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Thursday, 22 October 2020

06:20

वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की दिल्ली यूनिट दिल्ली जर्नलिस्ट्स रजिस्टर करेगी तैयार TAP NEWS

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर, / वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, दिल्ली के पत्रकारों का " दिल्ली जॉर्नलिस्ट रजिस्टर (DJR ) तैयार करेगी, जिसकी एक कॉपी दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी जाएगी। इसका फैसला यूनियन की दिल्ली यूनिट की आज  बीएमएस के दिल्ली मुख्यालय अजमेरी गेट में हुई बैठक में लिया गया है । बैठक में वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की दिल्ली यूनिट की नई कार्यकारिणी के पहले चरण की भी घोषणा की गयीं है । बैठका की अध्य्क्षता बीएमएस के दिल्ली के महामंत्री श्री अनीस मिश्रा ने की व इसमे विशेष तौर पर दिल्ली बीएमएस के संगठन मंत्री श्री बृजेश कुमार भी मौजूद थे । यूनियन की दिल्ली यूनिट की घोषणा यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनूप चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव श्री नरेन्द्र भंडारी व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संजय कुमार उपाध्याय की देखरेख में की गयीं ।.  
   
वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया संबंधित भारतीय मजदूर संघ  की दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम चरण की घोषणा की गई। कार्यकारणी में प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार श्री संदीप शर्मा, प्रदेश महासचिव श्री देवेंद्र सिंह तोमर के साथ , सुदीप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, श्री प्रोमोद गोस्वामी, श्री अशोक धवन, को प्रदेश उपाध्यक्ष और श्री स्वतंत्र सिंह भुल्लर, को प्रदेश सचिव , इम्तियाज़ अहमद,सुनील परिहार,  प्रदेश सचिव, संजय वर्मा, प्रचार सचिव पद के लिए चुना गया। अजमेरी गेट स्थित भारतीय मजदूर संघ के दिल्ली प्रदेश कार्यालय में हुए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अनीश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री(भा म सं) तथा मुख्य वक्ता प्रदेश संगठन मंत्री ( भा म सं) रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री अनूप चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया ने सभी नव चयनित प्रदेश अधिकारियों को बधाई देते हुए पत्रकारों की हित के लिए समर्पित होने का आह्वाहन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव श्री नरेन्द्र भंडारी ने कहा कि दिल्ली के पत्रकारों का " दिल्ली जॉर्नलिस्ट रजिस्टर (DJR ) तैयार करेगी, जिसकी एक कॉपी दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी जाएगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने अध्यक्ष  की अनुमति से प्रदेश इकाई की घोषणा की। दिल्ली जॉर्नलिस्ट रजिस्टर तैयार करने के साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि 28 अक्टूबर को श्रम शक्ति मंत्रालय पर लेबर कोड्स के खिलाफ विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
रामजी पांडे

Monday, 19 October 2020

18:18

दो साल देर से दायर मप्र सरकार की याचिका खारिज, 25 हजार हर्जाना deepak tiwari

नई दिल्ली सुप्रीम काेर्ट ने सरकाराें की ओर से याचिका दायर करने में देरी काे लेकर सख्त टिप्पणी की है। एक मामले में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से दायर विशेष अवकाश याचिका काे खारिज करते हुए सुप्रीम काेर्ट ने कहा कि निर्धारित अवधि को अनदेखा करने वाली सरकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट सैरगाह की जगह नहीं हो सकता है। सरकारें जानबूझकर याचिका दायर करने में देरी करती है, ताकि उनकाे यह कहने का बहाना मिल जाए कि काेर्ट ने याचिका खारिज कर दी, अब इस मामले में कुछ नहीं किया जा सकता।
जस्टिस संजय किशन काैल और दिनेश माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस संबंध में नाैकरशाहाें के रवैये पर भी नाराजगी जताई और याचिका काे लेकर 25 हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया। मप्र राज्य बनाम भेरू लाल से जुड़े मामले में यह याचिका निर्धारित अवधि से एक साल, 10 महीने, एक दिन की देरी से दायर की गई थी। याचिका 15 अक्टूबर काे जस्टिस काैल की पीठ में सुनवाई के लिए आई थी।
काेर्ट में राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि देरी का कारण “दस्तावेज की अनुपलब्धता और उन्हें व्यवस्थित करना बताया गया था। इसके लिए नौकरशाही को भी जिम्मेदार ठहराया गया था। इस पर सुप्रीम काेर्ट ने कहा, “इसमें काेई संदेह नहीं है कि सरकार की ओर से याचिका दायर करने में देरी काे कुछ हद तक छूट दी गई है, लेकिन इसे असीमित अवधि तक नहीं बढ़ाया जा सकता है।’
18:13

दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ जंग जारी:deepak tiwari

नई दिल्ली.दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, ताकि परियोजना स्थलों पर प्रदूषण से निपटने के लिए इसके ठेकेदारों और साइट पर कार्यरत कर्मियों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के समस्त आवश्यक उपायों का कड़ाई से पालन हो।
अभियान के हिस्से के रूप में, प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के अनुपालन की जांच के लिए किए जाने वाले निरीक्षणों की फ्रिक्वेंसी बढ़ाई गई है। डीएमआरसी के पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में बनी टीमें सभी साइटों का दौरा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच करती हैं।
अभियान की मॉनिटरिंग डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह खुद कर रहे हैं। ये टीमें निरंतर उड़ती धूल को रोकने के लिए क्या परियोजना स्थलों के चारों ओर कम से कम 6 मीटर ऊंचे बैरिकेड लगाए गए हैं अथवा नहीं, और क्या इनके भीतर कन्वेयर बेल्टों को पूरी तरह से कवर किया गया ताकि धूल निकलने से रोकी जा सके। इसकी जांच करते हैं।
यही नहीं जहां नियमित तौर पर वाहनों की आवाजाही हो, वहां यह जांच की जा रही है कि निकास द्वारों पर पहियों को धोने की सुविधा हो, ताकि सार्वजनिक सड़क पर मिट्टी या कीचड़ को फैलने से रोका जा सके। कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़े सभी वाहनों के अनिवार्य प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों (पीयूसी) की वैधता की जांच भी की जा रही है।
कंस्ट्रक्शन साइटों से धूल के प्रसार को रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने के अलावा नोजल-बेस्ड मिस्ट सिस्टम का उपयोग किया जाता है। जमीन की खुदाई करने, मलबा उठाने, डेमोलिशन, धूल पैदा करने वाली गतिविधियों के दौरान धूल को बैठाने के लिए पानी के छिड़काव संबंधी जांच की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि केवल बैरिकेटेड एरिया में ही कंस्ट्रक्शन गतिविधियां जारी रहे। इसके साथ ही सामग्री को ढककर रखे जाने की व्यवस्था के साथ रेत पर पानी का छिड़काव हो और इकट्ठा रखी गई सामग्री को ढककर रखा जाता हो। दिशानिर्देशों के अनुसार, साइट पर रखी जाने वाली मिट्टी, रेत के मिश्रण, किसी भी प्रकार के मलबे की धूल से प्रभावित होने वाली सभी सामग्रियों को तिरपाल से पूरी तरह से ढककर कवर किया जाना चाहिए, ताकि धूल किसी भी रूप में हवा में न फैले।
हवा की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास
इन उपायों को जबकि पूरे वर्ष क्रियान्वित किया जाता है, इस अभियान का आयोजन प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन करने के महत्व को लागू करने के लिए किया जा रहा है, विशेषकर इस परिप्रेक्ष्य में, जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाल ही में हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखी गई। .
जब प्रदूषण अपने उच्च स्तर पर है, डीएमआरसी द्वारा प्रदूषण न फैलाने वाली गतिविधियों जैसे मचान बनाना, शटरिंग या डी-शटरिंग के कार्य, भूमिगत कार्य, बिजली के कार्य, वायरिंग, सिग्नलिंग कार्य इत्यादि जैसी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। डीएमआरसी इन निरीक्षणों के अलावा, साइटों पर हरियाली बढ़ाने के लिए समय-समय पर नियमित तौर पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाए जाते हैं। इस समय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग पांच से छह साइटों पर कार्य चल रहा है।
कूड़ा जलाने व प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई,17 दिनों में किए 38.43 लाख के चालान
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण व खुले में कूडा जलाने वालों के खिलाफ नार्थ एमसीडी सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत नार्थ एमसीडी ने पिछले 17 दिनों में खुले में कूड़ा जलाने और वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ 38.43 लाख रुपए के 1761 चालान किए है। 1 अक्टूबर से गत शनिवार तक खुले में कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ 26.43 लाख रुपए के 1,702 चालान किए गए हैं और वायु प्रदूषण फैलाने वालो के खिलाफ 1 से 16 अक्टूबर 2020 तक 12 लाख रुपए के 59 चालान किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न विभागों जैसे कि डीडीए, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा अपनी भूमि पर कूड़े व निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट से प्रदूषण फैलाने के लिए 86 चालान किए है।
सरकारी एजेंसियों को भी देखरेख करने को कहा | उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों जैसे कि दिल्ली सरकार, डीडीए, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग, भारतीय रेलवे से अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अनपेक्षित क्षेत्रों की देखरेख करने को कहा जो प्रदूषण का कारण बन रहे हैं। उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाला कुल अनपेक्षित क्षेत्र का क्षेत्रफल 16,87,413 वर्गमीटर है।
जीपीएस से लैस 18 स्वीपर कर रही है सड़कों की सफाई | उत्तरी निगम ने 134 वाटर स्प्रिंकलर टैंकरों को पानी छिड़कने के कार्य में लगाया है। यह प्रतिदिन लगभग 1340 किलोमीटर तक पानी का छिड़काव करते है। जीपीएस तकनीक से लैस 18 मैकेनिकल रोड स्वीपर लगभग 650 किलोमीटर सड़कों की रोज़ सफाई कर रहे है।
बाजारों, विद्यालयों, संस्थानों आदि में 109,88 एकड़ क्षेत्र में पौधारोपण कर हरा-भरा बनाया गया है। 69.11 किलोमीटर सड़क के किनारे वृक्षारोपण किया गया है। 54 स्थानों पर वर्टिकल गार्डन विकसित किए गए हैं। ये सभी उपाय क्षेत्र को हरा-भरा बनाने व प्रदूषण को कम करने के लिए किए गए है।

