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Friday, 5 March 2021

16:49

मध्य प्रदेश में शिक्षकों की पाठशाला से शिक्षा का कायाकल्प

शिक्षकों की पाठशाला:tap news India deepak tiwari CM ने कहा- कोई संस्थान मर्जी से कुछ भी नहीं पढ़ा सकता,  शिक्षा सुधार के लिए बनेगी टास्क फोर्स
भोपाल. मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा की दिशा और गति तय करने के लिए देश भर के शिक्षाविद् भोपाल में एकत्रित हुए हैं। कार्यक्रम में CM शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कोई संस्थान अपनी मर्जी से अब कुछ भी नहीं पढ़ा सकता। शिक्षा में सुधार के लिए टास्क फोर्स बनेगी। छात्रों को सिर्फ लिखा हुआ नहीं पढ़ाया जाएगा। CM शिवराजसिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने बंटाधार कर दिया। मप्र की शिक्षा को कचरा कर दिया था। बड़ी मुश्किल से इसे यहां तक ला पाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को रट्टू तोता नहीं बनाना है, जो मुक्ति दिलाए वहीं शिक्षा है। स्वामी विवेकानंदजी ने भी कहा था कि शिक्षा वह जो इंसान बना दें। संगोष्ठी में प्रदेश के शिक्षकों को छात्रों के बीच तालमेल बैठाने और पढ़ाई कराने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा।
संगोष्ठी में पहले दिन शिक्षक छात्रों के अधिकार और विशेष शिक्षा के बारे में जानेंगे। इसके साथ ही शिक्षा में किए प्रयोग के बारे में भी शिक्षा के जानकार शिक्षकों को बताया जाएगा। कार्यक्रम में नई दिल्ली, हैदराबाद, मेरठ, तमिलनाडु, भुवनेश्वर, बिहार और बिलासपुर समेत अन्य जगहों से कुलपति, प्रोफेसर और शिक्षाविद् बुलाए गए हैं। ये सभी दो दिन तक प्रदेश के शिक्षकों को शिक्षा से जुड़ी बारीकियों के बारे में ट्रेनिंग देंगे।
बंद नहीं करेंगे स्कूल, बड़े स्कूल बनेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पीड़ित होने पर आत्मनिर्भर के बारे में काफी चिंतन किया। स्कूल के नाम पर कुछ भी खोल देने से नहीं चलेंगे। हम कोई भी स्कूल बंद नहीं करेंगे, बल्कि नए बड़े स्कूल बनेंगे। बेहतर दिशा देने भर से हमारे यही शिक्षक अच्छा कर सकते है। नई शिक्षा नीति मील का पत्थर साबित होंगी।
इन विषयों पर फोकस
शिक्षक और शिक्षा के प्रावधान
नेतृत्व, शासन और शिक्षक-शिक्षा संस्थानों का विनियमन
पाठ्यक्रम की रूपरेखा
शिक्षक-शिक्षा की गुणवत्ता और मानक विषय
छात्रों के अधिकार एवं विशेष शिक्षा
अंग्रेजी भाषा अध्ययन
शिक्षा में प्रयोग
शिक्षक-शिक्षण संस्थाओं की बहुसंकायी प्रकृति

Monday, 1 March 2021

21:50

खंडवा के सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान का निधन ऐसा रहा उनका राजनैतिक जीवन

 Tap news India deepak tiwari 
 Mar 2, 2021
 खंडवा। खंडवा (Khandwa, Madhya pradesh) के सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान () का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि स्वर्गीय चौहान की पार्थिव देह आज दोपहर एयर एंबुलेंस से खंडवा हवाई पट्टी लाई जाएगी और वहाँ से बुरहानपुर ले जाई जाएगी। अंतिम संस्कार गृहनगर शाहपुर में होना संभावित है।
उन्होंने 11 जनवरी को अपने ट्विटर से कोरोना रिपोर्ट पाज़िटिव आने की जानकारी दी थी। डॉक्टरों (doctors) के अनुसार उनके 90% फेफड़े (Lungs) संक्रमित हो गए थे। दिल्ली के अस्पताल में उन्हें एअरलिफ्ट किया गया था लेकिन उन्होंने आज तड़के वहां अंतिम सांस ली। नंदकुमार सिंह चौहान भारत की 16वीं लोकसभा के सांसद थे।
2014 के चुनावों में वे भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मध्य प्रदेश के खंडवा से निर्वाचित हुए। वह भाजपा के मध्यप्रदेश राज्य के प्रदेश-अध्यक्ष भी रह चुके हैं| 18 अप्रैल, 2018 को प्रदेश-अध्यक्ष का भार उनके बाद राकेश सिंह को दे दिया गया था उन्होने यह कहकर अपना त्यागपत्र दे दिया था कि वह अब अपने सांसदीय क्षेत्र मे कार्य करना चाहते हैं।
उन्होंने अपनी राजनैतिक जीवन की शुरुआत सन् 1978-80 व 1983-87 तक शाहपूर जो कि बुरहानपुर जिला मे स्थित है से नगर पालिका के अध्यक्ष के तौर पर भाजपा से विजय होकर नगर अध्यक्ष की थी।  इसके बाद सन् 1985-96 तक लगातार दो बार भाजपा से विजयी हो कर मध्यप्रदेश विधानसभा के बुरहानपुर क्षेत्र से विधायक रहे थे।

Saturday, 20 February 2021

15:29

MP बस हादसा आखिरी शव मिला कल

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सीधी.सीधी बस हादसे में नहर में बहे कुकरीझर के अरविंद विश्वकर्मा (22) का शव पांचवें दिन मिला। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे गोविंदगढ़ थाने के अमिलकी गांव के पास नहर में अरविंद का शव मिला। आखिरी शव मिलने के बाद अब सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। हादसे में मरने वालों की संख्या अब 54 हो गई है। जबलपुर NDRF और SDRF की टीमें शनिवार सुबह से ही सुरंग में सर्चिंग में जुटी थीं।
इसी साल अरविंद की शादी होनी थी
हादसे वाले दिन अरविंद अपनी बुआ की बेटी यशोदा को ANM की परीक्षा दिलाने ले जा रहे थे, लेकिन बस के नहर में गिरने से दोनों की मौत हो गई। यशोदा का शव 16 फरवरी को ही मिल गया था। अरविंद चार भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और इसी साल उनकी शादी होनी थी।
ड्राइवर की लापरवाही से हुआ था हादसा
16 फरवरी को सीधी से जबलनाथ परिहार की 32 सीटर बस MP19P1882 सुबह पांच बजे के करीब सतना के लिए रवाना हुई थी। बस में सीधी, सिंगरौली जिले के कुल 63 यात्री सवार थे। इनमें से 3 यात्री बीच में ही उतर गए थे। बस में सवाल ज्यादातर युवतियां ANM की परीक्षा देने सतना जा रही थीं। रास्ते में छुहिया घाटी में लगे जाम से बचने के लिए ड्राइवर ने बस को जिगिना नहर रोड पर डायवर्ट कर दिया था। बस ओवरलोड थी और स्पीड भी तेज थी, इसलिए ड्राइवर कंट्रोल नहीं कर पाया और बस नहर में गिर गई।

