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Tuesday, 20 July 2021

23:48

फालुन दाफा दुनियाभर में लोकप्रिय किन्तु चीन में शोषण का शिकार TNI

फालुन दाफा - दुनियाभर में लोकप्रिय किन्तु चीन 
20 जुलाई को फालुन दाफा के चीन में दमन के बाईस वर्ष – जानिये भारत के लिए यह प्रासंगिक क्यों है  
फालुन दाफा साधना पद्धति का अभ्यास विश्व में 100 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन दुःख की बात यह है कि चीन, जो फालुन दाफा की जन्म भूमि है, वहां 20 जुलाई 1999 से इसका दमन किया जा रहा है, जो आज तक जारी है। 20 जुलाई के दिन को फालुन दाफा अभ्यासी दुनियाभर में विरोध दिवस के रूप में मनाते हैं और शांतिपूर्वक प्रदर्शन और कैंडल लाइट विजिल द्वारा लोगों को चीन में हो रहे बर्बर दमन के बारे में अवगत कराते हैं। 
फालुन दाफा (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है) बुद्ध और ताओ विचारधारा पर आधारित एक प्राचीन साधना अभ्यास है जिसे श्री ली होंगज़ी द्वारा 1992 में चीन में सार्वजनिक किया गया। फालुन दाफा और इसके संस्थापक, श्री ली होंगज़ी को दुनियाभर में 1500 से अधिक पुरस्कारों और प्रशस्तिपत्रों से नवाज़ा गया है। 
चीन में फालुन गोंग का दमन
इसके स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक शिक्षाओं के कारण फालुन गोंग चीन में इतना लोकप्रिय हुआ कि 1999 तक करीब 7 से 10 करोड़ लोग इसका अभ्यास करने लगे। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की मेम्बरशिप उस समय 6 करोड़ ही थी। चीनी कम्युनिस्ट शासकों ने फालुन गोंग की शांतिप्रिय प्रकृति के बावजूद इसे अपनी प्रभुसत्ता के लिए खतरा माना और 20 जुलाई 1999 को इस पर पाबंदी लगा कर कुछ ही महीनों में इसे जड़ से उखाड़ देने की मुहीम चला दी, जो आज तक जारी है। 
चीन में अवैध मानवीय अंग प्रत्यारोपण अपराध
यह अविश्वसनीय लगता है, किन्तु चीन में अंगों के प्रत्यारोपण के लिए अंग न केवल मृत्युदण्ड प्राप्त कैदियों से आते हैं, बल्कि बड़ी संख्या में कैद फालुन गोंग अभ्यासियों से आते हैं। स्वतंत्र जाँच द्वारा यह प्रकाश में आया है कि चीनी शासन, सरकारी अस्पतालों की मिलीभगत से, कैदियों के अवैध मानवीय अंग प्रत्यारोपण के अपराध में संग्लित है। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए देखें: www.endtransplantabuse.org
भारत में भी 20 जुलाई को मनाया जाएगा विरोध दिवस
दुनिया भर के फालुन दाफा अभ्यासियों की भांति भारत के फालुन दाफा अभ्यासी भी 20 जुलाई को शांतिपूर्वक प्रदर्शन और कैंडल लाइट विजिल का आयोजन करते हैं। क्योंकि इस लॉक डाउन अवस्था में बाहरी गतिविधि नहीं की जा सकती, भारत के फालुन दाफा अभ्यासी इस वर्ष सोशल और प्रिंट मीडिया द्वारा चीन में हो रहे दमन के बारे में लोगों को अवगत करा रहे हैं। 
भारत में सन 2000 से फालुन दाफा का अभ्यास सभी प्रमुख शहरों में किया जा रहा है। यदि आप भी इस अभ्यास को सीखने के इच्छुक हैं तो www.learnfalungong.in पर इसके नि:शुल्क वेबिनार के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। फालुन दाफा के बारे में अधिक अधिक जानकारी आप www.falaundafa.org पर पा सकते हैं।    


यह भारत के लिए प्रासंगिक क्यों है?
पिछले कुछ समय से भारत और चीन के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। भारत पर दबाव बनाने के लिये चीन मसूद अजहर समर्थन, अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख बॉर्डर विवाद आदि का इस्तेमाल करता रहा है। भारत के कड़े रुख और चीनी सामान के बायकाट की मुहीम ने चीन को भारत की ताकत का अंदाजा लगा दिया है। 
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की धारणाएं और नीतियां उन सभी चीजों का खंडन करती हैं जिनका भारत जैसी एक प्राचीन संस्कृति और आधुनिक लोकतंत्र प्रतिनिधित्व करता है। भारत के पास चीन को सिखाने के लिये बहुत कुछ है। भारत को चीन में तिब्बत बोद्ध, वीगर मुस्लिम और फालुन गोंग पर हो रहे घोर मानवाधिकार अपराधों की निंदा करनी चाहिए। यही सोच भारत को विश्वगुरु का दर्जा दिला सकती है।

Wednesday, 18 November 2020

05:13

दिल्ली फिर से लॉकडाउन की राह पर शादी में केवल 50 लोग होंगे शामिल deepak Tiwari

National, New Delhi
नई दिल्ली,17 नवंबर (आरएनएस)। दिल्ली में अब अनियंत्रित हो रहे कोरोना संक्रमण के चलते यहां फिर से लॉकडाउन की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। केजरीवाल सरकार भी इस महामारी पर काबू पाने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने शादी-विवाह और सभाओं में दी गई छूट वापस लेने का निर्णय लिया है। शादी-विवाहों में 200 की जगह 50 लोगों के शामिल होने का एक प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए आज सुबह एलजी अनिल बैजल जो कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष भी हैं, को भेजा गया है। उम्मीद है जल्द ही उस पर मंजूरी मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बाजारों में छोटे स्तर पर लॉकडाउन करने का एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को को भेजा गया है। अगर सरकार को लगता है कि वो बाजार लोकल कोरोना हॉट स्पॉट बन सकता है तो एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए बाजार को बंद कर सकते हैं।

केजरीवाल ने कहा कि कुछ हफ्ते पहले जब दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति में सुधार हुआ था तो शादी, विवाह और सभाओं में शामिल होने वाले मेहमानों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई थी, लेकिन अब सरकार ने इस आदेश को वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने आगे कहा कि दिवाली के दौरान हमने शहर के सभी बाजारों में भारी भीड़ देखी थी और उनमें से कुछ में बड़ी संख्या में लोग न तो मास्क पहने हुए पाए गए और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए। इसके कारण कोरोना वायरस तेजी से फैला। भले ही अब बाजारों में भीड़ कम होने की उम्मीद है, हम केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजेंगे जिसमें हमें उन बाजारों को अस्थायी रूप से बंद करने की अनुमति मांगी गई है जहां हम सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 नियमों के उल्लंघन या संभावित हॉटस्पॉट के रूप में देखते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि सारी सरकारें और एजेंसियां मिलकर कोरोना को काबू में करने के लिए दोगुना प्रयास कर रहीं हैं, लेकिन ये तब तक सफल नहीं होगा, जब तक आप लोग सावधानी नहीं बरतेंगे। आप सभी से अपील है कि अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए मास्क अवश्य पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोरोना अमीर-गरीब में भेदभाव नहीं करता है और यह सभी को हो सकता है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत, राज्यों को स्थानीय लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता है। केजरीवाल ने मंगलवार को कोविड-19 के खिलाफ दिल्ली की लड़ाई में आईसीयू बेड्स बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी पर्याप्त बेड हैं। हालांकि आईसीयू बेड्स का संकट है। मैं केंद्र सरकार को समय पर सहयोग और 750 आईसीयू बेड्स उपलब्ध कराने का आश्वासन देने के लिए धन्यवाद देता हूं

Sunday, 1 November 2020

00:01

सिंधिया पर उमंग सिंघार ने लगाया 50 करोड़ और मंत्री पद का ऑफर देने का आरोप दिग्विजय ने मांगा जवाबdeepak tiwari

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 50 करोड़ रूपये और मंत्री पद का ऑफर दिया था। कांग्रेस नेता के आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया अब कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं. प्रदेश के पूर्व सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरोपों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब देना चाहिए।

