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Wednesday, 4 December 2019

18:28

एनसीएल सीएमडी पीके सिन्हा ने ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुत किया रिसर्च पेपर



नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी. के. सिन्हा ने आस्ट्रेलिया के पर्थ शहर में 2 दिसम्बर से 4 दिसम्बर तक चल रही 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘माइन प्लानिंग एण्ड ईक्विपमेंट सेलेक्शन’ (एमपीईएस-2019) में ‘भारत में सिंगरौली कोलफील्ड्स के सतत विकास और माइनिंग ईक्विपमेंट सेलेक्शन एवं पर्यावरण और पारिस्थितिकी प्रबंधन’ विषय पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एनसीएल के महाप्रबंधक (कॉर्पोरेट प्लानिंग) श्री सतीश झा भी सह-लेखक के रूप में उपस्थित थे।

श्री सिन्हा ने कॉन्फ्रेंस में मौजूद विश्व भर के खनन दिग्गजों को एनसीएल में कोयला खनन के लिए अपनाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं व तकनीकियों से विस्तार से अवगत कराया। पर्यावरण प्रबंधन के लिए कंपनी द्वारा वृहद स्तर पर किए गए पौधारोपण व पारिस्थितिकी प्रबंधन के विविध पहलूओं को बारीकी से बताया। इस अवसर पर उन्होंने एनसीएल द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे अलग-अलग प्रयासों से भी रूबरू कराया। 

अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस माइन प्लानिंग एवं ईक्विपमेंट सेलेक्शन (एमपीईएस-2019) का मुख्य उद्देश्य  विश्व के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक दशाओं के अनूरूप किए जा रहे खनन की जानकारी एवं तकनीकियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करते हुये भविष्य में वैश्विक खनन को नई दिशा प्रदान करना हैं।

गौरतलब है कि एनसीएल सीएमडी श्री सिन्हा पहले भी कोयला उद्योग से जुड़े वृहत विषयों पर विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टेक्निकल पेपर प्रेजेंट कर चुके हैं। वैश्विक कोयला उद्योग की व्यापक समझ रखने वाले श्री सिन्हा वर्ष 2008 में पोलैंड एवं वर्ष 2011 में इस्तांबुल (टर्की) में आयोजित वर्ल्ड माइनिंग कांग्रेस में भारतीय कोयला उद्योग की नुमाइंदगी कर चुके हैं। कोयला उद्योग की वैश्विक बारीकियों से रूबरू होने के लिए वे स्वीडन, स्विट्जरलैंड एवं जर्मनी का दौरा भी कर चुके हैं। सितंबर 2016 में अमेरिका के लास वेगास में आयोजित इंटरनैशनल माइंस एक्सपो में भी वे भारतीय कोयला उद्योग का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

Sunday, 1 December 2019

09:43

खतरे में है लोकतंत्र का चौथा स्तंभ -के सी शर्मा


 *सिंगरौली*आज मीडिया जगत में लगातार पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं पत्रकारों की हत्या की जा रही है कलम को दबाने की कोशिशें की जा रही है कहीं ना कहीं पत्रकारों पर पुलिस प्रशासन का भी दबाव बनाया जा रहा है

पत्रकार ही समाज को आईना दिखाने का काम करता है जो अपनी जान जोखिम में डालकर कलम के सहारे समाज मे हर जातिवाद,पूजींवाद, सामंतवादी,विचारधाराओं की दृष्टिकोण के भावनाओं को दूर रखकर समाजवादी उदारवादी, आचरण की भावनाओं का समाज मे अहम संदेश जनता तक अपनी कलम के माध्यम से पहुंचाता है

और उसे अपना कर्तव्य समझ अपनी ईमानदारी से जनता के बीच रह कर पूरा करता है। एक पत्रकार किसानों की,विधार्थियों की,मजदूरों की,व्यपारियो की, आदिवासियों कि,दलितों की,और हर उस निचले कमजोर वर्गों की दबी आवाज को सरकार तक पत्रकार अपनी कलम के सहारे से पहुंचाता है।

जिन गरीबों बेसहारों व दिव्यांगों और लाचारों की दर्द से कराहती आवाज को सरकार तक जाने का माध्यम बन जाता है। एक पत्रकार। देश मे जब बड़ा संकट जाता है। उस वक्त भी पत्रकार अपनी कलम को नही रोकता निरंतर सच बुलंद करता हूआ लिखता रहता है।

सरकार से जनता तक जनता से सरकार बनाने तक समस्याओं के निवारण का एक स्रोत बनकर पत्रकार उभरता है। इस लोकतांत्रिक देश में जब सर्वोच्च न्यायालय के चार न्यायाधीश ने अपनी बात जनता दरबार मे रखा सरकार तक अपनी समस्याओं को पत्रकारों के माध्यम से रखा।

आज पत्रकारों की किसी भी समस्याओं मे कोई नही अपना सहयोग देता है। चाहे वह केन्द्र सरकार हो या प्रदेशों की सरकारें हो कुछ दिनो पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ ने पत्रकार के ऊपर हमला करने या उसके साथ दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्तियों पर दो साल की कैद और पचास हजार के जुर्माने जैसा कानून बनाने का अश्वासन दिया था

ऐसा कोई कानून अभी तक नजर नही आया। लाख दावों के बावजूद भी पत्रकार पर निरंतर जानलेवा हमले हो रहे है यू.पी मे भी सरकार कुछ नही कर पा रही है। और प्रदेशो मे भी यही हाल है।बिहार मे कुछ दिनों पहले दो पत्रकार को स्कारपियो गाड़ी से बेरहमी से कुचल कर मौत घाट ऊतार दिया गया

वहां पर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ वहां के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार है। यही नहीं उत्तर प्रदेश में भी कई पत्रकारों को खबर लिखने पर थाने में बंद करके पुलिस कर्मियों द्वारा बेरहमी से पीटा गया सरकार सोती रही पत्रकार पिटते रहे पत्रकार के किसी भी प्रकरण मे इन सरकारों का लाॅएन आर्डर कहां चला जाता है।

नियम और शर्तें सरकारी दफ्तरों मे धूल चाटते दिखते है।आज देश मे कई संगठन व अनेक एसोशिएशन चल रहे है। पत्रकारों के कुछ संगठन पत्रकारों के हित मे कार्य कर रहे है। कुछ तो छोटा पत्रकार और बड़ा पत्रकार देखने में लगे हैं आज से बीस से पच्चीस साल पहले मीडिया जगत में इलेक्ट्रॉनिक चैनल मे दूरदर्शन व प्रिंट मीडिया मे दैनिक जागरण, हिंदुस्तान ,अमर उजाला जनता के बीच मे सक्रिय थे।इन दस सालो मे दोनों मीडिया मे क्रान्ति आई है। जिससे मीडिया जगत मे पत्रकारों की संख्या बढ़ी है। जिसमें नाम दिया गया बड़े पेपर, छोटे पेपर बड़े पत्रकार, छोटे पत्रकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को छोड़ कर अन्य किसी पत्रकारों को कोई सैलरी भी नहीं मिलती है। ना ही कोई क्लेम अथवा बीमे जैसी कोई सहायता मिल रही है। कुछ बड़े चैनल मे आज तक ,ए बी पी ,न्यूज 18,

न्यूज़ 24 , जी.न्यूज जैसे चैनलों मे अच्छी खासी सैलरी पत्रकारों की व एंकर की है। छोटे पेपर के चैनलों के पत्रकारों कि कोई सैलरी नही है। ये पत्रकार कुछ छोटे बड़े विज्ञापनों के जरिए अपना जीवन यापन करते हैैं।

साथियों अब जागने की जरूरत है कब तक अपने साथियों को खोते रहेंगे छोटा बड़ा समझ कर आपस में ही लड़ते झगड़ते रहेंगे साथियों हमें एक होने की जरूरत है हम सब एक होंगे तभी सरकार हमारे बारे में कुछ सोचेगी नहीं तो एक-एक करके आए दिन पत्रकार मारे जा रहे हैं

सताए जा रहे हैं कोई सुनने वाला नहीं आज हमारे साथ तो कल आपके साथ आए दिन कुछ न कुछ नई नई खबरें आप लोग लिखते रहेंगे और प्रशासन अपने कान में उंगली डाले ही रहेगा कितनी सरकारें आई कितने मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री बने लेकिन लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के बारे में किसी ने आज तक सोचा ही नहीं।
अब एक बार फिर कमलनाथ सरकार के कार्यकाल मध्यप्रदेश में
सिंगरौली जिले में पुनः हुआ पत्रकार पर हमला

