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Monday, 21 September 2020

18:11

6 महीने बाद खुला सारनाथ म्यूजियम:deepak tiwari

वाराणसी.भगवान बुद्ध की तपोस्थली और काशी में पर्यटन की लाइफ लाइन कहा जाने वाला सारनाथ म्यूजियम सोमवार से पर्यटकों के लिए खुल गया। यह संग्रहालय कोरोनावायरस के चलते 17 मार्च से बंद था। सुबह 10 बजे से थर्मल स्क्रीनिंग के बाद पर्यटकों को एंट्री दी गई। हालांकि पहले दिन कम पर्यटक रहे, लेकिन आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या में उछाल की उम्मीद लोग लगा रहे हैं। कोरोना संकट से पहले तक यह संग्रहालय श्रीलंका, थाईलैंड, बैंकाक, मलेशिया, नेपाल, यूएस, जापान समेत कई देशों के पर्यटकों से गुलजार रहता था। यहां मिले अशोक स्तंभ से ही सिंहों को लेकर राज चिन्ह और अशोक चक्र से तिरंगे को सुशोभित किया गया है।
ऑनलाइन टिकट से इंट्री, थर्मल स्कैनिंग और मास्क होने पर ही प्रवेश
सारनाथ पुरातात्विक खंडहर परिसर को बीते सात सितंबर को खोल दिया गया था। तय किया गया था चरणबद्ध तरीके से स्मारकों को खोला जाएगा। इसी क्रम में संग्रहालय को आज से खोला गया, लेकिन अंदर प्रवेश के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है, साथ ही सुरक्षाकर्मी सभी का थर्मल स्कैनिंग करने के बाद ही अंदर जाने दे रहे हैं। दोपहर में 1 से 2 बजे के बीच परिसर को बंद करके सैनिटाइज किया जाएगा। अंदर किसी को कुछ भी छूने की इजाजत नही हैं।
पर्यटकों ने कहा ताजमहल की तरह ये भी ऐतिहासिक है
चंदौली के रहने वाले मनोज सिंह दिल्ली में जॉब करते हैं। लेकिन कोरोना संकट काल में जॉब छूट गई। अब वे अपने गांव पर ही रहते हैं। मनोज कहते हैं कि नौकरी जाने के कारण तनाव में था। तनाव को दूर करने के लिए सारनाथ घूमने आया है। सारनाथ पूर्वांचल का सबसे बड़ा टूरिस्ट प्लेस हैं, जो ताजमहल की तरह ही ऐतिहासिक है। बिहार से आए धनंजय सिंह ने बताया कि सम्राट अशोक से जुड़े तमाम स्तंभ और पुरातात्विक चीजों को देखने का मौका 6 महीने बाद मिला है।
18वीं शताब्दी में अशोक स्तंभ सिंह शीर्ष मिला था
इतिहासकार एसके सिंह ने बताया कि 18वीं सदी में अलेक्जेंडर कनिंघम के समय खुदाई हुई थी। जिसमें अशोक स्तंभ सिंह शीर्ष मिला था। जो मूल रूप से 15.25 मीटर का था। वास्तविक स्थान पर 2.3 मीटर ही है, बाकी का पार्ट संग्रहालय में रखा है। इसी के ऊपरी सतह पर चारों दिशाओं में चार सिंह हैं, जो 1947 में राजचिन्ह के रूप में अपनाया गया था। इसी स्तंभ पर बने 24 तीलियों का चक्र बना है, जिसे तिरंगे में सुशोभित किया गया है। संग्रहालय में भगवान बुद्ध की ज्ञान मुद्रा की मूर्ति के साथ ही पहली शताब्दी से लेकर 15वीं शताब्दी से जुड़ी तमाम चीजें देखने लायक हैं।

Sunday, 10 November 2019

16:49

विधान परिषद सदस्य वाराणसी क्षेत्र के मतदाता बनने हेतु 20 नवंबर तक की तिथि निश्चित


