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Friday, 18 June 2021

23:36

न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल में इंदौरी धूम


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इंदौर. स्वच्छता में चार बार नंबर वन का खिताब हासिल करने वाला इंदौर अब न्यूयॉर्क के फिल्म फेस्टिवल में भी नजर आएगा। इसमें अहम भूमिका निभाई है शहर के सफाईकर्मियों ने। अब इनके लगन के किस्से दुनिया देखेगी। युवा फिल्म डायरेक्टर स्टेनली हेक्टर ने इंदौर की महिला सफाईकर्मी इंदिरा दीदी पर डाॅक्यूमेंट्री बनाई है। 'द हीरो विद इन' नाम की इस डाॅक्यूमेंट्री का चयन न्यूयाॅर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है। इंदिरा दीदी बिना अवकाश लिए नारायण बाग इलाके में सफाई का जिम्मा संभालती हैं। खास है कि इंदिरा दीदी सफाई के साथ नारायण बाग की सड़कों पर रोजाना रंगोली भी बनाती हैं।
नाॅर्थ अमेरिका का यह सबसे पुराना फिल्म फेस्टिवल है। फेस्टिवल के लिए दुनिया भर की 58 डाॅक्यूमेंट्री का चयन किया गया है। इसमें इंदिरा दीदी पर बनाई गई डाॅक्यूमेंट्री भी शामिल है। 'द हीरो विद इन' नाम की इस डाॅक्यूमेंट्री में इंदिरा दीदी का सफाई के प्रति जज्बा और शहर की सड़कों को सुंदरता प्रदान किए जाने का मकसद भी शामिल है। सुबह 4 बजे से पहले सफाई में जुट जाने के बाद इंदिरा दीदी नारायण बाग की सड़कों पर रंगोली बनाती हैं। इसका खर्च भी वह खुद ही उठाती हैं। इंदिरा दीदी के इसी समर्पण पर आधारित इस विचार को फिल्म के तौर पर प्रदर्शित किया गया है। यह फिल्म 15 भाषाओं में जल्द ही रिलीज की जाएगी।
सफाई कर्मी इंदिरा की कहानी
सफाई कर्मचारी इंदिरा दीदी का कहना है, पिछले 24 वर्षों से सुबह 3:00 बजे वह घर से निकल जाती है। कई बार रहवासियों द्वारा तिरस्कार भी सुनने को मिला, लेकिन इंदिरा पीछे नहीं हटीं। वह रोजाना रंगोली बनाती रहीं। इसके लिए कभी भी उसने किसी के सामने हाथ नहीं फैलाए। महज छह हजार रुपए पाने वाली इंदिरा अपने साथियों को नगर निगम में परमानेंट पोस्ट पर देखना चाहती हैं। इतने रुपए में परिवार नहीं चलता फिर भी वह कई वर्षों से अपना कार्य ईमानदारी से कर रही हैं।
इंदिरा दीदी की लगन से नारायणबाग के रहवासी भी प्रभावित हैं। रहवासी जब सुबह घर से बाहर निकलते हैं, तब उन्हें साफ सड़कों पर सुंदर रंगोली बनी दिखती हैं। यही वजह है, इंदिरा दीदी इस क्षेत्र के रहवासियों के लिए परिवार का हिस्सा बन चुकी हैं। इंदिरा दीदी के बारे में जब युवा डायरेक्टर स्टेनली हेक्टर को खबर लगी, तो उन्होंने डाॅक्यूमेंटी बनाने का फैसला लिया।

Wednesday, 3 March 2021

17:22

ये हैं करोड़पति भिखारी रमेश यादव 2 साल से मंदिर के बाहर भीख मांगने वाले बुजुर्ग के नाम पर बंगला और प्लाट

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इंदौर. नशे की लत इंसान को कहां से कहां पहुंचा देती है। इसी का एक जीता-जागता उदाहरण हैं रमेश यादव। ये करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन दो साल से भीख मांगकर अपना गुजारा कर रहे हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की दीनबंधु पुनर्वास योजना के तहत भिक्षुकों और बेसहारा लोगों के लिए पंजाब अरोड़वंशी धर्मशाला के शिविर में रह रहे हैं।
परम पूज्य रक्षक आदिनाथ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी प्रवेश संस्था की हेड रूपाली जैन ने बताया कि रमेश यादव काे हमारी टीम इंदाैर वायर चाैराहा स्थित कालका माता मंदिर के पास से लेकर आई थी। ये दाे साल से वहां पर रहकर भिक्षावृत्ति कर रहे थे। इन्हाेंने शादी नहीं की है, इसलिए इनका खुद का ताे काेई परिवार नहीं है, लेकिन भाई-भतीजे जरूर हैं।
टीम जब इनके घर पर पहुंची और उनके कमरे का इंटीरियर देखा तो यहां पर करीब चार लाख रुपए का सामान लगा मिला। इसमें एसी सहित सभी सुख-सुविधा की वस्तुएं मौजूद हैं। इनकी एक आदत ने सड़क पर भीख मांगने को मजबूर कर दिया। वह थी इनके शराब पीने की आदत।
यादव के नाम पर एक बंगला है, साथ ही 15 बाय 50 फीट का एक प्लाॅट भी है। यदि संपत्ति की बात करें तो वे वैसे तो करोड़पति हैं, लेकिन सीधी आय नहीं होने से वे मंदिर में बैठकर भीख मांगने लगे और उससे मिले रुपयों से नशा करते थे। टीम ने जब यादव की काउंसिलिंग की तो उन्होंने शराब नहीं पीने की बात कही है। वे बोले कि अब घर पर रहकर काम करेंगे। परिवार के लोग इसलिए खफा थे कि इनके शराब पीने से उनकी बदनामी होती है। वे कहते हैं कि इनकी शराब आप छुड़वा दीजिए हम, इनका हम पूरा ध्यान रखेंगे। यादव में अब काफी सुधार है। शुरुआत में वालंटियर से भी वे शराब मांगते थे। धीरे-धीरे कमी आई है।
शिविर में अब तक 109 ऐसे लोगों को लाया गया है जो या तो भिक्षावृत्ति करते हैं या बेसहारा सड़कों पर रहते हैं। कई लोगों को उनके परिवारों ने नकार दिया। वहीं, यहां कुछ ऐसे भिक्षुक भी हैं, जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। जैन के अनुसार रेस्क्यू किए गए 90 फीसदी लोग नशे के आदी हैं। फिर चाहे वह पाउडर का नशा हो, शराब का नशा हो, किसी ना किसी तरह का नशा वे करते ही रहते थे। शुरुआत के दो दिनों तक तो बेचैन थे। इनमें से कुछ ऐसे हैं जो नशे के बिना रह रहीं पा रहे हैं, इसलिए उन्हें नशा मुक्ति केंद्र छोड़ने की तैयारी हो रही है। हमने रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। रिपोर्ट में आदतन भिखारी, वंशानुगत भिखारी और माफिया गैंग तक निकले हैं। हमने चाैराहों पर भीख मांगते दिखने वालों की भी रिपोर्ट तैयार की है।
शिविर में गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट, परम पूज्य रक्षक आदिनाथ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी प्रवेश संस्था, निराश्रित सेवाश्रम एनजीओ के माध्यम से शहर के भिक्षुकों के लिए यहां पर शिविर लगाया गया था। संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा इन भिक्षुकों और बेसहारा लोगों की लगातार काउंसलिंग की जा रही है कि वह भिक्षावृत्ति को छोड़ दें। शिविर में ऐसे भिखारियों को उपचार के लिए अरविंदो हॉस्पिटल भेजा जा रहा है, जिन्हें किसी तरह की बीमारी है। शिविर में अब तक 109 ऐसे लोगों को लाया गया है जो या तो भिक्षावृत्ति करते हैं या बेसहारा होकर सड़कों पर रहते हैं। शिविर में उन्हें दोनों समय स्वादिष्ट भोजन के साथ ही चाय नाश्ता और ज्यूस आदि दिया जा रहा है।
एनजीओ के पदाधिकारियों ने बताया कि इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह की पहल पर इस शिविर का आयोजन किया गया है। नगर निगम के अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि जिन भिक्षुकों के परिवार हैं, उन्हें परिवार में पहुंचाया जाए और जो निराश्रित हैं उन्हें विभिन्न आश्रमों में रखा जाएगा। जो लोग कुछ काम कर सकते हैं, उन्हें एनजीओ की मदद से किसी काम में लगाया जाएगा।
इंदौर संभाग में करीब 500 भिक्षुकों, निराश्रितों तथा असहाय बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ
इंदौर संभाग में भिक्षुकों, निराश्रितों तथा असहाय बुजुर्गों की सहायता एवं उनके कल्याण के लिए संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा के निर्देश पर अभियान दीनबंधु शुरू किया गया है। संभाग में अभी तक लगभग 500 असहाय बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। इनमें से करीब 100 अस्वस्थ पाए गए हैं, जिनका नि:शुल्क उपचार किया गया। वहीं, जीवनयापन के लिए 36 भिक्षुकों, निराश्रितों तथा असहाय बुजुर्गों को पेंशन स्वीकृत की गई है। अभियान के तहत संभागभर में ऐसे लोगों का सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के आधार पर उन्हें चिन्हित कर सूची बनाई गई है।
संभाग में अभी तक ऐसे 911 भिक्षुक चिन्हित किए जा चुके है, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार मदद दी जा रही है। इनमें 428 महिला, 470 पुरुष और 13 बच्चे शामिल हैं। इन सबका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। परीक्षण के दौरान लगभग 100 भिक्षुकों, निराश्रितों तथा असहाय बुजुर्गों को नि:शुल्क उपचार दिया गया। संभाग में 58 लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ पाए गए हैं। संभाग में ऐसे लोगों को आश्रय गृह, रैन बसेरा, वृद्धाश्रम, भिक्षुक गृह सहित अन्य शासकीय स्थान पर ठहराने की व्यवस्था की गई है।

