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Saturday, 19 September 2020

18:46

शिक्षकों की समस्याओं को ले संघ ने सौंपा डीईओ को ज्ञापन

हाजीपुर(वैशाली)बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला शाखा इकाई के शिष्टमंडल ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी हाजीपुर वैशाली को एक ज्ञापन सौंपा।शिक्षा विभाग के आदेशानुसार स्टेट बैंक में नियोजित शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए खाता खुलवाने में हो रही बैंकों की मनमानी एवं शिक्षकों को भारी परेशानियों को लेकर संघ ने कड़ा एतराज जताया है।संघ ने आवंटन रहने के बावजूद अगस्त माह के वेतन भुगतान नहीं होने पर कड़ा विरोध जताया है।संघ के जिला सचिव पंकज कुशवाहा ने कहा कि आवंटन रहने के बावजूद अगस्त माह का वेतन भुगतान न करने एवं स्टेट बैंक में खाता खुलवाने में शिक्षकों को हो रही भारी परेशानी पर विभाग की खामोशी बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के वेतन भुगतान के साथ-साथ विभागीय आदेश निर्गत करें कि जिन का खाता स्टेट बैंक में 25 सितंबर तक नहीं खुलता है उनका काम पुराने खाता सेंट्रल बैंक से ही लिया जाए।वैशाली जिले के स्टेट बैंक में सभी शाखाओं में शून्य से खाता खोलने का आदेश कड़ाई से दिया जाए।क्योंकि कुछ शाखाओं में पता चला है कि वहां खाता खुलवाने के साथ 3000 रूपये तक जमा करवाया जा रहा है।संघ के जिलाध्यक्ष उत्पलकांत ने कहा कि 31अगस्त 2020 तक के पूर्व का किसी भी प्रकार के लंबित वेतन का भुगतान अविलंब किया जाए। इसके साथ-साथ प्रत्येक माह में ससमय वेतन भुगतान हो सके इसकी व्यवस्था किया जाए।उन्होंने कहा खाता खुलवाने में शिक्षकों को हो रही भारी परेशानी का कारण सरकार की गलत नीति, बैंक की लापरवाही एवं कुछ तथाकथित संगठनों की जल्दी बाजी का परिणाम है।ज्ञापन सौंपने वाले शिष्टमंडल में जिलाध्यक्ष उत्पलकांत,जिला सचिव पंकज कुशवाहा,कोषाध्यक्ष अध्यक्ष रविंद्र कुमार,हाजीपुर प्रखंड अध्यक्ष योगेंद्र राय, संजीत कुमार,विश्वनाथ राम,आनंद मोहन, अरुण कुमार शामिल थे।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज अता 