बदनावर में एक सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उमंग सिंघार ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास थे। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, उस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को स्पष्टीकरण देना चाहिए। ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताना चाहिए उमंग सिंघार सच बोल रहे हैं या झूठ।
वहीं, दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान को अटल बिहारी वाजपेयी से सीख लेनी चाहिए. उन्होंने एक वोट से सरकार गिरना पसंद किया। वो सिद्धांतवादी थे।
इससे पहले उमंग सिंघार ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाकर सूबे की राजनीति में हलचल बढ़ा दी। उमंग सिंघार ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी में शामिल होने के लिए 50 करोड़ रूपये और मंत्रीपद का ऑफर दिया था। पूर्व मंत्री ने ये भी कहा कि मैंने उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया को कहा था कि मेरे लिए सिद्धांत महत्वपूर्ण है। पद महत्वपूर्ण नहीं है।
उमंग सिंघार आगे कहते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनसे कहा कि कांग्रेस में आपका भविष्य नहीं है। आपकी जो आर्थिक स्थिति है उसको लेकर हम आपके लिए 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था कर देते हैं। मेरी बीजेपी से बात हो गई है। आपको मंत्री पद भी दे देते हैं।
बता दें कि मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो गए थे। सिंधिया गुट के विधायकों ने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी का दामन थाम लिया था, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी।

Saturday, 31 October 2020

23:57

मुकेश खन्ना (शक्तिमान) के बारे में आई ऐसी खबर deepak tiwari

मुंबईः ‘महाभारत’ में ‘भीष्म पितामह’ और सुपर पावर बेस्ड ‘शक्तिमान’ से घर-घर में पहचान बनाने वाले मुकेश खन्ना इन दिनों अपने एक विवादित बयान के चलते खासे सुर्खियों में हैं। मुकेश खन्ना के एक पुराने इंटरव्यू में से एक क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह मीटू मूवमेंट पर अपने विचार रखते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो में मुकेश खन्ना महिलाओं के घर से बाहर निकलकर काम करने पर आपत्ति जताते दिख रहे हैं और मर्द और महिला के कामों पर अपनी राय दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर अब मुकेश खन्ना ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया के जरिए लोग मुकेश खन्ना की महिलाओं के प्रति सोच को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ट्विटर पर मुकेश खन्ना को यह कहकर ट्रोल कर रहे हैं कि ‘वह शक्तिमान नहीं, बल्कि किलविश हैं।’ वीडियो में मुकेश खन्ना कहते हैं- ‘मर्द अलग होता है औरत अलग होती है। औरत की रचना अलग होती है और मर्द की अलग होती है। औरत का काम होता है घर संभालना, जो माफ करना मैं कभी-कभी बोल जाता हूं कि प्रॉब्लम कहां से शुरू हुई है मी-टू की जब औरतों ने भी काम करना शुरू कर दिया। आज औरत मर्द के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बात करती हैं।’ ‘लोग वुमन लिव की बात करेंगे, लेकिन मैं आपको बता दूं कि प्रॉब्लम यहीं से शुरू होती है। सबसे पहला जो मैम्बर सफर करता है, वह घर का बच्चा होता है, जिसको मां नहीं मिलती। आया के साथ बैठकर क्योंकि सास भी कभी बहू देख रहा होता है वो, जबसे शुरुआत हुई, उसके बीच में यह शुरुआत हुई कि मैं भी वही करूंगी, जो मर्द करता है। नहीं, मर्द, मर्द है औरत, औरत है।’ हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद मुकेश खन्ना ने अपने इंटरव्यू का पूरा वीडियो भी शेयर किया है।

Thursday, 30 April 2020

13:58

इरफान के बाद ऋषि कपूर ने कहा दुनिया को अलविदा, बॉलीवुड में दौड़ी शोक की लहर.

रामजी पांडे
नई दिल्ली -बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर ऋषि कपूर की तबियत काफी समय से खराब चल रही थी और वह बार-बार हॉस्पिटल में एडमिट हो रहे थे. वहीं अब खबर मिली है कि उनका निधन हो गया है.

