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Saturday, 31 October 2020

12:57

गुर्जर फिर आंदोलन की राह पर जाने क्योंdeepak tiwari

जयपुर.एमबीसी को बैकलॉग व प्रक्रियाधीन भर्तियों में पूरे पांच प्रतिशत आरक्षण सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर एक नवम्बर से प्रस्तावित गुर्जर आंदोलन को लेकर सरकार की हार्ट-बीट बढ़ गई है। गुर्जरों ने अब सरकार का वार्ता प्रस्ताव ठुकरा दिया है और आंदोलन की राह थाम ली है। उधर, भरतपुर जिला कलेक्टर ने अगले आदेश तक जिले के सभी कर्मचारियों-अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। राज्य सरकार ने 23 आरएएस अधिकारियों की अलग-अलग जिलों में तैनाती की है, वहीं पांच तहसीलों में इंटरनेट सेवा आज शाम से बंद करने का आदेश दिया है।
गुर्जर आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिए सरकार ने की तैयारियां
राज्य सरकार ने 23 आरएएस अधिकारियों की अलग-अलग जिलों में तैनाती की है। वहीं जयपुर जिले की पांच तहसीलों में भी इंटरनेट सेवा को आज शाम पांच बजे से बंद करने का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक एचएम ढाका, जगदीश प्रसाद बुनकर, औंकारमल, राजेंद्र कुमार वर्मा, श्याम सिंह शेखावत की करौली में लगाई ड्यूटी है। इनकी सेवाएं करौली कलेक्टर को सौंपी गई है। इसके अलावा 4 आरएएस अखिलेश कुमार पीपल, रामस्वरूप चौहान, संजय शर्मा रामानंद शर्मा को लगाया अलवर लगाया है,वहीं जगदीश आर्य, बालकृष्ण तिवाड़ी, कैलाश गुर्जर, राजेंद्र शर्मा को भरतपुर, जगदीश सिंह मोंगा, सेवाराम स्वामी, सोहनलाल चौधरी और कृष्ण कुमार गोयल को धौलपुर, महेंद्र खींची, सत्तार खान को दौसा, गोविंद सिंह राणावत की बूंदी और मुकेश मीणा, मुनीदेव यादव, प्रवीण लेखरा की ड्यूटी सवाई माधोपुर लगाई है।
पांच तहसीलों में इंटरनेट सेवा आज शाम
जिला संभागीय आयुक्त ने एक आदेश जारी कर जमवारामगढ, पावटा, शाहपुरा, विराटनगर और कोटपूतली तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने आज शाम 6 बजे शनिवार शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश जारी किया है। ये सभी तहसील के क्षेत्र गुर्जर समाज के आंदोलन से प्रभावित माने जाते हैं।
गुर्जरों ने सरकार के वार्ता प्रस्ताव का न्यौता ठुकराया
करौली जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने गुरुवार को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के किरोड़ी सिंह बैंसला एवं विजय बैंसला सहित अन्य सदस्यों से मिलकर उन्हें राज्य सराकार द्वारा निर्धारित की गई समझौता वार्ता में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। समिति ने इस आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। हालांकि सरकार ने गुर्जर आरक्षण संबंधी मंत्रीमण्डलीय समिति की बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया है।
ये किए फैसले
1. गुर्जर आन्दोलन के दौरान घायल हुए व्यक्तियों में से कैलाश गुर्जर, मानसिंह गुर्जर एवं बद्री गुर्जर की कुछ वर्षों बाद मृत्यु हो गई थी। इनके परिवार को सामाजिक स्तर पर सहायता जुटाकर युवा एवं खेल मामलात राज्यमंत्री अशोक चांदना द्वारा 5 लाख रुपए प्रत्येक परिवार को सहायता के रूप में दिए जाएंगे।
2. अति पिछड़ा वर्ग के जिन 12.2 अभ्यर्थियों का परिवीक्षाकाल पूर्ण हो चुका है, उन सभी अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा परिवीक्षावधि पूर्ण होने पर रेगुलर पे स्केल दी जाएगी।
3. राज्य सरकार (कार्मिक विभाग) द्वारा अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण से संबंधित प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पूर्व में भारत सरकार को 22 फरवरी 2019 एवं 21 अक्टूबर 2020 को लिखा गया है। इसके लिए पुनः भारत सरकार को उक्त आरक्षण प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा तत्काल लिखा जाएगा।
गुर्जरों की ये हैं प्रमुख मांगें
आरक्षण को केन्द्र की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
बैकलॉग की भर्तियां निकालनी जाएं। भर्ती में गुर्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
एमबीसी कोटे से भर्ती हुए 1200 कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
आंदोलन के सभी शहीदों के परिजन को सरकार के वादे के मुताबिक नौकरी, मुआवजा दी जाए।
आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमों को वापस लिया जाए।
गुर्जर कर रहे नुक्कड़ नाटक
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों ने गुर्जर नेता भूरा भगत के नेतृत्व में तहसील इलाके के एक दर्जन गुर्जर बाहुल्य गांवों का दौरा कर समाज के लोगों से एक नवम्बर को भरतपुर जिले में पीलूपुरा-कारबारी स्मारक स्थल पर पहुंचने का आव्हान किया है।
सभाओं को संबोधित करते हुए भूरा भगत ने आंदोलन को समाज के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए लोगों से अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक नवम्बर को हर हाल में अपने मित्रों व रिश्तेदारों के साथ स्मारक स्थल पर पहुंचने को कहा है। गुर्जरों का आरोप है कह सरकार दोहरी नीति अपना कर समाज की आवाज को दबाना चाह रही है।

Wednesday, 28 October 2020

20:34

जब 1 रुपए वाले मटर के पैकेट का बिजनेस शुरू किया तो लोगों ने बनाया मजाक दूसरे महीने कमाई 50 हजार पहुंची अब खुद की फैक्ट्री deepak tiwari

जयपुर.राजस्थान के टोंक जिले में रहने वाले अंशुल गोयल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन काम स्नैक्स बेचने का कर रहे हैं। कॉलेज में एंटरप्रेन्योरशिप के एक प्रोजेक्ट के दौरान ही उन्होंने सोच लिया था कि बिजनेस ही करना है।
घरवालों के कहने पर डेढ़ साल सरकारी नौकरी की तैयारी भी, लेकिन मन नहीं लगा तो बंद कर दी। तीन साल में अपने पार्टनर के साथ मिलकर एक से डेढ़ लाख रुपए तक की मंथली इनकम पर पहुंच चुके हैं। वही बता रहे हैं, उन्होंने ये सब कैसे किया।
एक सैलरी पर बंधकर काम नहीं करना चाहता था
अंशुल कहते हैं- इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान मुझे महसूस हुआ कि नौकरी के बजाए मुझे बिजनेस में जाना चाहिए। मैं एक सैलरी पर बंधकर काम नहीं करना चाहता था, बल्कि खुद अपने काम का बॉस बनना चाहता था। कॉलेज में थर्ड ईयर में एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम में पार्टिसिपेट किया।
एक बिजनेस प्रोजेक्ट पर काम किया। तब दिमाग में ये बात घर कर गई कि बिजनेस ही करना है। घरवाले चाहते थे कि मैं पढ़ाई करके नौकरी करूं। सरकारी नौकरी की तैयारी भी की, लेकिन कुछ दिन बाद मन नहीं लगा और बिजनेस के बारे में सोचने लगा।
वो बताते हैं, "मैं मार्केट में बिजनेस सर्च कर रहा था कि आखिर क्या कर सकता हूं। मेरे ज्यादातर रिश्तेदार बिजनेसमैन ही हैं। उनसे भी कंसल्ट कर रहा था। मुसीबत ये थी कि बिजनेस शुरू करने के लिए बहुत पैसा नहीं था। जो भी करना था, छोटे बजट में ही करना था। मैं देख रहा था कि कोई प्रोडक्ट कितना बिक सकता है। उसकी मार्केट में क्रेडिट कितने दिनों की होती है। सबसे ज्यादा कौन लोग उसे खरीदते हैं। कई चीजें देखने के बाद मुझे हरे मटर का काम समझ में आया।"
अंशुल कहते हैं- मैंने देखा कि एक रुपए में फ्राई मटर बेचे जाते हैं। ये पैकेट खासतौर पर बच्चों को टारगेट कर मार्केट में उतारे जाते हैं। रिसर्च करने पर मुझे पता चला कि इस काम में बहुत ज्यादा इंवेस्टमेंट भी नहीं था और रिटर्न आने की संभावना पूरी थी। 2017 में मैंने जयपुर से ही डेढ़ लाख रुपए में ये काम शुरू किया। मेरे करीब 60 से 70 हजार रुपए प्रिंटिंग में खर्च हुए, क्योंकि प्रिंटिंग का ऑर्डर बल्क में देना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि पचास हजार रुपए में पैकिंग की एक सेकंड हैंड मशीन खरीदी। इसके अलावा मंडी से दौ सो किलो सूखी मटर खरीदी। शुरू के एक महीने काफी दिक्कतें आईं। अनुभव न होने के चलती कभी हमारी मटर पूरी तरह फ्राई नहीं हो पाती थी। कभी क्रिस्पी नहीं होती थी।
कभी तेल ज्यादा हो जाता था तो कभी मसाला अच्छे से लग नहीं पाता था। मैंने अपने जानने वाले दुकानदारों को सैम्पलिंग के लिए पैकेट दिए थे। सभी ने फीडबैक दिया। फिर पता चला कि तेल सुखाने के लिए भी मशीन आती है। मसाला लगाने के लिए भी मशीन आती है और भी कई छोटी-छोटी बातें पता चलीं।
डेढ़ महीने में ही शुरू हो गई कमाई
वो कहते हैं- एक महीने की लर्निंग के बाद मैं जान गया था कि बढ़िया क्रिस्पी मटर कैसे तैयार किए जाते हैं। हम अच्छा माल तैयार करने लगे। महीनेभर बाद ही ऑर्डर बढ़ना शुरू हो गया। पहले टोंक जिले के गांव में ही मैं पैकेट पहुंचा रहा था। दूसरे महीन से ही मेरी 45 से 50 हजार रुपए की बचत होने लगी। ये काम 6 महीने तक चलता रहा।
फिर दुकानदारों ने ही बोला कि इसके साथ जो स्नैक्स के दूसरे प्रोडक्ट आते हैं, वो भी बढ़ाओ। उन प्रोडक्ट्स की भी काफी डिमांड होती है। मैंने भी सोचा कि प्रोडक्ट्स बढ़ाऊंगा नहीं तो काम कैसे फैलेगा। मटर के काम में मैंने एक बंदा मटर फ्राई करने के लिए रखा था और दूसरा पैकिंग के लिए था। मार्केटिंग का काम मैं खुद देख रहा था।
मार्केट से 50 लाख उठाए, आधे चुका भी दिए
अंशुल ने बताया कि मेरे पास बहुत से प्रोडक्ट्स लॉन्च करने के लिए पैसा नहीं था। फिर अपने साथ एक पार्टनर को जोड़ा। हमने सबसे पहले फर्म रजिस्टर्ड करवाई। मार्केट और बैंक से करीब 50 लाख रुपए उठाए और एक साथ 11 प्रोडक्ट लॉन्च कर दिए। टोंक के साथ ही जयपुर और दूसरे एरिया में भी हम डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए प्रोडक्ट्स पहुंचाने लगे।
उन्होंने कहा- कोरोना के पहले हमारी मंथली इनकम एक से डेढ़ लाख थी। मार्केट से जो पैसा उठाया था, उसका 50% चुका भी दिया। कोरोना के चलते 6 महीने का ब्रेक लग गया था। अब फैक्ट्री फिर से शुरू कर दी है। आज मेरे पास करीब 30 लाख रुपए की मशीनें हैं। आठ से दस वर्कर हैं। पैकिंग से लेकर ड्राय करने तक की मशीनें हैं।
अब हम दिवाली के बाद चिप्स लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। जो लोग अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें यही कहना चाहता हूं कि जो भी काम करो, पहले उसके बारे में रिसर्च करो। उस प्रोडक्ट के मार्केट को समझो। कॉम्पीटिशन बहुत हाई है, यदि सही प्लानिंग से नहीं गए तो नुकसान हो सकता है। अंशुल यूट्यूब पर कामकाजी चैनल के जरिए लोगों को बिजनेस एडवाइज भी देते हैं।

Thursday, 15 October 2020

02:34

कुमार विश्वास की पत्नी बनीं लोक सेवा आयोग की सदस्य deepak tiwari



जयपुर राज्य में जनीतिक नियुक्तियां होने लगीं है.
सबसे चौंकाने वाला नाम आया है कवि कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा का. मंजू शर्मा को राज्य सरकार ने राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाने का फैसला लिया है.

बता दें कि कवि कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा अजमेर की रहने वाली हैं. अजमेर के सिविल लाइंस में भौंपो का बड़ा की रहने वाली मंजू शर्मा 1994-95 में हिंदी की प्राध्यापक नियुक्त हुई थीं.

