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Monday, 19 September 2022

05:14

साहित्य व्यक्ति को मनुष्य बनाने का काम करता है : हरि सुमन बिष्ट

               संवाददाता
  गाजियाबाद। सुप्रसिद्ध लेखक हरि सुमन बिष्ट ने कहा कि लेखन व्यक्ति व समाज को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। लेखक का धर्म कागज काले करने के बजाए व्यक्ति को मनुष्य बनाना है। हमारे पास मनुष्य नाम का जो व्यक्ति था, आजादी के बाद हमने उसे मार दिया। हम आज भी व्यक्ति के रूप में बचे हुए हैं। 'कथा संवाद' में बतौर अध्यक्ष श्री बिष्ट ने नई पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा कि लेखक का दायित्व अपने समय को लेखन में दर्ज करना होता है। लिहाजा नए लेखकों का अपने परिवेश का विश्लेषण निरंतर करते रहना जरूरी है।
  मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन की ओर से होटल रेडबरी में आयोजित 'कथा संवाद' में श्री बिष्ट ने कहा कि संवादहीनता के बढ़ते दौर में ऐसे आयोजन जड़ता तोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में सुनी गईं रचनाएं भविष्य के प्रति आश्वस्त करती हैं। मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध रचचनाकार राकेशरेणु ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं ही हमारी कल्पनाशीलता को मूर्त रूप देने के साथ यह सिखाती हैं कि रचना की भाषा और शिल्पा कैसे गढ़ा जाता है। उन्होंने कहा कि यहां बैठे नए रचनाकारों के पास संवेदनशीलता व वैचारिक दृष्टि है, लेकिन लेखन का अनुभव नहीं है। हमारे रचनाक्रम में शामिल होने से पहले बहुत कुछ लिखा जा चुका है। उसे पढ़ने से हमें खुद को फिल्टर करने में सुविधा होती है। कार्यशाला में सुनी गई कईं कहानियां रुढ़िवादिता और अंधविश्वास के परंपरागत खांचों से बाहर नहीं निकल पाई हैं। इन खांचों को तोड़कर ही लेखक समाज का कल्याण कर सकता है।
  'कथा संवाद' में प्रतिभा प्रीत की कहानी 'मुक्ति', शकील सैफ की 'करामाती जिन्नात', सिमरन की 'मां', तेजवीर सिंह की 'गुनमुनी', मनु लक्ष्मी मिश्रा की 'मृत्यु नहीं जीवन', डॉ. अजय गोयल की 'इंडिया मस्ट बी ब्लेड', संस्था के अध्यक्ष शिवराज सिंह की 'आत्मा' व डॉ. प्रीति कौशिक की शीर्षक विहीन कहानी पर हुए विमर्श में सुभाष चंदर, सुरेंद्र सिंघल, आलोक यात्री, अनिल शर्मा, हंसराज सिंह, सत्यनारायण शर्मा ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन रिंकल शर्मा ने किया। द्वितीय "दीप स्मृति कथा सम्मान डॉ. पूनम सिंह की कहानी  'मत लौटना आंगन पाखी' को प्रदान किया गया। उनकी अनुपस्थिति में सम्मान डॉ. बीना शर्मा ने ग्रहण किया।
 इस अवसर पर सिनीवाली शर्मा, नेहा वैद, डॉ. निधि अग्रवाल, अनिल मीत, पवन कुमार 'पवन', अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, संजीव शर्मा, सरोज गुप्ता, नित्यानंद तुषार, डॉ. मिथिलेश भास्कर, बी. एल. बतरा, राजीव सिंघल, जावेद खान सैफ, आचार्य शील भास्कर, अंजलि, टेकचंद, सौरभ कुमार, निकिता करायत, पराग कौशिक, शिवानी, हेमलता, अभिषेक कौशिक, कुलदीप, राममूर्ति शर्मा, गजेंद्र चौधरी, साजिद खान सहित बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे।

Saturday, 2 July 2022

04:34

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के बच्चों ने ग्रीष्मकालीन खेल का लिया आनंद

 ग़ाज़ियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की ओर से स्कूली बच्चों के लिए विशेष तौर पर ग्रीष्मकालीन खेल उत्सव का आयोजन किया गया। एकदिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल उत्सव में नेहरू नगर व कवि नगर शाखा के बच्चों ने विभिन्न खेलों में जहां अपने कौशल का प्रदर्शन किया, वहीं उन्हें भरपूर मस्ती करने का अवसर भी मिला। स्कूल की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के साथ उनमें विभिन्न गतिविधियों एवं फुटबॉल, ज़ुम्बा, रस्साकसी आदि विभिन्न खेलों में रुचि उत्पन्न करने तथा उनकी सहनशक्ति को बढ़ावा देना था। सभी खेलों और गतिविधियों में बच्चों ने बड़े चाव से हिस्सा लिया। बच्चों को मौज-मस्ती के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के लिए योग की शिक्षा भी दी गई। सभी खेलों एवं गतिविधियों में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 
  राज नगर स्थित गोल प्लाजा में आयोजित ग्रीष्मकालीन खेलोत्सव पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकांश अभिभावकों ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल द्वारा लिया गया यह निर्णय एक अच्छा अवसर व सफल प्रयोग था। उन्होंने इसे स्कूल द्वारा की गई सार्थक पहल बताया। अभिभावकों का कहना था कि कोविड काल में बच्चे इस तरह की गतिविधियों से वंचित रह गए थे। ऐसे आयोजन बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने में मदद करती हैं। अधिकांश 
अभिभावकों का कहना था कि ऐसे आयोजन समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए। इस मौके पर शिक्षकों ने अभिभावकों का बच्चों में शारीरिक व्यायाम, योग व ध्यान से पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी मार्गदर्शन भी किया। 

Tuesday, 28 June 2022

19:43

हमारी सोच और कहन को विस्तार देता है कथा संवाद: सुशांत सुप्रिय

               संवाददाता
  ग़ाज़ियाबाद। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के "कथा संवाद" को संबोधित करते हुए सुप्रसिद्ध लेखक, कवि व अनुवादक सुशांत सुप्रिय ने कहा कि "कथा संवाद" जैसे कार्यक्रम हमारी सोच और कहन को विस्तार देने के साथ नवांकुरों को गढ़ने की परंपरा भी निभाते हैं। इंटरनेट के दौर में कहानी की वाचिक परंपरा को पूर्णतः लोप हो गया है। आभासी दुनिया के विस्तार में साहित्य गौण हो रहा है, ऐसे में इस पर मंडरा रहे खतरे से, ऐसी कार्यशालाओं के जरिए ही साहित्य के अस्तित्व को बचाया जा सकता है। श्री सुप्रिय ने अपनी रचना "खोया हुआ आदमी" पर श्रोताओं की भरपूर सराहना बटोरी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अवधेश श्रीवास्तव ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में बढ़ते बाजारवाद ने साहित्य को पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि यहां पढ़ी गई अधिकांश कहानियां स्त्री-पुरुष के संबंधों के दायरों में घूम रही हैं। जो इस बात का प्रतीक है कि प्रेम आज भी एक शाश्वत सत्य है। जिसे आपको साहित्य में भी स्वीकार करना पड़ेगा। यह और बात है कि लेखक उसका ट्रीटमेंट कैसे करता है। 
  होटल रेडबरी में आयोजित "कथा संवाद" का शुभारंभ शकील‌ अहमद की कहानी के मसविदे "बन्ने मियां की दुल्हनिया" से हुआ। इसका कथानक एक विधुर के पुनर्विवाह के प्रयासों के इर्दगिर्द घूमता है। लेखक शकील अहमद के प्रथम लेखकीय प्रयास की एक सुर से सराहना की गई। सुप्रसिद्ध साहित्यकार सुभाष चंदर ने मनु लक्ष्मी मिश्रा की कहानी "निर्णय" को मौजूदा दौर में दांपत्य जीवन पर गहरा रहे संकट को रेखांकित करने वाली रचना बताया। सुरेन्द्र सिंघल ने कहा कि हमारे टीवी सीरियल के कथानक विवाहेत्तर संबंधों के पैरोकार नजर आते हैं। ऐसे में कथा नायिका के निर्णय और साहस को स्वीकार किया जाना चाहिए। फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवराज सिंह की शीर्षक विहीन कहानी के प्लॉट पर चर्चा करते हुए रंगकर्मी अनिल शर्मा ने कहा कि शादीशुदा दंपति के बच्चे न होना बुजुर्ग अभिभावकों की चिंता का बड़ा विषय बनता जा रहा है। ऐसे में एक बच्चे की नीति को और बढ़ावा मिल रहा है। हमारी यह प्रवृत्ति संतान के रूप में बालक की चाह को निरंतर प्रबल करती जा रही है। डॉ. प्रीति कौशिक ने कहानी का शीर्षक "डर" सुझाते हुए कहा कि कहानी बेटी बचाओ अभियान का बेहतरीन उदाहरण पेश करती है। पत्रकार सुभाष अखिल की लघु उपन्यासात्म कथा "बाजार बंद" पर भी गंभीर विमर्श हुआ। कथा के तकनीकी पक्ष‌ को लेकर हुए विमर्श पर टिप्पणी करते हुए अवधेश श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के गंभीर आयोजनों को हमें टीवी डिबेट जैसे निम्नस्तर तक जाने से बचाए रखना है। 
  लेखक रविन्द्र कांत त्यागी ने कहा कि लेखक बहुत संवेदनशील होता है। कोई भी आलोचना उसके मन मस्मिष्क पर लंबे समय तक दर्ज रह सकती है। विमर्श के इस क्रम में हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आलोचना लेखक की रचनाधर्मिता को हानि न पहुंचाए। पहाड़ की स्त्री के संघर्ष और स्मिता की रक्षा पर आधारित डाॅ. पुष्पा जोशी की कहानी "रमोती" पर चर्चा करते हुए रंगकर्मी अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि कहानी में आ रही स्थूलता कहानी में और रंग भरने की मांग करती है। उभरते हुए रचनाकार देवेंद्र देव के कथा प्रयास "अहिल्या" पर आलोक यात्री, डॉ. बीना शर्मा, वागीश शर्मा, लीना सुशांत, बी. एल. बतरा सहित अन्य लोगों ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। बौद्धिक विमर्श को बढ़ावा देते हुए तेजवीर सिंह ने कहा कि आज भी अधिकांश कहानियां दलित, आदिवासी, हाशिए पर पहुंची स्त्री और वर्ग संघर्ष पर ही टिकी हैं। उन्होंने कहा कि हमें कहानी को उसके दायरे से बाहर लाने के लिए भी खड़ा होना पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन आलोक यात्री ने किया। विमर्श में गोविंद गुलशन, अमर पंकज, प्रमोद कुमार कुश 'तन्हा', सुशील शर्मा, रवि शंकर पाण्डेय, पराग कौशिक, देवेंद्र गर्ग, सौरभ कुमार, अंजलि, अभिषेक कौशिक, विनोद कुमार विनय, साजिद खान, ओंकार सिंह, दर्शना अर्जुन 'विजेता' सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सेदारी निभाई।

Monday, 6 June 2022

08:12

इश्क तुमको नहीं हुआ तो कहो, शाइ'री में कमाल क्यूं आया : अलीना

      संवाददाता 
 ग़ाज़ियाबाद। महफ़िल ए बारादरी की अध्यक्षता कर रहे मशहूर कवि नरेश शांडिल्य ने कहा कि गाजियाबाद जहां अदब की राजधानी बनता जा रहा है, वहीं बारादरी भी अदब की दुनिया को समृद्ध बनाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। अपने गीत, दोहे और शेरों पर उन्होंने भरपूर दाद बटोरते हुए फरमाया 'पिंजरे से लड़ते हुए टूटे हैं जो पंख, यही बनेंगे आजादी के शंख।' कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अलीना इतरत ने अपने शेरों पर देर तक दाद बटोरी। उन्होंने कहा 'गुल से खिलवाड़ कर रही थी हवा, दिल को तेरा ख्याल क्यों आया?' ' ऐसा बदली ने क्या किया आखिर, सूरज इतना निढाल क्यों आया?' 'सूनी आंखों में क्या मिला तुमको, झील जैसा ख्याल क्यों आया?' 'इश्क तुमको नहीं हुआ तो कहो, शाइ'री में कमाल क्यूं आया?'
  नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित "महफ़िल ए बारादरी' को संबोधित करते हुए नरेश शांडिल्य ने कहा 'हम भी औरों की तरह अगर रहेंगे मौन, जलते प्रश्नों के कहो उत्तर देगा कौन?' 'फोकट में कुछ भी नहीं हासिल किया हुजूर, खूब तपे हम आग में तब आया है नूर।' 'जागा लाखों करवटें, भीगा अश्क हजार, तब जाकर मैंने किए कागज काले चार।' अलीना इतरत ने कहा 'अभी तो चाक पर जारी है रक्स मिट्टी का, अभी तो कुम्हार की नीय्यत बदल भी सकती है।' 'ये आफताब से कह दो कि फासला रखे, तपिश से बर्फ की दीवार गल भी सकती है।' बारादरी की संस्थापिका डॉ.माला कपूर 'गौहर' के अशआर भी खूब सरहे गए। उन्होंने फरमाया 'हमने चश्म-ए-करम तो देख लिया, उनकी ज़ुल्फ़ों के ख़म भी देखेंगे'। 'कल तबस्सुम था उसके होटों पर, लोग अब चश्म-ए-नम भी देखेंगे'। 'मन की आंखों पे है चमक जिसकी, ऐसे 'गौहर' को हम भी देखेंगे।' 
  मुम्बई से आए सिनेकर्मी और कवि रवि यादव ने अपने दोहों 'शोर शराबे चीख़ते लज्जित बैठा मौन, शब्द तंत्र के राज में मौन सुनेगा कौन'? 'उसने बोला अलविदा मैं बोला स्वीकार, ख़ामोशी से ढह गया बातूनी से प्यार।' 'कितने आकर चल बसे जग के ठेकेदार, पल भर भी ठहरी नहीं दुनिया की रफ़्तार' पर जमकर दाद बटोरी। संस्था के अध्यक्ष गोविंद गुलशन ने कहा 'क़तरे क़तरे में निहां दर्द का पैकर निकला, टूट कर आंख से फिर आज समंदर निकला।' 'जब भी तन्हा मैं हुआ हूं तो तसल्ली के लिए, मेरा साया ही मेरे जिस्म से बाहर निकला।' 'बढ़ गई और ज़्यादा मेरी आंखों में चमक, रात एक झील से जब चांद नहा कर निकला।' शायर सुरेंद्र सिंघल के शेर 'मेरे बचपन की गलियों में अब तक खिलौने बेचने आता है बूढ़ा, कभी बजाता है खुद पीपनी तो कभी मुझ से बजवाता है बूढ़ा।' 'आवारगी को तुम भी अपने गले लगाते, तुम भी अगर दरवाजे अपने घर के बंद पाते।' मासूम ग़ाज़ियाबादी के‌ शेर भी सराहे गए। हिन्दी-उर्दू भाषा को मजहब के आधार पर बांटने की कोशिश करने वालों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा 'तेरे पांवों में कांटा अगर चुभ गया, सूर-तुलसी की आंखें भजन हो गईं। मेरी आंखों में आंसू अगर आ गए, आंख ख़ुसरू की गंगो-जमन हो गईं। आज हम दोनों अंधों का धन हो गईं, सबकी आंखों से सावन अलग हो गए...'। देवेन्द्र देव ने कहा 'भारत में उपलब्ध हैं अद्भुत दुर्लभ लोग, घोड़े तरसें घास को हरि को छप्पन भोग।'
  कार्यक्रम का शुभारंभ सोनम यादव की सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन तरुणा मिश्रा ने किया। उनके शेर 'किसी की आह से टकरा के खुल गईं आंखें, सदा ए दिल थी जिसे पा के खुल गईं आंखें, वो दस्तकें ही थीं ऐसी कि नींद उड़ जाए, यही हुआ भी कि घबरा के खुल गईं आंखें, उखड़ रहे थे मेरी क़ब्र के सभी पत्थर, अजीब ख़्वाब था घबरा के खुल गईं आखें' भी खूब सराहे गए। प्रतिभा 'प्रीत' की ग़ज़ल के शेर 'किसी के होते थे हम जाने जां पहले बहुत पहले, मुक़द्दर हमपे भी था मेहरबां पहले बहुत पहले, मेरे हमसाए को दरकार थी कुछ रौशनी मुझसे, सो मैंने फूंक डाला आशियां पहले बहुत पहले' भी सराहे गए। सीताराम अग्रवाल ने कहा 'कलम में तो अब भी बड़ा हौसला है, हमारे मनों में ही कर्फ्यू लगा है।'
वी. के. शेखर ने फ़रमाया 'झुक कर इज्जत करने वाला, सच में कद्दावर होता है।' मंजु कौशिक ने कहा 'लाख बाधाएं खड़ी लेकिन मुझे झुकना नहीं है, मैं अंधेरी रात में दीपक जलाना चाहती हूं।' सोनम यादव की गजल भी भरपूर सराही गई। उन्होंने कहा 'हौसलों की उड़ानें हैं संगदिल बड़ी, गुरबतों में इन्हें आजमाया करो।'
  कविता में चित्रकारी सा प्रयोग करते हुए मंजु मन ने कहा 'दूध में नहाया, बर्फ जैसी घुल रही हैं, सूरज की किरणें खुल रही हैं, भेड़ की ऊन  सा, गद्दे की बून सा, नरम-गरम बिस्तर सा, तम्बू सा तना इतरा रहा है, ये बादल देखो, कितने मजे से, सूरज की धूप खा रहा है...‌'। पूनम माटिया ने भी अपने शेरों पर वाहवाही बटोरते हुए कहा 'ज़ख़्म जब दिल का छुपाना आ गया,
बेसबब भी मुस्कुराना आ गया।' ममता लड़ीवाल ने अपने गीत के जरिए मौजूदा दौर की विसंगतियों पर चोट करते हुए कहा 'गीत लिखते धर्म पर तुम, संस्कृति का ध्वज उठाए,
फिर तुम्हारे आचरण में इन गुणों का ह्रास क्यों है?' इनके अलावा सुभाष चंदर, डॉ. राजीव कुमार पांडेय, तुलिका सेठ, इंद्रजीत सुकुमार, सुरेन्द्र शर्मा, अनिल शर्मा, इरा, सुजाता चौधरी, रूपा राजपूत, नित्यानंद तुषार, अनिमेष शर्मा, गार्गी कौशिक, अमित बेनाम, मधुकर मोनू त्यागी, डॉ. आरती बंसल आदि के गीत, गजल और कविताएं भी सराही गईं। इस अवसर पर आलोक यात्री, आभा बंसल, आर. के. मिश्रा, राजीव सिंघल, राकेश सेठ, अभिषेक सिंघल, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, निरंजन शर्मा, शकील अहमद, अनुपमा गांधी, डी. के. गांधी, वागीश शर्मा, संजीव अग्रवाल, आशीष ओसवाल, तिलक राज अरोड़ा, अमित श्रीवास्तव, देवनाथ, मंजू कौशिक, प्रदीप पंडित सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।
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Thursday, 2 June 2022