Thursday, 18 February 2021

17:37

5 महीने की बच्ची की लाश 22 किमी दूर मिली मौत का आंकड़ा 51 हुआ

:tap news India deepak tiwari
सीधी बस हादसा कई परिवारों को कभी न मिटने वाला गहरा जख्म देकर गया है। हादसे में मरने वालों की संख्या 51 हो चुकी है। मंगलवार रात तक 47 शव मिले थे। बुधवार को 4 बॉडी और मिलीं, जिसमें 5 महीने की बच्ची का शव रीवा में मिला। 3 लापता लोगों की तलाश जारी है।
इस बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घटनास्थल सीधी पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। रामपुर नैकिन गांव के गुप्ता परिवार ने मुख्यमंत्री से अपील की, ‘अगर सड़क जाम नहीं होती, तो हमारे बच्चे जिंदा होते और पत्नी जिंदा होती। सड़क बनवा दीजिए। जो मेरे साथ हादसा हुआ, किसी और परिवार के साथ ना हो।’ सुरेश गुप्ता अपनी बहू पिंकी और पोते अथर्व के साथ सफर कर रहे थे। सुरेश बच गए, बहू-पोता नहर में डूब गए।
बच्ची का शव 22 किमी दूर मिला
बस में बैठी 5 महीने की मासूम शुभी उर्फ सौम्या अपनी मां के आंचल से छूट गई थी, जो पानी की बहाव के साथ बहती चली गई। 24 घंटे बाद उसका शव सीधी की सरहद से 22 किलोमीटर दूर रीवा के गोविंदगढ़ के पास मिला। उसकी मां और मौसी की लाश मंगलवार को ही बस से मिली थी।
बस ड्राइवर देर रात गिरफ्तार
रीवा के सिमरिया निवासी बस ड्राइवर 28 साल के बालेंद्र विश्वकर्मा को पुलिस ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। ड्राइवर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका एक ड्राइविंग लाइसेंस हादसे में बह गया, जबकि दूसरा लाइसेंस रीवा में है। गाड़ी के दस्तावेज सतना में हैं। इसके बाद बालेंद्र के ड्राइविंग लाइसेंस और बस के डॉक्यूमेंट्स के लिए दो टीमें रीवा और सतना भेजी गई हैं।
पुलिस ड्राइवर से यह पता करने में जुटी है कि क्या वह पहले भी ओवरलोड कर बस चलाता था? ASP अंजुलता पटले के मुताबिक, बस में कुल 63 यात्री सवार थे। इनमें से तीन यात्री हादसे से पहले ही बस से उतर गए थे। वहीं, 60 यात्रियों में 6 की जान बचाई जा चुकी है।
ड्राइवर बोला- फिसलती गई बस और नहर में समा गई
सोशल मीडिया पर बस के ड्राइवर बालेंद्र विश्वकर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहा है कि चलती हुई बस में अचानक आवाज आई। इसके बाद बस फिसलकर नहर में समा गई। मैंने किसी तरह जान बचाई। मेरे पीछे एक लड़की भी थी। उसने भी बाहर निकलने की कोशिश की। वहीं, ऊपर से दो लोगों ने रस्सी डाली, जिसकी मदद से हम बाहर आ गए।
बस में 33 स्थानों से लोग हुए थे सवार
नहर में पलटने वाली सीधी-सतना रूट की बस MP-19P 1882 में कुल 33 स्थानों से 60 लोग सवार हुए थे। इसमें सबसे ज्यादा रामपुर नैकिन, कुसमी और बहरी वेलहा से 3-3, बाकी आसपास के गांवों में रहने वाले थे।
बस हादसे में जिंदा बच गए लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। इस बड़े हादसे में छह लोगों को उनके जज्बे ने बचा लिया। इसमें तीन पुरुष और तीन युवतियां शामिल हैं। इस दौरान बहादुर बेटी शिवरानी और उसके परिजन ने इन छह लोगों को बचाने में गजब की हिम्मत और जज्बा दिखाया। इसमें से अधिकतर 200 से 500 मीटर तक बह गए थे।
हिम्मत से दी मौत को मात
अनिल तिवारी ने बताया, ‘जैसे ही बस नहर में डूबने लगी, बस की बंद खिड़की को जोर से हाथ मारा, जिससे कांच टूट गया। मुझे तैरना आता था। बगल में बैठे सुरेश गुप्ता को बचाने की कोशिश की और उनका हाथ पकड़कर खिड़की से बाहर खींच लिया।’ सुरेश गुप्ता 62 वर्ष के हैं। तैरना भी कम जानते थे, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नहर का किनारा पकड़ लिया। करीब 300 मीटर दूर जाकर एक पत्थर मिला, जिसके सहारे दोनों अपनी जान बचा पाए।
जज्बे से बचाई खुद की जान
ज्ञानेश्वर चतुर्वेदी बस में सामने के कांच से आगे की ओर देख रहे थे। जैसे ही बस नहर में गिरने लगी तो उन्होंने खिड़की के कांच में पैर मारा और पानी में कूद गए। गनीमत यह रही कि वे बस के किसी हिस्से में नहीं फंसे। देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने ही बस धीरे धीरे डूब गई। वे नहर का किनारा पकड़कर तैरने लगे। तभी एक सीढ़ी मिली, जिसे पकड़कर ऊपर आ गए।

Wednesday, 17 February 2021

17:25

बाजार में धान बेचने की तैयारी

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रायपुर.इस साल धान की बंपर खरीदी के बाद सरकार उसे सहेजने में मुश्किलों से घिरती नजर आ रही है। राज्य की खाद्यान्न योजनाओं के लिए 25 लाख टन और केंद्रीय पूल में 40 लाख टन देने के बाद भी करीब 20 लाख टन से अधिक धान सरप्लस हो रहा है।
यदि केंद्र ने कोटा नहीं बढ़ाया तो राज्य सरप्लस धान को खुले बाजार में बेचने की तैयारी कर रही है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार ओपन बाजार में धान बेचने जा रही है। 20-21 में हुई खरीदी के बाद सरप्लस धान की नीलामी का फैसला हुआ है। इसकी नीलामी के लिए निर्देश दिया है।
यह नीलामी मार्कफेड करेगा। इसके लिए अंतर विभाग समिति का गठन किया गया है। 18 फरवरी से बिडर के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। उन्होंने बताया कि प्राइवेट सोसाइटी में धान पड़े रहने से सरकार को नुकसान होगा और धान भी खराब होगा। विकल्प हमने खुला रखा है, फिर भी केंद्र से उम्मीदें हमने बनाई हुई है।
इसके बावजूद केंद्र सरकार से उम्मीद है जो छत्तीसगढ़ के किसानों ने धान उत्पादित किया है उसे एफसीआई के माध्यम से खरीदी करेगी। चौबे ने कहा कि देश में 1000 से 1100 रुपए में धान खरीदी की जा रही है, हम किसानों से 2500 रुपए में धान खरीद रहे हैं। अन्य खर्चे मिलाकर छत्तीसगढ़ सरकार को 30 रुपए प्रति किलो से अधिक पड़ता है।
यह नुकसान हमें होगा। यह हम पहले ही मान कर चल रहे हैं, पर केंद्र से भी उम्मीद है। 60 लाख मीट्रिक टन मान्य करने के लिए केंद्र को पत्र भेजा है। चौबे ने कहा कि एफसीआई में चावल जमा करने की गति धीमी है।
पुराने बारदाने में चावल जमा नहीं किया जा रहा है, इसमें ढील के लिए प्रस्ताव भेजा है। वहीं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि राज्य के पास 16 लाख 46 हजार टन धान सरप्लस है। एफसीआई में धीमी गति से चावल जमा हो रहा है। राज्य ने अतिरिक्त धान की नीलामी का फैसला किया है। यह नीलामी एमएसपी दर पर होगी।
एफसीआई का पुराने बारदाने में चावल लेने से इनकार, भगत ने गोयल का लिखी चिट्ठी
भारतीय खाद्य निगम ने पुराने बारदाने में चावल खरीदने से इनकार कर दिया है। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर पुराने बारदानों में भी चावल लेने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
नये बारदानों में चावल जमा नहीं करने के लिए राज्य सरकार ने नये बारदाने की कम आपूर्ति की बात कही है। भगत ने लिखा, केंद्रीय जूट आयुक्त ने 1.48 लाख जूट के बारदानों की स्वीकृति प्रदान की थी। लेकिन प्रदेश को अभी तक 1.08 लाख बारदाने ही मिले हैं। केंद्र सरकार ने 20 अक्टूबर को एक बार उपयोग हो चुके जूट बारदानों में चावल जमा करने की अनुमति दी गई थी।
मंत्री का कहना है, इस अनुमति के बावजूद यहां एफसीआई में इस्तेमाल हुए बारदानों में चावल जमा नहीं कर रही है। भगत ने सीएम बघेल के पत्र का भी उल्लेख किया है, जिसमें 40 लाख मीट्रिक टन चावल जमा करने की मांग की गई है।
यह है धान और चावल का गणित: इस साल 93 लाख टन धान की खरीदी की गई। इसमें से राज्य की योजनाओं के लिए करीब 25 लाख टन चावल लगता है। केंद्रीय पूल में भारत सरकार ने करीब 40 लाख टन लेने की सहमति दी है। राज्य की मांग पर यदि केंद्र ने 20 लाख टन और नहीं लिया तो यह धान खरीदी केंद्रों और गोदामों में सड़ जाएगा। बीते 21 सालों में बाजार में पहली बार धान बेचा जाएगा।
17:23