ऋषि का निधन होने की खबर से पूरा बॉलीवुड जगत शोक में है. बीते दिनों ही बॉलीवुड में गाज गिरी थी जब इरफ़ान खान का निधन होने की खबर आई थी और अब ऋषि कपूर के निधन की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. ऋषि को बीते कल यानी बुधवार को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस बात की जानकारी खुद उनके बड़े भाई रणधीर कपूर ने दी थी

अमेरिका में कैंसर का उपचार कराने के बाद ऋषि कपूर पिछले साल सितंबर में भारत लौटे थे, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आपको बता दें कि बीते समय में ही रणधीर कपूर ने बताया था कि, ''ऋषि कपूर को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, उनकी हालत अब स्थिर बताई गई थी.''

आप सभी को यह भी बता दें कि 67 वर्षीय ऋषि कपूर कैंसर से पीड़ित हैं और उन्हें सांस लेने में समस्या होने के कारण अस्पताल लाना पड़ा था. वैसे ऋषि कपूर को पहले दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था. बीते समय में इस बारे में खुद एक्टर ने बताया था कि 'उन्हें इंफेक्शन हो गया है. लेकिन दिल्ली से मुंबई आने के बाद उन्हें वायरल फीवर की वजह से फिर से हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा.' आप जानते ही होंगे ऋषि कपूर अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने विचारों के लिए भी खूब जाने जाते थे वह किसी भी मामले में ट्वीट करने में कभी पीछे नहीं रहे थे।
वरिष्ठ पत्रकार के सी शर्मा की रिपोर्ट

Monday, 27 April 2020

17:24

संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ- भारत" ने "प्रधानमंत्री" को पत्र लिख "खबरपालिका" गठन की मांग-रष्ट्रीय अध्यक्ष- रमेन्द्र पांडेय




आल इंडिया यूनाइटेड वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन( संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ भारत) ने भारत के प्रधान मन्त्री को म प्र के मुख्यमंत्री के माध्यम से पत्र लिख "खबर पालिका" के गठन की मांग की है।
भेजे गए पत्र में 25 सूत्रीय मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए उसके समाधान की मांगी है।अन्यथा देश व्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी है।पत्र की प्रतिलिपि सूचना प्रसारण मंत्री एवं राज्यपाल को भी भेजी गई है। नीचे देखे पत्र में क्या उल्लेख है।

*(  मजदूर दिवस एक मई पर विशेष  )*
                                                                   *प्रतिष्ठा में,
प्रधानमंत्री महोदय
पी एम ओ  , नई दिल्ली ,भारत*

       *द्वारा - प्रति, मुख्य मंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान जी म. प्र*.

विषय:-खबर पालिका गठन,पत्रकारिता को लोकतांत्रिक स्तम्भ का संवैधानिक दर्जा मान्य करने,केन्द्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने तथा अन्य प्रमुख मांगों की मंजूरी बावत ꫰

संदर्भ:-संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ का राष्ट्रव्यापी महा आंदोलन ꫰

महानुभाव,
सादर सविनम्र विनय है कि  भारत गणराज्य में लागू संविधान के तहत लोकतांत्रिक प्रणाली के अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थायी स्तम्भ के रूप में सर्वमान्य पत्रकारिता को संवैधानिक दर्जा प्रदान कर कानूनी मान्यता देने खबर पालिका गठित करना अनिवार्य है ꫰
मान्यवर,
   स्वतंत्रता प्राप्ति पश्चात अन्य स्तम्भों की वैधानिक व्यवस्था के वक्त ही चौखम्भा राज में पत्रकारिता को चतुर्थ स्तम्भ न स्वीकारने की तत्समय हुई ऐतिहासिक भारी भूल को सुधारने का यही सबसे सही समय है ꫰
महोदय,
   पत्रकारों की हत्या ,हमला ,प्रताड़ना ,जान-माल की क्षति तथा असुरक्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुये पत्रकार सुरक्षा कानून तत्काल लागू करना अत्यावश्यक है ꫰
महोदय,
   संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ उपरोक्त मांगों सहित पत्रकार,पत्रकारिता एवं समाचार पत्र व मीडिया संस्थाओं,संस्थानों तथा प्रतिष्ठानों से सम्बद्ध विभिन्न यथार्थ मुद्दों और ज्वलन्त समस्याओं के समाधान से जुड़ी कई प्रमुख मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी महा आंदोलन शांतिपूर्ण अहिंसक लोकतांत्रिक ढंग से संचालित कर रहा है ꫰। अब तक कई बार केन्द्र व राज्य शासन-प्रशासन को मांग पत्र/ज्ञापन देकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया,किन्तु अपेक्षित फल-प्रतिफल अप्राप्त ही है ꫰।
  अतएव प्रस्तुत ज्ञापन/ मांग पत्र के विषय विंदुओं पर विधि सम्मत व प्रक्रिया संगत कार्यवाही की जाकर माँगों को पूरा कराने की अहैतुकी महती कृपा की जाय और तत्सम्बन्धी प्रगति से अवगत भी कराने की महान दया की जाय ꫰
  प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं:-
1-खबर पालिका गठित की जाय तथा पत्रकारिता को लोकतंत्र के प्राथमिक आधारभूत स्थायी स्तम्भ का संवैधानिक दर्जा देकर कानूनी मान्यता दी जाय ꫰
2:-केन्द्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून तत्काल लागू किया जाय ꫰
3:-पत्रकारिता विकास निगम व मिशन बनाया जाय ꫰
4:-समाचार पत्रों ,मीडिया संस्थानों एवं सूचना संचार प्रचार-प्रसार माध्यमों को स्वायत्त,स्वावलम्बी तथा आत्म निर्भर बनाया जाय ꫰
5:-अखबार व मीडिया की वैयक्तिक वंशानुगत स्वत्वाधिकार कुप्रथा समाप्त कर कार्यरत पत्रकारों समाचार पत्र-मीडिया कर्मियों की सहकारी प्रकाशन व प्रसारण समिति को प्रबंधन एवं संचालन व्यवस्था सौंपी जाय ꫰
6:-पत्रकारों की माँगों पर विचार करने तथा पत्रकारिता के सर्वांगीण विकास के लिये मंत्रिमण्डलीय समिति का गठन किया जाय ꫰
7:-पत्रकारों को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर विभिन्न स्तरीय अधिमान्यता देने की सुस्पष्ट सरल पारदर्शी प्रक्रियाअपनायी जाय,नियम व पात्रता को आसान एवं व्यवहारिक बनाया जाय तथा पात्र पत्रकारों को अधिमान्यता प्रदान की जाय ꫰साथ ही शासन की घोषणानुसार दो-दो वर्षीय ही अधिमान्यता देने व नवीनीकरण की स्वत: व्यवस्था की जाये ।
8:-पत्रकार पेंशन केन्द्र व प्रदेश स्तर पर दी जाय तथा म.प्र.में जारी श्रद्धा निधि के लिये पात्रता  10वर्षीय लगातार अधिमान्यता      की शर्त अवधि को घटाकर 5वर्ष किया जाय और राशि बढ़ाकर न्यूनतम 15हजार रु.मासिक की जाय एवं आजीवन प्रदान करने के अतिरिक्त मृत्यु पर पत्नी या पति को जीवन काल का गुजारा दिया जाय ꫰
9:-पत्रकार आवास सुविधा दी जाय एवं भूखण्ड व भवन उपलब्धता सुनिश्चित कर मालिकाना हक देने हेतु सरकार की गारण्टी पर ब्याज मुक्त रियायती ऋण दीर्घावधि की न्यूनतम आसान किश्तों में वापसी सुविधा पूर्वक दिया जाय ।             10:-जीवन बीमा,समूह दुर्घटना बीमा की राशि बढ़ाकर १०लाख रु.की जाय तथा प्रीमियम की पूरी रकम शासन द्वारा अदा की जाय और कैशलेस चिकित्सा की सीमा भी १०लाख रु.की जाय ꫰
11:-पत्रकारिता के क्षेत्र में स्थापित पुरस्कारों तथा सम्मानों की संख्या व राशि बढ़ाई जाय एवं चयन की निष्पक्ष पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाय ꫰प्रकाशित व प्रसारित खबर अग्रलेख आलेख आदि का स्वस्फूर्त आकलन मूल्यांकन कर बगैर आवेदन या दावा के पुरस्कार तथा सम्मान देने का निर्णय लिया जाय ।
12:-पत्रकारों की मृत्यु ,हमला या दुर्घटना में अपंगता की दशा में अथवा  प्रताड़ना के मामलों में पीड़ित व प्रभावित पत्रकार को  समुचित क्षतिपूर्ति राहत सहायता राशि प्रदान की जाय ꫰।
13:-शासकीय व अर्ध शासकीय समितियों संस्थाओं एवं निकायों में हर स्तर पर पत्रकारों को समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाय ꫰
14:-पत्रकारों के बच्चों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा सुविधा दी जाय तथा शीर्ष शिक्षा संस्थानों में प्रवेश हेतु कुछ स्थान सुरक्षित रखा जाय ꫰।
15:-सभी शासकीय सेवाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पत्रकार परिवार को विशेष प्राथमिकता प्रदान कर कुछ स्थान आरक्षित रखा जाय ꫰
16:-पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला,शोध,अध्ययन,भ्रमण ,खोज हेतु प्रोत्साहन देकर व्यय भार वहन करने के साथ ही प्रकाशन-प्रसारण में आर्थिक सहायता दी जाय ꫰
17:-राज्य,संभाग व जिला स्तर पर त्रिपक्षीय बैठकों का नियमित आयोजन हो। ꫰१७:-म.प्र.शासन द्वारा पत्रकार पंचायत बुलाई जाय ꫰
18:-हर स्तर पर अधिमान्यता समितियों का पुनर्गठन हो तथा वास्तविक पत्रकारों का प्रतिनिधित्व हो ꫰।
19:-नई विज्ञापन नीति बने तथा लघु/मध्यम दैनिक -साप्ताहिक पाक्षिक मासिक पत्र-पत्रिकाओं को विशेष प्रोत्साहन विज्ञापन दिया जाय ꫰।
20:-पत्रकारों से जुड़े मामलों पर जाँच कार्यवाही बावत गृह मंत्रालय के पूर्व परिपत्र को अद्यतन कर पुन:जारी किया जाय ꫰
21:-श्रमजीवी पत्रकार अधिनियम पर आधारित नियमों का पालन हो,मजीठिया वेतन मान सुविधा दी जाय और नया वेतन आयोग गठित किया जाय तथा संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ को मान्यता प्रदान कर सब भाँति महत्व दिया जाय । 22:- पत्रकारों को तहसील, जिला, राज्य स्तरीय अधिमान्यता का उन्नयन कर राष्ट्रीय स्तर की भी अधिमान्यता प्रदान की जाये ।
23:- अधिमान्य पत्रकारों को रेल यात्रा की भांति विशेष रियायती विमान यात्रा सुविधा भी प्रदान की जाये ।
24:- सरकारी बसों में रियायती यात्रा सुविधा दी जाये और निजी बस/टैक्सी से यात्रा व्यय की प्रतिपूर्ति की जाय ।
25 :- शासन - प्रशासन और पत्रकारों के बीच समन्वय हेतु उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाकर पत्रकार महासंघ का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाय ।
अत: ज्ञापन प्रस्तुत कर उपरोक्त मांगों की शीघ्रातिशीघ्र पूर्ति का पुनश्च अनुनय अनुरोध है ꫰।
एतदर्थ हम कृतज्ञता पूर्ण चिर अनुग्रहीत रहेंगे ꫰।
सधन्यवाद,आभार ꫰।
द्वारा:-संभागीय आयुक्त / जिलाध्यक्ष 

प्रतिलिपि:-
1:-प्रधान मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली ꫰
2:-सूचना एवं प्रसारण मंत्री,भारत सरकार नई दिल्ली ꫰
3:-महा महिम राज्यपाल महोदय
राज भवन भोपाल म.प्र.।
4:-मुख्य मंत्री महोदय
म.प्र.शासन मंत्रालय बल्लभ भवन भोपाल म.प्र.।

स्थान           दिनांक
   रीवा  01. 05.2020  राष्ट्रीय अध्यक्ष/महासचिव
संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ (भारत)