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Saturday, 1 August 2020

23:21

आर्थिक तंगी से जूझ रहे टीवी एक्टर अनुपम श्याम CM योगी ने दिए हर संभव मदद के निर्देश

लखनऊ। टीवी सीरियल 'प्रतिज्ञा' ठाकुर सज्जन सिंह के किरदार से मशहूर हुए अनुपम श्याम ओझा किडनी में संक्रमण की समस्या से जूझ रहे हैं। अनुपम का इलाज मुंबई के लाइफलाइन मेडिकेयर हॉस्पिटल में चल रहा है। बीमारी की वजह से अनुपम को आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसे लेकर उनके छोटे भाई अनुराग श्याम ओझा ने सोशल मी​डिया पर मदद की गुहार लगाई थी। अनुपम की मदद के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे आए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को अनुपम ओझा की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है। बता दें, अभिनेता अनुपम ओझा यूपी के प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं।

 अनुपम के भाई ने लगाई थी मदद की गुहार
अनुपम के भाई ने लगाई थी मदद की गुहार
अनुपम के भाई अनुराग ने मदद की गुहार लगाते हुए कहा था, ''बड़े भाई अनुपम की तबीयत बीते छह महीने से ही खराब चल रही है। उनकी किडनी में इंफेक्शन है, जिसके कारण उन्हें हिंदुजा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, वहां उनका करीब डेढ़ महीने तक इलाज चला। उस समय उनकी तबीयत ठीक हो गई थी, लेकिन उन्हें समय-समय पर डायलिसिस पर रहने की सलाह दी गई, डायलिसिस की अधिक कीमतों के कारण उन्होंने आयुर्वेदिक इलाज कराने का निर्णय किया। लेकिन यह काम नहीं आया. डायलिसिस पर न जाने के कारण उन्हें सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। उनके चेस्ट में पानी भर गया, जिससे हम उन्हें डायलिसिस के लिए लेकर गए, हालांकि, अब उन्हें थोड़ा आराम भी मिल रहा है।''

 'जो कमाया, वो दवा पर खर्च'
'जो कमाया, वो दवा पर खर्च'
अनुराग ने आगे कहा था, ''मैं मालाड़ हॉस्पिटल में उनका डायलिसिस करा रहा था, लेकिन डायलिसिस के बाद वह अचानक गिर गए और उन्होंने हमें इन्हें किसी और हॉस्पिटल में भर्ती कराने की सलाह दी, जहां आईसीयू भी मौजूद हो। ऐसे में हम उन्हें इस अस्पताल लेकर आए, लेकिन यह थोड़ा महंगा था और हमारे पास इलाज के लिए अब ज्यादा पैसे नहीं बचे हैं। जो भी उन्होंने कमाया था, वह उनकी दवा पर खर्च हो चुका है। हमें पैसों की सख्त जरूरत है। मैं आप लोगों से निवेदन करता हूं कि इन शब्दों को फैलाएं, ताकि कोई आगे आए और हमारी मदद कर सकें।''

 सोनू सूद, राज भैया के बाद सीएम योगी मदद के लिए आए आगे
सोनू सूद, राज भैया के बाद सीएम योगी मदद के लिए आए आगे
अनुराग की मदद की गुहार लगाने के बाद अभिनेता सोनू सूद और मनोज बाजपेयी सहित विधायक राजुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने अनुपम की मदद की है। वहीं, अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को अनुपम ओझा की हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।

Tuesday, 21 July 2020

01:28

गाजियाबाद: पत्रकार पर हमला निंदनीय-रामजी पांडे

 
आम आदमी पार्टी के नेता रामजी पांडे ने गाजियाबाद में हुई घटना की निंदा करते हुए कहा कि गाजियाबाद के विजयनगर इलाके में  एक अखबार के पत्रकार विक्रम जोशी पर हमला किया जाना यूपी में बेख़ौफ़ बदमाशों की सरेआम गवाही दे रहा है ।रामजी पांडे ने कहा  इसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस सीसीटीवी फुटेज में विक्रम जोशी अपनी दो बेटियों के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे. तभी बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट करते हुए उन्हें गोली मार दी  जबकि कुछ दिन पहले भी विक्रम जोशी ने थाना विजय नगर में एक तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि कुछ लड़के उनकी भांजी के साथ छेड़खानी करते हैं. इसका उन्होंने विरोध  किया था, जिसका नतीजा यह निकला कि नाराज बदमाशों ने पत्रकार को गोली मार दी।आप नेता ने कहा उत्तर प्रदेश में जब पत्रकार ही सुरछित नही है तो आम आदमी का तो भगवान ही मालिक है।


Monday, 20 July 2020

11:18

AAP: आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की ऑनलाइन बैठक आयोजित

आज दिनांक-20/07/2020 को रात 9 बजे पार्टी प्रदेश अध्यक्ष श्री सभाजीत सिंह व प्रदेश सह प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ  जनाब शकील मलिक जी के साथ अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी के साथियों की एक zoom app के द्वारा बैठक सम्पन्न हुई , जिसमे कार्यकारिणी के सभी साथीगण के मण्डल प्रभार क्षेत्रो के कार्यो  संगठन विस्तार की समीक्षा हुई और राज्यसभा सांसद *श्री संजय सिंह* जी द्वारा 
निर्देशित आने वाले 08 माह मे पार्टी की यूपी मे गतिविधियों की विस्तार पूर्वक जानकारी से सभी को अवगत कराया गया और मिशन 2022 के लिए कमर कस कर तैयारी करने को कहा

इंजीनियर इमरान नम्बरदार 
महासचिवआप अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ

Friday, 17 July 2020

17:11

अब प्रत्येक शनिवार को बंद रहेगी सिविल कोर्ट


लखीमपुर-खीरी। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक शनिवार और रविवार को लॉक डाउन (बन्दी) की घोषणा किये जाने के बाद हाई कोर्ट ने भी प्रत्येक शनिवार को सिविल कोर्ट बन्द रखने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने बन्दी के दौरान प्रत्येक शनिवार और रविवार को पूरे कचहरी परिसर की साफ सफाई और सेनिटाइज कराने के भी निर्देश दिए हैं। 
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला जज शिवशंकर प्रसाद ने आदेश दिया है कि प्रत्येक शनिवार को सिविल कोर्ट बन्द रहेगी। मोहम्मदी की सिविल कोर्ट भी बंद रहेगी। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार को पूरे कचहरी परिसर को साफ कर सेनिटाइज भी कराया जाएगा।

Sunday, 12 July 2020

18:54

देश की तीनों प्रमुख संगठन पत्रकारों की उठाएगी आवाज़, बीएमएस ने दिया समर्थन



लखनऊ :-  पत्रकार के समस्यायों के निस्तारण के लिए आज एक साथ भारत के प्रमुख ट्रेड यूनियन
IFWJ,NUJ(I),WJI,UPJA,DJA के देश भर के सैकड़ों पत्रकार साथी एक साथ शामिल हुए!