Saturday, 17 October 2020

23:29

deepak tiwari प्यारा सजा है तेरा धाम भवानी

माता के दरबार सजे:deepak tiwari नवरात्रि के पहले दिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भक्तों ने पूजा-अर्चना की; मैहर में करीब 40 हजार भक्त पहुंचे
भोपाल.कोरोना महामारी के बीच शनिवार से प्रारंभ हुईं नवरात्रि के पहले ही दिन मैहर में भक्तों की भीड़ लग गई। शाम तक 40 हजार भक्तों ने दर्शन किए, हालांकि पिछले साल यह भीड़ एक लाख से कहीं अधिक थी। प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा सिद्ध पीठ मां बगलामुखी मंदिर से लेकर देवास में देवी के 52 शक्तिपीठ में से मां चामुंडा, तुलजा दरबार और भोपाल से करीब 70 किमी दूर स्थित सलकनपुर दरबार में भक्त मां के दर्शन करने पहुंचे।
मैहर में अगले एक-दो दिनों अच्छी खासी भीड़ होने की संभावना है। यहां पंचमी एवं अष्टमी को विशेष दिन माना जाता है। श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लाउड स्पीकर एवं सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कर मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किये गए हैं, ताकि कोविड गाइडलाइन का पालन कराया जा सके। भोपाल से करीब 70 किमी दूर स्थित सलकनपुर दरबार में पहले दिन करीब 5 हजार भक्त दर्शन करने पहुंचे। हालांकि पिछले साल की तुलना में यह काफी कम रही।
सलकनपुर माता के दरबार में इस बार सिर्फ 5 हजार भक्त ही पहुंचे।
शक्तिपीठ नगरी उज्जैन
शक्तिपीठ नगरी उज्जैन के माता मंदिरों में भी भक्तों का तांता लगा रहा। देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक हरसिद्धि मंदिर में भी भक्तों का उत्साह सुबह से ही देखा गया। माता हरसिद्धि के दर्शन को दूर-दूर से भक्त उज्जैन पहुंचने लगे हैं। भक्तों को इस बार घंटी बजाने, फूल और प्रसाद आदि चढ़ाने पर मनाही है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दूर से ही माता के दर्शन कराए जा रहे हैं। भक्तों का कहना है कि वे तो सिर्फ मां का आशीष लेने आए हैं।
मां हरसिद्धि के दर पर सुबह से शाम तक भक्त पूजा करने पहुंचते रहे।
देवास में 52 शक्तिपीठ में से एक है चामुंडा का दरबार
देवी के 52 शक्तिपीठ में से मां चामुंडा, तुलजा दरबार को एक शक्तिपीठ के तौर पर माना जाता है। पहले दिन दो से तीन हजार भक्त पहुंचे। देश के अन्य शक्तिपीठों पर माता के अवयव गिरे थे, लेकिन ऐसा बताया जाता है कि यहां टेकरी पर माता का रुधिर गिरा था। इस कारण मां चामुंडा का प्राकट्य यहां हुआ। चामुंडा को सात माताओं में से एक माना जाता है। तुलजा भवानी की स्थापना मराठा राज परिवारों ने करवाई थी। मराठा राजाओं की यह कुलदेवी मानी जाती हैं। यह दोनों माताएं सगी बहनें हैं। दो हजार साल से भी अधिक समय पूर्व महाराज विक्रमादित्य के भाई भर्तहरि यहां तपस्या कर चुके हैं।
देवी के 52 शक्तिपीठ में से मां चामुंडा, तुलजा दरबार को एक शक्तिपीठ में दो हजार से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
नलखेड़ा बगलामुखी मंदिर
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा सिद्ध पीठ मां बगलामुखी मंदिर में नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी है। पहले दिन डेढ़ हजार भक्त पहुंचे हैं। महाभारत कालीन यह मंदिर श्मशान में बना है। प्राचीन तंत्र ग्रंथों में दस महा विद्याओं का उल्लेख मिलता है। उनमें से एक है बगुलामुखी मंदिर। मां भगवती बगुलामुखी का महत्व समस्त देवियों में सबसे विशिष्ट है। विश्व में इनके सिर्फ तीन ही महत्वपूर्ण प्राचीन मंदिर हैं, जिन्हें सिद्धपीठ कहा जाता है। उनमें से एक नलखेड़ा में स्थित है। मान्यता के अनुसार बगुलामुखी का यह मंदिर महाभारत के समय का है। मां बगलामुखी मंदिर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है।
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा सिद्ध पीठ मां बगलामुखी मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन बहुत कम संख्या में भक्त पहुंचे।

Tuesday, 13 October 2020

13:16

भारत में ही मोबाइल और कार बैटरी बनाने के लिए सरकार खर्च करेगी 71 हजार करोड़ deepak tiwari

नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक गाड़ियों और एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय बैटरी पॉलिसी (Nation­al Bat­tery Pol­i­cy) तैयार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इसे जल्द ही कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस पॉलिसी में भारत में लिथियम आयन के अलावा भी सभी तरह के एडवांस केमिस्ट्री सेल के मैन्यूफेक्चरिंग के लिए गीगा फैक्टरीज को बनाने के लिए इंसेंटिव दिए जाएंगे। सरकार की ओर से इंसेंटिव योजना से बैटरी बनाने वाली दक्षिण कोरिया की एलजी कैमिकल और जापान की पेनासॉनिक कॉर्प को फायदा हो सकता है। इसके अलावा भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनियों टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को भी लाभ मिलेगा।