पत्रकार मानवाधिकार मीडिया में सिंगरौली जिला ब्युरो चीफ़ के पद पर तैनात
सरई में देर रात पत्रकार से किया गया जानलेवा हमला
 8 की सख्या मे नाकाप बदमाशों ने बोलरो मे बैठाकर बन्द कमरे में किया पत्रकार से मारपीट

 सरई पुलिस कर रही मामले मे हीला हवाली

आरोपियों को संरक्षण देते दिखी सरई पुलिस

पत्रकार मुन्ना सरकार की मोबाईल सहित पैसे भी छीने  आरोपी

जमीनी मामले मे याचिका वापस लेने के लिए बना रहा दबाव

 नहीं लेने पर जान से खत्म करने की दी धमकी और 376 मे फसाने की कर रहा बात

पत्रकार का आरोपियों ने बंद कमरे में बनाए चक्रव्यूह में फंसने वाली विडियो

पुलिस अभी तक कुछ नहीं किया कार्यवाही

इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं।

Friday, 29 November 2019

18:12

मशहूर लोक गायिका मालिनी अवस्थी में बिखेरा सुरों का जादू



नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के श्रमसाधकों को नमन के साथ बृहस्पतिवार की शाम कंपनी के जयंत कोयला क्षेत्र के विजय स्टेडियम में मशहूर लोक गायिका पद्म श्री (श्रीमती) मालिनी अवस्थी जैसे ही मंच पर उपस्थित हुईं, दर्शकों से खचाखच भरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वह एनसीएल के 35वें स्थापना दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने उपस्थित हुई थीं।

एनसीएल द्वारा निकाले जाने वाले कोयले को धरती माता का प्रसाद बताते हुए मां विंध्यवासिनी की आराधना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
फिर अपने गाए हुए मशहूर लोकगीतों से उन्होंने जो शमां बांधा, उसमें पता ही नहीं चला कि 3 घंटे कैसे बीत गए। राम भक्ति को समर्पित बन्ना ‘सिया बनी दुलहान, दूल्हा रघुराई....’ और जन्म के समय गया जाने वाला सोहर ‘राजा दशरथ जी के घरवा आज जन्मे ललनवा’ गाकर उन्हों श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।

लोक गीत एवं फिल्मी गीतों के समागम को समझाते हुए रेलिया बैरन पिया को लिए जाए..., जादूगर सईया, छोड़ो मोरी बाइया, हो गई आधी रात, अब घर जाने दो..., एक परदेसी मेरा दिल ले गया…, इन्हीं लोगों ने लूटा दुपट्टा मेरा...जैसे मशहूर लोक गीतों को गाकर उन्होंने दर्शकों को लोक संगीत के रंग में रंग दिया।

लोक संगीत को नई ऊंचाई देने में अमीर खुसरो, उस्ताद वाजिद अली शाह जैसी महान शख्सियतों को याद करते हुए उन्होंने इन महान विभूतियों के गाए गीतों को भी सुनाया। खुसरो की मशहूर रचना ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके...’ की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का अंत किया।
लोक संगीत और लोक कलाकारों को बढ़ावा दिए जाने हेतु एनसीएल के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने दर्शकों एवं एनसीएल परिवार से मिले सम्मान के लिए आभार जताया।

Thursday, 28 November 2019

06:31

ऑल इंडिया यूनाइटेड वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के पत्रकारों और देश वासियों के नाम एक अपील




*वक्त आगया है जब प्रिंट मीडिया और पत्रकारो को सावधान हो जाना चाहिए-के सी शर्मा*
देश में अनमोल भूमिका निभाने वाले मेरे पत्रकार भाईओ और बहनों, ध्यान दे और सोचे प्रिंट मीडिया को ख़त्म करने की
सरकार की चाल को भारतीय मीडिया को अब वक्त आगया है उसे समझना चाहिए ? देश में कोई भी ऐसी अघटित या घटित घटना चाहे वो अच्छी हो या बुरी ? तब देश का पत्रकार वो चाहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया या सोशल मीडिया में हो,वो पत्रकार अपनी सही भूमिका बिना स्वार्थ निभाते है ।
जिसके साथ अघटित घटना घटी हो उनको पूरा न्याय दिलाते है और अच्छी घटना में भी पूरा साथ देते है ।

इस  देश को आज़ादी दिलाने में यानी हम सब की ख़ुशी में प्रिंट मीडिया का बहुत बड़ा हाथ रहा जिसे भुलाया नही जासकता है।

आज देश में लाखों पत्रकार अपनी अपनी भूमिका देश हित में निभा रहे है ।
देश के सभी पत्रकार साथियो
आपका ध्यान "आल इंडिया यूनाइटेड वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन" आपका ध्यान गत दिनों महाराष्ट्र में घटित राजनैतिक घटना क्रम पर केन्द्रीत करना चाहती है ।
ज्ञात हो कि दो दिन पहले महाराष्ट्र में अचानक एक सरकार बनी और जब TV न्यूज़ में देखा तो एक बार ऐसा लगा की ये अचानक महाराष्ट्र की राजनीति  में क्या हो गया ? *"सुबह के सभी अख़बारो में अलग न्यूज़ और सुबह सुबह TV में अलग न्यूज़" ?*

पत्रकार साथियो पहले देश में प्रिंट मीडिया ही था।
प्रिंट मीडिया को बिना बताये अचानक महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री और उप मुख्य मंत्री की शपथविधि हो गई ?
 सरकार प्रिंट मीडिया से डरती है या
प्रिंट मीडिया का वर्चस्व ख़त्म करना चाहती है ?
देश के अनमोल पत्रकारो हमें
अब सोचना और समझना होगा ?

  देश का प्रिंट मीडिया तब तक चलेगा जब तक ये सृष्टि है।
 इसे कोई बंद नहीं कर सकता
 है ।
*"आल इंडिया यूनाइटेड वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन"* ने देश की जनता  से कहा है कि देशवाशीयों गौरव करो देश के पत्रकारों पर जिन्होंने हमेशा देश को जागृत रखा था , रखा है और रखते रहेगा ।

*संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ(AIUWJU)*

मुझे गर्व है की मैं भारत माँ का पत्रकार हूँ ।

Tuesday, 26 November 2019

16:25

प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया की देशवासियों के नाम अपील



(लोक  प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29क के अधिन राजनीतिक दल के रूप में भारत निर्वाचन आयोग में पंजिकृत)

साथियों आज देश की सभी राजनैतिक दल व्यक्तिवाद और पैसावाद के मूल तत्व में उलझ कर पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा की भूल भुलैया में फंस गए हैं। भारत के अधिकांश दलों ने परिवारवाद और पैसावाद की ताकतों के आगे घुटने टेक दिए हैं।जिस के चलते आज देश में नागरिकता निर्माण, नेतृत्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण नहीं हो पा रहा है। आप सभी जानते है की देश की मनस्थिति एक नेता निर्धरित करता है और ये तय करता है हमें नियत दिशा में चलना है। नागरिकों की सत्ता सक्रियता को प्राथमिकता देने वाला दल इस दौर की जरूरत है।नागरिकता निर्माण, नेतृत्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिये एक मंच प्रजातन्त्र पार्टी ऑफ इंडिया के नाम से तैयार किया है जिसमें देश भक्तों को हम एक तार में पिरों कर एक उत्तम राष्ट्र के निर्माण की प्रतिबधता के साथ इस संगठन का विस्तार भारत के सभी प्रदेश में कर रहे है। यदि आप सिद्धांतवादी है और एक राष्ट्र के निर्माण और देश हित में काम करना चाहते है तो आईये संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुये एक नया आयाम लिखे। संगठन से जुडने के लोगइन करे या फिर दी गई ईमेल आईडी पर अपना नाम, पता, पिता का नाम, उम्र, शिक्षा, व्यवसाय मोबाईल नम्बर मैसेज करे।

संगठन से जुड़ने के लिये कुछ महत्वपूर्ण बातेः
01 - यदि आप के दिल में राष्ट्र सेवा का भाव और जाति धर्म को भुला कर अन्याय, अत्याचार व शोषण के खिलाफ संघर्ष करने की चाहत हो।
02 - यदि आप देश की राजनीति से व्यक्तिवाद और पैसावाद के मूल तत्व  को जड़ से खत्म करना चाहते हैं तो।
03 - यदि आप संगठन के नियम व सिद्धांतो का पूर्ण रुप से पालन करने के लिये तैयार हैं तो।
04 - यदि आप महीने में 50-60 घंटे का समय समाज को दे सकते है तो।
05 - यदि आप समाज हित के लिये संघर्ष करते समय किसी के भी दबाब या लालच मे झुकने को तैयार नहीं हैं तो।
06 - यदि आप भ्रष्टाचार के खिलाफ एक होकर अपनी आवाज उठाना चाहते है तो।
07 - यदि आप इतिहास के नायकों और महिलाओं का सम्मान विश्व में उच्चा करना चाहते है तो।
08 - यदि आप जात-पांत और क्षेत्रवाद के दायरों में उलक्षे समाज और संवेदनहीन सियासत से भारत को मुक्ति दिलाना चाहते है तो।
09 कृ यदि आप देश में बढ़ती बेरोजगारी पर अपनी आवाज को मुखर करना चाहते है तो।
10 कृ यदि आप हमारे देश के किसानों को उनका हक दिलाने में विश्वास रखते है तो।
11 - यदि आप महीने पर 500 से 2000 रु.तक ( आवस्यकता ) पडने पर राष्ट्र हित में खर्च करने को  तैयार है तो।
12 - यदी आप ईमानदार और सिद्धांतवादी है तो आओं एक होकर हम अपने देश को सशक्त करे।
13 - यदि आप गरिबी, भुखमरी, बेरोजगारी जैसी विशमाता को एक जुट होकर देश से समाप्त करने के साथ ही शिक्षित राष्ट्र बनाने में अपना महत्व योगदान देना चाहते है


*सविता उपाध्याय*
*राष्ट्रीय उपाध्यक्ष*
*प्रजातंत्र पार्टी आॅफ इंडिया*
*संपर्क     7579939905*
                *6398483639*
*Sasup2018@gmail.com*

Thursday, 21 November 2019

21:22

शक्तिशाली समाज ही विश्व को सही दिशा दिखा सकता है भैया जी जोशी



सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने कहा कि "भारत के लोग बड़े भाग्यशाली हैं कि भारत में ईश्वर निष्ठ व्यक्ति हमेशा से अवतरित होते रहे हैं. स्वर्गीय दत्तोपंत ठेंगड़ी ईश्वर के श्रेष्ठ साधक तपस्वी थे. अहंकार का कोई अंश भी उनमें नहीं था. वे एक श्रेष्ठ योगी थे. राजयोग, कर्मयोग तथा ज्ञानयोग जैसे विभिन्न योगों की सीमाओं के बिना इन योगों के सारे लक्षण उनमें विद्यमान थे. वे कहते थे कि हमारा कार्य ईश्वरीय कार्य है, इसलिए उसका सफल होना तय है. हम इस ईश्वरीय कार्य के केवल श्रेष्ठ साधन बन सकते हैं."

उन्होंने कहा कि ठेंगड़ी जी के अनुसार संघ समाज से अलग नहीं है. हिन्दुओं के सारे प्रश्न संघ के प्रश्न हैं. हमारा राष्ट्र निर्माणाधीन नहीं है, हमें राष्ट्र का निर्माण नहीं करना, बल्कि पुनर्निर्माण करना है. ठेंगड़ी जी ने कहा था कि हमें क्रांति नहीं करनी है, बल्कि युगानुकूल परिवर्तन करना है. अपनी दूरदर्शिता के चलते वे परिस्थिति का बेहतर आंकलन कर सकते थे.

दृष्टा लोगों द्वारा आत्मविश्वास से कहे गए वचन हमें बल देते हैं. जब हर तरफ साम्यवाद का बोलबाला था, तब उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि साम्यवाद नहीं टिकेगा. आपातकाल का भविष्य भी उन्होंने बताया था. सन् 1989 में उन्होंने कहा था कि नई शताब्दी के सूर्योदय का रंग भगवा होगा और उसका प्रमाण हम देख रहे हैं. स्व. ठेंगड़ी जी के बताए अनुसार, जीवन के मूल्य और जीवन की शैली यही भारत की विश्व को देन है. अब जागरण शुरू हुआ है और सारा विश्व मार्गदर्शन के लिए भारत की ओर देख रहा है और शक्तिशाली समाज ही विश्व को सही दिशा दिखा सकता है. इस संदर्भ में आज स्व. ठेंगड़ी जी के वचन सही साबित हो रहे हैं."

Wednesday, 20 November 2019

02:13

हीरो इलेक्ट्रिक के वन रेस सुपर के चौथे संस्करण की घोषणा



 श्री मनदीप जांगड़ा  अर्जुन पुरस्कार विजेता, बॉक्सर और कारगिल युद्ध वीर  मेजर डीपी सिंह  के साथ हीरो इलेक्ट्रिक के  नेतृत्व में  एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया  इस समारोह में इवेंट के फेस एवं चीफ इंस्पिरेशन ऑफिसर और कारगिल युद्धवीर, एंप्यूटी,  मैराथनर, लिम्का रिकॉर्ड धारक मेजर डीपी सिंह  इनके साथ अर्जुन पुरस्कार विजेता बॉक्सर श्री मनदीप जागडा भी मौजूद थे
भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक ब्रांड  हीरो इलेक्ट्रिक ने  मानवीय मूल्यों और सेवा, पर्यावरण, लर्निंग, फिटनेस, (सेल्फ) के चार स्तंभों पर आधारित कांसेप्ट को बढ़ावा देने और सुपरसिख रन रेस के उपलक्ष्य मे मानवीय एवं इको फ्रेंडली वातावरण की खुशी मनाने के चौथे संस्करण की घोषणा की.  सुपर सिख रन रेस एक प्रोफेशनली प्रबंधित हाफ मैराथन इवेंट है जिसमें तीन सफल  संस्करण दिल्ली में  2018, 2017 और 2016 में आयोजित हुए  वन रेस प्रतिवर्ष लुटियंस जोन दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से शुरू होकर नई दिल्ली में आयोजित होती है  इस रेस का  चौथा संस्करण 8 दिसंबर को  आयोजित होगा  इसमें  पुरुष व महिलाओं सहित 7000 से ज्यादा हिस्सा लेंगे .
हीरो हीरो इलेक्ट्रिक ने सुपर सिक्स फाउंडेशन के साथ मिलकर युवा एथलीट्स की प्रतिभा को हूं जानने के लिए सब 3010 केएम प्रोजेक्ट को प्रारंभ किया है इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को 10 किलोमीटर की रन 30 मिनट की सीमा को तोड़कर स्पीड एवं एन्ड्युरेंस के साथ अपनी प्रतिभा को साबित करने का अवसर मिलेगा विजेता पुरुषों के लिए 30 मिनट बैरियर ब्रेक करेंगे तथा महिलाओं के लिए 35 मिनट का बैरियर ब्रेक करेंगे विजेताओं को ₹65000 की मूल्य की हीरो इलेक्ट्रिक ऑप्टिमा पुरस्कार के रूप में दी जाएगी
श्री नवीन मुंजाल एमडी हीरो इलेक्ट्रिक ने कहा कि वन रेस सुपर सिख रन हीरो इलेक्ट्रिक पर
 खास इवेंट के साथ-साथ सबसे विभिन्न एवं सांस्कृतिक संपन्न रेस है इस साल भारत में इ मोबिलिटी में अग्रणी रहते हुए हमारा उद्देश्य न केवल रन को सपोर्ट करना बल्कि इसका इस संदेश को प्रचार प्रसार कर पर्यावरण का संरक्षण करने में योगदान देना भी है हर साल हमारे लिए यह गर्व का क्षण होता है जब सभी रनर्स एकत्रित होकर हमारे उद्देश में सहयोग करते हैं
वन रेस ह्यूमन रेस के सिद्धांत पर केंद्रित सुपर सिख रन जाति, धर्म,  लिंग, वर्ण, विश्वास तथा जीवन की चुनौतियों की कमजोर बाधाओं से हटकर हर प्रतिभागी के लिए आयोजित होने वाली हाफ मैराथन ह
 हीरो इलेक्ट्रिक ने वन रेस सुपर 6 रन से पहले एक प्रोमो रन 9 नवंबर को रवाना किया था यह रन गुरुग्राम में हीरो इलेक्ट्रिक के मुख्यालय से शुरू हुई से शुरू होकर इसमें 200 से ज्यादा run-as ने हिस्सा लिया दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए हीरो इलेक्ट्रिक के गोल्डन ग्रीन अभियान के तहत कंपनी ने सभी रनर्स को फेसबुक एवं जर्सी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जिस पर संकेत के रूप में "बीट एयर पोलूशन" "लेट्स ब्रेद बैटर"  "लेट्स गो इलेक्ट्रिक"  का संदेश लिखा था. सुपर सिख रन नई दिल्ली में सबसे प्रतिष्ठित हाफ मैराथन का आयोजन कर रही है यह प्रशासन प्रशंसकों एवं प्रतिभागियों के सहयोग व मार्गदर्शन से संभव हो सकी है.