राष्ट्रीय वेबीनार में उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश, दिल्ली,राजस्थान सहित अन्य प्रांतों से पत्रकार जुड़कर पत्रकारिता जगत में हो रही समस्याओं के निराकरण के लिए चर्चा किए!
कार्यक्रम की शुरूआत में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में पत्रकार तरुण सिसोदिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर मौन रहकर श्रंद्धाजलि अर्पित किया गया!
जिसके उपरांत NUJ (i) के राष्ट्रीय महासचिव सुरेश शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी संगठनों को साथ आना होगा जिसकी पहल वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी जी ने कर दिखाया है, नरेंद्र भंडारी जी बार बार मुद्दा उठाते हैं कि पत्रकारों की नौकरियां में छठनि किया जा रहा है इसको रोकना पड़ेगा!
आजिवकिता से संपन्न होगा पत्रकार तभी आने वाले समय में पत्रकारों का कल्याण होगा!
वेबीनार को संबोधित करते हुए वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी जी ने कहा कि जब से wji संगठन का लक्ष्य गांव से जुड़ा हुआ पत्रकार साथी तक सभी सुविधाए मिले!
सामाजिक, आर्थिक, सुरक्षा, की जिम्मेदारी हम सभी संगठनों की है ऐसे बाते वेविनार को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अनूप चौधरी ने किया!
सभा की अध्यक्षता अंतरराष्टरीय पत्रकार केएन गुप्ता जी ने किया, अपने सुझाव से सभी साथियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सभी संगठनों को एक होना ही नरेंद्र भंडारी जी की सफलता एवम् पत्रकारों का कल्याण होगा!
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मिश्रा जी ने कोरोना काल में शहीद हुए पत्रकारों को कोरोना योद्या के रूप में शामिल करना होगा,
मीडिया आयोग बनना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि प्रिंट मीडिया के सिवाय अन्य पत्रकार साथियों को लाभ नहीं मिल रहा है!
बेरोजगारी की हालात में पत्रकारों  के समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा!
सभा के संचालन वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष पवन श्रीवास्तव ने किया और पत्रकारों कि समस्याओं पर सभी साथियों के विचार प्राप्त किया!
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य रजा रिज़वी ने कहा कि पत्रकारों कि समस्यायों का निस्तारण ही हमारा कर्तव्य है!
इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय महासचिव परमानंद पांडेय जी ने संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी को मिलकर एक फंड बनाना चाहिए जिसमें बेरोजगार हुए पत्रकार साथियों को तत्काल रूप में मदद कर सके, वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट में संशोधन करना अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है क्युकी आज के समय में न ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जगह है न ही डिजिटल मीडिया, ऐसा होने पर पत्रकारों की परिभाषा बदल जाएगा!
मीडिया आयोग की आवश्यकता अत्यंत आवश्यक है!
वर्चुअल सभा को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार जी ने सभी पत्रकार संगठनों से आवाहन किया कि हम सभी को मिलकर पत्रकारों की लड़ाई लड़नी होगी
पवन कुमार जी ने कहा कि कोरोना काल में पत्रकारों पर आर्थिक संकट के बादल छाए हुए है!
देश में 
श्रम क़ानून का तात्यपर्य बदल सा गया है ,बहुत सारे मीडिया संथाओं ने पत्रकारों का वेतन काट दिया है परंतु कोई पत्रकार खुलकर कह नही रहा 
पहली बार भारतीय मजदूर संघ बीएमएस ने गृहमंत्री से मिलकर मजदूरों को मिलने वाली राशि को बढ़वाया!
सभी पत्रकारों को बेज बोर्ड पढ़ना चाहिए और अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहिए लेकिन अब समय आ गया है जब पत्रकारों के भविष्य सुधरने वाला है!
पवन कुमार जी ने कहा कि सिक्यरिटी हर सभी को मिलना चाहिए चाहे वो ग्रामीण क्षेत्र का युवक हो या छोटा दुकानदार!
वहीं उत्तर प्रदेश, गुजरात, सरकार को आड़े हाथों लेते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि श्रम क़ानून में छेड़छाड़ किया है जिसको लागू नही करने दिया जाएगा!
शीघ्र ही भारतीय मजदूर संघ
बीएमएस, सरकार जग़ाओ सत्ता चलाएगी जिसमे देश भर के लोग शामिल होंगे!
26 जुलाई से चलने वाले सरकार जगाओ सत्ता द्वारा मज़दूरों की लड़ाई लड़ी जाएगी!
जिसमें आशा, आंगनवाड़ी, नर्सेस, ड्राइवर ,ट्रांसपोर्ट सहित अन्य संगठन शामिल रहेंगी।
वर्चुअल सभा को संबोधित करने वालो में IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष केवी मल्लिकार्जुन,राष्ट्रीय महासचिव परमानंद पांडेय, NUJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा जी, राष्ट्रीय महासचिव सुरेश शर्मा जी,वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप चौधरी जी, राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी जी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय जी,राज्य मुख्यालय मान्यता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी जी,राष्ट्रीय महासचिव सिद्धार्थ कलहंस, अजय कुमार जी,निर्भय सक्सेना, उपजा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष जीसी श्रीवास्तव जी, रमेश चंद जैन, अशोक मालिक जी,जितेंद्र अवस्थी ,रोहित कश्यप, अजय वर्मा जी, सहित सैकड़ों पत्रकार शामिल रहे!
18:21