एमपी में मौसम ने बदली करवट

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भोपाल.मध्यप्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से हल्की और मध्यम बारिश हो रही है। इसमें पूर्वी एमपी में ज्यादा बारिश हुई। वहीं, पश्चिम एमपी में मौसम साफ हो गया है। मौसम विभाग ने पूर्वी एमपी में गुरुवार तक हल्की और मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिक पीके शाहा ने बताया कि मध्यप्रदेश में बंगाल और अरब सागर की तरफ से नमी आ रही है। इससे एक ट्रफ बना हुआ है। इसी वजह से मध्यप्रदेश में बारिश हो रही है। अभी गुरुवार तक पूर्वी एमपी में बारिश हो सकती है। इसमें होशंगाबाद, बैतूल और पंचमढी में ज्यादा संभावना है, वहीं बादल साफ होने के बाद कई जगह पाला भी दिख सकता है।
मण्डला में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में मण्डला में सबसे ज्यादा 39 मिलीमीटर( एमएम) बारिश दर्ज की गई। भोपाल में बूंदाबांदी हुई। इंदौर और उज्जैन संभाग में कम बारिश है। बुधवार को ग्वालियर और चंबल संभाग में बारिश होने की संभावना नहीं है।
जिलेवार कहां हुई कितनी बारिश
उमरिया में 10.4्र एमएम, छिदवाड़ा 7.0 एमएम, जबलपुर 12.3 एमएम, दमोह 5.0 एमएम, खजुराहो 2.0, नरसिंगपुर में 3.0 एम्एम्, नवगांव 5.8 एमएम, सागर में 3.6 एमएम, सतना में 0.6 एमएम, उमरिया में 10.4 एमएम, बैतूल में 4.2 एमएम, होशंगाबाद में 0.6 एमएम, खण्डवा में 2.0 एमएम, पचमंडी में 1.4 एमएम बारिश हुई।
न्यूनतम तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार प्रदेश में बादल साफ होने के साथ तापमान में गिरावट आएगी। न्यूनतम तापमान कम होकर 10 डिग्री तक जा सकता है। अधिकतम तापमान में पहले ही गिरावट आ गई है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

Saturday, 28 November 2020

01:36

अब सब्जियों का भी एमएसपी:deepak tiwari

मध्य प्रदेश सरकार सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन दिन पहले इसकी घोषणा करते हुए उद्यानिकी विभाग के अफसरों को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे। विभाग ने भिंडी, लौकी, गोभी, टमाटर सहित 12 सब्जियों को इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि केंद्रीय कृषि कानून लागू होने के बाद मंडियों के बाहर फसलों के क्रय-विक्रय की छूट है, तो किसानों को कैसे लाभ मिलेगा? वैसे भी, प्रदेश की केवल 76 मंडियों में ही सब्जियाें की खरीद-बिक्री की व्यवस्था है।
इन सब्जियों को दायरे में लाने की योजना: भिंडी, लौकी, पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर, खीरा, गिलकी, पालक, बरबटी, गाजर, चुकंदर व आलू।
हाट बाजार का सिस्टम फेल
इससे पहले, सरकार किसानों को सब्जियों का उचित दाम दिलाने के लिए हाट बाजार की योजना लेकर आ चुकी है। इसके प्रारंभिक चरण में प्रदेश के बड़े शहरों में ऐसे स्पाॅट तय किए थे, जहां किसान गांवों से सब्जी लाकर सीधे आम नागरिकों को बेच सकेंगे, लेकिन यह योजना फेल हो गई। दरअसल, नगर निगमों ने जो स्पॉट तय किए थे, वहां पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं। ऐसे में किसानों को अपनी फसल व्यापारियों को बेचने मजबूर होना पड़ा था।
अब केरल मॉडल लागू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री के सामने उद्यानिकी विभाग के अफसरों ने सब्जियों का समर्थन मूल्य तय करने के लिए केरल के मॉडल का प्रजेंटेशन किया था। इस पर आगे बढ़ने की सैद्धांतिक सहमति के बाद अफसरों ने केरल मॉडल के हिसाब से ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें केरल में सब्जियों के दाम प्रतिकिलो लौकी 9 रुपए, खीरा 8 रुपए, पत्ता गोभी 11 रुपए, आलू 20 रुपए, गाजर 21 रुपए के भाव का उल्लेख किया गया है।
हिमाचल में सेव और यूपी में आलू पर एमएसपी लागू
केरल के अलावा देश में हिमाचल और यूपी ऐसे राज्य हैं जहां, फल-सब्जी पर एमएसपी लागू है। हिमाचल में केवल सेब और यूपी में आलू का समर्थन मूल्य तय किया गया है।
कोल्ड स्टोरेज : 9 लाख मीट्रिक टन क्षमता, जरूरत 17 लाख मीट्रिक टन
मध्य प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता वर्तमान में 9 लाख मीट्रिक टन है। यदि सब्जियों का समर्थन मूल्य तय किया जाता है, तो कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 17 लाख मीट्रिक टन की जरूरत होगी।
फिलहाल किसान ऐसे बेचते हैं सब्जियां
मध्य प्रदेश में सब्जियां किसानों से सस्ते में खरीद कर बिचौलिए महंगे दामों में बेच रहे हैं। भोपाल की थोक करोंद मंडी में पत्ता गोभी, बैंगन और लौकी जैसी सब्जियों के किसानों को आठ रुपए किलो दाम ही मिल पा रहे हैं, जबकि फुटकर बाजारों में यह 30 से 40 रुपए किलो तक है।

Monday, 23 November 2020

20:04

ड्रोन की नजर से इंदौर का नाइट कर्फ्यू:deepak tiwari

इंदौर.इंदौर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने इंदौर में भी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। कोरोना की वजह से दूसरी बार इंदौर के लोगों को नाइट कर्फ्यू से गुजरना पड़ा रहा है।  रविवार को दिन और रात दोनों समय उन जगहों का जायजा लिया, जो शहर की पहचान हैं और जहां सबसे ज्यादा आवाजाही रहती है। पहली लोकेशन थी राजबाड़ा का कृष्णपुरा छत्री चौक और दूसरा 56 दुकान वाला इलाका।
हमारी टीम ने ड्रोन की नजर से सुबह और शाम के हालात पर नजर रखी। यहां सुबह भीड़ दिखी तो रात होते ही सन्नाटा छा गया। सामान्य दिनों में राजबाड़ा पर रात 2 बजे तक भीड़ होती है, नाइट कर्फ्यू के दौरान 10 बजे यहां सन्नाटा दिखा।
56 दुकान इलाके में दोपहर में इस चहल-पहल थी।
56 दुकान दोपहर 2.30 बजे : खाने-पीने के लिए मशहूर 56 दुकान ने लॉकडाउन के बाद फिर से रफ्तार पकड़नी शुरू की थी कि एक बार फिर से नाइट कर्फ्यू ने ब्रेक लगा दिया। रात 11 बजे तक खुलने वाली दुकानें अब रात 9 बजे ही बंद होने लगी हैं। रविवार दोपहर जब टीम यहां पहुंची तो खाने के शौकीनों की भीड़ नजर आई। लोग परिवारों के साथ संडे मनाने यहां पहुंचे थे। सभी के चेहरे पर मास्क थे, सिर्फ खाने-पीने के दौरान ही मास्क नीचे कर रहे थे। व्यापारियों ने भी दुकान के सामने एक आदमी खड़ा कर दिया था। जो मास्क नहीं तो एंट्री नहीं की व्यवस्था संभाल रहा था।
रात 10 बजे 56 दुकान पर सन्नाटा पसरा था।
रात 10.15 बजे : रात के 10 बज चुके थे और नाइट कर्फ्यू शुरू हो चुका था। हमारी टीम एक बार फिर से 56 दुकान पहुंची तो यहां पर सन्नाटा पसरा हुआ था। गार्ड सीटी बजाते हुए गश्त में व्यस्त था, वहीं पुलिस भी सायरन बजाते हुए घूम रही थी। यहां पर इसलिए भी जल्दी सब कुछ शांत हो गया था, क्योंकि दुकानों को बंद करने के समय को 11 बजे से घटाकर रात 9 बजे कर दिया गया है।
दोपहर 3 बजे की फोटो कृष्णपुरा छत्री चौक की है।
कृष्णपुरा छत्री चौक दोपहर 3 बजे : इंदौर का दिल राजबाड़ा शहर की पहचान होने के साथ ही इस इलाके में सभी पुराने और बड़े बाजार हैं। कृष्णपुरा छत्री चौक ऐसी जगह है जहां 24 घंटे ट्रैफिक लोड रहता है। यहां से जवाहर मार्ग, नगर निगम, राजबाड़ा, सराफा, मल्हारगंज, रीगल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पलासिया, कलेक्ट्रेट सहित शहर के किसी भी इलाके में जा सकते हैं। सबसे ज्यादा ट्रैफिक लोड वाले इस चौराहे पर दोपहर में टीम जब पहुंची तो यहां पर तेजी से गाड़ियां दौड़ रही थीं। लोग पैदल भी बाजार की ओर जा रहे थे। भीड़ देख ऐसा लग ही नहीं रहा था कि इंदौर में हर दिन 500 से ज्यादा केस आ रहे हैं। हालांकि सख्ती के बाद सभी के चेहरे पर मास्क जरूर लगे हुए थे। यह स्थिति रात 9 बजे तक तो ऐसे ही बनी रही, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे लोग कम होने लगे।
रात 10.30 बजे इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आए।
कृष्णपुरा छत्री चौक पर रात 10.30 बजे : रात में जब फिर से हमारी टीम नाइट कर्फ्यू का जायजा लेने पहुंची तो यहां सन्नाटा था। पुलिस तो सख्ती करते नजर नहीं आई, लेकिन लोग खुद ही घरों में थे। सभी दुकानों पर ताले थे। ठंड की वजह से गार्ड स्ट्रीट लाइट की रोशनी में कंबल में दुबके हुए बैठे दिखे। करीब आधे घंटे में यहां से इक्का-दुक्का वाहन ही निकले। ये वे लोग थे जो देरी से ड्यूटी से छूटे थे या फिर जरूरी काम से बाहर जाना पड़ा था।

Sunday, 22 November 2020

08:09

MP में कोरोना ने फिर फैलाए पाँव :deepak tiwari

भोपाल-इंदौर समेत 9 जिलों में ज्यादा संक्रमण; शिवराज लॉकडाउन के पक्ष में नहीं, बोले- इससे नुकसान होता है
भोपाल.मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक घंटे की समीक्षा बैठक की। इसमें जिलों से आई क्राइसिस मैनेजमेंट रिपोर्ट पर मंथन हुआ। यह सामने आया कि प्रदेश में 9 जिलों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, रतलाम, धार, दतिया, अशोकनगर, शिवपुरी जिलों में संक्रमण सबसे ज्यादा है। शिवराज ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि इन जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के फैसलों को लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे बंद के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होती हैं। लिहाजा, जिला प्रशासन सख्ती न बरते, बल्कि व्यापारियों से बाजार बंद करने की अपील करे। साथ ही उन्हें कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए प्रेरित करे। मुख्यमंत्री ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए 24 नवंबर को फिर बैठक बुलाई है।
युवाओं में ज्यादा संक्रमण
जिलों के मिली रिपोर्ट में सामने आया कि बुजुर्गों की अपेक्षा युवाओं और महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में संक्रमण का रेट ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक 60 प्रतिशत युवा संक्रमित हैं। यह बात भी सामने आई कि युवा ज्यादा लापरवाह हैं। ऐसे में समाजसेवी संगठनों के सहयोग सेे युवाओं के बीच ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में हुए मंथन में यह भी सामने आया कि गांव की अपेक्षा शहरों में संक्रमण ज्यादा तेजी से फैल रहा है।
भोपाल, इंदौर समेत 5 जिलों में नाइट कर्फ्यू
प्रदेश में कोरोना के मामलों में तेजी देखते हुए सरकार ने 5 जिलों में 21 नवंबर से नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में रात 10 से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। नाइट कर्फ्यू के पहले दिन इन जिलों में सख्ती दिखाई गई। भोपाल में कर्फ्यू तो रात 10 बजे लगाया जाना था, पर कुछ दुकानदारों ने रात 8 बजे दुकानें बंद करने का फैसला लिया है। इंदौर की मशहूर छप्पन दुकान रात 9 बजे ही बंद हो गई।

Friday, 20 November 2020

08:18

मध्यप्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा:deepak tiwari

भोपाल.मध्यप्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में यह बात साफ कर दी। जहां कोरोना के मामले ज्यादा हैं, वहां नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा। यह कब से लागू होगा, इसके बारे में जानकारी आना बाकी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल में कोरोना के 425 मामले सामने आने और इंदौर में 313 मामलों के साथ कोरोना की तीसरी लहर आने के बाद मुख्यमंत्री ने कोरोना पर बैठक बुलाई थी।
नाइट कर्फ्यू पर फैसला कलेक्टर लेंगे
जिन शहरों में कोरोना का 5% से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है, वहां रात 10 से सुबह 6 बजे तक का कर्फ्यू रहेगा। 5% पॉजिटिविटी रेट यानी कोरोना के हर 100 टेस्ट में 5 टेस्ट पॉजिटिव पाए जाएं। ऐसे जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद वहां के कलेक्टर नाइट कर्फ्यू लगाने के बारे में आखिरी फैसला लेंगे।
बैठक में सीएम ने ये निर्देश दिए
राज्य में स्कूल-कॉलेज अभी बंद ही रहेंगे।
थिएटरों के लिए पहले की गाइडलाइन जारी रहेगी। यानी 50% सिटिंग कैपेसिटी की ही इजाजत होगी।
कल से हर जिले में क्राइसिस ग्रुप की रेगुलर बैठक होगी और सिफारिशें सरकार को भेजी जाएंगी।
शादियों में ज्यादा से ज्यादा कितने लोग इकट्ठा हो सकते हैं, इस पर फैसला बाद में होगा।
पूरे प्रदेश में मास्क लगाने पर सख्ती बढ़ाई जाएगी। इसे लागू करने की जिम्मेदार जिला प्रशासन की होगी।
सीएम खुद हर एक दिन छोड़कर कोरोना के मामलों का रिव्यू करेंगे।
लॉकडाउन से जुड़ा पुराना वीडियो वायरल
मंत्रालय में जब मुख्यमंत्री बैठक कर रहे थे, तभी उनका एक पुराना वीडियो वायरल हुआ। इसमें वे दो शहरों में लॉकडाउन की बात कर रहे हैं। ये वीडियो छह महीने पुराना है। वीडियो सामने आने के बाद यह माना जाने लगा कि मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। बाद में सरकार ने स्थिति साफ की कि यह घोषणा पुरानी थी।
हरियाणा की स्थिति के बाद यू-टर्न
सरकार कई दिनों से स्कूल-कॉलेज के बारे में सोच रही थी। स्कूल शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव भी भेजा था। इसमें कहा गया था कि 20 नवंबर के बाद स्कूल खोले जा सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने अब साफ कर दिया है कि इन्हें अभी बंद ही रखा जाएगा। दरअसल, हरियाणा में स्कूल खोले जा चुके हैं और कई जिलों में अब तक 119 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं।

