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Monday, 21 September 2020

18:13

अयोध्या पहुंची भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा:deepak tiwari

अयोध्या.भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह सोमवार को अयोध्या पहुंचीं। उन्होंने रामलला, हनुमानगढ़ी और कनक भवन में बजरंगबली व ठाकुरजी के दर्शन किए। इस मौके पर अक्षरा सिंह ने कहा कि अयोध्या आकर एक सुखद अनुभूति हो रही है। अब हर साल आने का प्रयास करूंगी। उन्होंने यूपी में बनने वाले फिल्म सिटी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कहा कि, फिल्म सिटी बनने से यूपी व बिहार के कलाकारों को काम मिलेगा। यह बहुत अच्छा काम हो रहा है।
सुशांत के साथ बहुत गलत हुआ
अक्षरा सिंह ने कहा कि बिहार वैसे भी कलाकारों की खान है। जहां से रोजाना एक कलाकार निकलता है। अक्षरा ने सुशांत सिंह की मौत पर दुख जाहिर किया। कहा कि वे बिहार के ही लड़के थे। उनके साथ बहुत बुरा हुआ। हमारी मांग उनकी मौत के मामले की जांच जल्द पूरी करने की है। उम्मीद है कि जल्द ही उनकी मौत का खुलासा होगा।
राम मंदिर के निर्माण से होगा यहां का विकास
भोजपुरी अभिनेत्री ने कहा पहली बार अयोध्या आईं हूं। राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। बहुत अच्छा लगा। भगवान रामजी का हनुमानगढ़ी का दर्शन किया, अब हर साल अयोध्या आने का प्रयास करूंगी। राम मंदिर के निर्माण से यहां का विकास होगा। जहां प्रदेश में कलाकारों को रोजगार का मौका मिलेगा तो यहां के लोगों को भी रोजगार का मौका मिलेगा।

Thursday, 6 August 2020

00:32

अयोध्या में शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचीं उमा भारती दीपक तिवारी

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि मुझे राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारी ने शिलान्यास स्थल पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। उमा ने ट्वीट के जरिए कहा- ‘मैं मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादा से बंधी हूं । मुझे राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ अधिकारी ने शिलान्यास स्थल पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसलिये मैं इस कार्यक्रम में उपस्थित रहूंगी।’
दो दिन पहले उमा भारती ने ट्वीट कर कहा था कि वे अयोध्या में रहते हुए भी शिलान्यास कार्यक्रम में नहीं जाएंगी। इसके पीछे वजह जो उन्होंने बताई थी। कहा था- हो सकता है कि यात्रा के दौरान वे किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाएं। उन्होंने कहा था कि वे सबके जाने के बाद 6 अगस्त को रामलला के दर्शन करने जाएंगी।
उमा ने कहा है कि राम के नाम पर भाजपा का पेटेंट नहीं हुआ है। राम के नाम पर किसी का पेटेंट नहीं हो सकता है। राम का नाम अयोध्या या भाजपा की बपौती नहीं है। ये सबकी है, जो भाजपा में हैं या नहीं हैं, जो राम को मानते हैं, राम उन्हीं के हैं। बड़े ही संघर्ष के बाद ये शुभ दिन आया है, इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

Wednesday, 5 August 2020

06:40

RAM MANDIR:रामनगरी में रचा गया इतिहास, पीएम ने राम मंदिर की रखी आधारशिला


अयोध्या। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित देश की दो सौ अतिविशिष्ट हस्तियों की मौजूदगी में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी ने तकरीबन पांच सौ साल के इंतजार के बाद श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की सभी प्रक्रिया करने के बाद शुभ मुहूर्त के वक्त आधार शिला रखी।

प्रधानमंत्री ने शिला रखकर वहां भूमि पर प्रणाम किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ठीक 12.44.08 बजे शिला रखी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यजमान के रुप में पूरे अनुष्ठान को वैदिक आचार्यों के आचार्यत्व में पूर्ण किया।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गणेशजी, पृथ्वी, बाराह देवता, अनंत शेषनाग और कच्छप भगवान समेत अन्य देवताओं का पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अन्य शिलाओं का फिर मुख्य शिला का पूजन किया।
मंदिर निर्माण के लिए नींव पूजन और शिला पूजन का संकल्प भी लिया गया।

रामलला के सिंहासन के ठीक नीचे रखा जाएगा शिला में नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा, अजिता, अपराजिता, शुक्ला व सौभाग्यनी शामिल हैं। पूजन के बाद इन शिलाओं को राम मंदिर में सुरक्षित रखा जाएगा। पुन: नींव के लिए गर्भगृह का गहराई में उत्खनन होने पर रामलला के सिंहासन के ठीक नीचे इन्हें रखवाया जाएगा।

Thursday, 30 July 2020

16:38

अयोध्या: राम जन्मभूमि के पुजारी प्रदीप दास कोरोना पॉजिटिव, सुरक्षा में तैनात 16 पुलिसकर्मी भी संक्रमित

 
अयोध्‍या में राम मंदिर का मॉडल 
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां राम मंदिर (Ram Mandir) के भूमि पूजन की तैयारियों के बीच कोरोना (COVID-19) ने दस्तक दे दी है. यहां साधु-संतों के साथ राम जन्म भूमि (Ram Janmbhumi) की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के भी कोरोना संक्रमित होने की सूचना है. ताजा खबर ये है कि राम जन्मभूमि के पुजारी प्रदीप दास (Priest Pradeep Das) कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. वह प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य हैं. प्रदीप दास भी सत्येंद्र दास के साथ राम जन्मभूमि की पूजा करते हैं. बता दें कि राम जन्मभूमि में प्रधान पुजारी के साथ-साथ 4 पुजारी राम लला की सेवा करते हैं.

राम जन्मभूमि की सुरक्षा में लगे 16 पुलिसकर्मी भी पॉजिटिव

अब कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद पुजारी प्रदीप दास को होम क्‍वारंटाइन कर दिया गया है. वहीं, राम जन्मभूमि की सुरक्षा में लगे 16 पुलिसकर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसके बाद हड़कंप मचा हुआ है.



5 अगस्त को है पीएम मोदी का दौरा
बता दें कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अयोध्या आगमन है. पीएम मोदी राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ देश के तमाम गणमान्य लोग भी उपस्थित रहेंगे. इस भूमि पूजन कार्यक्रम की भव्यता और प्रचार में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है.



अयोध्या की सुरक्षा कड़ी
बता दें प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर अयोध्या में सुरक्षा कड़ी की गई है. आईडी प्रूफ देखकर ही अयोध्या धाम में लोगों को प्रवेश मिल रहा है. अयोध्या धाम को 7 जोन में बांटा गया है. इस दौरान सभी एंट्री प्वाइंट पर सघन चेकिंग चल रही है.

दो वॉटरप्रूफ पंडाल और एक मंच सजेगा


वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर भूमि पूजन के लिए राम जन्मभूमि परिसर में पंडाल बनने का काम शुरू हो गया है. जानकारी के अनुसार 2 वाॅटरप्रूफ पंडाल बनाए जा रहे हैं. इसमें एक छोटा सा मंच भी बनेगा. मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सीएम योगी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय होंगे. वहीं संस्कृति विभाग परिसर में अब प्रदर्शनी नहीं लगाएगा. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पंडाल में कुर्सियां लगाई जाएंगी.

Tuesday, 28 July 2020

16:54

राम मंदिर के संघर्ष से जुड़े सारे ऐतिहासिक तथ्यों को एक टाइम कैप्सूल में पृथ्वी के 200 फीट भीतर गाड़ा जाएगा ताकि सारी जानकारियां सुरक्षित रह सके deepak tiwari

       
टाइम कैप्सूल’ एक बॉक्स होता है, जिसमे वर्तमान समय की जानकारियां भरी होती हैं। देश का नाम, जनसँख्या, धर्म, परंपराएं, वैज्ञानिक अविष्कार की जानकारी इस बॉक्स में डाल दी जाती है। कैप्सूल में कई वस्तुएं, रिकार्डिंग इत्यादि भी डाली जाती है। इसके बाद कैप्सूल को कांक्रीट के आवरण में पैक कर जमीन में बहुत गहराई में गाड़ दिया जाता है। ताकि सैकड़ों-हज़ारों वर्ष बाद जब किसी और सभ्यता को ये कैप्सूल मिले तो वह ये जान सके कि उस प्राचीन काल में मनुष्य कैसे रहता था, कैसी भाषाएं बोलता था। टाइम कैप्सूल की अवधारणा मानव की आदिम इच्छा का ही प्रतिबिंब है। अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर की नींव में एक टाइम कैप्सूल डाला जाएगा।

पाषाण युग से ही मानव की सोच रही है कि वह भले ही मिट जाए लेकिन उसके कार्यों को आने वाली पीढ़ियां याद रखे। इसी सोच ने मानव को इतिहास लेखन के लिए प्रेरित किया होगा। किसी प्राचीन गुफा की खोज होती है तो उसकी दीवारों पर हज़ारों वर्ष पुराने शैलचित्र पाए जाते हैं। ये भी एक तरह के टाइम कैप्सूल ही है, जो एक ख़ास तरह की स्याही से दीवारों पर उकेरे गए थे।

उनकी स्याही में इतना दम था कि हज़ारों वर्ष पश्चात् की पीढ़ियों को अपनी कहानी पढ़वा सके। भारत के प्राचीन मंदिरों में स्थापित शिलालेखों का उद्देश्य यही था, जो आधुनिक काल में टाइम कैप्सूल बनाने वालों का है। भविष्य की पीढ़ियों को वर्तमान के बारे में बताने की ललक ने टाइम कैप्सूल की अवधारणा को जन्म दिया

Sunday, 26 July 2020

20:17

अयोध्या: मुकेश अंबानी व गौतम अडानी जैसे शीर्ष उद्योगपति भी भूमि पूजन में होंगे शामिल deepak tiwar

*अयोध्या श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन की तारीख पांच अगस्त निकट आने के साथ इस महानुष्ठान की रूपरेखा स्पष्ट होती जा रही है। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस महानुष्ठान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित दो सौ चुनिंदा लोगों के ही शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लोग इस सूची को गंभीर सोच-विचार के बाद अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। दो सौ लोगों की सूची चार श्रेणियों में विभाजित है। इन्हीं चार में से एक श्रेणी देश की विभूतियों की है। इसमें कला, साहित्य, संस्कृति और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े शीर्ष लोग शामिल हैं। इसी श्रेणी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी शामिल हैं।
      *अयोध्या में बहुप्रतीक्षित श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन के अवसर पर मुकेश अंबानी और गौतम अडानी जैसे शीर्षस्थ उद्योगपतियों की मौजूदगी यह संकेत देने वाली है कि न केवल प्रस्तावित मंदिर के बल्कि संपूर्ण रामनगरी के निर्माण में उद्योगजगत की भूमिका कितनी अहम होगी। बहरहाल, आमंत्रित लोगों की तीन अन्य श्रेणियों में विश्व हिंदू परिषद एवं संघ के पदाधिकारियों तथा मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे अग्रणी नेता, स्थानीय संत-महंत, समाजसेवी और केंद्रीय मंत्री, राजनीतिज्ञ, जन प्रतिनिधि एवं शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।*