वर्चुअल लाइव में कर्जा माफी को लेकर शैलेश पाठक से जुड़े हजारों किसान

डॉ शैलेश पाठक ने आज किसान की कर्जा माफी एवं बिजली का बिल माफ किए जाने की मांग को लेकर वर्चुअल लाइव द्वारा चर्चा की जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लियाl डॉक्टर डॉ शैलेश पाठक ने कहां कि वैश्विक महामारी के चलते क्षेत्रवासियों के संपर्क में दैनिक जीवन की तरह नहीं रह पा रहा हूं अतः सभी से चर्चा करने के लिए वर्चुअल लाइव की आवश्यकता पड़ी सर्वप्रथम उन्होंने 2 गज की दूरी बनाते हुए लगातार मास्क लगाने की जागरूकता का आह्वान किया l
डॉ पाठक ने विशेष तौर पर किसानों के प्रति चिंता जताते हुए कहा कि गरीब किसान की स्थिति एवं एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की स्थिति में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है, वैश्विक महामारी कोरोना के आने से पहले ही किसान मौसम की मार मारा जा चुका था बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसान की आर्थिक स्थिति को चौपट कर दिया था ऐसे में वैश्विक महामारी कोरोना ने रही सही कसर पूरी कर दी l जहां गेहूं खरीद के दौरान किसान अपना गेहूं सरकारी रेट पर नहीं देख पाया उसे मजबूरी बस बिचौलियों का शिकार होना पड़ा, किसान को अपनी सब्जी अपनी लागत से आधे कम मूल्य पर बेचनी पड़ी l उन्होंने बताया कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कौर में मैंने स्वयं किसान को गेंदा के फूल की फसल को खत्म करते हुए देखा l डॉ पाठक ने कहा किसान की बिजली का बिल इधर ऐसी कर दी गई हैं जैसे वह किसी मल्टीनेशनल कंपनी का मालिक हो।मौजूदा दरें किसान पूरी करने में सक्षम नहीं है l उन्होंने कहा किसान का दर्द वह लोग नहीं समझ सकते जो ऐशो आराम की जिंदगी जीते हैं।टिड्डी दल आने की बात चली कुछ लोगों ने अपने शीशे के अंदर से फोटो खींचकर फेसबुक पर डाला कुछ लोगों के मन में उत्सुकता रही कि टिड्डी आएगा तो दरवाजे बंद कर लेंगे जो लोग गाड़ी में होंगे वह अपनी गाड़ी के शीशे बंद कर लेंगे परंतु उसके साथ से पूछिए जो किसान रात रात भर विचलित स्थिति में अपने खेत पर बैठा रहा कहीं ऐसा ना हो टिड्डी दल आए और यह हमारी फसल बर्बाद करके चला गया l किसान की धरोहर उसकी जमीन होती है एवं वह जमीन बैंक में बंधक होने के कारण जब ऋण चुकता नहीं कर पाता है तो उसे अपनी ज़मीन नीलाम होने का भय होता है। l शैलेश पाठक ने वर्चुअल लाइव के द्वारा हजारों आदमियों के साथ सरकार से निवेदन किया कि किसान की कर्जा माफी एवं बिजली का बिल माफ किया जाए l
   आपको बताते चलें डॉक्टर पाठक पहले भी समय-समय पर किसान की बात उठाते चले आए हैं लॉकडाउन के दूसरे दिन से ही वह अपने क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय रहें।लाखों की संख्या में उन्होंने मास्क वितरण किया।हर ज़रूरत मंद घर तक राशन पहुँचाया।सभी पत्रकार,डॉक्टर,सफ़ाई कर्मचारियों को पी पी किट दिलायी।उन्होंने किसान की गेहूं की खरीद की बात को भी बदायूं से लेकर लखनऊ तक उठाया था जो अंततः पूरी भी हुई थी l डॉ पाठक की केसीसी एवं बिजली का बिल माफ करने की इस मांग के प्रति भी लोगों में जहां एक तरफ जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है वही दिल्ली रूप से लोग शैलेश पाठक से जुड़ भी रहे हैं
00:37

यूपी में शनिवार रविवार को रहेगा मिनी लॉक डाउन

यूपी में लगातार कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब यूपी में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहेंगे। दफ्तरों को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि स्वच्छता और सैनिटाइजेशन के लिए शनिवार और रविवार बाजार खोलने पर प्रतिबंध रहेगा। अवनीश अवस्थी अपर मुख्य सचिव ने बताया है कि बैंक व औद्योगिक संस्थान खुले रहेंगे। बाकी सब बाजार व माल व अन्य भीड़ भाड़ वाली गतिविधियां बंद रहेंगी।

Sunday, 5 July 2020

22:32

उत्तर प्रदेश के श्रमिक नेता रामजी पांडे ने किया कानपुर जिले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की शहादत को सलाम

उत्तर प्रदेश के श्रमिक नेता रामजी पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुए पुलिस इनकाउंटर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की शहादत जाया नही जानी चाहिए उन्होंने कहा कि जब किसी श्रमिक का हक मारा जाता है या कोई परेशान करता है तो या किसी भी प्रकार भी मदत की जरूरत होती है तो श्रमिक सबसे पहले पुलिस के पास मदत के लिए जाते है और यह पुलिस ही है जो हर मुसीबत में रात दिन हमारी मदत को तैयार खड़ी रहती है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि इस मुश्किल घड़ी में हम भी अपने प्रदेश की पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। हम सभी शहीद पुलिसकर्मियों की शहादत को नमन करते हुए श्रधांजलि अर्पित करते है ईस्वर शहीद के परिवारों को यह दुःख सहने की हिम्मत दे श्रमिक नेता रामजी पांडे ने कहा हमे अपने प्रदेश की पुलिस पर पूरा भरोसा है की  वह कानपुर की इस दुःखद घटना के बाद उत्तर प्रदेश से बुराई का नामोनिशान मिटा कर ही दम लेगी ।श्रमिक विकास संगठन उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ है।

Sunday, 21 June 2020

01:31

शहीदों के सम्मान में उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि दे सरकार रामजी पांडे

गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) आम आदमी पार्टी की श्रमिक विंग श्रमिक विकास संगठन SVS के जिलाध्यक्ष रामजी पांडे ने मीडिया में एक बयान जारी कर  केंद्र सरकार से मांग की है कि देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीदों के सम्मान में उनके बाद शहीदों के परिवारों को एक करोड़ रुपये सहायता राशि दी जाए उन्होंने कहा की वैसे तो दुनियां की कोई भी दौलत इंशान की कमी को पूरा नही कर सकती है लेकिन इस एक करोड़ की सम्मान राशि से शहीदों के परिवार और बच्चों का जीवन यापन तो सही ढंग से हो ही सकता है ।उन्होंने कहा कि  अक्सर देखने और सुनने मे आता है कि कठिन परिस्थितियों में दिन रात जगकर कर देश की पहरेदारी कर के हमे सुरक्षित  रखने वाले जवानों को उनके शहीद होने ने बाद सरकारें उनके परिवारों को चंद लाख देकर इति श्री कर लेती है और फौजियों के शहीद होने के बाद उनका परिवार दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाता है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है अगर यही हाल रहा तो कौन अपने बच्चों को हमारी सुरक्षा के लिए शरहद पर भेजना चाहेगा इशलिये मीडिया के माध्यम से मेरी सरकार से मांग है कि शहीदों के परिवारों को उनके न रहने पर सरकार की ओर से एक करोड़ की छोटी सी सम्मान राशि दी जाए जिससे उनके बाद उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके ।उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार चाहे तो यह आसानी से किया जा सकता है क्योंकि  दिल्ली में मौजूदा आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार ने शहीदों के सम्मान में उनके परिवारों को एक करोड़ रुपये सम्मान राशि दी है । उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में सभी शहीद  सुरक्षा कर्मियों और देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वालों के परिवारों को एक करोड़ की सम्मान राशि दी है।

