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Friday, 9 October 2020

22:28

सत्ता के अहंकार में गरीबों का शोषण करती सरकार

गाजियाबाद नंद ग्राम वार्ड नंबर 6 शांति नगर जो कि लगभग 22 साल पुरानी कॉलोनी है जो कि पहले किसानों की भूमि थी उनके द्वारा काटी गई यहां लगभग 500 से 600 पक्के मकान हैं जो कि लोगों ने अपने मेहनत की एक-एक पाई जोड़ कर ली है लोगों के पास अपनी जमीन की पक्की रजिस्ट्री और दाखिला खारिज भी है निगम द्वारा यहां पक्की सड़कें समय-समय पर बनाई जाती रही हैं नालियों का कार्य भी होता रहा है यहां बिजली पानी की लाइन सीवर की लाइन आदि सभी सुविधाएं नगर निगम द्वारा दी गई हैं लोग यहां हाउस टैक्स जमा करते हैं अधिकतर लोगों को सरकारी व गैर सरकारी बैंकों द्वारा लोन भी प्राप्त है लोगों के यहां राशन कार्ड बने हुए हैं वोटर कार्ड हैं आधार कार्ड हैं और वह अपने वोट का इस्तेमाल भी करते हैं वोट भी डालते हैं,
अब अचानक नगर निगम ने यह पूरी कॉलोनी अवैध घोषित कर दी है दिनांक 18/09/2020 को रात करीब 9:00 बजे कुछ मकानों पर निगम द्वारा नोटिस लगा दिया गया और  19/09/2020 को सुबह 10:00 बजे नगर निगम और क्षेत्रीय पुलिस द्वारा कुछ मकानों को गिरा दिया गया विरोध करने पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की गई जिसमें कुछ लोगों के चोट भी आई और सदमे के कारण एक व्यक्ति जो कॉलोनी के निवासी थे उनकी मृत्यु हो गई हमने सभी जगह गुहार की पर हमारी मदद को कोई नहीं आया हमने मंत्री जी श्री आदित्य योगी नाथ जी के यहां तब पत्रों द्वारा खबर पहुंचाई पर उनका भी कोई जवाब नहीं मिला पता करने पर पता चला कि यहां बीजेपी सरकार का कोई प्रोजेक्ट पूरा होना है जिसके चलते उन्हें जमीन की जरूरत है और बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि हम गरीबों को की मदद की जाए
अब 9/10/2020 को फिर से एक नोटिस नगर निगम द्वारा कॉलोनी वालों को दिया गया है ।

Friday, 24 July 2020

17:24

ASSP द्वारा सभी पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी के साथ किया जा रहा अपराध गोष्ठी का आयोजन


गाजियाबाद  कलानिधि नैथानी  द्वारा अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस लाइन सभागार में जनपद के पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी एवं सभी थाना प्रभारियों के साथ अपराध गोष्ठी की जा रही है।  जिसमें निम्न बिंदुओं पर समीक्षा की जा रही है।

1-पोक्सो एक्ट के अभियोगो में कृत कार्रवाई।
2-गोकशी के अभियोग में कृत कार्रवाई।
3-आगामी त्योहारों के संबंध में तैयारी।
4-कोरोना के संबंध में कृत कार्यवाही एवं तैयारी।
5-माफिया अपराधियों एवं टॉप टेन अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई।
6-शराब खनन के अपराधों की समीक्षा।
7-अधीनस्थों पर प्रभावी नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण के संबंध में समीक्षा।
8-शासन स्तर से प्रचलित अभियान (भूमि विवाद रजिस्टर अध्यावधिक करना 107/116 सीआरपीसी की कार्यवाही, गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई, विस्फोटक पदार्थों से संबंधी कार्रवाई, आपराधिक व्यक्तियों के शस्त्र निरस्तीकरण) में कार्यवाही की समीक्षा।
9-अपराध एवं निरोधात्मक कार्रवाई के 3 वर्षीय तुलनात्मक आंकड़े।
10-एस.आर.केसो के वांछित अभियुक्तों की समीक्षा।
11-अनावरण को शेष हत्या लूट डकैती अपहरण एवं अन्य महत्वपूर्ण अभियोगों आदि की समीक्षा की जा रही है।
रविन्द्र 

Sunday, 16 February 2020

19:07

लेखन में घातक सिद्ध होते हैं सिद्धांत और परंपरा : कमल वंदना जोशी, मनु लक्ष्मी, चारू, फलक, ज़िया और रश्मि पाठक की कहानियों पर हु





संवाददाता  गाजियाबाद। कालजई रचनाएं राजनैतिक विचारधारा से मुक्त होती हैं। मौजूदा दौर राजनीतिक विचारधाराओं के पोषण का समय है। राजनैतिक विचारधारा से प्रेरित रचनाएं एक दिन स्वयं समाप्त हो जाती हैं। हिंदी की हर विधा में स्थापित रचनाकार कमलेश भट्ट 'कमल' ने मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के "कथा संवाद" में उक्त विचार प्रकट करते हुए कहा कि लेखन में सिद्धांत और परंपराएं घातक सिद्ध होती हैं‌। अधिकांश बड़े रचनाकारों ने खास विचारधारा को अपने लेखन पर हावी नहीं होने दिया।
  होटल रेडबरी में आयोजित "कथा संवाद" के अध्यक्ष श्री कमल ने कहा कि ऐसे आयोजन नवागंतुकों की आदर्श पाठशाला हैं। यहां पढ़ी गईं तमाम रचनाएं इस बात का संकेत हैं कि इस मंच पर भविष्य के बड़े रचनाकार जन्म ले रहे हैं। मनु लक्ष्मी मिश्रा की कहानी "जीवन और संघर्ष", वंदना जोशी की कहानी "सिक्का" और अजय फलक की कहानी "मुक्ति" को उन्होंने उत्कृष्ट रचना बताया। रश्मि पाठक की कहानी "अवरोध" पर चर्चा करते हुए आलोक यात्री ने कहा कि कहानी का विषय, भाव दोनों सराहनीय हैं लेकिन वृतांत अधिक है। जिसे समेटा जाना चाहिए। श्री कमल ने कहा कि "अवरोध" में दो कहानियां समाहित हैं। जिन्हें अलग करना बेहतर होगा। चारू देव की 'मां" पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ व्यंग्यकार व समीक्षक सुभाष चंदर ने कहा कि एक नवयौवना की दो बच्चों के विधुर पिता से विवाह की स्वीकारोक्ति को जस्टिफाई किया जाना शेष है। दीपाली जैन ज़िया की कहानी "सवाल" की नायिका राधिका पर चर्चा के दौरान वरिष्ठ पत्रकार महकार सिंह ने कहा कि दीपाली ने बोल्ड विषय पर कहानी लिखने का साहस दिखाया है। प्रासंगिक विषय पर आधारित इस कहानी को सावधानी से संवारा जाना चाहिए। 'सवाल" पर प्रश्न उठाते हुए वंदना जोशी ने कहा कि नैतिकता और अनैतिकता के बीच की इस कहानी में रोमांटिसिजम की कमी दूर कर कहानी को और सशक्त किया जा सकता है। संवाद में सीताराम अग्रवाल, सुरेंद्र सिंघल, सुभाष अखिल, डॉ. तारा गुप्ता, डॉ. बीना मित्तल, डॉ. बीना शर्मा, अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव, रमेश शर्मा, राजेंद्र नाथ पांडेय, वागीश शर्मा, सीमा सिंह, तूलिका सेठ ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का संचालन दीपा जैन ज़िया ने किया। संस्था के अध्यक्ष शिवराज सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती प्रज्ञा पांडे, भारत भूषण बरारा, सुदर्शना, दिनेश दत्त पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।