*♦️तीन नंबर गेट से भूमि पूजन को जाएंगे वीवीआईपी :*

*▪️राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए मंदिर परिसर में वीवीआईपी को ले जाने का रूट लगभग तय हो चुका है। यह गेट नंबर तीन का मार्ग होगा। करीब 650 मीटर लंबा यह मार्ग बनकर तैयार है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नए मार्ग के लिए करीब 1.17 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए थे। मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि कार्यशाला में तराशे गए पत्थर भी इसी मार्ग से जाने हैं।*
     *प्रधानमंत्री 32 सेकेंड की अल्प अवधि में रखेंगे आधारशिला : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भूमि पूजन की तारीख तय करने से पूर्व ही भूमि पूजन के शुभ मुहूर्त की ओर पूरा ध्यान दिया। ट्रस्ट के ही अनुरोध पर काशी के प्रख्यात विद्वान पं. गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने विद्वानों से मंत्रणा के बाद भूमिपूजन का मुहूर्त पांच अगस्त को मध्याह्न 12 बजकर 15 मिनट और 15 सेकेंड से अगले 32 सेकेंड के लिए सुनिश्चित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र इसी 32 सेकेंड की अवधि में राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे। आधारशिला स्थापन में भी शास्त्रीयता का पूरा ध्यान रखा गया है। रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास के अनुसार नंदा, जया, भद्रा, रिक्ता एवं पूर्णा के रूप में पांच शिलाओं का पूजन किया जाएगा और उन्हें मंदिर की नींव में स्थापित किया जाएगा।*

Saturday, 25 July 2020

05:04

CM योगी आदित्यनाथ पहुंचे अयोध्या, प्रभु श्रीराम के किए दर्शन, अब करेंगे तैयारियों की समीक्षा

deepak tiwari 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच चुके हैं. उन्होंने रामलला के दर्शन भी किए. सीएम योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 अगस्त के दौरे से पहले भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेंगे और साधु-संतों से भी मुलाकात करेंगे. राम के धाम अयोध्या में भूमि पूजन को भव्य बनाने के लिए खास तैयारियां चल रही हैं. करीब 500 साल के बाद रामभक्तों की इच्छा पूरी होने जा रही है.

सीएम योगी ने राम मंदिर परिसर में निरीक्षण किया. वो पीएम मोदी की यात्रा से पहले कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं. 5 अगस्त को अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे. इसके लिए काशी से पांच विद्वानों को अयोध्या जाना है. उन 5 विद्वानों की निगरानी में ही श्री राम जन्म भूमि मंदिर का भूमि पूजन होना है. काशी के इन 5 गणमान्य लोगों में 3 ज्योतिषी और 2 संत शामिल हैं. ये 4 अगस्त को ही अयोध्या पहुंच जाएंगे और अपने साथ काशी विश्वनाथ मंदिर से बाबा विश्वनाथ के शिवलिंग को स्पर्श करवाए हुए 5 चांदी के बिल्व पत्र जिसमें जय श्री राम लिखा होगा, सवा पाव चंदन और गंगा की मिट्टी भी लाएंगे.

कोरोना काल में भूमि पूजन के लिए दो गज की दूरी का पालन करते हुए खास तैयारियां की गई हैं. मठ मंदिरों में अनुष्ठान होंगे तो घर-घर दीप जलाकर खुशियां मनाई जाएंगी. दूसरी तरफ सरयू आरती में भी उत्साह दिखेगा. इसके अलावा सरयू की महाआरती को भव्य बनाने की तैयारी है लेकिन कोरोना को ध्यान में रखकर सब कुछ लोग व्यक्तिगत करेंगे, कोई सामूहिक आयोजन नहीं होगा. भूमि पूजन के दिन अयोध्या में दीवाली की झलक देखने को मिल सकती है.

Sunday, 19 July 2020

12:07

RAM MANDIR:अयोध्या में 5 अगस्त को पीएम मोदी कर सकते है राम मंदिर के लिए भूमि पूजन जानिए कैसा होगा मंदिर का मॉडल-के सी शर्मा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन कर सकते हैं. सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि पांच अगस्त पीएम मोदी के अयोध्या जाने की संभावना है. लेकिन अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है. पांच अगस्त को हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्र पक्ष द्वितीय का दिन है. प्रधानमंत्री के अलावा भूमि पूजन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगा आदित्यनाथ भी शिरकत करेंगे.

बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की शनिवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगस्त के पहले हफ़्ते की 2 तारीखें दी गई थी. अब 5 अगस्त को पूर्णिमा के दिन भूमि पूजन किया जाएगा.

राम मंदिर मॉडल में कैसा होगा बदलाव

 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक में विश्व हिंदू परिषद के प्रस्तावित मॉडल में हल्का बदलाव करने पर भी सहमति बनी है. पहले के मॉडल में गर्भ गृह के मुख्य शिखर के अलावा 2 मंडप (गुम्बद नुमा आकार) मौजूद थे.

अब 2 की जगह कुल 5 मंडप होंगे.

 पहले प्रस्तावित मॉडल की ऊंचाई 138 फुट थी, जिसको बढ़ाकर 161 फुट करने पर सहमति बनी है.

वीएचपी के मॉडल के मुताबिक पहले ऊंचाई 138 फुट, लंबाई 268 फुट और चौड़ाई 140 फुट होनी थी. अब लंबाई लगभग उतनी ही रहेगी लेकिन ऊंचाई 161 फुट और चौड़ाई गर्भ गृह के पास कुछ बढ़ जाएगी.

 लेआउट की बात करें तो पहले आयताकार आकर था जिसको आर्किटेक्ट के मुताबिक क्रुसीफार्म आकर का किया जाएगा.

 आकार पहले 313×149 फुट था, जो अब 344×235 फुट होगी.

 शिखर की चोटी 138 फुट से बढ़ाकर 161 फुट किया जाएगा. क्षेत्रफल भी आकार के मुताबिक़ बढ़ेगा.

 इसके अलावा पत्थर की मात्रा पहले 2,43,000 घन फुट था, जो अब नए मॉडल के मुताबिक़ 3,75,000 घन फुट होगा.

परिस्थितियां सही रहीं तो तीन-साढ़े तीन साल में बन जाएगा मंदिर- चंपत राय

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अगर परिस्थितियां सही रहीं तो तीन या साढ़े तीन साल में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा. उन्होंने कहा कि धन संग्रह और बाकी की ड्रॉइंग तैयार हो जाएंगी, तब से हम मानते हैं कि तीन से साढ़े तीन साल में मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा. समतलीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है.

टाइल्स का काम सोमपुरा मार्बल्स करेगा
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि L&T मिट्टी की जांच के लिए सैंपल इकट्ठा कर रही है. जमीन के 60 मीटर नीचे की मजबूती को देखते हुए ही मंदिर की नींव डाली जाएगी. उन्होंने कहा कि आज की मीटिंग में यह तय हुआ है कि मंदिर के लिए टाइल्स सोमपुरा मार्बल ब्रिक्स की ओर से दिया जाएगा. लार्सन एंड टर्बो अपना काम करेगा और टाइल्स का काम सोमपुरा मार्बल्स करेगा.

Monday, 25 November 2019

07:19

अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे अधिवक्ता केशव पाराशर रामलला को सौंपी आदेश की प्रति


*पंकज पाराशर *
सुप्रीम कोर्ट में हिंदुओं के पक्ष को दमदार तरीके से रखने वाले एवं  रामलला के पक्ष में मामला लड़ने वाले सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता केशव पाराशर परिवार सहित रामलला दरबार में अयोध्या पहुंचे l अयोध्या पहुंचकर उन्होंने सरयू में स्नान किया l प्रथम पाली में उन्होंने अपनी टीम के साथ रामलला के दर्शन किए, टीम में उनके साथ परिवारजनों के अलावा श्रीराम जन्मभूमि मामले पर सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी करने वाले 18 अधिवक्ता भी शामिल हुए l दल का नेतृत्व केशव पाराशर कर रहे थे l उनके साथ उनके बेटे, बेटियां और नाती पोते समेत उनके पुत्र पूर्व सालिस्टर जनरल मोहन पाराशर समेत अन्य प्रदेशों के 18 विद्वान अधिवक्ता थे l टीम ने रामलला के दर्शन कर न्यायालय के फैसले की एक प्रति रामलला को सौंपी l दर्शन करने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन, पीएस नरसिम्हा, पीबी योगेश्वर, भक्ति वर्धन सिंह, श्रीधर पोटा राजू, अनिरुद्ध शर्मा सहित अन्य शामिल हुए l पूर्व सालिस्टर जनरल मोहन पाराशर ने कहा कि हमें सबूतों के आधार पर पूरा विश्वास था कि यह मामला हम ही जीतेंगे l