Thursday, 11 June 2020

17:54

एक बार मौका दो बड़े स्तर पर जनसेवक बन सेवा करेंगे

बड़े स्तर पर जनसेवक बन सेवा करेंगे
आज दिनांक 10 जून 2020 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व ओमकार सिंह एवम युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शफ़ी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेसजनो ने पूर्व में तय प्रांतीय आव्हान पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव  प्रियंका गांधी के निर्देशानुसार अजय कुमार लल्लू की रिहाई के लिए पूरे सूबे में सेवा कार्य का एक महाभियान के तहत महारसोई पर भोजन के पैकेट तैयार कर विधानसभा स्तर पर भोजन के पैकेट निगरानी समिति के सदस्यों की निगरानी में वितरित किये गए इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि सेवा कार्य उत्तर प्रदेश जनविरोधी सरकार को रास नहीं आया और फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज भेजने की मनोदशा दर्शाती है कि सरकार फर्जी मुकदमा दर्ज कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने साजिश के तहत उन पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। इसी के साथ और भी कांग्रेसजनों पर पूरे प्रदेश में फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कांग्रेस हर गरीब, मजदूर भाई-बहन की झोंपड़ी तक जाएगी। सरकार ने कांग्रेसियों को जरूरतमंदों की मदद करने से रोकने के लिए अजय कुमार लल्लू को जेल में डाल दिया हम सरकार को बता देना चाहते है कि ये सेवा कार्य आपके दवाब में जेल की धमकियों से रुकने वाला नही हम और मजबूती से जरूरतमन्दों के बीच जाकर सेवा भाव से मदद करेंगे एवम सहायता करेंगे और आगे इससे भी बड़े आयोजन किये जायेंगे युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू गरीब जरूरतमंदों को परिवहन के लिए 879 बसों से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अनुरोध करने गए थे, यह सेवा कार्य था, आंदोलन नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसजनों पर मुकदमा दर्ज वापस लिए जाएं। अन्यथा युवा कांग्रेस सेवाभाव के साथ जरूरतमन्दों की सहायता करते हुए आंदोलन करने को बाध्य होगी पीसीसी सदस्य इखलास हुसेन, नेहा ठाकुर, जितेंद्र कश्यप ने भी अपने विचार रखे मुख्य रूप से अरबाज़ रज़ी, रफत अली खान, फरहत अली खान, मोहम्मद हसन, पंकज कुमार, श्याम सिंह, दिनेश गौड़ आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे

Sunday, 7 June 2020

04:54

मन्दिर खुलने की खुशी में श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर की सफाई कर मनाया दीपोत्सव


   
लॉकडाउन में सभी धार्मिक स्थल 25 मार्च से दर्शनों के लिए बंद थे सरकार धार्मिक स्थलों को 8 जुन से खोलने की छूट देने जा रही है   इससे श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र मां वाराही धाम में आने वाले भक्तो ने खुशी जाहिर की है ।आज युवा समाजसेवी अधिवक्ता अनिल पांडेय स्वतंत्र ने राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा संघ और छात्र नेता सूरज उपाध्याय की टीम के साथ मां वाराही धाम पहुंचकर श्रमदान करते हुए मंदिर के साथ मेला परिसर सई घाट की सफाई की ।इसके उपरांत मन्दिर के द्वार एवम सई घाट पर  501 दीए जलाकर गंगा आरती करके प्रसाद वितरण कर मन्दिर के पुजारी विनय गिरी को अंग वस्त्र  व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया  । राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा संघ प्रमुख श्लोक मिश्र ने कहा कि प्रकृति के साथ मनुष्य को अपना संबंध मजबूत करना होगा और नदियों वन पेड़ पौधों की रक्षा का संकल्प लेना होगा जिससे मानव जीवन पर आने वाले खतरे को रोका जा सके । छात्र नेता सूरज उपाध्याय ने पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाने की बात कही । अनिल पांडेय स्वतंत्र ने कहा माननीय मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान की जनसेवा से प्रेरणा लेते हुए हम लोग मां के धाम पर श्रमदान कर मां से मानव जीवन की रक्षा की प्रार्थना करते है ।इस मौके पर मंडल अध्यक्ष बीजेपी कृपा गिरी  प्रिंस जायसवाल सतीश डॉ वीके त्रिपाठी  सर्वेश मिश्रा रिंकू यादव अभिषेक तिवारी राजू उपाध्याय आशीष पाल अंकुर पांडेय दिनेश गिरी अरुणेश तिवारी प्रदीप कुमार बृजेश पांडेय सुशांत पांडेय  एवम धाम के आस पास के कई भक्त मौजूद रहें 

Sunday, 17 May 2020

15:44

काँग्रेस नेता ओंकार सिंह ने जरूरतमंदों को बांटी राहत सामग्री


गोविंद राणा/उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव ओमकार सिंह एवं युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शफ़ी अहमद के नेतृत्व में आज 51वे दिन सिविल लाइन, आदर्श कालोनी, ब्रह्मपुरा, पंवड़िया आदि मोहल्लों में जरूरतमंदों के घरों पर जकार निशुल्क राशन वितरण किया इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूर्व महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि भरतपुर और अलवर से 500 बसें उत्तर प्रदेश रवाना होने के लिए तैयार हैं. ये सारी बसें यूपी के बहज गोबर्धन बॉर्डर पर पहुंच चुकी हैं. बसों में यूपी आने वाले प्रवासी मजदूर यात्रा कर रहे हैं. प्रदेश के मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश पर रोक लगा दी मजदूरों के साथ प्रदेश की योगी सरकार जरा सा भी संवेदना नही दिखा रही आये दिन मजूदरों की भूख से मरने की ट्रेन से कटने की सड़क हादसे में मरने की खबरे आ रही है पर योगी सरकार आंख मूंद कर बैठी है लॉक डाउन के चलते उनके पास पिछले 50 दिनों से कोई काम नहीं है. उनकी आजीविका के साधन बंद पड़े हैं. युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शफ़ी अहमद ने कहा कि भरतपुर और अलवर से 500 बसें उत्तर प्रदेश रवाना होने के लिए तैयार हैं. ये सारी बसें यूपी के बहज गोबर्धन बॉर्डर पर पहुंच चुकी हैं. बसों में यूपी आने वाले प्रवासी मजदूर यात्रा कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से पैदल चल रहे मजदूरों के लिए बसें चलाने की अनुमति भी मांगी थी मगर प्रदेश की योगी सरकार मजदूरों को दुत्कार रही है उन्होंने कहा कि  यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत बड़ी संख्या में अप्रवासी मजदूर इकट्ठा हो गए है. वे यहां धूप और गर्मी में पैदल चलकर पहुंच रहे हैं. आज भी उन्हें बॉर्डर पर घंटों खड़ा रखा जा रहा है. उन्हें उत्तर प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है.

Sunday, 10 May 2020

01:17

उत्तर प्रदेश में श्रम कानूनों के बदलाव के विरोध में 1 दिन का उपवास करेगी आम आदमी पार्टी


  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार उद्योगपतियों के हित में श्रम कानून 3 साल के लिए स्थगित कर मजदूरों को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है महंगाई और कोरोना की मार मजदूर पहले से ही झेल रहा है,और अब उसको उद्योगपतियों की भी मार झेलना पड़ेगी ।सरकार का यह फैसला मजदूर विरोधी है
 आम आदमी पार्टी इसका विरोध करती है और प्रदेश सरकार से माँग करती है इस फैसले को वापिस ले।आम आदमी पार्टीगौत्तमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन ने कहा है  पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इसके खिलाफ कल 11 मई 2020 को अपने अपने घरो पर  एक दिन का उपवास रख कर इस तुग़लकी क़ानून का विरोध करेगे।

संजीव निगम

Saturday, 9 May 2020

02:04

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने लांच किया 'यूपी मित्र' नाम का चैट पोर्टल

लखनऊ, 9 मई 2020। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कोरोना महामारी में आम लोगों की मदद के लिए 'यूपी मित्र' नाम का चैट पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल को वैल्यूफर्स्ट नाम की एजेंसी ने तैयार किया है। वैल्यू फर्स्ट ने कांग्रेस पार्टी को यह सेवा निशुल्क उपलब्ध कराई है। यूपी कांग्रेस ने इसके लिए टेक्नोलॉजी पार्टनर वैल्यू फर्स्ट का आभार जताया है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू ने जारी प्रेसनोट में बताया कि कोरोना महामारी में आम लोगों की मदद के लिए हमने यह चैट पोर्टल लांच किया है। इस चैट पोर्टल के जरिये आम लोगों की समस्याओं को सूचीबद्ध किया जाएगा और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी यथासंभव शिकायतकर्ताओं की मदद करेगी। साथ ही साथ इन समस्याओं की सूची मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी ताकि सरकार भी आपदा में फंसे लोगों की मदद करे।

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कोरोना आपदा में कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता है कि हम हर जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए तैयार रहें। पूरे प्रदेश में हम जगह जगह रसोईघर चला रहे हैं, गाज़ियाबाद, हापुड़, कानपुर, इलाहाबाद, लखीमपुर खीरी, लखनऊ समेत 17 जिलों में बना बनाया खाना जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जा रहा है। पूरे सूबे में हमारी जिला कमेटियां जरूरतमंद लोगों को राशन मुहैया करवा रहीं हैं। प्रदेश के बाहर जो मजदूर फंसे हैं, वहां भी मदद पहुँचाईं जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हम लोगों तक इस चैट पोर्टल का यह लिंक tinyurl.com/UPmitra सोशल मीडिया, मैसेज और अन्य संचार माध्यमों से प्रचारित करेंगे ताकि लोगों की समस्याओं को जाना जा सके और मदद की जा सके।

Monday, 23 March 2020

07:58

कोरोना को लेकर लॉकडाउन जाने क्या होता है लॉकडाउन



लॉकडाउन

लॉकडाउन एक इमर्जेंसी व्यवस्था होती है। अगर किसी क्षेत्र में लॉकडाउन हो जाता है तो उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। जीवन के लिए आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। अगर किसी को दवा या अनाज की जरूरत है तो बाहर जा सकता है या फिर अस्पताल और बैंक के काम के लिए अनुमति मिल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल के काम से भी बाहर निकलने की अनुमति मिल सती है।

*क्यों करते हैं लॉकडाउन?*
किसी तरह के खतरे से इंसान और किसी इलाके को बचाने के लिए लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर कई देशों में किया गया है। कोरोनावायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है।

*किन देशों में है लॉकडाउन?*
चीन, डेनमार्क, अल सलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड और स्पेन में लॉकडाउन जैसी स्थिति है। चूंकि चीन में ही सबसे पहले कोरोनावायरस संक्रमण का मामला सामने आया था, इसलिए सबसे पहले वहां लॉकडाउन किया गया। इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया। उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया।दिल्ली में 31 मार्च तक लॉकडाउन हुआ है वहीं

*उत्तर प्रदेश के 15 जिले लॉक डाउन*
लखनऊ
बनारस
गोरखपुर
कानपुर
मेरठ
बरेली
आगरा
प्रयागराज
गाजियाबाद
नोएडा
अलीगढ़
सहारनपुर
लखीमपुर
आजमगढ़
मुरादाबाद पूरी तरह से लॉक डाउन
06:35

Coronavirus Effect- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी घोषणा, यूपी के 15 जिले लाॅकडाउन



*लखनऊ Coronavirus Effect-* तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में लाॅकडाउन करने की घोषणा कर दी है। सीएम योगी ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर *लखनऊ समेत बनारस, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, बरेली, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, सहारनपुर, लखीमपुर, आजमगढ़, और मुरादाबाद* जिले 25 मार्च, 2020 तक के लिए लाॅकडाउन कर दिया है।कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव के बीच अपनी सेहत की परवाह न करते हुए आम जनमानस की सेवा में संलग्न चिकित्साकर्मियों, सफाई कर्मियों, पुलिस कर्मियों आदि के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना वायरस से पीड़ित लोग मिले हैं वहां विशेष निगरानी के निर्देश दिये गए हैं। इन जिलों में किसी प्रकार की गतिविधियां नहीं होंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा में सभी औद्योगिक इकाइयां 25 मार्च तक बंद रहेंगी। सभी मार्केट, मॉल और दुकानें बंद रहेंगी।

