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Saturday, 6 March 2021

20:51

10 साल की बच्ची के साहस को सलाम:मोबाइल लूट कर भाग रहे बदमाश को पकड़कर दूसरे लुटेरे को भागने पर किया मजबूर

tap news India deepak tiwari 
जबलपुर. 10 वर्षीय निशि के साहस के आगे 21 साल के लुटेरे पस्त हो गए। मोबाइल छीन कर भाग रहे बदमाश को इस कदर मजबूती से जकड़ा कि वह छुड़ा न सका। उसके हौसले को देख आसपास के लोग भी दौड़ पड़े। साथी को घिरा देख दूसरा बदमाश बाइक लेकर फरार हो गया। गिरफ्त में आए बदमाश को स्थानीय लोगों ने पिटाई कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
एचबी कॉलेज के पास विजय नगर निवासी कमल नारायण टंडन एसबीआई से रिटायर्ड हैं। वह शुक्रवार को 10 वर्षीय पोती निशि टंडन के साथ एक्टिवा से बाजार गए थे। रात करीब 10 बजे वह बाजार से लौट रहे थे। देरी होने से अहिंसा चौपाटी साइट के पास निशि मोबाइल से पिता डॉक्टर पीयूष टंडन को कॉल करने लगी, तभी बाइक एमपी 20 एनजी 2480 सवार दो बदमाश आए। पीछे बैठे बदमाश ने निशि से मोबाइल छीन लिया।
परवाह किए बगैर निशि ने बदमाश को दबोचा
घटना के बाद बदमाशों की बाइक और कमल नारायण की एक्टिवा अनियंत्रित हो गई। दोनों वाहनों के साथ सभी गिर पड़े। निशि ने अपनी चोट की परवाह किए बगैर तेजी से दौड़ लगाई और बाइक लेकर गिरे एक बदमाश को कमर से जकड़ लिया। बच्ची की पकड़ इतनी मजबूत थी कि बदमाश खुद को छुड़ा नहीं पाया। तब तक शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंच गए और निशि द्वारा पकड़े गए बदमाश को दबोच लिया।
कई वारदातों का हो सकता है खुलासा
राहगीरों ने आरोपी को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। आरोपी की पहचान शंकर नगर सुहागी निवासी शुभम पटेल (21) है। कोतवाली पुलिस ने लूट का प्रकरण दर्ज कर शुभम को हिरासत में लिया है। वारदात के बाद मौके से फरार उसके दूसरे साथी की तलाश चल रही है। आरोपी से पूछताछ में कई और लूट की वारदातों का खुलासा हो सकता है।

Wednesday, 3 March 2021

17:20

महंगे पेट्रोल पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब पेट्रोलियम मंत्रालय और ऑइल कंपनियों को नोटिस