05:48

प्रशिक्षित,सॉफ्ट स्किल्स से युक्त और तकनीकी रूप से मजबूत होना चाहिए

रामजी पांडेय

गाजियाबाद:केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 38वीं राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण संगोष्ठी का उद्घाटन किया। दो दिन की इस संगोष्ठी का आयोजन पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने किया है। उद्घाटन सत्र में BPR&D के महानिदेशक श्री बालाजी श्रीवास्तव और देश के विभिन्न राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और केन्द्रीय पुलिस संगठनो (CPOs) के प्रशिक्षण प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह संगोष्ठी देश के विभिन्न पुलिस संस्थानों को पुलिस प्रशिक्षण, उसकी कार्यप्रणाली और परिणामों के मूल्यांकन पर विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगी। संगोष्ठी का उद्देश्य देश के पुलिसबलों की क्षमता निर्माण के लिए नए विचारों एवं प्रासंगिक विषयों का सृजन करना हैl इस वर्ष की संगोष्ठी का विषय है - पुलिस प्रशिक्षण में उत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना’। उन्होंने कहा कि यह विषय बहुत ही प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है क्योंकि कोई भी पुलिस संस्थान, चाहे वह राज्यों अथवा केंद्र से सम्बंधित हो, अपनी Best practices के बल पर ही एक बेहतर मुकाम हासिल कर पाता है। ऐसे में विभिन्न संगठनो की उत्तम कार्यप्रणालियों को अपना कर देश के पुलिस संगठन अपने आपको और मजबूत बना पाएंगे l

Monday, 31 January 2022

05:38

भाजपा को हराने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाएगी माकपा


भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)गाजियाबाद जिला कमेटी की बैठक में विधानसभा चुनाव के बारे निर्णय लिया गया कि भाजपा उम्मीदवारों को हराने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जायेगा।
बैठक में सीपीआई(एम) जिला सचिव कामरेड बृजेश कुमार सिंह चौहान ने बताया कि पार्टी की उत्तर प्रदेश कमेटी की साफ समझ है कि जहां वामपंथी पार्टियों के उम्मीदवार मैदान में नहीं है उन सीटों पर भाजपा को हराने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों का पार्टी समर्थन कर उन्हें जिताने में सहयोग करेगी, और इस संबंध व्यापक विचार विमर्श के बाद जनपद गाजियाबाद की पांचो सीट पर समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन के प्रत्याशियों को समर्थन करने का फैसला लिया है। और आज इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साहिबाबाद विधान सभा सीट पर गठबंधन के सपा प्रत्याशी अमर पाल शर्मा को जिताने के  लिए  हम अपनी पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन का एलान करते हैं। 
 भाजपा शासन में मजदूरों-किसानों-महिलाओं-नौजवानों- अल्पसंख्यकों- दलितों का उत्पीड़न बढ़ा है तथा जनता की समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं, साहिबाबाद में लाखों लोग आज भी इलाज के लिए धक्के खाते हैं और अस्पताल खोले जाने का वर्षों से इंतजार कर रहे हैं, साथ ही लड़कियों के लिए वसुंधरा जोन में डिग्री कालेज की माँग लंबे समय से की जा रही है।इसी तरह साहिबाबाद थाना क्षेत्र की कालोनी/बस्तियों के नागरिक गंगा जल की बाट जोह रहे हैं, साइट 4 साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की पुरानी रिहाइशी बस्तियों में एक भी समुदायिक भवन ना होने के कारण बेटियों की शादी करने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यू पी सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क का हाल कोई देखना चाहता है तो महाराजपुर गाँव के सामने से जाकर देख सकता है जहाँ से रोजाना लाखों लोग आवागमन करते हैं और रात दिन भयंकर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा वैशाली से मोहन नगर व सेक्टर 62 नोएडा से साहिबाबाद तक मेट्रो लाइन के विस्तार की फाईलों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है,सांसद, मंत्री, क्षेत्रीय विधायक बार-बार आश्वासन देते रहे 5 वर्षों में भी वे समाधान नहीं करा पाए। किसानों की समस्याएं भी ज्यों की त्यों बनी हुईं हैं तथा मजदूरों की हालत पहले से और अधिक बद से बदतर हुई है। विशेषकर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति और भी ज्यादा खराब हुई है, मेडिकल के नाम से भवन निर्माण के काम में लगे मज़दूरों को मिल रहे 3000 रुपये को कई माह से योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा भुगतान करने पर रोक लगा दी गई है।चुनाव आचार संहिता लागू होने पर भी रेहडी पटरी दुकानदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है और उन्हें रोजगार करने से रोका जा रहा है।
इस लिए आज इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हम सम्मानित मतदाताओं से सी पी आई (एम) गाजियाबाद जिला कमेटी की ओर से अपील करते हैं कि 10 फरवरी 2022 को गठबंधन के सपा प्रत्याशी अमर पाल शर्मा को अपना अमूल्य वोट देकर/ई वी एम मशीन में साईकिल चुनाव चिन्ह के सामने का बटन दबाकर भारी बहुमत से जितायें। जिससे क्षेत्र का विकास हो और जनता की समस्याओं का समाधान हो सके।
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गठबंधन के सपा प्रत्याशी अमर पाल शर्मा,सीपीआईएम साहिबाबाद लोकल कमेटी के सचिव ईश्वर त्यागी, जिला कमेटी सदस्य कामरेड जे पी शुक्ला, नीरु सिंह, जीएस तिवारी, ब्रम्हजीत सिंह, रविंदर कुमार, देवेंद्र शर्मा , दर्शनी देवी, संजय शर्मा, जय कुमार, विशाल भटनागर, अनिल पाण्डेय, मदन लाल, धर्मेंद्र यादव आदि नेता/कार्यकर्ता शामिल थे। 

Saturday, 1 January 2022

23:04

सफदर हाशमी शहादत दिवस पर झंडापुर साहिबाबाद में मजदूरों और कलाकारों का साझा कार्यक्रम हुआ आयोजित- गंगेश्वर दत्त शर्मा



 झंडापुर साहिबाबाद गाजियाबाद -वर्ष 1989 की 01जनवरी को कामरेड शफदर हश्मी की हत्या  के गुन्डो  द्वारा की गई थी।नुक्कड नाटक कलाकार, लेखक, गीतकार मजदूर वर्ग के लिए  समर्पित कामरेड शफदर हाशमी के शहादत दिवस 01 जनवरी को प्रत्येक वर्ष सीटू गाजियाबाद और जन नाट्य मंच की ओर से शहादत दिवस के रूप मे यादगार सभा ,नुक्कड नाटक, गीत ,आदि कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है।
आज के कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता वरिष्ठ किसान नेता व सी पी आई एम के केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड डी पी सिंह ने सभा को संबोधित किया। वक्ताओ ने कामरेड शफदर के योगदान को दोहराते ,मजदूर, किसान, छात्र, बेरोजगार, आमजन विरोधी भाजपा सरकार को भारी सिक्शत देने का आह्वान किया। और 23:00 24 फरवरी 2022 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूरों महिलाओं छात्रों कलाकारों ने हिस्सा लिया।
 कार्यक्रम में नोएडा से सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, राम सागर, पूनम देवी, गुड़िया, राजकरण सिंह, लता सिंह,चंदा बेगम, धर्मपाल चौहान आदि कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया ।

Thursday, 30 December 2021

01:17

जिला स्तरीय बैंड प्रतियोगिता में डी.ए.वी. व ठाकुरद्वारा के छात्रों ने फहराया जीत का परचम

                    संवाददाता
  गाजियाबाद। मानव संसाधन मंत्रालय एवं स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से 
सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल, गाजियाबाद में आयोजित अंतर जनपदीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता में डी.ए.वी. सेंटेनरी पब्लिक स्कूल ने बालक वर्ग में एवं ठाकुर द्वारा बालिका विद्यालय ने बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इंद्रापुरम पब्लिक स्कूल ने बालक वर्ग में एवं गुरू नानक बालिका स्कूल ने  बालिका वर्ग में फर्स्ट रनर अप स्थान प्राप्त किया। आयोजन की मुख्य अतिथि अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट शाल्वी अग्रवाल ने प्रतियोगियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में हार जीत मायने नहीं रखती बल्कि आपकी भागीदारी आवश्यक है। जहां आप अपना बेहतर से बेहतर देने की क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। ऐसे आयोजन आपको अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर भी देते हैं। इस तरह के आयोजन हमें अनुशासन के साथ एकजुटता का पाठ भी पढ़ाते हैं। उनकी अगुवाई में मतदान की शपथ दिलाए जाने के साथ साथ बच्चों को मतदान के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल के नए वोटर होने जा रहे हैं। भारत के जिम्मेदार नागरिक के तौर पर उन्हें समाज को मतदान के प्रति जागरूक करने में मुख्य भूमिका निभानी चाहिए।
  कार्यक्रम का शुभारंभ सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की डॉयरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर एवं सहायक माध्यमिक विद्यालय निरीक्षक ज्योति दीक्षित ने संयुक्त रूप से मशाल प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्कूल के नवनिर्मित प्ले ग्राउंड का उद्घाटन भी किया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सहायक माध्यमिक शिक्षा अधिकारी ज्योति दीक्षित ने कहा कि बीते करीब दो साल से कोविड के चलते स्कूली बच्चों की गतिविधियां सीमित हो गई थीं लेकिन बैंड कंपीटिशन जैसी गतिविधियों से इनकी‌ शुरूआत हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज के प्रतिभागियों को गणतंत्र दिवस परेड में भाग ‌लेते हुए दुनिया देखेगी। निर्णायकों के रूप में शामिल प्रख्यात कत्थक नृत्यांगना आभा बंसल, सुप्रसिद्ध रंगकर्मी अक्षयवरनाथ नाथ श्रीवास्तव एवं आवास बंधु के पूर्व निदेशक शिवराज सिंह ने भी अपने उद्गार प्रकट किए।‌ आयोजक की भूमिका में होने के कारण स्कूल ने प्रतियोगिता में भागीदारी नहीं की। अलबत्ता मार्चपास्ट में स्कूल बैंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर प्रशासन की ओर से स्कूली‌ छात्रों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए विभिन्न नारे भी लगवाए ‌गए। कार्यक्रम में नमन जैन और आलोक यात्री सहित बड़ी‌ संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।

Sunday, 26 September 2021

05:07

आईआईटी रुड़की एल्यूमिनी एसोसिएशन ने काव्योत्सव के जरिए मनाया आजादी का जश्न TNI

                    संवाददाता
  गाजियाबाद। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आईआईटी रुड़की एल्यूमिनी एसोसिएशन (नोएडा चैप्टर) एवं "कथा रंग" द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश और दुनिया के कई रचनाकारों ने आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष गोविंद गुलशन ने कहा कि यह आयोजन सीधी रेखाओं और टेढ़ी रेखाओं के बीच एक नए पुल जैसा है। उन्होंने सीधी रेखाएं खींचने वाले इंजीनियर की रचनाओं की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि तकनीक की उन्नति से निर्मित हथियारों और वायरस ने मानवता के खिलाफ जंग छेड़ रखी है। इस धरती को सिर्फ प्रेम से ही बचाया जा सकता है।
  गौतमबुद्ध विश्व विद्यालय सभागार में ऑफ लाइन और ऑन लाइन दोनों प्रारूपों में प्रस्तुत आयोजन को संबोधित करते हुए श्री गुलशन ने कहा "दिल है उसी के पास, हैं सांसे उसी के पास, देखा उसने तो रह गईं आंखें उसी के पास। बुझने से जिस चिराग ने इंकार कर दिया, चक्कर लगा रही हैं हवाएं उसी के पास।" एक और ग़ज़ल के शेरों में उन्होंने कहा "गिरफ़्तार तुम हुए जिसमें वह जाल था ही नहीं, वह हुस्न का था नजर का कमाल था ही नहीं। करीब जाकर समंदर के प्यासे लौट आए, हमारी प्यास का उसको ख्याल था ही नहीं।" कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मशहूर शायर सुरेंद्र सिंघल ने कहा "हमेशा सोचती रहती हैं फायदे-नुकसान, ये कैसा इश्क सा करती हैं लड़कियां जो हैं। तेरे लबों पे खिले हैं जो फूल नकली हैं, तो इनका क्या करूं मुझमें ये तितलियां जो हैं।" अपने गीत की पंक्तियों "उंगलियों के पोर खुरदुरे हुए, फूल काढ़ते हुए रूमाल पर। कितनी बार हाथ में सुई चुभी, एक फूल तब खिला रुमाल पर। रेशमी छुअन से भी डरा हुआ घाव हर क़दम पे यूं हरा हुआ, सिसकियों ने होंठ सी लिए मगर, दिल में था गुबार-सा भरा हुआ,
तुम नहीं मिले तो देर तक चला आंसुओं का सिलसिला रुमाल पर। कितनी बार हाथ में सुई चुभी, एक फूल तब खिला रुमाल पर" जमकर वाहवाही बटोरी।
  कार्यक्रम का सफल संचालन करने वाली दीपाली जैन 'ज़िया' ने फ़रमाया "सोच रही हूं क्यों अपने से लगते हो, साइड फेस से उसके जैसे दिखते हो, बालों को रंगने की उम्र में आ पहुंची, सच बतलाना, अब भी मुझपे मरते हो?" "हाईवे पर साइकिल" जैसी मार्मिक कविता के माध्यम से प्रख्यात व्यंग्यकार सुभाष चंदर ने श्रोताओं को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने कहा "ऐसे ही हाईवे पर डरती, कांपती उतरती है साइकिल, और रोज रोती है, और रोज ही रात को फैसला लेकर सोती है साइकिल, कि बस... बहुत हुआ, कल से छुट्टी, कल से वह हाईवे पर नहीं जाएगी, पर यह कल नहीं आता, साइकिल अगले दिन फिर हाईवे पर आ जाती है, डरने, सहमने और कांपने। उसे जाना पड़ता है, क्योंकि वह जानती है कि अगर वह हाईवे पर नहीं जाएगी तो मुन्ना के स्कूल की फीस नहीं जाएगी, बीबी की पैबंद लगी धोती नहीं बदली जाएगी, बाबूजी की दवा नहीं आएगी, सच कहूं साइकिल को पैर नहीं जरूरतें चलाती हैं।"
  प्रख्यात शायर मासूम ग़ाज़ियाबादी ने अपने शेरों से महफिल लूट ली। उन्होंने फरमाया "ग़ज़ल में बेकसों का दर्द अक्सर बांध लेता हूं, ख़ुशी ग़म जो भी हो जाए मयस्सर बांध लेता हूं। मैं अपनी आदतों के बाज़ को क़ाबू में रखता हूं, वो उड़ना चाहता भी है तो मैं पर बांध लेता हूं। शराफ़त भूक के बदले में जब घुंगरू पहनती है, छलकता तो है आंखों का समंदर बांध लेता हूं।" अगली ग़ज़ल में उन्होंने कहा "वो खुश हैं जिनकी चाहने वालों में कट गई, मैं खुश हूं मेरी उम्र क़सालों में कट गई। मेले से हम बगैर खिलौने क्यूं आ गए, इक मां की रात चंद सवालों में कट गई। कार्यक्रम में आलोक यात्री, डॉ. राहुल जैन तथा सपना अहसास ने भी काव्यपाठ किया। कथा रंग के अध्यक्ष शिवराज सिंह ने अतिथियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आनंद प्रकाश, नारायण सिंह राव, विनोद कुमार सिंह, कुशल पाल सिंह, सुशील कुमार, राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रोता और अतिथि उपस्थित थे।

Monday, 20 September 2021

10:14

बहरामपुर गाजियाबाद में दीदी की रसोई ब्रांच का हुआ उद्घाटन जरूरतमंदों को कराया भोजन- गंगेश्वर दत्त शर्मा

रामजी पांडे
 नोएडा: नोएडा महानगर में गरीब जरूरतमंदों की सेवा में लगी दीदी की रसोई संस्था की चौथी ब्रांच का उद्घाटन बहरामपुर विजयनगर गाजियाबाद में हुआ। उद्घाटन दीदी की रसोई की अध्यक्ष रितू सिन्हा, सामाजिक कार्यकर्ता गंगेश्वर दत्त शर्मा, सेक्टर- 20, नोएडा थाने की पुलिस अधिकारी प्रीति गुप्ता, दीदी की रसोई टीम की वरिष्ठ पदाधिकारी मीना बाली, मंजू शर्मा, संगीता चौधरी ने किया।
 तथा इस अवसर पर बच्चों और जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरण किया गया। बच्चों एवं गरीब जरूरतमंद लोगों की मदद करने के उपरोक्त कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए दीदी की रसोई टीम को फूल माला/ गुलदस्ता देकर सम्मानित किया।

Monday, 13 September 2021

06:46

हिन्दी दिवस पर मैत्रेय ने दिया संदेश 'एक खत हिंदी और उर्दू के नाम लिखता हूं कर्जदार हूं दोनों का सरेआम लिखता हूं TNI

  गाजियाबाद। मीडिया 360 लट्रेरी फाउंडेशन की ओर से आयोजित महफ़िल ए बारादरी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कवि अशोक मैत्रेय ने कहा कि कविता ऐसा संवाद है जो जीवन में छाए कुहासे और सन्नाटे को तोड़ती है। कविता रेशम की ऐसी डोर है जो मानव और प्रकृति को आत्मीय रिश्ते में बांधती है। आज के परिवेश में जब फूल खुशबू के बजाए अंगारे बांटते हों, गमलों में तुलसी की जगह नागफनी पनपती हो, ऐसे हालातों में केवल कविता है जो जीवन को बचा सकती है। निसंदेह यह कहा जा सकता है कि जिंदगी एक घबराया हुआ खरगोश बन गई है, कविता है जो उसे अपने आगोश में लेती है, आश्वस्त करती है, कहती है- मैं हूं ना।
  नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर अध्यक्ष अपने वक्तव्य में श्री मैत्रेय ने कहा कि यह कविता ही है जो हमें पराजित और हतप्रभ नहीं होने देती। विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस मंच पर बह रही गंगा जमुना की रसधार हमारे भाईचारे की मिसाल है। अपनी पंक्तियों पर वाहवाही लूटते हुए उन्होंने कहा 'एक खत हिंदी और उर्दू के नाम लिखता हूं, कर्जदार हूं दोनों का सरेआम लिखता हूं।' कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शरफ़ नानपारवी ने अपने अशआर से महफिल लूट ली। उन्होंने फरमाया 'मोहब्बत का कानों में रस घोलते हैं, यह उर्दू जुबां है जो हम बोलते हैं। फले फूले कैसे यह गूंगी मोहब्बत, न वो बोलते हैं ना हम बोलते हैं। हसीनों से कोई तिजारत ना करना, यह कम नापते हैं यह कम तौलते हैं। हजार आफतों से बचे रहते हैं, जो सुनते ज्यादा हैं कम बोलते हैं। शरफ़ उनसे अब हो मुलाकात कैसे, वह दरवाजा दिन में कम खोलते हैं।'
 बारादरी की संस्थापक डॉ. माला कपूर 'गौहर' ने कहा 'उसने जब पलकें झुकाई तो हुआ यह एहसास, शायद अब लफ्ज़ ए वफा जान लिया है उसने। बंद दरवाजा किया देखकर उसने मुझको, फिर दरीचे से मगर झांक लिया उसने। उसने ख़त मेरा नहीं पढ़ा तसल्ली है मुझे, मुतमइन हूं मेरा खत पढ़ तो लिया उसने।'
  बारादरी की संरक्षिका उर्वशी अग्रवाल 'उर्वी' ने कहा 'मैं शबरी हूं राम की चखती रहती बेर, तकती रहती रास्ता हुई कहां पर देख। कितना अचरज भरा शबरी का ये काम, बेरों पर लिखती रही दातों से वो राम।' सुप्रसिद्ध शायर मासूम गाजियाबादी ने फरमाया 'ये ख़राशें तो हाथों की मिट जाएंगी भूल जाऊंगा चाबुक के सारे निशां, टूटी छत,ठंडा चूल्हा,ओ फूटा तवा, मुफ़लिसी की मिसालों के काम आएंगे। मैं हूं मज़दूर लेकिन मेरी नस्ल भी कल को मज़दूर हो ये ज़रूरी नहीं, ज़ुल्म सहकर जो लब आज ख़ामोश हैं कल यक़ीनन सवालों के काम आएंगे।' संस्था के अध्यक्ष गोविंद गुलशन ने फरमाया 'भूल जाता है बशर जिस्म का फ़ानी होना, हमने देखा है मगर बर्फ़ का पानी होना।बहते बहते मैं भी पानी से अलग हो जाऊंगा, एक तिनका हूं रवानी से अलग हो जाऊंगा। लफ़्ज़ हूं तरतीब से मिसरे में मुझको बांध लो, वर्ना में अपने म'आनी से अलग हो जाऊंगा। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन 'नव दीफ' सम्मान से सम्मानित सरिता जैन ने कहा 'पैंतरे जब हवा के चलते हैं, सब दीए लड़खड़ा के जलते हैं। उनको भी आईने की आदत है, जो मुखौटा लगा के चलते हैं।' वरिष्ठ शायर सुरेंद्र सिंघल ने कहा 'यह उलजलूल बहस है कहीं न पहुंचेगी, जरा सी देर को खामोश होकर देखते हैं। किताब में रहेंगी तो तोड़ देंगी दम, मोहब्बत को जमीनों में बो कर देखते हैं।' कवयित्री  मनु लक्ष्मी मिश्रा ने कहा 'डर से किसी के भला हम लहजा बदल लें क्या, बिल्ली जो रास्ता काट दे तो हम रास्ता बदल दें क्या।' शायरा तरुणा मिश्रा ने फरमाया 'इस तरह दिल में तेरी याद रखी जाती है, जिस तरह चुपके से इमदाद रखी जाती है।' नेहा वैद ने कहा 'उंगलियों के पोर खुरदुरे हुए रुमाल पर, कितनी बार हाथ में सुई चुभी, एक फूल तब खिला रुमाल पर।' रवि पाराशर ने शेर कुछ यूं पढ़े 'दोस्ती का गुमान टूटा है, सर पर एक आसमान टूटा है। फूल अब भी हैं शाख पर लेकिन, फूल का इत्मीनान टूटा है।' निधि सिंह 'पाखी' ने कहा 'खमोशी पहन कर रहा दर्द दिल में, किस तौर गम को जताना नहीं था।' विपिन जैन ने कहा 'भूख जब अपनी जरूरत से आगे बढ़ गई, हमने जहनी तौर पर ही कुछ पका ली रोटियां। मंजू कौशिक ने कहा
'ऐसे मन में समा से गए हो, चोट नज़रों से यूं दे गए हो, जैसे आकाश में चांद तारे, दीप अनगिन जलाके गए हो।' कीर्ति रतन ने बचपन को संबोधित अपनी कविता में कहा 'करवाई जाती है गणना, जन जन की, रात के दूसरे, चौथे पहर भी, शामिल हो जाता है, हर व्यक्ति, तो फिर कहां ग़ायब हो जाती है, गिनती बचपन की  क़ूड़ा बीनती, सिक्के गिनती, जिसको बचाने की ख़ातिर, बनाए गए हैं कई क़ानून, दोहरे।'
बी.एल. बतरा 'अमित्र' ने कहा 'माटी से क्यूं उलझे बंदे सांसों का ये खज़ाना है, माटी के तू करे है धंधे, माटी तेरा ठिकाना रे।' 
  पारिवारिक और सामाजिक विसंगतियों पर चोट करते हुए डॉ. ईश्वर सिंह तेवतिया ने कहा 'कभी तेरहवीं से पहले जब, पुत्रों में झगडे होते हैं, किसे मिला कम किसको ज्‍यादा, जब अपने दुखडे रोते हैं, खुद पर नाइंसाफी को जब, बढ़ा चढ़ा कर बतलाते हैं, घर के बर्तन भांडे भी जब,
पंचायत में बंटवाते हैं, खाली कुटिया में तब पड़ा, बिछौना अच्छा लगता है जी, कुछ मौकों पर मुझे यकीनन, रोना अच्‍छा लगता है जी।' रिंकल शर्मा ने कहा 'मैं तेरी मोहब्बत को अपने सीने में सजाए बैठी हूं, उम्मीद ए मोहब्बत में तेरी एक दीप जलाए बैठी हूं।' राजीव सिंघल ने कहा 'दिल से कैसी शरारत हुई है, कुछ कहे बिन अदावत हुई है। महफिल में जब आ गया हूं, जाने फिर क्यों सियासत हुई है।' विजय एहसास में अपने एहसास कुछ यूं बयां किए 'सरहदें सारी पार कर देखूं, तुम कहो मैं भी प्यार कर देखूं। रूह पर कितने घाव आए हैं, जिस्म अपना उतार कर देखूं।' नंदिनी श्रीवास्तव ने कहा हो कहां तुम क्या तुम्हें आवाज मेरी दी सुनाई अब तुम्हें आना ही होगा देने मुझे चिर विदाई तूलिका सेठ ने कहा 'खिलौनों की तरह मां-बाप का दिल तोड़ जाते हैं, जवां होकर बुजुर्गों को अकेला छोड़ जाते हैं। वो क्या चारागिरी का फन दिखाएंगे, जो जमाने को, जो अपनी जिंदगी से फर्ज से मुंह मोड़ जाते हैं।' अनिमेष शर्मा ने फरमाया 'तिश्नगी होटों पे आंखों में उजाले होते, इश्क़ होता तो मेरे दिल पे भी छाले होते। इश्क़ होता तो हर एक शेर शरारा होता, शेर कहने के भी अन्दाज़ निराले  होते।' कार्यक्रम का संचालन दीपाली जैन 'ज़िया' ने किया। उन्होंने अपनी नज़्म 'अजनबी रिश्ता' "जाने क्यों अब मुझे सिगरेट की महक भाती है, मय के प्यालों से भी इक ख़ुशबू अलग आती है, तेरे ऐबों में कोई ऐब ही नहीं दिखता, मुझको तो जैसे तेरी लत ही लगी जाती है" पर जमकर दाद बटोरी। महफ़िल में, कुलदीप बरतरिया, अंकुर तिवारी, टेकचंद, आलोक यात्री, प्रताप सिंह, सुभाष चंदर, सुभाष अखिल, अर्चना शर्मा, संजय जैन, श्वेता त्यागी, श्रीबिलास सिंह, आदि ने रचनापाठ किया। इस अवसर पर प्रदीप आवल, रश्मि पाठक, दिनेश दत्त पाठक, सौरभ कुमार, ऋचा सूद, अंजलि, सुशील शर्मा, दीपा गर्ग, निखिल शर्मा, वागीश शर्मा, राकेश सेठ, डॉ. रजत रश्मि मित्तल, सर्वेश मित्तल सुरेश शर्मा अखिल, तिलक राज अरोड़ा, के. के. सिंघल, टी. पी. चौबे, डॉ. नवीन चंद्र लोहनी, अजय पाल नागर, विजेंद्र सिंह, अभिषेक कौशिक, पराग कौशिक, अशहर इब्राहिम, सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।

Sunday, 29 August 2021

17:08

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) गाजियाबाद का का दो दिवसीय जिला सम्मेलन सपन्न

गाजियाबाद:भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) गाजियाबाद का 28-29 अगस्त 2021 का दो दिवसीय जिला सम्मेलन सम्पन्न हुआ यह सम्मेलन 28 अगस्त 2021 को मीनामल धर्मशाला में हापुड़ रोड पर  जिला कमेटी के वरिष्ठ सदस्य कॉमरेड तेजपाल यादव के द्वारा दोपहर 2:00 बजे झंडारोहण कर किया गया  व सभी प्रतिनिधियों के द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि दी।इसके उपरांत
सम्मेलन का संचालन  कॉमरेड ब्रम्हजीत सिंह, नरगिस बेगम, मंजूर अहमद के तीन सदस्यों के अध्यक्ष मंडल द्वारा किया गया।
इस जिला सम्मेलन में 89 प्रतिनिधि प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमे 26 महिला प्रतिनिधि शामिल थीं। 
 सम्मेलन में पार्टी  जिला सचिव कॉमरेड बृजेश कुमार सिंह द्वारा विगत 3 साल के काम काज व गतिविधियों की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई,जिस  पर 21 डेलीगेट/ प्रतिनिधियों द्वारा अपने- अपने विचार व सुझाव रखे गए। उसके बाद आगे के तीन साल के लिए काम करने के लिये कई अहम फ़ैसले लिये गये।सम्मेलन में 1.बढ़ती महंगाई व खाद्य सुरक्षा 2.आर्थिक उदारीकरण की नीति व बेरोजगारी 3.शिक्षा व स्वास्थ्य 4.सांप्रदायिकता 5. दलित उत्पीड़न 6.महिलाओं पर उत्पीड़न के मुद्दों पर प्रस्ताव पास किये गये।साथ ही सम्मेलन में 15 सदस्यों की नई जिला कमेटी का चुनाव भी किया गया और 2 सदस्यों को स्थायी आमंत्रित सदस्य चुना गया। जिला कमेटी में  कॉमरेड बृजेश कुमार सिंह,दिनेश मिश्रा, ईश्वर त्यागी, जे पी शुक्ला, जाबिर कुरेशी, नीरु सिंह, जी एस तिवारी, मुन्नीलाल, रुखसाना बेगम, त्रिफूल सिंह, अबरार अहमद, शाहीन बेगम, रविन्द्र कुमार, नरगिस बेगम, रंजीत सिंह चुने गए। नव निर्वाचित जिला कमेटी में सर्व सम्मति से बृजेश कुमार सिंह को सचिव चुना गया। 
सम्मेलन का उद्घाटन सीपीआईएम दिल्ली एनसीआर राज्य सचिव मंडल के सदस्य कॉमरेड अनुराग सक्सेना और समापन पार्टी राज्य सचिव कामरेड के एम तिवारी द्वारा किया गया। सम्मेलन को राज्य सचिव मंडल के वरिष्ठ सदस्य कॉमरेड पुष्पेन्द्र सिंह ग्रेवाल द्वारा सम्बोधित करते हुए पार्टी के विस्तार के लिए व्यापक रुप में प्रकाश डाला गया। सम्मेलन में राज्य सचिव मंडल सदस्य का. आशा शर्मा, का. नत्थू प्रसाद, का.सुबीर बेनर्जी, राज्य कमेटी सदस्य का. गंगेश्वर दत्त शर्मा आदि नेता भी शामिल रहे। 
सम्मेलन में मँहगाई, बेरोजगारी, जरूरत मंदो को 7500 रुपये नगद देने, कोरोना महामारी का टीकाकरण मुफ्त किये जाने, किसान विरोधी तीनों कृषि कानून और मज़दूर विरोधी चारों (कोड) कानून आदि मुद्दों को लेकर 16 सितम्बर 2021 को गाजियाबाद जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। 

Saturday, 14 August 2021

06:25

वायु सेना स्टेशन हिंडन में भारत के वीरता पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में आजादी का अमृत महोत्सव


 14 अगस्त 2021

गाजियाबाद:आजादी का अमृत महोत्सव " विषय के तहत भारत के 75 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में , 14 अगस्त 21 को वायु सेना स्टेशन हिंडन में वीरता पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों के सम्मान में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। निम्नलिखित वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ कार्यक्रम के दौरान उनके परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित:-

            (ए) स्वर्गीय मेजर मोहित शर्मा अशोक चक्र सेना पदक

            (बी) कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी वीर चक्र

2. श्री राजेंद्र प्रसाद शर्मा और श्रीमती सुशीला शर्मा, स्वर्गीय मेजर मोहित शर्मा अशोक चक्र के माता-पिता और कर्नल और श्रीमती टीपी त्यागी ने इस अवसर पर शिरकत की। एयर कमोडोर मनीष कुमार गुप्ता एवीएसएम, एयर ऑफिसर कमांडिंग, वायु सेना स्टेशन हिंडन ने वीरता पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों को स्टेशन कर्मियों और अन्य आमंत्रितों की उपस्थिति में सम्मानित किया। एयर ऑफिसर कमांडिंग ने वीरता पुरस्कार विजेताओं को उनकी मेधावी सेवा के कार्यकाल के दौरान उच्चतम सैन्य मानक स्थापित करने के लिए सराहना की। GAP पोर्टल पर पंजीकृत कुल 4 छात्रों को भी इस कार्यक्रम को देखने के लिए आमंत्रित किया गया था।

3. पुरस्कार विजेताओं ने कहा कि उन्हें दिए गए इशारे से उन्हें छुआ और अत्यधिक सम्मानित महसूस किया गया। युद्धों के वीडियो क्लिप, वीरता पुरस्कार विजेताओं के साहस और वीरता को प्रदर्शित करते हुए, 1971 के युद्ध के दौरान सैनिकों के सामने आने वाली चुनौतियों और 2009 में जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान प्रत्यक्ष विवरण प्रदान करने वाले लोगों के लिए प्रदर्शित किए गए थे। . कर्नल टीपी त्यागी वीर चक्र ने उपस्थित लोगों के साथ 1971 के युद्ध के अपने अनुभव साझा किए।

 

Wednesday, 26 May 2021

01:57

हापुड़ विधायक विजय पाल आढ़ती ने किया हेल्प डेस्क का उद्घाटन tap news india

आज विधानसभा क्षेत्र हापुड में *भारतीय जनता पार्टी द्वारा कॉविड 19 टीकाकरण अभियान मैं (हेल्प डेस्क) का राजकीय_महिला_ चिकित्सालय सरकारी_अस्पताल कोठी गेट हापुड पर सदर विधायक विजयपाल आढती, क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल जी,व नगर पालिका अध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत जी* ने फीता काटकर उद्घाटन किया व अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में उपस्थित जिला महामंत्री मोहन सिंह, सांसद प्रतिनिधि राजीव अग्रवाल जी ,दक्षिण मंडल अध्यक्ष प्रवीन सिंघल, कार्यक्रम के प्रभारी संजय तोमर ,कार्यक्रम संयोजक मनोज जी , रमेश अरोड़ा, विनोद गुप्ता जी महेश तोमर जी, नगर महामंत्री संजीव वर्मा, इंद्रजीत जी ,मुकेश चोपड़ा ,नामित सभासद अजय भास्कर ,पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष हेमंत सैनी, किसान मोर्चा के अध्यक्ष राहुल शर्मा ,अमित त्यागी ,मीडिया प्रभारी मोनू सैनी, अजय गुप्ता गोपी आशीष सोमानी ,राजू पारीक, आदि भाजपा के वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।

Tuesday, 25 May 2021

01:43

हापुड़ विधायक विजय पाल आढ़ती ने हेल्प डेस्क सरकारी अस्पताल गढ़ रोड का किया उद्घाटन tap news india

गाजियाबाद: विधानसभा क्षेत्र हापुड में भारतीय जनता पार्टी द्वारा कोविड 19 टीकाकरण अभियान में हेल्प डेस्क का सरकारी अस्पताल गढ़ रोड पर सदर विधायक विजयपाल आढती, क्षेत्रीय महामंत्री विकास अग्रवाल जी,व नगर पालिका अध्यक्ष प्रफुल्ल सारस्वत जी ने फीता काटकर उद्घाटन किया व अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में उपस्थित जिला महामंत्री पुनीत गोयल,शयामेनदर त्यागी पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मालती भारती,उत्तरी मंडल के अध्यक्ष विनीत दीवान, पंजाबी संगठन प्रवीन सेठी, रमेश अरोड़ा, रितिक त्यागी, नामित सभासद अजय भास्कर ,पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष हेमंत सैनी, अमित त्यागी ,मीडिया प्रभारी मोनू सैनी, आदि भाजपा के वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे।

Monday, 15 March 2021

06:06

अपने अपने मकान पर सब पहुंचे एक मेरा ही घर नहीं आया :डॉ.सीता सागर

  गाज़ियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की नेहरू नगर शाखा में आयोजित महफ़िल ए बारादरी में कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सीता सागर ने कहा कि "महफ़िल ए बारादरी" ने अदब की दुनिया में जल्द ही ऊंचा मुकाम हासिल कर लिया है। अपने मुक्तक एवं गीतों पर उन्होंने जमकर सराहना बटोरी। उन्होंने कहा "सोचती हूं मगर नहीं आता, दूर तक तू नजर नहीं आता, अपने-अपने मकाम सब पहुंचे, एक मेरा ही घर नहीं आता। हर तरह के सफर को देखा है, मौसम के कहर को देखा है, मिल ही जाएगा एक दिन मुझको, मैंने सपने में घर को देखा है।"
  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेनू हुसैन ने फरमाया "कफ़स में नहीं होगा कभी मलाल मुझे, किसी के नाम से आता है ये खयाल मुझे, 
किसी को देखूं मगर मुझको तू नज़र आए, अब अपने नूर से ऐसा भी दे जमाल मुझे, तुझे फलक में सितारों में मैं नजर आऊं, कोई तो लम्हा अता कर बेमिसाल मुझे, खड़ी हूं ख्वाब में तेरे आईना बन कर, कोई तो आए जो ख्वाबों से दे निकाल मुझे।" बारादरी के अध्यक्ष गोविंद गुलशन ने कहा "चंद लम्हात भी सदियों की सिफ़त रखते हैं, वक़्त के टुकड़े का वाज़िब है कहानी होना। कोई पूछे तो सही ठहरी हुई लहरों से, कितना दुश्वार है दरिया में रवानी होना। बेबसी क्या है पता चलता है उस वक्त, भूख एक तार पर चलती हुई रह जाती है।" वरिष्ठ शायर सुरेंद्र सिंघल ने कहा "तेरे लबों पे खिले हैं जो फूल नकली हैं, तो इनका क्या करूं मुझ में यह मछलियां जो हैं। खुद अपने आप पर मुझको था ऐतबार बहुत, अब अपने आप से रहता हूं होशियार बहुत।" सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत करने वाली संस्था की  संयोजक डॉ. माला कपूर ने कहा "कुछ बात करो, कुछ बात करो, बात से ही बात बन जाएगी, खोई हुई वो यादें, सोई हुई सी तमन्ना, फिर दहलीज खटखटाएंगी, कुछ बात करो।" 
  कार्यक्रम का संचालन उर्वशी अग्रवाल उर्वी ने किया। उन्होंने अपनी पंक्ति "शबनम की एक बूंद दहकते अंगारों से क्या लड़ती, एक अकेला जुगनू थी मैं अंधियारों से क्या लड़ती, एक अकेली मछली थी मैं, मछुआरों से क्या लड़ती" पर जमकर दाद बटोरी। मासूम गाजियाबादी ने कहा "गुर भी तैराकी के आने चाहिए वरना कैसे तूफा से लड़ेंगे खाली पतवारों से आप, हो गए मासूम बच्चे अब कमाई की मशीन, रोएंगे तन्हा लिपटकर घर की दीवारों से आप।" उत्कर्ष ग़ाफ़िल ने कहा "हर आस टूटना लाज़िम थी तेरे साए में, उम्मीद यूं भी फरेबों की कर्ज़दारी थी। पड़ी हुई थी ज़रा दूर जिस्म से बाहर, वो लाश रूह की जो ग़ालिबन हमारी थी।" मनु लक्ष्मी मिश्रा ने कहा "कोई मेरे पांवों में मनुहारों की पायल बांध गया, बीती रात संकोचों की सीमा लांघ गया।" वी.के. शेखर ने अपने शेरों के माध्यम से कोरोनाकाल को रेखांकित किया। तरुणा मिश्रा ने कहा "देखिए रुक के ज़िंदगी के रंग, उसके चेहरे पर रोशनी के रंग, फूल हसरत से देखा करते हैं उसकी होठों की नाजुगी के रंग, जब्त से आता है ग़मों पे निखार, दर्द से बढ़ते हैं हंसी के रंग।" कीर्ति रतन ने कहा "आप से मिलना मेरा था अज़ब इक वाक़िया, आपने अच्छा किया जो मुझे ठुकरा दिया। उनको ये गफ़लत हुई, ढेर सी कह दीं ग़ज़ल, पर नहीं मिलता किसी में रदीफ़ो-काफ़िया।"आलोक यात्री, डॉ. संजय शर्मा, सुभाष चंदर, रूपा राजपूत, अर्चना शर्मा, आशीष मित्तल ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अतिविशिष्ट अतिथि आकांक्षा सिंह ने कहा कि बारादरी जैसे कार्यक्रम गंगा जमुना संस्कृति का प्रतीक हैं। जो सौहार्द बढ़ाने का काम करते हैं। संयोजक डॉ. स्मिता सिंह ने कहा कि बारादरी में आकर हम जिंदगी की हकीकत से अवगत होते हैं। ऐसे कार्यक्रम अवसादों को मिटाने के साथ-साथ लोगों में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। इस अवसर पर मकरंद प्रताप सिंह, देवेंद्र गर्ग, रविंद्र कांत त्यागी, वागीश शर्मा, श्वेता त्यागी, सोनम यादव, अशहर अब्राहिम, सुशील शर्मा, साजिद खान, कुलदीप, दीपा वर्मा, वैभव शर्मा, तिलक राज अरोड़ा,  कविता अरोड़ा, अजय वर्मा व धर्मपाल समेत बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।

Wednesday, 6 January 2021

01:13

गाजियाबाद में आम आदमी पार्टी का ग्राम संवाद कार्यक्रम आयोजित tap news india

 
ज़िला गाज़ियाबाद विधानसभा मोदीनगर ग्राम जहांगीरपुर व ग्राम गदाना में संवाद कायर्क्रम सपन्न हुआ जिसमें प्रदेश सह-प्रभारी व अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ श्री शकील मलिक जी छतरपुर विधायक श्री करतार सिंह तंवर जी ज़िला अध्यक्ष चेतन त्यागी 
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष हिना खान  यूथ प्रदेश उपाध्यक्ष अवि चौधरी  की उपस्थित में
जहांगीरपुर के वर्तमान प्रधान शिजाउद्दीन अंसारी जी व सभासद असलम जी ने अपने मेम्बर व समर्थको के साथ आप" का दामन थामा व ग्राम वासियो ने अरविंद केजरीवाल व "आप" में पूर्ण विश्वास जताया  

