Tap news india

Hindi news ,today news,local news in india

Breaking news

गूगल सर्च इंजन

Showing posts with label मध्य प्रदेश. Show all posts
Showing posts with label मध्य प्रदेश. Show all posts

Saturday, 28 November 2020

01:36

अब सब्जियों का भी एमएसपी:deepak tiwari

मध्य प्रदेश सरकार सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन दिन पहले इसकी घोषणा करते हुए उद्यानिकी विभाग के अफसरों को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे। विभाग ने भिंडी, लौकी, गोभी, टमाटर सहित 12 सब्जियों को इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि केंद्रीय कृषि कानून लागू होने के बाद मंडियों के बाहर फसलों के क्रय-विक्रय की छूट है, तो किसानों को कैसे लाभ मिलेगा? वैसे भी, प्रदेश की केवल 76 मंडियों में ही सब्जियाें की खरीद-बिक्री की व्यवस्था है।
इन सब्जियों को दायरे में लाने की योजना: भिंडी, लौकी, पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर, खीरा, गिलकी, पालक, बरबटी, गाजर, चुकंदर व आलू।
हाट बाजार का सिस्टम फेल
इससे पहले, सरकार किसानों को सब्जियों का उचित दाम दिलाने के लिए हाट बाजार की योजना लेकर आ चुकी है। इसके प्रारंभिक चरण में प्रदेश के बड़े शहरों में ऐसे स्पाॅट तय किए थे, जहां किसान गांवों से सब्जी लाकर सीधे आम नागरिकों को बेच सकेंगे, लेकिन यह योजना फेल हो गई। दरअसल, नगर निगमों ने जो स्पॉट तय किए थे, वहां पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं। ऐसे में किसानों को अपनी फसल व्यापारियों को बेचने मजबूर होना पड़ा था।
अब केरल मॉडल लागू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री के सामने उद्यानिकी विभाग के अफसरों ने सब्जियों का समर्थन मूल्य तय करने के लिए केरल के मॉडल का प्रजेंटेशन किया था। इस पर आगे बढ़ने की सैद्धांतिक सहमति के बाद अफसरों ने केरल मॉडल के हिसाब से ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें केरल में सब्जियों के दाम प्रतिकिलो लौकी 9 रुपए, खीरा 8 रुपए, पत्ता गोभी 11 रुपए, आलू 20 रुपए, गाजर 21 रुपए के भाव का उल्लेख किया गया है।
हिमाचल में सेव और यूपी में आलू पर एमएसपी लागू
केरल के अलावा देश में हिमाचल और यूपी ऐसे राज्य हैं जहां, फल-सब्जी पर एमएसपी लागू है। हिमाचल में केवल सेब और यूपी में आलू का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
कोल्ड स्टोरेज : 9 लाख मीट्रिक टन क्षमता, जरूरत 17 लाख मीट्रिक टन
मध्य प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता वर्तमान में 9 लाख मीट्रिक टन है। यदि सब्जियों का समर्थन मूल्य तय किया जाता है, तो कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 17 लाख मीट्रिक टन की जरूरत होगी।
फिलहाल किसान ऐसे बेचते हैं सब्जियां
मध्य प्रदेश में सब्जियां किसानों से सस्ते में खरीद कर बिचौलिए महंगे दामों में बेच रहे हैं। भोपाल की थोक करोंद मंडी में पत्ता गोभी, बैंगन और लौकी जैसी सब्जियों के किसानों को आठ रुपए किलो दाम ही मिल पा रहे हैं, जबकि फुटकर बाजारों में यह 30 से 40 रुपए किलो तक है।

Monday, 23 November 2020

20:04

ड्रोन की नजर से इंदौर का नाइट कर्फ्यू:deepak tiwari

इंदौर.इंदौर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने इंदौर में भी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। कोरोना की वजह से दूसरी बार इंदौर के लोगों को नाइट कर्फ्यू से गुजरना पड़ा रहा है।  रविवार को दिन और रात दोनों समय उन जगहों का जायजा लिया, जो शहर की पहचान हैं और जहां सबसे ज्यादा आवाजाही रहती है। पहली लोकेशन थी राजबाड़ा का कृष्णपुरा छत्री चौक और दूसरा 56 दुकान वाला इलाका।
हमारी टीम ने ड्रोन की नजर से सुबह और शाम के हालात पर नजर रखी। यहां सुबह भीड़ दिखी तो रात होते ही सन्नाटा छा गया। सामान्य दिनों में राजबाड़ा पर रात 2 बजे तक भीड़ होती है, नाइट कर्फ्यू के दौरान 10 बजे यहां सन्नाटा दिखा।
56 दुकान इलाके में दोपहर में इस चहल-पहल थी।
56 दुकान दोपहर 2.30 बजे : खाने-पीने के लिए मशहूर 56 दुकान ने लॉकडाउन के बाद फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू की थी कि एक बार फिर से नाइट कर्फ्यू ने ब्रेक लगा दिया। रात 11 बजे तक खुलने वाली दुकानें अब रात 9 बजे ही बंद होने लगी हैं। रविवार दोपहर जब टीम यहां पहुंची तो खाने के शौकीनों की भीड़ नजर आई। लोग परिवारों के साथ संडे मनाने यहां पहुंचे थे। सभी के चेहरे पर मास्क थे, सिर्फ खाने-पीने के दौरान ही मास्क नीचे कर रहे थे। व्यापारियों ने भी दुकान के सामने एक आदमी खड़ा कर दिया था। जो मास्क नहीं तो एंट्री नहीं की व्यवस्था संभाल रहा था।
रात 10 बजे 56 दुकान पर सन्नाटा पसरा था।
रात 10.15 बजे : रात के 10 बज चुके थे और नाइट कर्फ्यू शुरू हो चुका था। हमारी टीम एक बार फिर से 56 दुकान पहुंची तो यहां पर सन्नाटा पसरा हुआ था। गार्ड सीटी बजाते हुए गश्त में व्यस्त था, वहीं पुलिस भी सायरन बजाते हुए घूम रही थी। यहां पर इसलिए भी जल्दी सब कुछ शांत हो गया था, क्योंकि दुकानों को बंद करने के समय को 11 बजे से घटाकर रात 9 बजे कर दिया गया है।
दोपहर 3 बजे की फोटो कृष्णपुरा छत्री चौक की है।
कृष्णपुरा छत्री चौक दोपहर 3 बजे : इंदौर का दिल राजबाड़ा शहर की पहचान होने के साथ ही इस इलाके में सभी पुराने और बड़े बाजार हैं। कृष्णपुरा छत्री चौक ऐसी जगह है जहां 24 घंटे ट्रैफिक लोड रहता है। यहां से जवाहर मार्ग, नगर निगम, राजबाड़ा, सराफा, मल्हारगंज, रीगल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पलासिया, कलेक्ट्रेट सहित शहर के किसी भी इलाके में जा सकते हैं। सबसे ज्यादा ट्रैफिक लोड वाले इस चौराहे पर दोपहर में टीम जब पहुंची तो यहां पर तेजी से गाड़ियां दौड़ रही थीं। लोग पैदल भी बाजार की ओर जा रहे थे। भीड़ देख ऐसा लग ही नहीं रहा था कि इंदौर में हर दिन 500 से ज्यादा केस आ रहे हैं। हालांकि सख्ती के बाद सभी के चेहरे पर मास्क जरूर लगे हुए थे। यह स्थिति रात 9 बजे तक तो ऐसे ही बनी रही, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे लोग कम होने लगे।
रात 10.30 बजे इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आए।
कृष्णपुरा छत्री चौक पर रात 10.30 बजे : रात में जब फिर से हमारी टीम नाइट कर्फ्यू का जायजा लेने पहुंची तो यहां सन्नाटा था। पुलिस तो सख्ती करते नजर नहीं आई, लेकिन लोग खुद ही घरों में थे। सभी दुकानों पर ताले थे। ठंड की वजह से गार्ड स्ट्रीट लाइट की रोशनी में कंबल में दुबके हुए बैठे दिखे। करीब आधे घंटे में यहां से इक्का-दुक्का वाहन ही निकले। ये वे लोग थे जो देरी से ड्यूटी से छूटे थे या फिर जरूरी काम से बाहर जाना पड़ा था।