एसके मिश्रा

Saturday, 16 November 2019

22:50

पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिवस 3 दिसंबर को मेघा दिवस के रूप में घोषित करने के लिए सौंपा पत्र


महिला चर्खा समिति कदमकुआं पटना की अध्यक्षा एवं देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद , भारतीय गणतंत्र के प्रथम राष्ट्रपति की पौत्री डॉ तारा सिन्हा लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिन्हा को संस्कृति मंत्रालय , भारत सरकार का पत्र सौंपा जिसमें यह अंकित है कि देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के जन्म दिवस 3 दिसंबर को मेघा दिवस के रूप में घोषित किया जाय , इसके लिए महिला चर्खा समिति की अध्यक्षा डॉ तारा सिन्हा , विहार विद्यापीठ , सदाकत आश्रम एवं हमारी संस्था लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र ने प्रधानमंत्री , राष्ट्रपति एवं संस्कृति मंत्रालय को स्मार पत्र लिखा गया था , जिसके प्रत्युत्तर में संस्कृति मंत्रालय ने लिखा है कि वर्ष 2034 के पूर्व यह संभव नहीं है , बहुत ही खेद की बात है कि देशरत्न के जन्म दिवस को मेघा दिवस के रूप में घोषित नहीं होना देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है जबकि महात्मा गांधी के जन्म दिवस को अहिंसा दिवस , जवाहरलाल नेहरु के जन्म दिवस को बाल दिवस , मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस को शिक्षा दिवस , सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्म दिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाये जाने की परम्परा है , तो देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद के जन्म दिवस को मेघा दिवस के रूप में घोषित करने में क्या कठिनाई है । मेरा सभी संस्थाओं से अनुरोध है कि अपने अपने संस्थान की ओर से केन्द्र सरकार को उक्त मांगपत्र पर पत्र लिखें एवं अपने क्षेत्र में इस मांग पत्र पर बल देने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलायें ताकि केन्द्र सरकार बाध्य होकर उक्त मांग को घोषित करे । आभार सहित , भवदीय , अभय सिन्हा , राष्ट्रीय महासचिव लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र , मो.9555035003,7838791033

Tuesday, 12 November 2019

07:08

जानिए किन तीन वजहों से लगा था r.s.s. पर बैन फिर ऐसे हटा



पूनम चतुर्वेदी/संघ पर एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रतिबंध लगाया जा चुका है. इससे आरएसएस को हौसले पस्त नहीं पड़े. संघ लगातार अपने आपको आगे बढ़ाता रहा और संवाद के जरिए लोगों से जुड़ता रहा. आज यही वजह है कि संघ आज दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बनकर सामने आया है ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 93 साल के सफर में कई उपलब्धियां अर्जित की हैं. हालांकि एक दौर ऐसा भी था जब सरकार को उस पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था. संघ पर एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रतिबंध लगाया जा चुका है. इससे आरएसएस के हौसले पस्त नहीं पड़े. वह लगातार अपने आपको आगे बढ़ाता रहा और संवाद के जरिए लोगों से जुड़ता रहा. आज यही वजह है कि संघ आज दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन गया है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना केशव बलराम हेडगेवार ने की थी. भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ 27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की गई थी. लेकिन आजादी मिले एक साल भी नहीं गुजरा था कि उसे प्रतिंबध का सामना करना पड़ा.

30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. दरअसल गांधी की हत्या को संघ से जोड़कर देखा गया, संघ के दूसरे सरसंघचालक गुरु गोलवलकर को बंदी बनाया गया.18 महीने तक संघ पर प्रतिबंध लगा रहा ।

हालांकि 11 जुलाई, 1949 को तब हटा जब देश के तत्कालीन गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की शर्तें तत्कालीन संघ प्रमुख माधवराव सदाशिव गोलवलकर ने मान लीं. इस शर्त के साथ प्रतिबंध हटाया गया।।

संघ को दूसरी बार प्रतिबंध का समाना आपातकालके दौरान करना पड़ा. 1975 में इंदिरा गांधी ने जब आपातकाल लगाया तो आरएसएस के लोगों ने इसका काफी विरोध किया था. इसके चलते बड़ी तादाद में स्वयंसेवकों को जेल भेज दिया गया था. आरएसएस पर 2 साल तक पाबंदी लगी रही. आपातकाल के बाद जब चुनाव की घोषणा हुई तो जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया. 1977 में जनता पार्टी की सत्ता में आई तो संघ पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया.

संघ पर तीसरी बार प्रतिबंध 1992 में लगा. इस पर आरएसएस की पाबंदी की वजह अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाने में भूमिका थी. इस बार 6 महीने के लिए उसे प्रतिबंध झेलना पड़ा ।

आरएसएस का दावा है कि उसके एक करोड़ से ज्यादा प्रशिक्षित सदस्य हैं. संघ परिवार में 80 से ज्यादा समविचारी या आनुषांगिक संगठन हैं. दुनिया के करीब 40 देशों में संघ सक्रिय है. मौजूदा समय में संघ की 56 हजार 569 दैनिक शाखाएं लगती हैं. करीब 13 हजार 847 साप्ताहिक मंडली और 9 हजार मासिक शाखाएं भी हैं. संघ में सदस्यों का पंजीकरण नहीं होता. ऐसे में शाखाओं में उपस्थिति के आधार पर अनुमान है कि फिलहाल 50 लाख से ज्यादा स्वयंसेवक नियमित रूप से शाखाओं में आते हैं. देश की हर तहसील और करीब 55 हजार गांवों में संघ की शाखाएं लग रही हैं ।

-पूनम चतुर्वेदी

Sunday, 10 November 2019

07:36

चप्पा चप्पा मुस्तैद पुलिस का रहा असर शांति व्यवस्था रही कायम



 अयोध्या मामले को लेकर पुलिस प्रशासन कि चुस्ती मुस्तैदी और रात और दिन के मेहनत का नतीजा जिले में देखने को मिला, जिस मुद्दे को लेकर कई दशकों तक सियासत गर्म होती रही, उसी मामले को लेकर जिस तरीके से जिले में शांति व्यवस्था कायम रही काबिले तारीफ माना जा रहा है
        कलेक्टर केवीएस चौधरी एवं एसपी अभिजीत रंजन के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस प्रशासन कि टीम शहर से लेकर सुदूर वनांचल के गांवों तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात नजर आई,पुलिस अफसर शांति व्यवस्था बनाए रखने लगातार आगाह करते रहे लिहाजा जनमानस ने भी अच्छे और सच्चे जागरूक नागरिक होने का परिचय दिया   
           इस अत्यंत संवेदनशील विषय पर जहां एसपी कलेक्टर कि सतत निगरानी व एडीएम एएसपी एसडीएम डीएसपी के देखरेख में समस्त थाना प्रभारियों अथक मशक्कत ने दो दिन में माहौल को शांत बनाए रखा वही लोगों का आपसी सौहार्द भाईचारा भी बना रहा।
07:22