Monday, 16 November 2020

07:41

दिसम्बर से खुल सकते हैं स्कूल Deepak Tiwari

इन्दौर।   कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण बंद पड़े स्कूलों को दिसम्बर में खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तक पहुंच गया है। निजी स्कूल के संचालकों ने अपने राजनीति संबंधों के आधार पर स्कूल खोलने को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
मार्च माह में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने और लम्बे समय तक लगे लॉकडाउन के बाद से ही स्कूल बंद हैं। हालांकि अभी केंद्र सरकार के निर्देश पर 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को उनके पालकों की सहमति से स्कूलों में जाकर शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल खुले हुए हंै, बाकी  अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन ही हो रही है। लम्बे समय से बंद स्कूल के संचालक चाहते हैं कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए स्कूल खोल दिए जाएं। इसको लेकर निजी स्कूल के संचालकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाना शुरू किया, जिसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने दिसम्बर में स्कूल खोलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तक पहुंचा दिया है। हालांकि स्कूल खोलने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में होगा, मगर निजी स्कूल के संचालक अपने राजनीतिक संबंधों के आधार पर स्कूल खोलने को लेकर दबाव बना रहे हैं।

 
सप्ताह में चार दिन खुल सकते हैं स्कूल
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लंबे समय से बंद स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है। उसमें कई बिंदु शामिल हैं और इनमें प्रमुख रूप से सप्ताह में चार दिन स्कूल खोलने का बिंदु प्रमुख है। इसी तरह 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं नियमित रूप से शुरू करने की बात भी अधिकारियों ने प्रस्ताव में रखी है। प्रस्ताव में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं 1 दिसम्बर से नियमित रूप से शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। विभाग का उद्देश्य यह है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद धीरे-धीरे स्कूलों की रौनक वापस लौटे।

Sunday, 8 November 2020

23:26

शिवराज सरकार के खिलाफ यात्रा निकालने वाले कम्प्यूटर बाबा के आश्रम में चला सरकारी पंजा बाबा पहुँचे जेल:deepak tiwari

इंदौर.मध्य प्रदेश के इंदौर में नामदेव दास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा) के खिलाफ रविवार को अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई की गई। बाबा के गोम्मट गिरी वाले आश्रम को प्रशासन ने तोड़ दिया और बाबा को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। कम्प्यूटर बाबा वही हैं जिन्होंने हाल ही में मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में शिवराज सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा भी निकाली थी।
प्रशासन ने 2 महीने पहले नोटिस दिया था
इंदौर में एयरपोर्ट रोड पर जम्बूडी हप्सी गांव में बाबा का आश्रम था। आरोप हैं कि गौशाला की 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर इसमें से 2 एकड़ जमीन पर आश्रम बना दिया गया। प्रशासन ने 2 महीने पहले कंप्यूटर बाबा को नोटिस देकर कागज पेश करने को कहा था। 2 हजार रुपए का फाइन लगाकर कब्जा हटाने के लिए भी कहा था।
बाबा की तरफ से न तो कागज पेश किए गए, न ही कब्जा हटाया गया। ऐसे में ADM अजयदेव शर्मा रविवार सुबह नगर निगम की टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और आश्रम तुड़वा दिया। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने बाबा और उनके 4 सहयोगियों को पहले ही हिरासत में ले लिया था।
कम्प्यूटर बाबा ने दिग्विजय सिंह के लिए यज्ञ करवाया था
बाबा का तालुल्क राजनीति से रहा है। इसलिए, उन्होंने लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञासिंह का विरोध किया था और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के समर्थन में यज्ञ किया था। दिग्विजय सिंह ने बाबा का आश्रम तोड़े जाने को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
भाजपा-कांग्रेस सरकारों में बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा मिला था
नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाने में हुए कथित घोटाले के खिलाफ मार्च 2018 में यात्रा निकालने की घोषणा की थी। जिसके बाद शिवराज सरकार ने पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक कमेटी बनाई, इसमें कम्प्यूटर बाबा को भी शामिल किया गया और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। लेकिन, सरकार बदली तो बाबा ने भी खेमा बदल लिया और कांग्रेस के पक्ष में चले गए। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी नर्मदा विकास के लिए समिति बनाकर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।
जमीनों पर कब्जे और बैंक खातों की जानकारी जुटा रहा प्रशासन, रायफल-एयरगन भी मिलीं
राज्य सरकार के खिलाफ उपचुनाव में प्रचार करने वाले नामदेव दास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा) के आश्रम को तोड़ने के बाद प्रशासन ने इस क्षेत्र को विकसित करने का दावा किया है। प्रशासन ने यहां पर बड़ी गौशाला बनाने के साथ ही यहां मौजूद मंदिर को भी धार्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की कार्य योजना भी बनाना शुरू कर दी है।
ग्राम जम्बूडी हप्सी के खसरा नंबर 610/1 और 610/2 की 46 एकड़ से ज्यादा जमीन में से 2 एकड़ पर बने कम्प्यूटर बाबा के आश्रम के कब्जे को हटाने की कार्रवाई रविवार को प्रशासन ने की। इसके साथ ही इस पूरी जमीन को विकसित करने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। यहां प्रशासन एक आधुनिक गौशाला के निर्माण की तैयारी कर रहा है। क्षेत्रीय एसडीएम शाश्वत शर्मा के मुताबिक यहां के धार्मिक स्थल को प्रशासन अन्य धार्मिक स्थलों की तरह विकसित किया जाएगा।
बाबा की जांच कर रहा प्रशासन
सूत्रों के मुताबिक कम्प्यूटर बाबा के द्वारा और भी कई जगह कब्जे किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिली हैं, जिसमें 60 फीट रोड स्थित काली धाम सहित अन्य जमीनें शामिल हैं। इनकी भी जांच करवाई जा रही है। वहीं, प्रशासन को बाबा के कई बैंक अकाउंट होने और उनमें असामान्य तरीके से पैसा जमा होने की भी शिकायतें मिली हैं। प्रशासन ने बाबा की जमीनों के साथ ही उनके खातों की भी जांच शुरू करवा दी है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर आयकर विभाग की मदद भी तैयारी है।
लैपटॉप लेकर चलते थे, संत ने रख दिया नाम कम्प्यूटर बाबा
प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जेधारी घोषित किए गए कम्प्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है। 1965 में नरसिंहपुर में उनका जन्म हुआ था। दिगंबर अखाड़े से जुड़े कम्प्यूटर बाबा सन 2000 के आसपास इंदौर में आकर बस गए थे। इस दौरान उन्होंने गोम्मट गिरी से लगे क्षेत्र में गरबों का आयोजन करवाया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से यहां पर मंदिर का निर्माण किया। फिर वहीं पर अपना आश्रम बना लिया था। कम्प्यूटर बाबा को इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स मोबाइल, स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि काफी पसंद है। वो अपने साथ हमेशा लैपटाॅप रखते हैं। हमेशा कम्प्यूटर में रूचि रखने वाले नामदेव दास त्यागी का 1998 में नरसिंहपुर के एक संत ने नाम बदलकर कम्प्यूटर बाबा रख दिया था। उसके बाद से ही वे कम्प्यूटर बाबा के रूप में प्रसिद्ध हो गए थे।
सुपर कॉरिडोर की जमीन पर भी कब्जा
सुपर कॉरिडोर की सर्वे नंबर 103 की लगभग 3500 स्केवयर फीट जमीन पर भी कम्प्यूटर बाबा का कब्जा मिला है। यह जमीन वन विभाग के अधीन होने के साथ ही इंदौर विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्ट में भी शामिल है। नायब तहसीलदार मनीष श्रीवास्तव इसकी जांच कर रहे हैं। अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई के दौरान 315 बोर की रायफल और एयरगन भी बरामद हुई है।
रहे हैं विवादों में
कम्प्यूटर बाबा पर कार्रवाई भले ही पहली बार हुई है, लेकिन वो हमेशा विवादों से घिरे रहे
कम्प्यूटर बाबा ने गोम्मटगिरी आश्रम की जमीन पर हुए विवाद के बाद सबसे पहले राजबाड़ा पर आमरण अनशन किया था। उस समय तत्कालीन मंत्री और वर्तमान भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अनशन खत्म करवाया था।
अंबिकापुरी स्थित श्रीसिद्ध कालीधाम मंदिर को लेकर हुई हत्या के मामले में भी बाबा को लेकर आरोप लगे थे।
2011 में कम्प्यूटर बाबा ने गोम्मट गिरी आश्रम पर लघु कुंभ आयोजित किया था। इसके प्रचार के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर से गांव-गांव में पर्चे वितरित किए थे।
कम्प्यूटर बाबा ने 2014 में आम आदमी पार्टी से लोकसभा का टिकट मांगा था।
मार्च 2018 में कम्प्यूटर बाबा ने तत्कालीन शिवराज सरकार पर नर्मदा किनारे पौधारोपण के नाम पर घोटाले का आरोप लगाते हुए नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में रथयात्रा निकालने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उन्हें और उनके समर्थक योगेंद्र मंहत, संत भय्यू महाराज भय्यू महाराज, नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज की कमेटी बनाकर सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। इसके बाद उन्होंने न सिर्फ यात्रा निरस्त कर दी थी, बल्कि राज्यमंत्री बनाए जाने को सरकार की ओर से पुरस्कार बताया था। हालांकि विधानसभा चुनावों के पहले उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।
2018 में राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद जब वे पहली बार भोपाल पहुंचे थे, तो वहां सरकारी गेस्ट हाउस की छत पर ही धूनी रमा कर बैठ गए थे। इसे लेकर उस समय कांग्रेस ने उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया था।
लोकसभा चुनावों के पहले उन्होंने एयर स्ट्राइक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होने आरोप लगाया था कि सरकार ओर सेना दोनों मारे जाने वालों की जो संख्या बता रहे हैं वो अलग-अलग है।
लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लगने के पहले तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने उन्हें एक बार फिर से राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया था।
लोकसभा चुनावों में भी वे सक्रिय रहे। भोपाल संसदीय सीट पर उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी दिग्विजयसिंह के समर्थन में प्रचार किया था। इस दौरान उन्होंने धूनी रमाने के साथ ही कांग्रेस की जीत के लिए मिर्ची यज्ञ भी करवाया था।
कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस से इस्तीफा देने और भाजपा ज्वाइन करने पर उन्होंने इन विधायकों पर पैसा लेकर सरकार गिराने का आरोप लगाया था।
अप्रैल माह में महाराष्ट्र के पालघर और उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर में हुई संतों की हत्या के विरोध में भी कम्प्यूटर बाबा ने गोम्मट गिरी में अपने आश्रम में धूनी रमाते हुए 7 घंटों तक अनशन किया था।
28 सीटों पर हुए विधानसभा के उपचुनावों में कम्प्यूटर बाबा ने लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकालकर भाजपा के विरोध में प्रचार किया था। इस दौरान वे साधु संतों के साथ सभी सीटों पहुंचे थे और चौपालों पर सभा लेकर भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए वोट न देने की जनता से अपील की थी।

Monday, 2 November 2020

21:48

MP : प्रचार खत्म होने के 18 घंटे बाद कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट से राहत स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने के EC के आदेश पर रोक deepak tiwari

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बता दें कि कांग्रेस का तर्क था कि स्टार प्रचारक का दर्जा चुनाव आयोग नहीं देता है। यह पार्टी तय करती है, तो चुनाव आयोग उससे यह कैसे छीन सकता है।
इससे पहले, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्रवाई अलोकतांत्रिक है। आयोग ने बिना नोटिस दिए कमलनाथ को स्टार प्रचारक की सूची से अलग कर दिया। इसे लेकर कांग्रेस ने ई-फाइल के जरिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट दो दिन अवकाश के कारण बंद होने के बाद सोमवार को खुला था।
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को जारी आदेश में कहा, 'आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन और उसके लिए जारी की गई सलाह की अनदेखी करने के लिए आयोग ने कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा खत्म करने का निर्णय लिया है।'
इसलिए कमलनाथ पर कार्रवाई की गई
मंत्री इमरती देवी को ‘आइटम’ कहना और सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए ‘नौटंकी का कलाकार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने पर कमलनाथ से चुनाव आयोग ने स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया। इसमें कहा गया कि कमलनाथ को कई बार चेताया गया, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
इससे यह असर पड़ा था
चुनाव प्रचार थमने के दो दिन पहले स्टार प्रचार का दर्जा हटने से उम्मीदवार पर इसका सीधा असर पड़ता। असल में चुनाव में स्टार प्रचारक की हवाई यात्रा, चुनाव सभा का खर्च पार्टी के खाते में जुड़ता है। लेकिन, चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब कमलनाथ की सभाओं का खर्च और प्रचार के लिए की गई हवाई यात्रा का खर्च भी प्रत्याशी के खाते में ही जोड़ा जाता। इससे उम्मीदवार का खर्चा बढ़ जाता। हालांकि अब राज्य में चुनाव प्रचार थम गया है। ऐसे में इस रोक से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना है।
01:45

CM के बेटे कार्तिकेय की जुबान फिसली शिवराज को बताया पूर्व मुख्यमंत्री deepak tiwari


भोपाल। मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव (By-elction) के लिए 3 नवंबर को मतदान (Vot­ing) होना है। मतदान से एक दिन पहले भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Con­gress) ने जनता के बीच जाकर समर्थन की अपील की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shiv­raj Singh Chauhan) के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी जनता के बीच पहुंचे। सभा को संबोधित करते वक्त कार्तिकेय की जुबान फिसल गई और उन्होंने अपने मुख्यमंत्री पिता को पूर्व मुख्यमंत्री बता दिया। इसको लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।
उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी प्रचार‑प्रसार की जिम्मेदारी संभाली। प्रचार के लिए कार्तिकेय सिंह चौहान गैरतगंज पहुंचे थे। वहां पर जनता को संबोधित करते हुए उनकी जुबान फिसल गई। कार्तिकेय सिंह चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने मध्य प्रदेश की जनता का अपमान किया, गरीबों का अपमान किया। आपने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यानि शिवराज सिंह चौहान जी का अपमान किया है। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं। इसी दौरान कार्तिकेय ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूर्व मुख्यमंत्री बता दिया।
सिंधिया ने कांग्रेस के लिए मांगे वोट!
बता दें कि ग्वालियर में एक सभा को संबोधित करते हुए बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की जुबान भी फिसल गई थी। चुनाव प्रचार के दौरान सिंधिया कहते हैं कि ‘मुट्ठी बांधकर विश्वास दिलाओ कि 3 तारीख को हाथ के पंजे वाला बटन दबेगा और कांग्रेस…, कमल के फूल वाला बटन दबेगा और बीजेपी को जीत मिलेगी’। सिंधिया के इस बयान का वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। लोग इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के कमेंट्स करते दिख रहे हैं।

Sunday, 1 November 2020

11:24

अगर विधायक बिके नहीं हैं तो हम पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दो -दिग्विजय सिंह deepk

इन्दौर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह अपने तय कार्यक्रम में सांवेर के कई गांव में घूमे और यहां के मतदाताओं से सीधे रूबरू हुए। दिग्विजयसिंह ने कहा कि हम दावे के साथ कहते हैं कि विधायकों की खरीदी-बिक्री हुई है और विधायकों को खरीदा गया है। अगर विधायक बिके नहीं हैं और उन्हें इस शब्द से आपत्ति है तो हमारे खिलाफ कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत करें।
सांवेर के सेमलियाचाऊ में हुई आमसभा के अलावा दिग्विजयसिंह सांवेर क्षेत्र के कई गांवों में पहुंचे और मतदाताओं से सीधे रूबरू हुए। उन्होंने मतदाताओं से बात भी की और प्रेमचंद गुड्डू को जिताने की अपील की। फिर दिग्विजयसिंह ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और महाराज तंत्र के बीच का चुनाव है। मैं दावे के साथ कहता हूं कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायक बिके और इन्हें भाजपा ने खरीदा और जोड़-तोड़ करके अपनी सरकार बनाई। अगर बिके हुए शब्द पर भाजपा या पूर्व विधायकों को आपत्ति है तो वे कोर्ट जाएं और मेरे खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत दिखाएं। आज जो भाजपा नेता कांग्रेस के 15 माह के कामकाज का हिसाब मांग रहे हैं, वे पहले अपनी सरकार के 15 साल के कार्यकाल का हिसाब दें। मैं प्रदेश के मुख्यमंंत्री शिवराजसिंह को भी चुनौती देता हूं कि वे किसी मंच पर मेरे साथ बैठें और अपनी-अपनी सरकार के हिसाब‑किताब की बात जनता के बीच रख लें। वे सांवेर क्षेत्र के ग्राम कांकरिया बोर्डिया में भी पहुंचे। उनके साथ विधायक विशाल पटेल भी थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह भाजपा ने नोट के दम पर अपनी सरकार बनाई है और विधायक खरीदे हैं, ऐसा ही दौर रहा तो आने वाले दिनों में चुनाव महत्वहीन हो जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पैरवी करते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कि कमलनाथ का कसूर क्या था। उन्होंने सरकारी जमीन हड़पने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो इससे शिवराजसिंह को खतरा नजर आने लगा। किसानों का कर्जा माफ होना शुरू हुआ तो भाजपा के लोगों के पेट में दर्द होने लगा

Monday, 12 October 2020

01:47

राजमाता सिंधिया जन्म शताब्दी समापन समारोह आज प्रधानमंत्री जारी करेंगे स्मृति सिक्का deepak tiwari

 October 12, 2020
 भोपाल। श्रद्धेय राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जन्म शताब्दी समारोह के समापन का कार्यक्रम सोमवार, 12 अक्टूबर को आयोजित होगा। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्रद्धेय राजमाता जी की स्मृति में 100 रुपये का एक स्मृति सिक्का जारी करेंगे। इसी के साथ प्रदेश संगठनात्मक जिलों में स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन होगा। ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भोपाल में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा प्रातः 10:30 बजे प्रदेश कार्यालय पं दीनदयाल परिसर में राजमाता जी की प्रतिमा माल्यार्पण कर श्रद्धेय राजमाता जी के जीवन पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का उद्धघाटन करेंगे। जिसके पश्चात महिला मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने 12 अक्टूबर को प्रदेशभर में राजमाता जी जन्मशताब्दी के समापन अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर पार्टी जिलाध्यक्षों से ऑडियो ब्रिज के माध्यम से बात की। उन्होंने कहा कि आदर्श और श्रद्धा की केंद्र आदरणीय स्व.राजमाताजी सिंधिया ने भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी को अपनी मेहनत और त्याग के बल पर सींचा है। उनके आशीर्वाद से आज भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बना है।
उन्होंने कहा कि स्व. राजमाता सिंधिया जी के जन्मशताब्दी वर्ष का समापन 12 अक्टूबर को है, इस अवसर पर केंद्र की मोदी सरकार 100 रुपये का सिक्का जारी कर रही है। इस सिक्के का वर्चुअल विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार प्रातः 11 बजे करेंगे। इस वर्चुअल रैली के माध्यम से देश से करोड़ों लोग जुड़ेंगे। इसी दिन शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम होंगे। 12 अक्टूबर को ही शाम 7 बजे दूरदर्शन स्व. राजमाता सिंधिया जी के जीवनवृत्त पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से इस डॉक्यूमेंट्री को देखने की अपील की है।

Tuesday, 6 October 2020

16:09

खासगी ट्रस्ट की बेची गई संपत्ति और अवैध निर्माण की जांच करेगा ईओडब्ल्यू deepak tiwari

भोपाल.शिवराज सरकार ने खासगी ट्रस्ट की बेची गई संपत्ति, अवैध निर्माण और संपत्ति खुद-बुर्द करने के आरोपों की जांच ईओडब्ल्यू करेगा। मंगलवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदेश दे दिए हैं। हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश में कहा था कि खासगी ट्रस्ट ने जितनी भी संपत्तियां बेची हैं, उनके सौदे शून्य करवाकर शासन इन संपत्तियों पर कब्जा लेने का प्रयास करे। इसके साथ ही कोर्ट ने 250 संपत्तियां शासन के अधीन करने का आदेश सुनाया था।
सीएम चौहान ने जांच के आदेश देते हुए कहा कि खासगी ट्रस्ट की जो संपत्ति बेची गई हैं, उन पर अवैध निर्माण हुआ है, खुर्दबुर्द के आरोप लगे हैं, इसलिए इसकी जांच ईओडब्ल्यू से कराने का निर्णय लिया गया है। उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री के पीएस, ओएसडी मकरंद देउसकर, डीजी ईओडब्ल्यू शामिल थे। खासगी ट्रस्ट की देशभर में 26 राज्यों में 246 संपत्ति हैं, जिसमें 138 मंदिर, 18 धर्मशालाएं, 34 घाट, 12 छतरियां, 24 बगीचे और कुंड शामिल हैं।
शिवराज ने कहा कि खासगी ट्रस्ट की संपत्ति जिन व्यक्तियों के द्वारा अवैध रूप से बेची गई है, अब उन पर सरकार कार्रवाई करेगी, साथ ही ट्रस्ट की संपत्तियों को वापस लेने का हरसंभव प्रयास सरकार करेगी।
रेवेन्यू के साथ पुलिस की स्पेशल टीम बनेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों पर जो निर्माण हुआ है, उन्हें हटाया जाएगा और उसकी मूल स्थिति में पहुंचाया जाएगा। ट्रस्ट की संपत्तियों को वापस लेने के लिए स्पेशल पुलिस स्क्वाड, रिवेन्यू की एक टीम का गठन किया जाए।
यह संपत्ति देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हैं
खासगी ट्रस्ट को देखभाल के लिए मिली संपत्तियां बेचे जाने के मामले में हाईकोर्ट में दायर की गई शासन की अपील पर सोमवार को विस्तृत आदेश जारी किया था। इसमें हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि ट्रस्ट और ट्रस्टी को 26 राज्यों में 246 संपत्ति केवल देखभाल के लिए मिली थी। इन संपत्तियों को कौड़ियों के दाम पर बेचा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस काम के लिए ट्रस्ट ने सप्लीमेंट्री डीड बना ली थी जो पूरी तरह गलत थी। इसे भी शून्य घोषित किया जाता है। जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा, जस्टिस शैलेंद्र शुक्ला की खंडपीठ ने फैसला दिया है।
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव, संभागायुक्त व कलेक्टर की कमेटी गठित की है। यह कमेटी संपत्ति खरीदे-बेचे जाने की जांच करेगी। इसमें किसी तरह लापरवाही मिलती है तो आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को पूरा मामला सौंपा जाएगा। वहीं, संभागायुक्त को आदेश दिए हैं कि हरिद्वार में कुशावर्त घाट सहित जितनी भी संपत्ति बेची हैं उन्हें वापस लाने का प्रयास करें। आम जनता वहां पहुंच सके, ऐसी व्यवस्था करें। वहां के एसपी इस काम में संभागायुक्त के सहायक होंगे।
इंदौर के खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों में महेश्वर का किला भी शामिल है और हरिद्वार का कुशावर्त घाट। 26 राज्यों में 246 संपत्तियां हैं,जिसमें 138 मंदिर, 18 धर्मशालाएं, 34 घाट, 12 छतरियां, 24 बगीचे एवं कुंड हैं।

Friday, 2 October 2020

04:38

मध्यप्रदेश रीवा की माटी ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर अपना एक और लाल खोयाdeepak tiwari


रीवा।  गरोडा बार्डर में गोली लगने से रीवा के लाल का निधन हो गया है। इस खबर के बाद रीवा के लक्ष्मणपुर क्षेत्र में शोक की लहर है। हालांकि गोली कैसे और किन परिस्थितियों में लगी इसकी सटीक जानकारी नहीं हो पाई है। इससे भी दुखद ये है कि जवान का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम नहीं आ रहा है। सेना के अधिकारियों ने उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। अंतिम दर्शन के लिए परिवार के कुछ सदस्यों को जम्मू बुलाया गया है। बताया गया कि जिला मुख्यालय से करीब दस किलो मीटर दूर स्थित गड्डी लक्ष्मणपुर गांव के सिकटी टोला निवासी चक्रपाणि तिवारी 55 वर्ष बीएसएफ में सेवा दे रहे थे। जो सूबेदार के पद पर थे। इनकी वर्तमान पोस्टिंग भारत-पॉक सीमा के जम्मू-कश्मीर के गरोड़ा बार्डर पर थी। बुधवार की सुबह उनके पुत्र हाटकेश्वर तिवारी उर्फ राजाबाबू के पास सेना के जिम्मेदारों ने फोन किया और बताया कि उनके पिता की गोली लगने से निधन हो गया है।
सेना के अधिकारियों ने फोन पर यह जानकारी दी कि चक्रपाणि ने खुद को गोली मार कर सुसाइड कर लिया है। लेकिन यह बात परिजनों के गले से नहीं उतर रही है। पुत्र राजाबाबू ने बताया कि 29 सितंबर की दोपहर फोन पर पिता से बात हुई थी। इस दौरान वह बेहद खुश थे। उन्होंने फोन पर यह जरूर बताया था कि क्वार्टर मास्टर से उनकी बातचीत हो गई है। इस बात से वह परेशान थे, लेकिन वे सुसाइट नहीं कर सकते। बहरहाल इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। जवान के घर में ढाढ़स बंधाने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है।

38 वर्ष से सेना में दे रहे थे सेवा

परिजनों के अनुसार चक्रपाणि तिवारी करीब 38 वर्षों से सेना में अपनी सेवा दे रहे थे। सिपाही से उनकी भर्ती हुई थी। उनके कामों को देखते हुए प्रमोशन हुआ और वह वर्तमान में सूबेदार थे। लिहाजा उन्हें गरोड़ा बार्डर में सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका बड़ा पुत्र जीतेन्द्र तिवारी भी बीएसएफ में है। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग उड़ीसा के किशनपुर में है। जहां से वह रीवा के लिए रवाना हो चुके हैं। इसके बाद शुक्रवार को परिजन जम्मू के लिए रवाना होंगे।

गुरुवार की सुबह रिपोर्ट आई पॉजिटिव
जानकारी देते हुए मृत जवान के पुत्र ने बताया कि बुधवार को जब सेना की तरफ से उन्हें फोन पर निधन की सूचना दी गई उस दौरान कहा गया था कि दो दिन के भीतर उनका पार्थिव शरीर गृह ग्राम पहुंच जाएगा। लेकिन इस बीच परिजनों ने सुसाइट मानने से इंकार कर दिया और उच्चाधिकारियों से घटना की शिकायत करने की बात कही। पुत्र ने बताया कि इसके बाद ही सेना की तरफ से कुछ देर बाद दोबारा फोन आया और उन्होंने बताया कि चक्रपाणि की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। जिससे शव गृह ग्राम नहीं भेजा जा सकता। लिहाजा परिवार के कुछ सदस्य दो-तीन दिन के भीतर उनका अंतिम दर्शन करने जम्मू आ जाएं।
मौत से 9 घंटे पहले हुई आखिरी बात
पुत्र राजाबाबू के अनुसार उनके पिता ने 29 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे फोन किया था। इस दौरान उन्होंने घर-परिवार का हाल चाल पूछा था। इस बीच उन्होंने छोटी कार बेच कर बड़ी कार लेने की बात कही थी। पुत्र ने बताया कि वह बेहद खुश थे और किसी भी तरह के मानसिक तनाव में नहीं थे। ऐसे में पुत्र ने सवाल उठाया है कि इस परिस्थिति में उनके पिता सुसाइड कैसे कर सकते हैं।

Tuesday, 29 September 2020

08:28

MP सेल्फी ले रही डॉक्टर की पत्नी हलाली डैम के पानी में गिर कर बही deepak tiwari

भोपाल के कोलार में रहने वाले डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा अपनी पत्नी हिमानी मिश्रा के साथ भोपाल से करीब 40 किलोमीटर दूर हलाली डैम घूमने आए थे. रविवार को छुट्टी होने की वजह से भोपाल से काफी लोग यहां घूमने आते हैं.  डॉक्टर उत्कर्ष मिश्रा का कहना है कि मैं अपने मोबाइल पर मैसेज चेक कर रहा था. इसी बीच मेरी पत्नी मोबाइल पर सेल्फी लेने लगी और न जाने कब उसका पैर फिसल गया.
पति ने बताया कि उसके बाद वह 10 से 12 फीट नीचे जा गिरी और पानी में बह गई. देखते ही देखते मेरी आंखों के सामने से मेरी पत्नी ओझल हो गई.
इस घटना के बाद मौके पर राहत टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. यह ऑपरेशन रात भर चला लेकिन बॉडी को ढूंढा नहीं जा सका. सोमवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन चला लेकिन खबर लिखे जाने तक महिला की बॉडी का पता नहीं चल पाया है.

Sunday, 27 September 2020

08:21

मध्यप्रदेश :उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी की tni

 SEP 27, 2020
tap news india deepak tiwari 
भोपाल: मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने रविवार को दूसरी सूची जारी कर दी है. कांग्रेस ने 9 और उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. सतीश सिंह सिकरवार समेत 8 और नेताओं को पार्टी की तरफ से टिकट दिया गया है. बीजेपी से कांग्रेस में आई पारुल साहू को सुरखी से प्रत्याशी बनाया है. उपचुनाव के कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है.

गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस ने  15 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. मध्य प्रदेश की दिमनी विधानसभा सीट से रविंद्र सिंह तोमर, अंबाह सीट से सत्य प्रकाश,गोहद सीट से मेवाराम जाटव, ग्वालियर से सुनील शर्मा, डबरा से सुरेश राजे, करैरा सीट से प्रागी लाल जाटव, भांडेर से फूल सिंह बरैया, बमोरी से कहैन्या लाल, अशोक नगर से आशा दोहरे, अनुपपूर से विश्वनाथ, सांची से मदन लाल चौधरी, आगर से विपिन वानखेड़े,  हाटपिपलिया से राजवीर सिंह बघेल, नेपानगर से राम किश्न, सांवेर से प्रेमचंद गुड्डू को टिकट दिया था.