Saturday, 20 February 2021

15:44

कृति का कीर्तिमान:हर साल किया टॉप

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इंदौर.देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की एमबीबीएस की टॉपर रहीं छात्रा कृति जैन ने कीर्तिमान रचा है। उन्हें 19 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में 8 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल मिलेगा। संभवत: पहली बार किसी को एक साथ इनती संख्या में गोल्ड मेडल मिले हों। कृति छात्रों के लिए प्रेरणा हैं। उन्हाेंने कहा कि जरूरी नहीं है कि पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया और परिवार से कटऑफ हो जाइए। मैं तो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हुए नियमित पढ़ाई की। अगर असफलता मिलती है तो वह भी सिखाती ही है।
कृति ने 2013 से 2018 के बीच एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। कृति फिलहाल अरबिंदो मेडिकल कॉलेज से रेडियोलॉजी में पीजी कोर्स कर रही हैं। वह सेकंड ईयर में हैं।
उज्जैन निवासी कृति के पिता अनिल जैन और मां सीमा उज्जैन में ही रहते हैं। वह यहां हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। खास है कि कृति को हर विषय में दो-दो गोल्ड मिले। न केवल वह यूनिवर्सिटी की ओवरऑल टॉपर रहीं, बल्कि चारों ही विषय की भी ओवरऑल टॉपर रहीं। हर विषय में गोल्ड मेडल के दो-दो स्पॉन्सर होने से उन्हें 8 गोल्ड मेडल मिलेंगे। साथ ही, उन्हें एक सिल्वर भी मिलेगा।
ऐसे बनीं हर बार टॉपर : हर विषय की प्लानिंग के साथ बिना गैप की पढ़ाई
कृति ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा कि उन्होंने नियमित पढ़ाई की। कभी गैप नहीं किया। हर विषय की प्लानिंग उसके महत्व के हिसाब से की और उतना ही समय उस विषय को दिया। उसी का नतीजा रहा कि मैं हर विषय में टॉपर रही। बचपन का सपना था, एमबीबीएस कर डॉक्टर बनूं। वह पूरा हो गया। रेडियोलॉजी में पीजी चल रहा है। यही स्पेशलाइजेशन मेरा ड्रीम था, जो अब पूरा होगा।

Wednesday, 17 February 2021

17:20

महंगे पेट्रोल डीजल को लेकर नेताओं ने किया प्रदर्शन

इंदौर.शतक लगा चुके पेट्रोल, 90 रुपए के करीब पहुंच चुका डीजल और 1000 रुपए प्रति सिलेंडर की ओर कदम बढ़ा रही रसोई गैस काे लेकर कांग्रेसी सड़क पर उतर आए। कांग्रेसियाें ने शहर के अलग-अलग हिस्साें में प्रदर्शन करते हुए सरकार काे घेरने की काेशिश की। इस दाैरान जहां कांग्रेस नेत्रियों ने सड़क पर ही सिलेंडर काे हार पहनाकर चूल्हा जला लिया। वहीं, अन्य कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रतिबंध के बाद भी प्रदर्शन करने पर पुलिस ने करीब एक दर्जन कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया।
महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शशि यादव ने जहां परदेशीपुरा क्षेत्र में विरोध स्वरूप सड़क पर तंबू लगाकर चुल्हे में खाना पकाते हुए प्रदर्शन किया। वहीं, युवक कांग्रेस शहर अध्यक्ष रमीज खान के नेतृत्व में मधुमिलन चौराहे पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में हुई मूल्यवृद्धि के विरोध में कांग्रेसी सड़क पर उतरे। कांग्रेसी यहां नारेबाजी कर ही रहे थे, पुलिस ने प्रतिबंध के बाद भी प्रदर्शन करने पर कांग्रेसियों को पकड़ लिया।
जानकारी लगने पर पुलिस पहले से ही मधुमिलन चौराहे पर तैनात थी। युवा कांग्रेसी आरएनटी मार्ग से जुलूस निकालकर रीगल चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा आने वाले थे। जैसे ही, कार्यकर्ता वहां पहुंचे और प्रदर्शन शुरू किया, पुलिस ने उन्हें पकड़कर वैन में बिठा लिया। इसे लेकर पुलिस और कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेसियों ने पुलिस पर अपशब्द कहने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता बिना अनुमति प्रदर्शन कर रहे थे, इसलिए कार्रवाई की गई है।
17:18

इंदौर में धारा 144 लागू बिना अनुमति धरना प्रदर्शन पर

इंदौर में धारा 144 लागू:tap news India deepak tiwari बिना अनुमति के जुलूस, रैली, धरना प्रदर्शन करने पर लगाया प्रतिबंध, होटल, लॉज, धर्मशाला में रुकने वाले की जानकारी नहीं दी तो होगी कार्रवाई
इंदौर.शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में एक बार फिर से धारा 144 लागू कर दी गई है। अब बिना अनुमति कहीं भी जुलूस, मौन जुलूस, रैली, सभा, आमसभा, धरना प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकता है। इस दौरान अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा किरायेदारों, घरेलू नौकरों, होटल, लॉज, धर्मशाला में रुकने वाले व्यक्तियों की जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यदि इस दौरान किसी ने भी कानून का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी हिमांशुचंद्र ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश 15 अप्रैल 2021 तक प्रभावशील रहेगा। इस दौरान जिले में कहीं भी बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस, मौन, जुलूस, रैली, सभा, आमसभा, धरना प्रदर्शन आदि पर प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति के किसी भी आयोजन का कोई प्रचार-प्रसार भी नहीं कर पाएगा। हालांकि प्रतिबंध से न्यायाधिपति, न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी, शासकीय अभिभाषक, सुरक्षा एवं अन्य किसी शासकीय कर्तव्य पालन के समय ड्यूटी पर लगाए गए सुरक्षा बलों एवं अर्द्ध सैनिक बलों, विशिष्ट व्यक्तियों/अधिकारी की सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिसकर्मी, बैंक गार्ड मुक्त रहेंगे। जो समाज में गलत मैसेज दें ऐसे कटआउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग, झंडे लगाने की भी मनाही है। इसके अलावा डीजे, लाउडस्पीकर भी बिना अनुमति के नहीं चलाए जा सकेंगे।
होटल, लॉज, धर्मशाला में रुकने की जानकारी देना जरूरी
आदेश के अनुसार किरायेदारों, घरेलू नौकरों, विद्यार्थियों, होटल, लॉज, धर्मशाला में रुकने वाले व्यक्तियों, भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और पेइंग गेस्ट की जानकारी थाने में देना जरूरी किया गया है। थाने में किरायेदारों की सूचना उनके आईडी प्रूफ के साथ देनी होगी। इसी प्रकार घरेलू नौकरों व व्यवसायिक नौकरों, छात्रावासी विद्यार्थियों, होटल, लॉज, धर्मशाला आदि में रुकने वालों, मजदूरों, पेइंग गेस्ट आदि की सूचना भी आईडी प्रूफ के साथ ही देना जरूरी है। यह आदेश जिले में 9 अप्रैल तक प्रभावशील रहेगा।