जाने किसे कहते हैं काला धन -के सी शर्मा




 नोटबन्दी की वर्षगांठ पर देख रहा हूँ बहुत से लोग नोटबन्दी को याद कर विलाप कर रहे हैं और मोदी व् भाजपा सरकार को कोस रहे हैं,  ऐसे लोगों के पास नोटबन्दी के विषय मे कुतर्क यह होता है की 99% नोट बैंकों में वापस आ गए तो फिर काला धन कहां गया ?
ऐसे बुद्धिमानों को मैं बताना चाहता हूं कि काले धन का अर्थ काले रंग से सने हुए नोट नहीं होता, अपितु काला धन वह होता है जिस पर सरकार को टैक्स नहीं दिया गया और जिस धन के स्रोत की जानकारी अस्पष्ट है, और जब नोटबन्दी के बाद वह सारा धन बैंकों में आ गया तो जमाकर्ताओं से सरकार ने उस धन पर टैक्स वसूला, उनपर उचित कार्यवाही करी और उस धन का स्रोत भी पता चल गया।
वैसे इन सभी रोने-धोने वालों व् विलापियों में एक बात समान है कि इनमें से कोई भी स्पष्ट रूप से अपने व्यथित होने का कारण नहीं बता रहा है, सब के सब केवल अर्थव्यवस्था का नाम लेकर मोदी और भाजपा को कोसने में लगे हुए है,
परंतु यदि हम अर्थव्यवस्था से जुड़े तथ्यों की बात करें तो
 भारत आज विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है,
 पिछले 70 वर्षों तक भारत विश्व के सर्वाधिक गरीबों का देश था, आज वह कलंक भारत के मस्तक से मिट चुका है,
 औद्योगिक विकास दर का औसत पिछले 10 वर्षों के औसत आंकड़े से बेहतर है,
 महंगाई दर की बात करें तो एक दशक के कांग्रेस राज में जो खाद्य महंगाई दर 12 से 15% के बीच थी वो आज 4% से भी कम है,
 देश का विदेशी मुद्रा भंडार अपने सर्वोच्च स्तर पर है
 वित्तीय घाटा और चालू वित्त वर्ष घाटा निरंतर कम हुआ है,
 लाखों करोड़ के NPA की रिकवरी हुई है,
भारत का डेब्ट टू जीडीपी रेशियो सभी विकसित देशों से बेहतर है जिसके कारण निरंतर विदेशी निवेश में बढ़ोतरी हो रही है,
इससे आप समझ सकते हैं कि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ है और सही पथ पर अग्रसर है, अतः इन विलापियों का क्रंदन कोरी नौटंकी के अतिरिक्त और कुछ नही जान पड़ता है,
अब यदि नोटबंदी के बाद आये।

 *सकरात्मक परिणामों और निष्कर्षों की बात करें तो :-*

 करेंसी फ्लो में जो नकली नोट थे वे समाप्त हुए,
 जिन भी लोगों के पास काला धन था, उनको वो बैंकों में जमा करना पड़ा और उसपर टैक्स देना पड़ा, जिसका परिणाम यह हुआ कि 99लाख 49 हजार नए टैक्सपेयर बढ़े यानी देश के सरकारी खजाने में वृद्धि हुई,
 नोटबन्दी के बाद टैक्स बेस बढ़कर 6.26 करोड़ पहुंच गया जो कि न केवल सरकार की उपलब्धि थी बल्कि राष्ट्रीय दृष्टि से भी एक शुभ समाचार है, राष्ट्रीय इकोनॉमिक सर्वे ने भी नोटबन्दी को टैक्स बेस बढ़ने की प्रमुख वजह बताया
 नोटबन्दी के बाद बैंकों में जमा हुए धन के स्रोतों की जांच में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को बड़ी सफलताएं प्राप्त हुईं और अघोषित आय की जांचे बढ़कर दो गुनी हो गईं,
 नोटबंदी के बाद बैंकों द्वारा विभिन्न कंपनियों से प्राप्त धनराशि के स्रोतों की जांच में पता चला की 5800 कंपनियां 13140 संदिग्ध खाते ऑपरेट कर रही थी जिन पर कानूनी कार्यवाही हुई, ऐसी एक संदिग्ध कंपनी तो अकेले 2140 खाते ऑपरेट कर रही थी, जिस पर कार्यवाही हुई
 नोटबंदी के बाद 2,24,000 ऐसी कंपनियां बंद हुई जो कि संदिग्ध ट्रांजैक्शन किया करती थी,
 नोटबंदी के बाद 73,000 डीलिस्टेड कंपनियों ने बैंकों में 24,000 करोड़ों रुपए जमा करवाए, इसके पश्चात उस धन के स्रोत की जांच हुई और कई टैक्स चोर और काला धन के स्वामी दबोचे गए और उन पर मुक़दमे दायर हुए
 सिर्फ इतना ही नहीं, नोटबंदी के बाद 14000 ऐसे एनजीओ भी पकड़ में आए जो कि अपनी फंडिंग और धन का स्रोत स्पष्ट नहीं कर पाए और सरकार ने कानूनी कार्यवाही के अंतर्गत उन्हें बंद कर दिया

अब नोटबंदी के बाद इतने सारे सकारात्मक परिणाम आने के बाद भी लोगों का उसका नाम लेकर विलाप करना वह उसे क्रिटिसाइज करना एक सामान्य व्यक्ति के समझ के बाहर है, किंतु यह अवश्य स्पष्ट कर देता है कि यह विलापीये, या तो स्वयं काला धन दबाकर बैठे थे जो कि नोटबंदी के बाद इनके किसी काम का न रहा, अथवा इन्हें उस धन को बैंकों में जमा करना पड़ा और उस पर टैक्स देना पड़ गया, अथवा यह लोग या तो भृष्ट हैं, या लिबरल, प्रगतिशील, बुद्धिजीवी, सेक्यूलर गैंग का हिस्सा हैं, या फिर किसी विपक्षी पार्टी से इनका जुड़ाव है जो केवल नाम भर के लिए नोटबन्दी जैसे सकरात्मक निर्णय की आलोचना की आढ़ में अपने राजनीतिक आकाओं का अथवा अपना राजनीतिक उल्लू सीधा करने हेतु प्रयासरत हैं,,,
07:17

राम मंदिर के बाद अब राष्ट्र निर्माण में जुटे लोग -मोदी


नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या पर फैसले के बाद शनिवार शाम को देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है. जिसके पीछे सैकड़ों वर्षों का एक इतिहास रहा है. पूरे देश की ये इच्छा थी कि इस मामले में अदालत में हर रोज सुनवाई हो. और आज फैसला आ चुका है.

पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक चली न्याय प्रक्रिया और उस प्रक्रिया का समापन हुआ है. पूरी दुनिया मानती है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. फैसला आने के बाद जिस तरह से हर वर्ग के लोगों ने खुले दिल से इसे स्वीकार किया है, भारत के परंपरा को दिखाता है.

सुप्रीम कोर्ट ने सबको सुना

प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सबको सुना. देश के लिए खुशी की बात है कि फैसला सर्वसम्मति से आया. परिवार में छोटा मसला सुलझाना हो तो दिक्कत आती है. आज 9 नवंबर है. ये वही तारीख है जब बर्लिन की दीवार गिरी थी. दो विपरीत धाराओं ने एकजुट होकर नया संकल्प लिया था. आज 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत हुई है. इसमें भारत और पाकिस्तान दोनों का योगदान रहा है. ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने का संदेश दे रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज की तारीख ये भी संदेश देती है कटुता का कोई स्थान नहीं है. हर स्थिति में धैर्य बनाए रखना जरूरी है. कोर्ट का ये फैसला हमारे लिए नया सवेरा लेकर आया है. इस विवाद पर कई पीढ़ियों पर असर पड़ा है. लेकिन हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम नए भारत का निर्माण करते हैं. हमें सबको साथ लेकर, सबका विश्वास हासिल करते हुए आगे बढ़ना है. राम मंदिर के निर्माण का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया है. अब देश के हर नागरिक पर राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी और बढ़ गई है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमें भविष्य के भारत के लिए काम करते रहना है. भारत के सामने चुनौतियां बहुत हैं. मंजिलें और भी हैं. हर भारतीय साथ मिलकर इन लक्ष्यों को हासिल करेगा.

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा है, 'अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा. देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे.'

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को सर्वसम्मति से अयोध्या में विवादित स्थल को लेकर फैसला सुना दिया. शीर्ष कोर्ट के फैसले से राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. शीर्ष कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि नई मस्जिद के निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ का भूखंड मुहैया कराया जाए.

शीर्ष कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा विवादित जमीन को तीन पक्षों में बांटने के फैसले को अतार्किक करार दिया. आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला विराजमान के पक्ष में फैसला सुनाया.गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस व्यवस्था के साथ ही राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील 134 साल से भी अधिक पुराने इस विवाद का पटाक्षेप कर दिया. इस विवाद ने देश के सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव के ताने बाने को तार तार कर दिया था.