Friday, 18 September 2020

01:22

उर्दू के तरक्की के लिए हुकूमत के भरोसे न रहें:कमरूद्दीन


हाजीपुर(वैशाली)उर्दू हमारी मातृभाषा है और जो लोग इसको अपनी माँ की तरह सम्मान नहीं करते उनको भी कहीं सम्मान नहीं मिलता।उर्दू भाषा का अपनी मां की तरह इज्जत करनी चाहिए।उपरोक्त बातें बागमली वेलफेयर ट्रस्ट हाजीपुर,वैशाली के तत्वावधान में आयोजित" उर्दू की आवश्यकता को बनाए रखने"के विषय के साथ-साथ सम्मान समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित एमएलसी प्रोफेसर गुलाम गौस ने कही।उन्होंने कहा कि मैं हाजीपुर की धरती का पैदावार हूं और मेरी नजर पूरे बिहार पर टिकी है।लेकिन यह अभी भी मेरी नजर में है।मैं सभी सार्वजनिक मुद्दों को हल करने में विशेष रूप से दिलचस्पी रखता हूं।हाजीपुर में एक ईंट भी जुड़ती है तो मुझे बहुत खुशी मिलती है।मुझे लगता है कि मेरे मकान में यह ईंट लग रहा है।यहां के सभी मांगों को पूरा करने की पूरी कोशिश करूंगा।उन्होंने कहा कि हाजीपुर में उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल कायम करना मेरा ख्वाब है।मैं चाहता हूं कि इसे हाजीपुर शहर के अंजुमन फलाहुल मुस्लेमीन में स्थापित किया जाए।उर्दू भाषा को सरकार पर भरोसा किए बिना उसे अपने घर से जीवित रखें।उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग समाचार पत्र और पत्रिकाएं बंगला भाषा में ही पढ़ते हैं और सभी के हाथ में भी मिल जाएगा।यहूदी अपनी भाषा में ही बोलते हैं।जो आज भी उनकी भाषा को जीवंत बनाता है और आज हम उर्दू बोलने में शर्म महसूस करते हैं।उन्होंने कहा कि कोई आदमी क्रोध की स्थिति में अंग्रेजी भाषा का उपयोग करते हैं।आज के समय में लोग अंग्रेजी बोलने में गर्व महसूस करते हैं जबकि लोग प्यार व मोहब्बत में उर्दू का उपयोग करते हैं।इस अवसर पर मौजूद लोगों से एक-एक उर्दू अखबार खरीदकर पढ़ने का अहद कराया और कहा कि यह भाषा बहुत प्यारी है।उन्होंने लोगों से उर्दू पढ़ने,उर्दू में शादी कार्ड छपवाने,नेम  प्लेट,दुकान और घर का नाम लिखने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि चुनाव का मौसम शुरू हो गया है और कुछ लोग कल्याणकारी कार्यों का वादा करके आपको ठगने की कोशिश करेंगे उनसे होशियार रहिएगा।ट्रस्ट के संरक्षक अल्हाज अब्दुल खालिक ने कहा कि अगर मदरसा चौक पर अंडरपास के निर्माण की मांग पूरी नहीं की जाती है तो हम प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।उन्होंने कहा कि उर्दू के लिए शिक्षकों और माता-पिता को एक साथ मिलकर कोशिश करने की जरूरत है।मास्टर मोहम्मद कमरूद्दीन ने कहा कि उर्दू के तरक्की के लिए उर्दू शिक्षकों को साथ मिलकर काम करना होगा और   हमें रोने से ज्यादा उर्दू के लिए प्रयास करने की जरूरत है।प्रोफेसर इज़हार-उल-हक ने कहा कि जिस देश से राजनीति खत्म होती है वह देश खत्म हो जाता है।हम खुद उर्दू को नष्ट कर देते हैं। हमें उर्दू के महत्व को समझाने की जरूरत है।उर्दू अखबार खरीदें और अपने सभी कामों में उर्दू का  उपयोग करें।मास्टर अज़ीम-उद-दीन अंसारी ने कहा कि उर्दू को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ उठाना आवश्यक है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर उर्दू को मिटाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।उलेमाओं ने उर्दू के विकास में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और अब उर्दू को बचाने के लिए विद्वानों को आगे आने की आवश्यकता है। मास्टर मोहम्मद अकबर अली ने कहा कि उर्दू के नाम पर उर्दू स्कूलों के शिक्षकों को बहाल किया जाता है।लेकिन वे उर्दू में हस्ताक्षर तक नहीं करते हैं जो कि अफ़सोस की बात है।उर्दू का अस्तित्व तभी संभव होगा जब उर्दू के नाम पर बहाल शिक्षक रुचि के साथ उर्दू पढ़ेंगे,लिखेंगे और पढ़ाएंगे।ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष होजैर अहमद खान ने कहा कि यह ट्रस्ट फरवरी महीने से शुरू हुआ है  और जो काम किया है वह सभी की आंखों के सामने है।ट्रस्ट ने अच्छा काम किया है।अब यह  ट्रस्ट हाजीपुर से उर्दू की लड़ाई शुरू की है जो सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।समारोह की शुरुआत कारी अफरोज़ द्वारा पवित्र कुरान के पाठ के साथ किया गया।स्वागत गान को ओसामा फारूक और क़मरूल इस्लाम ने गाया।ट्रस्ट के अध्यक्ष जमील अहमद ने प्रोफेसर गुलाम गौस को शॉल और गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।ट्रस्ट के सचिव इंतिखाब आलम ने गुलदस्ता देकर जोरदार स्वागत किया।ट्रस्ट के अध्यक्ष जमील अहमद ने समारोह की अध्यक्षता की और ट्रस्ट की ओर से कई मांगो का ज्ञापन प्रोफेसर गुलाम गौस को सौंपा।ट्रस्ट के महासचिव इंतिखाब आलम द्वारा धन्यवाद के साथ समारोह का समापन किया गया।मौके पर जीशान अली उर्फ ​​शब्बू बाबू,नदीम अख्तर खान,सद्दाम हुसैन,मोहम्मद इमरान,मोहम्मद तबरेज,मोहम्मद शाहनवाज अता, कबीर आलम,अब्दुल गनी,अजहरुद्दीन,मोहम्मद एहसान,मास्टर नसीम सिद्दीकी,मास्टर सोहराब,मास्टर अब्दुल कादिर, महमूद आलम सरदार,अफरोज आलम,आलम अंसारी आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज 