Sunday, 22 November 2020

08:09

MP में कोरोना ने फिर फैलाए पाँव :deepak tiwari

भोपाल-इंदौर समेत 9 जिलों में ज्यादा संक्रमण; शिवराज लॉकडाउन के पक्ष में नहीं, बोले- इससे नुकसान होता है
भोपाल.मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक घंटे की समीक्षा बैठक की। इसमें जिलों से आई क्राइसिस मैनेजमेंट रिपोर्ट पर मंथन हुआ। यह सामने आया कि प्रदेश में 9 जिलों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, रतलाम, धार, दतिया, अशोकनगर, शिवपुरी जिलों में संक्रमण सबसे ज्यादा है। शिवराज ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि इन जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के फैसलों को लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे बंद के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होती हैं। लिहाजा, जिला प्रशासन सख्ती न बरते, बल्कि व्यापारियों से बाजार बंद करने की अपील करे। साथ ही उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए प्रेरित करे। मुख्यमंत्री ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए 24 नवंबर को फिर बैठक बुलाई है।
युवाओं में ज्यादा संक्रमण
जिलों के मिली रिपोर्ट में सामने आया कि बुजुर्गों की अपेक्षा युवाओं और महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में संक्रमण का रेट ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक 60 प्रतिशत युवा संक्रमित हैं। यह बात भी सामने आई कि युवा ज्यादा लापरवाह हैं। ऐसे में समाजसेवी संगठनों के सहयोग सेे युवाओं के बीच ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में हुए मंथन में यह भी सामने आया कि गांव की अपेक्षा शहरों में संक्रमण ज्यादा तेजी से फैल रहा है।
भोपाल, इंदौर समेत 5 जिलों में नाइट कर्फ्यू
प्रदेश में कोरोना के मामलों में तेजी देखते हुए सरकार ने 5 जिलों में 21 नवंबर से नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। नाइट कर्फ्यू के पहले दिन इन जिलों में सख्ती दिखाई गई। भोपाल में कर्फ्यू तो रात 10 बजे लगाया जाना था, पर कुछ दुकानदारों ने रात 8 बजे दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। इंदौर की मशहूर छप्पन दुकान रात 9 बजे ही बंद हो गई।

Friday, 20 November 2020

08:18

मध्यप्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा:deepak tiwari

भोपाल.मध्यप्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में यह बात साफ कर दी। जहां कोरोना के मामले ज्यादा हैं, वहां नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। यह कब से लागू होगा, इसके बारे में जानकारी आना बाकी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल में कोरोना के 425 मामले सामने आने और इंदौर में 313 मामलों के साथ कोरोना की तीसरी लहर आने के बाद मुख्यमंत्री ने कोरोना पर बैठक बुलाई थी।
नाइट कर्फ्यू पर फैसला कलेक्टर लेंगे
जिन शहरों में कोरोना का 5% से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है, वहां रात 10 से सुबह 6 बजे तक का कर्फ्यू रहेगा। 5% पॉजिटिविटी रेट यानी कोरोना के हर 100 टेस्ट में 5 टेस्ट पॉजिटिव पाए जाएं। ऐसे जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद वहां के कलेक्टर नाइट कर्फ्यू लगाने के बारे में आखिरी फैसला लेंगे।
बैठक में सीएम ने ये निर्देश दिए
राज्य में स्कूल-कॉलेज अभी बंद ही रहेंगे।
थिएटरों के लिए पहले की गाइडलाइन जारी रहेगी। यानी 50% सिटिंग कैपेसिटी की ही इजाजत होगी।
कल से हर जिले में क्राइसिस ग्रुप की रेगुलर बैठक होगी और सिफारिशें सरकार को भेजी जाएंगी।
शादियों में ज्यादा से ज्यादा कितने लोग इकट्ठा हो सकते हैं, इस पर फैसला बाद में होगा।
पूरे प्रदेश में मास्क लगाने पर सख्ती बढ़ाई जाएगी। इसे लागू करने की जिम्मेदार जिला प्रशासन की होगी।
सीएम खुद हर एक दिन छोड़कर कोरोना के मामलों का रिव्यू करेंगे।
लॉकडाउन से जुड़ा पुराना वीडियो वायरल
मंत्रालय में जब मुख्यमंत्री बैठक कर रहे थे, तभी उनका एक पुराना वीडियो वायरल हुआ। इसमें वे दो शहरों में लॉकडाउन की बात कर रहे हैं। ये वीडियो छह महीने पुराना है। वीडियो सामने आने के बाद यह माना जाने लगा कि मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। बाद में सरकार ने स्थिति साफ की कि यह घोषणा पुरानी थी।
हरियाणा की स्थिति के बाद यू-टर्न
सरकार कई दिनों से स्कूल-कॉलेज के बारे में सोच रही थी। स्कूल शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव भी भेजा था। इसमें कहा गया था कि 20 नवंबर के बाद स्कूल खोले जा सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने अब साफ कर दिया है कि इन्हें अभी बंद ही रखा जाएगा। दरअसल, हरियाणा में स्कूल खोले जा चुके हैं और कई जिलों में अब तक 119 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं।

Monday, 16 November 2020

07:41

दिसम्बर से खुल सकते हैं स्कूल Deepak Tiwari

इन्दौर।   कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण बंद पड़े स्कूलों को दिसम्बर में खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तक पहुंच गया है। निजी स्कूल के संचालकों ने अपने राजनीति संबंधों के आधार पर स्कूल खोलने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
मार्च माह में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने और लम्बे समय तक लगे लॉकडाउन के बाद से ही स्कूल बंद हैं। हालांकि अभी केंद्र सरकार के निर्देश पर 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को उनके पालकों की सहमति से स्कूलों में जाकर शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल खुले हुए हंै, बाकी  अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है। लम्बे समय से बंद स्कूल के संचालक चाहते हैं कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए स्कूल खोल दिए जाएं। इसको लेकर निजी स्कूल के संचालकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू किया, जिसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने दिसम्बर में स्कूल खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तक पहुंचा दिया है। हालांकि स्कूल खोलने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में होगा, मगर निजी स्कूल के संचालक अपने राजनीतिक संबंधों के आधार पर स्कूल खोलने को लेकर दबाव बना रहे हैं।

 
सप्ताह में चार दिन खुल सकते हैं स्कूल
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लंबे समय से बंद स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है। उसमें कई बिंदु शामिल हैं और इनमें प्रमुख रूप से सप्ताह में चार दिन स्कूल खोलने का बिंदु प्रमुख है। इसी तरह 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं नियमित रूप से शुरू करने की बात भी अधिकारियों ने प्रस्ताव में रखी है। प्रस्ताव में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं 1 दिसम्बर से नियमित रूप से शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। विभाग का उद्देश्य यह है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद धीरे-धीरे स्कूलों की रौनक वापस लौटे।

Sunday, 8 November 2020

23:26

शिवराज सरकार के खिलाफ यात्रा निकालने वाले कम्प्यूटर बाबा के आश्रम में चला सरकारी पंजा बाबा पहुँचे जेल:deepak tiwari