Saturday, 9 November 2019

13:56

बड़ी खबर अयोध्या में ही बनेगा राम मंदिर SC का फैसला


सविता उपध्याय, डिजिटल सम्पादक अयोध्या मामले में आज फैसला आने वाला है।सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की पीठ द्वारा ऑर्डर सुनाया जा रहा है। इस केस से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आ रही है।
जो चीजों सामने आ रही है उसमें सबसे बड़ी बात ये है कि
मालिकाना हक आस्था के बयां पर नहीं बल्कि कानूनी माध्यम से आएगा। इसके अलावा भी कहा गया है कि मस्जिद से पहले वहां कोई और ढांचा था लेकिन वह मंदिर है इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। ( मंदिर गिराकर मस्जिद बनाने के सबूत नहीं है।

ASI की रिपोर्ट में ढांचे को गिराकर मस्जिद बनाई गई थी।

बाहरी स्थान पर हिन्दुओं का कब्जा था, इस पर मुस्लिम का कब्जा नहीं था। लेकिन मुस्लिम अंदरूनी भाग में नमाज़ भी करते रहे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यात्रियों के विवरण को सावधानी से देखने की जरूरत है, वहीं गजट ने इसके सबूतों की पुष्टि की है। हालांकि मालिकाना हक आस्था के आधार पर नहीं तय किया जा सकता।

कोर्ट ने ASI रिपोर्ट के आधार पर अपने फैसले में कहा कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की भी पुख्ता जानकारी नहीं है। मुस्लिम के पास जमीन पर विशेष कब्जा नहीं।

अंग्रेजों के वक्त पर नमाज का कोई सबूत नहीं।

विवादित जमीन पर मुस्लिम अपना हक साबित करने में नाकाम रहे।

ढांचा गिराना कानून व्यवस्था का उल्लंघन

अयोध्या में राम मंदिर के लिए रामलला की जीत

केंद्र सरकार 3 महीन में ट्रस्ट गठन करके मंदिर बनाए – सुप्रीम कोर्ट

विवादित जमीन रामलला को दी गई

मु्स्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन कहीं दी जाएगी

हिंदू सीता पूजा करते थे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदुओं की यह अविवादित मान्यता है कि भगवान राम का जन्म गिराई गयी संरचना में ही हुआ था।

मुस्लिमों को दूसरी जगह देने का ऐलान ( 5 एकड जमीन दी जाएगी)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मुस्लिम को मस्जिद के लिए वैकल्पिक स्थान पर दिया जाय प्लॉट। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एएसआई ने इस तथ्य को स्थापित किया कि गिराए गए ढांचे के नीचे मंदिर था।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन रामजन्मभूमि न्यास को देने का फैसला किया है यानी विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई है। जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर जगह देने के लिए कहा गया है. यानी सुन्नी वफ्फ बोर्ड को कोर्ट ने अयोध्या में ही अलग जगह जमीन देने का आदेश दिया है।
11:25

राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ मस्जिद बनाने के लिए दी जाएगी 5 एकड़ जमीन



अयोध्या मामले पर फैसला सुनाने के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी। सीजेआई ने कहा कि इतिहास जरूरी लेकिन कानून सबसे ऊपर है। आधीरात में विवादित प्रतिमा रखी गई। सीजेआई रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि सभी धर्मों को समान नजर से देखना सरकार का काम है। अदालत आस्था से ऊपर एक धर्म निरपेक्ष संस्था हैं। 1949 में आधी रात में प्रतिमा रखी गई थी। सीजेआई ने कहा कि इतिहास जरूरी है लेकिन इन सबमें कानून सबसे ऊपर है, सभी जजों ने आम सहमति से फैसला लिया है। सीजेआई  रंजन गोगोई ने राम लला विराजमान को कानूनी मान्यता दी, लेकिन राम जन्मभूमि को न्यायिक व्यक्ति नहीं माना। उन्होंने कहा कि खुदाई में मिला ढांचा गैर-इस्लामिक था। हम एएसआई की रिपोर्ट को खारिज नहीं कर सकते। एएसआई ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मंदिर तोड़कर ढांचा बना था. एएसआई को मंदिर के सबूत भी मिले हैं। इस लिए यह जमीन राम मंदिर के लिए दी जाएगी इसके अलावा मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए भी दी जाएगी कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार जल्द एक ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर निर्माण के संबंधित योजना बनाएं कुल मिलाकर कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है
09:11

आज देश के सबसे बड़े फैसले के लिए तैयार उत्तर प्रदेश- सविता उपाध्याय





सविता उपाध्याय, डिजिटल सम्पादक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। अयोध्या केस में फैसला आने से पहले प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से इस मुलाकात को अहम बताया जा रहा है। अयोध्या मामले की चीफ जस्टिस की अगुआई वाली 5 जजों की बेंच ने सुनवाई की थी। उत्तर प्रदेश के आलाअफसरों के साथ बैठक में बेंच के अन्य जज भी मौजूद हैं।

प्रशासन ने फोर्स की 100 कंपनियां मांगीं
अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है।

16000 वॉलियंटर्स तैनात
अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए 3000 लोगों को चिह्नित करके उनकी निगरानी की जा रही है।

हमारी तैयारियां पूरी: डीएम
अयोध्या के डीएम अनुज कुमार ने कहा कि प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि फैसले के मद्देनजर विवादित जगह के आसपास रहने वाले लोग घरों में राशन जमा कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि सामान्य जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फैसले के बाद स्कूलों के खुलने के संबंध में भी बातचीत की जा चुकी है।

रेलवे ने आरपीएफ की छुट्टियां रद्द कीं
अयोध्या पर फैसले को देखते हुए रेल पुलिस (आरपीएफ) ने भी एडवाइजरी जारी की है। सभी जोन कार्यालयों को भेजे गए 7 पन्नों के दस्तावेज में प्लेटफॉर्म, स्टेशन और यार्ड पर खास निगरानी रखने को कहा गया है। साथ ही हिंसा की दृष्टि से संवेदनशील और ऐसे स्थानों की पहचान करने को कहा है, जहां असामाजिक तत्व विस्फोटक छुपा सकते हैं।

भीड़भाड़ वाले 78 स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है, जिनमें मुंबई, दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के स्टेशन शामिल हैं। साथ ही, रेलवे स्टेशन और आस-पास मौजूद धार्मिक स्थानों की खास निगरानी करने को कहा गया है। आरपीएफ ने अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और अयोध्या पर फैसला आने से पहले रेलगाड़ियों में भी अतिरिक्त बल तैनात करने की बात कही है।

40 दिन चली सुनवाई
16 अक्टूबर को अयोध्या मामले पर 40 दिन की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित जमीन को 3 हिस्सों में बांटने के लिए कहा था
2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अयोध्या का 2.77 एकड़ का क्षेत्र तीन हिस्सों में समान बांट दिया जाए। एक हिस्सा सुन्नी वक्फ बोर्ड, दूसरा निर्मोही अखाड़ा और तीसरा रामलला विराजमान को मिले। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 याचिकाएं दाखिल की गई थीं।राम जन्मभूमि मामले पर अगले 10 दिनों के भीतर किसी भी दिन फ़ैसला आ सकता है। फ़ैसला आने के बाद किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना ना हो, इसके लिए प्रशासन कई पुख़्ता इंतज़ाम करने में जुटा हुआ है। कहीं फ्लैग मार्च, कहीं सद्भावना रैली, तो कहीं हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और वहाँ का पूरा प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट पर आ चुका है।

गुरुवार (7 नवंबर) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के ज़रिए सभी ज़िलों के ज़िलाधिकारियों और पुलिस सुपरिटेंडेंट के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अलावा, उन्होंने लखनऊ में आला अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस बैठक में डीजीपी, मुख्य सचिव से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे। अयोध्या मामले पर आने वाले फ़ैसले को ध्यान में रखते हुए लखनऊ महोत्सव की तारीख जनवरी के तीसरे सप्ताह तक के लिए बढ़ा दी गई है।

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि हमारे रडार पर क़रीब 10 हज़ार लोग हैं। उन पर नजर रखी जा रही है, जिससे वो किसी भी तरह की अशांति न फैला सकें। वहीं, 500 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस का काम सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखना है, जिसके लिए बक़ायदा एक टीम को लगाया गया है। अभी तक ऐसे क़रीब 1,659 लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर उत्तर प्रदेश पुलिस की नज़र है, जिनसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट किए जाने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक़, पुलिस की तरफ से सुरक्षा के मद्देनज़र एक पूर्व मंत्री समेत 10 पूर्व विधायकों को भी ज़िला छोड़ने का नोटिस दिया गया है। साथ ही यह चेतावनी दी गई है कि यदि वो फ़ैसले वाले दिन मेरठ में दिखाई दिए तो उनकी तुरंत गिरफ़्तारी होगी। हालाँकि, प्रशासन की ओर से इन 10 लोगों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक योगेश वर्मा और पूर्व मंत्री याकूब क़ुरैशी के अलावा ऐसे कई अन्य उपद्रवियों की पहचान की गई है, जिन पर पहले से ही संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।