Wednesday, 16 September 2020

16:19

hajipur:बेखौफ अपराधियों ने ड्राइवर को गोली मार की हत्या मचा कोहराम


हाजीपुर(वैशाली)
सदर थाना क्षेत्र के पानापुर लंगा गांव निवासी बोलेरो ड्राइवर देवेंद्र पंडित की भाड़ा में मुजफ्फरपुर ले जाने के क्रम में कुढनी थाना क्षेत्र के एनएच पर बीते रात्रि अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी।मृतक का शव घर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम।घटना के संबंध में पानापुर लंगा के सरपंच चंद्रशेखर पंडित ने बताया कि मेरा भतीजा चुल्हाई पंडित के पुत्र देवेंद्र पंडित उम्र 50 वर्ष लगभग 20 वर्षों से भाड़े का बोलेरो गाड़ी चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था।हाजीपुर सदर थाना के आगे पेट्रोल पंप पर बोलेरो खड़ी कर वहीं से भाड़े में आता-जाता था।15 सितंबर  को शाम 3 बजे हाजीपुर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर   तीन चार अज्ञात व्यक्ति आया तथा बोलेरो को भाड़े कर मुजफ्फरपुर ले गए।परिजनों ने बताया कि वे जहां भी जाते थे रात के 8 बजे तक घर आ जाते थे।जब 9 बजे तक घर नहीं आए तो उनका लड़का रूपेश कुमार उनके मोबाइल पर फोन किया तो मोबाइल का नंबर स्विच ऑफ बता रहा था।इसी बीच आज सुबह 8 बजे सदर थाना हाजीपुर से पंप पर सूचना मिली की कल जो भाड़े में तीन बजे गाड़ी मुजफ्फरपुर गया था उसके ड्राइवर का कुढनी थाना क्षेत्र के एनएच के बगल वाले झाड़ी में शव पाया गया है।गोली मारकर उसकी हत्या प्रतीत हो रही है।घटना की सूचना पाकर सरपंच चंद्रशेखर पंडित उनके भाई मुखिया प्रेमचंद्र पंडित एवं भतीजा रूपेश कुमार कुढनी थाना पहुंचे।जहां  पुलिस द्वारा शव को कब्जे मे लेकर एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है।जिसके बाद परिजन हॉस्पिटल गए जहां से पुलिस प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं गाड़ी मालिक द्वारा बताया गया कि गाड़ी में डीटीएच भी लगा हुआ है। जिसका आज गाड़ी मालिक एवं कुढनी थाना पुलिस द्वारा डीटीएच का लोकेशन लेकर पीछा किया गया तो सिवान में लोकेशन पाया गया है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस एवं गाड़ी मालिक गाड़ी के डीटीएच के आधार पर उसके पीछे पीछे चल रहे हैं। ज्ञात हो कि तीन चार अज्ञात अपराधियों द्वारा गाड़ी छीनने की नियत से हाजीपुर से मुजफ्फरपुर तक भाड़ा किया गया था। परिजनों ने बताया कि मृतक के एक पैर में गोली मारी गई है तथा एक गोली पीठ पर मारी गई है जो आर पार हो गया है। ऐसा गाड़ी छीनने का विरोध करने पर अपराधियों द्वारा किया जाना प्रतीत होता है।वहीं  हत्या से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो रहा है और पूरा गांव मातमी बना है।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज 