जल्द आ रही है बैटरी पॉलिसी- लिथियम आयन सहित सभी एडवांस केमिकल केमिस्ट्री सेल बैटरी को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी आ रही है। पॉलिसी को लागू करने की जिम्मेदारी भारी उद्योग मंत्रालय की होगी। तेल पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण में कटौती को लेकर सरकार कई कदम उठा रही है। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देना भी शामिल है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि मैन्युफैक्चरिंग और चार्जिंग स्टेशन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश नहीं किया जा रहा है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले देश भारत में बीते कारोबारी साल में केवल 3400 इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री हुई है, जबकि इस अवधि में 17 लाख पारंपरिक यात्री कारों की बिक्री हुई है।
खर्च होंगे 71 हजार करोड़ रुपये- राष्ट्रीय बैटरी पॉलिसी (Nation­al Bat­tery Pol­i­cy) के तहत 10 साल में 71,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। साल 2030 तक 609 GW एनर्जी स्टोरेज की जरूरत का आकलन है। साल 2025 तक 50 GW एनर्जी स्टोरेज क्षमता पैदा करने का लक्ष्य है। बैटरी गीगा फैक्टरीज को इंफ्रास्ट्रकचर इंसेंटिव का प्रस्ताव दिया जाएगा। ​बैटरी पर 20% कैश सब्सिडी का प्रस्ताव है। बैटरी पॉलिसी का कैबिनेट नोट तैयार हो गया है।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा-केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने बैटरी निर्माता कंपनियों को इंसेंटिव देने के संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, यदि इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है तो इससे 2030 तक ऑयल इंपोर्ट बिल में 40 बिलियन डॉलर करीब 2.94 लाख करोड़ रुपये की कमी आएगी।
नीति आयोग की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, बैटरी निर्माता कंपनियों को यह इंसेंटिव नकद और इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में दिया जा सकता है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो अगले वित्त वर्ष में बैटरी निर्माता कंपनियों को 900 करोड़ रुपये का नकद इंसेंटिव देने की योजना है। बाद में हर साल इस इंसेंटिव को बढ़ाया जाएगा।
बैटरी स्टोरेज मांग 230 गीगावाट/घंटा तक पहुंचाने की योजना-प्रस्ताव के ड्राफ्ट के मुताबिक, अभी देश में 50 गीगावाट/घंटा से कम बैटरी स्टोरेज की मांग है। इसकी वैल्यू 2 बिलियन डॉलर के करीब है। अगले 10 सालों में इस मांग को बढ़ाकर 250 गीगावाट/प्रति घंटा करने की है। इससे बाजार का साइज 14 बिलियन डॉलर पर पहुंच जाएगा। हालांकि, प्रस्ताव में इस बात का कोई अनुमान नहीं जताया गया है कि 2030 तक सड़कों पर कितनी इलेक्ट्रिक कारें होंगी?
13:14

पीएम बोले-कोरोना का खतरा अब भी बरकरार लेकिन जीतेंगे जंग

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने deepak tiwari 
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र के बड़े नेता रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल की आत्मकथा देह वीचवा करणी का विमोचन किया। इसके अलावा उन्होंने प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी का नाम बदलकर लोकनेते डॉ. बालासाहेब विखे पाटिल प्रवर रूरल एजुकेशन सोसाइटी कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहेब की कई पीढ़ी लगातार समाजसेवा कर रही हैं, वरना कुछ पीढिय़ां कम ताकतवर नजर आती हैं। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ने सत्ता और राजनीति के जरिए समाज की भलाई का संदेश दिया। इस मौके पर पीएम ने कहा कि कोरोना का खतरा अब भी बरकरार है लेकिन हम इसके खिलाफ जरूर जंग जीतेंगे।

Monday, 12 October 2020

01:43

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की deepak tiwari

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 6 राज्यों के 763 गांवों में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख लोगों को अपने घरों का प्रॉपर्टी कार्ड वितरण किया है। सभी लाभार्थियों ने अपना स्वामित्व कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, ‘स्वामित्व योजना, गांव में रहने वाले हमारे भाई‑बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करने वाली है।’
पीएम मोदी ने कहा, “पूरी दुनिया के बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते रहे हैं कि जमीन और घर के मालिकाना हक की, देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, जब संपत्ति पर अधिकार मिलता है तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है।” योजना का मकसद है कि ग्रामीण इलाकों की जमीनों का सीमांकन ड्रोन सर्वे टेक्‍नोलॉजी के जरिए हो। इससे ग्रामीण इलाकों मे मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का एक रिकॉर्ड बनेगा। वह इसका इस्‍तेमाल बैंकों से कर्ज लेने के अलावा अन्‍य कामों में भी कर सकते हैं।
जैसे ही पीएम मोदी ने बटन दबाया देशभर के करीब एक लाख प्रॉपर्टी मालिकों को एक SMS गया। उसमें एक लिंक है जिसपर क्लिक कर वह अपना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा, आज जिन एक लाख लोगों को अपने घरों का स्वामित्व पत्र या प्रॉपर्टी कार्ड मिला है, जिन्होंने अपना कार्ड डाउनलोड किया है, उन्हें मैं बहुत‑बहुत बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत कार्ड वितरण की शुरुआत की | कहा- आज आपके पास एक अधिकार है, एक कानूनी दस्तावेज है कि आपका घर आपका ही है, आपका ही रहेगा |
उन्होंने कहा आत्मनिर्भर भारत अभियान में आज देश ने एक और बड़ा कदम उठा दिया है। उन्होंने कहा स्वामित्व योजना, गांव में रहने वाले हमारे भाई‑बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद करने वाली है। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है, जब संपत्ति पर अधिकार मिलता है तो नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है। जब संपत्ति का रिकॉर्ड होता है तो निवेश के लिए नए रास्ते खुलते हैं।
01:29

शादी में सोशल डिस्टेंसिंग का किया पालन लेकिन जमकर मन जश्न :deepak tiwari

शादी में सोशल डिस्टेंसिंग:deepak tiwari ब्रिटेन में इंडियन कपल ने 250 मेहमानों को बुलाकर की अनोखी शादी, उन्हें कार में खाना दिया, दुल्हा-दुल्हन बग्गी में बैठकर घूमे और सबको कर दिया खुश
इस समय महामारी की वजह से कई शादियां टल रही हैं, वहीं अगर कुछ शादियां हो भी रही हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग और हाइजीन का खास ख्याल रखा जा रहा है। कोरोना काल में होने वाली ऐसी ही शादियों में इन दिनों ब्रिटेन में संपन्न हुई रोमा पोपट और विनल पटेल की शादी चर्चा में है।
250 मेहमानों के साथ विशाल ब्रेक्सेटेड पार्क में ये शादी संपन्न हुई। मेहमानों ने कार में बैठकर ही पार्क में हुई इस शादी को वीडियो स्क्रीन पर देखा। कोविड-19 के चलते ब्रिटेन सरकार की ओर से मेहमानों की संख्या कम करने की वजह से वेडिंग सेरेमनी के दौरान सिर्फ 15 लोगों मौजूद रहे। लंदन में लंबे समय से रह रहे इस कपल ने वेडिंग वेन्यू के लिए विशाल पार्क चुना और डेकोरेट गोल्फ बग्गी में बैठकर पूरे ग्राउंड का चक्कर लगाया।
जिन वेटर्स ने इस शादी में मेहमानों के खानपान का इंतजाम किया, उन्होंने भी मास्क पहन रखा था। इस तरह शादी के दौरान ज्यादा मेहमान होने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन किया गया। रोमा ने बताया कि उनकी शादी में दोस्त और रिश्तेदार सभी शामिल हुए। हालांकि उन्होंने पहले से मेहमानों को आमंत्रित करने की कोई योजना नहीं बनाई थी। वैसे इन दोनों की शादी अप्रैल में होने वाली थी जो कोरोना की वजह से टल गई। उसके बाद यह भी तय नहीं था कि वे इस साल शादी करेंगे या अगले साल।
दुल्हा-दुल्हन दोनों के ही परिवार में कई सदस्य हैं। रोमा के अनुसार हम दोनों के पैरेंट़्स, बहन-भाई ओर ग्रैंड पैरेंट्स को बुलाने से ही शादी में ज्यादा लोग हो गए। शादी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मेहमानों को उनकी कार में बैठे रहने को कहा गया। लेकिन जैसे ही दुल्हा-दुल्हन के फेरे शुरू हुए तो मेहमान उस आयोजन को देखने के लिए उत्सुक हो गए।
इस दौरान सभी अपनी कार के हॉर्न बजाकर खुश जाहिर करने लगे। ये पल देखने के लायक था। वेडिंग प्लानर सहेली मीरपुरी ने बताया कि शादी से जुड़े आयोजन की जब कपल से बात होने लगी तो हमने मजाक में इस प्लान की सलाह दी थी। लेकिन कपल को ये आइडिया पसंद आया और उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ इसे अंजाम दिया। इन सभी मेहमानों को कार में ही पिज्जा, चिली चिप्स, पास्ता, गार्लिक ब्रेड और सलाद सर्व किया। मेहमानों को इस अनोखी शादी में खूब मजा आया।
01:23