इसके अलावा, कई अस्थाई जेलें भी बनाई गईं हैं। बरेली ज़ोन के शहर शाहजहाँपुर, बदायूँ, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा और बिजनौर में 4 हजार से अधिक ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं, जो बवाल करवा सकते हैं। इसके अलावा 90 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जो संवेदनशील हैं।

एडीजी अविनाश चंद्र के अनुसार, ज़ोन में सभी जगह शांति बनी रहे, इसके लिए संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी थानों में पीस कमिटी और पुलिस मित्रों की मीटिंग की जा रही है। साथ ही हर थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर भी नज़र रखी जा रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उनका कहना है कि अगर किसी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को लेकर किसी भी तरह की कोई अफ़वाह फैलाई या किसी तरह की कोई विवादित टिप्पणी की तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा, उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या मामले पर आने वाले फ़ैसले के मद्देनज़र ज़िले में 30 बम निरोधक दस्तों की तैनाती भी की गई है। साथ ही 10 नवंबर तक 150 कंपनियाँ केंद्र की तरफ से और 150 कंपनियाँ राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षा के लिए तैनात की जाएँगी। वहीं, भारतीय रेलवे भी अयोध्या फ़ैसले को देखते पुख़्ता इंतज़ाम में जुट गया है। इसके लिए रेलवे पुलिस की तरफ से सात पेज की एडवाइज़री जारी की गई है। इस एडवाइजरी के तहत RPF के जवानों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। रेलवे पुलिस ने देश के 78 रेलवे स्टेशनों को अति संवेदनशील माना है, जहाँ सुरक्षा के ठोस इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इस स्टेशन्स में दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र समेत उत्तर प्रदेश के कई स्टेशन्स शामिल हैं।
09:00

अयोध्या मामले पर इंतजार खत्म फैसला आज




रामजी  पांडे: नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद मामले ने आज अपना फैसला सुनाएगा न्यायालय की वेबसाइट पर एक नोटिस के माध्यम से शुक्रवार शाम को इसकी जानकारी दी गई है जानकारी के अनुसार प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली समिति  आज सवेरे 10:30 बजे के समय इस पर अपना फैसला सुनाएगी बताते चलें कि संविधान पीठ ने 16 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी जिस पर आज फैसला आने वाला है इसको देखते हुए पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है इसलिए इस पर देश की न्यायपालिका के मान सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों को सामाजिक सांस्कृतिक राजनीतिक संगठनों को मिलजुल कर कोर्ट के निर्णय के बाद हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।

Friday, 8 November 2019

19:00

अयोध्या पर कोर्ट का फैसला चाहे जो भी हो लेकिन आपसी सौहार्द बना रहे- रामजी पांडे



नई दिल्ली: नवम्बर  में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को लेकर कोर्ट के द्वारा जल्द आने वाले फैसले को लेकर नई दिल्ली में राष्ट्रीय नौजवान दल की एक आपात बैठक राष्ट्रीय नौजवान दल के राष्ट्रीय सचिव राम जी पांडे के नेतृत्व में आयोजित की गई बैठक में अयोध्या मामले पर अदालत के फैसले के सम्मान पर जोर दिया गया  और सभी देशवासियों से अपील की गई  की सभी देशवासी कोर्ट के आने वाले फैसले का सम्मान  और पालन करें।
राष्ट्रीय नौजवान दल के राष्ट्रीय सचिव रामजी पांडे  ने कहा कि राष्ट्रीय नौजवान दल नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा पर चलने वाली एक देशभक्त पार्टी है और इस पार्टी के लिए देश सर्वप्रथम है राजनीति बाद में इसलिए  हमें हर हाल में देशहित के फैसले में सरकार का साथ देना चाहिए बैठक में  पार्टी नेताओं ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हर कीमत पर शांति बनाए रखने का संकल्प लिया बैठक  को संचालित करते हुए रामजी पांडेय ने राष्ट्रीय नौजवान दल के सभी कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं से कहा कि अयोध्या मुद्दे पर कोर्ट का फैसला चाहे जो भी आए लेकिन हमें आपसी सौहार्द बनाए रखना है उन्होंने कहा कि सभी पार्टी  के नेता अयोध्या मुद्दे पर भावनात्मक और भड़काऊ बयान देने से बचें। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से  भी कहा कि वे शांति बनाए रखे और इस मुद्दे पर बेवजह की बयानबाजी से बचें।
17:47

बारह वफात त्यौहार को लेकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को ले कर लिया जायजा




आज दोपहर 3:00 बजे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने  मुस्लिम समुदाय के  रविवार के दिन होने वाले बारह वफात त्यौहार के मद्देनजर मुस्लिम समुदाय के लोगों से कार्यक्रम का जायजा और उनसे मिल कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी लेकर अपने शब्दों में कहा आपके इस अगामी त्यौहार को लेकर सभी लोग सौहार्द व भाईचारा के साथ मिलकर त्यौहार मनाए और इस समय जनपद में लागू धारा 144 के को देखते हुए कानून का उल्लंघन होने से बचे राम जन्म भूमि अयोध्या बाबरी मस्जिद के फैसले को लेकर भी सभी लोग सजग रहे हैं और माननीय न्यायालय के आदेश का पालन सभी लोग भारतीय नागरिक होने के अनुसार अनुपालन कर माननीय न्यायालय के आदेश को स्वीकार कर स्वागत करें ध्यान रहे कि न्यायालय के आदेश को लेकर किसी भी तरीके का अनुचित कार्य जुलूस आतिशबाजी स्पा क्रीम व्हाट्सएप शेयरिंग ट्विटर व अन्य सोशल साइट पर राजनीतिक व धार्मिक मुद्दों को लेकर किसी भी तरीके का वीडियो फोटो ना पोस्ट करें और ना ही शेयर करें और सोशल साइट या इंटरनेट के गलत इस्तेमाल से बचें

Monday, 4 November 2019

14:56

टोको रोको ठोको क्रांतिकारी मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक उमेश तिवारी ने कहीं यह बात




टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा के संयोजक उमेश तिवारी ने बताया कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आसियान देशों सहित चीन जापान और अन्य विकसित देशों के बीच कृषि ,डेयरी उत्पादन , एवं छोटे सीमांत उद्योग के उत्पादन को इन देशों के बीच में खुली बेरोकटोक आवाजाही पर बहुपक्षीय समझौता होने जा रहा है l भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस करार पर हस्ताक्षर करने के लिए मौजूद है l श्री तिवारी ने कहा की ऐसे किसी भी करार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
को सहमति नहीं देनी चाहिए, जिससे बेरोकटोक कृषि , डेयरी उत्पाद भारत में विकसित देशों से आ जाए और जिससे हमारे किसान और पशुपालन तबाह हो जाए। क्षेत्रीय व्यापार समझौते (RCEP) पर अगर भारत ने हस्ताक्षर किए तो भविष्य में देश के किसान जो खेती के साथ पशुपालन व दुग्ध उत्पादन करते हैं उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। समझौते में समूह देशों में शर्त है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन होंगे जो मुक्त व्यापार समझौता के नाम से जाना जाता है, इसमें आयात शुल्क जीरो प्रतिशत करना है, जिससे देश में विदेशों से खासकर न्यूजीलैंड व ऑस्ट्रेलिया से भारी मात्रा में दूध पाउडर आ जाएगा। देश में आज भी करीब दस करोड़ परिवार दुग्ध उत्पादन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। इस बात से भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में पिछले साल 187 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ जबकि चावल का उत्पादन 174 मिलियन टन व गेहूं का उत्पादन 102 मिलियन टन। लगातार किसानों का रुझान पशुपालन की ओर बढ़ रहा है। देश के गरीब किसान उन अमीर देशों के किसानों का मुकाबला नहीं कर सकते जहां विकसित देश अपने किसानों को भारी अनुदान देते हैं। श्री तिवारी ने आगे कहा कि विकसित देश अपने देश के उत्पाद को बेचने के लिए बाजार नहीं पा रहे इसलिए भारत सहित विकासशील देशों को निशाना बना रहे हैं। भारत के उद्योग , लघु एवं सीमांत उद्योग सहित डेरी उत्पादन के ऊपर विकसित देशों ने कड़े टैरिफ लगा रखे है और हमारे किसानो और लघु उद्यमियों के उत्पाद को अपने बाजार में घुसने ही नहीं देतेे l विकसित देशों के बाजारों में घुसने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है l
आज 4 नबम्बर को देश भर के 230 से अधिक किसान संगठन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले धरना , जुलूस, पुतला दहन, प्रदर्शन, रास्ता रोको आंदोलन कर विरोध प्रदर्शन कर रहे है।
सादर प्रकाशनार्थ
प्रवक्ता
टोंको-रोंको-ठोंको क्रांतिकारी मोर्चा
09:23