Tuesday, 16 February 2021

16:37

सम्बल योजना के नाम पर हजारों की ठगी

इंदौर.नगर निगम की जनसुनवाई में राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ा लेकर निगम पहुंची एक दर्जन से ज्यादा महिलाओं का आरोप था कि उनसे संबल योजना के तहत लोन दिलाने के नाम पर एक महिला ने 20-20 हजार रुपए की ठगी की है। महिला ये बात कलेक्ट्रेट में अधिकारी बताती और कहती थी कि ये सब काम उसके ऑर्डर पर ही होते हैं। 20 हजार रुपए जमा कर दो तीन महीने में 3 लाख 20 हजार रुपए का लोन तुम्हें मिल जाएगा। इसके अलावा कामकाजी मजदूरी डायरी बनाने के नाम पर भी महिला ने 55 महिलाओं ने अवैध वसूली की है। निगम अधिकारी के साथ चंदन नगर थाने पहुंचकर महिलाओं ने धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है।
चंदन नगर के सम्राट कॉलोनी की महिलाएं मंगलवार को निगम की जनसुनवाई में पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि रूही नाम की महिला ने शासन की विभिन्न योजनाओं जैसे कामकाजी महिला योजना, संबल योजना समेत अन्य योजनाओं के नाम पर पैसे वसूले हैं। जैसा काम रूही उसी हिसाब से जार्च करती थी, इसलिए उसने महिलाओं से 200 रुपए से लेकर 20 हजार तक अवैध रूप से लिए हैं। महिलाओं ने रूही पर आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की और अपनी राशि वापस दिलवाए जाने की गुहार अधिकारियों से लगाई है।
पिछली जनसुनवाई में भी ऐसा ही मामला आया था
नगर निगम के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह ने बताया, निगम द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं को संचालित किया जाता है। रूही नामक महिला जो कि पहले चंदन नगर में रहती थी। अब वह खजराना क्षेत्र में रह रही है। उसने चंदन नगर की अधिकांश महिलाओं को झांसे में लेकर सरकारी लोन दिलाने के नाम पर 20-20 हजार रुपए की वसूली की है। पिछले मंगलवार को भी यह मामला आया था। शिकायत को संबंधित विभाग के डिप्टी कमिश्नर नरेंद्र शर्मा के पास भेजी गई है। 20 से 22 महिलाएं मंगलवार को भी आई थीं, जिनकी शिकायत संबंधित विभाग को भेजी गई है। वहीं, मामले में कमिश्नर प्रतिभा पाल ने थाने पर केस दर्ज करवाने को कहा है। अपराध चंदन नगर थाना क्षेत्र में हुआ है, इस कारण केस वहीं दर्ज होना है।
डिप्टी कमिश्नर नरेंद्र शर्मा के अनुसार 14 के करीब महिलाएं अपनी शिकायत लेकर जन सुनवाई में आई थीं। वे यहां से केस दर्ज करवाने थाने पहुंची थीं। महिलाओं का आरोप है कि रूही नामक महिला ने विभिन्न योजनाओं में लाभ दिलवाने के नाम पर ठगी की है। महिला ने लोन दिलाने के नाम पर भी रुपए ठगे हैं,वहीं पीड़ित शबाना का कहना है कि रूही ने हमें संबल योजना के तहत 20 हजार जमा करने पर 3 लाख 20 हजार रुपए का लोन दिलवाने काे कहा था। तीन महीने बाद भी हमें कुछ नहीं मिला। रुही खुद को कलेक्टोरेट में अधिकारी बताती थी। 30 से 40 महिलाओं के रुपए रूही डकार चुकी है। यह तो लोन की बात है। इसके अलावा अन्य योजनाओं के नाम पर भी उसने किसी से दो हजार, तो किसी से तीन हजार रुपए लिए थे। जब भी हम लोन, आधार कार्ड या अन्य योजनाओं की बात करते, तो वह कहती थी कि कलेक्टोरेट में इस प्रकार के जो भी काम हाेते हैं, वे सभी मेरे ऑर्डर पर ही होते हैं।
नेहा ने बताया कि नगर निगम की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करवाने गए थे। रूबी ने कामकाजी महिला कार्ड बनाया, लेकिन वह फर्जी निकला। वह खुद को अधिकारी बताती थी। हमें उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। 30 लोगों ने लोन के नाम पर 20-20 हजार रुपए लिए हैं। 55 कामकाजी मजदूरी डायरी बनाए थे, जिसके एवज में उसने किसी से दो, तो किसी से ढाई हजार रुपए लिए हैं।
16:34

इंदौर में मानवता हुई फिर शर्मसार

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इंदौर.सोमवार को एक वृद्धा के पैर में कीड़े लगने की घटना के अगले ही दिन मानवता को शर्मसार करने वाली एक और घटना सामने आई। एक 75 साल की बुजुर्ग महिला को सुबह 5 बजे गुमास्ता नगर शिव मंदिर के बाहर कोई छोड़कर चला गया। सुबह राहगीरों ने महिला को देखा और गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट के सदस्यों को सूचना दी, जिसके बाद वे बुजुर्ग महिला को लेकर गए। महिला अच्छी तरह से बोल तो नहीं पा रही थी, लेकिन उसकी आंखों से लगातार अपनों द्वारा दिया हुआ दर्द आंसू के रूप में बह रहा था।
परिवार की बदनामी न हो इसलिए चुप है
75 साल की बुजुर्ग को उसके ही परिजन मंदिर के बाहर छोड़कर गए थे। राहगीरों की नजर पड़ी तो मुनीष मालानी ने ट्रस्ट को सूचना दी। ट्रस्ट के सदस्य ने बताया लोक लाज के डर से बुजुर्ग कुछ बोलने को तैयार नहीं है। घबराहट में बस रोते ही जा रही। दो से तीन दिन में बुजुर्ग महिला सामान्य हो जाएगी। थाना चंदन नगर के आरक्षक जितेंद्र और प्रवीण परवाल के सहयोग से चाणक्यपुरी चौराहे के समीप दशरथ सेवाश्रम में स्थाई निवास दिया गया है। हम माताजी की वैसी ही सेवा करने का वचन देते है जैसे अपने घर के परिजन हमारे साथ रहते है।
16:32

इंदौर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा

इंदौर.इंदौर में इंडिगो के प्लेन के कांच में दरार आने पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। यह फ्लाइट इंदौर से चेन्नई के लिए रवाना हुई थी, लेकिन कांच में दरार का पता चलने पर 22 मिनट बाद ही इसे वापस इंदौर लाया गया। विमान में 94 पैसेंजर सवार थे। सभी को दूसरे प्लेन से चेन्नई के लिए रवाना किया गया।
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट नंबर IGO 6195 ने इंदौर से चेन्नई के लिए मंगलवार दोपहर 3 बजकर 41 मिनट पर उड़ान भरी थी। इसके कुछ मिनट बाद 3 बजकर 45 बजे प्लेन के सामने वाले कांच में दरार होने की जानकारी लगी। तब प्लेन इंदौर से 25 नॉटिकल मील की दूरी पर था। इसके बाद प्लेन को वापस इंदौर एयरपोर्ट पर उतारने का निर्णय लिया गया। एटीसी से मंजूरी मिलने के बाद प्लेन को शाम 4 बजकर 3 मिनट पर इंदौर एयरपोर्ट पर उतार लिया गया।

Monday, 15 February 2021

17:49

पिच को प्रणाम कर क्रिकेट से ली विदाई:tni

इंदौर.भारत की ओर से 4 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा ने शनिवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा की। मध्य प्रदेश के उज्जैन में जन्मे नमन संन्यास से पहले पिता विनय कुमार ओझा के साथ इंदौर के होलकर स्टेडियम पहुंचे और पिच को प्रणाम किया। इसके बाद उनकी आंखें भर आईं। नमन ने कमर में दर्द और परिवार को समय नहीं दे पाने को संन्यास की वजह बताया है। संन्यास की घोषणा से पहले भास्कर ने उनसे खास बातचीत की। नमन के नाम रणजी ट्रॉफी में विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा शिकार (351) करने का रिकॉर्ड है।
नमन से किए सवाल और उनके जवाब
आपने संन्यास क्यों लिया?
नए प्लेयर आ गए हैं। उन्हें यदि इस समय चांस मिला, तो वे देश के लिए खेल सकेंगे। इसके अलावा कमर में दर्द रहता है। परिवार को भी समय नहीं दे पाता था। इसलिए मुझे लगा कि यह संन्यास लेने का सही टाइम है।
किसी खिलाड़ी के साथ खेलने का सपना जो अधूरा रह गया?
सचिन के खिलाफ तो खेला, लेकिन उनके संन्यास लेने से उनके साथ खेलने का मेरा सपना अधूरा रह गया।
ड्रेसिंग रूम या मैदान के कुछ यादगार पल?
कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट जीतना ही मेरी सबसे अच्छी याद है। 2016 में IPL में सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए ट्रॉफी जीतना, दिलीप ट्रॉफी और देवधर ट्राॅफी उठाना अच्छी यादों में से एक है।
अचानक संन्यास का क्यों सोच लिया?
टेस्ट, वनडे के साथ ही डॉमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। नए लड़कों को मौका मिले, संन्यास के पहले यही मेरी सोच है।
इंदौर के ग्राउंड के बारे में क्या कहेंगे? यहीं आप खेलकर आगे बढ़े?
यह मेरा होम ग्राउंड रहा। बचपन से यहीं पर खेल रहा हूं और यहीं पर खेलते हुए बड़ा हुआ हूं। मुझे यह ग्राउंड हमेशा याद रहेगा।
कोहली के बारे में क्या कहेंगे?
टीम इंडिया उनके नेतृत्व में अच्छा कर रही है। हम ऑस्ट्रेलिया में जीते। सभी खिलाड़ियों को ऑल द बेस्ट।
दर्शकों को क्या कहना चाहेंगे?
क्रिकेट सभी धर्म और राज्यों को मिलाकर रखता है। इसमें धर्म, जात-पात कुछ नहीं देखा जाता। क्रिकेट सभी को जोड़कर रखता है।
नमन के बारे में एक नजर
37 साल के नमन का जन्म 20 जुलाई, 1983 को उज्जैन मध्य प्रदेश में विनय कुमार ओझा के घर हुआ था।
नमन ने साल 2000 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में महज 17 साल की उम्र में डेब्यू किया था। उन्हें विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर मध्य प्रदेश की टीम में शामिल किया गया था।
वे 2009 के IPL में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेले। उन्होंने टूर्नामेंट में 2 अर्धशतक बनाए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट के साथ ही नमन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
घरेलू क्रिकेट और IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद 2010 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज के दो मैचों में खेलने का मौका मिला।
2014 में इंडिया-A के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नमन ने 1 शतक और 1 दोहरा शतक लगाया था। नमन ने नाबाद 219 रन बनाए थे। इसमें 29 चौके और 8 छक्के शामिल थे।
इंडिया-A की ओर से अच्छे प्रदर्शन के बाद नमन को टेस्ट में डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने 28 अगस्त, 2015 को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था।
14 अगस्त, 2016 से ऑस्ट्रेलिया में 2 अनौपचारिक टेस्ट और 4 वनडे टूर्नामेंट के लिए नमन को इंडिया-A टीम के कप्तान के रूप में नामित किया गया था।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नमन ने 143 मैचों में 41.67 की औसत से 9753 रन बनाए हैं। इसमें से 7861 रन उन्होंने रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में बनाए हैं।
विकेटकीपर के तौर पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नमन ने 54 स्टंपिंग समेत 471 शिकार किए हैं।
नमन मध्य प्रदेश टी-20 लीग में इंदौर के लिए भी खेल चुके हैं। उन्होंने पिछले साल जनवरी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपना आखिरी रणजी मैच खेला था।
नमन IPL में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ-साथ राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली डेयरडेविल्स का भी प्रतिनिधित्व किया है।
धोनी को आराम देने पर मिला मौका
नमन को विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी समेत कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम मिलने की वजह से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 2 टी-20 में 12 रन और श्रीलंका के खिलाफ इकलौते वनडे मैच में 1 रन बनाया था। अगस्त, 2015 में श्रीलंका के भारत दौरे पर विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा हैमस्ट्रिंग की वजह से सीरीज से बाहर हो गए थे। इसके बाद 32 साल की उम्र में नमन को टेस्ट में डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने इस टेस्ट की 2 पारियों में 56 रन बनाए।