इमरान नम्बरदार

Tuesday, 5 January 2021

05:12

गाजियाबाद गौतमबुद्धनगर में जगह-जगह मजदूर करेंगे विरोध प्रदर्शन- गंगेश्वर दत्त शर्मा

दिल्ली एनसीआर, 8 जनवरी 2021 को चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) व तीन कृषि कानूनों को निरस्त कराने के लिए भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र "सीटू" के राष्ट्रीय आह्वान पर दिल्ली एनसीआर में मजदूर करेंगे जगह-जगह विरोध प्रदर्शन यह निर्णय मंगलवार 5 जनवरी 2020 को सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य कमेटी सचिव मंडल की  बीटीआर भवन 13 ए, राउज एवेन्यू नई दिल्ली में राज्य कमेटी अध्यक्ष कामरेड वीरेंद्र गौड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया बैठक में सीटू राज्य महासचिव कामरेड अनुराग सक्सेना ने चल रहे मजदूर किसान आंदोलन की रिपोर्ट रखी और कहा कि इस समय हमें किसानों के संघर्ष के प्रति समर्थन जारी रखते हुए मजदूरों की मांगों को लेकर तुरंत तेज अभियान और संघर्ष के कार्यक्रम को शुरू करना है और सीटू सेंटर के राष्ट्रीय आह्वान के तहत 7- 8 जनवरी 2021 को जिला स्तरीय जुझारू प्रदर्शन/ गिरफ्तारियां देना/ कलेक्ट्रेट का घेराव/ धरना- प्रदर्शन करना है।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड तपन सैन ने कहा कि मजदूर विरोधी श्रम संहिता और राष्ट्र विरोधी निजीकरण के खिलाफ मजदूर वर्ग का संघर्ष जो किसान विरोधी कृषि कानूनों और बिजली संशोधन बिल 2020 के खिलाफ किसानों के संघर्ष का पूरक बनेगा संघर्ष के इन मोर्चा के साथ अकेले किसान और मजदूर ही कारपोरेट समर्थक नव उदारवादी शासन को पीछे धकेल सकते हैं इस प्रकार कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग के साथ-साथ मजदूर वर्ग को अपनी विशिष्ट मांगों पर संघर्ष को तेज करना महत्वपूर्ण और जरूरी है इसीलिए सीटू ने राष्ट्रीय स्तर पर 7- 8 जनवरी को देशव्यापी संघर्ष का आह्वान किया है उन्होंने राज्य के नेताओं से अपील किया कि बड़े पैमाने पर उपरोक्त कार्यक्रमों में मजदूरों को लामबंद किया जाए।
सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य उपाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि सभी चार श्रम संस्थाओं को निरस्त किया जाए एवं तीन कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए, बिजली बिल 2020 को वापस लिया जाए, निजीकरण बंद करों, सभी गैर आयकर दाता परिवारों के लिए ₹7500 प्रति माह का नगद हस्तांतरण, सभी जरूरतमंदों को 10 किलो खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह, कम से कम ₹700 दैनिक मजदूरी के साथ 200 दिन मनरेगा के तहत काम कानूनी रूप से लागू रोजगार गारंटी योजना का शहरी क्षेत्रों में विस्तार करों, एनपीएस निरस्त करो, पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करो, सभी को सामाजिक सुरक्षा दो, सार्वभौमिक निशुल्क स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करो आदि आंदोलन की प्रमुख मांगे हैं।
 बैठक में सचिव मंडल सदस्य कामरेड अनुराग सक्सेना, वीरेंद्र गौड़, गंगेश्वर दत्त शर्मा, सिद्धेश्वर शुक्ला, एच.सी. पंथ, पुष्पेंद्र सिंह, जी.एस. तिवारी, हरपाल त्यागी, मनवर रावत एवं सीटू सेंटर की ओर से राष्ट्रीय महासचिव कामरेड तपन सेन ने हिस्सा लिया।

Sunday, 20 December 2020

17:25

पुलिस के हत्थे चढ़े शराब तस्कर tap news india

गाजियाबाद में आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के  आदेशानुसार  एवं संयुक्त आबकारी आयुक्त मेरठ जोन , उप आबकारी आयुक्त मेरठ प्रभार  के निर्देशों के अनुपालन के क्रम में प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री परिवहन के रोक थाम हेतु चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान  में जिला आबकारी अधिकारी गाजियाबाद के कुशल नेतृत्व में हेमलता रंगनानी आबकारी निरीक्षक सेक्टर 5 गाजियाबाद मय स्टाफ एवं साहिबाबाद थाना पुलिस  के साथ सघन चेकिंग के दौरान थाना  साहिबाबाद के अंतर्गत मोहन नगर चौक से एक होंडा कार  नंबर  DL9CU6562  जिसमें अवैध इंपोर्टेड व्हिस्की विभिन्न ब्रांड के लाई जा रही थी को माल समेत , दो अभियुक्तों सतीश निवासी वसुंधरा एवं कावेश मल्होत्रा निवासी वसुंधरा  को  पकड़ा  गया l दोनों अभियुक्तों  के पास से  77 बोतल  विभिन्न इंपोर्टेड ब्रांड की  मिली जिसमें रेड लेबल ,ब्लैक लेबल, हंड्रेड पाइपर  एवं वैलेंटाइन  शामिल थीl पूछताछ की कार्यवाही के दौरान दोनों अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि वह यह माल विकास गुप्ता निवासी इंदिरापुरम  के यहां से  खरीदते हैं एवं  ऊंचे दाम में अलग-अलग लोगों को बेच देते हैं l तब विकास गुप्ता  के घर  छापा मारकर वहां से बलेनो  कार नंबर UP14DU 8269 से 94 बोतल  व्हिस्की विभिन्न इंपोर्टेड ब्रांड की  बरामद की गई l तीनों अभियुक्तों , दो वाहन एवं  कुल 177  बोतल  इंपोर्टेड ब्रांड व्हिस्की की बरामदगी के साथ के  धारा  63/ 72 एवं 420 आईपीसी के अंतर्गत थाना साहिबाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया l

Friday, 9 October 2020

22:28

सत्ता के अहंकार में गरीबों का शोषण करती सरकार

गाजियाबाद नंद ग्राम वार्ड नंबर 6 शांति नगर जो कि लगभग 22 साल पुरानी कॉलोनी है जो कि पहले किसानों की भूमि थी उनके द्वारा काटी गई यहां लगभग 500 से 600 पक्के मकान हैं जो कि लोगों ने अपने मेहनत की एक-एक पाई जोड़ कर ली है लोगों के पास अपनी जमीन की पक्की रजिस्ट्री और दाखिला खारिज भी है निगम द्वारा यहां पक्की सड़कें समय-समय पर बनाई जाती रही हैं नालियों का कार्य भी होता रहा है यहां बिजली पानी की लाइन सीवर की लाइन आदि सभी सुविधाएं नगर निगम द्वारा दी गई हैं लोग यहां हाउस टैक्स जमा करते हैं अधिकतर लोगों को सरकारी व गैर सरकारी बैंकों द्वारा लोन भी प्राप्त है लोगों के यहां राशन कार्ड बने हुए हैं वोटर कार्ड हैं आधार कार्ड हैं और वह अपने वोट का इस्तेमाल भी करते हैं वोट भी डालते हैं,
अब अचानक नगर निगम ने यह पूरी कॉलोनी अवैध घोषित कर दी है दिनांक 18/09/2020 को रात करीब 9:00 बजे कुछ मकानों पर निगम द्वारा नोटिस लगा दिया गया और  19/09/2020 को सुबह 10:00 बजे नगर निगम और क्षेत्रीय पुलिस द्वारा कुछ मकानों को गिरा दिया गया विरोध करने पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की गई जिसमें कुछ लोगों के चोट भी आई और सदमे के कारण एक व्यक्ति जो कॉलोनी के निवासी थे उनकी मृत्यु हो गई हमने सभी जगह गुहार की पर हमारी मदद को कोई नहीं आया हमने मंत्री जी श्री आदित्य योगी नाथ जी के यहां तब पत्रों द्वारा खबर पहुंचाई पर उनका भी कोई जवाब नहीं मिला पता करने पर पता चला कि यहां बीजेपी सरकार का कोई प्रोजेक्ट पूरा होना है जिसके चलते उन्हें जमीन की जरूरत है और बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि हम गरीबों को की मदद की जाए
अब 9/10/2020 को फिर से एक नोटिस नगर निगम द्वारा कॉलोनी वालों को दिया गया है ।