जाने क्या है विश्व का सबसे बड़ा भारतीय वैज्ञानिक समय गणना तंत्र



पूनम चतुर्वेदी*

 क्रति = सैकन्ड का  34000 वाँ  भाग
1 त्रुति = सैकन्ड का 300 वाँ भाग
 2 त्रुति = 1 लव ,
1 लव = 1 क्षण
 30 क्षण = 1 विपल ,
 60 विपल = 1 पल
 60 पल = 1 घड़ी (24 मिनट ) ,
 2.5 घड़ी = 1 होरा (घन्टा )
 24 होरा = 1 दिवस (दिन या वार) ,
 7 दिवस = 1 सप्ताह
 4 सप्ताह = 1 माह ,
 2 माह = 1 ऋतू
 6 ऋतू = 1 वर्ष ,
 100 वर्ष = 1 शताब्दी
 10 शताब्दी = 1 सहस्राब्दी ,
 432 सहस्राब्दी = 1 युग
2 युग = 1 द्वापर युग ,
3 युग = 1 त्रैता युग ,
 4 युग = सतयुग
 सतयुग + त्रेतायुग + द्वापरयुग + कलियुग = 1 महायुग
 76 महायुग = मनवन्तर ,
 1000 महायुग = 1 कल्प
 1 नित्य प्रलय = 1 महायुग (धरती पर जीवन अन्त और फिर आरम्भ )
 1 नैमितिका प्रलय = 1 कल्प ।(देवों का अन्त और जन्म )
 महाकाल = 730 कल्प ।(ब्राह्मा का अन्त और जन्म )

सम्पूर्ण विश्व का सबसे बड़ा और वैज्ञानिक समय गणना तन्त्र यही है। जो हमारे देश भारत में बना। ये हमारा भारत जिस पर हमको गर्व है l
दो लिंग : नर और नारी ।
दो पक्ष : शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष।
दो पूजा : वैदिकी और तांत्रिकी (पुराणोक्त)।
दो अयन : उत्तरायन और दक्षिणायन।

तीन देव : ब्रह्मा, विष्णु, शंकर।
तीन देवियाँ : महा सरस्वती, महा लक्ष्मी, महा गौरी।
तीन लोक : पृथ्वी, आकाश, पाताल।
तीन गुण : सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण।
तीन स्थिति : ठोस, द्रव, वायु।
तीन स्तर : प्रारंभ, मध्य, अंत।
तीन पड़ाव : बचपन, जवानी, बुढ़ापा।
तीन रचनाएँ : देव, दानव, मानव।
तीन अवस्था : जागृत, मृत, बेहोशी।
तीन काल : भूत, भविष्य, वर्तमान।
तीन नाड़ी : इडा, पिंगला, सुषुम्ना।
तीन संध्या : प्रात:, मध्याह्न, सायं।
तीन शक्ति : इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति।

चार धाम : बद्रीनाथ, जगन्नाथ पुरी, रामेश्वरम्, द्वारका।
चार मुनि : सनत, सनातन, सनंद, सनत कुमार।
चार वर्ण : ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र।
चार निति : साम, दाम, दंड, भेद।
चार वेद : सामवेद, ॠग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद।
चार स्त्री : माता, पत्नी, बहन, पुत्री।
चार युग : सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग, कलयुग।
चार समय : सुबह, शाम, दिन, रात।
चार अप्सरा : उर्वशी, रंभा, मेनका, तिलोत्तमा।
चार गुरु : माता, पिता, शिक्षक, आध्यात्मिक गुरु।
चार प्राणी : जलचर, थलचर, नभचर, उभयचर।
चार जीव : अण्डज, पिंडज, स्वेदज, उद्भिज।
चार वाणी : ओम्कार्, अकार्, उकार, मकार्।
चार आश्रम : ब्रह्मचर्य, ग्राहस्थ, वानप्रस्थ, सन्यास।
चार भोज्य : खाद्य, पेय, लेह्य, चोष्य।
चार पुरुषार्थ : धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष।
चार वाद्य : तत्, सुषिर, अवनद्व, घन।

पाँच तत्व : पृथ्वी, आकाश, अग्नि, जल, वायु।
पाँच देवता : गणेश, दुर्गा, विष्णु, शंकर, सुर्य।
पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा।
पाँच कर्म : रस, रुप, गंध, स्पर्श, ध्वनि।
पाँच  उंगलियां : अँगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा।
पाँच पूजा उपचार : गंध, पुष्प, धुप, दीप, नैवेद्य।
पाँच अमृत : दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
पाँच प्रेत : भूत, पिशाच, वैताल, कुष्मांड, ब्रह्मराक्षस।
पाँच स्वाद : मीठा, चर्खा, खट्टा, खारा, कड़वा।
पाँच वायु : प्राण, अपान, व्यान, उदान, समान।
पाँच इन्द्रियाँ : आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, मन।
पाँच वटवृक्ष : सिद्धवट (उज्जैन), अक्षयवट (Prayagraj), बोधिवट (बोधगया), वंशीवट (वृंदावन), साक्षीवट (गया)।
पाँच पत्ते : आम, पीपल, बरगद, गुलर, अशोक।
पाँच कन्या : अहिल्या, तारा, मंदोदरी, कुंती, द्रौपदी।

छ: ॠतु : शीत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, बसंत, शिशिर।
छ: ज्ञान के अंग : शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष।
छ: कर्म : देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप, दान।
छ: दोष : काम, क्रोध, मद (घमंड), लोभ (लालच),  मोह, आलस्य।

सात छंद : गायत्री, उष्णिक, अनुष्टुप, वृहती, पंक्ति, त्रिष्टुप, जगती।
सात स्वर : सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
सात सुर : षडज्, ॠषभ्, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत, निषाद।
सात चक्र : सहस्त्रार, आज्ञा, विशुद्ध, अनाहत, मणिपुर, स्वाधिष्ठान, मुलाधार।
सात वार : रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि।
सात मिट्टी : गौशाला, घुड़साल, हाथीसाल, राजद्वार, बाम्बी की मिट्टी, नदी संगम, तालाब।
सात महाद्वीप : जम्बुद्वीप (एशिया), प्लक्षद्वीप, शाल्मलीद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप, पुष्करद्वीप।
सात ॠषि : वशिष्ठ, विश्वामित्र, कण्व, भारद्वाज, अत्रि, वामदेव, शौनक।
सात ॠषि : वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज।
सात धातु (शारीरिक) : रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा, वीर्य।
सात रंग : बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
सात पाताल : अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल, पाताल।
सात पुरी : मथुरा, हरिद्वार, काशी, अयोध्या, उज्जैन, द्वारका, काञ्ची।
सात धान्य : उड़द, गेहूँ, चना, चांवल, जौ, मूँग, बाजरा।

आठ मातृका : ब्राह्मी, वैष्णवी, माहेश्वरी, कौमारी, ऐन्द्री, वाराही, नारसिंही, चामुंडा।
आठ लक्ष्मी : आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, विद्यालक्ष्मी।
आठ वसु : अप (अह:/अयज), ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्युष, प्रभास।
आठ सिद्धि : अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व।
आठ धातु : सोना, चांदी, ताम्बा, सीसा जस्ता, टिन, लोहा, पारा।

नवदुर्गा : शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री।
नवग्रह : सुर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु।
नवरत्न : हीरा, पन्ना, मोती, माणिक, मूंगा, पुखराज, नीलम, गोमेद, लहसुनिया।
नवनिधि : पद्मनिधि, महापद्मनिधि, नीलनिधि, मुकुंदनिधि, नंदनिधि, मकरनिधि, कच्छपनिधि, शंखनिधि, खर्व/मिश्र निधि।

दस महाविद्या : काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्तिका, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला।
दस दिशाएँ : पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैॠत्य, वायव्य, ईशान, ऊपर, नीचे।
दस दिक्पाल : इन्द्र, अग्नि, यमराज, नैॠिति, वरुण, वायुदेव, कुबेर, ईशान, ब्रह्मा, अनंत।
दस अवतार (विष्णुजी) : मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध, कल्कि।
दस सति : सावित्री, अनुसुइया, मंदोदरी, तुलसी, द्रौपदी, गांधारी, सीता, दमयन्ती, सुलक्षणा, अरुंधती।

उक्त जानकारी शास्त्रोक्त  आधार पर... हैं ।