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Tuesday, 2 March 2021

17:06

40 साल पहले छूटी पढ़ाई बेटियों ने शुरू कराई

tap news India deepak tiwari 
उदयपुर. राजस्थान की राजनीति की परीक्षा में 2 बार पास हो चुके BJP विधायक फूल सिंह मीणा अब BA की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने विषय भी पॉलिटिकल साइंस चुना है। मंगलवार को उनका पेपर था। एक समय घर में ऐसे हालात बने कि मीणा को स्कूल से ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद पार्षद बने, विधायक बन गए लेकिन पढ़ाई न कर पाने की कसक दिल में जगह बनाए हुए थी। इसी दौरान बेटियों ने मोटिवेट किया तो उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू कर दी।
वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी के उदयपुर सेंटर पर पेपर देने पहुंचे फूल सिंह मीणा ने कहा कि राजनीति के साथ पढ़ाई भी काफी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने 40 साल बाद फिर से पढ़ाई शुरू की थी। BA पास करने के बाद वह Phd की तैयारी करेंगे।
मीणा ने बताया कि पहली बार विधायक बनने के बाद मुझे स्कूलों में होने वाले कार्यक्रम में बुलाया जाता था। इस दौरान बच्चों के सामने भाषण देते वक्त मुझे काफी शर्मिंदगी महसूस होती थी। मुझे लगता था मैं खुद पढ़ा-लिखा नहीं हूं और इन्हें पढ़ने की शिक्षा देता हूं। अब मुझे ऐसा नहीं लगता। मैं जहां भी जाता हूं, छोटे बच्चों के साथ बड़ों को भी पढ़ने की सलाह देता हूं।
स्कूल में छूट गई थी पढ़ाई
मीणा ने बताया कि पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी आने से उन्हें स्कूली पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार चलाने के लिए वे खेती करने लगे। 2013 में उन्होंने पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ा। इसमें जीत भी गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेटियों से मिली प्रेरणा से उन्होंने फिर पढ़ाई शुरू की। फूल सिंह मीणा उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार BJP के विधायक बने हैं। इससे पहले वह उदयपुर नगर निगम में पार्षद थे।
बेटियों को पढ़ाने में कसर नहीं छोड़ी
मीणा ने बताया कि बेटियों ने 2013 में ओपन स्कूल से 10वीं कक्षा के लिए फार्म भरवा दिया। विधायक बनने के बाद व्यस्तता बढ़ गई और वह 2014 में परीक्षा नहीं दे पाए। बेटियों ने 2015 में फिर से फार्म भर दिया। इस बार उन्होंने 10वीं की परीक्षा पास कर ली। इसके बाद 2016-2017 में वह 12वीं में पास हो गए। अभी वह ग्रेजुएशन में लास्ट इयर की परीक्षा दे रहे हैं।
मीणा भले खुद अब अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पांचों बेटियों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 4 बेटियां पोस्ट ग्रैजुएशन कर चुकी हैं। एक बेटी पुणे में लॉ कर रही है। दिन भर कार्यक्रमों रहने के बाद जब वह घर पहुंचते हैं तो बेटियां उन्हें पढ़ाती हैं।

Wednesday, 28 October 2020

20:30

उदयपुर में कोरोना के खिलाफ जंग तेज :deepak tiwari

उदयपुर.कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए अब उदयपुर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। यह शहर को स्वच्छ रखने के साथ अब आम जनता को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को नगर निगम से जागरूकता रैली की शुरुआत हुई। इसे उपमहापौर पारस सिंघवी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस रैली के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। इनके हाथ में कोरोना से बचाओ के स्लोगन लिखी तख्तियां थी। वार्ड पार्षद और स्थानीय लोग भी इसमें शामिल रहे। सफाई कर्मचारियों की यह रैली वार्ड स्तर पर निकाली गई। हर वार्ड में बुधवार और रविवार के दिन सफाई कर्मचारी अपने वार्ड के गणमान्य लोगों और पार्षदों के साथ मिल घर-घर जाकर आम लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी देंगे।
ऐसा करने वाला उदयपुर पहला शहर
राजस्थान में उदयपुर ऐसा पहला शहर है, जहां पर सफाई कर्मचारियों द्वारा आम जनता को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इससे पूर्व उदयपुर नगर निगम द्वारा लोक कलाकारों द्वारा स्थानीय भाषा में जागरूकता अभियान चलाया गया था।
उदयपुर के उपमहापौर और सफाई समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने बताया कि आम जनता कोरोनावायरस संक्रमण के प्रति लापरवाही बरत रही है। ऐसे में त्यौहारी सीजन में जनता को जागरूक करने के लिए अब शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारी जनता को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। जिससे आम जनता को बढ़ते संक्रमण के प्रति समय रहते जागरूक किया जा सके।

Tuesday, 27 October 2020

18:03

deepak tiwari थ्री डी पेंटिंग से बदली जेल की सूरत

उदयपुर.पेंटिंग का शौकीन साधुराम जीवन की राह से भटका और अपराध की दुनिया में उतर गया। एक बार पकड़ाया तो अदालत ने 12 साल की सजा सुना दी और उदयपुर जेल में डाल दिया। सजा काटते-काटते चित्रकारी का हुनर फिर निखर उठा। वह तस्वीरें बनाने लगा और खूबसूरत इतनी कि इन्हें देखकर जेलर भी चौंक गए। फिर क्या था, जेलर ने रुचि के अनुसार उसे जेल की रंगत बदलने का जिम्मा सौंप दिया। करीब एक साल में उस पेंटर ने जेल की दीवारों पर इतनी खूबसूरत तस्वीरें उकेर दीं कि सबको लगने लगा है कि जैसे ये दीवारें बोल रही हैं।
साधुराम कैदी नंबर 259 है। वह 5 साल से ज्यादा वक्त से उदयपुर सेंट्रल जेल में है। जेल प्रशासन के अनुसार, साधुराम एनडीपीएस एक्ट राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 25 अगस्त 2015 को पुलिस की गिरफ्त में आया था। दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने साधु राम को 12 साल की सजा दी। उदयपुर जेल लाने पर वह रंगरोगन करने लगा। चित्र भी बनाए और काम धीरे-धीरे निखरता गया।
थ्री डी की तरह दिखता है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम
उदयपुर जेल में बंद कैदी साधु राम आम कैदियों की तरह जेल के काम करता था लेकिन जेल प्रशासन द्वारा उसके हुनर को पहचाना गया। मार्च 2019 से उसे जेल में रंग रोगन का काम सौंपा गया। डेढ़ साल में साधु राम ने जेल की तस्वीर को बदल दिया है। अधिकारियों के कक्ष को भी थ्री डी कक्ष की तरह दिखाई देने वाला कर दिया।
अन्य कैदियों के लिए ट्रेनर बन गया साधुराम
उदयपुर जेल में बंद कैदी साधु राम की पेंटिंग से अन्य कैदी भी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने भी साधु राम के साथ काम करने की इच्छा जताई। इसके बाद साधु राम ने अन्य कैदियों को भी रंग रोगन की ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया। कुछ कैदी तो वह साधु राम की तरह बेहतरीन कलाकार बन कर उभर गए वहीं कुछ अब साधु राम के हेल्पर का काम करते हैं।
परिवार ने कहा- समय रहते सुधरने लगा साधु
कैदी साधुराम मूलरूप से पंजाब के सोडी नगर फिरोजपुर का रहने वाला है। पूर्व में भी रंग रोगन का काम करता था, ऐसे में अब जेल की तस्वीर बदलते हुए साधु राम को देख उसके परिजन भी संतुष्ट हैं। उनका मानना है कि अपराध की राह पर जाता साधुराम समय रहते सुधर गया और अब अपनी सजा पूरी कर साधु राम एक अच्छा कलाकार बनकर बाहर आएगा।
रुचि के हिसाब से सौंपते हैं काम : जेलर
उदयपुर सेंट्रल जेल के जेलर मानसिंह बारेठ बताते हैं कि जेल में कैदियों के आचरण को देखते हुए उन्हें काम करने का मौका दिया जाता है ताकि वह अपने व्यवहार और जीवन में सुधार ला सके। इसी पहल के तहत जेल में साधु राम को जेल प्रशासन द्वारा रंग रोगन की अनुमति दी गई जिसे अब साधुराम और उसके साथियों द्वारा बखूबी निभाया जा रहा है।