Tap news india

Hindi news ,today news,local news in india

Breaking news

गूगल सर्च इंजन

Showing posts with label नई दिल्ली. Show all posts
Showing posts with label नई दिल्ली. Show all posts

Tuesday, 20 April 2021

05:37

घर वापसी तभी होगी जब तीन काले कानून वापस हो जाएंगे -राकेश टिकैत

गाजीपुर बार्डर/आज प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के श्री राकेश टिकैत ने यह घोषणा की कि सरकार की धरना हटाने की धमकियों से आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। किसान इस मोर्चे पर अपने गांव की तरह अपने घर में रह रहे हैं और कटाई के बाद लगातार संख्या बढ़ती रहेगी।

उनकी घर वापसी तभी होगी जब तीन काले कानून वापस हो जाएंगे और एमएसपी का कानून बन जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को तेज करने के लिए गांव-गांव में तैयारी चल रही है और जैसे ही इन मोर्चों पर उपस्थिति बढ़ेगी वैसे ही आगे की योजना घोषित की जाएगी। सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दोबारा किसान आंदोलन को ऑपरेशन क्लीन करने का दुस्साहस ना करें वरना हमारी भी तैयारी पूरी है।

करोरोना के फैलने के डर के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सारे किसान कोरोना की सुरक्षा के दायित्वों का पालन कर रहे हैं हम उसकी व्यवस्था भी कर रहे है। यह बात समझना जरूरी है कि अगर यहां से किसान हट भी जाएं तब भी तो अपने ही गांव में रहेंगे कोरोना तो देश से नहीं भागेगा। कोरोना तो अब आ गया है और इसके डर से किसान आंदोलन को नहीं हटाया जा सकता। इलाज के लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए।

अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के डॉ आशीष मित्तल ने बताया कि सरकार ने कोरोना दौर  में यह तीन काले कानून कारपोरेट  मुनाफा बढाने के लिए लागू किए हैं और अब इलाज की सरकारी व्यवस्थाएं समाप्त कर कारपोरेट अस्पतालों व बड़ी-बड़ी दवा की कंपनियों को मुनाफा कमाने का अवसर दिया हुआ है। किसान आंदोलन अपनी मांगों के लिए प्रतिबद्ध है।

 तराई किसान समिति के तेजिंदर विर्क ने बताया कि पूरे उत्तराखंड व पश्चिम उत्तर प्रदेश से गाजीपुर बॉर्डर पर संख्या बढ़ाने पर अभियान चलाया जा रहा है।

बीकेयू प्रांतीय अध्यक्ष श्री राजवीर सिंह जादौन ने बताया कि मोर्चे में सभी किसानों के लिए कोरोना हिदायतों के पालन की व्यवस्था की जा रही है, चिकित्सा की भी व्यवस्था पूरी की जा रही है और हर कैंम्प की जांच डॉक्टर करेंगे तथा शाम के समय उपलब्ध रहेंगे।

गाजीपुर समिति के सदस्य बलजिंदर सिंह मान ने कहा कि सभी प्रवासी मजदूरों का गाजीपुर बॉर्डर पर स्वागत है। यदि उनके रहने खाने की कोई दिक्कत है तो हमारा मोर्चा उनका स्वागत करेगा। मोर्चे की ओर से आनंद विहार टर्मिनस पर मजदूरों को मुफ्त में खाना भी वितरित किया जा रहा है।

अखिल भारतीय किसान सभा के साथी डीपी सिंह ने पत्रकारों को धन्यवाद देते के साथ बताया कि देश भर में सभाओं के द्वारा किसान जागृत हो रहे हैं और इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

 

Friday, 9 April 2021

23:34

महिला शसक्तीकरण को साकार करने के लिए अनुसूचित जाति की गरीब महिला ने भरा प्रधान पद का पर्चा


 दिलीपपुर/ प्रतापगढ़ पंचायत चुनाव में गांव गांव इस समय चुनावी चर्चा चल रही है विकास खंड में उम्मीदवार अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर नामांकन करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में आज सुबह बाबा बेलखरनाथ धाम के बसीरपुर ग्राम पंचायत से आरक्षित सीट पर स्वयं सहायता समूह की गरीब महिला कंचन मुसहर ने प्रधान पद के लिए अपना नामांकन करके दावेदारी की । चुनावी माहौल में गरीब महिला के दावेदारी से गांव में प्रधान पद की लड़ाई दिलचस्प हो चुकी है लगभग एक दर्जन से अधिक पुरुष प्रत्याशियों के बीच एकमात्र महिला उम्मीदवार की दावेदारी से  गांव की सरकार बनाने में लोगो ने चर्चाएं तेज कर दी है ।

Wednesday, 31 March 2021

02:48

इम्वा के अनुरोध पर मृतक पत्रकारों के परिवार की मदद को आगे आया द हंस फाउंडेशन tap news india

नई दिल्ली, इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव निशाना ने कहा की दा हंस फाउंडेशन की प्रमुख माता मंगला जी से भेंट कर अनुरोध किया गया कि कोरोना जैसी महामारी या बीमारी के कारण हमारे कई पत्रकार दिल्ली, एनसीआर में शहीद हुए हैं ऐसे में सरकार की तरफ से मृतक पत्रकार के परिवार को कोई खास मदद नहीं मिल पाई है, अगर द हंस फाउंडेशन  मृतक पत्रकार के परिवार को एक लाख का सहयोग और उनके बच्चों की शिक्षा का खर्च दे दें तो उससे मृतक के परिवार को कुछ सहयोग मिल सकता है। पत्रकारों कि इस बात को माता मंगला जी ने मान लिया और जल्द ही मृतक पत्रकार के परिवार को यह 100000 का सहयोग दिए जाने की बात कही।
पत्रकारों से बात करते हुए राजीव निशाना ने कहा की अगर दिल्ली एनसीआर में पत्रकार कोरोना से शहीद हुए हों तो उनके परिवार का पता, नाम,और फोन नंबर की जानकारी 92666 12000 पर सेंड कर सकते हैं। आपको बता दें कोरोना काल में राजीव निशाना ने मीडिया कर्मियों तथा जिला पुलिस और जिला प्रशासन को मुफ्त खाद्द सामग्री, मास्क, तथा सेनेटाइजर, पीपी किट, जूस, पानी तथा कोल्ड ड्रिंक उपलब्ध कराई थी।

Thursday, 25 March 2021

04:11

मदरलैंड वॉइस के संपादक और प्रबंध संपादक को एक्सीलेंट इंडियन अवार्ड tap news india

नई दिल्ली, 25 मार्च ।, दिल्ली, हिंदी पत्रिका मायापुरी व लोटपोट परिवार की तरफ से आज हिंदी दैनिक मदरलैंड वॉइस के प्रबंध संपादक नरेंद्र भंडारी तथा संपादक श्री संजय कुमार उपाध्याय को  एक्सीलेंस इंडियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये सम्मान जनपथ स्थित ली मेरीडियन होटल में उत्तम नगर विधायक नरेश बालियान, वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र भंडारी, वरिष्ठ पत्रकार पी के बजाज ने दिया। 
    इस अवसर पर  आज एक्सीलेंस इंडियन अवार्ड में उत्तम नगर के एमएलए नरेश बाल्यान को  दिल्ली के बेस्ट एमएलए के अवार्ड द्वारा सम्मानित किया गया। नरेश बाल्यान के द्वारा कोरोना काल में किए गए कार्य में इन्होंने अपने क्षेत्र में क्षेत्रवासियों की सबसे ज्यादा सहायता की है। उत्तम नगर के एमएलए नरेश बाल्यान जी ने अपने क्षेत्र वासियों के सुख दुख में हमेशा साथ दिया है। अमित साहनी (सीनियर एडवोकेट), पी.के बजाज (सीनियर पत्रकार) ,नरेंद्र भंडारी (सीनियर पत्रकार )तीनों लोगों ने नरेश बालियान जी को बेस्ट एमएलए के अवार्ड से सम्मानित किया। इस मौके पर कई डॉक्टर  और  पत्रकारों को भी अवार्ड मिला।

Monday, 22 March 2021

05:57

AAP नेता संजय सिंह के जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

आज आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं सांसद माननीय संजय सिंह के जन्मदिन के अवसर पर आम आदमी पार्टी गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन के साथ जिले के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सांसद जी के दिल्ली आवास जाकर उन्हें जन्मदिन की बधाइयां दी।पदाधिकारियो ने सांसद जी को पुष्पगुच्छ भेट किया व भगवान गणेश की मूर्ति भेंट की। 

    जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालो में प्रदेश सचिव अशोक कमांडो,जिला महासचिव व पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम,जिला प्रवक्ता प्रो ए के सिंह, दादरी प्रभारी हरदीप भाटी,जेवर अध्यक्ष  मुकेश प्रधान,चिकित्सा प्रकोष्ठ के  जिलाध्यक्ष डॉ बी पी सिंह, युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राहुल सेठ,प्रदीप सुनाईया,हरिओम जादौन,पंकज अवाना ,प्रवीण धीमान,पूनम प्रधान,जतन भाटी, प्रमोद व रमन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


Saturday, 13 March 2021

09:19

वर्किग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया WJI दिल्ली यूनिट ने पत्रकारों की मांगो को लेकर नार्थ एमसीडी

नई दिल्ली, 13 मार्च 2021। देश का सबसे बड़ा पत्रकार संगठन वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया (WJI) की दिल्ली यूनिट ने आज पत्रकारों की लंबित तमाम मांगो को लेकर नार्थ एमसीडी महापौर जय प्रकाश जेपी को ज्ञापन दिया। 
ज्ञापन पर महापौर जय प्रकाश जेपी ने कहा की आपकी सभी मांगे जायज है जो निगम से संबंधित मांगे है हम उसको अपने संज्ञान में लेकर उचित कार्य करेंगे और जो हमारे अधिकार क्षेत्र में नही है उससे संबंधित जैसे केंद्रीय सुचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी को भेजेंगे जिससे पत्रकारों की समस्याओं का जल्द निराकरण हो सके
 जिसमे पत्रकारों से संबंधित मुख्य मांगे निम्न थी। दिल्ली के पत्रकारों के लिए दिल्ली में तीन प्रेस क्लब की स्थापना.पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना. दिल्ली के पत्रकारों के लिए नए वेलफेयर बोर्ड का गठन हो। दिल्ली मेट्रो में पत्रकारों को निःशुल्क यात्रा. वृद्ध पत्रकारों के लिए आजीवन पेंशन दिया जाए. ऑनलाइन मिडिया से जुड़े पत्रकारों को मान्यता दी जाए. पत्रकारों को केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आयुष्मान भारत ) से जोड़ा जाए  पत्रकारों को कोरोना योद्धा घोसित किया जाए और कोरोना काल के दौरान जो पत्रकार सहीद हुए है उनके परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 
एक करोड़ की राशि दी जाए. दिल्ली के सभी पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वेक्सीन लगाई जाए तथा दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा रियायती दर पर एक आवास योजना लाई जाए जिससे जिन पत्रकारों के पास घर नहीं है वह घर ले सकें.. ॅरप के ज्ञापन पर महापौर जय प्रकाश जेपी ने कहा की आपकी सभी मांगे जायज है जो निगम से संबंधित मांगे है हम उसको अपने संज्ञान में लेकर उचित कार्य करेंगे और जो हमारे अधिकार क्षेत्र में नही है उससे संबंधित जैसे केंद्रीय सुचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी को भेजेंगे जिससे पत्रकारों की समस्याओं का जल्द निराकरण हो सके
महापौर के अस्वाशन पर दिल्ली यूनिट उनका धन्यवाद करती है।
ज्ञापन, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा व महासचिव देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में दिया गया जिसमे दिल्ली यूनिट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदीप सिंह, उपाध्यक्ष प्रमोद गोस्वामी, कोषाध्यक्ष नरेंद्र धवन प्रचार सचिव संजय वर्मा, के अलवा अन्य सदस्य ईश मालिक धर्मेंद्र भदौरिया अशोक सक्सेना आदी मौजूद थे।
पत्रकार संजय वर्मा पर हुए हमले को वर्किग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया कड़ी निन्दा करती है। गौरतलब है कि शुक्रवार को पत्रकार संजय वर्मा, हिन्दू राव अस्पताल पर खबर करने के लिए गए थे, जहां तैनात वाउंसरों ने उनपर हामला किया। इस संर्दव में डब्लूजेआई दिल्ली प्रदेश इकाई ने महापौर जय प्रकाश से मुलाकात कर इसकी लिखित शिकायत की। महापौर ने शिकायत पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाइ करने की आसवाशन दिया। महापौर ने कहा कि पत्रकारों पर किसी प्रकार की हमले को कतई बर्दाशत नही किया जाएगा।

Saturday, 6 March 2021

20:44

केजरीवाल सरकार का बड़ा ऐलान:कैबिनेट में दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन को मंजूरी tap news india

tap news India deepak tiwari 
नई दिल्ली. दिल्ली की केजरीवाल सरकार की कैबिनेट ने शनिवार को दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 2021-22 के एकैडमिक ईयर में दिल्ली के 20-25 स्कूलों में इसमें शामिल किया जाएगा।
पिछले साल दो समितियों का गठन किया था
दिल्ली सरकार ने पिछले साल राज्य शिक्षा बोर्ड के गठन और पाठ्यक्रम सुधारों के लिए योजना एवं रूपरेखा तैयार करने के लिए दो समितियों का गठन किया था। इस पर चर्चा के बाद दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने खुद के शिक्षा बोर्ड को हरी झंडी दिखा दी।
प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर देंगे : केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में करीब एक हजार सरकारी और 1700 प्राइवेट स्कूल हैं। सभी सरकारी स्कूल और अधिकतर प्राइवेट स्कूलों फिलहाल CBSE बोर्ड से जुड़े हुए हैं। हम शुरुआत में कुछ स्कूलों में दिल्ली बोर्ड के तहत पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि इसमें रट्‌टा मारने नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों को दिल्ली बोर्ड से जोड़ा जाएगा, उनकी CBSE की मान्यता समाप्त हो जाएगी। प्रिंसिपल, टीचर्स और पैरेंट्स से बात करने के बाद ही स्कूलों का चयन किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 4-5 सालों में दिल्ली के सभी स्कूल इस बोर्ड से जुड़ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बोर्ड के लिए गवर्निंग बॉडी बनाई जाएगी। उसकी अध्यक्षता शिक्षा मंत्री करेंगे। इसके डे-टू-डे फंक्शन के लिए एक एग्जीक्यूटिव बॉडी भी होगी, जिसे CEO हेड करेंगे। दोनों ही बॉडी में इडंस्ट्री, एजुकेशन सेक्टर के एक्सपर्ट, सरकारी-निजी स्कूल के प्रिंसिपल और ब्यूरोक्रेट्स शामिल किए जाएंगे।
रोजगार के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे : केजरीवाल
उन्होंने कहा कि अब ऐसी एजुकेशन तैयार की जाएगी, जिससे पढ़ाई के बाद बच्चों को रोजगार के लिए धक्के ना खानी पड़े। आज पूरी शिक्षा तंत्र रटने पर जोर देता है, जिस बदलकर समझने पर जोर देना पड़ेगा।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राइवेट से बेहतर
उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के सरकारी स्कूलों के नतीजे 98% आने लगे हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से अच्छे आने लगे हैं। जो पैरेंट्स पहले सरकारी स्कूलों में बच्चों को नहीं भेजते थे, वे अपने बच्चों का भविष्य अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सुरक्षित मानते हैं। ऐसे में यह वक्त आ गया है कि अब यह तय किया जाए कि स्कूल में क्या पढ़ाया जा रहा है और क्यों पढ़ाया जा रहा है? इसलिए अब हमें ऐसे बच्चों को तैयार किए जाने की जरूरत है, जो देशभक्त हो और हर क्षेत्र की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने को तैयार हो।

Friday, 5 March 2021

17:15

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर जागरूकता अभियान

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर जागरूकता अभियान व पर्यावरण संरक्षण को लेकर संगठन निर्माण की दिशा में राष्ट्रीय स्तर की संस्था स्टैंड विथ नेचर की राजस्थान प्रदेश इकाई का हुआ गठन।
स्टैंड विथ नेचर राजस्थान में पर्यावरण की बेहतरी के लिए और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश भिवानी की अध्यक्षता में जनजागरण अभियान को समर्पित युवाओ की एक राज्य स्तरीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें  मुकेश अॉलराउण्डर को अध्यक्ष , शबनम अज़हरी बनेड़ा को उपाध्यक्ष, प्रकाश सैनी सचिव और मयंक जानी कोषाध्यक्ष और राकेश कुमार त्रिपाठी को राज्य कार्यकारिणी  सदस्य मनोनीत किया गया है।
टीम की राज्य इकाई की उपाध्यक्ष श्रीमती शबनम अज़हरी ने बताया की कमिटी का मुख्य उद्देश्य आने वाले दिनों पूरे राज्य में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे पर जनजागरण अभियान चलाना है। विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर राज्य के स्कूलों और कॉलेज में जा कर युवाओं को पर्यावरण के मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा।
17:06

75 साल की दादी मां का जोरदार पंच:tap news india

tap news India deepak tiwari 
बॉक्सिंग रिंग में पंच करती ये दादी मां 75 साल की नैंसी स्ट्रेटन हैं। इन्हें पार्किंसंस बीमारी है। उन्हें पता चला था कि बॉक्सिंग के पंच से इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। इसलिए पिछले 6 सालों से वे पंचिंग कर रही हैं। शाइनी ग्लव्स और पर्पल स्नीकर्स पहनकर जब वे बॉक्सिंग रिंग में दिखती हैं तो लोग हैरान रह जाते हैं। टर्की में रहने वाली नैंसी हफ्ते में तीन दिन बॉक्सिंग करती हैं। वे मेडिटेरियन प्रोविंस के एंटाल्या में रहती हैं। नैंसी को जिम ट्रेनर ये बता चुके हैं कि बॉक्सिंग करने से पार्किंसंस पूरी तरह खत्म नहीं होता लेकिन इसके असर को कम किया जा सकता है।
नैंसी ने बताया कि जब मैं पहली बार बॉक्सिंग रिंग में उतरी तो लोगों को यह देखकर आश्चर्य हो रहा था कि एक ऐसी उम्रदराज महिला जिसके दांत भी नहीं है, वह यहां दिख रही है। इससे पहले इतनी उम्र की किसी महिला को बॉक्सिंग करते हुए नहीं देखा गया। इस्तांबुल के मेडिकल हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट गेसू कार्लिकाया के अनुसार, वैसे भी पार्किंसंस पर हुए विभिन्न शोधों में यह पाया गया है कि बॉक्सिंग दिमाग को हेल्दी रखने में मदद करती है। इसकी वजह से पार्किंसंस का असर कम होता है।

Thursday, 4 March 2021

17:55

यात्रियों को चांद पर फ्री में ले जाएंगे जापानी अरबपति युसाकू मेजावा स्पेस फ्लाइट की 8 सीटें खरीदी

news India deepak tiwari 
टोक्यो. एलन मस्क की 2023 में चांद पर जानी वाली स्पेसएक्स फ्लाइट के लिए जापान के अरबपति युसाकू मेजावा ने आम लोगों से नाम मांगे हैं। बकौल युसाकू, उन्होंने फ्लाइट की 8 सीटें खरीद लीं हैं, जिसमें वह चुने हुए लोगों को साथ ले जाना चाहते हैं।
जापान के फैशन टायकून युसाकू ने सोशल मीडिया पर एक लिंक भी शेयर किया है, जिसमें आवेदन की तमाम जानकारियां हैं। उन्होंने कहा है- ‘मैं चाहता हूं कि सभी प्रकार के बैकग्राउंड से लोग इस ट्रिप का हिस्सा बनें।’
युसाकू ने कहा है कि वे सभी लोगों की यात्रा के लिए भुगतान करेंगे। युसाकू के मुताबिक, ‘आवेदकों को दो मानदंड पूरे करने होंगे। वे जिस काम में भी हैं, उसे इस तरह आगे बढ़ाना होगा जिससे समाज और दूसरे लोगों की मदद हो सके।
साथ ही उन्हें अन्य सदस्यों का भी समर्थन करना होगा, जो समान आकांक्षाओं को रखते हैं।’ बता दें 2018 में युसाकू ने घोषणा की थी कि वे टिकट खरीदने वाले पहले प्राइवेट पैसेंजर हैं। हालांकि उन्होंने कितना भुगतान किया, ये नहीं बताया।
17:49

इस साल हज पर जाने से पहले वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना पड़ सकता है, सऊदी सरकार कर रही है विचार deepak tiwari

नई दिल्ली इस साल हज पर जाने से पहले वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना पड़ सकता है, सऊदी सरकार कर रही है विचार
रियाद. Tap news India deepak tiwari इस साल हज यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को कुछ सख्त नियमों का पालन करना पड़ेगा। इनमें से एक वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी है। सऊदी अरब के अखबार ओकाज ने सऊदी हेल्थ मिनिस्टर के हवाले से यह जानकारी दी है। मिनिस्टर के मुताबिक- इस साल हज यात्रा पर आने वाले सभी लोगों के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट मेंडेटरी किया जा सकता है। हमारी सरकार इस पर विचार कर रही है। जल्द ही इस बारे में फैसला लिया जा सकता है।
जुलाई के पहले नियमों का ऐलान होगा
सऊदी हेल्थ मिनिस्टर तौफीक अल राबिया ने कहा- हज यात्रा के इंतजामों के लिए कमेटी बनाई गई है। हज यात्रियों के वैक्सीनेशन को मेंडेटरी बनाने पर विचार किया जा रहा है। जुलाई के पहले नए नियमों का ऐलान किया जा सकता है। इस बारे में संबंधित स्टाफ को भी गाइडलाइन्स जारी की जाएंगी।
मक्का और मदीना के एंट्री पॉइंट्स पर हेल्थ वर्कर्स भी तैनात रहेंगे। मक्का और मदीना में ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए भी वैक्सीनेशन मेंडेटरी होगा। वैक्सीनेशन के बाद ही इनकी पोस्टिंग इन जगहों पर की जाएगी। सऊदी सरकार इस साल के आखिर तक अपनी 70% आबादी को वैक्सीनेट करने जा रही है। इसकी योजना पहले ही बनाई जा चुकी है।
20 लाख से ज्यादा लोग आएंगे
इस साल महामारी की वजह से हज यात्रा पर कम लोग आ सकते हैं। आमतौर पर हर साल यहां 20 लाख से ज्यादा हज यात्री आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी सरकार इस साल कम यात्रियों को हज की मंजूरी देगी। पिछले साल मार्च में उमरा की रस्म सस्पेंड कर दी गई है। हालांकि, बाद में इसे सख्त गाइडलाइन्स के साथ मंजूरी दे दी। पिछले साल अक्टूबर से अब तक करीब पांच लाख लोग इन पवित्र स्थलों पर आ चुके हैं, लेकिन संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया।
देश में वैक्सीनेशन तेज
सऊदी हेल्थ मिनिस्ट्री ने मंगलवार को जारी बयान में कहा- अब तक 8 लाख 85 हजार लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है। देश में वैक्सीनेशन को आसान बनाने के लिए 259 सेंटर्स बनाए गए हैं। वैक्सीनेशन के लिए एक ऐप बनाया गया है। इस पर रजिस्ट्रेशन के बाद वैक्सीनेशन की डेट दी जाती है। मंगलवार को देश में 302 मामले सामने आए। इसी दौरान पांच संक्रमितों की मौत भी हो गई। देश में मंगलवार को संक्रमितों का आंकड़ा 3 लाख 78 हजार हो गया।