Tuesday, 9 February 2021

02:20

20 मिनट ताई और सिंधिया की अकेले गुफ्तगू नहीं किया भोजन Tap news India deepak tiwari

इंदौर। कल रात ताई से मिलने पहुंचे सिंधिया ने उन्हें शॉल उड़ाकर, बुके देकर सिंधिया ने ताई का सम्मान किया। इस दौरान सिंधिया और ताई के कुछ समर्थक भी पीछे-पीछे ड्राइंग रूम में घुस आए। थोड़ी देर उनमें चर्चा होती रही। बाद में मंत्री सिलावट खुद सभी समर्थकों को लेकर बाहर आ गए, जिसके चलते 20 मिनट तक ताई और सिंधिया ने फिर अकेले गुफ्तगू की। सिंधिया ने भोजन से इनकार किया और सिर्फ हल्का-फुल्का चाय-नाश्ता करके रवाना हो गए।

सिंधिया लगभग सवा 9 बजे ताई के मनीषपुरी स्थित निवास पहुंचे। मंत्री सिलावट सहित कुछ समर्थक भी उनके साथ थे। ताई के समर्थक राजेश अग्रवाल, अजयसिंह नरूका, शैलेन्द्र महाजन, महेश जोशी सहित अन्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे। सिंधिया के साथ कार्यकर्ता भी एकसाथ ड्राइंग रूम में घुस गए। पहले सिंधिया ने ताई को पद्मभूषण की बधाई दी और उनका सम्मान किया। स्वास्थ्य का हाल जानने के बाद इधर-उधर की चर्चा भी चलती रही। थोड़ी देर बादसिलावट को महसूस हुआ कि ताई और सिंधिया को अकेले में चर्चा करना है तो वे सभी लोगों को ड्राइंग रूम से बाहर ले आए। उसके बाद फिर 20 मिनट तक ताई और सिंधिया की अकेले में गुफ्तगू हुई। थोड़ी देर के लिए ताई के बेटे और कुछ परिवार के लोग भी रहे, लेकिन बाद में वे भी कमरे से बाहर चले गए। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया ने कुछ महत्वपूर्ण और राजनीतिक व अन्य विषयों पर ताई से चर्चा की और उनका मार्गदर्शन भी लिया। वहीं यह खबर भी कुछ समाचार-पत्रों और सोशल मीडिया पर कल यह चल गई कि सिंधिया ताई के घर भोजन करने जा रहे हैं, जबकि हकीकत में भोजन की कोई बात ही नहीं हुई थी। ताई के परिवार के लोगों को भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी, जिसके चलते जब कुछ लोगों ने कहा कि सिंधिया जी भोजन करेंगे, तो ताई के परिवार ने उसकी भी व्यवस्था कर ली, लेकिन ताई से चर्चा के दौरान जब सिंधिया जी को भोजन का आग्रह किया तो उन्होंने इंकार दिया और सिर्फ चाय-नाश्ता ही किया।
जो अभी तक भाजपा कार्यालय की सीढिय़ां नहीं चढ़े, वे भी नजर आए
राज्यसभा सांसद सिंधिया के स्वागत के लिए भाजपाई शाम 5 बजे से ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे। इनमें सिंधिया समर्थकों की संख्या ज्यादा थी। बड़े नेताओं को तो अंदर वीआईपी लांज में इंट्री थीं, लेकिन कई नेताओं के नाम सूची में नहीं होने से बाहर ही रोक दिया। बाद में मंत्री तुलसी सिलावट ने बाहर आकर कहा कि सिंधियाजी सबसे मिलकर ही यहां से रवाना होंगे। मंत्री तुलसी सिलावट और सुश्री उषा ठाकुर के साथ-साथ नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, जिलाध्यक्ष सोनकर, मधु वर्मा, उमेश शर्मा, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, गोलू शुक्ला सिंधिया का स्वागत करने पहुंचे। सिंधिया के खास समर्थक मोहन सेंगर और प्रमोद टंडन ने भी उनका स्वागत किया, जबकि बाहर विपिन खुजनेरी, विनोद कुशवाह, महेन्द्र ठाकुर, सतेन्द्र तोमर, गोलू सेंगर, राकेश मरमट, महेन्द्र मुराडिय़ा आदि भी पहुंचे थे। हालांकि इनमें से कई नेता ऐसे थे जो भाजपा कार्यालय की सीढिय़ां तक नहंी चढ़े हैं।

Tuesday, 1 December 2020

07:09

बदलता मौसम का मिजाज deepak tiwari

इंदौर.इंदाैर में माैसम में उतार-चढ़ाव का दाैर जारी है। उत्तर पूर्वी हवा को निवार तूफान ने गति दी थी तो दो दिन और रात ठंड के लिहाज से सर्द हो गए थे, लेकिन तूफान का असर खत्म होते ही तापमान में एकदम से इजाफा हो गया और रविवार रात न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री का उछाला आ गया था। हवा को हल्की गति मिलने से एक बार फिर से सोमवार रात को पारे में तीन डिग्री की गिरावट देखने को मिली। हालांकि यह सामान्य से करीब दो डिग्री ज्यादा रहा।
शनिवार रात को पारा 11.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था, वहीं, रविवार की रात 17.2 डिग्री होकर सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। इसी तरह अधिकतम तापमान में भी मामूली इजाफा हुआ है। रविवार को यह 29 डिग्री था जो सोमवार को 29.4 दर्ज किया गया। हालांकि यह तापमान का सामान्य स्तर था। इसी प्रकार रविवार रात को पारा में गिरावट आई और यह 14.8 डिग्री दर्ज हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो इस सप्ताह में मौसम में उतार-चढ़ाव आता रहेगा। तापमान कभी गिरकर 13 डिग्री तक चला जाएगा तो फिर इसमें इजाफा हो जाएगा और यह 15 से 16 डिग्री तक भी रिकॉर्ड होगा। दरअसल, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से दिसंबर की शुरुआत में नमी आना शुरू हो जाएगी। इस वजह से बादल, धूप में धुंधलापन भी महसूस होगा। हालांकि बारिश के आसार नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से ज्यादा रिकॉर्ड होगा। इंदौर सहित प्रदेशभर में इसका असर महसूस होगा।
तापमान 10 डिग्री से नीचे आने में अभी इंतजार
न्यूनतम तापमान 10 दिसंबर तक दहाई के अंक में ही दर्ज होगा। कड़ाके की ठंड के लिए अभी इंतजार जारी रहेगा। इसके पीछे कारण यह है कि नमी के साथ-साथ पाकिस्तान, अफगानिस्तान तरफ से पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित करेगा। इस कारण तापमान अधिक रहेगा।
07:00

पुलिस लाइन की सर्विसिंग deepak tiwari

इंदौर.इंदौर IG योगेश देशमुख आज कुछ अलग ही अंदाज में दिखाई दिए। वे डीआरपी में पुलिस दरबार में समस्याएं सुनने पहुंचे लेकिन यहां मामला ही पलट गया। वे अव्यवस्थाएं देख अचानक निरीक्षण पर निकल पड़े और एक-एक करके जिम्मेदारों की खबर ली। किसी की वर्दी-जूते में खामी ढूंढ़ ली तो कहीं गाड़ियां के मेंटनेंस पर उखड़ गए। सलामी तक ठीक से नहीं देने पर तो वे आग बबूला हो गए। आखिर में डीआईजी से कह दिया कि एमटीओ को कुछ नहीं आता.. हटा ही दो।
मंगलवार को यूं तो पुलिस वाहनों का वार्षिक निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस दरबार में पुलिसकर्मियों की समस्याओं को भी सुनने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान IG ने पुलिस वाहन के भीतर जाकर कंडीशन को देखा। एवरेज से लेकर हर वाहन का सालाना खर्च तक पूछा। गाड़ियों में लगी स्टेपनी को खुलवाकर टायरों की कंपनी तक को देखा। वाहनों की कंडीशन देख वे ऐसे नाराज हुए कि निरीक्षण के दौरान ही MTO (मोटर ट्रांसपोर्टस ऑफिसर) को जमकर फटकार लगाई और यह कहते हुए DIG को MTO को हटाने के निर्देश कि इन्हें यहां के बारे में कुछ नहीं पता है। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों की वर्दी और जूते खराब को लेकर भी जमकर फटकारा। एक सिपाही की वर्दी में कट देखकर भी IG गुस्साए।
वार्षिक दौरा और पुलिस दरबार में DRP लाइन पहुंचे IG व्यवस्थाओं को देख जमकर उखड़े। ऑफिसर मेस और वहीं बने उद्यान के उद्घाटन के लिए लाल फीता तो बंधा हुआ था, लेकिन उसे काटने के लिए कैंची उपलब्ध नहीं थी। IG ने पास खड़े अधिकारियों की और निगाह की तो थोड़ी देर में कैंची सामने थी। फीता काटने के बाद हवन पूजन कर आईजी साहब एमटी परेड में पहुंचे।
परेड ग्राउंड में पहुंचते ही परेड कमांडर ने उन्हें सलामी दी। सलामी देख IG ने फिर से सैल्यूट करने को कहा। सलामी के बाद जैसे ही कमांडर ने एक पर्ची देखकर यहां मौजूद सामग्री का विवरण दिया तो IG लाल हो गए। उन्हें डपटते हुए कहा कि ऐसे ही विवरण दिया जाता है क्या, गाड़ियों की संख्या भी याद नहीं रखी जाती है। गाड़ियों की संख्या बताने के बाद लगभग शब्द का इस्तेमाल करने पर IG उखड़ गए और बोले लगभग क्या होता है।
यहां से IG थाने में सिपाहियों को दी जाने वाली दोपहिया वाहनों को देखने पहुंचे। यहां पर बाइक के ऊपर लगे स्टीकर को देख वे भड़कते हुए बोले क्या ये गाड़ियां शोरूम में खड़ी हैं। इन पर बड़े स्टीकर लगाए थे, साथ ही किसी भी गाड़ी में यह अंकित नहीं था कि यह कितने किलोमीटर चली है। IG का कहना था कि यदि इसमें किलोमीटर दर्ज होगा तो मैं यह मिलान कर सकता हूं कि कौन सी गाड़ियां कितनी चली है। इसके बाद उन्होंने गाड़ियों की सर्विस डायरी देखी। साथ उन सभी सिपाहियों से हाथ उठाने को कहा जो डायरी लेकर आए थे। इसके बाद उनके हाथ उठवाए जो डायरी लेकर नहीं आए थे। हालांकि सभी डायरी लेकर यहां पहुंचे थे। यहां पर टूल किट, हेलमेट सहित चीजों को IG ने गाैर से देखा। सूबेदार सौरभ कुशवाह को गाड़ी बेहतर तरीके से रखने के लिए 500 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया।
यहां से IG का कारवां आगे बढ़ा और चार पहिया वाहनों की ओर पहुंच गया। यहां पर MTO श्याम सुंदर ने IG को गाड़ियाें से संबंधित जानकारी दी। गाड़ियों की सही संख्या नहीं बता पाने पर MTO को फटकार पड़ी। दौरे के दौरान किसी गाड़ी में एक नया तो एक पुराना टायर लगा था। IG ने गाड़ियों के भीतर जाकर सीट पर बैठकर भी जायजा लिया। पेंट्री वैन और कैदी वाहन के भीतर भी आईजी पहुंचे। कुछ गाड़ियों को स्टार्ट करके भी देखा। वज्र वाहन को स्टार्ट करते ही वह आगे बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने वज्र के ऊपर के नोजल को भी घुमवाकर देखा। इस दौरान गाड़ियों में खामी पाए जोन पर MTO को फिर से फटकारते हुए कहा कि अब यदि और गाड़ियों में कमियों मिलीं तो अभी हटा दूंगा। IG ने साथ चल रहे DIG को कहा कि MTO को यहां से हटा दें, क्योंकि इन्हें कोई जानकारी तो है नहीं।
यहां से वे जैमर वाहन और वीआईपी वाहन को देखने पहुंचे। वीआईपी वाहन को लेकर एवरेज के बारे में जानकारी ली। जवान ने बताया कि वैसे तो 8 का एवरेज है, लेकिन 6 से 7 के बीच में देती है। इस पर आईजी ने सवाल दागा कि कभी 8 का एवरेज मिला है क्या, इस पर जवान ने कहा कि सर लॉन्ग रूट पर मिला है। इसके बाद उन्होंने सर्विस बुक देखी। IG ने DIG से जैमर वाहन के बारे में जानकारी ली। IG ने बताया कि प्रदेश में दो ही वाहन हैं, एक भोपाल और इंदौर। इस पर उन्होंने कहा कि ये कौन-कौन से सिग्नल को जाम कर सकती है। इस पर DIG ने खुफिया जानकारी होने से बहुत ही धीरे और कम शब्दों में जानकारी दी। उन्होंने इसके इंचार्ज के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आईजी थाना प्रभारियों की जीप को देखने पहुंचे। यहां पर भी टायर नए-पुराने नजर आए। ड्राइवर से स्टेपनी खोलकर दिखाने को कहा। इसके उन्होंने किसी कंपनी का टायर लगा है यह चेक किया।
आईजी दरबार में तीन ने बताई समस्या
खजराना में पदस्थ कनाड़िया में सरकारी क्वार्टर में रहने वाले आरक्षक ने कहा कि नर्मदा लाइन से प्रॉपर पानी नहीं आने से परेशानी बनी रहती है।
एक प्रधान आरक्षक ने अपने प्रमोशन को लेकर कहा तो वहां मौजूद संबंधित शाखा अधिकारी ने कहा कि इन पर एक मामला चल रहा है, इसलिए प्रमोशन लंबित है।
डीएसपी ट्रैफिक ने कहा कि सर्विस बुक अपडेट नहीं रहने से रिटायरमेंट के दौरान कई प्रकार की परेशानी आती है।
लापरवाही पर हल्की सजा देकर उसे सुधारा जाता है
IG ने दौरे के बाद कहा कि वार्षिक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जो कमियां रह जाती हैं उसमें सुधार आ आए। सभी अधिकारियों से चर्चा कर कमियों को सुधारा जाता है। यहां की पुलिस ने ठीक-ठाक काम किया है। पुलिस की समस्याओं को लेकर कहा कि समस्याएं हर जगह होती है। दरबार में जो समस्याएं बताई गई हैं, उसमें कई में काम हो रहा है। जो काम की जरूरत है, उसे करवाने को कहा गया है। गाड़ियों का रखरखाव सही से रहना चाहिए। वर्दी ठीक नहीं होने को लेकर कहा कि दो-चार कर्मचारी लापरवाही दिखाते हैं, उन्हें हल्की सजा देकर सुधारा जाता है। कोरोना को लेकर कहा कि समाज में हर व्यक्ति अपना रोल समझेगा तभी इससे निजात पाया जा सकेगा।

Sunday, 22 November 2020

08:04

मास्क लगाइये वर्ना पुलिस के सामने गिड़गिड़ाइये:deepak tiwari

इंदौर.इंदौर में शनिवार को चौराहों, बाजार और गलियों में लोग यहां-वहां बचकर भागते नजर आए। वे कोई और नहीं, बल्कि मास्क नहीं पहनने वाले लोग थे, जो निगम की चालानी कार्रवाई से बचकर भाग रहे थे। चालानी कार्रवाई से बचे लोग राहत की सांस तो लेते नजर आए, लेकिन इन्हें शायद पता नहीं था कि यह राहत रूपी खुली सांस, उन्हें कोरोना रूपी यमराज तक पहुंचा सकती है। चालानी कार्रवाई के दौरान दौड़ भाग के अलावा कई प्रकार के बहाने भी सुनने को मिले। किसी ने कहा- सांस लेने में दिक्कत होती है, तो कई बोला - मास्क टूट जाता है। किसी ने कहा- बस, यहीं तक आया था, छोड़ दो अभी लेकर आता हूं। किसी ने गाड़ी की चाभी निकालने पर आंख भी दिखाई। इन सबके बाद भी चालानी कार्रवाई जारी रही।
इंदौर में कोरोना के पलटवार से पुलिस-प्रशासन और नगर निगम एक्टिव मोड में आ गया है। प्रशासन ने जहां सभी से मास्क लगाने की अपील की। साथ ही, बात नहीं मानने पर कार्रवाई की बात भी कही। वहीं, पुलिस ने समझाइश के बाद मास्क सहित नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है। सबसे तेजी निगम ने दिखाई और एक बार फिर से मास्क नहीं लगाने वालों पर चालानी कार्रवाई शुरू की। मास्क नहीं पहनने पर 200 रुपए का स्पाॅट फाइन लगाया जा रहा है, साथ ही मास्क पहनने के लिए कहा जा रहा है।
शनिवार को जब निगम की टीम राजबाड़ा और जेल रोड पर पहुंची, तो यहां लोग मस्ती में नजर आए। चेहरे पर न मास्क था और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग। लाेग हाथों में हाथ लिए बतियाते घूम रहे थे। टीम ने चालानी कार्रवाई शुरू की, तो लोग भागने लगे। कोई गाड़ियों के पीछे से छिपकर निकला, तो किसी ने जिस ओर से आया, उसी ओर बाइक और साइकिल दौड़ा ली। जो पैदल थे, उनके पीछे टीम ने भी दौड़ लगा दी। इस लुकाछिपी में कई पकड़ाए तो कुछ भागने के बाद राहत की सांस लेते नजर आए।
पकड़ाया तो बोला - 100 रुपए ले लो, तुम कर सकते हो
निगम ने मास्क नहीं पहनने वाले एक युवक को दबोचा, तो वह बोला कि मास्क तो वह घर से लेकर चला था, पर कहीं गिर गया। इसके बाद कहने लगा- क्या करूं, मास्क की रबर टूट जाती है। जब निगम ने कहा कि 200 का चालान कटवा लो, तो बोला कि मेरे पास तो इतने हैं ही नहीं। चलो, 100 का चालान बना दो। इस पर टीम ने कहा कि चालान तो 200 का ही बनेगा। इस पर युवक बोला - अरे 100 का बना दो, कौन सा तुम्हारे घर जाएगा। निगम कर्मी ने कहा कि हां, मेरे घर तो नहीं जाएगा, पर चालान तो उतने का ही बनेगा। काफी देर बाद उसने चालान बनवाया। इसके अलावा एक युवक ने कहा कि उसके पास रुपए नहीं हैं, तो निगम ने पेटीएम के जरिए उससे चलाना भरवाया।
युवक बोला - 200 क्या, ऐसे लोगों से 500 रुपए वसूलो
युवा अरविंद ने कार्रवाई को लेकर कहा कि निगम की यह कार्रवाई जरूरी और सही है। मास्क लगाने और दूरी बनाए रखने से खुद का ही फायदा है। कोरोना महामारी से विश्व परेशान है। मास्क पहनने और दूरी बनाए रखने से किसी और को नहीं, बल्कि अपने को ही फायदा होगा। निगम नियमों का पालन नहीं करने वालों से 200 नहीं 500 रुपए चालान वसूले।
बिना मॉस्क घूमते 306 लोगों पर स्पॉट फाइन
शुक्रवार को शहर में बिना मॉस्क घूमते 306 लोगों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई कर 60 हजार 700 रुपए वसूले गए। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों से अपील है कि वे जब भी घर से बाहर निकलें तो मास्क अवश्य लगाएं। बिना मास्क घूमने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए सभी जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी और सीएसआई को अधिकार दिए गए हैं। ये अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मास्क नहीं लगाने वाले लोगों पर सीधे कार्रवाई करेंगे।
नवंबर में पहली बार 492 नए मामले मिले, 3 की जान भी गई
इंदौर में एक बार फिर से कोरोना विस्फोट हुआ। शुक्रवार रात को 492 संक्रमित मिले। साथ ही, 3 मरीजों की जान भी गई। इसके पहले 11 अक्टूबर को 453 मरीज मिले थे। इंदौर में एक दिन में सर्वाधिक 495 पॉजीटिव 1 और 9 अक्टूबर को सामने आए थे। नंबर के 20 दिनों में 2901 पॉजिटीव मरीज मिले और 47 मौतें हुईं। पिछले 3 दिनों में ही 10 मौतें और 1060 नए मरीज मिले हैं। अब तक जिले में जहां 729 मरीजों की जान गई। वहीं, 37115 संक्रमित मरीजों में 33693 मरीज ठीक होकर घर लौटे। शुक्रवार रात को 4684 टेस्ट में से 4153 की रिपोर्ट निगेटिव आई। जिले में अभी 2693 एक्टिव मरीज हैं। अब तक 1 लाख 52 हजार 731 रैपिड एंटीजन सैंपल लिए जा चुके हैं, जबकि 4 लाख 61 हजार 786 सैंपलों को जांचा जा चुका है।

Thursday, 19 November 2020

08:27

इंदौर में कोरोना अलर्ट:194 नए पाॅजिटिव, 3 की मौत deepak tiwari

इंदौर.दिवाली के पहले लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में आई कमी ने थोड़ी राहत दी थी। अब एक बार फिर से त्योहार बीतने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। बुधवार को एक निजी लैब से मिली रिपोर्ट में शहर की बड़ी ज्वेलरी शॉप के 20 कर्मचारी कोराेना पॉजिटिव मिले। इतनी बड़ी संख्या में पॉजिटिव मिले कर्मचारियों संपर्क में आए ग्राहकों व अन्य लोगों की सूची बनाई जा रही है। वहीं पूरे सेंटर को सैनिटाइज भी करवाया गया है।
मंगलवार रात 194 नए मरीज मिले। वहीं, 3 की मौत भी हुई। नवंबर के 17 दिनों में जहां 2841 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। वहीं, 37 मौतें भी हुईं। एक्टिव मरीज की संख्या 2032 तक पहुंच गई है। देर रात 2274 टेस्ट सैंपलों की रिपोर्ट आई, जिसमें से 2040 निगेटिव मिले। वहीं, अब तक कुल 1 लाख 46 हजार 183 रैपिड एंटीजन सैंपल लिए जा चुके हैं, जबकि अब तक 4 लाख 49 हजार हजार 919 टेस्ट किए जा चुके हैं। अब तक संक्रमित मिले 36055 मरीजों में से 34304 मरीज ठीक होकर लौट गए हैं, वहीं 719 की मौत हो चुकी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रवीण जडिया ने बताया कि निजी लैब में जांच करवाने पर ज्वेलरी शॉप के 20 कर्मचारियों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। मरीजों की सूची मिलने के बाद उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाने पर जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा उनके सेंटर को भी सैनिटाइज करवाया जा रहा है। त्योहार के दौरान उनके शॉप पर आए लोगों से लिस्ट या बिल के जरिए सूची बनाकर संपर्क किया जाएगा। सेंटर को पूरी तरह से सैनिटाइज कर वे इसे फिर से शुरू कर सकते हैं।
115 क्षेत्रों में मिले मरीज, सुखलिया सबसे संक्रमित क्षेत्र
मंगलवार रात 115 क्षेत्रों से मरीज सामने आए। इनमें सुखलिया सबसे संक्रमित क्षेत्र रहा यहां पर 9 मरीज मिले हैं। इसके अलावा विजयनगर, स्कीम नंबर 74 में 8, एमआईजी कॉलोनी में 6, चोइथराम अस्पताल में 6, तिलक नगर में 5, मल्हारगंज कैलाश मार्ग में 4, बाणगंगा में 4, श्री नगर एक्टेंशन में 4, महालक्ष्मी नगर में 4, त्रिवेणी कॉलोनी में 4, शांति निकेतन कॉलोनी में 4 और आरआर कैट कॉलोनी में 4 मरीज मिले हैं। वहीं, उषा नगर में 3, रेस क्रॉस रोड में 3, लुनियापुरा में 3, वल्लभ नगर में 3, स्कीम नंबर 114 में 3, वेंकटेश नगर में 3, सिमरोल रोड पर 3 मरीज मिले हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों में एक या दो मरीज पाए गए हैं।

Monday, 16 November 2020

07:44

भक्तवत्सल लक्ष्मीनारायण:deepak tiwari

इंदौर.शहर से करीब 45 किमी दूर देपालपुर में देश का एक मात्र लक्ष्मीनारायण मंदिर है, जिसमें विष्णुजी के 24 अवतारों की मूर्तियां भी स्थापित हैं। मंदिर निर्माण के समय विधान के अनुसार लक्ष्मीनारायण की प्रतिमा के नीचे कुरूम क्षेत्र बनाया गया था, जिसमेंं पाइप के जरिए 25 लाख से ज्यादा का सोना गुप्त दान किया था।
मंदिर का निर्माण 20 बीघा जमीन पर 11 लाख ईंटों से महज 500 दिन में हुआ है। मंदिर की नींव 1968 में हुए विष्णु यज्ञ में अनंत श्री जयकरणदास भक्तमाली ने रखी थी। हालांकि तब निर्माण नहीं हो पाया था, लेकिन इसके लिए प्रयास शुरू हो चुके थे। 2016 में मंदिर बनकर तैयार हुआ। लक्ष्मीनारायण मंदिर के निर्माण में सीमेंट, रेत का इस्तेमाल हुआ, लेकिन लोहा नहीं लगाया है।
देशभर की मूर्तियां देख तय किया स्वरूप
मंदिर के भक्तों के अनुसार मूर्ति के चयन के लिए देशभर के कई लक्ष्मीनारायण मंदिरों के दर्शन किए गए। फिर गीताप्रेस गोरखपुर से जुड़े लोगों से संपर्क किया। उन्होंने ही 24 अवतारों के बारे में जानकारी दी। उसी अनुसार मंदिर में प्रतिमाओं की स्थापना की गई।
पहले आईं लक्ष्मी फिर खिले कमल
मंदिर से कुछ दूरी पर गुलावट में तालाब कमल के फूलों से भरे हुए हैं। लक्ष्मीनारायण मंदिर की नींव रखने के बाद ही गुलावट में कमल खिले, ताकि ये महालक्ष्मी को अर्पित हो सकें। हर शाम लक्ष्मीनारायण अलग-अलग शृंगार होता है। मंदिर में हर साल दीपावली, गुरुपूर्णिमा पर बड़े आयोजन होते हैं।
बिड़ला को इनकार कर यहां बनाया मंदिर
मंदिर निर्माण से जुड़े चिंटू वर्मा ने बताया यहां के बुजुर्ग कहते हैं उस दौर में बिड़ला ने भी मंिदर निर्माण के लिए गुरुजी से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने यहां प्राथमिकता दी।

Wednesday, 4 November 2020

21:49

deepak tiwari करवा चौथ के दिन कोरोना को मात देकर घर लौटे इंदौर के अवार्डी कांस्टेबल डबडबा गईं पत्नी की आंखें