tap news India deepak tiwai
जबलपुर. हाईकोर्ट ने तेल कंपनियों और पेट्रोलियम मंत्रालय को नोटिस जारी कर पूछा है कि एथेनॉल मिले डीजल-पेट्रोल पर टैक्स लेने का क्या प्रावधान है। क्या एथेनॉल मिले डीजल-पेट्रोल पर पांच प्रतिशत से अधिक टैक्स नहीं लिया जा सकता। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त नोटिस जारी किया है।
दरअसल डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। एक जनहित याचिका के माध्यम से नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जबलपुर के संयोजक मनीष शर्मा ने पक्ष रखा है कि इथेनॉल मिश्रित डीजल-पेट्रोल पर सरकार ने पांच प्रतिशत ही टैक्स लेने का नियम बनाया था। पर इस पर 51 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। इसी मामले में आज चीफ जस्टिस व विजय कुमार शुक्ला की डबल बेंच में सुनवाई हुई।
पड़ोसी राज्यों की तुलना में MP में पेट्रोल सबसे महंगा:पेट्रोल की औसत कीमत 98.96 रुपए पर पहुंची, बाकी राज्यों में 90 रुपए भी नहीं
समझिए याचिका का आधार
याचिककर्ता ने बताया एक हजार मिलीलीटर पेट्रोल में वर्तमान में सात से 10 फीसदी यानी लगभग 70 से 100 मिलीलीटर तक एथेनॉल मिलाया जा रहा है। बावजूद सरकार पूरे एक हजार मिलीलीटर पर टैक्स लगा रही है जबकि 51% टैक्स केवल पेट्रोल की मात्रा पर यानी 900 मिलीलीटर पर वसूलना चाहिए। शेष एथेनॉल की 70 से 100 मिलीलीटर मात्रा पर 5% से ज्यादा टैक्स नहीं लेना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होने से लोगों को महंगा पेट्रोल मिल रहा है। आने वाले समय में एथेनॉल की मात्रा बढ़कर 300 मिलीलीटर तक पहुंच जाएगी। पेट्रोल कंपनियों एथेनॉल की मात्रा बढ़ाती जा रही हैं लेकिन इसे दर्शाया नहीं जाता।
पेट्रोलियम मंत्रालय व ऑइल कंपनियों को बनाया है पक्षकार
याचिकाकर्ता मनीष शर्मा की ओर से अधिवक्ता सुशांत श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। इस याचिका में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय सहित सभी ऑइल कंपनियों को पक्षकार बनाया गया है। अधिवक्ता सुशांत श्रीवास्तव ने तर्क रखा कि पांच प्रतिशत टैक्स की बजाय 18 प्रतिशत केंद्र सरकार और 33 प्रतिशत टैक्स राज्य सरकार वसूल रही है। ऑयल कंपनियां अभी सात से 10 प्रतिशत इथेनॉल मिला रही हैं। इसे 2025 तक 20 प्रतिशत और 2030 तक 30 प्रतिशत तक ले जाने का टारगेट रखा गया है।
पांच से छह रुपए सस्ता हो जाएगा पेट्रोल-डीजल
नियमानुसार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल पर महज पांच प्रतिशत टैक्स लिया जाए, तो आम लोगों को चार से छह रुपए सस्ते में डीजल-पेट्रो मिलेगा। सरकार ने 10 वर्षों में इस तरह से खरबों रुपए वसूल चुकी है। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने आज चौथे दिन बुधवार को पेट्रोल व डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है कमी
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब वित्त मंत्रालय एक्साइज ड्यूटी कम करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। इससे आम लोगों को कीमतों से फौरी राहत मिल सकती है। पिछले एक साल में सरकार ने पेट्रोल-डीजल के टैक्स में दो बार बढ़ोत्तरी की है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव न्यूनतम रिकॉर्ड स्तर पर थी, तब भी आम लाेगों को कीमत में राहत नहीं मिली थी।

Thursday, 17 September 2020

02:43

अब जनरल कोच में बिना रिजर्वेशन नहीं कर सकेंगे सफर, यह जानकारी देना भी अनिवार्य

जबलपुर deepak tiwari । रेलवे ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए यात्रा के नियमों में बदलाव किया है। अब ट्रेन के सामान्य (जनरल) डिब्बे में सफर करने के लिए भी रिजर्वेशन कराना होगा। आधार कार्ड समेत शहर, मोहल्ला, पिनकोड की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद सीट नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। टिकट भी जनरल काउंटर की बजाय रिजर्वेशन केंद्र से ही दिए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि रेलवे ने जनरल टिकट की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
डिब्बे में जितनी सीट उतनी ही टिकट
जनरल के एक डिब्बे में 56, 78 या 105 सीट होती हैं। सामान्य टिकट लेकर इन डिब्बों में तीन से चार गुना यात्री सफर करते थे। अब नए नियम के मुताबिक डिब्बे में जितनी सीट होंगी, उतने ही टिकट दिए जाएंगे। जनरल डिब्बे में किराया कम होने से यात्री इसमें ज्यादा सफर करते हैं। बता दें कि 20 मार्च 2020 से पहले जनरल का टिकट लेने के लिए आधार कार्ड नहीं दिखाना होता था। 5 सितंबर 2020 से रेलवे ने जनरल डिब्बे लगी कई ट्रेनों का संचालन प्रारंभ किया है। यात्री जब जनरल टिकट लेने के लिए स्टेशन पहुंचे तब नए नियमों का पता लगा।
कम दूरी के यात्रियों को ज्यादा समस्या
नई व्यवस्था के तहत नजदीकी स्टेशनों का सफर करने वाले यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। अब जनरल टिकट लेने के लिए भी कम से एक घंटा अतिरिक्त देना पड़ रहा है। यात्री आइआरसीटीसी का एप डाउनलोड कर टिकट ऑनलाइन भी ले सकते हैं। खास बात यह है कि अगर आधार कार्ड नहीं है तो सफर करना मुश्किल भरा हो सकता है। जबलपुर रेलवे स्टेशन से वर्तमान में एक दिन में 17 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
इनका कहना है
कोविड 19 को देखते हुए वर्तमान में जो भी ट्रेनें चल रही हैं उनके जनरल कोच में बैठने वाले यात्री को रिजर्वेशन लेने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। रिजर्वेशन के दौरान हर यात्री से पिनकोड सहित आवश्यक जानकारी ली जा रही है।
-विश्वरंजन, सीनियर डीसीएम, जबलपुर रेल मंडल

Sunday, 22 December 2019

22:12

आख़िर प्रतिबंधित अवधि में स्थान तरण क्यों -राजेश दुबे

के सी शर्मा

मिथिलेश पूरी गोस्वामी प्रा.शि. कुंडम,जिला जबलपुर का स्थानांतरण २४ -११-१९ को कुंदम जिला जबलपुर से ब्लाक मझौली जिला जबापुर कर दिया गया,जबकि ना तो ये अतिसेस है ना २४ तारीख को प्रतिबंध में छूट थी,माननीय हाईकोर्ट ने नया अभ्यावेदन देने का आदेश देते हुए स्थानांतरण आदेश दिनांक २४-११-१९ को स्टे कर दिया,।
इनके साथ ही कूंडम से मझौली किया गाय चन्द्र प्रकाश चौहान का स्थानांतरण भी स्टे कर कुंडम जिला जबलपुर में ही पदस्थ रहने का आदेश दिया गया,।
 **शिक्षिका* के *पति वकील,फिर भी ट्रांसफर!*

प्रा. शा.गांधी कटरा जिला सागर में पदस्थ शिक्षिका विभा तिवारी का स्थानांतरण ४०किलोमीटर दूर कर दिया गया,हाईकोर्ट ने स्थानांतरित जगह पर जाने से रोक लगा दिया,।
 *१५ *माह बचे* है *सेवा निवृत्ति में,।*

चन्द्र मोहन बदरिया उ. श्रे. शि.पथरिया हाट जिला सागर का स्थानांतरण बंसा कला कर दिया गया ,जबकि उनके सेवानिवृत्त में मात्र १५ माह बचे है,और प्रतिबंध अवधि में किया गया स्थानांतरण अवैध है,जिसे हाईकोर्ट ने स्टे जारी करते हुए आदेशित किया की पूर्ववत पदस्थ शाला में ही इनको रखा जाए,।

 *हृदय रोग से पीड़ित का कैसे हुआ ट्रांसफर ?*
प्रा. शा.हटकोह ब्लाक देवरी जिला सागर में पदस्थ नीतू गुरु जो हृदय रोग से पीड़ित है जिनको स्थानांतरण से छूट प्राप्त है फिर इनका ट्रांसफर देवरी से मल्थोन ब्लाक जिला सागर कर दिया गया जो लगभग २०० किलोमीटर दूर है,जिसके खिलाफ अभ्यावेदन दिया गया,हाईकोर्ट ने अभ्यावेदन पर निरस्त करने  हेतु कार्यवाही करे तब तक याचिका कर्ता स्थानांतरित जगह पर नहीं जाएगी,आदेश देते हुए याचिका का अंतिम निराकरण कर दिया,।
 *हिंदी विषय का एक मात्र शिक्षक फिर भी ट्रांसफर*
वो. एस.राजपूत उ. श्रें. शि.मडियादो ब्लाक हटा जिला दमोह का स्थानांतरण ११५ किलोमीटर दूर तेंदूखेड़ा कर दिया गया,जबकि ये अतीशेष नहीं है,हाईकोर्ट ने स्टे जारी करते हुए यथावत पूर्व संस्था मडियादो में पदस्थ रहने का आदेश दिया,।
 *महिला शिक्षिकाओं को ज्यादा परेशानी का*
 सबब,।
खोड़ी प्रा. सा.जिला सागर में पदस्थ शिक्षिका का स्थानांतरण गंभीरिया जिला सागर में ही कर दिया गया जिसमे प्रतिबंध अवधि तथा अतिशेश् के आधार पर हाईकोर्ट में स्टे जारी कर यथावत खोड़ी में पदस्थ रहने का आदेश देते हुए स्टे जारी किया,।
 *पति पत्नी के आधार पर स्टे*
रमेश प्रसाद पाण्डेय जी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी है और पति पत्नी दोनों  साथ  में पदस्थ है,जिनको हाईकोर्ट ने स्टे जारी करते हुए नए सिरे से ट्रांसफर निरस्त हेतु अभ्यावेदन देने का आदेश दिया,।और पूर्ववत प्रा सा. दुधिचुआ जिला सिंगरौली में पदस्थ रहने का आदेश दिया।
सतना जिले से मझ टोलवा ब्लाक रामनगर जिला सतना में पदस्थ प्रा.शि. सुशील तिवारी के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए पूर्ववत संस्था में पदस्थ रहने का आदेश दिया,।
सतना जिला से ही राजेश प्रसाद द्विवेदी सहायक शिक्षक सरिया ब्लाक रामनगर जिला सतना से ट्रांसफर कर दिया गया जबकि प्रतिबंध में छूट सिर्फ १५-११-१९ से २३-११-१९ तक ही था,।ऑट ये अतिशेष् भी नहीं है,जिनको पूर्व संस्था सरिया में ही कार्यरत रहने का स्टे जारी किया गया तथा अभ्यावेदन पर स्पीकिंग आदेश जारी करने का हुक्म दिया गया,।
 *कर्मचारी संघ पदाधिकारियों को स्टे,।*
जबलपुर जिला के मझौली ब्लाक के इंद्राणा शाला से प्रा.सा.झिरिया किया गया स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर को आदेशित किया है इनके द्वारा उठाए गए बिंदु पर स्पीकिंग आदेश जारी करे की प्रतिबंध अवधि,कर्मचारी संघ पदाधिकारी,होने से छूट का लाभ क्यो नहीं दिया गया,

 *एकल शिक्षकीय शाला से क्यो किए ट्रांसफर?*
वीरेंद्र सिंह दांगी ,जो प्रा.शाला नई बस्ती सुमरेरी ब्लाक खुरई जिला सागर में पदस्थ है जहा मात्र एक शिक्षक आवेदक ही पदस्थ है,जिनका ट्रांसफर सेमरा ब्लाक खुरई कर दिया गया,हाईकोर्ट ने अवैध पाते हुए ट्रांसफर आदेश को स्टे कर दिया,।
उक्त सभी याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता राजेशदुबे(9424841649).ने पैरवी की.।

Wednesday, 16 October 2019

09:22

कोर्ट की फटकार रिकॉर्ड रखे मेंटेन



 पाराशर छतरपुर
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर की न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ ने राजस्व रिकॉर्ड में महिला का नाम दर्ज न किए जाने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है । इसी के साथ कलेक्टर छतरपुर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर जबाब पेश करने को कह दिया । वर्तमान में मोहित बुंदस छतरपुर जिले के कलेक्टर हैं l इसके लिए 21 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की गई है। बीते रोज को मामले की सुनवाई हुई । इस दौरान याचिकाकर्ता छतरपुर निवासी संगीता स्वर्णकार की ओर से अधिवक्ता डा.रश्मि पाठक ने पक्ष रखा । उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता छतरपुर के वार्ड नं 26 की निवासी है । ग्राम बकायन के खसरा क्रमांक 578 की 0.975 हेक्टेयर भूमि का विवाद कोर्ट तक पहुंचा । सिविल कोर्ट ने 18 जनवरी 2017 को याचिकाकर्ता के हक में डिक्री पारित की । इसके बावजूद राजस्व रिकार्ड में नाम दर्ज नहीं किया गया । आलम यह है कि याचिकाकर्ता संबंधित दफ्तरों के चक्कर काटते काटते थक गई।लेकिन अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी । पिछली सुनवाई में भी कलेक्टर छतरपुर की ओर से कोई जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई।