Tap news india

Hindi news ,today news,local news in india

Breaking news

गूगल सर्च इंजन

Saturday, 26 September 2020

18:30

रेल टिकट की तरह माल का भी रिजर्वेशन होगा deepak tiwari

रेल टिकट की तरह माल का भी रिजर्वेशन होगा अब एडवांस में सिर्फ 10% शुल्क जमा कर मनचाही ट्रेन से भेज सकेंगे सामान; समय पर और सुरक्षित सामान पहुंचाने की कवायद
रेलवे ने भी अब समय पर माल पहुंचाने के लिए पहल शुरू कर दी है। टिकट के रिजर्वेशन की तरह ही सामान की बुकिंग भी 120 दिन पहले शुरू हो जाएगी। ऐसे में पार्सल व्यापारी अपनी जरूरत के अनुसार ट्रेन और सामान पहुंचाने का दिन तय कर पाएंगे। यह टिकट बुकिंग की तरह ही होगा। इससे जहां सामान समय पर पहुंच पाएगा, वहीं स्टेशन पर सामान पड़े रहने और किसी दूसरी जगह पहुंचने की शिकायतों में भी कमी आएगी।
मनचाही ट्रेन में बुकिंग करने से माल समय पर पहुंच सकेगा।
मनपसंद गाड़ी का चयन कर सकते हैं
रेलवे ने एडवांस में पार्सल स्पेस बुक कराए जाने की सुविधा शुरू कर दी है। जरूरी सामान जैसे खाद्यान्न, कोयला, पीओएल, दूध, सब्जियां आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मालगाड़ियों के साथ-साथ रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति के लिए पार्सल एक्सप्रेस गाड़ियों का परिचालन जारी है। इसके तहत व्यापारी अपना सामान भेजने के लिए स्पेशल यात्री गाड़ियों के एसएलआर और पार्सल एक्सप्रेस गाड़ियों में उपलब्ध स्थान की एडवांस बुकिंग करा सकते हैं। इस सुविधा के तहत व्यापारी जिस गाड़ी से अपना सामान भेजना चाहेंगे, उसी गाड़ी से उनका सामान भेजा जाएगा। इससे व्यापारियों के सामान का परिवहन समय से और सुरक्षित हो सकेगा। इस सुविधा के तहत पार्सल वान भी बुक किए जा सकते हैं।
यह करना होगा
संबंधित स्टेशन के मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक से संपर्क करना होगा। किसी भी स्पेशल ट्रेन या पार्सल एक्सप्रेस में पार्सल स्थान की एडवांस बुकिंग गाड़ी के प्रस्थान तिथि से 120 दिन पहले शुरू हो जाएगी। कुल पार्सल भाड़े का 10% राशि आवेदन के साथ जमा करना होगा। शेष 90% राशि संबंधित स्टेशन पर गाड़ी के निर्धारित समय से 72 घंटे पहले तक जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त पार्सल कार्गो स्पेशल ट्रेन का भी संचालन व्यापारियों की मांग के अनुसार किया जा सकता है। उदाहरण के लिए व्यापारी की मांग पर भोपाल से हावड़ा वाया इटारसी-जबलपुर-रायपुर होते हुए कार्गो स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा सकता है।
अभी यह व्यवस्था
रेलवे में अभी पार्सल बुक कर दिया जाता है। इसके बाद ट्रेन की उपलब्धता के अनुसार माल को ट्रेनों से भेजा जाता है। इससे कई बार ट्रेन नहीं होने या समय पर सामान नहीं रख पाने के कारण स्टेशन पर ही सामान पड़ा रहता है। कई बार तो एक स्टेशन पर सामान नहीं उतर पाने के कारण वह दूसरे ट्रेन से कहीं और पहुंच जाता है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। नई व्यवस्था से यह परेशानियां दूर होने की आशंका कम होगी।
18:26

एशिया के सबसे बड़े स्लम से ग्राउंड रिपोर्ट:tap news India deepak tiwari

मुंबई.धारावी यह नाम सुनते ही दिमाग में झुग्गी-झोपड़ियों की तस्वीर बनने लगती है। महज 2.5 स्क्वेयर किलोमीटर में फैले एशिया के इस सबसे बड़े इस स्लम में 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। अप्रैल में यहां कोरोना का ब्लास्ट हुआ था। लेकिन जून तक वायरस पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया था। इसलिए 'धारावी मॉडल' की बहुत चर्चा हुई थी। अब एक बार फिर यहां कोरोना की दूसरी लहर आती दिख रही है। धारावी में कोरोना के मामले 3 हजार को क्रॉस कर चुके हैं। पिछले दस दिनों से तो हर दिन दो अंकों में मामले बढ़ रहे हैं। अभी 180 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। ऐसे में हम धारावी पहुंचे और जाना कि कोरोना को रोकने वाला 'धारावी मॉडल' क्या था, अब क्या हालात हैं और लोग कैसे अपना गुजर-बसर कर रहे हैं।
धारावी में पक्की झोपड़ियां हैं, जो ऊंचाई से ऐसी नजर आती हैं।
धारावी में पक्की झोपड़ियां हैं, जो ऊंचाई से ऐसी नजर आती हैं।
संकरी गलियां, छोटे-छोटे कमरे। कमरे में ही किचन और वहीं बर्तन साफ करने की एक जगह भी। एक घर में रहने वाले औसत पांच से सात लोग। कुछ-कुछ में बारह से पंद्रह। यहां सोशल डिस्टेंसिंग की बात करना बेमानी है, क्योंकि जगह इतनी कम है कि एक-दूसरे से दूरी बनाना मुमकिन ही नहीं। अधिकतर घरों में एक-एक कमरे ही हैं। साइज दस बाय दस फीट होगा। हालांकि, यहां की झुग्गियां कच्ची नहीं, पक्की हैं। गुरुवार सुबह 10 बजे जब हम यहां पहुंचे तो धारावी पहले की तरह नजर आई। बाजार खुले थे। लोग काम धंधे पर निकल रहे थे। मास्क गिने चुने चेहरों पर ही दिख रहा था। हैंड सैनिटाइजर जैसी चीज यहां शायद ही कोई इस्तेमाल करता हो। हां, लेकिन धारावी की गलियां साफ-सुथरी नजर आईं। यहां के लोगों में अब कोरोना का बिल्कुल डर नहीं है, क्योंकि बात पेट पर आ गई है। वे कहते हैं, कोरोना से नहीं मरेंगे तो भूख से मर जाएंगे इसलिए काम पर तो निकलना पड़ेगा। पिछले करीब एक हफ्ते से यहां हर रोज कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जा रहे हैं।
कोई भाड़ा नहीं भर पा रहा तो किसी पर हजारों का कर्जा हो गया
खैर, धारावी की जमीनी हकीकत जानने के लिए हम अंदर गलियों में घुसे। पहली गली में घुसते ही सारोदेवी नजर आईं। एक छोटे से कमरे में वो भजिया तल रहीं थीं। इतने सारे समोसे, वड़ा, भजिया किसके लिए बना रही हैं? पूछने पर बोलीं, मेरा बेटा सायन हॉस्पिटल के बाहर बेचता है। पांच माह से काम बंद था। पंद्रह दिन पहले ही शुरू हुआ है। लॉकडाउन में गुजर बसर कैसे किया? इस पर बोलीं, फ्री वाला राशन बंटता था, वो ले लेते थे। कुछ राशन सरकार से भी मिला। कुछ सामान हमारे पास था। यह सब मिलाकर जैसे-तैसे दिन काटे हैं। धंधा बंद था इसलिए न भाड़ा दे पाए और न ही बिजली का किराया भरा। 25 हजार रुपए का कर्जा भी हो गया। अब काम शुरू हुआ है तो थोड़ा-थोड़ा करके चुकाएंगे। सारोदेवी के घर की अगली गली में अनीता मिलीं। उनका एक पैर काम नहीं करता। पति भी दिव्यांग हैं। दो बच्चे हैं, जिसमें से एक को मां-बाप वाली कमी आ गई। दूसरा बेटा ठीक है। दस बाय दस के कमरे में अनीता का पूरा परिवार रहता है। पति मिट्टी के बर्तन बनाने जाते हैं। उनका बेटा चिराग कहता है, पापा का माल बिकता है, तब ही घर में पैसा आता है। कमरे का भाड़ा तीन हजार रुपए महीना है, लेकिन चार-पांच महीने से भरा नहीं। मकान मालिक ने बोला है कि, जल्दी भाड़ा भरो नहीं तो कमरा खाली करना पड़ेगा।
ये सारो देवी हैं। कहती हैं-- लॉकडाउन में खाने-पीने के लाले पड़े गए थे। समोसा, भजिया, वड़ा बेचकर परिवार को पाल रही हैं।
धारावी के अधिकतर घरों में महिलाएं खाने पीने की चीजें तैयार करती हैं और उनके बेटे या पति ये सामान बाहर बेचते हैं। कीमत काफी कम होती है, इसलिए माल बिक जाता है। 10 रुपए में पांच इडली बेचने वाली मारिया सिर पर बड़ी तपेली रखती जाती दिखीं। हाथ में एक थैला था, जिसमें तीन डिब्बे रखे थे। वो इडली और वड़ा सांभर बेचने के लिए निकली थीं। हमने रोका तो मुस्कुराते हुए कहने लगीं कि मैंने लॉकडाउन में भी चोरी-छुपे इडली-वडा बेचे क्योंकि घर में कुछ खाने को था ही नहीं। पैसों की बहुत जरूरत थी इसलिए प्लास्टिक की थैलियों में इडली-वड़ा भरकर ले जाती थी और धारावी की गलियों में ही बेच आती थी।
मारिया महीने का 25 से 30 हजार रुपए कमा लेती हैं। इस पैसे से उन्हें सिर्फ घर ही नहीं चलाना होता बल्कि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी करवानी होती है। धारावी में बड़ी संख्या में दक्षिण भारतीय भी रहते हैं जो इडली-सांभर और वड़ा-सांभर घर में तैयार कर बाहर बेचते हैं। इन्हीं संकरी गलियों में ढेरों स्मॉल स्केल बिजनेस भी चलते हैं। जैसे कोई परिवार मिट्टी के बर्तन बनाता है. तो कोई जूते, बैग सिलता है। कपड़ों की छोटी-छोटी फैक्ट्रियां भी यहां हैं। वे पूरी तरह से मार्केट के खुलने पर ही डिपेंड हैं। वर्क फ्रॉम होम का इन लोगों के पास कोई आप्शन नहीं। जिंदगी का गुजर-बसर करने के लिए जरूरी है कि या तो इन लोगों के पास ग्राहक आएं या फिर ये लोग ग्राहकों तक जाएं। पिछले पंद्रह-बीस दिनों में सभी ने अपने धंधे शुरू कर दिए लेकिन पहले की तरह ग्राहक नहीं आ रहे।
18:21