Sunday, 9 February 2020

10:46

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के बच्चों ने लिया ‌धरा, जल, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प




पाॅम-पाॅम शो के समापन के साथ "बारादरी' का हुआ शुभारंभ
सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के बच्चों ने लिया ‌धरा, जल, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
                संवाददाता
   गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की नेहरू नगर शाखा में तीन दिवसीय पाॅम- पाॉम शो के समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि उर्वशी अग्रवाल 'उर्वी' ने कहा कि नन्हे मुन्ने बच्चों की तमाम प्रस्तुतियां इस बात का सुबूत हैं कि स्कूल बच्चों को संस्कारित करने में सफल है। अधिकांश स्कूली कार्यक्रमों में जहां भारतीय सभ्यता का लोप हो रहा है, मंच पर पाश्चात्य संस्कृति अपनाई जा रही है, वहां इस स्कूल के बच्चों की प्रस्तुतियां भारतीय संस्कृति पोषित करने का काम कर रही हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. बृजपाल सिंह त्यागी ने बच्चों द्वारा धरा, प्रर्यावरण, जल संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूकता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। स्कूल की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर ने कहा कि विकास ने नाम पर हमने जो क्षति की है उसकी पूर्ति आने वाली नस्लें ही करेंगी।
  दो सत्रों में आयोजित पाॅम-पाॅम शो के मध्य मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन द्वारा "कवि संवाद" का आयोजन भी किया गया। डॉ. कुंवर बेचैन की अध्यक्षता में हुए "कवि संवाद" की शुरूआत संतोष ओबराय द्वारा चंद शेरों से की गई। उन्होंने कहा "संभल कर बैठना कातिल तू मेरे सीने पर, लहू की छींट से दामन जरा बचाए हुए, कफन हटाओ ना लिल्लाह मेरे चेहरे से, गुनहगार हूं रहने दो मुंह छिपाए हुए।" मासूम गाजियाबादी ने कहा "आओ इंसानी रूहों के सौदागरों, लोग बैठे हैं बिकने को बाजार में। बेबसी से किसी की तुम्हें क्या गरज, आज तो खोटे सिक्के भी चल जाएंगे। "कवि संवाद" के केंद्र में रहीं उर्वशी अग्रवाल 'उर्वी' ने कहा कि "बारादरी" के तौर पर आयोजित यह गोष्ठी हमारे जिंदा रहने का सुबूत है। उन्होंने कहा कि मंचों और महफिलों से अलग हटकर इस तरह का समागम भी आवश्यक है। जिसमें गिनती के सुनने वाले और सुनाने वाले हों। जहां रचनाओं पर मुकम्मल तौर पर चर्चा भी हो सके। उन्होंने अपने गीत, ग़ज़ल, दोहे और महाकाव्य के अंशों से भरपूर वाह वाही बटोरी। उन्होंने फरमाया "मैं शबरी हूं राम की चखती रहती बेर, तकती रहती रास्ता, हुई कहां पर देर।" "मैं दर्शन की प्यासी हूं, घर में ही प्रवासी हूं।" काश वचन स्वीकार ना करती, मैं भी रेखा पार करती।" 
  डॉ. माला कपूर ने महफिल का नामकरण "बारादरी" करते हुए इन पंक्तियों "नवाज़े संग ओ ख़िश्त कुछ इस अन्दाज़ से, शर्म से वो मरमरी गुलाब हो गए। रफ़्तार ही वजह थी हवा तो बस हवा थी, रोशन हुई दहलीज़ कहीं आशियाँ जला। तुम ही मसरूफ नहीं दुनिया में बशर, गिरफ़्त में इसकी सारी कायनात है।
ख़्वाहिशों का दिया यूं डर डर के ना जला, हवाएँ हर दम आंधियों का पैग़ाम नहीं होतीं" पर भरपूर दाद बटोरी। आलोक यात्री ने "नानी की चिट्ठी" कविता पढ़ी। अंजू जैन ने फरमाया "घिसी इतनी कि चंदन हो गई हूं, झुकी इतनी कि वंदन हो गई हूं, छुआ मैंने तो पारस से लगे तुम, छुआ तुमने तो कुंदन हो गई हूं।" कार्यक्रम का संचालन दीपाली जैन "ज़िया" ने किया। उन्होंने भी अपने शेरों पर भरपूर वाहवाही बटोरी। उन्होंने कहा "तुमने बांधा है खुद को हदों में, हूं समर्पित मैं पूरी की पूरी, दो कदम मैं चलूं दो कदम तुम तब मिटेगी दूरी।" डॉ. रमा सिंह ने अपने मुक्तक और ग़ज़ल पर वाहवाही बटोरी। उन्होंने फरमाया "मौन का आसमान होता है, आंसुओं में बयान होता है, है उसे जानना बहुत मुश्किल, दर्द तो बेजुबान होता है।" डॉ. कुंवर बेचैन ने कहा "पत्थर की तरह वह तो मुझे देखता रहा, मैंने ही चलकर ताजमहल को विदा किया। कहां है वह गहराइयां हंसने हंसाने में, मिलेंगी जो किसी के साथ दो आंसू बहाने में।" मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवराज सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. मंगला वैद, कविता शरना, रेनू चोपड़ा, उमा नवानी, अतुल जैन, राजीव शर्मा, अर्चना शर्मा, वैभव शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद थे।

Friday, 7 February 2020

17:48

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के बच्चों की प्रतिभा को अपर नगर आयुक्त ने सराहा







              संवाददाता
  गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित तीन दिवसीय "पॉम-पाॅम शो" के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने कहा कि  वैश्विक स्तर पर जिस पारिस्थितिकी संकट से गुजर रहे हैं, उससे आने वाली पीढ़ी और यह बच्चे ही निजात दिला सकते हैं। कवि नगर शाखा में शुक्रवार को आयोजित समारोह में श्री कुमार ने इस बात पर हैरानी जताई कि नन्हें मुन्ने बच्चे स्वच्छता, प्रर्यावरण, विकृत खान-पान और नदियों के संकट को अपनी प्रस्तुतियों का विषय चुन रहे हैं। इससे पूर्व बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र शाखा में आयोजित समारोह
को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती स्मिता सिंह ने कहा कि अभिभावक, शिक्षक और बच्चे एक ही सूत्र में बंधे हैं। उत्तर प्रदेश राजकीय औद्योगिक विकास निगम की क्षेत्रीय प्रबंधक श्रीमती सिंह ने कहा कि उनकी बेटियों की प्रारंभिक शिक्षा भी इसी स्कूल में हुई है, लेकिन ‌उच्चतर कक्षाओं में पहुंचने के बादजूद उनका पुराने स्कूल से जुड़ाव यह साबित करता है कि गुरु शिष्य का रिश्ता गर्भनाल जैसा होता है। इस रिश्ते की दूसरी कड़ी हैं अभिभावक, जिन्हें यह सोचना चाहिए कि जिस बच्चे रूपी पौधे को उन्होंने शिक्षा के आंगन में रोपा है उसकी जड़ें मजबूत कैसे हों। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पार्षद हिमांशु मित्तल ने कहा कि यह सबसे सुखद पहलू है कि बच्चों को भारतीय संस्कृति की शिक्षा दी जा रही है।
  अपने संबोधन में चेयरमैन रो. डॉ. सुभाष जैन ने ‌कहा कि उनके नाती-पोते भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। लिहाजा हमारी कोशिश रहती है कि हम शिक्षा का ऐसा वातावरण बनाए रखें जो संस्कारवान बच्चों की उत्तम पौध तैयार कर सके। डॉयरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर ने कहा कि स्कूल तैंतीस साल की यात्रा कर 34वें साल में प्रवेश कर गया है। इस अवधि में स्कूल की शाखाएं एक से बढ़कर तीन हो गई हैं। जो अभिभावकों के विश्वास का ही प्रतिफल हैं। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे बहुत जल्दी परिपक्व हो रहे हैं। हमारे आचरण और भाषा को अंगीकार करने को यह आतुर रहते हैं।  लिहाजा अभिभावकों को इनके सामने नकारात्मक सोच और भाव प्रकट करने से बचना चाहिए। कुछ अभिभावकों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वह बच्चों के प्रति शिक्षकों के समर्पण को समझ सकते हैं। घर में एक दो बच्चों को संभालना आसान नहीं है और यहां शिक्षक को मेढ़क सरीखी बच्चों की पूरी फौज संभालनी पड़ती है। इस अवसर पर शिक्षाविद श्रीमती संतोष ओबरॉय, वाइस प्रिंसिपल डॉ. मंगला वैद, श्रीमती बबीता जैन, नमन जैन, निधि जैन, कविता सरना, रेनू चोपड़ा, उमा नवानी, आलोक यात्री, पूर्व पार्षद मोनिका मित्तल, दीपाली जैन "जिया" व प्रतीक्षा सक्सेना सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।

Tuesday, 21 January 2020

11:31

मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन द्वारा रचनाएं की जाएंगी पुरस्कृत


  गाजियाबाद। मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के "कथा संवाद" में चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध लेखक डॉ. असलम जमशेदपुरी ने कहा कि संवाद में अधिकांश रचनाकार मौजूदा दौर की नब्ज टटोलते नजर आए। पढ़ी गईं रचनाएं प्रासंगिक और सामाजिक हैं। जो सामाजिक सरोकारों से सीधे जोड़ती हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. जमशेदपुरी ने कहा कि जेहनी तौर पर हम जब जब विभाजन के कगार पर खड़े होते हैं तो ऐसी रचनाएं ही हमारा मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने कहा कि बंटवारे को लेकर बहुत सी कहानियां लिखी गईं। मंटो की कहानियां आज भी इसलिए प्रासंगिक दिखाई देती हैं कि विषय हमेशा प्रासंगिक रहते हैं, बस बयां करने का तरीका बदल जाता है।
  होटल रेडबरी मैं आयोजित "कथा संवाद" में रविंद्रकांत त्यागी, शालिनी सिन्हा, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. प्रीति कौशिक, मनु लक्ष्मी मिश्रा एवं डॉ. असलम जमशेदपुरी ने रचना पाठ किया। इसके अलावा डॉ. बीना शर्मा, नंदिनी श्रीवास्तव व रिंकल शर्मा ने अपनी रचनाओं के प्लॉट सुनाए। लेखन तकनीक पर चर्चा करते हुए डॉ. जमशेदपुरी ने कहा कि आज कोलाज टेक्निक में कहानी लिखी जा रही है। उदाहरण स्वरूप उन्होंने इसी तकनीक पर लिखी अपनी कहानी "आधी अधूरी कहानी" के दूसरे हिस्से "मैं तुम्हारी कहानी नहीं लिख सकता" का पाठ किया। मुख्य अतिथि पंकज सिंह ने कहा कि "मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन" वैचारिक आंदोलन को सार्थक दिशा देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वैचारिक विमर्श के केंद्र और अड्डे खत्म होते जा रहे हैं। नए लेखकों के लिए वैचारिक विमर्श के अवसर भी कम हो गए हैं। श्री सिंह ने कहा कि कथा संवाद के साथ हमें "भाषा संवाद" पर भी काम करना चाहिए। भाषाएं खजानों की चाबियां हैं। फाउंडेशन सचिव दीपाली जैन "ज़िया" ने अवगत कराया कि वर्ष 2020 में पढ़ी गई कहानियों को पुरस्कृत करने के साथ उन्हें पुस्ताकार रूप में प्रकाशित भी किया जाएगा। संवाद में राजकमल, अतुल सिन्हा, सुभाष चंदर, सुभाष अखिल, डॉ.जकी तारिक़, आलोक यात्री, कमल प्रभा, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. इरशाद स्यानवी, बलबीर सिंह, अंजलि त्यागी, हाशिम देहलवी, वाई. के. पांडेय, वागीश शर्मा, अक्षयवर नाथ श्रीवास्तव, तुलिका सेठ, विनोद दीक्षित, भारत भूषण बरारा,विनीत गौड़, पराग कौशिक, सुदामा पाल, सुरेश शर्मा "अखिल", मौहम्मद इकबाल, अभिषेक कौशिक, अरुण साहिबाबादी, एम. के. चौधरी, मृदुल कुमार, सबा सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तारा गुप्ता ने किया।

Sunday, 15 December 2019

23:01

महिला रचनाकारों को समर्पित रहा मीडिया 360 लिटरेरी फाउंडेशन का 25 वा कथा संवाद



                संवाददाता
  गाजियाबाद। मीडिया 36 लिट्रेरी फाउंडेशन द्वारा आयोजित "कथा संवाद" को संबोधित करते हुए प्रख्यात लेखक सुभाष नीरव ने कहा कि ऐसी कार्यशाला ही लेखक गढ़ने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि वे लोग बधाई के पात्र हैं जिन्होंने साहित्य से लौ लगाई है और इस कार्यशाला में निरंतर हिस्सेदारी कर रहे हैं। श्री नीरव ने कहा कि हम ऐसे कठिन समय से गुजर रहे हैं जहां साहित्य को परिदृश्य से धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले रचनाकार भाषा, शिल्प और शैली के स्तर पर कमजोर हो सकते हैं लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि गुलेरी, अज्ञेय, राजेंद्र राव, से. रा. यात्री जैसे लेखक भी यहीं से निकलेंगे।
  मुख्य अतिथि श्री नीरव ने कहा कि अधिकांश साहित्यिक पत्रिकाएं बंद हो चुकी हैं। हिंदी की जो पत्रिकाएं बची भी हैं उनमें साहित्यिक पृष्ठों की जगह अचार, मुरब्बा की रेसिपी या फिल्मी नायिकाओं की तस्वीरें छपी मिलती हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. नवीन लोहनी ने "कथा संवाद" के तीसरे वर्ष में प्रवेश को एक सुखद संकेत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का विस्तार विश्व विद्यालय स्तर पर होना चाहिए। 30 माह के अपने चीन प्रवास के अनुभव साझा करते हुए डॉ. लोहनी ने कहा कि देश में प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों को हिंदी पढ़ाने के प्रति उदासीनता बरती जा रही है, जबकि चीन के 17 विश्व विद्यालयों में हिंदी पाठ्यक्रम में शामिल है। वर्ष 2020 तक चीन के 20 विश्व विद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जाने लगेगी। इससे पूर्व अपने संबोधन में आयोजक सुभाष चंदर ने कहा कि अन्य महानगरों की तरह गाजियाबाद में कविता व गजल के कार्यक्रम तो बहुतायत में हो रहे हैं, लेकिन कहानी विधा पर होने वाला "कथा संवाद" इकलौता कार्यक्रम है। संयोजक आलोक यात्री ने कहा कि फाउंडेशन की कोशिश किस्सागोई की परंपरा को जीवित रखना है। फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवराज सिंह ने अपनी रचना "हम सब चोर हैं" का खाका (ड्राफ्ट) सुनाया। मनु लक्ष्मी मिश्रा की कहानी "रेप" पर विस्तृत चर्चा हुई। एक स्वर से इस कथा को सशक्त रचना घोषित किया गया। प्रीति कौशिक की कहानी "डर", डॉ. बीना शर्मा की कहानी "रिश्ता" और नेहा वैद की कहानी "हिचकू" पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बीना शर्मा ने किया। संवाद में डॉ. धनंजय सिंह, गोविंद गुलशन, सुशील शर्मा, अंजू जैन, रवि अरोड़ा, अनामी शरण बब्बल, दिनेश श्रीवास्तव ने भी विचार प्रकट किए। इस अवसर पर कुलदीप, अशोक कौशिक, सुदामा पाल, रश्मि पाठक, तेजस चौहान, पराग कौशिक, योगेंद्र सिंह, अजय चौहान, वागीश शर्मा, रवि शंकर पाण्डेय, भारत भूषण बरारा, दिनेश दत्त पाठक, विनीत गौड़, सुरेंद्र शर्मा, अभिषेक कौशिक सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।

Monday, 2 December 2019

19:27

उत्तर प्रदेश महिला आयोग ने बैठक कर दिए कई निर्देश






गाजियाबाद जिला प्रोबेशन अधिकारी गाजियाबाद ने जानकारी देते हुए बताया है उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्षा श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा पी0डब्लू0डी0 गैस्टहाउस गाजियाबाद में महिला उत्पीड़न के प्रकरणों में समीक्षा बैठक की गई ।सर्वप्रथम उपाध्यक्षक ने अपने वाटसप नं0 - 6306511708 एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की ईमेल आईडी सभी उपस्थित अधिकारियों को नोट करायी । उन्होंने बताया कि वट्स ऐप नं0 पर कोई भी महिला किसी भी समय अपनी शिकायत भेज सकती है । शिकायत के साथ अपनी आईडी भी भेजनी जरूरी होती है । उन्होंने महिला प्रकरणों में महिला थाने से आई उपनिरीक्षक सुनीता राणा से महिलाओं की शिकायतों की जानकारी ली और महिला प्रकरणों में पुलिस के स्तर पर लम्बित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये और रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के बारे में भी पुलिस के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र पीडिता योजना से लाभान्वित होनी चाहिए । उपनिरीक्षक अजय कुमार को जनपद के सभी थानों में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के विषय में जानकारी उपलब्ध कराये एवं सभी थानो को योजना के लाभ के लिए आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर पोर्टल पर एफ0आई0आर0 अपलोड करने में लापारवाही न बरती जाये ।
बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग से आई डा0 माला शर्मा ने बताया कि ऐसी पीड़िताओं की जांच समय से हमारे स्तर पर कोई भी लापारवाही नहीं बरती जाती है। उपाध्यक्ष ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को महिला मामलों में सवेंदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिये गये। समीक्षा बैठक में शशी वार्ष्णेय जिला कार्यक्रम अधिकारी निधि मलिक , सेटर मैनेजर , वन स्टॉप सेंटर , जितेन्द्र कमार संरक्षण अधिकारी , नेहा वालिया प्रभारी महिला कल्याण अधिकारी एवं महिला शक्ति केन्द्र , जिला समन्वयक सुश्री मनीषा चौधरी महिला शक्ति केन्द्र , बाल कल्याण समिति के सदस्य डा० मधुरानी व वन्दना मित्तल , सुनीता राणा उपनिरीक्षक महिला थाना , समाज कल्याण विभाग से श्री रंजन , दिग्व्यांग जन कल्याण विभाग प्रतिभा सिंह , स्वास्थ्य विभाग से डा0 माला शर्मा , सेवा योजन से मनीषा अत्री , उपनिरीक्षक अजय कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहें ।

Friday, 29 November 2019

18:58

डॉक्टर माला कपूर को मिला फैलो आफ एजुकेशन इन सोसाइटल मिशन अवार्ड



संवाददाता गाजियाबाद। "द अकादमी ऑफ एनवायरमेंटल बायोलॉजी" एवं "राष्ट्रीय मत्स्य अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो" द्वारा लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में पर्यावरण व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट व अनुकरणीय योगदान के लिए सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर को "फैलो ऑफ एजुकेशन इन सोसाइटल मिशन" सम्मान से अलंकृत किया गया। पर्यावरण एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इन संस्थाओं से पुरस्कृत होने वाली डॉ. कपूर पहली महिला हैं। डॉ. कपूर को सम्मानित करते हुए "द अकादमी ऑफ एनवायरमेंटल बायोलॉजी" के सचिव कृष्ण गोपाल ने कहा कि पर्यावरण एवं शिक्षा के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने के  डॉ. कपूर के तीस सोलों से मिशन के तौर पर चल रहे अभियान के फलस्वरूप उन्हें पुरस्कृत किया जा रहा है। राष्ट्रीय सम्मेलन में सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के अध्यापिका सुश्री रिंकल गोयल को भी शिक्षा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि यह सम्मान प्राप्त करने का गौरव हासिल करने वाला सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल एकमात्र स्कूल है।