अनिल अंबानी पर एक और मुसीबत:deepak tiwari

अनिल अंबानी पर एक और मुसीबत:deepak tiwari रक्षा मंत्रालय ने रिलायंस नेवल का 2500 करोड़ रुपए का ठेका रद्द किया, गश्ती जहाजों की आपूर्ति में देरी के कारण लिया फैसला अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। अब रक्षा मंत्रालय ने रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (आरएनईएल) को दिया 2500 करोड़ रुपए का ठेका रद्द कर दिया है। इसके तहत रिलायंस नेवल को भारतीय नौसेना के लिए गश्ती जहाजों की आपूर्ति करनी थी, लेकिन देरी के कारण ठेका रद्द कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने दो सप्ताह पहले ही यह फैसला किया है।
2011 में हुआ था समझौता
रिलायंस ग्रुप और रक्षा मंत्रालय के बीच नौसेना के लिए पांच गश्ती जहाजों को लेकर 2011 में एक समझौता हुआ था। यह समझौता रिलायंस ग्रुप की ओर से निखिल गांधी से गुजरात के शिपयार्ड को खरीदने से पहले हुआ था। 2015 में इस ग्रुप का नाम पिपावाव डिफेंस एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग लिमिटेड था। बाद में इसका नाम बदलकर रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड कर दिया था।
एनसीएलटी अहमदाबाद में चल रही है दिवालिया प्रक्रिया
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की अहमदाबाद बेंच में दिवालिया प्रक्रिया चल रही है। ट्रिब्यूनल ने उसके खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही की भी अनुमति दी है। वित्तीय लेनदारों ने 43,587 करोड़ रुपए का दावा किया है। हालांकि, रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने अब तक केवल 10,878 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। बाकी दावे पेंडिंग हैं।
इन कंपनियों ने जताई है रिलायंस नेवल खरीदने की इच्छा
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अगस्त में 12 कंपनियों ने रिलायंस नेवल को खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) दाखिल की थी। इन कंपनियों में एपीएम टर्मिनल्स, यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (रूस), हेजल मर्केंटाइल लिमिटेड, चौगुले ग्रुप, इंटरप्स (अमेरिका), नेक्स्ट ऑर्बिट वेंचर्स, एआरसीआईएल, आईएआरसी, जेएम एआरसी, सीएफएम एआरसी, इन्वेंट एआरसी और फियोनिक्स एआरसी शामिल हैं।

Sunday, 11 October 2020

06:56

वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया का राष्ट्रीय बेबीनार आयोजित TAP NEWS INDIA

आज दिंनांक 11/10/20 को वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया संबंध भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इसके मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री के एन गुप्ता और अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनूप चौधरी ने की। मुख्य वक्ताओं में एफ सी सी आई के सचिव श्री मुनीश गुप्ता, टी एन आई के मुख्य संपादक श्री सत्यम श्रीवास्तव एवम वरिष्ठ पत्रकार पी एस थपलियाल के साथ राष्ट्रीय महासचिव श्री नरेन्द्र भंडारी प्रमुख रहे। इस कार्यक्रम में देश भर से पत्रकार  जुड़े जिसमें बिहार से श्री सरोज आचार्य, उत्तराखंड से संजय अग्रवाल, दिल्ली से देवेंद्र सिंह तोमर चंडीगढ़ से मंगल टाइम्स के संपादक    आदि प्रमुख थे।
कार्यक्रम का संचालन वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय उपाध्याय ने की। प्रमुख वक्त मुनीश गुप्ता ने अपने वक्तव्य में मीडिया की स्वतंत्रता, ई पेपर का भारत में भविष्य तथा उसकी रूपरेखा तथा अन्य विकशित देशों में इसका क्या स्वरूप है आदि विषय पर चर्चा की। सत्यम श्रीवास्तव ने पत्रकारों की स्वतंत्रता, प्रेस कौंसिल और पत्रकारों की सुरक्षा पर अपने विचार रखे। थपलियाल जी ने पत्रकारिता के मूल्यों तथा पत्रकारीता के गिरते आचरण पर चिंता जताई। आज के मुख अतिथि श्री के एन गुप्ता ने नई प्रेस कमीशन का गठन, पर जोर दिया तथा पत्रकारों के उत्पीड़न पर गहरी चिंता जताई। श्री भंडारी ने वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया की तरफ से सरकार से ई पेपर , मीडिया कमीशन, पत्रकारों का नेशनल रजिस्टर, सुरक्षा आदि विषयों पर सरकार को ज्ञापन देने तथा मिलकर बात करने का आश्वाशन दिया। कार्यक्रम का समापन अध्यक्ष श्री अनूप चौधरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। दो घंटों तक चले इस वेबिनार में पत्रकारों और पत्रकारिता से संबंधित विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई। ई पेपर, प्रेस कमीशन , पत्रकारों का राष्ट्रीय रजिस्टर आदि ऐसे विषय है जिसे आज तक किसी भी संगठन ने नही उठाया है। वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया ने इस पर पहल की है।

Thursday, 8 October 2020

11:27

शोशल मीडिया ने बाबा का ढाबा किया मशहूर जाने कैसे tap news india

कोरोनाकाल में ढाबे पर ग्राहक घटे तो छलके बुजुर्ग के आंसू,  deepak tiwari वीडियो वायरल हुआ तो मटर-पनीर खाने पहुंचे दिल्लीवाले, बॉलीवुड सेलेब्स, क्रिकेटर्स और आप विधायक ने किया सपोर्ट
कोरोनाकाल में लोग घर का खाना ही पसंद कर रहे हैं, ऐसे में ढाबे और रेस्तरां पर सन्नाटा पसरा है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें 'बाबा का ढाबा' नाम की दुकान पर एक बुजुर्ग इंसान रोता हुआ दिख रहा है। यह उस बुजुर्ग की ही दुकान है। उनका कहना है, कोरोनाकाल में कोई भी ढाबे पर खाना खाने नहीं आ रहा है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद उनके ढाबे पर मटर-पनीर खाने के लिए दिल्लीवाले पहुंच रहे हैं। यह ढाबा दिल्ली के मालवीय नगर में हैं। बुजुर्ग को सपोर्ट करने के लिए मालवीय नगर के आम आदमी पार्टी नेता सोमनाथ भारती एक्ट्रेस रवीना टंडन, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर समेत कई सेलेब सामने आए हैं। इन सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर लोगों से इनकी मदद करने की अपील भी की है।
80 साल के कान्ता नाथ चलाते हैं दुकान
80 साल के कान्ता प्रसाद अपनी पत्नी बादामी देवी के साथ साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में 'बाबा का ढाबा' के नाम से स्टॉल चलाते हैं। कान्ता प्रसाद 32 साल से यह काम कर रहे हैं। सुबह 9.30 बजे यहां स्टॉल लगाते हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद ढाबे पर लगी भीड़
कान्ता कहते हैं, खाने का मेन्यू रोज बदलते हैं। सब्जियों में मटर पनीर, आलू गोभी, आलू कोफ्ता रहता है। दालें भी बदलते रहते हैं। वह कहते हैं कि उनके दो बेटे और एक बेटी है, लेकिन कोई मदद नहीं करता और वो सारा काम खुद ही करते हैं।
कैसे वायरल हुआ यह वीडियो
वीडियो को वसुंधरा तांख नाम के ट्विटर हैंडल से बुधवार शाम को ट्वीट किया गया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। ट्विटर पर इस वीडियो को अब तक 32 लाख लोग देख चुके हैं। इसे 1.32 लाख लोग लाइक कर चुके हैं और 50 हजार बार री-ट्वीट किया गया है।
09:07

रामबिलास पासवान के निधन से राजनीति का एक अध्याय खत्म TAP NEWS INDIA

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) का  गुरुवार को नई दिल्ली में निधन हो गया है. पासवान के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है. पासवान पिछले कुछ समय से बीमार थे और दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे. 3 अक्टूबर को देर रात रामविलास पासवान के दिल का ऑपरेशन किया गया था. मौसम विज्ञानी कहे जाने वाले राम विलास पासवान 1969 में विधायक चुने गए थे. पासवान मोदी कैबिनेट में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री थे.

5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया में जन्मे रामविलास पासवान कोसी कॉलेज और पटना यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 1969 में बिहार के डीएसपी के तौर पर चुने गए थे. 1969 में पहली बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से विधायक बनने वाले पासवान राज नारायण और जयप्रकाश नारायण का अनुसरण करते थे. पासवान 1974 में पहली बार लोकदल के महासचिव बनाए गए. वे व्यक्तिगत रूप से राज नारायण, कर्पूरी ठाकुर और सत्येंद्र नारायण सिन्हा जैसे आपातकाल के प्रमुख नेताओं के करीबी थे.