Saturday, 14 March 2020

08:56

सुप्रीम कोर्ट से योगी सरकार को झटका-हटाने ही होंगे लखनऊ में लगे पोस्टर



लखनऊ नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लखनऊ में हिंसा के दौरान सरकारी तथा अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोपियों की फोटो होर्डिंग्स तथा पोस्टर्स में लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर असहमति जताई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ में हिंसा के दौरान तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों के फोटो वाले होर्डिंग्स तथा पोस्टर्स को हटाने के निर्देश को चुनौती दी थी।न्यायमूर्ति यूयू ललित और अनिरुद्ध बोस की अवकाश कालीन पीठ गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका पर सुनवाई की। सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान लखनऊ तथा अन्य शहरों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के लखनऊ में लगे पोस्टर के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने विचार के लिए तीन जजों की पीठ को भेजा। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस उमेश उदय ललित और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अवकाशकालीन बेंच इस मामले को बड़ी बेंच को भेजने का फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक से इनकार कर दिया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार को अब 16 मार्च तक सभी पोस्टर हटाने होंगे।नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लखनऊ में हिंसा के दौरान तोड़फोड़ के आरोपितों के लखनऊ में लगाए गए वसूली के पोस्टर पर सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश सरकार को राहत नहीं मिली है। इन पोस्टरों को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हटाने का आदेश दिया था, जिसे योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है और इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस उमेश उदय ललित और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अवकाशकालीन बेंच इस मामले को बड़ी बेंच को भेजने का फैसला सुनाया। जस्टिस ललित ने कहा कि इस मामले को चीफ जस्टिस देखेंगे। इस मामले में सभी व्यक्ति जिनके नाम होर्डिंग्स में नाम हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के सामने मामले में पक्ष रखने की अनुमति दी गई है।इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि 95 लोग शुरुआती तौर पर पहचाने गए। उनकी तस्वीरें होर्डिंग पर लगाई गईं। इनमें से 57 पर आरोप के सबूत भी हैं। आरोपियों ने अब निजता के अधिकार का हवाला देते हुए हाई कोर्ट में होर्डिंग को चुनौती दी, लेकिन पुत्तास्वामी मामले में सुप्रीम कोर्ट के 1994 के फैसले में भी निजता के अधिकार के कई पहलू बताए हैं। इस पर जस्टिस ललित ने कहा कि अगर दंगा-फसाद या लोक संपत्ति नष्ट करने में किसी खास संगठन के लोग सामने दिखते हैं तो कार्रवाई अलग मुद्दा है, लेकिन किसी आम आदमी की तस्वीर लगाने के पीछे क्या तर्क है।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने पहले चेतावनी और सूचना देने के बाद यह होर्डिंग लगाए। प्रेस मीडिया में भी बताया। इस पर जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने कहा कि जनता और सरकार में यही फर्क है। जनता कई बार कानून तोड़ते हुए भी कुछ कर बैठती है, लेकिन सरकार पर कानून के मुताबिक ही चलने और काम करने की पाबंदी है। इस दौरान जस्टिस ललित ने कहा कि फिलहाल तो कोई कानून आपको सपोर्ट नहीं कर रहा। अगर कोई कानून है तो बताइए।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट ने भी व्यवस्था दी है कि अगर कोई मुद्दा या कार्रवाई जनता से सीधा जुड़े या पब्लिक रिकॉर्ड में आ जाए तो निजता का कोई मतलब नहीं रहता। होर्डिंग हटा लेना बड़ी बात नहीं है, लेकिन बिषय बड़ा है। कोई भी व्यक्ति निजी जीवन में कुछ भी कर सकता है लेकिन सार्वजनिक रूप से इसकी मंजूरी नहीं दी जा सकती है। तुषार मेहता ने कहा कि हमने आरोपियों को नोटिस जारी करने के बाद कोई जवाब ना मिलने पर अंतिम फैसला किया। इस प्रकरण में 57 लोग आरोपी हैं, जिससे वसूली की जानी चाहिए। हमने भुगतान के लिए 30 दिनों की मोहलत दी थी।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के ब्रिटिश रॉयल सुप्रीम कोर्ट के ऑपरेशन एक्सपोज को कानूनन सही ठहराने के आदेश का हवाला देने के बाद इसी दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने पूर्व आईपीएस अधिकारी दारापुरी की ओर से बहस शुरू की। सिंघवी ने कहा कि यूपी सरकार ने कुछ बुनियादी नियम की अनदेखी की। अगर हम यूं ही बिना सोचे समझे एक्सपोज करते रहे तो नाबालिग दुष्कर्मी के मामले में भी यही होगा? इसमें बुनियादी दिक्कत है। यूपी सरकार ने लोकसम्पत्ति नष्ट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के ही एक फैसले की अनदेखी की। यहां पर सरकार ने तो जनता के बीच ही भीड़ में मौजूद लोगों को दोषी बना डाला।शीर्ष अदालत की बेंच ने उत्‍तर प्रदेश सरकार से पूछा कि उन्‍हें आरोपियों का पोस्‍टर लगाने का अधिकार किस कानून के तहत मिला है।सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाया है। कोर्ट ने कहा कि किस कानून के तहत सरकार ने दंगा के आरोपियों का बैनर लगाया। जस्टिस अनुरुद्ध बोस ने कहा कि सरकार कानून के बाहर जाकर काम नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को तीन जजों की बेंच को भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को स्टे नहीं किया है। कोर्ट ने पोस्टर लगाना यही या गलत इस पर कोई फैसला नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी तक शायद ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके तहत उपद्रव के कथित आरोपियों की तस्‍वीरें होर्डिंग में लगाई जाएं। कोर्ट ने कहा कि लखनऊ के विभिन्न चौराहा और मुख्य सड़क के किनारे होर्डिंग्स तथा पोस्टर्स में 57 से अधिक आरोपितों के फोटो लगे हैं। इस मामले का इलाहाबाद होई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को सभी होर्डिंग्स तथा पोस्टर्स को हटाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने होर्डिंग्स पर कथित आगजनी करने वालों का ब्योरा देने के लिए कदम उठाया है। कोर्ट राज्य सरकार की चिंता को समझ सकता है लेकिन अपने फैसले को वापस लेने का कोई कानून नहीं है।सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दलील दी कि प्रदेश में काफी प्रदर्शनकारी खुले में सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान कर रहे हैं। मीडिया ने उनका वीडियो बनाया। सबने वीडियो देखा। ऐसे में यह दावा नहीं कर सकते कि पोस्टर लगने से उनकी निजता के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। निजता के कई आयाम होते हैं। अगर आप दंगों में खुलेआम बंदूक लहरा रहे हैं और चला रहे हैं तो आप निजता के अधिकार का दावा नहीं कर सकते। यूपी सरकार की इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में एसजी तुषार मेहता ने कहा कि एक व्यक्ति विरोध प्रदर्शन के दौरान बंदूक चलाता है और कथित तौर पर हिंसा में शामिल होता है। ऐसा व्यक्ति निजता के अधिकार का दावा नहीं कर सकता है। सरकार ने लखनऊ में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के पोस्टर लगाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार को प्रदर्शनकारियों के पोस्टर हटाने के आदेश दिए थे। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में हिंसा फैलाने वालों के पोस्टर लगाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।प्रदेश सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की अवकाश कालीन पीठ ने आज सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में होली की छुट्टियों के दौरान अवकाश कालीन पीठ अर्जेन्ट (तत्काल) मामलों की सुनवाई के लिए बैठी। यह पहला मौका है जबकि सुप्रीम कोर्ट में होली की एक सप्ताह की छुट्टियों को दौरान भी अवकाश कालीन पीठ बैठी। अवकाश कालीन पीठ सिर्फ गर्मी की छुट्टियों के दौरान ही बैठती थी। उत्तर प्रदेश के एडवोकेट जनरल राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने दैनिक जागरण को बताया कि प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की है जिस पर गुरुवार को सुनवाई होनी है। अपील में दिए गए अपने आधारों का जिक्र करते हुए कहा कि पोस्टर में नाम और फोटो छापने को हाईकोर्ट का निजता के अधिकार का हनन बताया जाना ठीक नहीं है क्योंकि यह मामला निजता के अधिकार के तहत नहीं आता। यहां जो चीजें पहले से सार्वजनिक हैं उन पर निजता का अधिकार नहीं लागू होता। इस मामले में पहले से सारी चीजें सार्वजनिक हैं। दूसरा आधार अपील में मामले को जनहित याचिका बनाए जाने को लेकर है। यह मामला जनहित याचिका का नहीं माना जा सकता क्योंकि जनहित याचिका की अवधारणा उन लोगों के लिए लाई गई है जो किसी कारणवश कोर्ट आने में असमर्थ हैं उनकी ओर से जनहित याचिका दाखिल की जा सकती है। या फिर जिन मामलों में आबादी का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा हो जैसे पर्यावरण संरक्षण आदि मामलों में जनहित याचिका हो सकती है लेकिन मौजूदा मामला ऐसा नहीं है।एडवोकेट जनरल ने कहा कि मौजूदा मामले में प्रभावित लोग कोर्ट जा सकते हैं और रिकवरी नोटिस के खिलाफ कुछ लोग कोर्ट गए भी हैं ऐसे में इस मामले को जनहित याचिका के तहत नहीं सुना जाना चाहिए। उन्होंने इस याचिका का और ब्योरा व आधार साझा नहीं किये। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गत नौ मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से पोस्टर हटाने का आदेश दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि प्रदेश सरकार को ऐसे पोस्टर लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने पोस्टर लगाने को निजता के अधिकार का भी हनन कहा था।लखनऊ में प्रदर्शनकारियों के पोस्टर लगाने की घटना का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था और फौरन इनको हटाने का आदेश दिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा ने अपने आदेश में कहा था कि लखनऊ के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर 16 मार्च तक होर्डिंग्स हटवाएं। इसके साथ ही होर्डिंग हटाने की जानकारी रजिस्ट्रार को दें। कोर्ट ने इन दोनों अधिकारियों को हलफनामा भी दाखिल करने को कहा था।हाई कोर्ट ने कहा था कि बिना कानूनी उपबंध के नुकसान वसूली के लिए पोस्टर में फोटो लगाना अवैध है। यह निजता के अधिकार का हनन है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी की फोटो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना गलत है।लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा था कि प्रशासन ने इनकी फोटो लगी हुई होर्डिग्स उन इलाकों में लगवाई, जहां इन्होंने तोडफ़ोड़ की थी। आगे अगर पुलिस साक्ष्य उपलब्ध कराएगी तो बाकियों से भी वसूली होगी। सभी को नोटिस जारी होने की तिथि से 30 दिन का समय दिया गया है। यहां पर वसूली राशि जमा करने में असफल रहने की स्थिति में नामजद आरोपियों की संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सरकार अभी हाई कोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रही है। जो भी निर्णय लिया जाएगा प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में लिया जाएगा। सोमवार को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने भी लोकभवन में अफसरों के साथ बैठक की। बैठक में लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश, पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय और न्याय विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।दिसंबर में लखनऊ में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कथित रूप से शामिल रहे 57 लोगों के नाम और पते के साथ शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर कुल 100 होर्डिग्स लगाए गए हैं। सभी लोग राज्य की राजधानी लखनऊ के हसनगंज, हजरतगंज, कैसरबाग और ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के हैं। प्रशासन ने पहले ही 1.55 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए इन सभी लोगों को वसूली के लिए नोटिस जारी किया है।