इंदौर.तुकोगंज में पदस्थ राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित कांस्टेबल लोकेश गाथे बुधवार को कोरोना को मात देकर अपने घर लौट आए। उनकी रिपोर्ट मंगलवार शाम को निगेटिव आई थी। बुधवार को करवाचौथ के दिन गाथे के घर लौटने पर पत्नी, बच्चों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खुशी से आंखें डबडबा उठीं। पत्नी ने कहा कि जिस दिन मुझे पता चला कि वे पॉजिटिव आए हैं। मेरे पास वो शब्द नहीं है, जिससे मैं ये बता सकूं कि उस दिन मैं कैसा फील कर रही थी। हमारे जीवन में व्रत, नियम-धर्म का बहुत महत्व है।
17 साल से पुलिस विभाग में रहते हुए देश सेवा कर रहे आरक्षक लोकेश गाथे ने बताया कि वे कोरोना की चपेट में कब आए इस बात का उन्हें पता नहीं है। 6 अक्टूबर को जब वे ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उन्हें तबीयत खराब होने का एहसास हुआ। उन्होंने थाना प्रभारी को इस बात की सूचना दी और पांच दिन का अवकाश मांगा, साथ ही यह भी कहा कि सर हो सकता है मुझे कोरोना हो गया हो। अवकाश मिलने के बाद वे घर पहुंचे और डॉक्टर से संपर्क कर खुद को आइसोलेट कर दिया। इस दौरान उन्हें बुखार, खांसी चलती रही। डॉक्टर से दवाई लेने के तीन दिन बाद वे खुद को स्वस्थ महसूस करने लगे। डॉक्टर से बात करने पर उन्होंने कहा कि दो दिन बिना दवाई के रहो। दवाई नहीं लेने पर खांसी चली तो डॉक्टर से बात की। इसी दौरान 10 अक्टूबर को मेडिकल टीम कोरोना जांच के लिए हमारे कैंपस में आई। मैंने यहां सैंपल दिए, लेकिन यह रिपोर्ट कोरोना निगेटिव थी।
गाथे के अनुसार कोरोना की रिपोर्ट तो निगेटिव आ चुकी थी, लेकिन खांसी ऐसी चल रही थी मानो खांसी का अटैक आ रहा हो। बिना रुके लगातार काफी देर तक खांसी चलती रहती थी। इस दौरान सांस लेने में भी तकलीफ हाेने लगी थी। इसके बाद मैं फिर डॉक्टर के पास पहुंचा, जहां उन्होंने सिटी स्कैन करवाने को कहा। 13 अक्टूबर को सिटी स्कैन की रिपोर्ट से पता चला कि मेरे चेस्ट में 20 से 25 फीसदी तक इंफेक्शन फैल चुका है।
इसके बाद मैंने फिर से कोरोना टेस्ट करवाया तो शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मेरे साथ ही परिवार की हालत खराब हो गई। मैं अस्पताल के लिए रवाना हुआ तो बच्चे और पत्नी रोने लगे। मैंने उन्हें ढाढ़स तो बंधाया, लेकिन मेरी भी स्थिति कुछ वैसी ही थी। मुझे चिंता इस बात की थी कि कहीं बच्चे और पत्नी पॉजिटिव ना आ जाएं। इसी चिंता में 13 से लेकर 15 अक्टूबर तक मेरा समय बहुत मुश्किल से गुजरा। क्योंकि 13 को जांच करवाने के दो दिन बाद तक पत्नी और बच्चों के रिपोर्ट की कोई जानकारी नहीं मिली।
गाथे ने कहा कि इसके बाद मैंने एसडीएम सर से मदद मांगी, जिसके बाद उन्होंने बताया कि वे लोग निगेटिव हैं। निगेटिव शब्द सुनकर मानो मेरा आधा कोरोना दूर हो गया था। गाथे ने बताया कि मेरे परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी सपना, बेटा अनुशा और बेटा रिद्धियांश है। उनके अनुसार माता-पिता परेशान नहीं हों, इसलिए उन्हें अपने पॉजिटिव आने की जानकारी मैंने नहीं दी। मंगलवार शाम को जब रिपोर्ट निगेटिव आई तक उन्हें इस बारे में बताया।
पत्नी सपना ने कहा कि उनके पॉजिटिव आने के बाद जो मैंने फील किया उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती है। बच्चे और मेरे खुद के पॉजिटिव आने की संभावना थी। बच्चे और हम तीनों ही लोग घर पर हैं। यदि मैं भी पॉजिटिव आ जाती तो बच्चों की देखरेख कौन करता। करवाचौथ के एक दिन पहले निगेटिव रिपोर्ट आने को लेकर कहा कि इस उपवास का बहुत महत्व है। हमारी संस्कृति में जो नियम बनाए गए हैं, वे कहीं ना कहीं हमें जरूर जोड़ते हैं। वे निगेटिव आए, इसके लिए मैं भगवान का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं।

Saturday, 31 October 2020

21:17

इंदौर में 89 दिनों बाद संक्रमिताें का आंकड़ा 100 से कम आया 89 नए संक्रमित मिले अब तक 4 लाख से ज्यादा लोगों की हुई जांच deepak tiwari

इंदौर.इंदाैर में काेराेना काे लेकर राहतभरी खबराें का आना जारी है। तीन दिनाें तक लगातार माैत का आकड़ा शून्य आने के बाद शुक्रवार रात काे 89 दिनों बाद संक्रमिताें का आंकड़ा 100 से कम आया। देर रात 89 संक्रमित मिले, जबकि एक मरीज के मौत की पुष्टि हुई। इसके पहले 2 अगस्त को 91 और 3 अगस्त को एक ही दिन में 89 नए पाजीटिव निकले थे। एक और अच्छी बात यह भी है कि महीनों बाद एक्टिव मरीजाें की संख्या 3 हजार से कम हुई है। वहीं, सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज इसी महीने 1 अक्टूबर मिले थे। दिन दिन 495 नए मरीज मिले थे। साथ ही 6 मरीजों की जान भी गई थी। वहीं, अब तक 4 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच हो चुकी है।
शुक्रवार देर रात 4097 सैंपलाें की जांच रिपाेर्ट आई, जिसमें 3994 की रिपोर्ट निगेटिव आई। अब तक जिले में 4 लाख 3 हजार 741 सैंपलों की जांच हो चुकी है। इनमें 34042 संक्रमित मरीज मिले हैं। अब तक 30,531 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 682 मरीजों की जान जा चुकी है। अभी भी जिले में 2829 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, रैपिड एंटीजन सैंपल की संख्या 1 लाख 16 हजार 11 हो गई है। अक्टूबर महीने में अब तक 9463 पाजीटिव मरीज मिले हैं, जिसमें आखिरी छह दिनों में सिर्फ 725 ही नए पाॅजीटिव आए हैं। वहीं इस महीने अब तक 109 लोगों की जान गई है।
56 क्षेत्रों में मिले पॉजिटिव, स्कीम नंबर - 54 सबसे ज्यादा संक्रणित
देर रात 56 क्षेत्रों से संक्रमित सामने आए। इसमें स्कीम नंबर - 54 सबसे ज्यादा संक्रमित क्षेत्र रहा। यहां पर 9 पॉजिटिव मरीज मिले। इसके अलावा विजय नगर, स्कीम नंबर, 114 और 74 में 8, सुदामा नगर में 4, केंट एरिया महू में 4, कनाड़िया में 4, जूनी इंदौर में 3, बिलानी पार्क में 3, खजराना, गोयल विहार में 2, नेहरू नगर में 2, परदेशीपुरा में 2, बख्तावर रामनगर में 2, वसंत विहार कॉलोनी में 2, शिवधाम कॉलोनी में 2, शालीमार टाउनशिप में 2, सर्व सुविधा नगर में 2, तेजाजी नगर में 2 और आशीष नगर में दो मामले सामने आए हैं। इसके अलावा 41 क्षेत्रों में 1-1 मरीज मिले हैं।

Thursday, 29 October 2020

05:12

सर्विस रोड पर एक साथ लटकते मिले युवक व युवती के शव इलाके में हड़कंप deepak tiwari


इंदौर। सुपर कॉरिडोर के पास सर्विस रोड पर आज सुबह एक युवक और युवती के शव पेड़ पर टंगे हुए मिले हैं। दोनों ने अलग-अलग कपड़ों से फांसी लगाई। युवक-युवती कौन है फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर आला अधिकारी जांच के लिए पहुंचे हैं ।

दरअसल सुबह सफाई कर्मी जब झाड़ू लगा रहे थे तभी उन्होंने ब्रिज के नजदीक सर्विस रोड के अंदर एक युवक और युवती का शव टंगा हुआ देखा। पेड़ों के बीच में एक पेड़ पर ही दोनों ने फांसी लगाई थी। युवक पीछे की तरफ था जबकि युवती आगे थी । दोनों के कपड़ों से ऐसा लग रहा था कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़े हुए हैं। फिलहाल आशंका प्रेम प्रसंग में खुदकुशी करने की लग रही है । हालांकि पुलिस ऑनर किलिंग के एंगल पर भी जांच कर रही है ।

चौकीदार परिवार के निकले लड़का-लड़की
पुलिस ने लाशों को उतरवाकर तलाशी ली तो लड़के की जेब से पर्स निकला उसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान दिलीप पिता विक्रम पवार मूल निवासी ग्राम लोहारदा कांटा फोड़ के रूप में हुई बताया जा रहा है निपानिया के पास हरि कृष्ण विहार कॉलोनी में चौकीदारी का काम करता है वही लड़की की पहचान दुर्गा के रूप में हुई है वह भी चौकीदार परिवार से ही जुड़ी हुई है बताया जा रहा है दोनों कल एक साथ भाग गए थे। जहां मिले हैं उसे थोड़ी ही दूरी पर मोटरसाइकिल नंबर एमपी 41 एमके 8795 भी मिली है

Monday, 19 October 2020

18:20

6 रात से न्यूनतम पारा सामान्य से 6 डिग्री तक ज्यादा जमकर बरसे बदरा deepak tiwari

इंदौर.अक्टूबर आधे से ज्यादा बीत गया, लेकिन दिन-रात के सामान्य से अधिक चल रहे तापमान और समुद्र से आ रही नम हवाओं के कारण उमस भी सामान्य से ज्यादा है। पिछली छह रात से न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड हो रहा है। दिन का तापमान भी 10-12 दिन से सामान्य से 1 से 3 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं रविवार रात शहर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई।
रविवार को अधिकतम तापमान शनिवार के 32.8 डिग्री से 1.1 डिग्री बढ़कर 33.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है। इधर शनिवार रात न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है। शुक्रवार रात यह 23.8 डिग्री तक गया था। 13 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34.3 रहा। वहीं 8 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री तक गया था।
दरअसल वातावरण में आर्द्रता (नमी) 30 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत होने, हलके बादल छाने और हवा उत्तरी नहीं होने के कारण तापमान ज्यादा रिकॉर्ड हो रहा है। मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हलकी बारिश हो रही है, लेकिन मालवा में इसका असर नहीं होने से उमस हो रही है। मौसम पूरी तरह साफ होने और हवा उत्तर भारत से आने से मौसम में ठंडक आएगी। हालांकि इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। अक्टूबर अंत तक मौसम इसी तरह का रहेगा।