Wednesday, 3 March 2021

17:05

दिल्ली MCD के 5 वार्डों के उपचुनाव में AAP की 4 वार्डों में जीत, भाजपा जीरो

deepak tiwari 
नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम (MCD) के 5 वार्डों के उपचुनावों ने नतीजे आ गए हैं। ये वार्ड 62N (शालीमार बाग नॉर्थ), 8-E (कल्याणपुरी), 2-E (त्रिलोकपुरी), 32N (रोहिणी-सी) और 41-E (चौहान बांगड़) हैं। इनमें से 4 वार्डों में AAP प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। सिर्फ एक वार्ड (चौहान बांगड) कांग्रेस के खाते में गया है, जबकि भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई।
कल्याणपुरी से AAP के धीरेंद्र कुमार 7,259 वोटों से जीते हैं, उनका मुकाबला भाजपा के सियाराम से था। शालीमार बाग नॉर्थ से AAP की सुनीता मिश्रा ने 2,705 वोटों से जीत दर्ज की। सिर्फ एक वार्ड चौहान बांगड से कांग्रेस के जुबैर अहमद जीते हैं। उन्होंने AAP के इशराक खान खो 10,642 वोटों से हराया। त्रिलोकपुरी में AAP के विजय कुमार ने भाजपा के ओम प्रकाश को 4,986 वोटों से मात दी। वहीं रोहिणी-सी से AAP के राम चंद्र ने भाजपा के राकेश गोयल को 2,985 वोटों से हराया।
मनीष सिसोदिया ने कहा- भाजपा से जनता दुखी
उपचुनाव में जीत पर दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने AAP के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'बीजेपी के शासन से दिल्ली की जनता अब दुखी हो चुकी है। अगले साल होने वाले MCD चुनाव में जनता अरविंद केजरीवाल जी की ईमानदार और काम करने वाली राजनीति को लेकर आएगी।'
28 फरवरी को हुई थी वोटिंग
इन वार्डों के लिए AAP, भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला था। इनमें से 4 में पहले भी AAP के पार्षद थे। सिर्फ शालीमार बाग नॉर्थ भाजपा के कब्जे में था। इन वार्डों के उपचुनाव के लिए 28 फरवरी को मतदान हुआ था। इस दौरान 50.86% से ज्यादा वोटिंग हुई थी। सबसे ज्यादा (59.19%) वोटिंग कल्याणपुरी वार्ड में हुई थी। सबसे कम (43.23%) शालीमार बाग नॉर्थ वार्ड में हुई थी।

इस उपचुनाव को अगले साल होने वाले MCD चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी से लेकर भाजपा और कांग्रेस ने इसमें पूरी ताकत झोंक दी थी। AAP की तरफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद प्रचार की कमान संभाली थी।
17:02

राष्ट्रपति कोविंद ने लगवाया दिल्ली में टीका

tap news India deepak tiwari 
नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को दिल्ली के RR हॉस्पिटल में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लिया। उनके साथ उनकी बेटी भी मौजूद थीं। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी गई। राष्ट्रपति ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टर्स और नर्स को धन्यवाद भी कहा।
इस बीच, वैक्सीनेशन सेंटर पर टीका लगवाने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी है। नागपुर से कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आई। यहां 45 साल से अधिक उम्र के बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन सेंटर पर लाइन में खड़े दिखे। इनमें कुछ लोगों ने पहले से रजिस्ट्रेशन करा रखा था, तो बहुत सारे लोग मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे थे।
15 राज्यों में पॉजिटिविटी रेट 5% से भी ज्यादा
देश में कोरोना मरीजों के मिलने की रफ्तार लगातार तेज होते जा रही है। 15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां, पॉजिटिविटी रेट यानी मरीजों के मिलने की रफ्तार 5% से ज्यादा है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 13.2% पॉजिटिविटी रेट है। इसके अलावा गोवा में 11.1%, नगालैंड में 9.3% और केरल में 9.2% की रफ्तार से संक्रमितों की पहचान हो रही है।
डेथ रेट की बात करें तो पंजाब इस मामले में सबसे आगे है। यहां हर 100 कोरोना मरीजों में लगभग तीन लोग जान गंवा रहे हैं। डेथ रेट यहां देश में सबसे ज्यादा 3.2% है। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में 2.4% की रफ्तार से लोग जान गंवा रहे हैं। सिक्किम में 2.2% और पश्चिम बंगाल में 1.8% डेथ रेट रिकॉर्ड की गई है।
बिहार समेत 5 राज्यों में 99% से ज्यादा रिकवरी
कोरोना मरीजों में तेजी के बीच एक राहत की खबर है। देश में 5 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे भी हैं, जहां 99% से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। इनमें बिहार, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश है। सबसे ज्यादा 99.7% मरीज अरुणाचल प्रदेश में ठीक हो चुके हैं।
24 घंटे में 14 हजार से ज्यादा मरीज मिले
मंगलवार को देशभर में 14 हजार 997 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 13 हजार 113 लोग रिकवर हुए और 98 की मौत हो गई। अब तक यहां 1 करोड़ 11 लाख 39 हजार से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 8 लाख लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 57 हजार 385 मरीजों की मौत हो गई। 1 लाख 67 हजार 183 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।
कोरोना अपडेट्स
हरियाणा के करनाल में एक स्कूल के हॉस्टल में 54 स्टूडेंट कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। करनाल के सिविल सर्जन योगेश कुमार शर्मा ने मंगलवार को बताया कि हमारी टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। हॉस्टल को कंटेनमेंट जोन बना दिया गया है।
एक सर्वे में सामने आया है कि भारतीय महिलाएं कोरोना की वैक्सीन पर ज्यादा भरोसा करती हैं। भारत के अलावा फिलीपींस और कुछ लैटिन अमेरिकी देशों में रहने वाली महिलाओं ने कोरोना की वैक्सीन पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है। यह सर्वे 16 देशों में गर्भवती महिलाओं के बीच कराया गया था। इसमें उन महिलाओं को भी शामिल किया गया, जिनके 18 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। इन महिलाओं ने अपने बच्चों को भी वैक्सीन लगवाने पर सहमति दिखाई। यह सर्वे हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की ओर से कराया गया था।
मध्यप्रदेश के खंडवा से भाजपा के सांसद नंद कुमार सिंह चौहान का मंगलवार को निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद 5 फरवरी को उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
6 राज्यों के हाल
1. महाराष्ट्र
राज्य में मंगलवार को 7,863 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 6332 लोग रिकवर हुए और 54 की मौत हो गई। अब तक यहां 21 लाख 69 हजार 330 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 20 लाख 36 हजार 790 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 52 हजार 238 मरीजों की माौत हो गई। 79 हजार 93 मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
2. केरल
मंगलवार को राज्य में 2,938 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 3512 लोग रिकवर हुए और 16 की मौत हो गई। अब तक 10 लाख 64 हजार 280 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 10 लाख 12 हजार 484 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4227 मरीजों की मौत हो गई। 47 हजार 274 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।
3. मध्यप्रदेश
राज्य में मंगलवार को 331 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 259 लोग रिकवर हुए। अब तक 2 लाख 62 हजार 433 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2 लाख 55 हजार 595 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 3865 मरीजों की मौत हो गई। 2973 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।
4. राजस्थान
राज्य में मंगलवार को 102 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 66 लोग रिकवर हुए। अब तक यहां 3 लाख 20 हजार 557 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3 लाख 26 हजार 430 लोग ऐसे हैं जो ठीक हो चुके हैं। 2787 मरीजों की मौत हो गई। 1340 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है।
5. गुजरात
राज्य में मंगलवार को 454 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 361 लोग रिकवर हुए। अब तक 2 लाख 70 हजार 770 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 2 लाख 63 हजार 837 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4411 मरीजों की जान चली गई। 2522 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है।
6. दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को 217 नए कोरोना मरीजों की पहचान हुई। 78 लोग रिकवर हुए। अब तक 6 लाख 39 हजार 681 मरीजों की पहचान हो चुकी है। इनमें 6 लाख 27 हजार 227 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 10 हजार 911 मरीजों की मौत हो गई। अभी 1543 मरीजों का इलाज चल रहा है।
16:59

फारुख अब्दुल्ला के खिलाफ PIL खारिज:सुप्रीम कोर्ट ने कहा सरकार की राय से अलग विचार रखना राजद्रोह नहीं

tap news India deepak tiwari 
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार की राय से अलग विचारों को राजद्रोह नहीं कहा जा सकता। जस्टिस किशन कौल और हेमंत गुप्ता की बेंच ने यह कमेंट जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) को खारिज करते हुए किया। यह PIL जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के खिलाफ अब्दुल्ला के बयानों को लेकर दायर की गई थी।
पिटीशन में कहा गया था कि अब्दुल्ला ने देश के खिलाफ बयान दिया, इसलिए उनकी संसद सदस्यता रद्द की जाए। अगर उनकी सदस्यता जारी रहेगी तो यह मैसेज जाएगा कि भारत में देश-विरोधी गतिविधियों को इजाजत दी जाती है और यह देश की एकता के खिलाफ होगा।
पिटीशनर्स का दावा- अब्दुल्ला ने चीन से मदद लेने की बात कही थी
कोर्ट ने अब्दुल्ला के खिलाफ दायर अर्जी खारिज करने के साथ ही पिटीशनर्स पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पिटीशनर रजत शर्मा और नेह श्रीवास्तव फारुख अब्दुल्ला के खिलाफ कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि अब्दुल्ला ने धारा 370 हटाने के खिलाफ चीन और पाकिस्तान से मदद मांगने की बात कही थी।
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि फारुख अब्दुल्ला ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि चीन की मदद से कश्मीर में धारा 370 फिर से लागू की जाएगी। हालांकि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने इस दावे को खारिज किया था।
फारुख अब्दुल्ला श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद हैं। 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद केंद्र सरकार ने फारुख अब्दुल्ला को उनके घर में ही नजरबंद कर दिया था। फारुख अब्दुल्ला 13 मार्च 2020 तक घर में ही कैद रहे थे। उनके बेटे उमर अब्दुल्ला समेत नेशनल कॉन्फ्रेंस के दूसरे नेताओं को भी नजरबंद किया गया था।

Tuesday, 2 March 2021

17:13

चुनावी राज्यों में BJP का खेल बिगाड़ने जाएंगे किसान नेता

tap news India deepak tiwari 
नई दिल्ली.नए कृषि कानूनों के खिलाफ 3 महीने से ज्यादा वक्त से आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने अब चुनावी राज्यों में BJP का खेल बिगाड़ने का फैसला लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि वह किसान नेताओं को चुनाव वाले राज्यों में भेजेगा, ताकि वहां के किसानों से भाजपा को हराने की अपील की जा सके।
इसके अलावा आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर किसान 6 मार्च को कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे को भी जाम करेंगे। 8 मार्च को महिला दिवस पर महिला प्रदर्शनकारी दिल्ली की सीमाओं सहित दूसरी जगहों पर प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी।
12 मार्च को कोलकाता में रैली
किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि एक्सप्रेसवे को 5 घंटे के लिए अलग-अलग जगह जाम किया जाएगा। संगठन के नेता 12 मार्च को कोलकाता में एक रैली करेंगे। यादव ने कहा कि हमारे नेता कर्नाटक भी जाएंगे। वहां किसानों को फसलों पर MSP से कम से कम 1000 रुपये कम मिल रहे हैं।
किसी के लिए वोट नहीं मांगेंगे
एक और किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हमारी टीमें भाजपा को हराने के लिए किसानों से अपील करेंगी। इसके लिए वे पश्चिम बंगाल और केरल सहित चुनावी राज्यों का दौरा करेंगी।
राजेवाल ने कहा कि हम किसी पार्टी के लिए वोट नहीं मांगेंगे। हम लोगों से उन उम्मीदवारों के लिए वोट देने की अपील करेंगे, जो भाजपा को हरा सकते हैं।
टिकैत बोले- अपना गेहूं लेकर दिल्ली निकलो, पार्लियामेंट से पहले किसी ने रोका तो उसे MSP पर अनाज खरीदना पड़ेगा
झुंझुनूं. कृषि कानून के विरोध में किसान नेता राकेश टिकैत ने मंगलवार को राजस्थान के झुंझुनूं में किसान महापंचायत की। टिकैट ने यहां किसानों से कहा कि राजस्थान का गेहूं सबसे पहले मार्केट में आएगा। सरकार को MSP देनी होगी। अगर आपको MSP नहीं मिले तो अपना गेहूं भरकर दिल्ली पहुंच जाओ। अगर दिल्ली में कोई आपको रोकता है तो उसे MSP पर गेहूं खरीदना पड़ेगा। क्योंकि, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसान देश में कहीं भी अनाज बेच सकते हैं। ऐसा थोड़ी न कहा है कि दिल्ली में नहीं बेच सकते हैं। दिल्ली की मंडी सबसे बढ़ियां है। सभी अपना अनाज भरकर दिल्ली चलो।
टिकैट के भाषण की खास बातें...
टिकैत ने कहा- दिल्ली में लड़ाई चल रही है। अब लड़ाई यहां भी शुरू करनी पड़ेगी। सीधी बात है जो तीनों कानून लेकर आए हैं। उसे रद्द कर दो। MSP पर कानून बना दो। कल आगरा में किसान गेहूं मंडी में लेकर गया। वहां व्यापारियों ने 1600 रुपए क्विंटल खरीदने की बात कही। उसने कहा- MSP का रेट 1975 रुपए है। उससे कम पर नहीं बेचूंगा। साथ ही मंडी भी नहीं चलने दूंगा। सारे अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसका गेंहू 1975 रुपए में बिका।
झुंझुनूं तो क्रांतिकारियों का जिला है। कई शहीद हुए जिन्होंने सामंतवादी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन चलाया। आपको निकलना पड़ेगा। ये मोर्चे बंदी तोड़नी पड़ेगी, नहीं तो दिल्ली सरकार सुनने वाली नहीं है। अबकी बार भी मोर्चा बंदी नहीं टूटी। अबकी बार भी MSP नहीं मिली तो बच्चे हमें माफ नहीं करेंगे। अगर आंदोलन फेल हुआ तो देश का किसान फेल होगा।
ये (सरकार) कहते हैं कि छोटा किसान तो खेत में है। बड़ा किसान आंदोलन में है। अब ये लोग छोटे और बड़े किसान को बांटने में लगे हैं। हमने कहा कि MSP से छोटे किसान को सबसे ज्यादा लाभ होगा। इनके बहकावे में मत आना। ये रोज नए फॉर्मूले लेकर आ रहे हैं। ये लुटेरे हैं, इन्हें भगाना पड़ेगा।
सरकार सोच रही है कि किसान अपने खेत में काम करने जाएगा तो आंदोलन खत्म हो जाएगा। वो कह रहे हैं कि अप्रैल में आंदोलन अपने आप थम जाएगा। सरकार के साथ लड़ाई लंबी चलेगी। अपके खाने का सामान वहीं पर है। कुछ साथ लेकर आ जाना। आटे-दाल पर ही पूरा आंदोलन चल रहा है। तीनों कानूनों की वापसी के बिना किसान घर नहीं जाएगा।

Monday, 1 March 2021

18:53

WHO ने कहा- विश्व में 10% से कम लोगों में एंटीबॉडी डेवलप हुई अमेरिका में CDC ने भी जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को मंजूरी दी

tap news India deepak tiwri
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने कहा कि दुनिया में 10% से भी कम लोगों में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी डेवलप हो पाई है। चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि सिर्फ वैक्सीनेशन के जरिए ही हम ज्यादा से ज्यादा लोगों में हर्ड इम्यूनिटी डेवलप कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा वक्त में लगाई जा रही वैक्सीन कोरोना के सीवियर केसों पर कारगर साबित हो रही है। माइल्ड डिसीज और बिना लक्षण वाले संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन कितनी असरदार है, इस पर स्टडी की जा रही है,वहीं अमेरिका में सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) एडवायजरी कमेटी ने जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वैक्सीन 'जैनसेन' को मंजूरी दे दी है। CDC के मुताबिक, अमेरिका में जैनसन वैक्सीन 18 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों को दी जा सकती है। CDC डायरेक्टर रोशेले वालेंस्की ने इसका ऐलान करते हुए बताया कि जैसे ही हमें वैक्सीन की डोज मिलनी शुरू हो जाएगी, हम इससे वैक्सीनेशन शुरू कर देंगे। वैक्सीनेशन प्रैक्टिस पर बनाई गई एडवाइजरी कमेटी ने इस वैक्सीन के समर्थन में 12-0 से वोट किया। वालेंस्की ने इसे महामारी के खात्मे के लिए एक और माइलस्टोन बताया।
नेपाल के आर्मी चीफ ने भारत में बनी वैक्सीन का पहला डोज लिया
नेपाल के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ पूर्ण चंद्र थापा ने सोमवार को भारत में बनी कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लिया। पिछले महीने ही भारत की ओर से 10 लाख टीके की दूसरी खेप नेपाल भेजी गई थी।
इस वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने डेवलप किया है। भारत में इसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोवीशील्ड के नाम से बना रहा है। वैक्सीन मैत्री पहल के तहत भारत अपने पड़ोसी देशों को टीके उपलब्ध करा रहा है।
नेपाल ने 10 लाख डोज की पहली खेप मिलने के बाद पूरे देश में हेल्थ वर्कर्स का वैक्सीनेशन शुरू कर दिया था। उसने जनवरी में कोवीशील्ड को इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूवल दिया था। दूसरी खेप में मिली वैक्सीन 60 साल से ऊपर के लोगों को दी जाएगी। नेपाल में इनकी आबादी 8.73% है। इन्हें 7 मार्च से टीका लगाया जाएगा।
शनिवार को मिला था जैनसेन को अप्रूवल
अमेरिका ने शनिवार को जॉनसन एंड जॉनसन की कोरोना वैक्सीन 'जैनसेन' को इमरजेंसी अप्रूवल दिया था। मॉडर्ना और फाइजर के बाद देश में अप्रूवल पाने वाली यह तीसरी वैक्सीन है। CNN के मुताबिक, यह अमेरिका की पहली सिंगल डोज वैक्सीन है। व्हाइट हाउस के सीनियर ऑफिसर एंडी स्लाविट ने सोशल मीडिया पर कहा था कि तीसरी सेफ और इफेक्टिव वैक्सीन का आना बहुत अच्छी खबर है।
इस वैक्सीन का ट्रायल अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के 44 हजार से ज्यादा लोगों पर किया गया था। US फूड एंड ड्रग रेगुलेटरी एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के मुताबिक, यह वैक्सीन कोरोना के मॉडरेट और क्रिटिकल मरीजों को दी गई। इस दौरान यह 66.1% इफेक्टिव रही।
ब्रिटेन पहुंचा ब्राजील वाला कोरोना वैरिएंट
ब्राजील में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन के मामले अब ब्रिटेन में मिलने लगे हैं। रविवार को यहां कोरोना के इस वैरिएंट के 6 मामले सामने के आने के बार हेल्थ अथॉरिटी हरकत में आ गई है। इनमें से 3 मामले इंग्लैंड और 3 मामले स्कॉटलैंड में पाए गए हैं।
फ्रांस में भी बढ़ रहे केस
फ्रांस में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 19,952 मामले सामने आए हैं। इस दौरान 122 संक्रमितों की मौत भी हुई। फ्रांस में अब तक कुल 37 लाख 55 हजार 968 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। महामारी से अब तक कुल 86,454 लोगों की जानें भी गईं हैं। पब्लिक हेल्थ एजेंसी के मुताबिक, पिछले 7 दिनों में यहां करीब 10 हजार संक्रमितों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इनमें 1871 लोग वेंटिलेटर्स पर हैं।
कुल मरीज 11.46 करोड़ से ज्यादा
दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 11.46 करोड़ से ज्यादा हो गया। 9 करोड़ 2 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 25 लाख 42 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं।
18:49

ग्वालियर से फिर उड़े एयरफोर्स के मिराज और सुखोई, 615 किमी दूर पोकरण में टारगेट को तबाह किया

दीपक तिवारी स्टेट रिपोर्टर व प्रभारी
जोधपुर.बालाकोट एयर स्ट्राइक के 2 साल पूरे होने पर वायुसेना (IAF) के मिराज और सुखोई फाइटर एक बार फिर गरजे। इस बार टारगेट था राजस्थान के पोकरण में बने बंकर। ये बंकर ठीक वैसे ही थे, जिन्हें बालाकोट में पाकिस्तानी आतंकवादी पनाह लेने के लिए इस्तेमाल करते हैं। मिराज ने लॉन्ग रेंज स्ट्राइक एक्सरसाइज में सटीक निशाना लगाया और टारगेट को तबाह कर दिया।
शनिवार को IAF के अपग्रेडेड मिराज 2000 और सुखोई 30 MKI फाइटर जेट के स्क्वाड्रन ने ग्वालियर के महाराजपुर एयरबेस से उड़ान भरी थी। टारगेट यहां से 615 किलोमीटर दूर पोकरण में थे। मिराज ने उन्हीं स्पाइस बमों से टारगेट हिट किया, जिनसे बालाकोट में आतंकी ठिकाने तबाह किए गए थे। जानकारी के मुताबिक, इस मिशन में 3 मिराज और 2 सुखोई फाइटर जेट शामिल थे।
एयरफोर्स चीफ ने भी मिराज में उड़ान भरी
महाराजपुर से मिराज फाइटर उसी फॉर्मेशन में उड़े, जिसे बालाकोट स्ट्राइक के दौरान अपनाया गया था। इस मौके पर वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया भी महाराजपुर एयरबेस पहुंचे। वे एयर स्ट्राइक में शामिल पायलट्स से मिले और उसके बाद मिराज में उड़ान भरी।
इसलिए किया गया पोकरण का चुनाव
सड़क के रास्ते ग्वालियर से पोकरण की दूरी 812 किलोमीटर है, जबकि एयर डिस्टेंस करीब 615 किलोमीटर है। बालाकोट स्ट्राइक के लिए भी IAF के फाइटर्स ने करीब इतनी ही दूरी तय की थी। जैसलमेर में पोकरण के चांदण में एयरफोर्स की फायरिंग रेंज है। यहां पर 6 टारगेट तैयार किए गए। एयरफोर्स के फाइटर्स ने शनिवार को इनमें से 5 पर बम गिराकर इन्हें तबाह कर दिया।
पुलवामा हमले के जवाब में हुई थी बालाकोट स्ट्राइक
एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने 26 फरवरी 2019 को नियंत्रण रेखा के पार जाकर बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। ये कार्रवाई पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमले के जवाब में की गई थी। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में लश्कर के आतंकियों ने 14 फरवरी 2019 को CRPF की बस से विस्फोटकों से भरी SUV टकरा दी थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

Thursday, 25 February 2021

16:14

भारत भेजा जाएगा नीरव मोदी deepak tiwari

tap news India deepak tiwari 
लंदन. PNB घोटाले में वॉन्टेड हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन की कोर्ट में गुरुवार को आखिरी सुनवाई हुई। इसमें कोर्ट ने नीरव को भारत भेजने की मंजूरी दे दी। लंदन में वर्चुअल हियरिंग के बाद जज सेमुअल गूजी ने कहा कि नीरव मोदी को भारत में चल रहे केस में जवाब देना होगा। उन्होंने माना कि नीरव मोदी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। 2 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद यह फैसला आया है।
जज ने कहा कि नीरव मोदी को भारत भेजा जाता है तो ऐसा नहीं है कि उन्हें वहां इंसाफ न मिले। कोर्ट ने नीरव मोदी की मानसिक स्थिति ठीक न होने की दलील भी खारिज कर दी है। कहा कि ऐसा नहीं लगता उन्हें ऐसी कोई परेशानी है। कोर्ट ने मुंबई की ऑर्थर रोड जेल की बैरक नंबर-12 को नीरव के लिए फिट बताया। साथ ही कहा कि भारत प्रत्यर्पण होने पर भी उन्हें इंसाफ मिलेगा। 19 मार्च, 2019 को गिरफ्तार किए गए नीरव मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग, सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को डराने की साजिश रचने का आरोप है।
मुंबई की जेल लंदन की सेल से कहीं बेहतर
भारत में जेल के माहौल और मेडिकल अरेंजमेंट्स पर अदालत ने कहा मुंबई की आर्थर रोड जेल लंदन में नीरव की अभी की सेल से कहीं बेहतर दिखती है। दरअसल, नीरव के वकीलों ने दलील दी थी कि कोरोना के बाद के हालात और भारत में जेलों की खराब हालत के कारण उनकी दिमागी हालत पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने ये दोनों बातें नकार दीं।
प्रत्यर्पण को लेकर अब आगे क्या?
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 14 हजार करोड़ से भी अधिक के लोन की धोखाधड़ी का आरोपी नीरव इस समय लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है। लंदन कोर्ट में जज सेमुअल गूजी के फैसले के बाद मामला अब ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के पास जाएगा। प्रत्यर्पण को लेकर कोर्ट के फैसले पर गृह मंत्री प्रीति पटेल आखिरी मोहर लगाएंगी।
हालांकि, नीरव के पास अभी हाईकोर्ट में अपील करने का रास्ता खुला है। अगर वे हाईकोर्ट नहीं जाते हैं और गृह मंत्री प्रत्यर्पण की इजाजत दे देती हैं तो नीरव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस मामले में भारत की होम मिनिस्ट्री का कहना है कि नीरव मोदी के जल्द प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन के अफसरों के साथ संपर्क किया जाएगा।
नीरव ने हाईकोर्ट में अपील की तो क्या होगा?
1. भारतीय जांच एजेंसियों को कोर्ट में साबित करना होगा कि माल्या पर लगे आरोप ब्रिटेन के कानून के तहत भी अपराध हैं।
2. अगर आरोप साबित होते हैं तो हाईकोर्ट नीरव के प्रत्यर्पण का ऑर्डर दे सकता है।
3. हाईकोर्ट यह भी देखेगा कि क्या नीरव के प्रत्यर्पण से ह्यूमन राइट्स का वॉयलेशन तो नहीं होगा।
4. ऐसे में नीरव को भारत लाने में भारतीय एजेंसियों को कम से कम 10 से 12 महीने का वक्त लग सकता है।
वकीलों ने नीरव को मानसिक रूप से बीमार बताया था
इससे पहले वकीलों ने दावा किया कि नीरव मोदी मानसिक रूप से बीमार है। साथ ही उन्होंने भारत की जेल में सुविधाएं न होने के दावे किए। भारतीय एजेंसियों की ओर से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) मामले की पैरवी कर रहा है। CPS की बैरिस्टर हेलन मैल्कम ने कहा था कि मामला बिल्कुल स्पष्ट है। नीरव ने तीन पार्टनर वाली अपनी कंपनी के जरिये अरबों रुपए का बैंक घोटाला किया। जबकि बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि मामला विवादित है। नीरव मोदी पर गलत आरोप लगाए गए हैं।
14 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक लोन धोखाधड़ी का आरोपी
नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में करीब 14 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक के लोन की धोखाधड़ी की। यह धोखाधड़ी गारंटी पत्र के जरिए की गई। उस पर भारत में बैंक घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दो प्रमुख मामले CBI और ED ने दर्ज ‍किए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य मामले भी उसके खिलाफ भारत में दर्ज हैं। नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में चुनौती दी थी।
19 मार्च 2019 से जेल में है नीरव
नीरव मोदी 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार होने के बाद से जेल में है। उसने कई बार जमानत हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार उसकी याचिका खारिज हो गई, क्योंकि उसके फरार होने का जोखिम है।
16:11

डिजिटल मीडिया गाइडलाइन को समझिए:tap news India deepak tiwari

नई दिल्ली.डिजिटल मीडिया के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन का सबसे बड़ा फायदा उन यूजर्स को मिलने जा रहा है, जिनकी सोशल मीडिया या OTT के खिलाफ शिकायतें अब तक नहीं सुनी जाती थीं। सबसे ज्यादा नकेल बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों पर कसी गई है। उन्हें गाइडलाइन पर अमल के लिए तीन महीने का वक्त मिला है। हालांकि, सरकार इस सवाल का जवाब टाल गई कि गंभीर आपत्तिजनक कंटेंट के मामलों में जेल किसे होगी? यूजर को या सोशल मीडिया को?
सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि इस गाइडलाइन की जरूरत क्यों पड़ी, इसमें यूजर्स और कंपनियों के लिए क्या है और सरकार क्या करने वाली है...
मामला 2018 से शुरू हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन बनाने को कहा
इस मामले की शुरुआत 11 दिसंबर 2018 से हुई, जब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि वह चाइल्ड पोर्नोग्राफी, रेप, गैंगरेप से जुड़े कंटेंट को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाने के लिए जरूरी गाइडलाइन बनाए। सरकार ने 24 दिसंबर 2018 को ड्राफ्ट तैयार किया। इस पर 177 कमेंट्स आए।
किसान आंदोलन के बाद गाइडलाइन का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया
सोशल मीडिया में फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के इस्तेमाल बनाम गलत इस्तेमाल को लेकर लंबे वक्त से डिबेट चल रही थी। इस मामले में अहम मोड़ किसान आंदोलन के वक्त से आया। 26 जनवरी को जब लाल किले पर हिंसा हुई तो सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती बरती।
सरकार का कहना था कि अगर अमेरिका में कैपिटल हिल पर अटैक होता है तो सोशल मीडिया पुलिस कार्रवाई का समर्थन करता है। अगर भारत में लाल किले पर हमला होता है तो आप डबल स्टैंडर्ड अपनाते हैं। ये हमें साफतौर पर मंजूर नहीं है।
OTT यानी ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म्स पर भी अश्लीलता परोसने के आरोप लग रहे हैं। इस बार संसद सत्र में OTT को लेकर सांसदों की तरफ से 50 सवाल पूछे गए। पिछले 3 साल से देश में OTT प्लेटफॉर्म्स तेजी से बढ़े। पिछले साल मार्च से जुलाई के बीच इसमें सबसे ज्यादा 30% की ग्रोथ हुई। मार्च 2020 में 22.2 मिलियन OTT यूजर्स थे, जो जुलाई 2020 में 29 मिलियन हो गए। देश में अभी 40 बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स हैं।
गाइडलाइन के दायरे में 4 तरह के प्लेटफॉर्म्स आएंगे
सरकार ने गाइडलाइन में चार शब्दों का इस्तेमाल किया है। पहला- इंटरमीडिएरीज। दूसरा- सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज। तीसरा- सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज। चौथा- OTT प्लेटफॉर्म्स।
इंटरमीडिएरी के मायने ऐसे सर्विस प्रोवाइडर से हैं, जो यूजर्स के कंटेंट को ट्रांसमिट और पब्लिश तो करता है, लेकिन न्यूज मीडिया की तरह उस कंटेंट पर उसका कोई एडिटोरियल कंट्रोल नहीं होता। ये इंटरमीडिएरीज आपके इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स हो सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हो सकते हैं या ऐसी वेब सर्विसेस हो सकती हैं जो आपको कंटेंट अपलोड करने, पोस्ट करने या पब्लिश करने की इजाजत देती हैं।
सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के यूजर्स के लिए 4 कॉमन फायदे
1. आपकी शिकायतें सुनी जाएंगी
अब तक यूजर्स के पास सोशल मीडिया पोस्ट्स के खिलाफ आवाज उठाने के लिए रिपोर्ट बटन था, लेकिन शिकायतों के निपटारे का पुख्ता सिस्टम नहीं था। अब सोशल और डिजिटल मीडिया कंपनियों को ऐसा मैकेनिज्म बनाना होगा, जहां यूजर्स या विक्टिम अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
2. शिकायतें कौन सुनेगा, यह पता रहेगा
अब तक यूजर्स को यह नहीं पता होता कि सोशल मीडिया पोस्ट्स के खिलाफ रिपोर्ट करने पर उस पर कौन विचार कर रहा है। अब कंपनियों को यूजर्स की शिकायतें निपटाने वाले अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। ऐसे अधिकारी का नाम और उसके कॉन्टैक्ट डिटेल्स बताने होंगे।
3. शिकायतों पर कितने दिन में कार्रवाई होगी, यह पता रहेगा
अभी यूजर्स को कोई टाइमफ्रेम भी नहीं मिलता कि कब तक उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई होगी। गाइडलाइन के तहत शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के अंदर सुनवाई करनी होगी और 15 दिन के अंदर शिकायत को निपटाना होगा।
4. महिलाओं की शिकायतों पर 24 घंटे में एक्शन होगा
यूजर्स और खासकर महिलाओं की गरिमा के खिलाफ पाए जाने वाले कंटेंट को अब कंपनियों को 24 घंटे के अंदर हटाना हाेगा। इसका फायदा उन मामलों में मिलेगा, जिनमें महिलाओं की प्राइवेसी खतरे में पड़ती हो, न्यूडिटी या सेक्शुअल एक्ट से जुड़ा मसला हो या उनकी फोटो किसी ने मॉर्फ की हो।
वॉट्सऐप, फेसबुक जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नकेल
सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज के दायरे में छोटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स आएंगे। उन्हें ऊपर बताई गाइडलाइन माननी होगी, जो सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए कॉमन है। अब सवाल उठता है कि सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज क्या है?
यहां सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडिएरीज के मायने ऐसे प्लेटफॉर्म से हैं, जहां यूजर्स की संख्या ज्यादा है। जाहिर है कि इसके दायरे में 53 करोड़ यूजर्स वाली वॉट्सऐप, 44.8 करोड़ यूजर्स वाली यू-ट्यूब, 41 करोड़ यूजर्स वाली फेसबुक, 21 करोड़ यूजर्स वाली इंस्टाग्राम और 1.75 करोड़ यूजर्स वाली ट्विटर आएगी।
बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 8 तरह से सख्ती, फर्स्ट ओरिजिन के बारे में बताना होगा
1. सबसे बड़ी सख्ती यह है कि सोशल मीडिया कंपनियों को आपत्तिजनक पोस्ट्स के फर्स्ट ओरिजिन को ट्रेस करना होगा। यानी सोशल मीडिया पर खुराफात सबसे पहले किसने शुरू की? अगर भारत के बाहर से इसका ओरिजिन है, तो भारत में इसे किसने सबसे पहले सर्कुलेट किया, यह बताना होगा।
2. देश की संप्रभुता, सुरक्षा, पब्लिक ऑर्डर, फॉरेन रिलेशंस और रेप जैसे मामलों में फर्स्ट ओरिजिन की जानकारी देनी होगी। जिन आरोपों के साबित होने पर 5 साल से ज्यादा की सजा हो सकती है, ऐसे मामलों में ओरिजिन बताना होगा। कंटेंट बताने की जरूरत नहीं होगी।
3. सरकार के बनाए कानूनों और नियमों पर अमल सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर नियुक्त करना होगा। यह ऑफिसर भारत में रहने वाला व्यक्ति होना चाहिए।
4. एक नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन नियुक्त करना होगा, जिससे सरकारी एजेंसियां 24X7 कभी भी संपर्क कर सकें। यह नोडल ऑफिसर भी भारत में रहने वाला व्यक्ति होना चाहिए।
5. बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों को हर महीने कम्प्लायंस रिपोर्ट जारी करनी होगी कि कितनी शिकायतें आईं और उन पर क्या कदम उठाए गए।
6. ऐसी कंपनियों को अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भारत में मौजूद उनका एक कॉन्टैक्ट एड्रेस भी बताना होगा।
7. सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर्स वेरिफाइड हों, इसके लिए वॉलंटरी वेरिफिकेशन मैकेनिज्म बनाना होगा। SMS पर OTP के जरिए इस तरह का वेरिफिकेशन हो सकता है।
8. अगर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी यूजर के कंटेंट को रिमूव करता है तो आपको यूजर को इस बारे में सूचना देनी होगी, उसके कारण बताने होंगे और यूजर की बात सुननी होगी।
OTT प्लेटफॉर्म्स को 6 बातें माननी होंगी, बच्चों को दूर रखने के लिए पैरेंटल लॉक मिलेगा
1. OTT प्लेटफॉर्म्स की एक बॉडी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज या इस फील्ड के किसी विशेषज्ञ व्यक्ति की अध्यक्षता में बने। यह बॉडी शिकायतों की सुनवाई करे और उस पर जो जजमेंट आए, उसे माने। यह ठीक उसी तरह होगा, जिस तरह टीवी चैनल अपने कंटेंट के लिए खेद जताते हैं या जुर्माना देते हैं। ऐसा करने को सरकारें उनसे नहीं कहतीं। वे खुद करते हैं। यह सेल्फ रेगुलेशन है।
2. OTT और डिजिटल मीडिया को डिटेल्स/डिस्क्लोजर पब्लिश करने होंगे कि वे इन्फॉर्मेशन कहां से पाते हैं।
3. शिकायतें निपटाने का सिस्टम वैसा ही रखना होगा, जैसा बाकी इंटरमीडिएरीज के लिए है। यानी शिकायतें रिपोर्ट करने के लिए सिस्टम बनाएं, शिकायत निपटाने वाले अधिकारी की नियुक्ति करें और उसका कॉन्टैक्ट डिटेल्स बताएं, तय टाइमफ्रेम में शिकायतों का निपटारा करें।
4. OTT प्लेटफॉर्म्स को 5 कैटेगरी में अपने कंटेंट को क्लासिफाई करना होगा। U (यूनिवर्सल), U/A 7+, U/A 13+, U/A 16+ और A यानी एडल्ट।
5. U/A 13+ और इससे ऊपर की कैटेगरी के लिए पैरेंटल लॉक की सुविधा देनी होगी ताकि वे बच्चों को इस तरह के कंटेंट से दूर रख सकें।
6. एडल्ट कैटेगरी में आने वाले कंटेंट देखने लायक उम्र है या नहीं, इसका भी वेरिफिकेशन मैकेनिज्म बनाना होगा।
डिजिटल न्यूज मीडिया में भी सेल्फ रेगुलेशन पर जोर
डिजिटल न्यूज मीडिया के पब्लिशर्स को प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और केबल टीवी नेटवर्क रेगुलेशन एक्ट से जुड़े नियमों को मानना होगा ताकि प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया के बीच रेगुलेशन का सिस्टम एक जैसा हो। सरकार ने डिजिटल न्यूज मीडिया पब्लिशर्स से प्रेस काउंसिल की तरह सेल्फ रेगुलेशन बॉडी बनाने को कहा है।
16:07

दूसरे देशों के टेलेंट को रोकना हमारे हित में नहीं-अमेरिका

tap news India deepak tiwari 
न्यूयाॅर्क. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का एक और फैसला पलटते हुए ग्रीन कार्ड पर लगी रोक हटा दी है। पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने कोरोना महामारी के कारण बढ़ती बेरोजगारी से निपटने का हवाला देते हुए 2020 के अंत तक ग्रीन कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी थी, जिसे 31 दिसंंबर को उन्होंने मार्च अंत तक के लिए बढ़ा दिया था। बाइडेन के इस फैसले से अमेरिका में एच-1 बी वीजा पर काम करने वाले लाखों भारतीयों को फायदा होगा।
बाइडेन ने बुधवार को कहा कि लोगों काे कानूनी तौर पर अमेरिका आने से रोकना देश हित में नहीं है। यह अमेरिका के उद्योगों को भी प्रभावित करता है, जिसका विश्वभर के प्रतिभाशाली लोग हिस्सा हैं।
क्या है ग्रीन कार्ड प्लान?
काम के लिए दूसरे देशों से आने वाले लोगों को अमेरिका ग्रीन कार्ड जारी करता है। इसकी वैलिडिटी 10 साल होती है। इसके बाद इसे रिन्यू कराना होता है। यह एक तरह से अमेरिका का परमानेंट रेजिडेंट कार्ड है। इसका रंग हरा होता है, इसलिए इसे ग्रीन कार्ड कहा जाने लगा।
ग्रीन कार्ड के लिए लंबी वेटिंग
अब तक अमेरिका ने हर देश के लिए 7% का कोटा तय कर रखा था। बाकी लोग वेटिंग लिस्ट में चले जाते थे। समय के साथ वेटिंग लिस्ट लंबी होती गई। एक अनुमान के मुताबिक, करीब 20 लाख लोग ऐसे हैं जो ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। नए कानून से यह लिमिट हट जाएगी। अब मेरिट के आधार पर ग्रीन कार्ड मिला करेगा।
भारतीय IT पेशेवरों को सबसे ज्यादा फायदा
हर साल अमेरिका 85,000 नए एच-1 बी वीजा देता है। इनमें से लगभग 70% यानी 60,000 वीजा भारतीय IT पेशेवरों के लिए जारी किए जाते हैं। नए वीजा का रजिस्ट्रेशन 9 मार्च से शुरू हाेगा, जो 25 मार्च तक चलेगा। 31 मार्च काे लाॅटरी सिस्टम से सफल आवेदकाें की घाेषणा की जाएगी।