जानिए दिल को दुरुस्त रखने के 10 आसान टिप्स TNI

WHO की रिपोर्ट:tap news india deepak tiwari दुनिया में हर साल 20 लाख लोगों की मौत तम्बाकू से होने वाले हृदय रोगों से हो रही, एक्सपर्ट से जानिए दिल को दुरुस्त रखने के 10 आसान टिप्स
सिगरेट और तम्बाकू फेफड़े ही नहीं हार्ट भी डैमेज कर रहे हैं। तम्बाकू के कारण होने वाले हृदय रोगों से हर साल दुनियाभर में 20 लाख लोगों की मौत हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह आंकड़ा जारी किया है। रिपोर्ट कहती है, हृदय रोगों से होने वाली हर पांचवी मौत की वजह तम्बाकू है। साल दर साल इसके मामले बढ़ रहे हैं।
रिपोर्ट की 5 बड़ी बातें जो अलर्ट करती हैं
1. कोरोनरी हार्ट डिसीज में 20 फीसदी मौतों की वजह तम्बाकू
WHO की रिपोर्ट कहती है, कोरोनरी हार्ट डिसीज से होने वाली मौतों में से 20 फीसदी मौतें तम्बाकू के अधिक सेवन के कारण हो रही हैं। सिगरेट और तम्बाकू के कारण हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
2. तम्बाकू छोड़ते ही खतरा 50 फीसदी तक घट जाता है
वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के टोबैको एक्सपर्ट ग्रुप के हेड डॉ. एजुआर्डो बियांको का कहना है कि अगर आप तम्बाकू और सिगरेट छोड़ते हैं तो हृदय रोगों का खतरा 50 फीसदी तक घट जाता है। धुएं से दूर होते ही हृदय और फेफड़े में जमने वाले टार में कमी होने लगती है।
3. ई-सिगरेट भी है खतरनाक
कई लोग समझते हैं कि ई-सिगरेट से कोई खतरा नहीं है लेकिन यह गलत है। डॉ. एजुआर्डो के मुताबिक, ई-सिगरेट खतरनाक है। यह ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित कर देती है और इसके बढ़ने के साथ जान का जोखिम बढ़ता जाता है।
4. कोरोनाकाल में खतरा और भी ज्यादा
अब तक कई रिसर्च में भी साबित हो चुका है कि हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों से जूझ रहे लोग कोरोना के हाई रिस्क जोन में हैं। अगर ऐसे मरीजों में संक्रमण होता है तो मौत का खतरा ज्यादा है। WHO के सर्वे के मुताबिक, इटली में मरने वाले ज्यादातर लोग ब्लड प्रेशर या हृदय रोगों से जूझ रहे थे।
5. दूसरे की सिगरेट से कश लेने की गलतफहमी भी खतरनाक
WHO की रिपोर्ट कहती है, दुनियाभर में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है जो दिन में एक सिगरेट पीते हैं या किसी दूसरे की सिगरेट से कश लगाते हैं। इन्हें लगता है कि इससे खतरा कम हो जाता है। यह गलतफहमी है। यही वजह है कि हार्ट और लंग्स से जुड़ी बीमारियां युवाओं को कम उम्र में ही घेर रही हैं।
दिल को स्वस्थ रखने के 10 आसान तरीके
गेहूं की रोटी की जगह बाजरा, ज्वार या रागी अथवा इनका आटा मिलाकर बनाई रोटी खाएं। ब्रिटिशर्स के आने से पहले हम यही खाते थे। ये दिल के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। आम, केला, चीकू जैसे ज्यादा मीठे फल कम खाएं। इनके बजाय पपीता, कीवी, सेवफल, संतरा जैसे कम मीठे फल खाएं।
हर दिन चार किमी तेज चहलकदमी करें। यह इतनी तेज होनी चाहिए कि आप 30 से 35 मिनट में चार किमी कवर कर सकें। इसमें आपकी हार्ट रेट कम से कम सामान्य से डेढ़ गुनी होनी चाहिए। इससे पूरा कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम स्वस्थ रहेगा।
तली हुई और मीठी चीजों को भले ही पूरी तरह अवॉइड न करें, लेकिन कम जरूर करें। अगर आपने एक गुलाब जामुन खा लिया है तो फिर कम से कम एक सप्ताह तक और कोई मीठी चीज न खाएं या चाय में चीनी की मात्रा कम करके उसकी भरपाई करें।
सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट तक कसरत करें (वॉकिंग भी करेंगे तो और बेहतर रहेगा)। इससे वजन को काबू में कर सकेंगे। दिल की बीमारियों की एक बड़ी वजह मोटापा है। फिटनेस को इस स्तर पर लाने का प्रयास करें कि सीधे खड़े होने पर जब आप नीचे नजरें करें तो बेल्ट का बक्कल दिखे।
एक व्यक्ति का जो भी आदर्श वजन होना चाहिए, उससे 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो। 10 प्रतिशत से जितना ज्यादा वजन होगा, दिल की बीमारियां होने की आशंका उतनी ही बढ़ जाएगी। आदर्श वजन मास बॉडी इंडेक्स से निकाला जा सकता है।
धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें। लगातार धूम्रपान करने से उसका धुआं धमनियों की लाइनिंग को कमजोर करता है। इससे धमनियों में वसा के जमा होने की आशंका और भी बढ़ जाती है। इसी तरह अल्कोहल का कम से कम सेवन करें। छोड़ देंगे तो आपके लिए सबसे बेहतर रहेगा।
रोजाना रात को कम से कम 7 घंटे सोएं, 8 घंटे सोएंगे तो और बेहतर रहेगा। जल्दी सोएं और जल्दी उठें। रात 10 से सुबह 6 बजे तक सोने का आदर्श समय है। इससे शरीर नाइट साइकिल में बेहतर आराम कर सकेगा। दिल को भी पूरा आराम मिलेगा।
सभी तरह का खाना खा सकते हैं, लेकिन लिमिट में। जितनी भूख है, उससे 20 फीसदी कम खाएं। घर में वजन मापने की डिजिटल मशीन रखें। रोजाना सुबह के समय वजन चेक करें। अगर कल की तुलना में वजन ज्यादा है तो उसे आज ही खाने से या व्यायाम से मेंटेन करें। कल पर न छोड़ें।
अगर वॉकिंग या कसरत करने का समय नहीं मिल पा रहा है तो भी दूसरे तरीके से कैलोरी बर्न कर सकते हैं। रुटीन के दौरान हल्के-फुल्के व्यायाम करें। जैसे चाय बना रहे हैं तो उस समय 4-5 मिनट में हल्की-फुल्की वर्जिश कर लें।
अगर आपको एक-डेढ़ किमी दूर जाना है और आपके पास समय है (अधिकांश केवल खराब समय प्रबंधन के कारण ही समय नहीं निकाल पाते) तो पैदल ही जाइए और पैदल ही आइए। दिल के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। तीन मंजिल तक रहने वाले लोग पैदल ही सीढ़ियां चढ़ें और उतरें।
18:18