राजस्थान में प्रोफेसर की नौकरी करने के दौरान उनकी मुलाकात कवि कुमार विश्वास से हुई और दोनों ने शादी कर ली थी

Sunday, 4 October 2020

18:33

दीपावली पर लगी पटाखों पर रोक:deepak tiwari

जयपुर.कोरोना वायरस लंग्स को खराब कर रहा है। दीपावली पर पटाखे चलेंगे और अस्थमा सहित अन्य मरीजों को और भी अधिक प्रभावित करेंगे। ऐसे में दीपावली पर पटाखों पर पूरी तरह बैन लगना चाहिए। यह कहना है एसएमएस मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग का। विभाग के सीनियर डॉक्टर्स ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल को पत्र लिखकर यह मांग की है। मामला मीडिया में सामने आने के बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने रविवार को प्रसंज्ञान लेते हुए कहा कि राजस्थान राज्य के चिकित्सकों की राय से सहमति व्यक्त की।
इस संबंध में मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस महेशचंद्र शर्मा ने प्रदेश के मुख्य सचिव एवं राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स एवं राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वह मानव मूल्यों की रक्षा करें एवं पटाखों से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण से वातावरण को प्रदूषित होने से रोकें तथा इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करें ताकि अस्थमा, सीओपीडी इत्यादि मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई क्षति नहीं पहुंचे एवं कोविड 19 की रोकथाम कर सकें। साथ ही, इस संबंध में 12 अक्टूबर तक जवाब मांगा है।
यह है मामला
एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एस.बनर्जी, वरिष्ठ आचार्य डॉ. रमन शर्मा, डॉ. अभिषेक और डॉ. सुनील महावर ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल को कल एक पत्र लिखा था। जिसमें पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है। पत्र में कहा गया था कि अन्य सालों में पटाखों की वजह से निकलने वाले धुएं की वजह से वातावरण दूषित हो जाता है और लोग लंबे समय तक अस्थमा, सीओपीडी जैसी बीमारियों से परेशान होते हैं। यदि इस बार भी ऐसा हुआ तो खतरा काफी बढ़ सकता है और कोरोना पीड़ित लोगों को लंग्स सम्बन्धी बीमारियां तेजी से हो सकती हैं।
18:30

दिवाली पर मिल सकती है जयपुर को नई सौगात:deepak tiwari

जयपुर.लंबे इंतजार के बाद अब जयपुर जंक्शन पर भी दिल्ली-मुंबई की तर्ज पर बिजली से संचालित होने वाली ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। यह सौगात दिवाली तक आमजन के लिए शुरू हो सकती है। वर्तमान में जयपुर मंडल में विद्युतीकरण का काम अंतिम चरण में चल रहा है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में पूरा हो जाएगा। रेलवे अफसरों का दावा है कि इसके शुरू होने से बाद यात्रा का समय 20 मिनट कम हो जाएगा।
1814 किमी रूट पर बिछाया बिजली का जाल
केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीआर मीना ने बताया कि अब तक जयपुर प्रोजेक्ट में करीब 1814 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण कर लिया है। इसके अंतर्गत कनकपुरा से मदार, गांधीनगर से बांदीकुई, बांदीकुई से भरतपुर समेत कई ट्रैक का काम पूरा हो गया है,वहीं बस्सी से जयपुर यार्ड और कनकपुरा के बीच बीस प्रतिशत काम अंतिम दौर में चल रहा है। यह काम अगले महीने पूरा हो जाएगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जयपुर जंक्शन पर बीते साल यार्ड के री-मॉडलिंग के कारण विद्युतीकरण का काम अटका था फिर लॉकडाउन हो गया जिससे देरी हो गई।
कनकपुरा से मदार (अजमेर), बांदीकुई से बस्सी पर सीआरएस निरीक्षण भी हो चुका है। यहां काम पूरा होने के बाद महज सीआरएस निरीक्षण ही बाकी है जो नवंबर के पहले सप्ताह तक होने के संकेत है। ऐसे में दिवाली तक जयपुर जंक्शन से दिल्ली, अजमेर, कोटा, रींगस-सीकर के लिए इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें संचालित होंगी।
विद्युतीकरण की वर्तमान स्थिति
जयपुर- दिल्ली रेलमार्ग: बस्सी-जयपुर-कनकपुरा (40 किमी) अक्टूबर में पूरा हो जाएगा। केवल तारों काम ही शेष है।
जयपुर-अहमदाबाद- मुंबई
मदार से दोराई (बायपास) (53 किमी) में फाउंडेशन का काम चल रहा है। यह नवंबर में पूरा होगा।
स्वरूपगंज-मावली (40 किमी) में महज तार खींचने का काम चल रहा है। अक्टूबर में काम पूरा होगा।
जयपुर- सवाई माधोपुर रेलमार्ग
शिवदासपुरा से जयपुर जंक्शन (29 किमी) में तार का काम शेष है। अक्टूबर में हो जाएगा़।
जयपुर-रींगस रेलमार्ग (57 किमी) में विद्युतीकऱण का काम चल रहा है। अक्टूबर अंत या नवंबर पहले सप्ताह में पूरा होगा।

Monday, 21 September 2020

17:53

6 महीने बाद स्कूल खुलने पर ग्राउंड रिपोर्ट:deepak tiwari की कलम से

6 महीने बाद स्कूल खुलने पर ग्राउंड रिपोर्ट:deepak tiwari 6 राज्यों में ज्यादातर प्राइवेट स्कूल बंद; जो खुले, वहां भी गिने-चुने बच्चे पहुंचे; जयपुर में पेरेंट्स से पेपर साइन कराने के बाद बच्चों को एंट्री
अनलॉक-4 में 21 सितंबर से स्कूल खुले। कुछ राज्यों ने स्कूल खुलने की अनुमति दी है तो कई राज्यों ने अभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। अभी सिर्फ 9वीं से 12 वीं तक के बच्चों को गाइडेंस के लिए स्कूल आने को कहा गया है। करीब 6 महीने बाद स्कूल खुलने पर स्टूडेंट्स की संख्या बहुत कम दिखी। जयपुर में तो एक स्कूल ने परिजन से लेटर साइन कराकर बच्चों को स्कूल में एंट्री दी। जिन राज्यों में स्कूल खुले, वहां दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राउंड पर पड़ताल की कि स्कूलों का माहौल कैसा रहा। 
मध्य प्रदेश
भोपाल: ज्यादातर प्राइवेट स्कूल बंद रहे। प्राइवेट स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कार्मल कान्वेंट, सागर पब्लिक स्कूल, आईपीएस, द संस्कार वैली और जवाहर लाल नेहरू हायर सेकंडरी स्कूल 21 सितंबर को नहीं खुले। इनका कहना है कि अभिभावकों से बातचीत करने के बाद तय किया है कि फिलहाल ऑनलाइन पढ़ाई ही कराई जाएगी, स्कूल नहीं खोले जाएंगे। शहर के कुछ सरकारी स्कूल खुले और वहां बच्चों को पूरे ऐहतियात के साथ प्रवेश दिया गया। लेकिन, बच्चों की संख्या काफी कम रही।
कार्मल कॉन्वेंट के प्रशासनिक अधिकारी संतोष बोस ने बताया कि फिलहाल स्कूल नहीं खोलेंगे। अभिभावक भी अभी तैयार नहीं हैं। वे ऑनलाइन पढ़ाई से खुश हैं। अगर अभिभावकों के साथ बातचीत में स्कूल खोलने की सहमति बनती है तो उसकी सूचना स्कूल की तरफ से दी जाएगी। भोपाल के जवाहर लाल नेहरू हायर सेकंडरी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल सुनील पाठक ने बताया कि डाउट क्लीयरिंग में ये साफ नहीं है कि कितने बच्चे बुलाए जा सकते हैं। फिलहाल हमने स्कूल नहीं खोलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में डीईओ से भी बात करेंगे। ऑनलाइन क्लासेस जारी हैं और बच्चों के डाउट भी क्लीयर हो रहे हैं।
भोपाल के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन ने फिलहाल स्कूल को बंद रखने का निर्णय लिया है।
इंदौर: सरकारी स्कूल सोमवार को आंशिक रूप से खुल गए। 9वीं से 12वीं तक बच्चे स्कूल में गाइडेंस के लिए आ सकते हैं। ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों ने स्टूडेंट्स को नहीं बुलाया। कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल प्रभा दिनोदरे ने बताया कि करीब 7 महीने बाद खुले स्कूल में सुबह सिर्फ 10 बच्चे पहुंचे। हम पेरेंट्स को मैसेज भेज रहे हैं। हो सकता है कल से कुछ और बच्चे स्कूल आएं। डाउट क्लीयर करने के लिए जिन बच्चों को बुलाया जाएगा, उसका अलग से टाइम टेबल तय किया जा रहा है। जिससे एक साथ बहुत सारे बच्चे न आएं।
चंडीगढ़: सोमवार को सिर्फ सरकारी स्कूल ही खुले। वहां बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया। निजी स्कूल नहीं खुले। इस बारे में निजी स्कूलों के संगठन का कहना है कि हमने पेरेंट्स के बीच सर्वे कराया था, जिसमें 80 से 90% पेरेंट्स बच्चों को स्कूल भेजने को राजी नहीं थे, लिहाजा स्कूल नहीं खोले गए। निजी स्कूलों का कहना है कि ऑनलाइन स्टडी जारी रहेगी। समय-समय पर पेरेंट्स के फीडबैक लिए जाएंगे। अगर पेरेंट्स की बड़ी संख्या बच्चों को स्कूल भेजने को राजी हुई तभी स्कूल खोले जाएंगे।
चंडीगढ के सरकारी स्कूल में एंट्री देने से पहले छात्रों के हाथ सैनिटाइज कराते टीचर।
राजस्थान
जयपुर: कई बड़े निजी स्कूल 21 सितंबर को खुले,लेकिन छात्रों की संख्या न के बराबर रही। अमेरिकन स्कूल के प्रिंसिपल और स्कूल एजुकेशन परिवार के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि हमने पहले दिन 9वीं से 12वीं के 65 फीसदी बच्चों को ही बुलाया गया था, लेकिन बहुत कम बच्चे आए। पहले दिन ज्यादातर स्कूलों में स्टूडेंट्स नहीं पहुंचे। कुछ स्कूलों ने बच्चों के बैठने की व्यवस्था स्कूल के प्रेयर ग्राउंड में की थी।
जयपुर के आगरा रोड स्थित केशव ग्लोबल एकेडमी में बच्चों को परिवार से साइन करवाए गए लेटर के बाद ही एंट्री दी गई। जहां बच्चे को एक रजिस्टर, पेन, पानी की बोतल और सैनिटाइजर साथ लाने के लिए कहा गया है। साथ ही स्कूल में बच्चों को मास्क हटाने की भी अनुमति नहीं दी गई। ज्यादातर स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि गार्जियन अभी बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं है। इसलिए ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर रहेगा। बहुत जरूरत पड़ने पर ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। जोधपुर में भी ज्यादातर निजी स्कूल बंद रहे।
जयपुर के स्कूल में परिवार द्वारा साइन किए गए लेटर के बाद ही मिली बच्चों को एंट्री।
पंजाब
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी अनलॉक के दिशा-निर्देशों में आंशिक संशोधन करते हुए पंजाब सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अपने पेरेंट्स की लिखित इजाजत के साथ स्कूल जाने की परमिशन दी है। इसके साथ राज्य सरकार ने यह भी कहा कि जिलों में स्कूल खोलने का फैसला डीसी अपने स्तर पर ले सकते हैं। पंजाब में भी लुधियाना और जालंधर में निजी स्कूलों में स्टूडेंट्स नहीं पहुंचे। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि डाउट क्लीयरेंस के लिए बच्चों को बुलाया जाय या ऑनलाइन ही उनके डाउट क्लीयर किए जाएं, यह पेरेंट्स से बात करके ही यह तय किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में भी ज्यादातर वही छात्र स्कूल आए, जिनके बोर्ड परीक्षा से जुड़े कुछ काम थे।
हरियाणा
हरियाणा में पानीपत, जींद, सोनीपत, हिसार, भिवानी, गुड़गांव, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, रोहतक समेत लगभग सभी 22 जिलों में सरकारी स्कूल खुल गए हैं। अभी स्कूलों में सिर्फ सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक ही एक-एक बच्चे का डाउट क्लीयर करवाया जाएगा। सरकारी स्कूलों में इक्का-दुक्का बच्चे नजर आए, लेकिन ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों में स्टूडेंट्स नहीं पहुंचे।
बिहार
बिहार में सोमवार को स्कूल नहीं खुले। 9वीं से 12वीं तक छात्र डाउट क्लीयर करने और प्रैक्टिकल क्लासेस के लिए कब से स्कूल आएं, यह तय करने के लिए 22 को शिक्षा विभाग की बैठक होगी। पटना के डीएम कुमार रवि ने कहा कि शिक्षा विभाग की गाइडलाइन के बाद ही स्कूलों में गतिविधि की अनुमति दी जाएगी। बॉल्डविन एकेडमी के प्राचार्य राजीव रंजन ने बताया 9 से 12वीं तक के बच्चों के रिस्पॉन्स मांगे थे। 11वीं-12वीं के 400 में सिर्फ 8 के अभिभावकों ने स्कूल भेजने की बात कही। 9वीं-10वीं के 400 में 53 ने सहमति दी। संत जेवियर्स हाई स्कूल के प्राचार्य फादर क्रिस्टू ने बताया कि 9वीं-10वीं के 297 बच्चों में 151 ने हां कहा है। डॉन बॉस्को एकेडमी के उप प्राचार्य एरिक जॉन डी रोजैरियो ने बताया कि अधिकतर अभिभावक स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है।
गुजरात, झारखंड और यूपी समेत कई राज्यों में अभी स्कूल नहीं खुलेंगे
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्यों ने फिलहाल स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है।

Friday, 18 September 2020

15:00

एयरलाइंस ने कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी यात्रा कराई, दुबई एयरपोर्ट ने एयरलाइंस पर 15 दिन का प्रतिबंध लगाया

जयपुर.deepak tiwari एक तरफ जहां केंद्र और राज्य सरकारें कोविड 19 को लेकर रोजाना नए-नए नियम लागू कर रही हैं जिससे संक्रमण के बढ़ते स्तर को रोका जा सके लेकिन इसी बीच एक एयरलाइंस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस मामले का खुलासा शुक्रवार को हुआ।
कोरोना पॉजिटिव को लेकर भरी उड़ान
दरसअल एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या आईएक्स-1135 4 सितंबर को जयपुर से दुबई के लिए रवाना हुई। इस फ्लाइट से एक करतार सिंह नाम का यात्री भी जयपुर से दुबई के लिए यात्रा कर रहा था। दो सितंबर को कोरोना टेस्ट कराने पर वह पॉजिटिव आया था।
यात्री के पास डायग्नोस्टिक सेंटर की पॉजिटिव रिपोर्ट भी थी। इसके बावजूद एयरलाइंस ने उसे यात्रा कराई। जिसके बाद इस मामले का पता चलने पर दुबई एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरलाइंस के सभी ऑपरेशन्स पर तुरंत प्रभाव से 15 दिन तक रोक लगा दी। ऐसे में अब 2 अक्टूबर तक एयर इंडिया एक्सप्रेस की कोई भी फ्लाइट दुबई के लिए संचालित नहीं हो सकेगी। हालांकि अन्य किसी भी एयरलाइंस की फ्लाइट का संचालन इस निर्णय से प्रभावित नहीं होगा।

Thursday, 10 September 2020

18:10

राजस्थान में मानसून का रिपोर्टकार्ड:deepak tiwari

जयपुर.मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस मानसून सीजन अभी तक 10 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। पश्चिमी राजस्थान में 324.2 मिमी बारिश हुई है जो सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक है। पूर्वी राजस्थान में 557.7 प्रतिशत बारिश हुई है जो सामान्य से एक प्रतिशत कम है, वहीं राजस्थान में 427.5 प्रतिशत बारिश हुई है जो सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में जोधुपर में 65 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है जो प्रदेश में सबसे अधिक है। वहीं नौ जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, नागौर, चूरू, पाली, जालौर, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई है, वहीं 19 जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, सिरोही, अजमेर, सीकर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, कोटा, बारां, झालावाड़, सवाईमाधोपुर, करौली, दौसा, भरतपुर और जयपुर में सामान्य बारिश हुई है। चार जिलों टोंक, बूंदी, अलवर तथा धौलपुर में सामान्य से कम बारिश हुई है। सबसे कम बरसात धौलपुर जिले में हुई है। यहां 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
अगले दो सप्ताह कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन का अमृतसर, करनाल, मेरठ, बरेली, वाराणसी, डाल्टनगंज, बांकुड़ा, दीघा से होकर पूर्व और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर रुख है। मौसम विभाग के अनुसार 11 से 17 सितंबर तक बारिश में कमी आएगी।
इस दौरान तापमान बढ़ेगा और कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिकतम तापमान रहेगा। सामान्य वहीं दूसरे सप्ताह यानी 18 से 24 सितंबर तक मानसून फिर एक्टिव होगा और सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य के आस-पास रहेगा।

Wednesday, 9 September 2020

01:40

कोरोना पर राज्य में गहलोत सरकार के नए नियम जारी

जयपुर.राजस्थान सरकार ने कोरोना काल में मृतकों के अंतिम संस्कार पर नए दिशा निर्देश जारी किए। सभी कलेक्टरों, निकायों व अस्पतालों को इसकी पालना सुनिश्चित करनी होगी। अब किसी कोरोना संक्रमित की मौत पर उनकी बॉडी प्रोटोकॉल के अनुसार पैक करके परिजनों को सौंपी जा सकेगी। परिजन अपने पैतृक श्मशान या कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कर सकेंगे।
रिसर्च; किसी पैक बॉडी से कोराेना नहीं फैला
रिसर्च में पता चला कि कोरोना संक्रमित मृतक की पैक बॉडी से अभी तक किसी को संक्रमण नहीं फैला है। परिजन पैतृक श्मशान स्थल में बॉडी ले जा सकेंगेे, पर जिला प्रशासन को बताना होगा।
परिजन बॉडी को अस्पताल से सीधे घर पर नहीं ले जा सकेंगे। {बॉडी अंतिम संस्कार के लिए सीधे श्मशान स्थल लाई जाएगी।
बॉडी खोलने व स्नान कराने पर पाबंदी होगी।
सामाजिक दूरी के साथ अंतिम दर्शन होंगे।
लिपटने, हाथ लगाने, चूमने की इजाजत नहीं होगी। पवित्र जल छिड़काव आदि की मंजूरी है।
अधिकतम 20 परिजन दूरी-मास्क के साथ अंतिम संस्कार में आ सकेंगे।

Saturday, 27 June 2020

22:05

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने 'शहीदों को सलाम' कार्यक्रम में दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जयपुर/सवाई माधोपुर@ रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। राजस्थान प्रदेश में कांग्रेस की ओर से शनिवार को 'शहीदों को सलाम' कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजधानी जयपुर से लेकर  मंडल स्तर तक कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भारत माता की रक्षा करते हुए भारत चीन सीमा पर अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर शहीदों की याद में भावभीनी श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने भी शनिवार को शहीद स्मारक में पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा में शामिल हो देश के जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। और कहा कि देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करते हुए हमारे देश के 20 वीर सपूतों ने अपना बलिदान दे दिया। मां भारती के इन शूरवीरों के सम्मान में 'शहीद स्मारक, जयपुर पर आयोजित 'शहीदों को सलाम' कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति देकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं।
06:57

30 जून तक विद्युत बिल की राशि जमा कराने पर मिलेगी छूट



जयपुर/सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। जयपुर डिस्काॅम के उपभोक्ताओं को 30 जून तक विद्युत
बिल की राशि जमा कराने पर आगामी माह में जारी होने वाले बिल में छूट दी
जाएगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जयपुर
डिस्काॅम के सभी विद्युत बिल राशि संग्रहण केन्द्र शनिवार व रविवार को भी
खुलेगें।

जयपुर डिस्काॅम के प्रबन्ध निदेशक श्री ए.के.गुप्ता ने बताया कि कृषि एवं
घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा 30 जून तक विद्युत बिलों की राषि का
भुगतान करने पर 5 प्रतिशत की छूट आगामी बिल में दी जाएगी। इसके साथ ही
अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी 30 जून तक बिल की राशि जमा कराने पर एक
प्रतिशत की छूट आगामी बिल में दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि बिल राशि संग्रहण केन्द्र शनिवार 27 जून व रविवार 28
जून को भी कार्यालय समय में खुलेगें, ताकि उपभोक्ता शनिवार-रविवार को भी
अपने विद्युत विपत्र की राशि जमा सकते हैं।