इंदौर.मध्य प्रदेश के इंदौर में नामदेव दास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा) के खिलाफ रविवार को अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई की गई। बाबा के गोम्मट गिरी वाले आश्रम को प्रशासन ने तोड़ दिया और बाबा को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। कम्प्यूटर बाबा वही हैं जिन्होंने हाल ही में मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा भी निकाली थी।
प्रशासन ने 2 महीने पहले नोटिस दिया था
इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर जम्बूडी हप्सी गांव में बाबा का आश्रम था। आरोप हैं कि गौशाला की 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर इसमें से 2 एकड़ जमीन पर आश्रम बना दिया गया। प्रशासन ने 2 महीने पहले कंप्यूटर बाबा को नोटिस देकर कागज पेश करने को कहा था। 2 हजार रुपए का फाइन लगाकर कब्जा हटाने के लिए भी कहा था।
बाबा की तरफ से न तो कागज पेश किए गए, न ही कब्जा हटाया गया। ऐसे में ADM अजयदेव शर्मा रविवार सुबह नगर निगम की टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और आश्रम तुड़वा दिया। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बाबा और उनके 4 सहयोगियों को पहले ही हिरासत में ले लिया था।
कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह के लिए यज्ञ करवाया था
बाबा का तालुल्क राजनीति से रहा है। इसलिए, उन्होंने लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञासिंह का विरोध किया था और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में यज्ञ किया था। दिग्विजय सिंह ने बाबा का आश्रम तोड़े जाने को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
भाजपा-कांग्रेस सरकारों में बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा मिला था
नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाने में हुए कथित घोटाले के खिलाफ मार्च 2018 में यात्रा निकालने की घोषणा की थी। जिसके बाद शिवराज सरकार ने पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक कमेटी बनाई, इसमें कम्प्यूटर बाबा को भी शामिल किया गया और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। लेकिन, सरकार बदली तो बाबा ने भी खेमा बदल लिया और कांग्रेस के पक्ष में चले गए। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी नर्मदा विकास के लिए समिति बनाकर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।
जमीनों पर कब्जे और बैंक खातों की जानकारी जुटा रहा प्रशासन, रायफल-एयरगन भी मिलीं
राज्य सरकार के खिलाफ उपचुनाव में प्रचार करने वाले नामदेव दास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा) के आश्रम को तोड़ने के बाद प्रशासन ने इस क्षेत्र को विकसित करने का दावा किया है। प्रशासन ने यहां पर बड़ी गौशाला बनाने के साथ ही यहां मौजूद मंदिर को भी धार्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की कार्य योजना भी बनाना शुरू कर दी है।
ग्राम जम्बूडी हप्सी के खसरा नंबर 610/1 और 610/2 की 46 एकड़ से ज्यादा जमीन में से 2 एकड़ पर बने कम्प्यूटर बाबा के आश्रम के कब्जे को हटाने की कार्रवाई रविवार को प्रशासन ने की। इसके साथ ही इस पूरी जमीन को विकसित करने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। यहां प्रशासन एक आधुनिक गौशाला के निर्माण की तैयारी कर रहा है। क्षेत्रीय एसडीएम शाश्वत शर्मा के मुताबिक यहां के धार्मिक स्थल को प्रशासन अन्य धार्मिक स्थलों की तरह विकसित किया जाएगा।
बाबा की जांच कर रहा प्रशासन
सूत्रों के मुताबिक कम्प्यूटर बाबा के द्वारा और भी कई जगह कब्जे किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिली हैं, जिसमें 60 फीट रोड स्थित काली धाम सहित अन्य जमीनें शामिल हैं। इनकी भी जांच करवाई जा रही है। वहीं, प्रशासन को बाबा के कई बैंक अकाउंट होने और उनमें असामान्य तरीके से पैसा जमा होने की भी शिकायतें मिली हैं। प्रशासन ने बाबा की जमीनों के साथ ही उनके खातों की भी जांच शुरू करवा दी है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर आयकर विभाग की मदद भी तैयारी है।
लैपटॉप लेकर चलते थे, संत ने रख दिया नाम कम्प्यूटर बाबा
प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जेधारी घोषित किए गए कम्प्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है। 1965 में नरसिंहपुर में उनका जन्म हुआ था। दिगंबर अखाड़े से जुड़े कम्प्यूटर बाबा सन 2000 के आसपास इंदौर में आकर बस गए थे। इस दौरान उन्होंने गोम्मट गिरी से लगे क्षेत्र में गरबों का आयोजन करवाया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से यहां पर मंदिर का निर्माण किया। फिर वहीं पर अपना आश्रम बना लिया था। कम्प्यूटर बाबा को इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स मोबाइल, स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि काफी पसंद है। वो अपने साथ हमेशा लैपटाॅप रखते हैं। हमेशा कम्प्यूटर में रूचि रखने वाले नामदेव दास त्यागी का 1998 में नरसिंहपुर के एक संत ने नाम बदलकर कम्प्यूटर बाबा रख दिया था। उसके बाद से ही वे कम्प्यूटर बाबा के रूप में प्रसिद्ध हो गए थे।
सुपर कॉरिडोर की जमीन पर भी कब्जा
सुपर कॉरिडोर की सर्वे नंबर 103 की लगभग 3500 स्केवयर फीट जमीन पर भी कम्प्यूटर बाबा का कब्जा मिला है। यह जमीन वन विभाग के अधीन होने के साथ ही इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्ट में भी शामिल है। नायब तहसीलदार मनीष श्रीवास्तव इसकी जांच कर रहे हैं। अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई के दौरान 315 बोर की रायफल और एयरगन भी बरामद हुई है।
रहे हैं विवादों में
कम्प्यूटर बाबा पर कार्रवाई भले ही पहली बार हुई है, लेकिन वो हमेशा विवादों से घिरे रहे
कम्प्यूटर बाबा ने गोम्मटगिरी आश्रम की जमीन पर हुए विवाद के बाद सबसे पहले राजबाड़ा पर आमरण अनशन किया था। उस समय तत्कालीन मंत्री और वर्तमान भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अनशन खत्म करवाया था।
अंबिकापुरी स्थित श्रीसिद्ध कालीधाम मंदिर को लेकर हुई हत्या के मामले में भी बाबा को लेकर आरोप लगे थे।
2011 में कम्प्यूटर बाबा ने गोम्मट गिरी आश्रम पर लघु कुंभ आयोजित किया था। इसके प्रचार के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर से गांव-गांव में पर्चे वितरित किए थे।
कम्प्यूटर बाबा ने 2014 में आम आदमी पार्टी से लोकसभा का टिकट मांगा था।
मार्च 2018 में कम्प्यूटर बाबा ने तत्कालीन शिवराज सरकार पर नर्मदा किनारे पौधारोपण के नाम पर घोटाले का आरोप लगाते हुए नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में रथयात्रा निकालने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उन्हें और उनके समर्थक योगेंद्र मंहत, संत भय्यू महाराज भय्यू महाराज, नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज की कमेटी बनाकर सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। इसके बाद उन्होंने न सिर्फ यात्रा निरस्त कर दी थी, बल्कि राज्यमंत्री बनाए जाने को सरकार की ओर से पुरस्कार बताया था। हालांकि विधानसभा चुनावों के पहले उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।
2018 में राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद जब वे पहली बार भोपाल पहुंचे थे, तो वहां सरकारी गेस्ट हाउस की छत पर ही धूनी रमा कर बैठ गए थे। इसे लेकर उस समय कांग्रेस ने उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।
लोकसभा चुनावों के पहले उन्होंने एयर स्ट्राइक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होने आरोप लगाया था कि सरकार ओर सेना दोनों मारे जाने वालों की जो संख्या बता रहे हैं वो अलग-अलग है।
लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लगने के पहले तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने उन्हें एक बार फिर से राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया था।
लोकसभा चुनावों में भी वे सक्रिय रहे। भोपाल संसदीय सीट पर उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी दिग्विजयसिंह के समर्थन में प्रचार किया था। इस दौरान उन्होंने धूनी रमाने के साथ ही कांग्रेस की जीत के लिए मिर्ची यज्ञ भी करवाया था।
कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा देने और भाजपा ज्वाइन करने पर उन्होंने इन विधायकों पर पैसा लेकर सरकार गिराने का आरोप लगाया था।
अप्रैल माह में महाराष्ट्र के पालघर और उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर में हुई संतों की हत्या के विरोध में भी कम्प्यूटर बाबा ने गोम्मट गिरी में अपने आश्रम में धूनी रमाते हुए 7 घंटों तक अनशन किया था।
28 सीटों पर हुए विधानसभा के उपचुनावों में कम्प्यूटर बाबा ने लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकालकर भाजपा के विरोध में प्रचार किया था। इस दौरान वे साधु संतों के साथ सभी सीटों पहुंचे थे और चौपालों पर सभा लेकर भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए वोट न देने की जनता से अपील की थी।

Monday, 2 November 2020

21:48

MP : प्रचार खत्म होने के 18 घंटे बाद कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट से राहत स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने के EC के आदेश पर रोक deepak tiwari

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बता दें कि कांग्रेस का तर्क था कि स्टार प्रचारक का दर्जा चुनाव आयोग नहीं देता है। यह पार्टी तय करती है, तो चुनाव आयोग उससे यह कैसे छीन सकता है।
इससे पहले, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्रवाई अलोकतांत्रिक है। आयोग ने बिना नोटिस दिए कमलनाथ को स्टार प्रचारक की सूची से अलग कर दिया। इसे लेकर कांग्रेस ने ई-फाइल के जरिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट दो दिन अवकाश के कारण बंद होने के बाद सोमवार को खुला था।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को जारी आदेश में कहा, 'आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन और उसके लिए जारी की गई सलाह की अनदेखी करने के लिए आयोग ने कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा खत्म करने का निर्णय लिया है।'
इसलिए कमलनाथ पर कार्रवाई की गई
मंत्री इमरती देवी को ‘आइटम’ कहना और सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए ‘नौटंकी का कलाकार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर कमलनाथ से चुनाव आयोग ने स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया। इसमें कहा गया कि कमलनाथ को कई बार चेताया गया, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
इससे यह असर पड़ा था
चुनाव प्रचार थमने के दो दिन पहले स्टार प्रचार का दर्जा हटने से उम्मीदवार पर इसका सीधा असर पड़ता। असल में चुनाव में स्टार प्रचारक की हवाई यात्रा, चुनाव सभा का खर्च पार्टी के खाते में जुड़ता है। लेकिन, चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब कमलनाथ की सभाओं का खर्च और प्रचार के लिए की गई हवाई यात्रा का खर्च भी प्रत्याशी के खाते में ही जोड़ा जाता। इससे उम्मीदवार का खर्चा बढ़ जाता। हालांकि अब राज्य में चुनाव प्रचार थम गया है। ऐसे में इस रोक से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना है।
01:45

CM के बेटे कार्तिकेय की जुबान फिसली शिवराज को बताया पूर्व मुख्यमंत्री deepak tiwari


भोपाल। मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव (By-elction) के लिए 3 नवंबर को मतदान (Vot­ing) होना है। मतदान से एक दिन पहले भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Con­gress) ने जनता के बीच जाकर समर्थन की अपील की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shiv­raj Singh Chauhan) के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी जनता के बीच पहुंचे। सभा को संबोधित करते वक्त कार्तिकेय की जुबान फिसल गई और उन्होंने अपने मुख्यमंत्री पिता को पूर्व मुख्यमंत्री बता दिया। इसको लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।
उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी प्रचार‑प्रसार की जिम्मेदारी संभाली। प्रचार के लिए कार्तिकेय सिंह चौहान गैरतगंज पहुंचे थे। वहां पर जनता को संबोधित करते हुए उनकी जुबान फिसल गई। कार्तिकेय सिंह चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने मध्य प्रदेश की जनता का अपमान किया, गरीबों का अपमान किया। आपने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यानि शिवराज सिंह चौहान जी का अपमान किया है। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। इसी दौरान कार्तिकेय ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूर्व मुख्यमंत्री बता दिया।
सिंधिया ने कांग्रेस के लिए मांगे वोट!
बता दें कि ग्वालियर में एक सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की जुबान भी फिसल गई थी। चुनाव प्रचार के दौरान सिंधिया कहते हैं कि ‘मुट्ठी बांधकर विश्वास दिलाओ कि 3 तारीख को हाथ के पंजे वाला बटन दबेगा और कांग्रेस…, कमल के फूल वाला बटन दबेगा और बीजेपी को जीत मिलेगी’। सिंधिया के इस बयान का वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। लोग इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के कमेंट्स करते दिख रहे हैं।

Sunday, 1 November 2020

11:24

अगर विधायक बिके नहीं हैं तो हम पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दो -दिग्विजय सिंह deepk

इन्दौर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह अपने तय कार्यक्रम में सांवेर के कई गांव में घूमे और यहां के मतदाताओं से सीधे रूबरू हुए। दिग्विजयसिंह ने कहा कि हम दावे के साथ कहते हैं कि विधायकों की खरीदी-बिक्री हुई है और विधायकों को खरीदा गया है। अगर विधायक बिके नहीं हैं और उन्हें इस शब्द से आपत्ति है तो हमारे खिलाफ कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत करें।
सांवेर के सेमलियाचाऊ में हुई आमसभा के अलावा दिग्विजयसिंह सांवेर क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचे और मतदाताओं से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने मतदाताओं से बात भी की और प्रेमचंद गुड्डू को जिताने की अपील की। फिर दिग्विजयसिंह ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और महाराज तंत्र के बीच का चुनाव है। मैं दावे के साथ कहता हूं कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक बिके और इन्हें भाजपा ने खरीदा और जोड़-तोड़ करके अपनी सरकार बनाई। अगर बिके हुए शब्द पर भाजपा या पूर्व विधायकों को आपत्ति है तो वे कोर्ट जाएं और मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत दिखाएं। आज जो भाजपा नेता कांग्रेस के 15 माह के कामकाज का हिसाब मांग रहे हैं, वे पहले अपनी सरकार के 15 साल के कार्यकाल का हिसाब दें। मैं प्रदेश के मुख्यमंंत्री शिवराजसिंह को भी चुनौती देता हूं कि वे किसी मंच पर मेरे साथ बैठें और अपनी-अपनी सरकार के हिसाब‑किताब की बात जनता के बीच रख लें। वे सांवेर क्षेत्र के ग्राम कांकरिया बोर्डिया में भी पहुंचे। उनके साथ विधायक विशाल पटेल भी थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह भाजपा ने नोट के दम पर अपनी सरकार बनाई है और विधायक खरीदे हैं, ऐसा ही दौर रहा तो आने वाले दिनों में चुनाव महत्वहीन हो जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पैरवी करते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कि कमलनाथ का कसूर क्या था। उन्होंने सरकारी जमीन हड़पने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो इससे शिवराजसिंह को खतरा नजर आने लगा। किसानों का कर्जा माफ होना शुरू हुआ तो भाजपा के लोगों के पेट में दर्द होने लगा

Monday, 12 October 2020

01:47

राजमाता सिंधिया जन्म शताब्दी समापन समारोह आज प्रधानमंत्री जारी करेंगे स्मृति सिक्का deepak tiwari

 October 12, 2020
 भोपाल। श्रद्धेय राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जन्म शताब्दी समारोह के समापन का कार्यक्रम सोमवार, 12 अक्टूबर को आयोजित होगा। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्रद्धेय राजमाता जी की स्मृति में 100 रुपये का एक स्मृति सिक्का जारी करेंगे। इसी के साथ प्रदेश संगठनात्मक जिलों में स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन होगा। ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भोपाल में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा प्रातः 10:30 बजे प्रदेश कार्यालय पं दीनदयाल परिसर में राजमाता जी की प्रतिमा माल्यार्पण कर श्रद्धेय राजमाता जी के जीवन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का उद्धघाटन करेंगे। जिसके पश्चात महिला मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने 12 अक्टूबर को प्रदेशभर में राजमाता जी जन्मशताब्दी के समापन अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर पार्टी जिलाध्यक्षों से ऑडियो ब्रिज के माध्यम से बात की। उन्होंने कहा कि आदर्श और श्रद्धा की केंद्र आदरणीय स्व.राजमाताजी सिंधिया ने भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी को अपनी मेहनत और त्याग के बल पर सींचा है। उनके आशीर्वाद से आज भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना है।
उन्होंने कहा कि स्व. राजमाता सिंधिया जी के जन्मशताब्दी वर्ष का समापन 12 अक्टूबर को है, इस अवसर पर केंद्र की मोदी सरकार 100 रुपये का सिक्का जारी कर रही है। इस सिक्के का वर्चुअल विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार प्रातः 11 बजे करेंगे। इस वर्चुअल रैली के माध्यम से देश से करोड़ों लोग जुड़ेंगे। इसी दिन शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम होंगे। 12 अक्टूबर को ही शाम 7 बजे दूरदर्शन स्व. राजमाता सिंधिया जी के जीवनवृत्त पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से इस डॉक्यूमेंट्री को देखने की अपील की है।

Tuesday, 6 October 2020

16:09

खासगी ट्रस्ट की बेची गई संपत्ति और अवैध निर्माण की जांच करेगा ईओडब्ल्यू deepak tiwari

भोपाल.शिवराज सरकार ने खासगी ट्रस्ट की बेची गई संपत्ति, अवैध निर्माण और संपत्ति खुद-बुर्द करने के आरोपों की जांच ईओडब्ल्यू करेगा। मंगलवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदेश दे दिए हैं। हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश में कहा था कि खासगी ट्रस्ट ने जितनी भी संपत्तियां बेची हैं, उनके सौदे शून्य करवाकर शासन इन संपत्तियों पर कब्जा लेने का प्रयास करे। इसके साथ ही कोर्ट ने 250 संपत्तियां शासन के अधीन करने का आदेश सुनाया था।
सीएम चौहान ने जांच के आदेश देते हुए कहा कि खासगी ट्रस्ट की जो संपत्ति बेची गई हैं, उन पर अवैध निर्माण हुआ है, खुर्दबुर्द के आरोप लगे हैं, इसलिए इसकी जांच ईओडब्ल्यू से कराने का निर्णय लिया गया है। उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री के पीएस, ओएसडी मकरंद देउसकर, डीजी ईओडब्ल्यू शामिल थे। खासगी ट्रस्ट की देशभर में 26 राज्यों में 246 संपत्ति हैं, जिसमें 138 मंदिर, 18 धर्मशालाएं, 34 घाट, 12 छतरियां, 24 बगीचे और कुंड शामिल हैं।
शिवराज ने कहा कि खासगी ट्रस्ट की संपत्ति जिन व्यक्तियों के द्वारा अवैध रूप से बेची गई है, अब उन पर सरकार कार्रवाई करेगी, साथ ही ट्रस्ट की संपत्तियों को वापस लेने का हरसंभव प्रयास सरकार करेगी।
रेवेन्यू के साथ पुलिस की स्पेशल टीम बनेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों पर जो निर्माण हुआ है, उन्हें हटाया जाएगा और उसकी मूल स्थिति में पहुंचाया जाएगा। ट्रस्ट की संपत्तियों को वापस लेने के लिए स्पेशल पुलिस स्क्वाड, रिवेन्यू की एक टीम का गठन किया जाए।
यह संपत्ति देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हैं
खासगी ट्रस्ट को देखभाल के लिए मिली संपत्तियां बेचे जाने के मामले में हाईकोर्ट में दायर की गई शासन की अपील पर सोमवार को विस्तृत आदेश जारी किया था। इसमें हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि ट्रस्ट और ट्रस्टी को 26 राज्यों में 246 संपत्ति केवल देखभाल के लिए मिली थी। इन संपत्तियों को कौड़ियों के दाम पर बेचा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस काम के लिए ट्रस्ट ने सप्लीमेंट्री डीड बना ली थी जो पूरी तरह गलत थी। इसे भी शून्य घोषित किया जाता है। जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा, जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला की खंडपीठ ने फैसला दिया है।
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त व कलेक्टर की कमेटी गठित की है। यह कमेटी संपत्ति खरीदे-बेचे जाने की जांच करेगी। इसमें किसी तरह लापरवाही मिलती है तो आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को पूरा मामला सौंपा जाएगा। वहीं, संभागायुक्त को आदेश दिए हैं कि हरिद्वार में कुशावर्त घाट सहित जितनी भी संपत्ति बेची हैं उन्हें वापस लाने का प्रयास करें। आम जनता वहां पहुंच सके, ऐसी व्यवस्था करें। वहां के एसपी इस काम में संभागायुक्त के सहायक होंगे।
इंदौर के खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों में महेश्वर का किला भी शामिल है और हरिद्वार का कुशावर्त घाट। 26 राज्यों में 246 संपत्तियां हैं,जिसमें 138 मंदिर, 18 धर्मशालाएं, 34 घाट, 12 छतरियां, 24 बगीचे एवं कुंड हैं।

Friday, 2 October 2020

04:38

मध्यप्रदेश रीवा की माटी ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपना एक और लाल खोयाdeepak tiwari


रीवा।  गरोडा बार्डर में गोली लगने से रीवा के लाल का निधन हो गया है। इस खबर के बाद रीवा के लक्ष्मणपुर क्षेत्र में शोक की लहर है। हालांकि गोली कैसे और किन परिस्थितियों में लगी इसकी सटीक जानकारी नहीं हो पाई है। इससे भी दुखद ये है कि जवान का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम नहीं आ रहा है। सेना के अधिकारियों ने उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। अंतिम दर्शन के लिए परिवार के कुछ सदस्यों को जम्मू बुलाया गया है। बताया गया कि जिला मुख्यालय से करीब दस किलो मीटर दूर स्थित गड्डी लक्ष्मणपुर गांव के सिकटी टोला निवासी चक्रपाणि तिवारी 55 वर्ष बीएसएफ में सेवा दे रहे थे। जो सूबेदार के पद पर थे। इनकी वर्तमान पोस्टिंग भारत-पॉक सीमा के जम्मू-कश्मीर के गरोड़ा बार्डर पर थी। बुधवार की सुबह उनके पुत्र हाटकेश्वर तिवारी उर्फ राजाबाबू के पास सेना के जिम्मेदारों ने फोन किया और बताया कि उनके पिता की गोली लगने से निधन हो गया है।
सेना के अधिकारियों ने फोन पर यह जानकारी दी कि चक्रपाणि ने खुद को गोली मार कर सुसाइड कर लिया है। लेकिन यह बात परिजनों के गले से नहीं उतर रही है। पुत्र राजाबाबू ने बताया कि 29 सितंबर की दोपहर फोन पर पिता से बात हुई थी। इस दौरान वह बेहद खुश थे। उन्होंने फोन पर यह जरूर बताया था कि क्वार्टर मास्टर से उनकी बातचीत हो गई है। इस बात से वह परेशान थे, लेकिन वे सुसाइट नहीं कर सकते। बहरहाल इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। जवान के घर में ढाढ़स बंधाने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है।

38 वर्ष से सेना में दे रहे थे सेवा

परिजनों के अनुसार चक्रपाणि तिवारी करीब 38 वर्षों से सेना में अपनी सेवा दे रहे थे। सिपाही से उनकी भर्ती हुई थी। उनके कामों को देखते हुए प्रमोशन हुआ और वह वर्तमान में सूबेदार थे। लिहाजा उन्हें गरोड़ा बार्डर में सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका बड़ा पुत्र जीतेन्द्र तिवारी भी बीएसएफ में है। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग उड़ीसा के किशनपुर में है। जहां से वह रीवा के लिए रवाना हो चुके हैं। इसके बाद शुक्रवार को परिजन जम्मू के लिए रवाना होंगे।

गुरुवार की सुबह रिपोर्ट आई पॉजिटिव
जानकारी देते हुए मृत जवान के पुत्र ने बताया कि बुधवार को जब सेना की तरफ से उन्हें फोन पर निधन की सूचना दी गई उस दौरान कहा गया था कि दो दिन के भीतर उनका पार्थिव शरीर गृह ग्राम पहुंच जाएगा। लेकिन इस बीच परिजनों ने सुसाइट मानने से इंकार कर दिया और उच्चाधिकारियों से घटना की शिकायत करने की बात कही। पुत्र ने बताया कि इसके बाद ही सेना की तरफ से कुछ देर बाद दोबारा फोन आया और उन्होंने बताया कि चक्रपाणि की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिससे शव गृह ग्राम नहीं भेजा जा सकता। लिहाजा परिवार के कुछ सदस्य दो-तीन दिन के भीतर उनका अंतिम दर्शन करने जम्मू आ जाएं।
मौत से 9 घंटे पहले हुई आखिरी बात
पुत्र राजाबाबू के अनुसार उनके पिता ने 29 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे फोन किया था। इस दौरान उन्होंने घर-परिवार का हाल चाल पूछा था। इस बीच उन्होंने छोटी कार बेच कर बड़ी कार लेने की बात कही थी। पुत्र ने बताया कि वह बेहद खुश थे और किसी भी तरह के मानसिक तनाव में नहीं थे। ऐसे में पुत्र ने सवाल उठाया है कि इस परिस्थिति में उनके पिता सुसाइड कैसे कर सकते हैं।

Tuesday, 29 September 2020

08:28

MP सेल्फी ले रही डॉक्टर की पत्नी हलाली डैम के पानी में गिर कर बही deepak tiwari

भोपाल के कोलार में रहने वाले डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा अपनी पत्नी हिमानी मिश्रा के साथ भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर हलाली डैम घूमने आए थे. रविवार को छुट्टी होने की वजह से भोपाल से काफी लोग यहां घूमने आते हैं.  डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा का कहना है कि मैं अपने मोबाइल पर मैसेज चेक कर रहा था. इसी बीच मेरी पत्नी मोबाइल पर सेल्फी लेने लगी और न जाने कब उसका पैर फिसल गया.
पति ने बताया कि उसके बाद वह 10 से 12 फीट नीचे जा गिरी और पानी में बह गई. देखते ही देखते मेरी आंखों के सामने से मेरी पत्नी ओझल हो गई.
इस घटना के बाद मौके पर राहत टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. यह ऑपरेशन रात भर चला लेकिन बॉडी को ढूंढा नहीं जा सका. सोमवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन चला लेकिन खबर लिखे जाने तक महिला की बॉडी का पता नहीं चल पाया है.

Sunday, 27 September 2020

08:21

मध्यप्रदेश :उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की tni

 SEP 27, 2020
tap news india deepak tiwari 
भोपाल: मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने रविवार को दूसरी सूची जारी कर दी है. कांग्रेस ने 9 और उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. सतीश सिंह सिकरवार समेत 8 और नेताओं को पार्टी की तरफ से टिकट दिया गया है. बीजेपी से कांग्रेस में आई पारुल साहू को सुरखी से प्रत्याशी बनाया है. उपचुनाव के कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है.

गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस ने  15 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. मध्य प्रदेश की दिमनी विधानसभा सीट से रविंद्र सिंह तोमर, अंबाह सीट से सत्य प्रकाश,गोहद सीट से मेवाराम जाटव, ग्वालियर से सुनील शर्मा, डबरा से सुरेश राजे, करैरा सीट से प्रागी लाल जाटव, भांडेर से फूल सिंह बरैया, बमोरी से कहैन्या लाल, अशोक नगर से आशा दोहरे, अनुपपूर से विश्वनाथ, सांची से मदन लाल चौधरी, आगर से विपिन वानखेड़े,  हाटपिपलिया से राजवीर सिंह बघेल, नेपानगर से राम किश्न, सांवेर से प्रेमचंद गुड्डू को टिकट दिया था.

Saturday, 26 September 2020

18:32

deepak tiwari मास्क नहीं पहनने का बयान देकर चर्चा में आए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के घर में कोरोना की दस्तक बेटा संक्रमित मिला अस्पताल में भर्ती

भोपाल.मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के घर पर कोरोना ने दस्तक दी है। शनिवार को उनके बेटे सुकर्ण मिश्रा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गृह मंत्री पिछले दिनों मास्क न पहनने के अपने बयान से चर्चा में आए थे। उन्होंने इंदौर में मास्क न पहनने का बयान दिया, इसके बाद शाम को खेद जताया और दूसरे दिन सुबह माफी मांगी कि मेरा बयान पीएम मोदी की भावनाओं के अनुरूप नहीं था। इसके बाद उसी दिन शाम को ग्वालियर और चंबल के दौरे पर गए नरोत्तम फिर से बगैर मास्क के दिखे थे।
भोपाल में आज 283 नए मरीज मिले। वहीं, संक्रमण से मरने वालों की संख्या 392 हो गई है। अब राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 17769 पहुंच चुका है। केवल सितंबर में ही करीब 7 हजार संक्रमित बढ़ गए। भोपाल में रिकवरी रेट 77 फीसदी से ज्यादा हो गया है। यहां अब तक 13606 मरीज ठीक हो चुके हैं,वहीं मध्य प्रदेश में अब तक 1 लाख 17 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जबकि संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2152 हो गई है। हालांकि प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 80 फीसदी के करीब बना हुआ है। हर रोज ठीक होने वालों का आंकड़ा बढ़ रहा है। शुक्रवार को कोरोना प्रदेश में नए संक्रमित 2227 मिले थे, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2743 थी।
वीआईपी इलाके में भी कोरोना संक्रमण
राजधानी के पॉश इलाकों में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को शहर में 283 नए मरीज मिले। चार इमली में निवासरत एक आईएएस अफसर की 10 साल की बेटी और 74 बंगले में निवासरत प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला की पत्नी संक्रमित मिलीं। शिवाजी नगर में रहने वाले गृह विभाग के अपर सचिव अनिल सुचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। राजभवन में दो नए संक्रमित मिले। लोकायुक्त कार्यालय में भी एक मरीज मिला। जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल में तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

Wednesday, 23 September 2020

11:53

बेरोजगारों के लिए खुशखबरी जाने क्या :tap news India deepak tiwari

भोपाल.मध्य प्रदेश में आगामी 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार लगातार बड़ी घोषणाएं कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेश में खाली पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए। राज्य में अलग-अलग विभागों में करीब 30 हजार पद खाली पड़े हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने गृह, राजस्व, जेल, लोक निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अफसरों को दिए निर्देश में कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
शिवराज ने कहा कि इस संबंध में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, राज्य लोक सेवा आयोग और विभागीय स्तर पर की जाने वाली प्रक्रिया के लिए चर्चा की जाए, जिससे भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में तेजी लाई जा सके। इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान प्रदेश की सरकारी नौकरियों में सिर्फ प्रदेश के ही युवाओं को मौका देने की घोषणा कर चुके हैं। फिलहाल, खाली पदों को भरे जाने के निर्देशों को उपचुनावों में युवाओं को साधने से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘पुलिस आरक्षक से लेकर राजस्व निरीक्षक तक के पद भरे जाएंगे’
इस समय गृह विभाग के तहत पुलिस आरक्षक के 3272 पद, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के 863 पद, गृह विभाग में आरक्षक रेडियो संवर्ग के 493 पद, राजस्व निरीक्षक के 372 पद, कौशल संचालनालय में आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी के 302 पद शामिल हैं। इसके अलावा, शीघ्र लेखक, सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टायपिस्ट, स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सांख्यिकी अधिकारी और भृत्य, चौकीदार, वार्ड बाय, क्लीनर, वाटरमैन कुक जैसे पदों की भर्ती की जानी है।
गृह विभाग ने की थी चार हजार आरक्षकों की भर्ती करने की घोषणा
जुलाई में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश में करीब 4 हजार आरक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसकी प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सकी है। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भर्ती खुलने का इंतजार है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके शिक्षकों को नियुक्ति का इंतजार
राज्य में जो शिक्षक भर्ती हो चुके हैं, उन्हें नियुक्ति का इंतजार है। शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी हुए एक साल पूरा हो रहा है, इसके बाद भी अब तक किसी भी अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत 30,594 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती होनी है। पात्रता परीक्षा पास कर चुके प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने लगातार विरोध-प्रदर्शन किए, लेकिन सरकार ने कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की। कई चयनित उम्मीदवारों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु भी मांगी है।
इधर, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के 15 हजार पदों के लिए 1 जुलाई से सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन परिवहन की समस्या बताकर इस प्रक्रिया को तीन दिन बाद ही रोक दिया गया, जो अब तक चालू नहीं हुई है।
शिवराज कर चुके ये बड़ी घोषणाएं...
मंगलवार को मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के किसानों को लेकर बड़ा ऐलान किया था। चौहान ने कहा था कि पीएम सम्मान निधि में किसानों को दो किस्तों में राज्य सरकार की ओर से 4 हजार रुपए और दिए जाएंगे। प्रदेश के 77 लाख किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा। किसानों को हर साल मिलने वाली 6 हजार रुपए की राशि बढ़कर 10 हजार रु. हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक हफ्ते पहले एक बड़ी घोषणा की थी। इसमें सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की बिक्री और खरीदी पर 2% सेस घटा दिया है। पहले स्टाम्प ड्यूटी पर 3% ली जाती थी, लेकिन अब सिर्फ 1% ली जाएगी। अब एक लाख रुपए की प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने पर सीधे 2 हजार रुपए तक की बचत होगी।
अगस्त में मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर कहा था कि राज्य की सरकारी नौकरियां सिर्फ मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए ही होंगी। सीएम ने कहा था कि राज्य सरकार इसके लिए कानूनी पहलुओं को समझ रही है। जरूरत पड़ी तो कानून भी बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने 28 अगस्त को प्रदेश में बकाया बिजली के बिल माफ करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अब लोगों को बकाया बिल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार उसे पूरी तरह से माफ करने जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह जोड़ा था कि अब लोगों को आने वाले समय में एक माह का ही बिजली बिल भरना होगा।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की घोषणा की है। इससे मध्य प्रदेश के 48 हजार दैनिक वेतन भोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।

Monday, 21 September 2020

06:25

जानिए मध्यप्रदेश में लॉकडाउन लगाने पर क्या बोले गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा deepak tiwari

 September 21, 2020

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। रोजाना ढाई हजार से अधिक नए पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। रविवार को मध्यप्रदेश में 2579 नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 लाख 5 हजार 644 हो गई है। वहीं पिछले 24 घंटे 27 संक्रमितों की मौत हो गई। जिसके बाद अब मृतकों का कुल आंकड़ा बढ़कर 1970 हो गया है, ऐसे में प्रदेश में फिर से लॉकडाउन लगेगा या नहीं इसको लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है।
गृहमंत्री का कहना है कि प्रदेश में दोबारा लॉकडाउन लगाने का अभी कोई विचार नहीं है। लॉकडाउन के दुष्परिणाम हम सभी देख चुके हैं। अतः अब सभी को अपेक्षित सावधानी के साथ ही दैनिक जीवन की आदत डालनी होगी।वही मप्र में आज से लगने वाले दो दिवसीय विधानसभा सत्र को लेकर कहा कि मप्र विधानसभा का एक दिवसीय सत्र कोरोना आपदा के बीच विशेष परिस्थितियों में हो रहा है। सरकार के कई मंत्री और विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अतः आज विधानसभा में बजट और अन्य आवश्यक वित्तीय कार्य ही किए जाएंगे।कोरोना की छाया है सावधानी का नाम बुद्धिमानी है। दर्जन भर से ज्यादा मंत्री और उससे ज्यादा विधायक संक्रमित है। प्रोटेम स्पीकर ने बैठक की औऱ सर्वानुमति से यह तय हुआ है। जरूरी वित्तीय कार्य आज किये जाएंगे।
कर्जमाफी और किसानों के साथ धोखे को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को किसानों के साथ किए गए झूठे वादों के दुष्परिणाम तो भुगतना ही पड़ेंगे। उसे अब तो स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वो अपने वचनपत्र में किए गए वादे क्यों नहीं पूरे कर पाई। कांग्रेस ने किसान को धोखे में रखा कर्जमाफी में। नया कर्जा नही मिल पाया है, ऐसा किसान के साथ किया।
06:18

सिंधिया के मुकाबले पायलट को लाएगी कांग्रेस deepak tiwari

भोपाल। कभी अपनी ही पार्टी से बगावत कर राजस्थान की गहलोत सरकार को संकट में डालने वाले सचिन पायलट अब मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव में हुंकार भरते नजर आएंगे। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर‑चंबल संभाग में कई सभाएं लेंगे। गौरतलब है कि पायलट सिंधिया के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं। अब उन्हीं के खिलाफ पायलट के मैदान में उतरने से उपचुनाव काफी रोचक हो जाएगा।
युवा चेहरा…गुज्जर समुदाय को भी आकर्षित करेंगे
सचिन पायलट न केवल युवा चेहरा हैं, बल्कि कांग्रेस में सिंधिया के मुकाबले अपनी दावेदारी करते आए हंै। पायलट गुज्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और ग्वालियर, चंबल संभाग मेें इस समुदाय के कई लोग है, जिन्हें पायलट आकर्षित कर सकते हंै।
कमलनाथ के आग्रह पर आ रहे हैं पायलट
कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट से खासकर ग्वालियर‑चंबल क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने का अनुरोध किया और पायलट ने इसके लिए तुरंत अपनी सहमति दे दी है। शीघ्र ही पायलट के प्रचार का कार्यक्रम तय होगा।

Friday, 18 September 2020

15:22

दुर्गा उत्सव के लिए नई गाइड लाइन जारी जाने क्या :deepak tiwari

मध्य प्रदेश में नवरात्र पर देवी पंडाल सज सकेंगे। गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइन के अनुसार सभी कलेक्टर को आयोजन के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें प्रतिमाओं की ऊंचाई से लेकर पंडाल तक का आकार तय कर दिया गया है। आयोजन संचालकों के साथ छोटे स्तर पर इलाके में लगने वाली झांकियों पर 8 नियम लागू रहेंगे। इसका पालन कराना जहां प्रशासन की जिम्मेदारी रहेगी, वहीं नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और सजा का प्रावधान भी किया गया है।
शहर के कई इलाकों में पहले से ही प्रतिमाएं बन रही हैं। अब इनकी ऊंचाई तय होने से प्रतिमाओं का निमार्ण करने वालों को परेशानी होगी।
शहर के कई इलाकों में पहले से ही प्रतिमाएं बन रही हैं। अब इनकी ऊंचाई तय होने से प्रतिमाओं का निमार्ण करने वालों को परेशानी होगी।
यह नियम जारी किए गए
प्रतिमाएं अधिकतम 6 फीट ऊंची हो सकती हैं। पंडाल का साइज भी 10 बाई 10 फीट अधिकतम होगा।
सामाजिक/सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में 100 से कम व्यक्ति ही रह सकेंगे हैं। कार्यक्रम की पूर्व से अनुमति लेनी जरूरी।
किसी भी तरह के जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। गरबा भी नहीं होगा। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्तियों के समूह को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। आयोजकों को अलग से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति पहले से लेनी आवश्यक है।
झांकियों, पंडालों और विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करेंगे, साथ ही शासन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का भी पालन करना होगा।
सभी दुकानें रात 8:00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इसमें रेस्टोरेंट, मेडिकल, राशन, भोजनालय और खानपान से संबंधित दुकानें 8:00 बजे के बाद अपने निर्धारित समय तक खुल सकती है। रात 10:30 बजे से सुबह 6:00 बजे तक बिना किसी कारण के घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर कम भीड़ होना चाहिए।
नियमों का पालन नहीं करने पर दुकान संचालक पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और सजा दोनों तरह का दंड होगा।

Thursday, 17 September 2020

05:57

क्या आप जानते है कि श्रीनिवास तिवारी को रीवा का सफेदशेर क्यों कहते हैं

January 17, 2020 दीपक तिवारी 
भोपाल। वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी स्वभाव से निर्भीक, गहरी राजनीतिक समझ, प्रभावी वक्ता, संसदीय ज्ञान, वचन के पक्के और समाजवाद के पोषक थे। उनके कामकाज की शैली के चलते उनके चाहने वाले उन्हें 'WHITE TIGER" कहने लगे थे। संसदीय ज्ञान के मामले में विरोधी भी उनका लोहा मानते थे। यही वजह है कि उन्हें दस साल तक विधानसभा अध्यक्ष और ढाई साल तक विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर सदन संचालन का दायित्व सौंपा गया था।

ऐसा लड़ाकू नेता नहीं देखा
प्रदेश की राजनीति में कई दशकों तक श्रीनिवास तिवारी के साथी रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री हजारी लाल रघुवंशी बताते हैं कि मेरे लिए वह आदरणीय रहे। उनके स्वभाव में अनेक खूबियां थीं। ऐसा लड़ाकू नेता कांग्रेस और मध्यप्रदेश को मिलना अब मुश्किल है। कई दशकों का साथ रहा। उनसे जुडे ढेरों संस्मरण हैं ।उनके जैसा दूसरा नहीं देखा। वह चले गए अब उनके बारे में और क्या कहें भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

सिद्धांतों से समझौता नहीं
विधानसभा के प्रमुख सचिव रहे भगवानदेव इसरानी कहते हैं कि 'मैं उनकी कार्यशैली का प्रशंसक रहा।" उन्होंने बताया कि विधानसभा उपाध्यक्ष और अध्यक्ष के रूप में उनकी कार्यशैली नजदीक से देखी, शासन पर उनके प्रभाव के चलते विधानसभा में उन्होंने अनेक पद स्वीकृत कराए। कर्मचारियों को लाभ मिला। स्पीकर के रूप में उनका कार्यकाल यादगार रहा। सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया, इसी के चलते उन्होंने अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल से इस्तीफा तक दे दिया था। अपनी स्वभावगत निर्भीकता और दुस्साहसी होने के कारण लोग उन्हें 'सफेद शेर" भी कहने लगे थे।

1948 में बनाई थी समाजवादी पार्टी
श्रीनिवास तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में स्‍वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सन 1948 में विंध्‍य प्रदेश में समाजवादी पार्टी का गठन किया तथा सन 1952 में समाजवादी पार्टी के प्रत्‍याशी के रूप में विंध्‍य प्रदेश विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित हुए। जमींदारी उन्‍मूलन के लिए अनेक आंदोलन संचालित किए तथा कई बार जेल यात्राएं की। 

कामता प्रसाद जी ने सोना गिरवी रखकर चुनाव लड़वाया
बताते हैं कि समाजवादी पार्टी से 1952 के प्रथम आम चुनाव में जब श्रीनिवास तिवारी को मनगवां विधान सभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया तब उनके सामने भारी आर्थिक संकट था। यह समस्या थी कि चुनाव कैसे लड़ा जाए? ऐसे में गांव के कामता प्रसाद तिवारी नाम के एक व्यक्ति उनकी मदद के लिए आगे आए थे। उन्होंने अपने घर का सोना रीवा में 500 रुपये में गिरवी रखकर रकम श्रीनिवास तिवारी को चुनाव लड़ने के लिए सौंप दी। इसी धन राशि से चुनाव लड़ा गया और जीत हासिल की।

इंदिरा गांधी ने कांग्रेस में बुलाया था
सन 1972 में समाजवादी पार्टी से मध्‍यप्रदेश विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए। सन 1973 में इंदिरा गांधी के कहने पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। सन 1977, 1980 एवं 1990 में विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित। सन 1980 में अर्जुन सिंह के मंत्रिमंडल में लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के मंत्री रहे।

अर्जुन सिंह सरकार से इस्तीफा दिया
1977 में विधायक चुने जाने के बावजूद विपक्षी पार्टी की सरकार बनने की वजह से उन्हें कोई बड़ा पद नहीं मिल सका। 1952 में विधायक चुने गए श्रीनिवास तिवारी पहली बार 1980 में अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में मंत्री पद से नवाजे गए। हालांकि, बाद में इस्तीफा देकर वह विधायक के रूप में ही सेवाएं करते रहे थे। 

दिग्विजय सिंह ने दिया सम्मान
1985 में टिकट काटने की कवायद के बावजूद विंध्य का यह 'सफेद शेर' मुश्किलों के आगे झुका नहीं। 1990 में चुनाव जीतने के बाद वह विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए गए। 1993 में दिग्विजय सिंह के सत्ता में काबिज होने के बाद 10 साल तक वह विधानसभा अध्यक्ष रहे थे। 2008 में विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक जमीन को कमजोर नहीं होने दिया था।

पहला फोन दिग्विजय का...
तिवारी के परिजनों के अनुसार निधन के पांच-सात मिनट के भीतर ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का फोन शोक संवेदना व्यक्त करने आ गया। वह इस समय नर्मदा की परिक्रमा पर हैं। उनके बेटे जयवर्धन भी शोक संवेदना जताने घर पहुंच गए।