कारोबारी बोले- राजनेता तो कर रहे हैं सभाएं फिर हम दुकान क्यों नही खोल सकते :tap news india deepak tiwari

इंदौर.47 व्यापारिक संगठनों द्वारा शनिवार, रविवार को घोषित किए गए स्वैच्छिक लॉकडाउन को लेकर अब कारोबारी ही अपने संगठनों के खिलाफ होने लगे हैं। इसके चलते बाजार बंद को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। कारोबारियों ने एसोसिएशनों के खिलाफ सोशल मीडिया पर संदेश चलाने शुरू कर दिए हैं।
उनका कहना है कि जब केंद्र, मप्र शासन और जिला प्रशासन से बंद का कोई नोटिफिकेशन नहीं है तो फिर हम क्यों अपनी दुकान बंद करें? एक ओर तो राजनेता लगातार बिना मास्क के मंच पर बैठ रहे हैं और हजारों की संख्या में लोगों को बुलाकर सभाएं कर रहे हैं, दावतें दे रहे हैं, केवल बाजार वालों से कहा जा रहा है कि वह बंद करें। कारोबारियों का यह भी कहना है कि एसोसिएशन अपने स्तर पर ही कलेक्टर से बात करने पहुंच गई और स्वैच्छिक लॉकडाउन का फैसला ले लिया, इस संबंध में उन्होंने कारोबारियों के साथ कोई बैठक नहीं की, वैसे भी अब त्योहारी सीजन आ गया है।
लॉकडाउन के चलते बाजार बंद रहने से कई कारोबारी कर्ज में उतर गए हैं, इसलिए हम बाजार बंद नहीं करेंगे। वहीं अहिल्या चैंबर के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल का इस बारे में कहना है कि हम कारोबारियों से लगातार अपील कर रहे हैं। प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वह इस संबंध में कोई औपचारिक आदेश जारी कर दे। उधर, मालवा चैंबर द्वारा भी व्यापारियों से स्वैच्छिक लॉकडाउन के लिए अपील की जा रही है।
18:15

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए लगाई गई ये खास सुविधा जाने क्या TNI

भोपाल.भोपाल स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए नए तरह के पंखे लगाए गए हैं। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना जरूरी है। यह आम पंखों से तीन गुना बड़े 12 फीट व्यास वाले विशाल पंखे हैं। इनकी खासियत है कि इनसे हवा ज्यादा तो आती ही है, साथ ही आवाज बहुत कम होती है। ऐसे में दूर से भी अनाउंसमेंट आसानी से सुना जा सकेगा। अभी भोपाल स्टेशन पर इस तरह के दो पंखे लगाए गए हैं। इससे बिजली की खपत भी कम होगी।
शुरुआत में दो पंखे लगाए गए
भोपाल स्टेशन पर प्लेटफार्म- 6 की तरफ की नई बिल्डिंग में यात्रियों की सुविधाओं के लिए बुकिंग खिड़की के सामने हाल में यह लगाए गए हैं। इन पंखों की विशेषता यह होती है कि इनसे ज्यादा ठंडक होती है। इससे वातावरण की तुलना में 10 से 11 डिग्री के बीच तापमान में कमी आ जाती है। भोपाल डिविजन में यह पंखे पहली बार लगाए गए हैं। हालांकि लखनऊ और मुंबई में इस तरह के पंखों का उपयोग किया जा रहा है।
इस कारण इनका उपयोग किया गया
सोशल डिस्टेंसिंग के कारण यात्रियों को दूरी पर बैठना अनिवार्य
ज्यादा संख्या में आम पंखों से शोर ज्यादा होता है
बिजली की खपत को देखते हुए इनका उपयोग कारगर
आम पंखों की तुलना में इनका खर्च भी कम
गति कम होने से आवाज कम आती है, लेकिन हवा ज्यादा देते हैं
18:11

भोपाल में कोरोना मरीजों के लिए प्राइवेट डॉक्टर की सुविधा देने की योजना खटाई में tni

tap news india deepak tiwari 
भोपाल.भोपाल में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए डॉक्टरों द्वारा परामर्श दिए जाने की सुविधा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस योजना से जुड़े डॉक्टरों का कहना है कि जो कहा गया, वह आदेश में नहीं आया। ऐसे में तो किसी का इलाज करना चुनौती हो जाएगा। इलाके भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आदेश को दोबारा से सभी से बात करके स्पष्ट रूप से निकालना होगा। मुख्य सवाल है कि कौन क्या और कैसे करेगा? हालांकि कलेक्टर द्वारा दूसरे आदेश में साफ किया गया था कि डॉक्टरों को घर विजिट नहीं करना है।
एक दिन में दो मरीज देखने की बात कही थी
डॉक्टर जीडी तिवारी ने बताया कि ऑर्डर स्पष्ट नहीं है। मैंने सिर्फ दो मरीजों को घर जाकर देखने की अनुमति दी थी, लेकिन ऑर्डर में ऐसा कुछ नहीं लिखा। मरीज का घर खोजने से लेकर सुरक्षा के पूरा इंतजाम करके ही जाया जा सकता है। ऐसे में घर जाकर दो से ज्यादा मरीज देख पाना मुश्किल होगा। इसके अलावा हमने एक विजिट के 5 हजार रुपए फीस की बात कही थी, लेकिन ऑर्डर 750 रुपए का निकाला। फीस की तो कोई समस्या नहीं है, क्योंकि हमारी पहली प्राथमिकता मरीज को इलाज देना है, लेकिन डॉक्टरों की सहमति से ही ऑर्डर होना चाहिए। डॉक्टर बंसत श्रीवास्तव ने कहा कि घर पर विजिट करने की बात ही नहीं हुई है। सवाल यह उठता है कि यह सिस्टम कैसे काम करेगा।
सुविधा से ज्यादा परेशानी हुई
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जारी नंबरों के कारण भी लोग परेशान होते रहे। कुछ नंबर नेटवर्क कवरेज एरिया के बाहर थे, तो एक नंबर तो गलत तक जारी कर दिया। इसके कारण लोग परेशान होते रहे। कॉल लगने के बाद भी डॉक्टरों का कहना था कि घर जाकर देखने की सुविधा नहीं है।
यह सुविधा शुरू की
कलेक्टर भोपाल अविनाश लवानिया ने भोपाल में कोरोना पेशेंट के लिए निजी डॉक्टर उपलब्ध कराने की योजना शनिवार से शुरू की है। इसमें मेडिकल एसोसिएशन द्वारा डॉक्टरों के नंबर जारी किए गए हैं। होम आइसोलेशन वाले संक्रमित मरीज इन डॉक्टर को कॉल कर सकते हैं। परामर्श लेने के लिए मरीज को 750 रुपए फीस देना होगा। लोग चाहते तो यहां से भी मदद ले सकते हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा जारी नंबर
डॉक्टर का नाम मोबाइल नंबर
डॉ. सुदीप पाठक 9893837104
डॉ. गोपाल बटनी 9827055612
डॉ. हसमुख जैन 9425013786
डॉ. जी.डी. तिवारी 9425013786
डॉ. अतुल गुप्ता 9425674287
डॉ. मोहित सिक्का 9426178141
डॉ. राजीव मदन 9425302577
डॉ. बसंत श्रीवास्तव 9425018008
डॉ. नरेन्द्र चावलानी इनका नंबर गलत दिया
05:44

UP के प्राइवेट विद्यालय कर रहे है छात्रों के भविष्य के साथ मे खिलवाड़


बदायूँ आज सत्योदय शिक्षा निकेतन के विद्यालय के प्रवंधक सतेंद्र सिंह चौहान जी ने बताया कि उनके यहाँ पर एक नियमित छात्र विपेंद्र पुत्र श्री दुर्वेश जी नगला तैय्यत पुर का छात्र जो कि 2019 -2020 के हाई स्कूल के बोर्ड एग्जाम की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गया ओर इस छात्र पर विद्यालय का कुछ शुल्क भी बकाया है इस छात्र ने अपने अंक पत्र और टी सी विद्यालय से प्राप्त किया किये बगैर ही दूसरे विद्यालय अयोध्या प्रसाद विध्या पीठ विद्यालय में हाई स्कूल का प्रवेश लिया जबकि इस विद्यालय की मान्यता केवल कक्षा 8 तक है इस विद्यालय में इंटर तक कि कक्षाये लगाई जाती है ये विद्यालय कक्षा 9 से इंटर तक के छात्रों के लिए अन्य विद्यालय से अटेचमेंट फार्म भरवा देता है 
खबर ये भी है कि जिले में ओर भी विद्यालय इस प्रकार से संचालित है  ऐसा लगता है प्रशासन के अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए है ऐसे विद्यालय के वजह से छात्रों का भविष्य खतरे में है सरकार को ऐसे विद्यालय के खिलाफ उचित कार्यवाही करनी चाहिए
05:40

आदमी पार्टी की छात्र विंग CYSS ने गौतमबुद्ध नगर में की संगठन विस्तार व कार्यसमिति की बैठक

नोएडा / गौतमबुद्ध नगर में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई  प्रदेश सचिव वसीम भारती जी व जिला अध्य्क्ष मुजफ्फर चौधरी के नेतृत्व में संगठन विस्तार व कार्य समिति की मीटिंग का आयोजन हुआ ।
जिसमे गौतमबुद्ध नगर में आम आदमी पार्टी के संगठन व जिला पंचायत चुनाओ को लेकर विभिन्न  मुद्दो पर चर्चा की गई ।
 तथा गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से ऑक्सीमीटर अभियान चलाने की व दिल्ली मॉडल व दिल्ली के में हो रहे कार्यो को लेकर बात हुई ।
जिसमे आज के कार्यक्रम में गाजियाबाद के छात्र विंग जिला अध्य्क्ष आज़ाद अंसारी जी व गौतमबुद्ध नगर से आलम राजपूत, हरेन्द्र सिंह, कमल सिंह, सिद्धू सिंह, गौरव मिश्रा, मंजूर अली, टाईगर भाई,आदि लोग उपस्थित रहे ।
05:04

सेक्टर 14 शनि मंदिर के पास जरूरतमंदों को दीदी की रसोई टीम ने किया भोजन वितरण-गंगेश्वर दत्त शर्मा

नोएडा, शनिवार 26 सितंबर 2020 को कोरोना महामारी में जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दीदी की रसोई संस्था की टीम जिसमें वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रितु सिन्हा, भारती नेगी, मीना बाली, बालकृष्ण बाली, शारदा देवी, सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने सेक्टर 14 नोएडा शनि मंदिर के पास सैकड़ों जरूरतमंदों के बीच भोजन का वितरण किया और लोगों के बीच मास्क का वितरण भी किया गया।
उपरोक्त कार्य के लिए लोगों ने काफी प्रशंसा किया और पूरी टीम को धन्यवाद वयक्त किया।
05:02

उल्लेखनीय कार्य करने वाले सूचना कार्यकर्ताओं को मिलेगा सूचना कार्यकर्ता महासम्मान 2020

भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के तत्वावधान में सूचना अधिकार दिवस के अवसर पर दिनांक 12 अक्टूबर 2020  को जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित "' तृतीय प्रांतीय सूचना कार्यकर्ता सम्मेलन "' की तैयारियों की समीक्षा हेतु एक आवश्यक बैठक गूगल मीट एप के माध्यम से आयोजित की गई।

ऑनलाइन बैठक में विचार व्यक्त करते हुए भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के मुख्य प्रवर्तक हरि प्रताप सिंह राठोड़ एडवोकेट ने कहा कि कोविड 19 के दृष्टिगत शासन द्वारा निर्गत दिशा निर्देश का अनुपालन करते हुए सूचना कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।इस वर्ष कोविड 19 के प्रभाव के कारण अन्य जनपदों के सूचना कार्यकर्ताओं को सम्मेलन में नहीं बुलाया जायेगा बल्कि उन्हें सम्मेलन से ऑनलाइन जोड़ा जाएगा।सम्मेलन का विभिन्न मीडिया माध्यमों से सीधा प्रसारण किया जायेगा।सूचना कार्यकर्ता के रूप में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सूचना कार्यकर्ताओं को " सूचना कार्यकर्ता महा सम्मान 2020 " से सम्मानित किया जायेगा।सम्मेलन में सूचना का अधिकार, जनहित गारंटी कानून, नियम 24 एवं पंचायत राज व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उपायों पर विमर्श होगा साथ ही व्यवस्था सुधार मिशन को गति प्रदान करने की व्यापक रणनीति तैयार की जायेगी।सभी सूचना कार्यकर्ताओं को उपयोगी साहित्य भी वितरित किया जायेगा।

ऑनलाइन बैठक में प्रमुख रूप से कैप्टन राम सिंह, डाल भगवान सिंह,एम एल गुप्ता, डॉ रामरतन सिंह पटेल, रामगोपाल, एम एच् क़ादरी, अखिलेश सिंह, समीरुद्दीन एडवोकेट, अभय माहेश्वरी, असद अहमद ,रामलखन, नारद सिंह, आर्येन्दर पाल सिंह, अखिलेश सोलंकी , सतेन्द्र सिंह, महेश चंद्र, ज्ञानेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

Friday, 25 September 2020

17:27

deepak tiwari चुनाव का ऐलान होते ही जेल में कैद लालू के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट उठो बिहारी करो तैयारी जनता का शासन अबकी बारी

पटना.बिहार में चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक पार्टियों में हलचल तेज हो गई है। तारीखों का ऐलान होते ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट कर लिखा-"उठो बिहारी करो तैयारी, जनता का शासन अबकी बारी"। उन्होंने आगे लिखा-बिहार में बदलाव होगा, अफसर राज खत्म होगा, अब जनता का राज होगा। लालू यादव रांची के केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
बिहार में आगे किसका राज रहेगा यह तो जनता तय करेगी, लेकिन लालू के ट्विटर हैंडल से हो रही ट्वीट से यह साफ हो गया है कि राजद सुप्रीमो जेल से ही पार्टी की कमान संभाले रहेंगे। यह पहला चुनाव होगा जब लालू बिहार में मौजूद नहीं होंगे। ऐसे में पूरी जिम्मेदारी तेजस्वी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के कंधे पर होगी। लालू जेल से ही पार्टी को गाइड करेंगे।
तेजस्वी ने कहा-एनडीए का होगा सफाया, कांग्रेस बोली-कोरोना में चुनाव कराना बड़ा खतरा
नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हम बिहार के लोगों को आश्वासन देते हैं कि उन्हें इस सरकार से मुक्ति दिलाएंगे। इस चुनाव में जदयू कहीं नहीं है। हमारी सीधी टक्कर भाजपा से है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कोरोना काल में चुनाव पर सवाल खड़े किये हैं। उनका कहना है कि जब 70 देशों में चुनाव टाला जा सकता है तो बिहार में क्यों चुनाव कराया जा रहा है। कोरोना काल में चुनाव खतरे से खाली नहीं है।
भाजपा-रालोसपा ने किया स्वागत
भाजपा ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है। पार्टी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के साथ 200 प्रतिशत तैयार है। मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि भाजपा की बूथ स्तर पर तैयारी है। हमारी सरकार जनता के लिए समर्पित होगी। एनडीए पहले से भी ज्यादा सीट लेकर सत्ता में लौटेगी।
रालोसपा का कहना है कि कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के साथ शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो जाए। पार्टी प्रवक्ता भोला शर्मा ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हम पहले भी चुनाव का विरोध नहीं कर रहे थे।
12:06

आचार संहिता लागू होते ही हरकत में आया नगर निगम, उखाड़े जाने लगे बैनर-पोस्टर deepak tiwari

पटना.बिहार में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है। घोषणा के बाद राजधानी पटना में पोस्टर बैनर को हटाने का काम चालू हो गया। आचार संहिता लागू होते ही शुक्रवार को शहर के प्रमुख चौक चौराहे से बैनर पोस्टर हटाए गए। डाकबंगला से लेकर आयकर गोलंबर और कई जगहों के पोस्टर-बैनर नगर निगम ने उखाड़ फेंके। इस दौरान चुनाव की तारीख के ऐलान से सड़क पर किसान बिल को लेकर आंदोलन कर रहे राजद के नेता और कायर्कर्ता पार्टी कार्यालय भागे तो वहीं अन्य पार्टी कार्यालयों में भी चुनावी समर की तैयारियां शुरू हो गईं।
ऐलान के साथ चुनावी रणनीति पर होने लगा काम
तीन चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद पार्टी कार्यालयों में गहमागहमी दिखी।कांग्रेस कार्यालय पर शुक्रवार को पार्टी कायकर्ताओं के साथ टिकट के दावेदारों की भीड़ दिखी तो वहीं बीजेपी कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि किसी भी कार्यालय में कोई बड़े नेता नहीं दिखाई पड़े लेकिन चुनावी रणनीति की हर जगह चर्चा रही।कार्यकर्ता जीत की चुनावी समीकरण समझने में जुटे रहे। राजद कार्यालय में भीड़ रही क्योंकि शुक्रवार को किसान बिल को रैली में कई विधानसभा क्षेत्रों से
कार्यकर्ता पटना पहुंचे थे।जेडीयू में भीड़ रही और चुनाव की घोषणा के बाद कार्यकर्ता काफी उत्साहित दिखे
08:55

किसानों के भारत बंद को मिला आम आदमी पार्टी का साथ deepk tiwari

नई दिल्ली -हाल ही में सदन से पास हुए किसान बिल को लेकर देशभर में शुक्रवार को किसानों ने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब और हरियाणा में बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। किसान सुबह ही सड़क और रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जगह-जगह चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन किया। यहां पूरे दिन बाजार बंद रहा। दिल्ली बॉर्डर और पश्चिमी यूपी में किसान प्रदर्शन के लिए सड़कों पर तो निकले लेकिन बंद का मिला जुला ही असर रहा। वे दोपहर बाद घर लौट गए। इसके अलावा पूरे भारत मे आम आदमी पार्टी ने किसानों के भारत बंद का सहयोग किया पार्टी कार्यकर्ता जगह जगह किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरे जिसके तहत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस ने आप नेताओ को गिरफ्तार कर लिया इसके अलावा पंजाब के मानसा में किसानों के आंदोलन का असर साफ दिखता है। आज पूरे शहर का बाज़ार बंद है सिर्फ केमिस्ट की कुछ दुकानें ही खुली हैं।
पंजाब के मानसा में किसानों के आंदोलन का असर साफ दिखता है। आज पूरे शहर का बाज़ार बंद है सिर्फ केमिस्ट की कुछ दुकानें ही खुली हैं।
पंजाब के मानसा शहर में भारत बंद का असर साफ नजर आ रहा है। सिर्फ सड़कें ही नहीं रेल की पटरियां तक किसानों के आक्रोश की गवाही दे रही हैं। पंजाब के अलग-अलग 31 किसान संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया है। इसमें सबसे प्रमुख भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) जो इस आंदोलन का यहां नेतृत्व कर रही है।
किसानों ने कल से ही रेलवे ट्रैक पर कब्जा किया हुआ है। सारी ट्रेन बंद कर दी गई हैं।
पंजाब के कई लोक कलाकारों ने भी किसानों का समर्थन किया है। जहां दलजीत दोसांज जैसे बड़े गायकों ने किसानों के समर्थन में सोशल मीडिया पर आवाज उठाई है वहीं, सिद्धू मूसेवाला जैसे गायक किसानों के समर्थन में सड़क तक उतर आए हैं।
किसानों को सिर्फ लेफ्ट पार्टियों का ही नहीं बल्कि अकाली दल जैसी राइट विंग पार्टियों का भी समर्थन मिल रहा है। पंजाब में भाजपा के अलावा अन्य सभी पार्टियों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया है। पंजाब बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी किसानों के समर्थन में आंदोलन में शामिल हुए हैं।
पंजाब-सिरसा हाईवे पूरी तरह से जाम है। हजारों की संख्या में किसान यहां इक्ट्ठा हुए हैं। इन किसानों को पंजाबी लोक कलाकारों का भी समर्थन मिल रहा है। अभी-अभी पंजाबी कलाकार सिद्धू मूसेवाला यहां किसानों के समर्थन के लिए आए हुए हैं। वे किसानों को संबोधित कर रहे हैं।
केंद्र सरकार में सहयोगी अकाली दल खुद ही सड़कें जाम तो कर रही है, लेकिन किसानों का उन पर विश्वास अब कम ही दिखता है।
मानसा जिले के कैंचियां इलाके में अकाली दल ने ही रोड ब्लॉक की है। अकाली दल के झंडे तले कम ही किसान नजर आ रहे हैं। किसानों की सबसे ज्यादा संख्या भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) के जत्थों में ही दिखाई दे रही है। ज्यादातर किसान राजनीतिक दलों को अपने प्रदर्शनों से दूर रखते हुए सिर्फ किसान यूनियनों के झंडों के साथ ही सड़कों पर हैं।
शाम पांच बजे के बाद प्रदर्शनकारी अपने घर के लिए निकल गए। कुछ दुकानें अब खुलने लगी हैं लेकिन अधिकांश बाजार अब तक बंद है। किसान यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि बंद का उनका आह्वान पूरी तरह सफल रहा और सिर्फ किसानों का ही नहीं बल्कि हर वर्ग का समर्थन उन्हें इस बंद के दौरान मिला।
संसद का काम खत्म, सड़क का काम शुरू: योगेंद्र यादव
यहां किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी शामिल हुए। भास्कर रिपोर्टर राहुल कोटियाल के साथ विशेष बातचीत में योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री कहते हैं कि हमारे दरवाजे किसानों के लिए हमेशा खुले हैं लेकिन, उन्होंने तो विधेयक लाकर पहले ही ताला लगा दिया। उन्होंने बिल को पास करने से पहले किसी किसान बात नहीं की, यहां तक कि अपने सहयोगी अकाली दल और आरएसएस से जुड़े किसान संगठनों से भी बात नहीं की। क्योंकि इन्हें पता था कि इनका कोई साथ नहीं देगा, ये काम चोर दरवाजे से ही किया जा सकता है।
आगे की रणनीति को लेकर योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान जानता है कि सरकार का अहंकार कैसे तोड़ा जाता है। अब तो कानून बन गया, संसद का काम खत्म हो गया। अब सड़क का काम शुरू हो गया है, सड़क पर विरोध होगा और सरकार को घुटने पर लाएंगे। 27 सितंबर को हम इसको लेकर बैठक करने वाले हैं।

दिल्ली बॉर्डर से लाइव रिपोर्ट...
दिल्ली यूपी सीमा बॉर्डर पर सुबह से ही पुलिस की सरगर्मी देखी गई। कृषि बिल के विरोध में भारतीय किसान यूनियन की तरफ से यहां प्रदर्शन बुलाया गया है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर नोएडा गेट के आगे दोनों सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हैं। वे लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नोएडा के आसपास के इलाकों से ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली-नोएडा सड़क पर दोपहर की तीखी धूप में प्रदर्शनकारी किसान बीच सड़क पर बैठे हुए हैं। नोएडा के आसपास के इलाकों से ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर आए करीब पांच सौ किसान 'मोदी सरकार मुर्दाबाद', 'किसान बिल वापिस लो जैसे नारे लगा रहे हैं।

 नोएडा मे श्रमिक विकास संगठन SVS ने जिला अध्यक्ष रामजी पांडे SVS  कार्यकर्ताओ के साथ किसानों के समर्थन में डटे रहे और किसानों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया ।मजदूर नेता रामजी पांडे ने कहा कि मैं भी एक किसान का बेटा हूँ इस नाते किसानों का दर्द महसूस किया है उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने मनमाने काले कानूनों से किसानों मजदूरों को गुलाम बनाने की कोई कोर कसर नही छोड़ी है इस लिए मजबूर होकर हमे सड़को पर उतरना पड़ रहा है अगर सरकार अभी भी नींद से नही जागी तो यह आंदोलन रुकने वाला नही है।आंदोलन स्थल पर  भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस बल के साथ-साथ वाटर कैनन की भी व्यवस्था प्रशासन ने की है। लेकिन  प्रदर्शन शांति पूर्वक रहा हालांकि किसान
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसानों ने सड़क जाम कर दिया है। वे नारेबाजी कर रहे हैं।
जेवर से यहां आए हरिनारायण कहते हैं, 'सरकार को ये कानून बनाना चाहिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद नहीं होगी। इतना करने में क्या जाता है? ये बड़े-बड़े व्यापारी हम किसानों से सस्ते पर खरीद लेंगे। हमने इस देश को पाला है और आज हम किसान ही सड़क पर हैं।'
दोपहर बाद के 2 बजे हैं। अब यहां से प्रदर्शन करने वाले किसान वापस लौट रहे हैं। दिल्ली-नोएडा हाईवे जो अब तक बंद था वो फिर से शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस भी यहां से लौट रही है।
पश्चिमी यूपी से लाइव...
किसानों के भारत बंद में भारतीय किसान यूनियन भी शामिल है। लेकिन सुबह 12 बजे तक मुजफ्फरनगर जिले में बंद का असर नजर नहीं आ रहा है। सड़कों पर ट्रैफिक पहले की तरह चल रहा है। बाजार खुले हुए हैं। लोगों में चहल पहल है। लेकिन प्रदर्शन करते किसान नजर नहीं आ रहे हैं। किसान यूनियन के नेताओं ने हमें बताया था कि आज कम से कम 25 जगह प्रदर्शन होना है। मुझे अभी वो प्रदर्शन नहीं दिखा है। उत्तर प्रदेश के इस इलाके में किसानों में ऐसा रोष भी नहीं है जैसा हरियाणा और पंजाब के किसानों में हैं।
अब दोपहर 12 बजे के बाद धीरे-धीरे यहां भी किसान आंदोलन के लिए इकट्ठे हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता बिल के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर से सहारनपुर की ओर जाने वाले हाईवे पर जगह-जगह किसान सड़कों पर बैठे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। यहां किसानों ने हाईवे को जाम करने की कोशिश भी नहीं की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का असर हरियाणा और पंजाब जैसा नहीं दिख रहा है, इसके जवाब में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष और महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे राकेश टिकैत कहते हैं, 'जिस तरह हरियाणा और पंजाब में किसान मंडियों पर निर्भर है उस तरह यहां किसान मंडियों पर निर्भर नहीं है क्योंकि इस इलाके में अधिकतर किसान गन्ने की खेती करते हैं। उन्होंने कहा लेकिन यहां के किसान पंजाब और हरियाणा के किसानों के साथ है और किसानों के भारत बंद में हिस्सा ले रहे हैं।'
टिकैत जगह जगह घूम कर किसानों को संबोधित कर रहे हैं और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे विधायकों के बारे में बता रहे हैं। उनका कहना है कि इन विधायकों के क़ानून बनने के बाद मंडी व्यवस्था कमज़ोर हो जाएगी और ये किसानों के हित में नहीं होगा।
किसानों के साथ ही आम आदमी पार्टी के नेता भी यहां प्रोटेस्ट कर रहे हैं।
यहां पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। जगह जगह पुलिस रूट डायवर्ट कर रही है ताकि आंदोलन का असर हाईवे की ट्रैफिक पर न हो। किसानों के साथ ही आम आदमी पार्टी ओर से भी यहां प्रोटेस्ट किया जा रहा है। पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रोहन त्यागी का कहना है कि जब तक किसानों का संघर्ष चलेगा आम आदमी पार्टी उनके साथ रहेगी। 
08:21

भोपाल में कोरोना का दर्द:मां का शव लेकर बेटी भटकती रही deepak tiwari

भोपाल.भोपाल के जयप्रकाश अस्पताल (जेपी 1250) में कोरोना संक्रमित एक महिला की मौत के बाद उनकी बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि अपने चाचा के साथ वह मां का शव लेकर भटकती रही। पहले तो इलाज में देरी की गई। ऑक्सीजन सप्लाई सही से नहीं हुई। वह अस्पताल-अस्पताल कलेक्टर और मंत्री के दरवाजे तक खटखटा आई, लेकिन मदद नहीं मिली। मौत के बाद भी उसकी मां को सुकून नहीं मिला और उन्हें यूं ही छोड़ दिया गया। परिजनों ने ही रात में शव को मोर्चरी में रखा। अस्पताल प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया।
कोलार निवासी प्रियंका ने बताया कि 43 साल की मां संतोष भोपाल कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक कोटरा सुल्तानाबाद ब्रांच में कार्यरत थीं। पिता की 8 साल पहले मौत के बाद मां को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह 14 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव हुई थीं। दो प्राइवेट अस्पतालों में उनसे 50-50 हजार महज 18 घंटे के अंदर ले लिए गए, लेकिन इलाज अच्छे से नहीं किया गया। मजबूर होकर मैं अपनी मां को एंबुलेंस में बिठाकर करीब 13 घंटे तक शहर में इधर से उधर घूमती रही, लेकिन कहीं भी उनकी मां को भर्ती नहीं किया गया।
उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाई, तब जाकर जेपी अस्पताल में मां को भर्ती किया गया, लेकिन भर्ती करने के अलावा उनका किसी तरह का इलाज नहीं किया गया। मैं दिन भर अस्पताल के बाहर रहती थी। जरूरत पड़ने पर आईसीयू में जाकर मां की मदद करती थी। खाना-पीना भी उनकी तरफ से ही दिया जाता था। प्रियंका ने आरोप लगाया कि गुरुवार रात मां की मौत हो गई उसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब तुम शव को ले जाओ। उन्होंने ना तो मां को पीपीई किट पहनाई और ना ही वार्डबॉय तक दिया। रात को वह अपने चाचा के साथ मां को आईसीयू बेड पर लेकर स्ट्रेचर तक लाए।
खुद ही परिजन बेड के साथ ही संतोष के शव को मोर्चरी में रखा।
स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से भी मिली
प्रियंका ने बताया कि इलाज में लापरवाही को देखते हुए वह मंत्री विश्वास सारंग से भी मिलने गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह दिखाते हैं, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। मां को काफी तकलीफ होती रही थी। शाम 4:00 बजे मां से मिली थीं। उस दौरान वे ठीक लग रही थीं। उन्होंने बताया कि बीच-बीच में ऑक्सीजन नहीं मिलती है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन उनसे ही ऑक्सीजन के सिलेंडर भी यहां से वहां रखवाया गया।
मदद नहीं मिलने के कारण परिजनों को बेड को ही बाहर ले जाना पड़ा।
मदद नहीं मिलने के कारण परिजनों को बेड को ही बाहर ले जाना पड़ा।
अस्पताल प्रबंधन का जवाब नहीं आया
इस संबंध में जेपी के सिविल सर्जन आरके तिवारी से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने न तो फोन रिसीव किया और नह एमएमएस का जवाब दिया।
भोपाल में आज 297 कोरोना केस
शुक्रवार को राजधानी में 297 कोरोना के नए मरीज मिले। इसके बाद भोपाल में कोरोना केस की संख्या 17486 केस हो गए हैं। अब तक 389 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। चार इमली से 2, इब्राहिमगंज से एक, जहांगीराबाद में 1, बैरागढ़ थाने से 1, ईएमई सेंटर से 8, 25वीं बटालियन से 7 मरीज संक्रमित मिले।
07:22

जोड़ों में सूजन-दर्द एसिडिटी और गैस दूर करता है तांबे के बर्तन में रखा पानी deepak tiwari

जोड़ों में सूजन-दर्द,  deepak tiwari एसिडिटी और गैस दूर करता है तांबे के बर्तन में रखा पानी, ताम्रपात्र में 8 घंटे पानी रखने के बाद ही इसे पिएं तभी अधिक फायदे मिलते हैं
आयुर्वेद में कहा गया है कि तांबे के बर्तन में रखा गया पानी शरीर के तीनों दोषों- वात, कफ और पित्त को संतुलित करता है। ऐसे पानी को ‘ताम्रजल’ कहा जाता है। तांबे के बर्तन में कम से कम आठ घंटे रखने के बाद ही पीना चाहिए, तभी इसके अधिक फायदे मिलते हैं। दिन में दो या तीन बार भी इसका पानी पीता पर्याप्त है। बाक़ी समय सादा पानी पिया जा सकता है। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल की क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अदिति शर्मा बता रही हैं इसके क्या फायदे हैं...
तांबे के बर्तन में रखे पानी के 4 बड़े फायदे
1. डायरिया, पेचिस ओर पीलिया से बचाता है
तांबे में ओलिगो डायनेमिक गुण होते हैं, जिसके कारण यह बैक्टीरिया, ख़ासतौर पर ई-कोलाई और एस ऑरेस को नष्ट कर देता है। ये दोनों जीवाणु आमतौर पर पर्यावरण में पाए जाते हैं। ये डायरिया, पेचिश, पीलिया जैसी पानी से होने वाली बीमारियों की बड़ी वजह हैं। तांबे का पानी पीने से इनसे बचाव होता है।
2. जोड़ों में सूजन और दर्द से आराम दिलाता है
आर्थराइटिस और जोड़ों में सूजन तांबे में सूजनरोधी गुण भी होते हैं। यह अर्थराइटिस (गठिया वात) और रुमेटाइड अर्थराइटिस से होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन में आराम देता है। तांबा हड्डियों और इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है, इसलिए इन रोगों के मरीज़ों के लिए और भी फ़ायदेमंद है, जो हडि्डयों से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
3. एसिडिटी, गैस दूर करता और किडनी स्वस्थ रखता है
एक ही जगह पर कई घंटों तक बैठे रहने से एसिडिटी, गैस और अपच आम दिक़्क़तें बन गई हैं। तांबा भोजन के हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट करने और पेट की सूजन दूर करने में मदद करता है। यह पेट के अल्सर, अपच और संक्रमण से भी बचाता है और पेट साफ़ करता है। यह लिवर और किडनी के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाता है। शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और पोषक तत्वों को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है।
4. यह गिरती मेमोरी को भी कंट्रोल करता है
आयुर्वेद कहता है, जो लोग घटती याददाश्त की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना चाहिए। यह मस्तिष्क को उत्तेजित करता है और भूलने जैसी समस्याओं से बचाता है।
पानी में अवशोषित हो जाता है तांबा
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि रोज़ाना एक लीटर पानी में 2 मि.ग्रा. तक तांबे का सेवन शरीर के लिए अच्छा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, तांबे के बर्तन में कई घंटों तक रखा गया पानी तांबे का एक हिस्सा अवशोषित कर लेता है। यह पानी कई तरह से फायदा पहुंचाता है।
कैसे चुनें असली तांबा
चुंबक की मदद से तांबे की शुद्धता की पहचान सकते हैं। तांबे के लोटे, गिलास या बोतल पर चुंबक लगाकर देखें। यदि यह चिपक जाता है तो तांबा मिलावटी है। असली तांबे का रंग गुलाबी-नारंगी होता है। यदि तांबे का लोटा या बोतल आपके पास पहले से है तो उस पर नींबू रगड़ें और फिर पानी से साफ़ कर लें। अगर इन पर गुलाबी और चमकीला रंग दिखता है तो तांबा शुद्ध है।
ऐसे करें तांबे के बर्तन की सफाई
ऐसे बर्तन के भीतरी हिस्से को स्क्रब से रगड़कर साफ करें। बेहतर तरीक़ा है कि इसे नींबू से रगड़कर साफ़ किया जाए। रगड़कर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लेंं। तांबे के बर्तन को साफ़ करने के लिए बेकिंग सोडे का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
02:19

अखिल भारतीय किसान सभा ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन- डॉ रुपेश वर्मा


ग्रेटर नोएडा, ठेका खेती लाने, जमीन कारपोरेट्स के हवाले करने, मंडी और एम एस पी खत्म करने के लिए भाजपा की मोदी सरकार ने लोकसभा में बहुमत के दम पर जबरदस्ती किसान विरोधी तीन बिलों को पास कराने के विरोध में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, भारत बंद, धरना प्रदर्शन के आवाहन पर शुक्रवार 25 सितंबर 2020 को अखिल भारतीय किसान सभा गौतम बुध नगर के कार्यकर्ताओं किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन देकर किसान विरोधी काले कानूनों को वापस लेने की मांग किया साथ ही ज्ञापन में जनपद के किसानों की आबादियों की लीज बैक, आबादियों के विवादों का निस्तारण, 10% भू-खंड देने आदि लंबित समस्याओें/ मांगो के शीघ्र समाधान का करवाने की मांग पर सरकार से की गई।
किसानों के आंदोलन का सीटू मजदूर संगठन ने समर्थन करते हुए किसानों के आंदोलन में सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला सचिव विनोद कुमार, मुकेश कुमार राघव,भरत डेंजर आदि ने हिस्सा लिया।
जिलाधिकारी कार्यालय पर हुए धरना प्रदर्शन का नेतृत्व/ संबोधन वरिष्ठ किसान नेता डॉ रुपेश वर्मा, वीर सिंह नागर, सूबेदार ब्रह्मपाल सिंह, दीपचंद खारी, हरेंद्र खारी, वीर सिंह इंजीनियर, गजेंद्र सिंह खारी, नरेंद्र भाटी, वीरसैन नगर, जगबीर नंबरदार, महेंद्र नागर, सल्मू सैफी, करण सिंह सैनी, अजी पाल भाटी, अजब सिंह नगर आदि ने किया।

01:40

मतदान दलों का अन्तिम प्रशिक्षण 27 सितंबर को

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चन्द्रशेखर शर्मा।सवाई माधोपुर जिले में बामनवास की 38 और सवाईमाधोपुर की 3 ग्राम पंचायतो में 28 सितम्बर को होने वाले मतदान के लिये मतदान दल 27 सितम्बर को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, साहूनगर सवाई माधोपुर में अन्तिम प्रशिक्षण प्राप्त कर मतदान केन्द्रों के लिये  रवाना होंगे।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी भवानी सिंह पंवार ने बताया कि मतदान दल क्रमांक 1 से 54 तथा 177 से 196 तक के कार्मिकों को सुबह साढे 8 बजे से साढे 10 बजे तक प्रशिक्षण दिया जायेगा। क्रमांक 55 से 110 तथा 197 से 216 तक को सुबह 11 से बजे से दोपहर 12 बजे तक, क्रमांक 111 से 165 को अपरान्ह साढे 12 बजे से ढेड बजे तक तथा क्रमांक 166 से 176 तथा 217 से 226 तक के मतदान कार्मिकों को अपरान्ह 2 बजे से 3 बजे तक प्रशिक्षण दिया जायेगा।
01:38

अभियान चलाकर राजकीय स्कूलों के खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चन्द्रशेखर शर्मा। सम्भागीय आयुक्त पीसी बेरवाल ने सभी उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार से सर्वे करवा कर सरकारी स्कूलों के खेल मैदान के लिये आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण पाये जाने पर इसे हटवायें तथा मनरेगा या अन्य योजना में इनकी चारदीवारी निर्माण के प्रस्ताव जिला परिषद को भेजें।
सम्भागीय आयुक्त ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। जनसुनवाई में लाडोता के ग्रामीणों ने खेल मैदान पर अतिक्रमण का मामला रखा था। रावल के ग्रामीणों ने बताया कि एएनएम औसतन 1 माह में 1 बार भी गांव में नहीं आती है जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण नहीं हो रहा, न ही कोरोना बचाव के उपायों की जानकारी मिल रही है। इस पर सम्भागीय आयुक्त ने सीएमएचओ को जॉंच कर दोषी पाये जाने पर एएनएम के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
जनसुनवाई में सवाईमाधोपुर नगरपरिषद द्वारा  वरिष्ठ नागरिक के पट्टे के आवेदन को लटकाने की शिकायत सामने आयी। इस पर सम्भागीय आयुक्त ने नगरपरिषद आयुक्त रविन्द्र यादव को नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें रिपोर्ट देने के निर्देश दिये।
जनसुनवाई में बडी संख्या में निजी भूमि पर लठैतों द्वारा कब्जे करने के मामले आये। इस पर सम्भागीय आयुक्त ने उपयुक्त पुलिस जॉंच करवाने का आश्वासन दिया। बिजली बिल कम करवाने और बिजली बिल जमा करवाने के तारीख बढवाने की मांग पर उन्होंने जेवीवीएनएल के अधीक्षण अभियन्ता को खराब मीटर बदलने तथा आंशिक बिल जमा करने के निर्देश दिये।
सम्भागीय आयुक्त ने झूलते विद्युत तारों की मरम्मत या रिप्लेसमेंट करने के निर्देश दिये। मुही में सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग पर जॉंच कर कार्रवाई करने, पालनहार, छात्रवृत्ति योजनाओं में लाभार्थी के बैंक खाते में समय पर राशि जमा करवाने के भी निर्देश दिये।
जनसुनवाई में जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया, एडीएम बी.एस. पंवार, जिला परिषद सीईओ सुरेश कुमार, एसीईओ रामचन्द्र मीणा, सवाईमाधोपुर एसडीएम कपिल शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
01:36

नो मास्क-नो एंट्री जागरूकता बैनर का विमोचन

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चन्द्रशेखर शर्मा । सम्भागीय आयुक्त पीसी बेरवाल और  जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कोरोना जागरूकता अभियान की समीक्षा की तथा ‘‘नो मास्क-नो एंट्री’’ बैनर का विमोचन किया। सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी के निर्देश पर ये बैनर प्रकाशित करवाये गये हैं।
सम्भागीय आयुक्त ने निर्देश दिये कि सवाईमाधोपुर और गंगापुर सिटी नगरपरिषद आयुक्त कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से निरन्तर कोरोना जागरूकता संदेशों का प्रसारण करें। उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना की दवा या वैक्सीन नहीं आ जाती, मास्क, 2 गज दूरी और अन्य सावधानियॉं ही इसकी दवा और वैक्सीन है। इस संदेश को जन-जन, गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचाने के लिये कोरोना जागरूकता अभियान का नवीन चरण जिले में चलाया जा रहा है।
जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया ने सम्भागीय आयुक्त को कोरोना जागरूकता के लिये जिले में किये कार्यों की जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि प्रत्येक राजकीय कार्यालय में एंट्री प्वाइंट पर नो मास्क नो एंट्री के पोस्टर लगाये जा  रहे हैं। इसके अतिरिक्त मुख्य द्वारा पर इसे पंेट करवाने के भी निर्देश दिये गये हैं।
उन्होंने सूचना केन्द्र में लगाई गई जागरूकता प्रदर्शनी, राजस्थान सतर्क है-मैं सतर्क हूं सेल्फी अभियान, लाउडस्पीकर, पैम्फलेट, पोस्टर, होर्डिंग, कोरोना जागरूकता बाइक रैली, जागरूकता शपथ  आदि के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि कुछ लोग बार-बार समझाने पर भी मास्क नहीं लगा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ चालान आदि कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। बैठक और विमोचन कार्यक्रम में एडीएम बी.एस. पंवार, जिला परिषद सीईओ सुरेश कुमार, एसीईओ रामचन्द्र मीणा, सवाईमाधोपुर एसडीएम कपिल शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
01:33

विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर दिए निर्देश

सवाई माधोपर@रिपोर्ट चन्द्रशेखर शर्मा। जिले के 2 दिवसीय दौरे के अंतिम दिन गुरूवार को भरतपुर सम्भागीय आयुक्त पी.सी.बेरवाल ने कोरोना नियंत्रण और उपचार, 41 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच चुनाव की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था एवं केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीणा ने बताया कि वर्तमान में जिले में कोविड के 78 एक्टिव केस हैं। इनमें से 7 अस्पताल में भर्ती हैं। इन 7 में से 1 को ही आईसीयू  में रखा गया है। 71 पॉजिटिव होम आइसोलेशन में हैं। स्थानीय चिकित्सक और पेरा मेडिकल स्टाफ होम आइसोलेशन वाले सभी पॉजिटिव से रोजाना स्वास्थ्य फीडबैक ले रहे हैं। किसी की तबीयत ज्यादा खराब है या उसकी इच्छा है तो तत्काल एम्बुलेंस भेजकर उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है।
सम्भागीय आयुक्त ने बैठक के दौरान ही कुछ मरीजों और उनके परिजनों से मोबाइल पर बात कर उनसे चिकित्सा विभाग की व्यवस्थाओं का फीडबेक लिया। सभी ने स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा विभाग के प्रयासों की सराहना की। सम्भागीय आयुक्त ने उन्हें चिकित्सकीय सुझाव की पूर्ण पालना करने तथा तनाव न लेने की सलाह दी तथा सभी पॉजिटिव के जल्द ठीक होने की कामना  की। उन्होंने सैम्पलिंग बढाने तथा निजी अस्पताल प्रबंधन से इस सम्बंध में टाई अप कर वहॉं आ रहे खांसी, जुकाम, बुखार के सभी मरीजों की कोरोना जॉंच के निर्देश दिये। उन्होंने 181 हैल्पलाइन तथा इससे सम्बंधित जिला वार रूम पर कोरोना के सम्बंध में आयी सूचनाओं, शिकायतों की समीक्षा कर निर्देश दिये कि कॉल आने के 10-15 मिनट में परिवादी को राहत मिल जानी चाहिये। इसे मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत खुद मॉनिटर कर रहे हैं।
सम्भागीय आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करवाने के निर्देश दिये। 2011-12 में स्वीकृत कुछ ग्रामीण आवास अभी तक पूर्ण नहीं हुये हैं। इनका निर्माण जल्द पूर्ण करवाने या कार्य निरस्त करने के निर्देश दिये।
जिले में मनरेगा में स्वीकृत कार्य और श्रमिकों की संख्या बढाने, मेट पद पर महिला श्रमिक को प्राथमिकता देने तथा नियमित अन्तराल पर मेट को निरन्तर  बदलने के निर्देश दिये।
सभी उपखण्ड अधिकारियों को ई-मित्र केन्द्रों , राशन की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिये।
जिले में वर्ष 2012 की प्राथमिकता सूची के अनुसार 996 कृषि विद्युत कनेक्शन देने थे । इनमें से 526 कनेक्शन ही हुये हैं। सम्भागीय आयुक्त ने शेष किसानों के मोबाइल पर डिमांड नोटिस की सूचना भेजने के निर्देश दिये ताकि वे समय पर इसे जमा करवायें तथा रबी में सिंचाई का लाभ ले सके।
सम्भागीय आयुक्त ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क चिकित्सा योजना की प्रगति की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में प्रत्येक पात्र को लाभान्वित करवाने के निर्देश नगरपरिषद आयुक्त को दिये
जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया ने अमृत योजना में गंगापुर सिटी और सवाईमाधोपुर में स्वीकृत कार्य जल्द पूर्ण करने, जल जीवन मिशन के कार्यो की प्रगति बढाने, विकास पथ मय नाली निर्माण पूर्ण गुणवत्ता से करने के निर्देश दिये।  बैठक में एडीएम बी.एस. पंवार, जिला परिषद सीईओ सुरेश कुमार, एसीईओ रामचन्द्र मीणा, सवाईमाधोपुर एसडीएम कपिल शर्मा, सीएमएचओ डॉ तेजराम मीना व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
01:31

संभागीय आयुक्त ने किया सामान्य चिकित्सालय का औचक निरीक्षण

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चन्द्रशेखर शर्मा । संम्भागीय आयुक्त पी सी बेरवाल ने गुरूवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तथा चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सामान्य चिकित्सालय स्थित डेडिकेटेड कोविड वार्ड की व्यवस्थाओं को जॉंचा। इसके बाद जिला अस्पताल के अन्य वार्डों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं के हाल जाने , मरीजों ,उनके अटैंडेंट्स और चिकित्सकों से फीडबैक लिया।
जिला अस्पताल के डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर में वर्तमान में 7 पॉजिटिव भर्ती हैं। सम्भागीय आयुक्त ने इनको दी जा रही चिकित्सा की जानकारी ली। उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था सुधारने, मुख्यमंत्री निःशुल्क जॉंच योजना में लैब रिपोर्ट समय पर मरीज को देने तथा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में समीक्षा कर व्यवस्थाआंें को और अधिक बेहतर बनाने निर्देश दिये।
निरीक्षण के दौरान कुछ व्यक्ति बिना मास्क परिसर में घूमते पाये गये। इस पर उन्होंने पीएमओ डॉ. बी. एल. मीणा को निर्देश दिये कि कुछ गार्डो की इस बाबत ड्यूटी लगवायें तथा चालान कटवायें। उन्होंने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क चिकित्सा योजना, अस्पताल की मेडिकल रिलीफ सोसायटी के कार्यों की जॉंच, समीक्षा की। विभिन्न वार्डों का दौरा कर मरीजों से हालचाल जाने तथा पूछा कि क्या कोई दवा बाहर से लानी पड रही है। इस पर सभी ने बताया कि सभी दवायें अस्पताल से ही निःशुल्क मिल रही हैं।