एमनेस्टी योजना- कृषि एवं घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता जिनके कनेक्सन 31
मार्च, 2019 से पूर्व से कटे हुए है उनके लिए एमनेस्टी योजना 30 जून,
2020 तक लागू है। ऐसे उपभोक्ता भी बिलम्ब शुल्क व ब्याज की छूट का लाभ
उठाते हुए मूल बकाया राशि एकमुश्त जमा करवाकर पुनः अपने कनेक्सन को जुड़वा
सकते हैं।

Tuesday, 16 June 2020

19:31

बीमा क्लेम से वंचित नहीं रहे काश्तकार - गंगवार


जयपुर / सवाई माधोपुर @ रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। प्रमुख शासन सचिव कृषि  नरेशपाल गंगवार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत विलेज मेपिंग एवं आधार मिस मैचिंग से संबंधित समस्याओं का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि कोई पात्र काश्तकार बीमा क्लेम से वंचित नहीं रहे। वह मंगलवार को यहां पंत कृषि भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, टिड्डी प्रकोप एवं नियंत्रण, खरीफ आदान अनुदान तथा राज किसान साथी पोर्टल की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। प्रमुख शासन सचिव श्री गंगवार ने अधिकारियों को इस साल फसल बीमा योजना में हुए बदलावों का ग्राम स्तर तक प्रचार-प्रसार कर किसान तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलक्टर, कृषि विभाग, टिड्डी चेतावनी संगठन एवं राजस्व विभाग को स्थानीय काश्तकारों के सहयोग से समन्वित प्रयास कर प्रभावी टिड्डी नियंत्रण के निर्देश दिए। श्री गंगवार ने पात्र किसानों को मक्का एवं बाजरा बीज का वितरण समय पर व्यवस्थित तरीके से करने तथा किसान साथी पोर्टल का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
कृषि आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि फसल बीमा योजना में विलेज मेपिंग सही करने का यह अंतिम अवसर है। इसलिए सभी जिला स्तरीय अधिकारी शीघ्र यह कार्य संपादित कर अंडर टेकिंग भिजवाएं। उन्होंने आधार मिस मैचिंग की समस्या का समुचित निस्तारण करने के निर्देश दिए, ताकि किसी काश्तकार को बेवजह बीमा क्लेम से वंचित नहीं रहना पड़े। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला लीड बैंक मैनेजर आधार मिस मैचिंग वाले किसानों की सूची कृषि उप निदेशकों को दें। वह काश्तकार के अपडेटेड आधार नम्बर की सूची लीड बैंक मैनेजर को सौंपेगे, जिसे संबंधित बैंक को देकर आधार नम्बर अपडेट कराएं। उन्होंने बताया कि इच्छुक ऋणी किसान आगामी 8 जुलाई तक बैंक में निर्धारित आवेदन पत्र भरकर फसल बीमा योजना से अलग हो सकते हैं।
डॉ. ओमप्रकाश ने टिड्डी नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रभावी प्रयासों का जिक्र करते हुए अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की मेपिंग करने, किसानों को प्रशिक्षित करने और कीटनाशक का अनावश्यक उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में संयुक्त शासन सचिव कृषि श्री एसपी सिंह सहित कृषि विभाग एवं राज्य स्तरीय बैंकिंग समिति के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिलों के कृषि अधिकारी एवं लीड बैंक मैनेजर वीसी से जुड़े हुए थे।

Monday, 1 June 2020

18:42

प्रत्येक राजस्व गांव में ल 2-2 सेवाभावी स्वास्थ्य मित्रों की होगी नियुक्ति।

 जयपुर/सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर। प्रदेश में निरोगी राजस्थान अभियान के तहत समस्त राजस्व ग्रामों में 2-2 सेवाभावी स्वास्थ्य मित्र  (एक महिला एवं एक पुरूष) चयनित किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। चयनित स्वास्थ्य मित्र सभी प्रकार के व्यसन से मुक्त रहकर निस्वार्थ भाव से निःशुल्क अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
डॉ. शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य मित्र संबंधित राजस्व ग्राम के ही 40 वर्ष से अधिक आयु के स्वस्थ व्यक्ति होंगे। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी संबंधित पीएचसी प्रभारी के सहयोग से स्वास्थ्य मित्र का चयन करेंगे। प्रशिक्षण का मॉड्यूल तैयार कर उन्हें निर्धारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य मित्रो को स्वास्थ्य संबंधित प्रचार सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
डिलीवरी पॉइंट की स्थितियों को सुधारें
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि  प्रदेशभर में स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने डिलीवरी पॉइंट, न्यूबोर्न केयर यूनिट आदि की स्थितियों को सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यो पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा श्री रोहित कुमार सिंह , एमडी एनएचएम श्री नरेश ठकराल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ.के के शर्मा , निदेशक आरसीएच डॉ. छीपी सहित संबंधित अधिकारी गण मौजूद थे।