Friday, 13 March 2020

01:53

यस बैंक के बड़े कर्ज़दारों पर आखिर बीजेपी मेहरबान क्यों -आप


आप उत्तर प्रदेश ने सभी जनपदों में यस बैंक के एटीएम के बाहर जाकर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की आप नेता के अनुसार यस बैंक से कर्ज लेकर हजारों करोड़ का चूना लगाने वाले सभी डिफॉल्टर पूँजीपति बीजेपी के दत्तक पुत्र है केन्द्र सरकार इन पर मेहरबान क्यों है   
  इन डिफॉल्टर अरबपतियों में से अनिल अंबानी ग्रुप ने 13 हजार करोड़ रूपये यस बैंक से लिया है जिसमें चन्दा के नाम पर बीजेपी को बीस करोड़ रूपये से अधिक भाजपा को रिश्वत के रूप में दिया है एसेल ग्रुप के सुभाष चंद्रा ने 3300 करोड़ लेकर 40 करोड़ रुपये बीजेपी को दिये है रेडियस ग्रुप के संजय छाबरिया ने 1200 करोड़ लेकर 50 लाख रूपये बीजेपी को दिये है डी एच एफ एल ग्रुप ने 3750 करोड़ लेकर 19 करोड़ 50 लाख बीजेपी को दिया है आर के डब्ल्यू ग्रुप के वाधवा ब्रदर ने 1200 करोड लेकर 10 करोड़ रूपये में से 10 करोड़ बीजेपी को चंदा के नाम से रिश्वत दी देश की वित्त मंत्री का बयान आया था कि केंद्र सरकार को 2017 में यस बैंक के अंदर हो रही गड़बड़ी का पता चल गया था इसके बाद से यस बैंक की देख रेख आर बी आई के हाथ है