Monday, 18 November 2019

13:48

अमर भारती अलंकरण समारोह कई महान विभूतियों को मिला अमर भारती अलंकार



संवाददाता/गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय हिंदी लेखक रामदेव धुरंधर ने रविवार को आयोजित "अमर भारती अलंकरण समारोह" को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में आज पाश्चात्य और भारत के बीच बड़ा टकराव चल रहा है। देश की अस्मिता और संस्कृति बचाए रखने में अमर भारती साहित्य संस्कृति संस्थान के आयोजन मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। मॉरीशस से आए लेखक श्री धुरंधर ने कहा कि भारतीय लेखकों का मॉरीशस से पुराना नाता है। प्रेमचंद,बनारसीदास चतुर्वेदी और महात्मा गांधी के लेखन में मॉरीशस का जिक्र तब से मिलता है जब मॉरीशस को कोई पहचानता नहीं था। श्री धुरंधर ने कहा कि मेरी मातृ भाषा हिंदी नहीं है लेकिन स्वयं के हिंदी लेखक होने पर उन्हें गर्व है। उनके भीतर एक सच्चा हिंदुस्तानी बसता है।
  सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित "षष्टम अमर भारती अलंकरण समारोह" में सुप्रसिद्ध रचनाकार डॉ गंगा प्रसाद विमल, प्रियदर्शन, अतुल सिन्हा, सुश्री मुक्ता को सम्मानित करते हुए श्री धुरंधर ने कहा कि भारत और मॉरीशस की संस्कृति पर यूरोप और पाश्चात्यता का प्रभाव साफ तौर पर पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मॉरिशस संपन्न देश नहीं है लेकिन हिंदी और संस्कृति के संरक्षण में मॉरीशस भारत से कहीं आगे है। उन्होंने कहा कि पाश्चात्यता का वरण करना बुरा नहीं है लेकिन हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी बचाए रखना होगा। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. सुभाष जैन ने कहा कि आज की जीवनशैली आदमी को मानसिक, शारीरिक, आर्थिक मोर्चों सहित कई वजहों से तोड़ती है। ऐसी विषम परिस्थिति में साहित्य आदमी को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा कि मूलरूप से वह साहित्यकार नहीं हैं लेकिन इस आयोजन का आतिथ्य ग्रहण करने भर से उनके भीतर एक कवि का जन्म हुआ है। उन्होंने अपनी लिखी कविताओं के जरिए अपनी प्रतिभा का भी परिचय दिया। उन्होंने कहा "कहां मालूम था सुख और उम्र की आपस में नहीं बनती, कड़ी मेहनत के बाद सुख को घर लाया तो उम्र नाराज हो कर चली गई।" एक और ख्याल "थोड़ी मस्ती, थोड़ा ईमान बचा पाया हूं, यह क्या कम है कि मैं अपनी पहचान बचा पाया हूं, कुछ उम्मीदें, कुछ सपने, कुछ महकी-महकी यादें, जीने का इतना ही सामान बचा पाया हूं" पर भी भरपूर वाहवाही बटोरी।
   कार्यक्रम के अध्यक्ष सुप्रसिद्ध उपन्यासकार विभूति नारायण राय ने कहा कि आज हम एक कौम, एक देश के खिलाफ युद्धोन्माद से भरते जा रहे हैं। लेकिन इंसानियत, दोस्ती व प्रेम से जिंदा रहती है, एटम बम से नहीं। उन्होंने साहित्यकारों का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें शब्दों के ऐसे बीज रोपित करने होंगे जिनकी फसल इस धरती से हथियार और बमों का समूल नाश कर दे। समारोह को डॉ. माला कपूर, डॉ. गंगा प्रसाद विमल, प्रियदर्शन, अतुल सिन्हा, प्रताप सोमवंशी, सुश्री मुक्ता, मकरंद प्रताप सिंह, डॉ. धनंजय सिंह, गोविंद गुलशन एवं आशीष मित्तल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर समृद्धि अरोड़ा को शिवम कपूर स्मृति प्रतिभा सम्मान एवं आशीष मित्तल को अमर भारती युवा प्रतिभा सम्मान से अलंकृत किया गया। प्रवीण कुमार के काव्य संग्रह "बुतों का शहर" और बृजेश भट्ट के गीत संग्रह "संदीली हवाओं" का भी विमोचन किया गया। हरविलास गुप्ता, श्रीमती संतोष ओबरॉय, डॉ. बृजपाल सिंह त्यागी श्रीबिलास सिंह, सुश्री रंजीता सिंह, राकेश कुमार मिश्र "तूफान", शिवराज सिंह और डॉ. मंगला वैद को विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन तरुणा मिश्रा ने किया। समारोह में कार्टूनिस्ट काक, भारत भारद्वाज, कमलेश भट्ट कमल, दीक्षित दनकौरी, रो. बबीता जैन, अतुल गोयल, सुनील गौतम, आलोक गर्ग, सुरेंद्र शर्मा, संजय त्यागी, मधु बी. जोशी, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. तारा गुप्ता, सुरेंद्र सिंघल, वेद प्रकाश शर्मा वेद, मधु सिंह, डॉ. वीना मित्तल, अतुल जैन, अंजू जैन, अमर पंकज, डॉ. नवीन लोहनी, डॉ रमा सिंह, बी.एल. बतरा, मोहम्मद इकबाल, वी.के. शेखर, सत्यकेतु सिंह, राकेश मिश्रा, सुभाष अखिल, अमरेंद्र राय, जितेंद्र बच्चन, आलोक यात्री, अशोक कौशिक, राधारमण, आशित त्यागी, जकी तारिक, हेमलता, योगेंद्र दत्त शर्मा, विजेंद्र सिंह परवाज, अशोक पंकज, अमर पंकज, नेहा वैद, प्रेम किशोर शर्मा, दलजीत सचदेव, कृष्ण भारतीय, स्मिता सिन्हा, आर.के. भदौरिया, सुरेंद्र शर्मा, मीनू कुमार, कीर्ति रतन, राकेश सेठ, तूलिका सेठ, विष्णु सक्सेना, सुषमा सक्सेना, जगदीश पंकज, खुशबू सक्सेना, सीमा शर्मा, मंजू कौशिक, सुशील शैली, सुरेंद्र अरोड़ा, पराग कौशिक, अभिषेक कौशिक, सुशील गुप्ता, वागीश शर्मा, राज चैतन्य, रामवीर आकाश, श्वेता त्यागी, कमलेश संजीदा, कुलदीप, संजय शुक्ल, हिरेंद्र कांत शर्मा, मुदित गौड़, उमेश जोशी, रितेश शर्मा व रचना सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।

Saturday, 9 November 2019

17:37

अखिल भारतीय अलंकरण सम्मान 2019 से सम्मानित होंगे गंगा प्रसाद विमल प्रियदर्शन आदि



संवाददाता गाजियाबाद। "अमर भारती साहित्य संस्कृति अलंकरण सम्मान- 2019" के लिए उपन्यासकार श्री गंगा प्रसाद विमल, कथा लेखन के लिए श्री प्रियदर्शन, कविता के क्षेत्र में श्री अतुल सिन्हा, बहुमुखी प्रतिभा के क्षेत्र में डॉ. मुक्ता को प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा इस वर्ष का युवा प्रतिभा सम्मान कविता के नव हस्ताक्षर श्री आशीष मित्तल एवं विधि क्षेत्र में प्रतिभा प्रदर्शित करने वाली सुश्री समृद्धि अरोड़ा को दिया जाएगा। निर्णायक मंडल की ओर से शनिवार को मीडिया को बताया गया कि रविवार 17 नवंबर को सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में आयोजित एक भव्य समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। समारोह की अध्यक्षता महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्व विद्यालय वर्धा के पूर्व कुलगुरू एवं चर्चित उपन्यासकार श्री विभूति नारायण राय करेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध शिक्षाविद एवं पूर्व रोटरी इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर  डॉ. सुभाष जैन होंगे।
  संस्था के अध्यक्ष गोविंद गुलशन ने मीडिया को बताया कि समारोह में देश विदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार भी अतिथि के रुप में शामिल हो रहे हैं। मॉरीशस के अंतर्राष्ट्रीय हिंदी रचनाकार श्री रामदेव धुरंधर समारोह के विशेष आमंत्रित अतिथि के तौर पर आमंत्रित हैं। सुप्रसिद्ध कवि एवं पत्रकार श्री प्रताप सोमवंशी, सुप्रीम कोर्ट के चर्चित अधिवक्ता एवं चिंतक श्री मकरंद प्रताप सिंह, शिक्षाविद व अंतर्राष्ट्रीय उद्योग रत्न श्री हरविलास गुप्ता, वरिष्ठ कवि एवं प्रशासनिक अधिकारी श्री श्रीविलास सिंह, उर्दू अदब का जाना माना नाम श्री कुमैल रिज़वी, प्रसिद्ध गजलगो एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री राकेश कुमार मिश्रा "तूफान", सुप्रसिद्ध चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. दिनेश अरोड़ा, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद श्रीमती संतोष ओबराय, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड धारक, कवि एवं वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. बृजपाल सिंह त्यागी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती स्मिता सिंह, सुप्रसिद्ध कवि, लेखक, गीतकार एवं प्रशासनिक अधिकारी सुश्री मनु लक्ष्मी मिश्रा, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. मंगला वैद एवं व्यंग्यकार श्री शिवराज सिंह भी अलंकरण समारोह की अतिथि सूची में शामिल हैं।
  गौरतलब है कि संस्था विगत 6 वर्षों से साहित्य के उन्नयन हेतु प्रति वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर "अलंकरण समारोह" का आयोजन कर रही है। संस्था द्वारा अब तक सुप्रसिद्ध लेखक श्री से. रा. यात्री व श्रीमती चित्रा मुद्गल, महेश दर्पण, रिफ़अत शाहीन, गीतकार डॉ. कुंअर बेचैन, श्री बाल स्वरूप राही व श्री माहेश्वर तिवारी, व्यंग्यकार श्री आलोक पुराणिक एवं श्री सुभाष चंदर, ग़ज़लकार श्री बिजेंद्र परवाज़, कवि श्री लालित्य ललित, श्री अमर नाथ अमर, सुश्री आशा शैली, श्री सुधाकर पाठक, सुश्री ममता किरण, सुश्री प्रमिला भारती, सुश्री सुधा उपाध्याय, आलोचक श्री बुद्धिनाथ मिश्रा को सम्मानित कर चुकी है। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी गोविंद गुलशन, डॉ. ब्रजपाल सिंह त्यागी, तरुणा मिश्रा, प्रवीण  कुमार, आलोक यात्री, हिमांशु वर्मा, सुरेंद्र शर्मा, पराग कौशिक, अभिषेक कौशिक सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

Friday, 8 November 2019

17:10

इंटर स्कूल बैंड प्रतियोगिता में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल ने बाजी मारी




संवाददाता  गाजियाबाद। आज के बच्चे कल देश की सीमा और समाज के प्रहरी बनते हैं। संस्कार, अनुशासन और टीम भावना ही एक अच्छे नागरिक का निर्माण करती है। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में 'बैंड ओ मेनिया' प्रतियोगिता की मुख्य अतिथि सुश्री मीरा पेंटल ने उक्त उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता भले ही साज बजाने की हो, लेकिन यह हमारे सधने की प्रथम सीढ़ी है। प्रतियोगिता में करीब एक दर्जन स्कूलों की बैंड टीम ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में पहला स्थान एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, वसुंधरा ने हासिल किया।
  सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की
बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित शाखा में पुरस्कार वितरण करते हुए विशिष्ट अतिथि अवकाश प्राप्त ब्रिगेडियर तरुण मदान ने कहा कि सेना में बैंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। युद्ध काल में बैंड के जरिए ही सैनिकों को युद्ध के लिए प्रेरित किया जाता है। शिक्षाविद संतोष ओबरॉय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में देश भावना जागृत करने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं आवश्यक हैं। सेना और जवानों के प्रति हमारा जज्बा आजादी के सात दशक बाद भी जस का तस बना हुआ है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर जुटने वाली भीड़ इसका प्रमाण है। निर्णायकों में पूर्व डीआईजी वी. के. शेखर, संगीतज्ञ ऋत्विक दास भी शामिल थे। स्पर्धा में दूसरा स्थान सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल एवं डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल ने संयुक्त रूप से हासिल किया। श्री ठाकुरद्वारा बालिका विद्यालय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। स्पर्धा में दिल्ली पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, रैली इंटरनेशनल स्कूल, वनस्थली पब्लिक स्कूल, के. आर.एम. स्कूल, सी. एस.एच.पी. पब्लिक स्कूल की टीम ने भी हिस्सा लिया। स्कूल चेयरमैन रो. डॉ. सुभाष जैन, डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. माला कपूर, वाइस प्रिंसिपल डॉ. मंगला वैद ने भी छात्रों को संबोधित किया। इस अवसर पर रो. बबीता जैन, प्रवीण कुमार, आलोक यात्री समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इंटर स्कूल

Tuesday, 22 October 2019

09:09

बहन के देवर ने फर्जी विवाह कर किया दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज



गाजियाबाद के मसूरी थाना के अंतर्गत एक महिला ने अपनी बहन के देवर पर फर्जी निकाहनामा करके दुष्कर्म करने तथा अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी 22 वर्षीय युवती के अनुसार वह पढ़ी-लिखी ग्रेजुएट लड़की है और उसकी ततेरी बहन की शादी नरेला दिल्ली निवासी युवक के साथ हुई है रिश्तेदारी के नाते बहन के देवर तोसिम का उसके घर पर आना जाना हो गया था कभी कबार वह अपने दोस्तों को भी घर लाता था युवती ने आरोप लगाया है कि 1 जनवरी 2016 को टीम ने अपने दोस्त इरफान व अब्दुल वसीम को साथ लेकर उसके घर आया और स्कॉलरशिप दिलाने के बहाने गाजियाबाद ले गया उसने तहसील में ले जाकर कुछ दस्तावेजों पर उनके साइन करवाएं और घर भेज दिया जिस पर पीड़िता का कहना है कि उस दिन त तोसिम उसके दोस्तों ने उसका फर्जी निकाहनामा तैयार करवा लिया था उसके बाद तोसिम ने उसे बहाने से होटल में बुलाया वहां पर उसने धीरे-धीरे पटाकर दुष्कर्म किया और उसके बाद घटना की अश्लील वीडियो भी बना ली पीड़िता के विरोध करने पर उसने उस वीडियो को वायरल करने की धमकी दी तब से लेकर आज तक वह लगातार उस वीडियो को दिखा कर पीड़िता का शोषण करता रहा है पीड़िता ने काफी हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों से आपबीती बताई जिसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा जिस पर पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की थी इसलिए हमें कोर्ट में जाना पड़ा कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

Sunday, 20 October 2019

15:16

कथा संवाद ही मुहैया कराता है कहानी लिखने का टूल-हरि यश


               संवाददाता
  गाजियाबाद। कथा संवाद जैसी कार्यशाला साहित्य संवर्धन के लिए नियामक तत्व का काम करती हैं। प्रसिद्ध रचनाकार व कला समीक्षक डॉ. हरियश राय ने मीडिया 360 लिट्रेरी फाउंडेशन के कथा संवाद में उक्त उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि संवाद रचना प्रक्रिया को
 बेहतर बनाता है। डॉ. राय ने कहा कि नवांकुरों के पास कहानी को लेकर कई सवाल होते हैं। अपने अनुभव के बूते वह कहानी तो लिखना चाहते हैं लेकिन शिल्प, विन्यास और भाषा के प्रयोग से अनभिज्ञ होते हैं। कथा 
संवाद जैसे आयोजन के जरिए ही वह कहानी गढ़ने का हुनर हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में अभिनय, संगीत, नृत्य, पेंटिंग सीखने सिखाने के कई टूल्स मौजूद हैं। लेकिन कहानी लिखना सिखाने का कोई औजार नहीं है। कथा संवाद जैसे आयोजन ही यह सिखाते हैं कि कहानी लिखी या गढ़ी कैसे जाए।
  होटल रेड बरी में आयोजित कथा संवाद की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राय ने कहा कि आज हमें पारिवारिक, सामाजिक एवं आर्थिक संदर्भों में प्राप्त अनुभव के जवाब कहानी के रूप में देखने को मिल रहे हैं। मनु लक्ष्मी मिश्रा (मुख्य अतिथि), निर्देश निधि (विशिष्ट अतिथि), रिंकल शर्मा, वंदना जोशी, कुसुम पालीवाल, सुरेंद्र सिंघल, डॉ. बीना शर्मा, रश्मि पाठक की कहानी, 
दीपाली जैन के कथा प्लॉट, दलजीत सचदेव के संस्मरण पर विस्तार से बोलते हुए डॉ. राय ने कहा कि रिंकल शर्मा और सुरेंद्र सिंघल ऐसे क़िस्सागो हैं जो इस परंपरा को आगे ले जा सकते हैं। दीपाली जैन के कथ्य पर चर्चा करते हुए डॉ. राय ने कहा कि दैहिक रिश्ते पर आधारित यह विचार अत्यधिक संवेदनशील है जो सहज लेखन में 
सावधानी की मांग करता है। वंदना जोशी की कहानी "परिचय" को डॉ. राय ने मुकम्मल कहानी बताया। मनु लक्ष्मी मिश्रा की कहानी "अपने लोग" पर टिप्पणी करते हुए डॉ. राय ने कहा कि कहानी की गति बहुत तेज थी। कहानी कहने और लिखने में ठहरना जरूरी है। वृद्धावस्था को लेकर बहुत सी कहानियां लिखी गई हैं और लिखी भी जा रही हैं। भीष्म साहनी की कहानी "चीफ की दावत" का वृद्ध दो पीढ़ी पहले का वृद्ध था। मनु लक्ष्मी का बुजुर्ग आज का वृद्ध है। उन्होंने दुष्यंत 
कुमार के शेर " मेरे सीने में ना सही ...," को उद्धृत करते हुए कहा कि लेखन की संभावनाओं की आग कहीं भी जले लेकिन आग जलनी चाहिए।  इस अवसर पर रवि पाराशर, सुभाष चंदर, डॉ. धनंजय सिंह, सुभाष अखिल, अमरेंद्र राय, गोविंद गुलशन, उमाकांत दीक्षित, आलोक यात्री, सुशील शर्मा, प्रीति कौशिक, अजय फलक, पराग कौशिक आदि ने भी विचार प्रकट किए। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण कुमार ने किया। इस अवसर पर अर्चना शर्मा, भारत भूषण बरारा, ... सहित कई लोग मौजूद थे।

Monday, 14 October 2019

18:10

मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय सीबीएसई नार्थ जोन प्रतियोगिता में सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल ने हासिल किए गोल्ड मेडल





संवाददाता गाजियाबाद। मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय नॉर्थ जोन सीबीएसई तीरंदाजी प्रतियोगिता में सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल के छात्रों ने व्यक्तिगत एवं टीम स्पर्धा में रिकॉर्ड मैडल हासिल किए। अनन्या यादव ने 4 गोल्ड के अलावा 1 सिल्वर मेडल भी हासिल किया। जबकि रेवा यादव ने 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल हासिल किए। इसके अलावा स्कूल के छात्रों ने सोमवार से जन्मदिन पर निराश्रित गरीबों को भोजन कराने की परंपरा की भी शुरूआत की।
 


स्कूल के कोच शकील के अनुसार
सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित तीरंदाजी प्रतियोगिता में11वीं कक्षा की छात्रा रेवा यादव ने 30 मीटर डिस्टेंस एवं इवेंट में 2 गोल्ड मैडल हासिल करने के साथ-साथ 40 मीटर डिस्टेंस एवं ओवरऑल प्रदर्शन में 2 सिल्वर मैडल हासिल किए। 10वीं के छात्र रिसाल यादव ने मिक्स टीम इवेंट में गोल्ड मैडल हासिल किया। 9वीं की छात्रा अनन्या यादव ने 40 मीटर डिस्टेंस, ओवर ऑल प्रदर्शन, संयुक्त टीम स्पर्धा एवं टीम इवेंट में 4 गोल्ड मैडल हासिल करने के साथ-साथ 30 मीटर डिस्टेंस स्पर्धा में सिल्वर मैडल कब्जाया। 11वीं की छात्रा महिमा यादव गोल्ड पर निशाना लगाने में सफल रही। 9वीं कक्षा की छात्रा दिव्यांजलि ने भी 50 मीटर डिस्टेंस में गोल्ड पर निशाना साधा। इन सभी विजेताओं के साथ 11वीं कक्षा के छात्र अजय राज सिंह का चयन राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए हुआ।  स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. मंगला वैद ने विजेता बच्चों के भविष्य की उज्जवल कामना करते हुए इसे जिले के लिए एक उपलब्धि बताया। 


  इसके साथ ही स्कूल में सोमवार से एक नई परंपरा की शुरूआत की गई। डॉ. वैद के अनुसार स्कूल के बच्चों ने जन्मदिन पर निराश्रित लोगों को भोजन भोजन कराने का संकल्प लिया। " जॉय  ऑफ गिविंग " की शुरूआत के तहत छात्रों ने वाइस प्रिंसीपल डॉ. वैद के नेतृत्व में प्रेरणा सेवा वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों को भोजन करा उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने की कोशिश की। डॉ. वैद के अनुसार जन्मदिन के मौके पर हर बच्चा यह संकल्प दोहराएगा।

Saturday, 12 October 2019

09:53

निकाह का झांसा देकर युवती से कई बार दुष्कर्म



गाजियाबाद के थाना मसूरी क्षेत्र के एक गांव में एक युवक द्वारा एक युवती से निकाह का वादा कर कर कई बार दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है उसके बाद युवक द्वारा निकाह से मना करने पर युवती ने इसकी शिकायत घरवालों के साथ मिलकर पुलिस से की है मिली जानकारी के अनुसार मसूरी  थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली एक युवती के चाचा ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई है पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय युवक राशिद ने पड़ोस में रहने वाली एक 22 वर्षीय युवती को पहले अपने प्रेम जाल के चंगुल में फंसाया और फिर उसी से शादी करने का वादा किया इसके बाद वह 1 दिन युवती को बहला-फुसलाकर जंगल में ले गया और उससे दुष्कर्म किया इसके बाद आरोपी ने युवती को शांत करने के लिए शादी का झांसा दे दिया जिसके बाद वह युवती से कई बार दुष्कर्म करता रहा लेकिन जब युवती ने युवक से शादी करने का दबाव बनाया तो वह साफ मुकर गया युवती ने आपबीती अपने घर वालों को बताई तो उनके घर वालों ने भी युवक से शादी करने की बात कही लेकिन वह नहीं माना तो युवती के घरवालों ने पुलिस में मामला दर्ज करा दिया है पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है

Monday, 7 October 2019

14:02

रोटी कपड़ा और मकान के बाद इंसान की सबसे बड़ी जरूरत है साहित्य





आलोक संवादाता गाजियाबाद
गाजियाबाद। रोटी, कपड़ा और मकान के बाद आदमी की सबसे बड़ी जरूरत साहित्य है। समाज के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ तुलसी, सूर, कालिदास, शेक्सपियर, मिल्टन, प्रेमचंद, कबीर व निराला भी जरूरी हैं। साहित्य समाज का निर्माण करने के साथ उसे दिशा देने का काम भी करता है। सुप्रसिद्ध लेखक हरि यश राय ने उक्त उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि कविता खत्म नहीं होती जीवन के साथ चलती है।
  नेहरू नगर स्थित सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में अमर भारती साहित्य संस्कृति संस्थान के काव्य उत्सव को संबोधित करते हुए श्री राय ने कहा कि नृत्य, नाटक, कविता देखने सुनने के बाद हम वैसे नहीं रहते जैसे पहले थे, यानी कला हम में बदलाव लाने, आत्मावलोकन करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बेहतर समाज और बेहतर इंसान की संरचना का काम कविता ही करती है। काव्य उत्सव की मुख्य अतिथि डॉ. मीना नकवी ने कहा कि अमर भारती का मंच हिंदी उर्दू तहजीब का संगम बन गया है। उन्होंने कहा कि इस मुल्क की मिट्टी में कई कौमों की तहजीब बसी है। जो हमारी साझा विरासत है। अपने शेर और गजलों पर डॉ. नकवी ने जमकर दाद बटोरी। उन्होंने कहा "मुख्तलिफ लोग मुख्तलिफ कौमें मुल्क में यकजबान रहते हैं, रंग जिसमें धनक के बिखरे हों उसको हिंदुस्तान कहते हैं।" कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि उर्वशी अग्रवाल उर्वि ने अपने दोहों और " मी टू" कविता पर जमकर दाद बटोरी। उन्होंने कहा "मैं शबरी हूं राम की शक्ति चखती बेर, तकती रहती रास्ता हुई कहां पर देर।" "शबनम की एक बूंद दहकते अंगारों से क्या लड़ती, एक अकेला जुगनू थी मैं अंधेरों से क्या लड़ती।" कार्यक्रम का शुभारंभ आर.के. भदौरिया की सरस्वती वंदना से हुआ। डॉ. तारा गुप्ता ने कहा "बस गए अब शहर में मगर क्या करें, भीड़ में हम खड़े हैं बियाबान से।"
  नेहा वैद ने अपने गीत की पंक्तियों "अंगुलियों के पोर खुरदुरे हुए, फूल काढ़ते हुए रुमाल पर, कितनी बार हाथ में सूई चुभी, एक फूल तब खिला रुमाल पर" वाहवाही बटोरी। शालिनी सिन्हा ने कहा "कितने भी पतझड़ आए, मन के पत्ते मुरझाए, जीवन की आपाधापी में मन एकाकी हो जाए, मन का एक कोना हरा-भरा रखना।" आशीष मित्तल ने कहा "मैं सुलझा रहा था जिंदगी, पर खुद ही उलझ गया, मैंने उसे एक हद तक समझाया, फिर खुद समझ गया।" डॉ. माला कपूर ने कहा "नया है जो आज, कल पुराना होगा, कल फिर एक नया जमाना होगा।" सुरेंद्र सिंघल ने कहा "कोई दरवाजा कहीं होता तो कहीं खुलता तो जरूर, यानी दस्तक मेरी दीवारों से टकराती रही।"  कार्यक्रम संचालिका तरुण मिश्रा ने कहा "दरबारों की बाजारों की या खबरें अखबार की हों, अपनी आंखें बंद ही रखियो बातें जब सरकार की हों।"
  अमर भारती प्रतिभा सम्मान से नवाजे गए सुप्रसिद्ध रंगकर्मी अक्षयवरनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि अमर भारती की उपलब्धि यह है कि यहां कविता में ड्रामा देखने को मिलता है। इस अवसर पर डॉ. रमा सिंह, मासूम गाजियाबादी, अतुल सिन्हा, डॉ. बृजपाल सिंह त्यागी, श्रीविलास सिंह, कुमैल रिज़वी, सुभाष अखिल, सरवर हसन सरवर, सीताराम अग्रवाल, तूलिका सेठ, आलोक यात्री, प्रवीण कुमार, कीर्ति रतन, मधुरिमा सिंह, कमलेश त्रिवेदी,  राज किशोरी, सुरेंद्र शर्मा, इंद्रजीत सुकुमार, विनोद पाराशर, सुरेश मेहरा, कुसुम पंडेरा, ललित चौधरी, गोविंद गुलशन, डॉ. धनंजय सिंह ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर डॉ. मंगला वैद, सुभाष चंदर, अमरेंद्र राय, बबली वशिष्ठ, अनिल बाबू, सुशील शर्मा, उमाकांत दीक्षित, राजपाल त्यागी, सुशील शैली, मधु बी. जोशी, राकेश सेठ, मीनू कुमार, शिवराज सिंह, सोनिया चौधरी, सुधांशु मिश्र, अजय शर्मा, राज किशोर, फरहत खान, टी.पी. चौबे, मंजू कौशिक, सुजाता चौधरी एवं अमित गर्ग सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद थे।

Saturday, 5 October 2019

11:04

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में ऑन स्पॉट डांस कंपटीशन में जज भी जमकर झूमे







संवाददाता  गाजियाबाद। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की सीनियर ब्रांच में आयोजित  ऑन स्पाट डांस कंपिटीशन में सत्यम एवं सृजन हाउस ने जीत हासिल की। कक्षा नौ से बारहवीं के छात्रों को प्रतिभाग के लिए विषय मौके पर ही बताया गया था। सुझाए गए विषय पर प्रस्तुति के लिए प्रतिभागी टीम को एक घंटे की अवधि दी गई थी। इस आयोजन की खास बात यह रही कि निर्णायक मंडल में शामिल सभी जज स्कूल के ही पुरातन छात्र थे।



 जजों में वर्ष 2011 बैच के दिव्य बवेजा, 2017 बैच की श्रृक्ति सेन गुप्ता एवं मानसी मिश्रा तथा 2018 बैच के कृष्ण गौड़ शामिल थे। छात्रों की प्रतिभा का प्रदर्शन इतना उम्दा था कि जज भी अपने कदमों पर नियंत्रण नहीं रख पाए और जम कर थिरके। प्रतियोगिता में शिवम् हाउस ने दूसरा एवं सुंदरम हाउस ने तीसरा स्थान हासिल किया। डायरेक्टर प्रिंसिपल डाॅ. माला कपूर एवं वाइस प्रिंसिपल डाॅ. मंगला वैद ने विजेता हाउस को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर कविता सरना, रेनू चोपड़ा एवं डॉ. एन.एच. दत्ता मौजूद थे।



Friday, 27 September 2019

07:16

अब नगर निगम एसटीपी को संचालित करेगी प्राइवेट कंपनी






सरकार दिनोंदिन नए नए कानून बनाकर देश में नई नई व्यवस्था तैयार कर रही है इसी को लेकर अब सरकार नगर निगम और एसटीपी का संचालन भी प्राइवेट कंपनियों को देने वाली है मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद शहर के सीवर सिस्टम में सुधार लाने के लिए नगर निगम अपने एसटीपी संचालन की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनियों को देने जा रहा है जिसके सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अब प्राइवेट कंपनियां नवंबर माह में सुचारू रूप से एसटीपी का संचालन शुरू कर देगी चेन्नई की कम्पनी वी ए टेक के अधिकारी बुधवार को गाजियाबाद नगर आयुक्त दिनेश चंद्र सिंह से मिले और जल उपचार से संबंधित कई तरीके की चर्चा की जीएम जल से एसटीपी के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई दरअसल वी ए टेक भारतीय मूल की एक राष्ट्रीय कंपनी है जिसका मुख्यालय चेन्नई में है कंपनी को नगर निगम नगर पालिका और उपयोगकर्ताओं के लिए जल उपचार पर काम करती है कंपनी ने हजारों परियोजनाओं को पूरा किया है और 30 से अधिक देशों में कम्पनी अपनी जड़ें जमा चुकी है वहीं नगर निगम अक्टूबर माह में कंपनी के साथ अनुबंध करने जा रहा है इसके बाद नवंबर से यह कंपनी सभी प्लांट पर काम करना शुरू कर देगी ।

Thursday, 29 August 2019

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वकील पत्नी इनकम टैक्स अधिकारी अपने पति के हाथ में स्मार्ट वाच बांधकर करती थी उनकी जासूसी

गाजियाबाद जिस तरह से पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए सर्विलांस की मदद लेती है ठीक उसी तरीके से एक महिला वकील ने अपने इनकम टैक्स अधिकारी पति के कारनामों को बेनकाब करने के लिए एक स्मार्ट वॉच का सहारा लिया इसके साथ-साथ उसके एंड्राइड मोबाइल में एक ऐप इंस्टॉल किया जिसके जरिए वह पति के लोकेशन वह उसकी कॉल रिकॉर्ड भी करती थी।
मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद के फैमिली कोर्ट में एक तलाक की अर्जी दी गई है जिसमें अपने पति पर दूसरी महिला से संबंध होने का आरोप लगाया गया है उस आधार पर कोर्ट से तलाक मांगी गई है सबूत के तौर पर पत्नी ने जो सबूत पेश किए हैं उसको सुनकर लोगों के दिमाग खुले के खुले रह गए दूसरी महिला से संबंध होने के शक में वकील पत्नी ने अपने पति की जासूसी करने के लिए उनके जन्मदिन पर एक स्मार्ट घड़ी गिफ्ट में दी थी जिसके द्वारा महिला वकील अपने पति की निगरानी कर रही थी और इसके अलावा उसने अपने पति के मोबाइल में एक ऐप भी डाउनलोड कर रखा था जिसके द्वारा वह अपने पति के फोन डिटेल्स और कॉल रिकॉर्डिंग भी करती थी यह महिला वकील गाजियाबाद के शास्त्री नगर की रहने वाली है और दिल्ली हाई कोर्ट में दोनों प्रैक्टिस कर रही है।
उस महिला वकील का आरोप है कि उनका पति किसी दूसरी महिला के चक्कर में फंसा हुआ है जिसके चलते वह मारपीट करता है और घरेलू हिंसा ही करता है जिसका केस कोर्ट में दायर किया गया है वहीं दूसरी तरफ पति का आरोप है कि उसकी पत्नी को 2009 से शक होने लगा कि उसका किसी दूसरी महिला से संबंध है मैंने उसको कई बार समझाया लेकिन वहां मानने को राजी ही नहीं हुई जिसका नतीजा यह है की मामला तलाक देने तक पहुंच गया है