Tuesday, 6 October 2020

16:14

इंदौर में समाजसेवी सूदन का निधन बेसहारा और मजबूरों के थे पापाजी TAP NEWS

deepak tiwari 
इंदौर.बेसहारा और मजबूरों के पापाजी समाजसेवी अमरजीत सिंह सूदन नहीं रहे। मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद उन्होंने निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूदन ने करीब 50 सालों तक सामाजिक कार्य करते हुए कई लोगों को नया जीवन दिया तो कई का अपने हाथों से अंतिम संस्कार किया। कई के कीड़े लगे घावों को खुद साफ किया। उनकी इंसानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2006 में बिलावली तालाब में डूबी लड़की का तन ढंकने के लिए कपड़ा नहीं मिलने पर अपनी पगड़ी उतार दी थी। इसके लिए उन्हें समाज के रोष का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कहा था कि ऐसे काम के लिए वे बार-बार ऐसा करेंगे।
सड़क किनारे, बस स्टैंड कहीं भी बेसहारा दिखे, तो सूदन मदद को खड़े रहते थे।
मानवता की मिसाल थे सूदन
पुलिस कंट्रोल रूम पर यदि कोई व्यक्ति फोन कर ये सूचना देता है कि शहर की किसी सड़क, गली या मोहल्ले में कोई बीमार व्यक्ति पड़ा है, जिसके शरीर में कीड़े पड़ गए हैं, दुर्गन्ध आ रही है तो वहां से उसे 9926302002 या 9425074227 ये दो नंबर दिए जाते थे। ये नंबर किसी अस्पताल या एम्बुलेंस के नहीं, बल्कि इंदौर में रहने वाले समाजसेवी अमरजीत सिंह सूदन के थे। जैसे ही उनके पास ऐसे किसी व्यक्ति की सूचना आती है, वैसे ही वे अपनी बाइक उठाकर उसके पास पहुंच जाते और फिर अपनी बाइक पर या रिक्शा से या फिर एम्बुलेंस बुलाकर उसे ज्योति निवास या किसी ऐसे आश्रम ले जाते थे, जहां वे उसके घाव को किसी तरह साफ कर सकें। उसके घाव को साफ करके कीड़ों को बाहर निकालकर या तो वो उसे अस्पताल में भर्ती करा देते थे या फिर किसी वृद्धाश्रम या अनाथ आश्रम में पहुंचा देते थे।
इलाज के साथ कई लोगों का अंतिम संस्कार भी किया।
ऐसी है मदद की मिसाल बने सूदन की कहानी
खंडवा के रहने वाले सूदन को पीड़ितों की सेवा करने की सीख उन्हें अपने पिता से मिली थी। मदद का सिलसिला 14 साल की उम्र से शुरू हुआ था। जब एक बार वे स्कूल जा रहे थे। यहां एक बुजुर्ग महिला रो रही थी और उसके पास एक व्यक्ति लेटे हुए थे। जब सूदन ने उनसे पूछा कि आप ऐसे क्यों रो रही हैं। इस पर उन्होंने बताया कि लेटे हुए व्यक्ति उनके पति हैं और उनकी मृत्यु हो चुकी है। मेरे पास इतने रुपए नहीं हैं कि मैं उन्हें घर तक लेकर जा सकूं या फिर उनका अंतिम संस्कार कर सकूं। इस पर मैं दौड़कर अपने घर गया और अपना गुल्लक तोड़ दिया। उसमें 12-15 रुपए थे, उससे मैंने उनका अंतिम संस्कार किया। जब घर लौटा तो पिता ने कहा कि बेटा आज बहुत लेट हो गए। इस पर मैंने उन्हें पूरा वाक्या सुनाया तो उन्होंने मुझे गले से लगा लिया और बोले इतनी सी उम्र में तुमने बहुत बड़ा काम किया है।
24-25 साल के लड़के के शरीर में रेंग रहे थे कीड़े
सूदन को एमवाय अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर एक 24-25 साल का लड़का दिखा, उसकी पीठ में एक बड़ा घाव था, जिसमें कीड़े लगे हुए थे। पूरा शरीर बदबू मार रहा था, उसे देखकर उन्हें लगा कि इसके लिए कुछ करना चाहिए। इस पर वे उसे एमवाय लेकर गए, लेकिन वहां कोई उसे रखने को तैयार नहीं हुआ। इस पर वे उसे लेकर मदर टेरेसा के ज्योति निवास लेकर पहुंचे। वहां अपने हाथों से पहले उसके घाव को धोकर कीड़े निकाले और फिर उसका इलाज कराया। बाद में पता चला कि वो झारखंड का रहने वाला था। उससे पता पूछकर उसके घरवालों को इंदौर बुलाया और वो उसे लेकर वापस अपने गांव चले गए।
85 साल की वृद्धा को उठाकर गुरुद्वारा ले गए थे
14-15 साल की उम्र में ही सड़क किनारे बैठी एक 85 साल की महिला बारिश में भीग रही थी। महिला के पैर में घाव था, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे। शरीर से बदबू भी आ रही थी। सुदन ने उस वृद्धा को अपनी पीठ पर उठाया और गुरुद्वारे ले गए। यहां पर ज्ञानी जी से कहकर उन्हें रहने की जगह दिलवाई। लंगर से खाकर खाना खिलाया। अगले दिन उसे अस्पताल लेकर गए। महीनों चले इलाज के बाद वृद्धा स्वस्थ्य हो गई।
पग उतारने पर झेलना पड़ा था आक्रोश
2006-7 में पुलिस द्वारा उन्हें जानकारी मिली कि बिलावली तालाब में एक युवती की लाश मिली है। मौके पर पहुंचे तो पता चला कि वह पन्नी बिनने वाली 12-13 साल की नाबालिग बच्ची थी। वहां पर फायर टीम मौके पर थी। अंधेरा होने से फायर ब्रिगेड ने काम बंद करने को कहा। इस पर मैं रोड पर गया और कुछ कार वालों से निवेदन किया कि मेरी बच्ची तालाब में डूब गई है। लाइट नहीं होने से उसे निकालने में परेशानी आ रही है। इस पर वे तालाब की मेड से लाइट दिखाने लगे। बच्ची बाहर आई तो उसके शरीर पर पकड़े नहीं थे। पास में मौजूद झोपडी और बंगले वालों से चादर या कोई कपड़ा मांगा तो उन्होंने नहीं दिया। वापस आया तो हजारों लोग बच्ची को घूर रहे थे। इस पर मैंने अपनी पगड़ी उतारी और उसे ऑटो से लेकर अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टरों से तत्काल इलाज के लिए कह दिया कि मेरी बच्ची है। पग उतारने पर समाज वालों ने नाराजगी जताई, जिस पर उन्होंने सीधा जवाब दिया। ऐसी परिस्थिति में हर बार वे ऐसी गलती करेंगे।
घाव से कीड़े तक खुद साफ करते थे।
मां को मरने के लिए एमवाय के बाहर छोड़ गए थे बच्चे
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे सूदन काे याद करते हुए कहते हैं वे बिना किसी शुल्क के दिनभर यह काम करते थे। अपने स्वयं के खर्च से वे लोगों की मदद करते थे। हमारे पास एक बुजुर्ग महिला की खबर आई थी। वह बोल नहीं पा रही थी। उनके बच्चे उन्हें एमवाय अस्पताल के सामने रखकर चले गए थे। इसकी जानकारी सूदन को मिली तो वे खुद वहां पहुंचे, महिला की सफाई करवाई। इसके बाद इलाज करवाया। ठीक होने पर उन्होंने अपना नाम पता बताया। इसके बाद सागर जिले से उनके बच्चों को बुलाया गया। पुलिस की समझाइश के बाद वे उन्हें घर लेकर गए। संक्रमण काल में भी सूदन ने अपनी मां की तरह उनका लालन-पालन किया था।
संस्था बनाना नहीं चाहते थे
सूदन ने कई लोगों की मदद की। लोग उन्हें एक संस्था बनाकर उसके माध्यम से सेवा करने की सलाह देते थे, लेकिन वे कभी कोई संस्था बनाना नहीं चाहते थे। वे कहते थे कि मैं अपने मन की तसल्ली के लिए ये काम करता हूं. संस्था बनाकर मैं कोई तामझाम खड़ा करना नहीं चाहता। एम्बुलेंस, रिक्शा, दवाई, इलाज आदि के खर्च की व्यवस्था कैसे होती है ये पूछने पर वो बताते थे कि मेरे कुछ मित्र हैं, जिन्हें मुझ पर पूरा भरोसा है। वो हर नेक काम के लिए मेरी मदद करते हैं। वे बताते थे मेरे पिताजी मुझसे कहते थे कि अगर कोई अमीर बीमार पड़ता है तो लोग हाज़री लगाने पहुंच जाते हैं, लेकिन जो लोग सड़कों पर घूम रहे हैं, उनके लिए कोई नहीं सोचता है। अगर तू इनके लिए कुछ कर सकता है, तो ज़रूर करना।