Sunday, 13 September 2020

07:27

खेती पर बढ़ता जा रहा कारपोरेट घरानों का कब्जा : सिंह


हाजीपुर(वैशाली)भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई)की बैठक पार्टी कार्यालय स्वर्ण चिरैया पोखरा,दिगघी,हाजीपुर में संपन्न हुई।बैठक की अध्यक्षता डॉक्टर नवल किशोर शर्मा ने किया।बैठक में किसान,मजदूरों,नौजवानों,बेरोजगार विद्यार्थियों,बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं एवं उसके समाधान पर चर्चा हुई।बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 सितंबर 2020 को वैशाली जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों पर जुलूस,प्रदर्शन एवं आम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।क्योंकि इसी दिन संसद का पावस सत्र शुरू हो रहा है।यह कार्यक्रम पार्टी के राज्य कार्यकारिणी के फैसले के आलोक में आज जिला पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया।मुख्य मांगों में किसानों की खेती को कॉरपोरेट घरानों से मुक्त करने, किसान विरोधी अध्यादेशों को रद्द करने,पूरे देश में कृषि उत्पादन का एक समर्थन मूल्य का सिद्धांत लागू करनें,बाढ़ राहत कोष वितरण में धांधली की जांच कराने,बाढ़ पीड़ितों के फसल क्षति का मुआवजा देने,किसानों का कर्ज माफ करने,बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा का इंतजाम करने आदि मांगें प्रमुखता से छायी रहीं। राज्य पार्टी के फैसले से बैठक को अवगत कराते हुए प्रभारी अजय कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार किसान विरोधी नीति के चलते आज खेती पर कारपोरेट घरानों का कब्जा बढ़ता जा रहा है।किसानों का शोषण लगातार जारी है।जिसके शमन हेतु हमें लगातार  संघर्ष करना होगा।बैठक में पार्टी को संबोधित करते हुए जिला सचिव ने कहा कि सभी विधानसभा सीट पर एनडीए के प्रत्याशियों को परास्त करने के लिए संगठित हो जनता के बीच सरकार की नाकामियों का खुलासा करने का फैसला लिया गया।इस क्रम में ग्रामीण सभाएं, बैठक के सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर करने का भी निर्णय लिया गया।बैठक में मुख्यरूप से जिला सचिव अमृत गिरि,प्रमोद कुमार चौधरी, लालकिशोर सिंह,सुरज राय,अशोक ठाकुर,  राजेश्वर प्रसाद सिंह,दिनेश मिश्रा,सकिंदर चौधरी,  संतोष कुमार सिंह,हरिनारायण ठाकुर,दिलीप कुमार सिंह के अलावे अन्य लोग शामिल हुए।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज

Monday, 7 September 2020

13:42

प्रसिद्ध हजरत मामू-भांजा मजार का गेट खोलने को ले अकीदतमंदों का प्रशासन से अनुरोध

हाजीपुर(वैशाली) पूरे विश्व में लगभग 6 महीनों से जबरदस्त कोरोना महामारी वायरस के कारण हर देश की सरकारें अपने-अपने देश में लाॅकडाउन कर अपनी जनता को सुरक्षित रखा।यही लाॅकडाउन हमारे देश में भी हुआ।यहाँ तक कि सरकारी निर्देशों का पालन सभी मंदिर,मस्ज़िद,मज़ार,गुरूद्वारा,गिरजाघर इत्यादि के ट्रस्टों एवं अक़ीदतमन्दों ने किया और लाॅकडाउन में पूरा सहयोग किया।हिन्दलवली ए ख्वाजा ग़रीब नवाज़ इत्यादि सूफ़ी,संतों के आस्तानों में सन्नाटा छाया रहा।उसी तरह आल-ए-ख़्वाजा शहीद हज़रत मामू-भांजा हैं जिनके आस्तानें  पर सालों भर सभी समुदाय के आस्था रखने वाले मंगत,फरियादियों का ताँता लगा रहता था।यहाँ भी ज़्यारत का द्वार बन्द रहा।अब अनलॉक 4 में सरकार द्वारा थोड़ा ढील देखकर ख्वाजा ग़रीब नवाज़ के आस्ताने का एहतियात के तौर पर मात्र 4 द्वार खोले जाने के माँग के मद्देनज़र हाजीपुर शहर के महान शहीद बुजुर्ग हज़रत मामू-भांजा खानदान ए-ख्वाजा ग़रीब नवाज़ के 3 द्वार मे से 1 द्वार खोलने का अनुरोध शहीद-ए-आज़म कमिटी वैशाली ने बिहार सरकार एवं ज़िला प्रशासन से किया है।जिसमे कमिटी द्वारा मज़ार गेट खोलने का समय सुबह 8 से 12 एवं दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है वो भी सोशल डिस्टेंस,मास्क के साथ बिना भीड़-भाड़ के बारी-बारी से ज़्यारत का फैसला लिया है।अनुरोध करने वालों मे मुख्य रूप से ज़िला कमिटी के सचिव मोहम्मद नसीम अहमद,मोहम्मद हारून रशीद, अल्हाज जनाब डाॅक्टर अनवर आलम साहब,मोहम्मद जमील मास्टर,मोहम्मद मोबिन अंसारी,आरिफ कुरैशी,मोहम्मद सोहैल अख्तर,मोहम्मद एजाज,मोहम्मद मोबश्सीर रजा,मोहम्मद नज़रे आलम उर्फ नबाब साहब,मोहम्मद नजीरउद्दीन,नूर मोहम्मद, हाफिज व कारी मोजीब अशरफ रफाकती इत्यादि लोगों ने एहतियात बरतते हुए मज़ार गेट खोलने की अनुमति का अनुरोध किया है साथ ही साथ भीड़-भाड़ इकट्ठा न करने का वादा भी किया है।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज अता
08:25

उर्दू बिहार की दूसरी आधिकारिक भाषा है : अंसारी


हाजीपुर(वैशाली)बागमली वेलफेयर ट्रस्ट के बैनर तले एक दिवसीय उर्दू बचाव और बेदारी कॉन्फ्रेंस  स्थानीय गुलमोहर पैलेस,बागमली हाजीपुर के विशाल हॉल में आयोजित किया गया।सम्मेलन की अध्यक्षता प्रोफेसर मुमताज अहमद खां और संचालन डॉक्टर कलीम अशरफ ने किया।सम्मेलन की शुरुआत कारी अब्दुल हक द्वारा पवित्र कुरान के पाठ से हुई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उर्दू टीचर्स एसोसिएशन वैशाली के जिलाध्यक्ष मास्टर मोहम्मद अज़ीम उद्दीन अंसारी ने कहा कि उर्दू बिहार की दूसरी आधिकारिक भाषा और हमारी मातृभाषा है।हम सभी को इसके लिए जागने की आवश्यकता है।क्योंकि हम आज नहीं जगे तो सरकार उर्दू को मिटा देगी चुकी बिहार सरकार ने हाई स्कूलों से मातृभाषा के बॉक्स के स्थान से हटा कर उर्दू को वैकल्पिक श्रेणी में रखा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।नदीम अख्तर खान ने कहा कि हम सभी को उर्दू की आवश्यकता को बनाए रखने और इसके लिए एक सर्वश्रेष्ठ रणनीति विकसित करने के लिए प्रयास करने की जरूरत है।नदीम अख्तर खान ने कहा कि हम उर्दू शिक्षा से दूर जा रहे हैं जिसके कारण सरकार उर्दू को खत्म करने की साजिश रची है जो सफल होने नहीं दिया जाएगा।प्रोफेसर सुल्तान अकबर खां ने  कहा कि उर्दू न केवल मातृभाषा है,बल्कि आजीविका का भी साधन है।उर्दू के पाठक कभी भी बेरोजगार नहीं होते हैं।इसके संसाधन बहुत अधिक हैं।उर्दू को बचाने के लिए सड़कों पर उतरना आवश्यक है।यदि वे विरोध नहीं करते हैं, तो सरकार उर्दू की अनिवार्यता को खत्म कर देगी।वहीं जमील अहमद ने कहा कि उर्दू एक मीठी भाषा है जो सभी वर्गों में पसंद की जाती है। इसलिए सभी धर्मों के लेखक और फिल्म निर्माता उर्दू का उपयोग करते हैं।उर्दू को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए।छात्र मोहम्मद अजहरुद्दीन अंसारी ने उर्दू भाषा के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। बागमली वेलफेयर ट्रस्ट के संरक्षक अल्हाज अब्दुल खालिक ने कहा कि कोई भी उर्दू को नहीं मिटा सकता क्योंकि यह बिना किसी भेदभाव के सभी की भाषा है।सचिव इंतिखाब आलम ने कहा  है कि प्रत्येक राष्ट्र की अपनी मातृभाषा होती है जो अपनी पहचान और सभ्यता की पहचान करती है।मुस्लिम अल्पसंख्यकों की मातृभाषा उर्दू है।इसका संरक्षण इस वर्ग की पहचान है।प्रोफेसर  मुमताज अहमद खान ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि उर्दू शांति और भाईचारे की भाषा है  राष्ट्रीय एकता का राज उर्दू में छिपा है।गंगा-जमनी सभ्यता की पहचान उर्दू है।उर्दू के कंधे पर खड़े होकर हिंदी प्रमुखता से बढ़ी है।हम उन्हें तब तक सफल नहीं होने देंगे जब तक कि मुस्लिम  जीवित है।हम उर्दू को गायब नहीं होने देंगे। उन्होंने मुसलमानों से कहा कि वे मां बाप की तरह उर्दू से प्यार करें।आप इस भाषा के सच्चे प्रेमी हैं।जब आप प्यार करते हैं तो आप अपनी मातृभाषा उर्दू पर आंच नहीं आने देंगे।उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने उर्दू को हाई स्कूलों में वैकल्पिक कोटी में रख दिया है जो उचित नहीं है।उर्दू की जो हैसियत है वह बरकरार रहे और  उसके लिए विरोध-प्रदर्शन करने की जरूरत है। इसके लिए हम सबको आगे आने की आवश्यकता है।कौमी तंजीम के सहाफी मोहम्मद शाहनवाज अता ने कहा कि उर्दू भाषा पूरे देश के लिए है और यह सभी तबके के लोगों में बोली और पसंद की जाती है।इसको साजिश के तहत खत्म करने की कोशिश हो रही है।इसे बचाने के लिए एक जबरदस्त तहरीक की जरूरत है।सड़क से लेकर हुकूमत तक आवाज बुलंद करनी होगी।वहीं कार्यक्रम को प्रोफेसर इज़हार उल हक,मास्टर मज़हर आलम,मास्टर मोहम्मद इसराइल,होजैर अहमद खां,मोहम्मद जीशान,मोहम्मद अफ़रोज़ आलम,मोहम्मद तबरेज़ ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ जन्दाहा के प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद अकबर अली, मोहम्मद अशरफ़ आरज़ू,सहाफी अब्दुल वाहिद आदि शामिल हुए।
रिपोर्ट व फोटो मोहम्मद शाहनवाज अता