पासवान ने दो शादियां की थीं. उनकी पहली पत्नी राजकुमारी देवी के साथ उनका रिश्ता 1969 से 1981 तक रहा. 1982 में उन्होंने रीना शर्मा से शादी की. पासवान के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटियां उषा और आशा पासवान और एक बेटा चिराग पासवान हैं।

करुणेश त्रिवेदी 

Wednesday, 7 October 2020

17:07

एक बच्चे ने गुरुद्वारे के लंगर में लस्सी बांटने के लिए साइकिल पर लगाई जुगाड़ deepak tiwari

नई दिल्ली भारतीय हर जगह अपने जुगाड़ की वजह से जाने जाते हैं। फिर चाहे वह घर में रहें या गुरुद्वारे जैसे पवित्र स्थान पर जाएं। वैसे भी हम भारतीयों के पास हर परेशानी का हल है। इन दिनों गुरुद्वारे में लस्सी बांटने का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें एक बच्चा अपनी छोटी सी साइकिल पर साइकिल के ब्रेक और हैंडल की मदद से लस्सी बांटते हुए दिख रहा है।
इस वीडियो को ट्विटर यूजर अमित अग्रवाल ने शेयर किया। अमित से पहले विक्रम कालरा भी इसे अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट कर चुके थे। विक्रम ने इसे गुरुद्वारे के लंगर खाने में लस्सी या छाछ बांटने का अनोखा तरीका बताया।
इस वीडियो में दिख रहा है कि भक्तों की भारी भीड़ लंगर खाने में खाना खा रही है। जो लोग बैठकर खाना खा रहे हैं, उन्हें खाली कटोरी में एक बच्चा लस्सी सर्व कर रहा है। इसे सर्व करने के लिए उस बच्चे ने साइकिल पर एक स्टील की टंकी रखी है।
उसके नीचे की ओर साइकिल के ब्रेक और हैंडल से लस्सी देने की जुगाड़ की गई है। इसमें एक नल भी लगा हुआ है ताकि लस्सी वेस्ट न हो। इस तरीके से महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी आसानी से किया जा सकता है।

Tuesday, 6 October 2020

16:18

दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे की पहल दिसम्बर से 50 रु. में MRI और 150 रु. में अल्ट्रासाउंट करवा सकेंगे मरीज गुरुद्वारे में खुलेगा देश का सबसे सस्ता डायग्नोस्टिक सेंटर

दिल्ली :deepak tiwari दिसम्बर से गरीब तबके के मरीज मात्र 50 रुपए में MRI और 150 रुपए में अल्ट्रासाउंड करा सकेंगे। दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में इस सुविधा की शुरुआत होगी। इसकी जानकारी दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने दी है। दिसम्बर से देश के इस सबसे सस्ते डायग्नोस्टिक सेंटर की शुरुआत होगी।
गुरुद्वारे में गुरु हरकिशन हॉस्पिटल में एक डायलिसिस सेंटर भी बनाया जा रहा है। अगले हफ्ते से यह काम करना शुरू कर देगा।
डायलिसिस के लिए देने होंगे 600 रुपए
दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रेसिडेंट मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, यहां डायलिसिस कराने के लिए केवल 600 रुपए शुल्क देना देगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुद्वारे को 6 करोड़ की कीमत वाली 4 मशीनें दान में मिली हैं। इनमें डायलिसिस, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और MRI मशीन शामिल हैं।
प्राइवेट लैब एमआरई के लिए 2500 रुपए तक चार्ज करती हैं
मनजिंदर सिंह के मुताबिक, प्राइवेट लैब में MRI के लिए 2500 रुपए तक चार्ज किए जाते हैं लेकिन यहां गरीबों के लिए यह जांच 50 रुपए में की जाएगी। वहीं, बाकी लोगों के लिए 800 रुपए लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, यहां डॉक्टर्स की एक कमेटी बनाई गई जो यह देखेगी कि किसे डिस्काउंट दिया जाए। इसके अलावा निम्न आय वर्ग वालों का एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड 150 रुपए में होगा।

Thursday, 1 October 2020

06:26

दूसरे राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है सरकार किसके लिए होगा खास deepak tiwari

नई दिल्ली। कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था में छाई मंदी को दूर करने के लिए अगले राहत पैकेज की तैयारियां अंतिम चरण में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगला राहत पैकेज पहले के मुकाबले छोटा रह सकता है। इसमें कोरोना और लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए सेक्टरों जैसे होटल, टूरिज्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी पर सबसे ज्यादा जोर होगा। इस खबर के बाद से स्पाइस जेट, डेल्टाकॉर्प जैसे शेयरों में जोरदार तेजी आई है।
कैसा होगा अगला राहत पैकेज- सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अगले राहत पैकेज की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसकी घोषणा कभी भी की जा सकती है। पहले के पैकेज के मुकाबले ये काफी छोटा अगला पैकेज होगा। आने वाले राहत पैकेज में होटल, टूरिज्म, एविशएशन जैसे सेक्टर पर खास जोर रहने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और वित्त मंत्रालवय के बीच इस पर 3–4 दौर की बैठक हो चुकी है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, दूसरे राहत पैकेज में टैक्स इन्सेंटिव यानी टैक्स छूट पर ज्यादा जोर रह सकता है। कई सेक्टर्स के लिए टैक्स राहत का ऐलान हो सकता है। कर्ज चुकाने की समय‑सीमा बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा कई और अन्य राहत भरे कदम उठाने की तैयारी है। इस पैकेज में लोगों की खरीद क्षमता बढ़ाने पर फोकस होगा। इसमें कोरोना और लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए सेक्टरों जैसे होटल, टूरिज्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी पर सबसे ज्यादा जोर होगा।
06:22

आज आ रहा है पीएम नरेंद्र मोदी का स्पेशल प्लेन, क्या है इसकी खूबियां deepak tiwari

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिका में तैयार विशेष विमान बोइंग 777 आज भारत की धरती पर उतरने वाला है। अमेरिका के राष्ट्रपति के एयरफोर्स वन जैसे क्षमताओं से लैस इस विमान में कई खूबियां हैं। इस विमान का इस्तेमाल प्रधानमंत्री के अलावा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति भी करेंगे। अभी तक पीएम एयर इंडिया-वन कॉल साइन से बोइंग‑747 इस्तेमाल करते रहे हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि आज किसी वक्त प्लेन भारत पहुंच सकता है।

 
बेहतरीन खूबियों से है लैस है यह विमान
‘बख्तरबंद’ बोइंग 777 (Air India One) एक बार ईंधन भरने पर यह अमेरिका से भारत तक की लंबी उड़ान भर सकता है। इस दो नए सुपर वीआईपी प्लेन को आने वाले समय में एयर इंडिया नहीं बल्कि एयरफोर्स ऑपरेट करेगी। सूत्रों का कहना है कि इसका कॉल साइन एयरफोर्स‑वन रखा जा सकता है।
कलर से लेकर सुरक्षा का पूरा ख्याल
इसमें तीन तरह के रंगों का इस्तेमाल किया गया है। इनमें से दो रंग अमेरिकी राष्ट्रपति के एयरफोर्स वन से मिलते-जुलते हैं। सूत्रों का कहना है कि बोइंग‑777 में जो रंग इस्तेमाल किया गया है। इनमें सफेद, हल्का नीला और नारंगी रंग है। हल्का नीला और सफेद रंगं का इस्तेमाल अधिक किया गया है जबकि नारंगी रंग की हवाई जहाज के बीच में लाइन दी गई है। देखने में यह बहुत सुंदर लग रहा है।
900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है प्‍लेन
अमेरिकी राष्‍ट्रपति का विमान एयरफोर्स वन 35,000 फीट की ऊंचाई पर 1,013 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। एयरफोर्स वन 35,000 फीट की ऊंचाई पर 1,013 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। एकबार में यह विमान 6,800 मील की दूरी तय कर सकता है। विमान अधिकतम 45,100 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इस विमान के उड़ान के दौरान प्रतिघंटा 1,81,000 डॉलर (करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये) की लागत आती है। वहीं पीएम मोदी का नया विमान करीब 900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है।
विमान की कीमत और ताकत भी जान लीजिए
इस विमान को एयरफोर्स के पायलट उड़ाएंगे। दोनों विमानों की कीमत करीब 8458 करोड़ रुपये है। बेहद सेफ इस जहाज के अगले हिस्से में जैमर लगा है जो दुश्मन के रेडार सिग्नल को जाम कर देता है। इस पर मिसाइल हमले का भी असर नहीं होता। खबरों के अनुसार इस विमान में हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता होगी। साथ ही यह विमान एक बार में भारत से अमेरिका तक की दूरी के बीच उड़ान भर सकेगा।
इस विमान में ऑफिस और एक मीटिंग रूम भी होगा। इसमें मिरर बॉल सिस्टम भी इस्तेमाल किया गया है। यह आधुनिक इंफ्रारेड सिग्नल से चलने वालीं मिसाइलों को भी भ्रमित कर सकता है। इस विमान की कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं। मौजूदा समय में पीएम और राष्ट्रपति एयर इंडिया के बोइंग 747 विमान में सफर करते हैं।

Tuesday, 29 September 2020

15:55

जिंदगी से जंग हार गई वो उत्तर प्रदेस की बेटी

उतर प्रदेश के हाथरस जिले में गैंगरेप की शिकार दलित लड़की आखिरकार जिंदगी से जंग हार गई। मंगलवार तीन बजे तड़के उसने दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में दम तोड़ दिया। 14 सितंबर को दरिंदों ने गैंगरेप के बाद उसकी जीभ काट दी थी, रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। वह बाजरे के खेत में बेहोश मिली थी। तबियत बिगड़ने लगी थी तो उसे सोमवार को ही दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था।  
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की नई बनी इमारत के बाहर लोगों की भीड़ है। वहीं एक कोने में एक बुजुर्ग उदास बैठे हैं। उनके इर्द-गिर्द लोग जुटे हैं। कुछ को वो जानते हैं, कुछ को नहीं। कुछ उन्हें सांत्वना दे रहे हैं, कुछ ये भरोसा कि उनकी बेटी जिंदगी की जंग जीत जाएगी।
दो सप्ताह पहले उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में गैंगरेप का शिकार हुई उनकी बेटी अस्पताल में वेंटीलेटर पर है। उसकी जीभ काट दी गई थी। रीढ़ की हड्डी टूटी हुई है। जिस्म पर कई गहरे जख्म हैं। दुपट्टे से उसका गला घोटा गया और उसे मरा जानकर छोड़ा गया।
उसके पास अभी कोई नहीं है। उसका छोटा भाई जो पिछले दो सप्ताह से उसकी देखभाल कर रहा है, दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ गया है, जो ये देखने आए थे कि परिवार को अस्पताल में सुरक्षा मिली है या नहीं। पिता दीवार से कमर टिकाए गुमसुम बैठे हैं। लोग उनसे क्या कह रहे हैं इसका उन्हें बहुत ज्यादा होश नहीं है। मैं उनसे बात करने की कोशिश करती हूं तो वो कहते हैं कि मैं बहुत बोल नहीं पाऊंगा। मैं उनके पास ही बैठ जाती हूं।
कुछ देर बाद वो बोलना शुरू करते हैं। बेटी का नाम आते ही फफक पड़ते हैं। चेहरा मास्क से ढका था, आंखों में दर्द और डर साफ नजर आ रहा था। वो कहते हैं, 'ये लोग गांव के ठाकुर हैं। ये लोग मेरी बेटी से दरिंदगी करने से पहले मेरे पिता से भी मारपीट कर चुके हैं। उनकी उंगलियां तक काट दी थी। इनकी मानसिकता पहले से ऐसी ही है। ये हमें डराते-धमकाते रहते थे, हम हमेशा बर्दाश्त करते और सोचते कि चलो जाने दो। अब इन्होंने हमारी बेटी के साथ ऐसा अत्याचार किया है।'
वो बोलते-बोलते अचानक खामोश हो जाते हैं। खौफ उनके चेहरे पर तैरने लगता है। दलित संगठनों से जुड़े लोग उन्हें भरोसा देने की कोशिश करते हैं कि उन्हें और उनके परिवार को अब कुछ नहीं होगा। लेकिन उनका डर कम नहीं होता।
इसी बीच उनका सबसे छोटा बेटा हांफता हुआ आता है। उसका फोन दोपहर से ही बंद है। बहन की देखभाल, कागजों की लिखाई-पढ़ाई और अस्पताल में अलग-अलग जगहों के चक्कर काटने में उसे इतना भी समय नहीं मिला है कि कुछ देर रुककर अपना फोन भी चार्ज कर सके। उसके आते ही कई फोन बात करने के लिए उसे पकड़ा दिए जाते हैं। कुछ पारिवारिक रिश्तेदारों के हैं, कुछ पत्रकारों के, सभी बस वेंटिलेटर पर भर्ती उसकी बहन का हाल जानना चाहते हैं।
वो बताता है, 'मैं 12 दिनों से घर नहीं गया हूं। बहन बोल नहीं पा रही है। बस वो आंखों से पहचान रही है। कभी-कभी इशारा करती है। उसकी हालत देखी नहीं जा रही है। मैं उसकी आवाज सुनने को बेचैन हूं। वो मौत से लड़ रही है।'
वो कहता है, 'मैं नोएडा में रहकर काम करता था। फोन करता था तो बहन से बहुत बात नहीं हो पाती थी। वो घर के काम-धंधों में लगी रहती थी। अभी मैं कोशिश कर रहा हूं कि बहन से दो बातें हो जाएं तो वो बोल ही नहीं पा रही है क्योंकि उसकी जीभ कटी हुई है।' 13 दिन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के बाद उसे एंबुलेंस के जरिए सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया है।
14 सितंबर को हुआ क्या था?
परिवार के मुताबिक, 14 सितंबर को सुबह-सुबह पीड़िता, उसका बड़ा भाई और मां गांव के जंगल में घास काटने गए थे। जब घास की एक गठरी बंध गई तो बड़ा भाई उसे लेकर घर चला आया। मां और बेटी खेत में अकेले रह गए। मां आगे घास काट रही थी। बेटी पीछे कुछ दूर उसे इकट्ठा कर रही थी। इसी दौरान चारों अभियुक्तों ने पीड़िता के गले में पड़े दुपट्टे से उसे बाजरे के खेत में खींच कर उसके साथ गैंगरेप किया।
उस दिन की घटना के बारे में पीड़िता का भाई बताता है, 'मां ने बहन को आवाजें दी तो उसका कोई जवाब नहीं आया। पहले उन्हें पानी देने के लिए बनाई गई मेढ़ में उसके चप्पल दिखे, फिर बाजरे के टूटे पौधे दिखे तो वो खेत में अंदर गईं जहां बीस मीटर भीतर वो बहुत ही बुरी हालत में बेहोश पड़ी हुई थी। मां चिल्लाई तो कुछ बच्चे आए, उन्होंने उन्हें तुरंत लोगों को बुलाने और पानी लाने भेजा। बच्चे मेढ़ में भरा पानी पॉलीथीन में भरकर लाए। वो उसके मुंह पर डाला लेकिन उसे होश नहीं आया।'
परिवार के मुताबिक ये घटना 14 सितंबर की है, लड़की अपने मां और भाई के साथ पशुओं को चारा लेने के लिए खेतों पर घास लेने के लिए गई थी। भाई खेत से घास लेकर घर चला आया तो आरोपियों ने बहन के साथ गैंगरेप किया।
परिवार के मुताबिक ये घटना 14 सितंबर की है, लड़की अपने मां और भाई के साथ पशुओं को चारा लेने के लिए खेतों पर घास लेने के लिए गई थी। भाई खेत से घास लेकर घर चला आया तो आरोपियों ने बहन के साथ गैंगरेप किया।
वो बताते हैं, मेरी मां और भाई उसे तुरंत थाने गए और तहरीर दी। तब तक ये नहीं पता था कि किसने हमला किया है। कितने लोग थे और उसके साथ क्या हुआ है। पीड़िता के पिता बताते हैं, 'वो दरिंदे खेत के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन मेरी बेटी और पत्नी उनके इरादे को भांप नहीं पाए। उन्होंने मेरी बेटी को घात लगाकर शिकार बनाया। उन्हें किसी का डर नहीं था।
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे हैं सवाल
हाथरस पुलिस ने अब तक इस मामले में संदीप, रामकुमार, लवकुश और रवि नाम के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। चारों ही तथाकथित उच्च जाति के है। हालांकि दलित संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश की।
पहले सिर्फ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया। एक ही व्यक्ति को अभियुक्त बनाया गया। दस दिनों तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया। जब दलित नेता चंद्रशेखर ने ट्वीट किया और अलीगढ़ जाने का ऐलान किया तब अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गैंगरेप की धारा भी बाद में जोड़ी गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार ने जो शिकायत दी थी उसी के आधार पर पहला मुकदमा दर्ज किया गया था और बाद में पीड़िता के बयान के आधार पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़िता को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जहां पुलिस 19 सितंबर को उसका बयान लेने के लिए पहुंची थी। यानी घटना के पांच दिन बाद। उस दिन पीड़िता की हालत गंभीर थी और वो अपना बयान दर्ज नहीं करा सकी थी। फिर 21 और 22 सितंबर को सर्किल ऑफिसर और महिला पुलिस कर्मी पीड़िता का बयान लेने पहुंचे थे।
डर का माहौल
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त पीड़िता के गांव के ही हैं और उनका घर उसके घर से बहुत दूर नहीं है। परिवार का आरोप है कि वो पहले से ही दबंगई करते रहे हैं। पीड़िता का भाई और पिता कहते हैं कि घटना के बाद अभियुक्तों की ओर से उन्हें अंजाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं। अब गांव में पीएसी तैनात की गई है।
वो कहता है, "हम बहुत कमजोर हैं। हम उनका क्या कर पाएंगे? बहन की ये हालत देखकर गुस्सा तो बहुत आता है। बेबसी भी महसूस होती है कि हम उन दरिंदों का कुछ नहीं कर पाएंगे। शासन को हमारा साथ देना चाहिए। उन सबको फांसी होनी चाहिए ताकि किसी और की बहन-बेटी के साथ ऐसा ना हो।"
वो कहता है, 'हमारे भीतर तक डर बैठ गया है। कई बार लगता है कि अब हम गांव में कैसे रह पाएंगे। बदला हम नहीं ले सकते क्योंकि हमारा परिवार छोटा है। ये लोग शुरू से ही दबंग रहे हैं। ये पहले से ही हमें जीने नहीं देते हैं। हमारे पास उनसे लड़ने के लिए ना ही पैसा है और ना ही आदमी। अब हम सोचते हैं कि यहां से पलायन ही कर जाएं। ये लोग हमें यहां रहने नहीं देंगे। बहन ठीक हो जाए, फिर देखेंगे कहां ठिकाना मिलता है।'
इस घटना का पीड़ित परिवार के दिलों दिमाग पर भी गहरा असर हुआ है। पीड़िता का भाई कहता है, मेरी मां उस दिन से ही बीमार और बदहवास है। पिता की भी हालत खराब है। वो इस हालत में बहन को देखते हैं तो टूट जाते हैं।
08:37

मरती इंसानियत एक और निर्भया का दुःखद अंत TNI

Deepak Tiwari 
उत्तर प्रदेश के हाथरस में पंद्रह दिन पहले दुष्कर्म का शिकार हुई लड़की की इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हो गई है। उसे बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह पीड़िता हिम्मत हार गई। पीड़िता की उम्र 19 वर्ष थी। बीती 14 सितंबर को हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में चार युवकों ने उसके साथ दरिंदगी की थी। इस दौरान युवती की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। दरिंदों ने उसकी जीभ भी काट दी थी। गंभीर हालत में उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया था, लेकिन हालात में सुधार नहीं होने पर उसे दिल्‍ली लाया गया था। पूरी मामले में यूपी पुलिस की ढिलाई की भी आलोचना हो रही है। पुलिस लंबे समय तक इसे छेड़छाड़ का केस बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से बचती रही। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

पूरे मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी हमलावर हो गई हैं। प्रियंका ने ट्वीट पर लिखा, …यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है। महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है।अपराधी खुले आम अपराध कर रहे हैं। इस बच्ची के क़ातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हाथरस में हैवानियत झेलने वाली दलित बच्ची ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो हफ्ते तक वह अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझती रही। हाथरस, शाहजहांपुर और गोरखपुर में एक के बाद एक रेप की घटनाओं ने राज्य को हिला दिया है।

Saturday, 26 September 2020

18:30

रेल टिकट की तरह माल का भी रिजर्वेशन होगा deepak tiwari

रेल टिकट की तरह माल का भी रिजर्वेशन होगा अब एडवांस में सिर्फ 10% शुल्क जमा कर मनचाही ट्रेन से भेज सकेंगे सामान; समय पर और सुरक्षित सामान पहुंचाने की कवायद
रेलवे ने भी अब समय पर माल पहुंचाने के लिए पहल शुरू कर दी है। टिकट के रिजर्वेशन की तरह ही सामान की बुकिंग भी 120 दिन पहले शुरू हो जाएगी। ऐसे में पार्सल व्यापारी अपनी जरूरत के अनुसार ट्रेन और सामान पहुंचाने का दिन तय कर पाएंगे। यह टिकट बुकिंग की तरह ही होगा। इससे जहां सामान समय पर पहुंच पाएगा, वहीं स्टेशन पर सामान पड़े रहने और किसी दूसरी जगह पहुंचने की शिकायतों में भी कमी आएगी।
मनचाही ट्रेन में बुकिंग करने से माल समय पर पहुंच सकेगा।
मनपसंद गाड़ी का चयन कर सकते हैं
रेलवे ने एडवांस में पार्सल स्पेस बुक कराए जाने की सुविधा शुरू कर दी है। जरूरी सामान जैसे खाद्यान्न, कोयला, पीओएल, दूध, सब्जियां आदि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मालगाड़ियों के साथ-साथ रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति के लिए पार्सल एक्सप्रेस गाड़ियों का परिचालन जारी है। इसके तहत व्यापारी अपना सामान भेजने के लिए स्पेशल यात्री गाड़ियों के एसएलआर और पार्सल एक्सप्रेस गाड़ियों में उपलब्ध स्थान की एडवांस बुकिंग करा सकते हैं। इस सुविधा के तहत व्यापारी जिस गाड़ी से अपना सामान भेजना चाहेंगे, उसी गाड़ी से उनका सामान भेजा जाएगा। इससे व्यापारियों के सामान का परिवहन समय से और सुरक्षित हो सकेगा। इस सुविधा के तहत पार्सल वान भी बुक किए जा सकते हैं।
यह करना होगा
संबंधित स्टेशन के मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक से संपर्क करना होगा। किसी भी स्पेशल ट्रेन या पार्सल एक्सप्रेस में पार्सल स्थान की एडवांस बुकिंग गाड़ी के प्रस्थान तिथि से 120 दिन पहले शुरू हो जाएगी। कुल पार्सल भाड़े का 10% राशि आवेदन के साथ जमा करना होगा। शेष 90% राशि संबंधित स्टेशन पर गाड़ी के निर्धारित समय से 72 घंटे पहले तक जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त पार्सल कार्गो स्पेशल ट्रेन का भी संचालन व्यापारियों की मांग के अनुसार किया जा सकता है। उदाहरण के लिए व्यापारी की मांग पर भोपाल से हावड़ा वाया इटारसी-जबलपुर-रायपुर होते हुए कार्गो स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा सकता है।
अभी यह व्यवस्था
रेलवे में अभी पार्सल बुक कर दिया जाता है। इसके बाद ट्रेन की उपलब्धता के अनुसार माल को ट्रेनों से भेजा जाता है। इससे कई बार ट्रेन नहीं होने या समय पर सामान नहीं रख पाने के कारण स्टेशन पर ही सामान पड़ा रहता है। कई बार तो एक स्टेशन पर सामान नहीं उतर पाने के कारण वह दूसरे ट्रेन से कहीं और पहुंच जाता है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। नई व्यवस्था से यह परेशानियां दूर होने की आशंका कम होगी।

Friday, 25 September 2020

08:55

किसानों के भारत बंद को मिला आम आदमी पार्टी का साथ deepk tiwari

नई दिल्ली -हाल ही में सदन से पास हुए किसान बिल को लेकर देशभर में शुक्रवार को किसानों ने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब और हरियाणा में बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। किसान सुबह ही सड़क और रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जगह-जगह चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन किया। यहां पूरे दिन बाजार बंद रहा। दिल्ली बॉर्डर और पश्चिमी यूपी में किसान प्रदर्शन के लिए सड़कों पर तो निकले लेकिन बंद का मिला जुला ही असर रहा। वे दोपहर बाद घर लौट गए। इसके अलावा पूरे भारत मे आम आदमी पार्टी ने किसानों के भारत बंद का सहयोग किया पार्टी कार्यकर्ता जगह जगह किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरे जिसके तहत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस ने आप नेताओ को गिरफ्तार कर लिया इसके अलावा पंजाब के मानसा में किसानों के आंदोलन का असर साफ दिखता है। आज पूरे शहर का बाज़ार बंद है सिर्फ केमिस्ट की कुछ दुकानें ही खुली हैं।
पंजाब के मानसा में किसानों के आंदोलन का असर साफ दिखता है। आज पूरे शहर का बाज़ार बंद है सिर्फ केमिस्ट की कुछ दुकानें ही खुली हैं।
पंजाब के मानसा शहर में भारत बंद का असर साफ नजर आ रहा है। सिर्फ सड़कें ही नहीं रेल की पटरियां तक किसानों के आक्रोश की गवाही दे रही हैं। पंजाब के अलग-अलग 31 किसान संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया है। इसमें सबसे प्रमुख भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) जो इस आंदोलन का यहां नेतृत्व कर रही है।
किसानों ने कल से ही रेलवे ट्रैक पर कब्जा किया हुआ है। सारी ट्रेन बंद कर दी गई हैं।
पंजाब के कई लोक कलाकारों ने भी किसानों का समर्थन किया है। जहां दलजीत दोसांज जैसे बड़े गायकों ने किसानों के समर्थन में सोशल मीडिया पर आवाज उठाई है वहीं, सिद्धू मूसेवाला जैसे गायक किसानों के समर्थन में सड़क तक उतर आए हैं।
किसानों को सिर्फ लेफ्ट पार्टियों का ही नहीं बल्कि अकाली दल जैसी राइट विंग पार्टियों का भी समर्थन मिल रहा है। पंजाब में भाजपा के अलावा अन्य सभी पार्टियों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया है। पंजाब बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी किसानों के समर्थन में आंदोलन में शामिल हुए हैं।
पंजाब-सिरसा हाईवे पूरी तरह से जाम है। हजारों की संख्या में किसान यहां इक्ट्ठा हुए हैं। इन किसानों को पंजाबी लोक कलाकारों का भी समर्थन मिल रहा है। अभी-अभी पंजाबी कलाकार सिद्धू मूसेवाला यहां किसानों के समर्थन के लिए आए हुए हैं। वे किसानों को संबोधित कर रहे हैं।
केंद्र सरकार में सहयोगी अकाली दल खुद ही सड़कें जाम तो कर रही है, लेकिन किसानों का उन पर विश्वास अब कम ही दिखता है।
मानसा जिले के कैंचियां इलाके में अकाली दल ने ही रोड ब्लॉक की है। अकाली दल के झंडे तले कम ही किसान नजर आ रहे हैं। किसानों की सबसे ज्यादा संख्या भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) के जत्थों में ही दिखाई दे रही है। ज्यादातर किसान राजनीतिक दलों को अपने प्रदर्शनों से दूर रखते हुए सिर्फ किसान यूनियनों के झंडों के साथ ही सड़कों पर हैं।
शाम पांच बजे के बाद प्रदर्शनकारी अपने घर के लिए निकल गए। कुछ दुकानें अब खुलने लगी हैं लेकिन अधिकांश बाजार अब तक बंद है। किसान यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि बंद का उनका आह्वान पूरी तरह सफल रहा और सिर्फ किसानों का ही नहीं बल्कि हर वर्ग का समर्थन उन्हें इस बंद के दौरान मिला।
संसद का काम खत्म, सड़क का काम शुरू: योगेंद्र यादव
यहां किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी शामिल हुए। भास्कर रिपोर्टर राहुल कोटियाल के साथ विशेष बातचीत में योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री कहते हैं कि हमारे दरवाजे किसानों के लिए हमेशा खुले हैं लेकिन, उन्होंने तो विधेयक लाकर पहले ही ताला लगा दिया। उन्होंने बिल को पास करने से पहले किसी किसान बात नहीं की, यहां तक कि अपने सहयोगी अकाली दल और आरएसएस से जुड़े किसान संगठनों से भी बात नहीं की। क्योंकि इन्हें पता था कि इनका कोई साथ नहीं देगा, ये काम चोर दरवाजे से ही किया जा सकता है।
आगे की रणनीति को लेकर योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान जानता है कि सरकार का अहंकार कैसे तोड़ा जाता है। अब तो कानून बन गया, संसद का काम खत्म हो गया। अब सड़क का काम शुरू हो गया है, सड़क पर विरोध होगा और सरकार को घुटने पर लाएंगे। 27 सितंबर को हम इसको लेकर बैठक करने वाले हैं।

दिल्ली बॉर्डर से लाइव रिपोर्ट...
दिल्ली यूपी सीमा बॉर्डर पर सुबह से ही पुलिस की सरगर्मी देखी गई। कृषि बिल के विरोध में भारतीय किसान यूनियन की तरफ से यहां प्रदर्शन बुलाया गया है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर नोएडा गेट के आगे दोनों सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हैं। वे लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नोएडा के आसपास के इलाकों से ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली-नोएडा सड़क पर दोपहर की तीखी धूप में प्रदर्शनकारी किसान बीच सड़क पर बैठे हुए हैं। नोएडा के आसपास के इलाकों से ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर आए करीब पांच सौ किसान 'मोदी सरकार मुर्दाबाद', 'किसान बिल वापिस लो जैसे नारे लगा रहे हैं।

 नोएडा मे श्रमिक विकास संगठन SVS ने जिला अध्यक्ष रामजी पांडे SVS  कार्यकर्ताओ के साथ किसानों के समर्थन में डटे रहे और किसानों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया ।मजदूर नेता रामजी पांडे ने कहा कि मैं भी एक किसान का बेटा हूँ इस नाते किसानों का दर्द महसूस किया है उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने मनमाने काले कानूनों से किसानों मजदूरों को गुलाम बनाने की कोई कोर कसर नही छोड़ी है इस लिए मजबूर होकर हमे सड़को पर उतरना पड़ रहा है अगर सरकार अभी भी नींद से नही जागी तो यह आंदोलन रुकने वाला नही है।आंदोलन स्थल पर  भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस बल के साथ-साथ वाटर कैनन की भी व्यवस्था प्रशासन ने की है। लेकिन  प्रदर्शन शांति पूर्वक रहा हालांकि किसान
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसानों ने सड़क जाम कर दिया है। वे नारेबाजी कर रहे हैं।
जेवर से यहां आए हरिनारायण कहते हैं, 'सरकार को ये कानून बनाना चाहिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद नहीं होगी। इतना करने में क्या जाता है? ये बड़े-बड़े व्यापारी हम किसानों से सस्ते पर खरीद लेंगे। हमने इस देश को पाला है और आज हम किसान ही सड़क पर हैं।'
दोपहर बाद के 2 बजे हैं। अब यहां से प्रदर्शन करने वाले किसान वापस लौट रहे हैं। दिल्ली-नोएडा हाईवे जो अब तक बंद था वो फिर से शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस भी यहां से लौट रही है।
पश्चिमी यूपी से लाइव...
किसानों के भारत बंद में भारतीय किसान यूनियन भी शामिल है। लेकिन सुबह 12 बजे तक मुजफ्फरनगर जिले में बंद का असर नजर नहीं आ रहा है। सड़कों पर ट्रैफिक पहले की तरह चल रहा है। बाजार खुले हुए हैं। लोगों में चहल पहल है। लेकिन प्रदर्शन करते किसान नजर नहीं आ रहे हैं। किसान यूनियन के नेताओं ने हमें बताया था कि आज कम से कम 25 जगह प्रदर्शन होना है। मुझे अभी वो प्रदर्शन नहीं दिखा है। उत्तर प्रदेश के इस इलाके में किसानों में ऐसा रोष भी नहीं है जैसा हरियाणा और पंजाब के किसानों में हैं।
अब दोपहर 12 बजे के बाद धीरे-धीरे यहां भी किसान आंदोलन के लिए इकट्ठे हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता बिल के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर से सहारनपुर की ओर जाने वाले हाईवे पर जगह-जगह किसान सड़कों पर बैठे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। यहां किसानों ने हाईवे को जाम करने की कोशिश भी नहीं की।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का असर हरियाणा और पंजाब जैसा नहीं दिख रहा है, इसके जवाब में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष और महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे राकेश टिकैत कहते हैं, 'जिस तरह हरियाणा और पंजाब में किसान मंडियों पर निर्भर है उस तरह यहां किसान मंडियों पर निर्भर नहीं है क्योंकि इस इलाके में अधिकतर किसान गन्ने की खेती करते हैं। उन्होंने कहा लेकिन यहां के किसान पंजाब और हरियाणा के किसानों के साथ है और किसानों के भारत बंद में हिस्सा ले रहे हैं।'
टिकैत जगह जगह घूम कर किसानों को संबोधित कर रहे हैं और उन्हें केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे विधायकों के बारे में बता रहे हैं। उनका कहना है कि इन विधायकों के क़ानून बनने के बाद मंडी व्यवस्था कमज़ोर हो जाएगी और ये किसानों के हित में नहीं होगा।
किसानों के साथ ही आम आदमी पार्टी के नेता भी यहां प्रोटेस्ट कर रहे हैं।
यहां पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। जगह जगह पुलिस रूट डायवर्ट कर रही है ताकि आंदोलन का असर हाईवे की ट्रैफिक पर न हो। किसानों के साथ ही आम आदमी पार्टी ओर से भी यहां प्रोटेस्ट किया जा रहा है। पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रोहन त्यागी का कहना है कि जब तक किसानों का संघर्ष चलेगा आम आदमी पार्टी उनके साथ रहेगी।