(दुद्धी)सोनभद्र- विधानपरिषद सदस्य वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता बनने हेतु 20 नवम्बर तक तिथि बढ़ा दी गई है ।इसके लिए 2016 तक स्नातक उत्तीर्ण पुरुष, महिला कोई भी व्यक्ति अपना फार्म भर सकता है ।आवेदन पत्र के साथ स्नातक अन्तिम वर्ष उत्तीर्ण अंकपत्र की छायाप्रति ,आधार कार्ड या पहचान पत्र व एक पासपोर्ट साइज फ़ोटो की जरूरत होगी।जो भी व्यक्ति इस आवेदन से छूट गए हो वे अपना आवेदन पत्र भर सकते है ।भाजपा नेता डीसीएफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि ने बताया कि सोनभद्र जिले में 13 स्थानों पर फार्म भरने का स्थान बनाया गया है जिसमे घोरावल में घोरावल ब्लॉक कार्यालय, रॉबर्ट्सगंज में राजा शारदा महेश इण्टर कालेज , सीमेंट फैक्ट्री इण्टर कॉलेज चुर्क, विकास खण्ड कार्यालय चतरा,  चोपन में विकास खण्ड कार्यालय चोपन, ओबरा इण्टर कालेज ओबरा ,दुद्धी में विकास खण्ड कार्यालय दुद्धी, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेनुकूट, राजकीय इण्टर कालेज पिपरी, राजकीय इण्टर कालेज अनपरा, प्राथमिक विद्यालय बीना व म्योरपुर में विकास खण्ड कार्यालय म्योरपुर, बभनी में विकास खण्ड कार्यालय बभनी को आवेदन पत्र जमा करने हेतु केन्द्र बनाया गया है ।स्नातक डिग्री हासिल किए हुए सभी लोग इस फार्म को अवश्य भर कर 20 तारीख तक जमा कर दे । पूरे जिले में लगभग 2 लाख स्नातक उत्तीर्ण लोग हैं लेकिन इच्छा शक्ति के अभाव के कारण मतदाता बनने में दिलचस्पी नहीं ले रहे है ।यह वर्ग ही जब आगे नही आएगा तो कौन आगे आएगा।इसलिए आवश्यक है कि हमसभी स्नातक डिग्रीधारी लोग आगे बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले ,जिससे प्रदेश में सोनभद्र जिले का नाम हो कि वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदाता सोनभद्र में है ,ऐसा भाव होना चाहिये ।इसलिए हमसभी स्नातक उत्तीर्ण लोग मतदाता बने।किसी प्रकार की समस्या होने पर अपने तहसील के तहसीलदार या उपजिलाधिकारी महोदय से सम्पर्क कर सकते है।।।

Wednesday, 23 October 2019

09:40

मंगलवार को वाराणसी बना भारत का सबसे प्रदूषित शहर जिला प्रशासन का उदासीन रवैया इसका जिम्मेदार


के सी शर्मा की टिपोर्ट
दिनांक 23 अक्टूबर 2019 को शाम 4 बजे से 6 बजे तक क्लाइमेट एजेंडा द्वारा वाराणसी के सिगरा स्थित शहीद उद्यान में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एक पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. ज्ञात हो कि मंगलवार, 22 अक्टूबर को वाराणसी भारत का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया था, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत जिला प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोइ कवायद होती नहीं दिखी. ऐसे में, प्रशासन पर न्यायोचित कार्यवाही के लिए जन दबाव बना सकने के प्रयास में संस्था द्वारा इस पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.
प्रदर्शनी के उद्देश्य को विस्तार से बताते हुए क्लाइमेट एजेंडा की मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने कहा: हर साल की तरह एक बार फिर इस अक्टूबर में भी वाराणसी की वायु गुणवत्ता खराब हो चुकी है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, बीते मंगलवार को यह शहर देश का सबसे प्रदूषित शहर पाया गया. यह अपने आप में कोई नई या चौकाने वाली खबर नहीं है. पिछले कई वर्षो से यह खबर निरंतर अखबारों और रिपोर्टों में बनी हुई है. लेकिन, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उदासीनता चौकाने वाली है. शहर में प्रदूषण नियंत्रण की कोई कवायद अब तक देखने को नहीं मिली. ऐसे में, यह समझना काफी मुश्किल है कि जिलाधिकारी महोदय और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी महोदय का कार्यालय आखिर किन कार्यों में व्यस्त है, जबकि शहर की लगभग 30 लाख आबादी जहरीली हवा में किसी तरह जीवन जीने को अभिशप्त है?
क्लाइमेट एजेंडा की सचिवालय प्रबंधक सानिया अनवर ने बताया: “वायु प्रदूषण के कारण देश में प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों की मौत हो रही है. जनता को कड़ी मशक्कत के बाद राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम हासिल हुआ था. लेकिन, उदासीन अधिकारियों के कारण यह कार्यक्रम भी फ्लॉप हो चुका है. इस प्रदर्शनी में लगे पोस्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों के चित्रकारों द्वारा बनाने गए हैं, जो आम जनता को वायु प्रदूषण के मुद्दे पर जागृत करने और शासन व प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यहाँ लगाए गए हैं. प्रदर्शनी अधिकारीगण को उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाने और कार्यवाही करने के लिए जन दबाव बनाने के उद्देश्य से ही आयोजित की गयी है, इसे आने वाले दिनों में दूसरे स्थानों पर भी आयोजित किया जाएगा.”

प्रदर्शनी में कूल 100 पोस्टरों को शामिल किया गया. आयोजन में मुख्य रूप से सुनील सिंह धुरिया, ब्रिजेश पटेल, बब्बी शंकर पाठक, सचिन, श्वेता, मनु श्री, चन्दा, रवि राजन, आशीष पटेल, प्रतिमा निषाद, आशुतोष श्रीवास्तव, रवि शेखर आदि की रही.       
 
द्वारा,
एकता शेखर,
मुख्य अभियानकर्ता, क्लाइमेट एजेंडा
8090055505, 9795034908.