    इसके बाबजूद केन्द्र सरकार ने 2017 से 2020 के बीच में यस बैंक के 21 लाख खाता धारकों के एक लाख करोड़ रुपये इन बीजेपी के मित्रों को बाँट दिये है यस बैंक में आम आदमी के पैसे की लूट बीजेपी और उसके इन चंद पूँजीपति मित्रों ने मिलकर की है इस लिये अब तक इनके खिलाफ रिकवरी का आदेश और न इनकी गिरफ्तारी की गई है इससे सरकार की नियत का पता चता है कि केन्द्र सरकार अपने करीबी  पूँजीपतियों को बचा रही है और आम आदमी के खून पसीने से पाई पाई जोड़ कर बैंक में जमा पूँजी को अरबपति मित्रों के साथ मिल कर लूट रही है ।
प्रयागराज में भी इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी की जिला कार्यकारिणी ने सरकार पर जमकर हमला बोला
जिसमे जिलाध्यक्ष अल्ताफ अहमद व जिला महासचिव सर्वेस यादव के नेतृत्व में सैकड़ों आप कार्यकर्ता उपस्थित थे।


जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन ने बताया कि आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह द्वारा राज्यसभा मे बैंक डिफाल्टरो पर कार्यवाही ना करने पर केंद्र सरकार से सवाल भी पूछा था और मांग भी कि थी सभी बैंक डिफाल्टरो के नाम सार्वजनिक किए जाए और उनके पासपोर्ट जब्त किए जाए  जिससे देश की जनता का पैसा बैंको मे तो सुरक्षित रहे | लेकिन सरकार द्वारा उचित कदम ना उठाने के कारण  देश का चौथा सबसे बड़ा निजी बैंक  YES बैंक मे लोगो का अपना ही पैसा डूब चुका है पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संकल्प शर्मा डीसीपी जोन प्रथम सेक्टर 6 नोएडा को ज्ञापन सौंप कर मांग की हैं कि

1 देश के सभी बैंक लोन लेने वाले अरबपति डिफाल्टरो को चिंहित किया जाए |
2 बैंक डिफाल्टरो की पहचान सार्वजनिक किया जाए |
3 बैंक डिफाल्टरो का पासपोर्ट जब्त किया जाए |
4 लोन का पैसा तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए |
5 बैंक डिफाल्टरो को भविष्य मे किसी प्रकार का कोई लोन ना दिया जाए |
6 आम आदमी का पैसा सुरक्षित होने की गारंटी दी जाए और उनकी जरूरत अनुसार  खाते से पैसा निकालने की सुविधा दी जाए और आम आदमी पार्टी की मांगो को संज्ञान मे लेकर उस पर कार्यवाही करने का केंद्र सरकार को निर्देश देने का कष्ट करें   
                         
    जिला महासचिव व पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम ने बताया कि इस अवसर पर पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष प्रशान्त रावत, यूथ विंग के जिला अध्यक्ष राहुल सेठ , व्यापर विंग जिलाध्यक्ष गुड्डू यादव,नॉएडा उपाध्यक्ष विकी पंडित,जिला कार्यकारणी सदस्यों में जयकिशन जैसवाल, प्रदीप सुनईया , अब्दुल माज़िद, धनंजय राज, सुमित चौधरी,कार्तिक,रूपा भटाचार्य,सतीश कुमार,उमर खान एवं रणजीत शर्मा सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


Sunday, 29 December 2019

19:35

दिल्ली विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाएगी आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई



 आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्षों व जिला महसचिवो की बैठक आज दिनाँक 29 दिसंबर  2019 को प्रदेश कार्यालय लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न  हुई जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के समस्त जिलो में पार्टी का संगठन ब्लॉक से लेकर जिले तक मज़बूत करना है संगठन में ऐसे कार्यकर्ताओ को ही दायित्व दिया जाएगा जो हर समय पार्टी के कार्यो के लिए उपलब्ध रहते है।
       
          उत्तर प्रदेश  में संगठन को मज़बूत करने के साथ ही आगामी दिल्ली विधानसभा के चुनावों में पूरी उत्तर प्रदेश इकाई अपनी ताकत लगाएगी जिसमें प्रत्येक जिलाध्यक्ष को एक -एक विधानसभा का दायित्व दिल्ली में दिया जायेगा जिस जिलाध्यक्ष को जिस विधानसभा का दायित्व दिया जाएगा उस जिले का प्रत्येक पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने जिलाध्यक्ष के ही साथ ही कार्य करेंगें । 

            प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह तथ प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिह  जिलाध्यक्षों सीधे सम्पर्क में रहेंगे।दिल्ली में चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता दिल्ली में डेरा जमा लेंगे ।

Tuesday, 17 December 2019

17:57

आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश का लखनऊ में पैदल मार्च



आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में चरमरायी कानून व्यवस्था व योगी सरकार के जंगलराज में लूट,हत्या डकैती व महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार एवं आये दिन हो रही बलात्कार की घटनाओं पर योगी सरकार को जगाने के लिए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह के आह्वान पर आज 17 दिसम्बर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के कार्यकर्ताओं का जन सैलाब सुबह से ही वर्लिनगटन चौराहे पर इकट्ठा होने लगा दोपहर होते-होते कार्यकर्ताओ के हुजूम को देखते हुए पुलिस ने बलपूर्वक पैदल मार्च को रोका व कार्यकर्ताओं को बस में बिठाकर इको पार्क , कांशीराम स्मारक लखनऊ में नजरबंद कर दिया ।कार्यकर्ताओ  की पुलिस के साथ नोक-झोंक हुई।

     प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिह व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमेंद्र ढाका व महिला प्रदेश अध्यक्ष नीलम यादव ने वहां उपस्थित कार्यकर्ताओ को संबोधित किया व प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन संबंधित अधिकारी के माध्यम से सौपा। सभाजीत सिंह ने कहा कि ये सरकार पूर्णतया कानून व्यवस्था के मामले में एवं युवाओ को रोजगार देने के मामले पूर्णतया फ़ेल है।सोमेंद्र ढाका ने बोलते हुए कहा कि योगी सरकार किसान मजदूर विरोधी है