Sunday, 24 May 2020

19:13

आवागमन में हेल्थ प्रोटोकॉल की सख्ती से हो पालना-मुख्यमंत्री



जयपुर/ सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के दौरान प्रदेशवासियों की व्यावहारिक दिक्कतोें को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने लगातार कदम उठाए हैं। इसी के चलते श्रमिकों, प्रवासियों की परेशानियों एवं व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन में आवश्यकतानुसार छूट दी गई है। लेकिन साथ ही में सरकार इस आवागमन से बढ़ते हुए कोरोना पॉजिटिव केसेज के बारे में भी पूर्णतया सजग है। सरकार आने वाले समय में नियमित हवाई और रेल आवागमन के और खुलने से होने वाले संभावित संक्रमण के बारे में भी सतर्क है। इसलिए राजस्थान में आने वाले समय में भी क्वारंटाइन सहित स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना की जाएगी। 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रवासियों/श्रमिकों के आवागमन से बढ़ी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की ओर से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले यात्रियों के लिए क्वारंटाइन के नियम में छूट देने के बावजूद राजस्थान में सभी के लिए 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहने के नियम की पूरी पालना की जायेगी। उन्होंने कहा कि जो यात्री केवल कुछ दिनों के लिए राजस्थान में रूकेंगे उनके लिए यहां आने से पहले या यहां पहुंचते ही आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। ऎसे व्यक्ति को टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने तक क्वारंटाइन में रहना होगा।
गहलोत रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों के दौरान राजस्थान में बाहर से आए 10 लाख से अधिक प्रवासी आए हैं, उनमें से लगभग 1600 संक्रमित पाये गए हैं। इन प्रवासियों में से 50 प्रतिशत से अधिक लोगों की क्वारंटाइन अवधि पूर्ण नहीं हुई है। इन परिस्थितियों में स्थानीय निवासियों और आगंतुकों सहित सभी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से की जाए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासियों और उनके परिजनों की सहूलियत के लिए राज्य सरकार होम क्वारंटाइन को प्राथमिकता दे रही है। लेकिन होम क्वारंटाइन की सुविधा नहीं होने पर राज्य सरकार ने गांव स्तर तक संस्थागत क्वारंटाइन की पुख्ता व्यवस्था की है। उन्होंने हवाई, रेल, और सड़क मार्ग से राजस्थान आने वाले सभी आगंतुकों से अपील की है कि वे राजस्थान सरकार के ई-मित्र पोर्टल पर ऑनलाईन पंजीकरण करवाकर ही मोबाइल नम्बर सहित आवश्यक सूचनाएं दर्ज करवाएं। इससे व्यक्ति के कोरोना से संक्रमित होने अथवा लक्षण दिखाई देने पर उसके स्वास्थ्य जांच एवं इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की जा सकेगी। 
श्री गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहर से आ रहे सभी लोगों की आईटी आधारित सिस्टम से मॉनिटरिंग की जाये और उन्हें होम क्वारंटाइन करने के निर्देशों की सख्ती से पालना करवाई जाए। हवाई जहाज से आने वाले यात्रियों की सूची सम्बन्धित एयरलाइन्स, ट्रेन से आने वाले यात्रियों की सूची रेलवे तथा बस यात्रियों की सूची राजस्थान रोडवेज से प्राप्त कर संबंधित जिला प्रशासन को भिजवाई जाये, ताकि यात्रियों की मनिटरिंग की प्रभावी व्यवस्था की जा सके। इसके साथ ही, सड़क मार्ग से राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए पूर्व की भांति की बॉर्डर चेकपोस्ट पर रजिस्ट्रेशन और क्वारंटाइन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। 
मोक्ष कलश स्पेशल निःशुल्क बस सेवा आज से शुरू 
गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जिन लोगों के अस्थि कलश विसर्जित नहीं हो पाये हैं, उनके लिए राज्य सरकार ने मोक्ष कलश स्पेशल निःशुल्क बस सेवा शुरू की है। पहली विशेष बस सोमवार को जाएगी। एक कलश के साथ दो लोग जा सकेंगे और उनको राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के पोर्टल पर तेतजबवदसपदमण्तंरेंजींदण्हवअण्पद पर अपना पंजीयन करवाना होगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का प्रदेश भर में आमजन से अच्छा रेस्पोंस मिला है। हमारी पिछली सरकार के समय शुरू की गई वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना का भी लोगों को काफी लाभ मिला था। उसी तर्ज पर इस योजना का लाभ भी अपनों की अस्थियों के विसर्जन का इंतजार कर रहे लोगों को मिले। क्याेंकि यह कई परिवारों के लिए बहुत संवदेनशील विषय है।
कोई भूखा ना सोए, की दिशा में एक और कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्बे लॉकडाउन में फुटकर एवं लघु व्यवसायी, स्वरोजगार रकने वाले एवं प्रवासियों को जीविका हेतु काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है। सरकार ने पहले भी लोगों के लिए पेंशन, गेहूं वितरण, 2500 हजार रूपये की नकद सहायता सहित काफी प्रयास किए हैं। इन योजनाओं से वंचित रह गए लोगों को अभी भी खाद्य सुरक्षा की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार ने इन श्रेणियों के लिए एक बारीय खाद्य सुरक्षा हेतु एक सर्वे प्रारंभ कराया गया है, जिसके लिए आवेदन कर्ता ई-मित्र/ई-मित्र ऎप या ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप या नगरीय क्षेत्रों में बीएलओ के माध्यम से आवेदन कर सकते है। इसके सम्बन्ध में जरूरी सूचना 181 हेल्पलाइन से ली जा सकती है।
बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, अति. मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अति. मुख्य सचिव उद्योग सुबोध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा रोहित कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण वीनू गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी अभय कुमार तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

Thursday, 21 May 2020

02:18

आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया आरंभ।

 जयपुर/सवाई माधोपुर @रिपोर्ट चन्द्रशेखर शर्मा।  राज्य में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित  आवासीय विद्यालयों तथा राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों में नवीन शैक्षणिक सत्र 2020-21 में प्रवेश हेतु इच्छुक छात्र-छात्राएं 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह महाविद्यालय स्तरीय छात्रावासों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राएं 30 जून 2020 तक आवेदन कर सकते हैं।
 
     निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव श्री द्वारका प्रसाद गुप्ता ने बताया कि राज्य में संचालित आवासीय विद्यालयों तथा राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों में ऑनलाइन प्रवेश हेतु 20 मई से पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किये जायेंगे। इसके तहत विद्यालय स्तरीय छात्रावासों में 18 जून एवं महाविद्यालय स्तरीय छात्रावासों में प्रवेश हेतु 30 जून तक पोर्टल खुला रहेगा। प्रवेश हेतु आवेदन करने में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर विभाग के संयुक्त निदेशक (एनालिस्ट सिस्टम), मुख्यावास के दूरभाष नं0 0141-2226654 एवं छात्रावास प्रशाखा के दूरभाष नं0 0141-2226611 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इससे संबधित समस्त जानकारी विभागीय वेबसाईट www.sje.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है

