। समापन समारोह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) चुमौकेदिमा, नागालैंड में आयोजित किया गया था।

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स्टूडेंट्स एक्सचेंज टूर प्रोग्राम आजादी का अमृत महोत्सव-एक भारत श्रेष्ठ भारत (एकेएएम-ईबीएसबी) के तहत आयोजित किया गया था। पांच दिन की यात्रा के दौरान, छात्रों को नागाओं की समृद्ध संस्कृति व परंपराओं का अनुभव करने और उसकी खोज करने के लिए विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। मध्य प्रदेश के छात्रों ने नागालैंड के छात्रों के साथ संवाद सत्र भी किया और उन्हें निकट भविष्य में मध्य प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया।

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अपने प्रवास के दौरान, छात्रों को कोहिमा जिले के खोनोमा ले जाया गया, जो भारत का पहला हरित गांव है। छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और हरित गांव के बारे में प्रतिक्रिया दी, और कहा कि यह स्थान "सुंदरता से बहुत आगे" है। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता, प्राकृतिक वातावरण और ताजी हवा के साथ, यह एक ऐसा अनुभव था जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे। छात्रों को खाना पकाने की पारंपरिक विधि से परिचित कराया गया, जो उन्हें दिलचस्प लगी क्योंकि वे चकित थे कि प्रमुख मसालों को डाले बिना भी भोजन का स्वाद इतना अच्छा हो सकता है, जिनका उनके राज्य में खाना पकाने के लिए अवश्य इस्‍तेमाल किया जाता है।

टीम, जिसने नागालैंड के हथकरघा और हस्तशिल्प के बारे में भी सीखा, ने कहा कि वे विभिन्न रंगों और पैटर्न से मोहित थे, और उन्‍हें इसके पीछे की कहानियां पसन्‍द आईं। इस दौरे के एक भाग के रूप में, छात्रों ने दीमापुर में सोविमा में चोंपू संग्रहालय का भी दौरा किया, उन्होंने कहा कि प्राचीन काल की सभी वस्‍तुओं को देखकर वे आश्‍चर्य में पड़ गए। नागालैंड में रहने वाले वहां के लोगों के बारे में, छात्रों की राय है कि नागालैंड के लोग बहुत मिलनसार, विनम्र, सादगी से परिपूर्ण और मददगार हैं। छात्रों ने अपनी यात्रा को अद्भुत, यादगार और आंखें खोलने वाला बताते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो निश्चित रूप से वे एक बार फिर नागालैंड आएंगे।