Monday, 13 April 2020

08:21

लॉकडाउन अवधि में मुख्यालय पर लौटने के लिए लम्बी यात्रा नहीं करने की अपील


जयपुर/सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने अपील की है, कि विभाग के ऎसे सभी पीईईओ, संस्था प्रधान अथवा कार्मिक जो वर्तमान में अपने मुख्यालय उपस्थित नहीं है और अपने परिवार के साथ अन्य जिलों में, मुख्यालय से अन्यत्र निवास कर रहे हैं, वे लॉकडाउन अवधि में मुख्यालय पर लौटने के लिए लम्बी यात्रा नहीं करें। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के मुख्यालय पर उपस्थिति की सूचना अंकन के संबंध में राज्य सरकार ने आदेश जारी किए हैं। डोटासरा ने कहा कि ऎसे कार्मिक लॉकडाउन अवधि पश्चात ही मुख्यालय हेतु प्रस्थान करें।
उन्होंने कहा कि सभी पीईईओ, संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुख्यालय पर अधिकारी, कार्मिक के उपस्थिति होने अथवा नहीं होने की संबंधित सूचना शाला दर्पण के माध्यम से दर्ज करवाने हेतु विभागीय पोर्टल पर उपस्थिति मॉड्यूल में आवश्यक बदलाव कर 13 अप्रैल को प्रातः से सांय 5 बजे तक आवश्यक रूप से दर्ज करेें। इस प्रकार की सूचना में पीईईओ, संस्था प्रधान मुख्यालय के आस-पास के गांव व कस्बों, शहरों में निवास कर रहे अधिकारी, कार्मिक, जो बिना किसी लम्बी यात्रा के मुख्यालय पर सहज उपलब्ध हो सकते हैं, को मुख्यालय पर उपस्थित मानते हुए उपस्थिति संबंधित सूचना शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से दर्ज करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डोटासरा ने बताया कि सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में समस्त पीईईओ, संस्था प्रधान द्वारा दर्ज मुख्यालय पर उपस्थिति संबंधित सूचना 14 अप्रैल को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से डॉनलोड करके या प्रिंट प्राप्त कर संबधित एसडीएम के माध्यम से जिला कलक्टर को प्रेषित करेेंगे।  उन्होंने कहा कि संस्था प्रधान अथवा पीईईओ प्रत्येक कार्मिक से दूरभाष पर बात करके ही मुख्यालय पर उपस्थिति की सूचना का पोर्टल पर ऑनलाईन अंकन करेंगे। किसी कार्मिक को इस कार्य हेतु विद्यालय में उपस्थिति होने हेतु निर्देशित नहीं किया जाएगा। यदि पीईईओ या संस्था प्रधान अपने अधीनस्थ स्टाफ की मुख्यालय पर ऑनलाईन उपस्थिति अपरिहार्य कारणवश पोर्टल पर करने में असमर्थ हों तो पीईईओ अथवा संस्था प्रधान दूरभाष के माध्यम से अपने अधीनस्थ स्टाफ की मुख्यालय पर उपस्थिति की समेकित सूचना संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भिजवाया जाना सुनिश्चित करेंगे।
सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अथवा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में पीईईओ अथवा संस्था प्रधानों द्वारा शाला दर्पण पर दशाई गई मुख्यालय पर उपस्थिति संबंधित सूचना का उपयोग केवल कार्मिकों की ड्यूटी लगाए जाने हेतु करेंगे ताकि मुख्यालय से बाहर गए अधिकारी अथवा कार्मिक किसी अवपीड़क कार्यवाही के भय से चिंचित होकर गलत सूचना अंकित न करें।

Friday, 3 April 2020

08:57

राज्यपाल कलराज मिश्र ने पीएम केयर्स में दी 20 लाख रुपये की राशि



जयपुर/सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। राज्यपाल कलराज मिश्र ने विभिन्न धर्मों के मंहत, मौलाना, फादर और गुरूओं को कोरोना वैश्विक महामारी से बचाव के लिए किए जाने वाली मेडीकल जांचों में बिना किसी धार्मिक आधार पर सहयोग करने का अनुरोध किया है। राज्यपाल मिश्र ने मरकज से आये व्यक्तियों से आग्रह किया है कि वे डरें नहीं। स्वास्थ्य कर्मी, प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें। देश में लगभग 171 व्यक्ति इस बीमारी से ठीक हो गये हैं।
 *राज्यपाल की मुख्यमंत्री से चर्चा*
राज्यपाल कलराज मिश्र कोरोना से बचाव के लिए राज्य में किये जा रहे प्रयासों पर निरन्तर निगरानी रखे हुए हैं। गुरूवार को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से दूरभाष पर वार्ता की। राज्यपाल मिश्र ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रदेश के हालात जाने। ऎसे प्रयास हों कि कोई भी व्यक्ति और पशु-पक्षी भूखा न रहे
राज्यपाल ने कहा कि यदि आपके आसपास ऎसे लोग हैं, जिनके पास खाने का सामान नही है, तो उनकी मदद अवश्य करें। उन्होंने कहा कि बेजुवान जानवरों को चारा और पक्षियों के लिए दाने की व्यवस्था के लिए भी लोग आगे आयें। राज्यपाल ने कहा कि ऎसे प्रयास किये जायें कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोये। राज्यपाल की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी हुई वार्ता
राज्यपाल कलराज मिश्र की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से भी दूरभाष पर चर्चा हुई। राज्यपाल श्री मिश्र को इस चर्चा के बाद राजस्थान के विभिन्न जिलों में मजदूरी या कारखानों में कार्यरत उत्तर प्रदेश के चार सौ लोगों की एक सूची मिली। राज्यपाल श्री मिश्र ने इन लोगों की चिकित्सा और भोजन आदि की व्यवस्था हेतु सम्बन्धित जिलों के जिला कलक्टर को आवश्यक निर्देश दिये। अन्य प्रदेश के गरीब मजदूरों की मदद भी सिविल सोसायटी करे
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में गरीब और मजदूरी करने वाले अन्य प्रदेश के लोगों की भोजन की व्यवस्था हेतु भी सिविल सोसायटी आगे आयें और सहयोग करें।
पी.एम. केयर्स में राज्यपाल ने दिये बीस लाख रुपये
राज्यपाल कलराज मिश्र ने कोरोना वैश्विक महामारी में बचाव के प्रयासों में सहयोग के लिए बीस लाख रुपये की राशि पी.एम.केयर्स में दी है। राज्यपाल मिश्र ने यह राशि राज्यपाल राहत कोष से देने का निर्णय लिया है।

Friday, 27 December 2019

20:29

नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष का जयपुर में भाजपाइयों ने किया स्वागत



सवाई माधोपुर।( रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा )भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पुनिया के शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय जयपुर में निर्वाचन कार्यक्रम एवं अभिनंदन समारोह में भाग लेने के लिए सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय व गंगापुर उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र से दर्जनों भाजपा पदाधिकारी एवं  सैकड़ों कार्यकर्त्ता राजधानी जयपुर पहूंचे।
गंगापुर सिटी से पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सुबह बस द्वारा जयपुर के लिए रवाना हुए।
पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर के अलावा कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष डॉ. भरत लाल मथुरिया,पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश चन्द जैन,भाजयुमो जिला अध्यक्ष सत्यनारायण धाकड़, भाजपा कार्यकर्ता मनोज कुनकटा,भवानी मानपुर एवं चारो मंडलों के कई कार्यकर्त्ता शामिल थे।
भाजपा कार्यकर्त्ता मनोज कुनकटा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के जिला संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जयपुर स्थित प्रदेश कार्यालय पहुँचकर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश पुनिया का अभिनंदन किया एवं पुनिया को प्रदेश अध्यक्ष बनने की शुभकामनाएं दीं।
नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पुनिया ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ की हड्डी है और भाजपा में कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरी है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता उनकी धड़कन है।प्रत्येक कार्यकर्त्ता के लिए उनके दरवाजे 24 घण्टे खुले हुए हैं।कार्यकर्ता का पूरा मान सम्मान रखा जाएगा जब भी कार्यकर्ता उन्हें याद करेंगे एक सेवक के रूप में सदैव तैयार मिलेंगे।
पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने कहा कि आपके मार्गदर्शन एवं कार्यकुशलता से प्रदेश भाजपा सफलता के नये सोपान स्थापित करेगी।आपके नेतृत्व में कार्यकर्ता नए जोश और दृढ़ता से समर्पण और कर्मठता के नए आयाम छूएंगे।
सभी कार्यकर्ताओं ने पूनिया जी को बधाई एवं सफल कार्यकाल की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी।