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Monday, 19 October 2020

18:20

6 रात से न्यूनतम पारा सामान्य से 6 डिग्री तक ज्यादा जमकर बरसे बदरा deepak tiwari

इंदौर.अक्टूबर आधे से ज्यादा बीत गया, लेकिन दिन-रात के सामान्य से अधिक चल रहे तापमान और समुद्र से आ रही नम हवाओं के कारण उमस भी सामान्य से ज्यादा है। पिछली छह रात से न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड हो रहा है। दिन का तापमान भी 10-12 दिन से सामान्य से 1 से 3 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं रविवार रात शहर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई।
रविवार को अधिकतम तापमान शनिवार के 32.8 डिग्री से 1.1 डिग्री बढ़कर 33.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है। इधर शनिवार रात न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है। शुक्रवार रात यह 23.8 डिग्री तक गया था। 13 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34.3 रहा। वहीं 8 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री तक गया था।
दरअसल वातावरण में आर्द्रता (नमी) 30 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत होने, हलके बादल छाने और हवा उत्तरी नहीं होने के कारण तापमान ज्यादा रिकॉर्ड हो रहा है। मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हलकी बारिश हो रही है, लेकिन मालवा में इसका असर नहीं होने से उमस हो रही है। मौसम पूरी तरह साफ होने और हवा उत्तर भारत से आने से मौसम में ठंडक आएगी। हालांकि इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। अक्टूबर अंत तक मौसम इसी तरह का रहेगा।

Tuesday, 6 October 2020

16:14

इंदौर में समाजसेवी सूदन का निधन बेसहारा और मजबूरों के थे पापाजी TAP NEWS

deepak tiwari 
इंदौर.बेसहारा और मजबूरों के पापाजी समाजसेवी अमरजीत सिंह सूदन नहीं रहे। मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद उन्होंने निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूदन ने करीब 50 सालों तक सामाजिक कार्य करते हुए कई लोगों को नया जीवन दिया तो कई का अपने हाथों से अंतिम संस्कार किया। कई के कीड़े लगे घावों को खुद साफ किया। उनकी इंसानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2006 में बिलावली तालाब में डूबी लड़की का तन ढंकने के लिए कपड़ा नहीं मिलने पर अपनी पगड़ी उतार दी थी। इसके लिए उन्हें समाज के रोष का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कहा था कि ऐसे काम के लिए वे बार-बार ऐसा करेंगे।
सड़क किनारे, बस स्टैंड कहीं भी बेसहारा दिखे, तो सूदन मदद को खड़े रहते थे।
मानवता की मिसाल थे सूदन
पुलिस कंट्रोल रूम पर यदि कोई व्यक्ति फोन कर ये सूचना देता है कि शहर की किसी सड़क, गली या मोहल्ले में कोई बीमार व्यक्ति पड़ा है, जिसके शरीर में कीड़े पड़ गए हैं, दुर्गन्ध आ रही है तो वहां से उसे 9926302002 या 9425074227 ये दो नंबर दिए जाते थे। ये नंबर किसी अस्पताल या एम्बुलेंस के नहीं, बल्कि इंदौर में रहने वाले समाजसेवी अमरजीत सिंह सूदन के थे। जैसे ही उनके पास ऐसे किसी व्यक्ति की सूचना आती है, वैसे ही वे अपनी बाइक उठाकर उसके पास पहुंच जाते और फिर अपनी बाइक पर या रिक्शा से या फिर एम्बुलेंस बुलाकर उसे ज्योति निवास या किसी ऐसे आश्रम ले जाते थे, जहां वे उसके घाव को किसी तरह साफ कर सकें। उसके घाव को साफ करके कीड़ों को बाहर निकालकर या तो वो उसे अस्पताल में भर्ती करा देते थे या फिर किसी वृद्धाश्रम या अनाथ आश्रम में पहुंचा देते थे।
इलाज के साथ कई लोगों का अंतिम संस्कार भी किया।
ऐसी है मदद की मिसाल बने सूदन की कहानी
खंडवा के रहने वाले सूदन को पीड़ितों की सेवा करने की सीख उन्हें अपने पिता से मिली थी। मदद का सिलसिला 14 साल की उम्र से शुरू हुआ था। जब एक बार वे स्कूल जा रहे थे। यहां एक बुजुर्ग महिला रो रही थी और उसके पास एक व्यक्ति लेटे हुए थे। जब सूदन ने उनसे पूछा कि आप ऐसे क्यों रो रही हैं। इस पर उन्होंने बताया कि लेटे हुए व्यक्ति उनके पति हैं और उनकी मृत्यु हो चुकी है। मेरे पास इतने रुपए नहीं हैं कि मैं उन्हें घर तक लेकर जा सकूं या फिर उनका अंतिम संस्कार कर सकूं। इस पर मैं दौड़कर अपने घर गया और अपना गुल्लक तोड़ दिया। उसमें 12-15 रुपए थे, उससे मैंने उनका अंतिम संस्कार किया। जब घर लौटा तो पिता ने कहा कि बेटा आज बहुत लेट हो गए। इस पर मैंने उन्हें पूरा वाक्या सुनाया तो उन्होंने मुझे गले से लगा लिया और बोले इतनी सी उम्र में तुमने बहुत बड़ा काम किया है।
24-25 साल के लड़के के शरीर में रेंग रहे थे कीड़े
सूदन को एमवाय अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर एक 24-25 साल का लड़का दिखा, उसकी पीठ में एक बड़ा घाव था, जिसमें कीड़े लगे हुए थे। पूरा शरीर बदबू मार रहा था, उसे देखकर उन्हें लगा कि इसके लिए कुछ करना चाहिए। इस पर वे उसे एमवाय लेकर गए, लेकिन वहां कोई उसे रखने को तैयार नहीं हुआ। इस पर वे उसे लेकर मदर टेरेसा के ज्योति निवास लेकर पहुंचे। वहां अपने हाथों से पहले उसके घाव को धोकर कीड़े निकाले और फिर उसका इलाज कराया। बाद में पता चला कि वो झारखंड का रहने वाला था। उससे पता पूछकर उसके घरवालों को इंदौर बुलाया और वो उसे लेकर वापस अपने गांव चले गए।
85 साल की वृद्धा को उठाकर गुरुद्वारा ले गए थे
14-15 साल की उम्र में ही सड़क किनारे बैठी एक 85 साल की महिला बारिश में भीग रही थी। महिला के पैर में घाव था, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे। शरीर से बदबू भी आ रही थी। सुदन ने उस वृद्धा को अपनी पीठ पर उठाया और गुरुद्वारे ले गए। यहां पर ज्ञानी जी से कहकर उन्हें रहने की जगह दिलवाई। लंगर से खाकर खाना खिलाया। अगले दिन उसे अस्पताल लेकर गए। महीनों चले इलाज के बाद वृद्धा स्वस्थ्य हो गई।
पग उतारने पर झेलना पड़ा था आक्रोश
2006-7 में पुलिस द्वारा उन्हें जानकारी मिली कि बिलावली तालाब में एक युवती की लाश मिली है। मौके पर पहुंचे तो पता चला कि वह पन्नी बिनने वाली 12-13 साल की नाबालिग बच्ची थी। वहां पर फायर टीम मौके पर थी। अंधेरा होने से फायर ब्रिगेड ने काम बंद करने को कहा। इस पर मैं रोड पर गया और कुछ कार वालों से निवेदन किया कि मेरी बच्ची तालाब में डूब गई है। लाइट नहीं होने से उसे निकालने में परेशानी आ रही है। इस पर वे तालाब की मेड से लाइट दिखाने लगे। बच्ची बाहर आई तो उसके शरीर पर पकड़े नहीं थे। पास में मौजूद झोपडी और बंगले वालों से चादर या कोई कपड़ा मांगा तो उन्होंने नहीं दिया। वापस आया तो हजारों लोग बच्ची को घूर रहे थे। इस पर मैंने अपनी पगड़ी उतारी और उसे ऑटो से लेकर अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टरों से तत्काल इलाज के लिए कह दिया कि मेरी बच्ची है। पग उतारने पर समाज वालों ने नाराजगी जताई, जिस पर उन्होंने सीधा जवाब दिया। ऐसी परिस्थिति में हर बार वे ऐसी गलती करेंगे।
घाव से कीड़े तक खुद साफ करते थे।
मां को मरने के लिए एमवाय के बाहर छोड़ गए थे बच्चे
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे सूदन काे याद करते हुए कहते हैं वे बिना किसी शुल्क के दिनभर यह काम करते थे। अपने स्वयं के खर्च से वे लोगों की मदद करते थे। हमारे पास एक बुजुर्ग महिला की खबर आई थी। वह बोल नहीं पा रही थी। उनके बच्चे उन्हें एमवाय अस्पताल के सामने रखकर चले गए थे। इसकी जानकारी सूदन को मिली तो वे खुद वहां पहुंचे, महिला की सफाई करवाई। इसके बाद इलाज करवाया। ठीक होने पर उन्होंने अपना नाम पता बताया। इसके बाद सागर जिले से उनके बच्चों को बुलाया गया। पुलिस की समझाइश के बाद वे उन्हें घर लेकर गए। संक्रमण काल में भी सूदन ने अपनी मां की तरह उनका लालन-पालन किया था।
संस्था बनाना नहीं चाहते थे
सूदन ने कई लोगों की मदद की। लोग उन्हें एक संस्था बनाकर उसके माध्यम से सेवा करने की सलाह देते थे, लेकिन वे कभी कोई संस्था बनाना नहीं चाहते थे। वे कहते थे कि मैं अपने मन की तसल्ली के लिए ये काम करता हूं. संस्था बनाकर मैं कोई तामझाम खड़ा करना नहीं चाहता। एम्बुलेंस, रिक्शा, दवाई, इलाज आदि के खर्च की व्यवस्था कैसे होती है ये पूछने पर वो बताते थे कि मेरे कुछ मित्र हैं, जिन्हें मुझ पर पूरा भरोसा है। वो हर नेक काम के लिए मेरी मदद करते हैं। वे बताते थे मेरे पिताजी मुझसे कहते थे कि अगर कोई अमीर बीमार पड़ता है तो लोग हाज़री लगाने पहुंच जाते हैं, लेकिन जो लोग सड़कों पर घूम रहे हैं, उनके लिए कोई नहीं सोचता है। अगर तू इनके लिए कुछ कर सकता है, तो ज़रूर करना।

Sunday, 4 October 2020

18:28

सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 1 हजार लीटर की जगह 10 हजार लीटर का ऑक्सीजन टैंक लगाया tap news

इंदौर.deepak tiwari सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 10 हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन का टैंक लगा दिया है। पहले यहां एक हजार लीटर का टैंक लगा था। बार-बार ऑक्सीजन खत्म होने के डर से इसकी हर घंटे निगरानी करना पड़ती थी। 28 अगस्त को यह अस्पताल कोविड मरीजों के लिए शुरू किया था।
अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया अब तक 600 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा की कोशिशों के चलते यह 10 गुना क्षमता का टैंक लगा है। इसे तीन दिन में एक बार ही भरना होगा। पहले दिन में चार बार ऑक्सीजन भरना पड़ती थी।
इस कारण डर रहता था कि कहीं ऑक्सीजन खत्म न हो जाए। अब सभी 402 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो पाएगी, जिससे कोविड मरीजों को समस्या नहीं होगी। अस्पताल में कोविड मरीज भर्ती होने से नए ऑक्सीजन टैंक से लाइन कनेक्ट करना चुनौती था। डॉ. एडी भटनागर, डॉ. डीके शर्मा भी मार्गदर्शन करते रहे।

Thursday, 1 October 2020

13:05

स्व. माधवराव सिंधिया की 19वीं पुण्यतिथि पर deepak tiwari

इंदौर.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. माधवराव सिंधिया की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार काे माल्यार्पण के लिए पहली बार बड़ी संख्या में भाजपाई जुटे। बंगाली चौराहा स्थित सिंधिया की प्रतिमा पर मंत्री तुलसी सिलावट, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण मुरारी मोघे, सांसद शंकर लालवानी सहित नगर के कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया। इस मौके पर भाजपा के विधायक रमेश मेंदोला, विधायक महेंद्र हार्डिया समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंत्री सिलावट ने स्व. सिंधिया को नमन किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से सिंधिया परिवार के करीबी माने जाने वाले प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और कृष्णमुरारी मोघे भी पहुंचे। जहां उन्होंने सिंधिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही वहां मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को माधवराव सिंधिया के जीवन से परिचित करवाते हुए, उनके सिद्धांतों पर चलने की शपथ दिलाई।
मंत्री सिलावट, सांसद लालवानी सहित बड़ी संख्या में भाजपाई कार्यक्रम में मौजूद रहे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे ने उन्हें याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार गुना से लोकसभा का चुनाव जीते ताे एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जब वे कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे तो मांगीलाल वैद्य नामक कार्यकर्ता ने कहा दिया कि जीतने के बाद कोई नेता किसी की चिंता नहीं करता। इस पर इतने आहत हुए कि रातभर वे इसी बारे में सोचते रहे। यह संवेदनशीलता नेता का पहला गुण है जो माधवराव जी में कूट-कूट कर भरा हुआ था। वे नेता नहीं एक जनसेवक थे। विकास की बात करें तो रेलवे का जो आज हम विकास देख रहे हैं। उनके रेल मंत्री बनने के बाद कई काम हुए। आज जो विराट विकास की गाड़ी दौड़ रही है। यह उन्हीं की देन है।
06:24

शिवराज बोले-3 नवम्बर के बाद हम बंगाल आ जाएंगे तब तक आप एमपी में रहो deepak tiwari

इंदौर।  प्रदेश में होने वाले 28 सीटों के उपचुनाव में अब विजयवर्गीय को भी एक बड़ी जवाबदारी दी जा रही है। उनके पास पहले से ही मालवा और निमाड़ की सीटों की जवाबदारी तो है ही, वहीं स्टार प्रचारक के रूप में वे अब चंबल और ग्वालियर भी जाएंगे। कल हुई कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयवर्गीय से कहा कि 3 नवंबर के बाद हम सब बंगाल आ जाएंगे, तब तक आप प्रदेश में ही रहकर चुनाव की बागडोर संभालिए।
कल भोपाल में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक के साथ‑साथ कोर कमेटी की बैठक भी हुई थी। इस बैठक में प्रदेश भर के वरिष्ठ भाजपा नेता भी शामिल हुए थे। बैठक को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, महामंत्री सुहास भगत, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। जब मुख्यमंत्री के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा कि सभी 28 सीट हम जीत रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के दुष्प्रचार के चलते हैं हमें सावधानी रखना होगी। उन्होंने विजयवर्गीय से कहा कि अब चुनाव होने तक आप प्रदेश में ही डेरा डाल लो, 3 नवंबर के बाद हम सब बंगाल आ जाएंगे। उन्होंने विजयवर्गीय से कहा कि अब प्रदेश को आपकी जरूरत है।

Thursday, 24 September 2020

16:42

इंदौर में नवरात्रि पर कलेक्टर की अपील 6 फीट से बड़ी प्रतिमा ना बनाएं tni

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इंदौर.इंदौर समेत प्रदेशभर में नवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गृह मंत्रालय इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी कर चुका है। इसी को लेकर गुरुवार को कलेक्टर मनीष सिंह ने निगम और पुलिस के साथ मिलकर माता की प्रतिमा बना रहे मूर्तिकारों से बात की। कलेक्टर ने इन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि आप 6 फीट से ऊंची प्रतिमाएं नहीं बनाएं। यदि किसी ने बना भी ली है तो वे उसे किसी को नहीं दें। यदि कहीं ऐसा देखने में आया तो स्थापना करने वाले के साथ प्रतिमा को बनाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि शहर के सभी मूर्तिकारों के साथ बैठक की गई है। इसमें उन्हें कहा गया है कि गाइडलाइन के अनुसार ही प्रतिमा का निर्माण करें। यदि किसी ने 6 फीट से ज्यादा ऊंची प्रतिमा बना ली है तो वे किसी को नहीं दें। ऐसा करने पर स्थापना करने वालों के साथ ही मूर्तिकार पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें यह भी बताया गया कि खजराना में नियमों उल्लंघन करने पर हमें सख्त कार्रवाई करना पड़ी थी। इस बार यदि ऐसा कुछ होता है तो कड़ी कार्रवाई होगी।
अगले साल से नहीं बनेंगी पीओपी की प्रतिमाएं
कलेक्टर ने कहा कि कुछ लोग प्रतिबंध के बाद भी पीओपी की प्रतिमाएं बना रहे हैं, यह पूरी तरह से गलत है। ये प्रतिमाएं पानी के लिए काफी हानिकारक हैं। इस पानी को यदि जानवर भी पीते हैं, उनकी मौत तक हो जाती है। मूर्तिकारों की कुछ समस्याएं थीं, जिसके लिए पांच मूर्तिकारों की एक कमेटी गठित की गई है। ये सदस्य हमसे संपर्क में रहेंगे। उनकी जो भी समस्याएं होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनका व्यापार बढ़ेगा, घटेगा नहीं।
अगले साल से उन्होंने मिट्टी की प्रतिमा बनाने का आश्वासन दिया है। जहां भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाएं विराजित होंगी, वहां 100 से ज्यादा लोग नहीं रहेंगे। यदि कोई कार्यक्रम भी होता है तो उसमें 100 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। इन सबके लिए एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। गरबे नहीं होंगे, गली मोहल्ले के गरबों पर भी निगरानी रखी जाएगी। चल समारोह, या जुलूस पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
नवरात्रि को लेकर ये है गाइडलाइन
प्रतिमाएं अधिकतम 6 फीट ऊंची हो सकती हैं। पंडाल का साइज भी 10 बाई 10 फीट अधिकतम होगा।
सामाजिक/सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में 100 से कम व्यक्ति ही रह सकेंगे हैं। कार्यक्रम की पूर्व से अनुमति लेनी जरूरी।
किसी भी तरह के जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। गरबा भी नहीं होगा। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्तियों के समूह को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। आयोजकों को अलग से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति पहले से लेनी आवश्यक है।
झांकियों, पंडालों और विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करेंगे। साथ ही शासन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का भी पालन करना होगा।
सभी दुकानें रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इसमें रेस्टोरेंट, मेडिकल, राशन, भोजनालय और खानपान से संबंधित दुकानें 8 बजे के बाद अपने निर्धारित समय तक खुल सकती है। रात 10:30 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना किसी कारण के घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर कम भीड़ होना चाहिए।
नियमों का पालन नहीं करने पर दुकान संचालक पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और सजा दोनों तरह का दंड होगा।

Wednesday, 23 September 2020

12:01

जीएसटी के नोटिस से झल्लाया कारोबारी जाने क्यों tni

deepak tiwari
इंदौर।  जीएसटी के नोटिस से झल्लाया कारोबारी डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर में घुसकर उन्हें जूते से मारने दौड़ा और वहां रखी फाइलें भी फेंक दीं। कमिश्नर ने इस मामले की शिकायत पुलिस को की है।

 
संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक डीएस चौहान जीएसटी के स्टेट टैक्स डिप्डी कमिश्नर हैं। कमिश्नर ने शिकायत में बताया कि उन्होंने बिचौली हप्सी रोड स्थित एटूझेड क्रिएशन नामक कंपनी को जीएसटी नहीं भरने के चलते पंजीयन निरस्त करने का नोटिस दिया था। इसके बाद कंपनी का निखिलेश जैन आरएनटी मार्ग स्थित आयकर दफ्तर में आया और जातिसूचक शब्द कहते हुए पैर में पहना जूता निकाला और मारने दौड़ा। यही नहीं, दफ्तर में रखी फाइलें भी फेंक दीं। आरोप है कि जैन ने पहले भी इस तरह जीएसटी को लेकर बवाल किया था। पुलिस ने उस पर कार्रवाई की है।
07:09

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ही मास्क की जरूरत नहीं tap news india deepak tiwari

इंदौर.मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस बेकाबू है, लेकिन खुद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ही मास्क नहीं लगा रहे। बुधवार को जब वे इंदौर आए, तो यहां 4 घंटे तक अलग-अलग सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हुए। इनमें खासी भीड़ भी रही, लेकिन मंत्री कोरोना गाइडलाइन का पालन करते नहीं दिखे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बेहिचक कह दिया, ‘मैं कभी मास्क नहीं पहनता। मैं यहां क्या, किसी भी कार्यक्रम में मास्क नहीं पहनता। इससे क्या होता है। मैं तो कभी मास्क पहनता ही नहीं हूं।’
दरअसल इंदौर वही शहर है, जहां मास्क नहीं पहनने वालों से निगम टीम 200 रुपए का स्पॉट फाइन वसूल रही है। इसे लेकर विवाद भी हो रहे हैं। यहां 22 सितंबर को ही निगम टीम ने 339 लोगों से 65 हजार 400 रुपए वसूले थे।
सवाल उठे तो बोले- सांस की तकलीफ है
गृह मंत्री ने बाद में अपनी सफाई में कहा- सांस लेने में तकलीफ की वजह से कभी-कभी मास्क नहीं लगाता हूं। मैंने कई कार्यक्रमों में मास्क लगाया है। प्रदेश के लोगों से अपील है कि वे भी मास्क लगाएं और कोविड नियमों का पालन करें।
इससे पहले मास्क को लेकर उड़ाया था मजाक
गृह मंत्री का कुछ दिनों पहले अपने ही चेहरे की फोटो वाला मास्क पहनने का वीडियो वायरल हुआ था। मास्क को देखकर नहीं लगता था कि उनके चेहरे पर कुछ है। इससे पहले कांग्रेस ने उन्हें मास्क पहनाने वाले को 11 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। मिश्रा ने इस पर कहा था कि आप लोगों ने मेरे गले में एक गमछा देखा होगा। यह तीन लेयर में है। इसे ही पहनता हूं।
राज्य में पिछले 4 दिन में 10 हजार केस मिले
राज्य में पिछले 4 दिन में 10 हजार 253 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इस महीने हर दिन औसतन 29 मौतें हुई हैं। अब तक 1 लाख 10 हजार 711 मरीज मिल चुके हैं। इंदौर में ही मंगलवार रात कोरोना रिपोर्ट में 451 नए केस मिले, जबकि 7 लोगों की मौत भी हुई। इसे मिलाकर संक्रमितों की संख्या अब 20834 हो गई है, जबकि कुल 516 मौतें हो चुकी हैं।

Monday, 21 September 2020

18:27

आरोपी रेप पीडि़ता से शादी को तैयार फिर भी कोर्ट ने नही दी बेल deepak tiwari

इंदौर। बलात्कार पीडि़ता से शादी को तैयार होने के बावजूद कोर्ट ने पांच माह से जेल में बंद एक मुलजिम को जमानत देने से इंकार कर दिया। इस बीच पीडि़ता ने बच्चे को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार मुलजिम मनीष उर्फ कुणाल ने विशेष अदालत में जमानत के लिए तीसरी बार अर्जी दी थी उसका कहना था कि वह फरियादिया से शादी करने को तैयार है और उसकी डिलेवरी हो गई है। पीडि़ता अकेली पड़ गई है, उसके परिवारवाले उसे सहयोग नहीं दे रहे है इसलिए देखरेख हेतु उसे जमानत पर छोड़ा जाएं।  उसकी जमानत पर पहले दो बार आपत्ति उठानेवाली फरियादिया इस बार डिलेवरी होने से कोर्ट में नहीं आई थी, अलबत्ता उसकी ओर से सहमति पत्र देकर कहा गया था कि मुलजिम उससे आर्य समाज के मंदिर में शादी करने व उसे और उसके बच्चे का दाना-पानी उठाने और संपत्ति में हिस्सा देने को तैयार हो तो उस दशा में उसे जमानत देने पर कोई एतराज नहीं है। संबंधित पक्षों को सुनने के बाद जज मनीषा बसेर ने मुलजिम द्वारा पूर्व में फरियादिया से शादी का झूठा लेख कराने का हवाला देकर अपराध की गंभीरता के मद्देनजर जमानत देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी।
डीएनए टेस्ट तक हुआ, रिपोर्ट बाकी
फरियादिया ने बेटमा थाने में रिपोर्ट कर बताया था कि वह मुलजिम को दो साल से जानती है, उनके बीच प्रेम संबंध था। पीथमपुर में एक होटल में रखकर खोटा काम किया। बाद में उसे छोडक़र भाग गया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मुलजिम का डीएनए टेस्ट करवाकर सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
18:19

गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने दूल्हे समेत बैंड वाले पर दर्ज किया केस deepak tiwari

इंदौर.शहर में सोमवार को जवाहर मार्ग पर बैंड बाजे से बारात निकाल रहे दूल्हे समेत बैंड बाजे वाले के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर दिया। पुलिस ने गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की है।
छत्रीपुरा टीआई पवन सिंघल के अनुसार पुलिस ने बैंड संचालक परसराम और सुप्रदीप, बैंड गाड़ी चालक राहुल और कार्यक्रम आयोजन कर्ता यानी दूल्हे नवीन करोसिया के खिलाफ उल्लंघन का केस दर्ज किया है।
टीआई के अनुसार सूचना मिली थी की कुछ लोग बिना अनुमति के बारात निकाल रहे हैं। इस पर टीम जवाहर मार्ग स्थित नेमा कुल्फी वाले के सामने पहुंची। वहां पर बैंड से बारात निकल रहा था। पुलिस ने तत्काल बैंड बाजा जब्त किया। फिर मुख्य आऱोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
17:57

इंदौर में 87 साल के बुजुर्ग के शव को चूहों ने कुतरा एक लाख जमा करने के बाद ही अस्पताल ने बॉडी दी मजिस्ट्रियल जांच के आदेश deepak tiwari

इंदौर.इंदौर में कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले एक और अस्पताल ने सोमवार को मानवता को शर्मसार कर दिया। अन्नपूर्णा इलाके में स्थित यूनीक अस्पताल में तीन दिन पहले भर्ती हुए 87 साल के बुजुर्ग की रविवार देर रात मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि अस्पताल ने शव को रखने में लापरवाही दिखाई। पूरी बॉडी को चूहों ने कुतर दिया। परिजन को शव तभी सौंपा गया, जब उन्होंने एक लाख का बिल चुका दिया। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच एडीएम अजय देव शर्मा करेंगे।
इतवारिया बाजार के रहने वाले नवीन चंद जैन (87 साल) को सांस लेने में तकलीफ होने पर 17 सितंबर को यूनीक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजन के अनुसार, बुजुर्ग का कोविड वार्ड में इलाज चल रहा था। रविवार रात करीब 3 बजे उनकी मौत की सूचना दी गई। कहा गया कि निगम की गाड़ी उन्हें अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाएगी। जब हम दोपहर 12 बजे अस्पताल पहुंचे तो हमने देखा कि शव को जगह-जगह चूहों ने कुतर रखा है। हमने प्रबंधन से बात की तो उनका कहना था कि हमसे गलती हो गई।
एक लाख रुपए का बिल थमाया, शव पर गंभीर घाव थे
परिजन प्राची जैन का कहना है, ‘जब अस्पताल पहुंचे तो एक लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया गया। बिल जमा करने के बाद शव दिया गया। शव देखकर तो हमारे होश उड़ गए। चेहरे और पैर में गंभीर घाव थे। अस्पताल प्रबंधन ने शव को कहीं ऐसी जगह पटक दिया था, जहां चूहों ने कुतर दिया। आंख पर गंभीर घाव हो गया था।’ आक्रोशित परिजन ने शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश दी। हालांकि, काफी देर होने के बाद भी अस्पताल की तरफ से कोई जिम्मेदार नहीं आया, जो परिजन को पूरी जानकारी दे सके।
हमें मिलने नहीं दिया गया, शाम को अच्छे से बात की थी
परिजन के अनुसार, अस्पताल वालों ने भर्ती करने के बाद हमें मिलने नहीं दिया। रविवार शाम 4 बजे फोन पर बात हुई तो वे अच्छे से बात कर रहे थे। रात साढ़े 8 बजे अस्पताल वालों ने हमें बुलाया और हालत गंभीर बताते हुए हमसे कागज पर साइन करवा लिए। देर रात साढ़े 3 बजे हमें बताया कि उनकी मौत हो गई। यदि वे कह देते तो हम रात में ही शव लेकर चले जाते। अस्पताल वालों ने इस तरह से बॉडी क्यों छोड़ा? हमारे साथ अन्याय हुआ है।
इंदौर में दो मामले पहले भी सामने आए थे
9 सितंबर को एमवायएच में एक कोरोना मरीज की मौत हो गई थी, लेकिन परिजन को उनकी मौत का पता 10 दिन बाद चला। परिजन को लगता रहा कि मरीज का इलाज चल रहा है।

Saturday, 19 September 2020

17:59

इंदौर में 600 प्रीमियम राशि जमा करवाई और हाथ आए 2 रुपए deepak tiwari

इंदौर। एक बार फिर फसल बीमा योजना के नाम पर कई किसान मूर्ख बन गए। इन दिनों शासन द्वारा इंदौर सहित प्रदेशभर में उपचुनावों के चलते बड़े-बड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर किसानों के खातों में फसल बीमा की राशि जमा करवाने का अभियान चलाया जा रहा है। इंदौर में भी 60 हजार किसानों के खातों में 127 करोड़ रुपए की राशि जमा करवाने के दावे किए गए हैं। वहीं कई जगह किसानों का आरोप है कि उन्होंने 600 रुपए प्रति हेक्टेयर तक प्रीमियम की राशि जमा की और बदले में 2, 4, 5, 7 रुपए की राशि फसल बीमा के रूप में मिली है। कांग्रेस ने भी इस संबंध में राज्य और केन्द्र की भाजपा सरकार को कोसा है।
पूर्व में भी फसल बीमा का इसी तरह बड़ा घोटाला सामने आया था और बीमा कम्पनियों ने करोड़ों रुपए जमा करवाए और बदले में किसानों को मामूली राशि ही हाथ आई। अभी इंदौर सहित प्रदेशभर में फसल बीमा की राशि किसानों के खातों में जमा करवाई जा रही है। उसके साथ ही तमाम जिलों से किसानों की शिकायत सामने आ रही है कि उनके खाते में 4, 5, 11 रुपए से लेकर 2 रुपए तक मिले हैं। इस संबंध में पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी बयान जारी किया है, जिसमें आरोप लगाए कि एक तरफ कोरोना महामारी ने किसानों को बर्बाद किया, उसके बाद अतिवृष्टि से फसलें तबाह हुईं और अब फसल बीमा के नाम पर भी मजाक किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 लाख 64 हजार किसानों की फसलों का खरीफ 2019 के लिए 15 हजार 221 करोड़ से अधिक का बीमा करवाया गया, जिसमें से किसानों से 352 करोड़ रुपए से अधिक वसूल किए गए और राज्य शासन की ओर से 509 करोड़ रुपए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जमा करवाए थे, लेकिन इतनी बड़ी राशि जमा करने के बावजूद किसानों के हाथ में प्रीमियम की तुलना में 100 गुना तक कम राशि आई है। उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले के भी 60 हजार किसानों को 127 करोड़ रुपए फसल बीमा के मिलने का दावा शासन‑प्रशासन ने किया है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ऑनलाइन यह राशि जमा करवाने का शुभारंभ किया और मंत्री द्वारा लाभान्वित किसानों को प्रमाण‑पत्र वितरित किए जा रहे हैं। अभी तक प्रदेश के 22 लाख किसानों के बैंक खातों में 4 हजार 678 करोड़ रुपए की राशि जमा करवाई जा चुकी है। जिले में 1 लाख 6 हजार किसानों ने फसल बीमा करवाया था।
07:56

सडक़ों पर भिखारियों की संख्या बढ़ी deepak tiwari September 19, 2020

इंदौर। लॉकडाउन के दौरान महिला बाल विकास का भिक्षावृत्ति रोको अभियान ठंडा पड़ा था, सडक़ों पर भीख मांगने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है अब विभाग फिर से भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को पकडऩे की कवायद सोमवार से शुरू करने जा रहा है।
शहर के प्रमुख चौराहों पर बड़ी संख्या में भीख मांगने वाले बच्चे घूम रहे हैं, लगातार शिकायतों के बावजूद कोरोना वायरस के दौर में भिक्षावृत्ति अभियान बंद पड़ा था। कार्यक्रम अधिकारी डॉ सीएल पासी ने बताया कि सप्ताह में 1 दिन शहर के विभिन्न चौराहों पर चाइल्ड लाइन, श्रम विभाग और आईसीपीएस के अधिकारी कर्मचारी अलग अलग टीम बनाकर चौराहों पर भीख मांगने वाले बच्चों को पकडऩे का अभियान चलाएगी। सोमवार से शुरू हो रहे इस अभियान जागरूकता को शामिल किया गया है, यहां वहां घूमने वाले निराश्रित बच्चों को सेंल्टर होम में बेहतर जीवन यापन के लिए रखा जाएगा। वहीं इस बार सप्ताह में अलग-अलग दिन भिक्षावृत्ति रोको अभियान चलेगा।
लोगों को नहीं मिल रहा भोजन, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
लॉकडाउन के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर ऐसी शिकायतें भी बड़ी संख्या में आ रही है कि लोगों के पास भोजन नहीं है, हालांकि संबंधित अधिकारियों ने दावा किया है कि निराश्रितों के भोजन की व्यवस्थाएं की जा रही है,पर जमीनी हकीकत शहर के चौराहों-चौराहों पर देखी जा सकती है।

Wednesday, 9 September 2020

02:01

इंदौर में 108 घंटे का स्वैच्छिक लॉकडाउन deepak tiwari

इन्दौर। प्रशासन ने इन्दौर में कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक काबू पा लिया था, मगर बाद में नेताओं और कारोबारियों के दबाव के चलते सारे बाजार खुलवाए गए। खासकर पश्चिमी क्षेत्र यानी मध्य क्षेत्र के बाजारों को पहेल आड-ईवन और फिर लैफ्ट राइट फार्मूले से खुलवाया था, मगर उसे भी बंद कर दिया। नतीजतन इन इलाकों में तेजी से संक्रमण फैला। बीते तीन‑चार दिनों मे ही एक दर्जन कारोबारियों की मौत होनेसे बाजारोों में दहशत छा गई, नतीजतन अब कई व्यापारियों ने स्वैच्छिक लॉकाडउन अपनाना शुरू कर दिया और सोशल मीडिया पर 108 घंटे लॉकडाऊन रखने के मैसेज भी चलाए जा रहे है। सराफा, क्लाथ मार्केट में तो कई दुकानदारों ने स्वैच्छिक लॉकाडऊन की सूचना भी चस्पा कर दी।
इन्दौर में मार्च- अप्रैल में संक्रमण ज्यादा् था, तब कलेक्टर मनीषसिंह सख्त सख्ती और लॉकडाउन लागू किया और फिर 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया प्रतिबंधों के बाद शहर को धीरे-धीरे खोलने का सिलसिला शुरू किया, लेकिन तमाम व्यापारिक संगठनों और राजनेताओं के दबाव के चलते बाजारों को खोला गया, सबसे ज्यादा चिंता राजबाड़ा, क्लाथ मार्केट, सराफा, जेलरोड, मारोठिया और अन्य घने क्षेत्रों को लेकर थी, जहां संक्रमण तेजी से फल सकता था। यही कारण है कि कलेक्टर ने इन बाजारों में पहले आड-इइवन, उसके बाद लैफ्ट राइट का फार्मूला भी लागू किया। लेनिक काम कारोबार होने और साखी सहित अन्य त््यौहारों का हवाला देकर पूरे दिन सारे बाजार खुला दिए। इधर संक्रमण तेजी से फैलना लगा और रोजाना तीन सौ मरीज निकल रहे हैं और बड़ी संख्या में व्यापारी और उनके परिजन चपेट में आने लगे। अभी सराफा व्यापरााी एसो. की बैठक भी कल हुई, जिसमें स्वैच्छिक लॉकाउन या लैफ्ट राइट फार्मूले को अपनाने पर चर्च की गई, लेकिन एमजी रोड, पाटनीपुरा, परदेशीपुरा के सराफा कारोबारी अभी तैयार नहीं हुए, इसलिए कोई निर्णय नहीं लिया जा सके। लेकिन सराफा के भगवती चेंबर के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया। इसी तरह क्लाथ मार्केट की भी कई दुकानों के बाहर स्वैच्छिक लॉकडाऊन के नोटिस कुद व्यापारियों ने चस्पा कर दिए है, वहीं सोशल मीडिया पर भी 9 सितम्बर यानी आज शाम 7 बजे से 14 सितम्बर सोमवार सुबह 7 बजे तक 108 घंटे के स्वैच्छिक लॉकडाउन के मैसेज भी अपील के साथ चलाए। दरअसल अभी एक दर्जन पश्चिमी क्षेत्र के ही कारोबारियों की मौत बीते तीन चार दिनों में हो गई। इसके चलते सभी कारोबारी और उनके परिजन दहशत में आ गए हैं और स्वैच्छिक लॉकाडउन की पहल शुरू की गई।
सख्ती पर पीली गैंग का आतंक और अंडे के ठेले को पलटाने की फर्जी खबरे सोशल मीडिया पर
एक तरफ फ्रशासन ने जहां बाजारों में खुलवनाने में सख्ती बरती, वहीं संक्रमण रोकने के लिए मास्क न पहनने, भीड़ इक्टठी करने वालों के खिळाफ जुर्माने के साथ‑साथ प्रतिबंध भी लगाया गया। मंडी और सिंधी कालोनी को कुछ दिनों के लिए कलेक्टर ने बंद भी किया, लेकिन कारोबारी और नेताओं ने इसका भी विरोध किया। और निगम की चालनी कार्रवाई का विरोध पीली गैंग के आतंक के रूप मेें सोशल मीडिया पर जमकर चलाया, इसमें एक अंडे के ठेले को पलटाने वाला वीडियो भी खूब सुर्खिय में रहा। इसके कोई प्रमाण आज तक नहीं मिले। निगम के कर्मचारियों ने ठेले को पलटाया। इसके चलते प्रशासन ने चालानी कार्रवाई रुकवा दी, लेकिन 56 दुकान का वीडियो और कलश यात्राओं के कारण फिर चालानी कार्रवाई निगम ने शुरू करवाई और कल 1178 के खिलाफ स्पाट फाइन ठोका और 2 लाख 12 हजार रुपये क राशि वसूल की गई, वहीं कलश या्तराओं के मामले में भी भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए
01:17

मध्य प्रदेश में शिवराज कैबिनेट ने लिए कई अहम निर्णय:deepak tiwari

भोपाल.मध्य प्रदेश में कोरोना टेस्ट निशुल्क कराए जाएंगे। मंगलवार को हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक ये महत्वपूर्ण फैसला किया गया। सरकार ने तय किया है कि कोरोना के जितने भी टेस्ट होंगे, वह निशुल्क होंगे। भले ही इसके लिए फीवर क्लीनिक की संख्या बढ़ानी पड़े। इसके लिए किसी को कोई फीस नहीं देनी होगी। कैबिनेट ने तय किया है कि अब जबकि देश पूरी तरह से अनलॉक हो गया है और कोरोना तेजी से फैल रहा है, लेकिन लोग सावधानियां नहीं बरत रहे हैं। इसलिए कोरोना से बचाव के लिए सरकार प्रचार-प्रसार करेगी।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में 1700 ऑक्सीजन बेड और 564 से अधिक आईसीयू के बेड बढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की संख्या अब बढ़कर 11 हजार 700 और आईसीयू की बेड संख्या 2388 हो जाएगी।प्रदेश के अस्पतालों में जो बेड बढ़ाए जाएंगे, उसमें जबलपुर और ग्वालियर को भी चिन्हित किया गया है। आम सहमति से बेड बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हमारे पास 30 हजार जनरल बेड हमारे पास हैं, इसलिए आपाधापी की बात नहीं है।
कोरोना को रोकने के लिए प्रचार-प्रसार
कैबिनेट ने तय किया है कि अब जबकि देश पूरी तरह से अनलॉक हो गया है और कोरोना फैल रहा है, लेकिन लोग सावधानियां नहीं बरत रहे हैं। इसलिए नगरीय प्रशासन विभाग और पंचायत ग्रामीण विभागों को अधिकृत किया है कि वह प्रचार-प्रसार करें। बसों में बगैर मास्क से नहीं बैठें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए।
01:13

आईआईटी इंदौर में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय, यह देश का 1242वां विद्यालय होगा; deepak tiwari

इंदौर.मंगलवार का दिन इंदौरियों के लिए एक खुशखबरी भरा रहा। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इंदौर में नया केंद्रीय विद्यालय खोलने की घोषणा की है। यह विद्यालय आईआईटी इंदौर परिसर में संचालित होगा। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन की विशाल श्रृंखला में एक नया नाम जुड़ने जा रहा है। आज केन्द्रीय विद्यालय आईआईटी, इंदौर खोलने के आदेश हो रहे हैं। मेरा विश्वास है कि आईआईटी, इंदौर परिसर में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा का एक अनोखा संयोग होगा। लाभान्वित होने वाले समस्त विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएं। केन्द्रीय विद्यालयों की श्रृंखला में यह 1242वां विद्यालय है।
इंदौर से करीब 30 किलोमीटर दूर सिमरोल क्षेत्र में बना यह प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान 501.42 एकड़ में फैला हुआ है। बताया जा रहा है कि आईआईटी कैंपस में काफी समय पहले से ही स्कूल बिल्डिंग बनकर तैयार है। अभी इस बिल्डिंग में निदेशक ऑफिस के साथ ही अन्य गतिविधियां संचालित हो रही थीं। जानकारी अनुसार अभी यहां करीब 1800 स्टूडेंट हैं। वहीं, स्टाफ सहित सभी की बात करें तो करीब 5 हजार लोग यहां निवास करते हैं।

Friday, 4 September 2020

10:37

साढे 5 महीनों बाद प्रदेश की सड़कों पर दौड़ेंगे बसें, सरकार ने मांगी मागे deepak tiwari

इंदौर। इंदौर से बसों का संचालन 5 सितम्बर से शुरू किया जायेगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज कलेक्टर मनीष सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में तय किया गया कि इंदौर से भोपाल तथा इंदौर संभाग में बसों का संचालन शुरू हो जायेगा। बैठक में आई बस और सिटी बसों के संचालन को शुरू करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि बस आनर्स एसोसिएशन की समस्याओं को राज्य शासन द्वारा गंभीरता से लिया गया। उनसे सतत चर्चा की गई। चर्चा के दौरान उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बस आनर्स एसोसिएशन की समस्याओं के निराकरण के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी दी गई। बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किेये गये प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि धन्यवाद ज्ञापित करने के लिये बस आनर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल भोपाल जायेगा। उन्होंने कलेक्टर मनीष सिंह की पहल का स्वागत किया। बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा की इंदौर संभाग में बसों का संचालन शुरू कर दिया जायेगा। इंदौर से भोपाल वाल्वों बस सर्विस भी शुरू हो जायेगी। बैठक में तय किया गया कि इंदौर में पहले बीआरटीएस पर आई बस शुरू की जा रही है। इसके बाद सिटी बस का संचालन शुरू किया जायेगा।
बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि बस आनर्स एसोसिएशन की टेक्स, किराये के निर्धारण सहित अन्य समस्याओं के निराकरण के लिये वरिष्ठ स्तर पर चर्चा कर आगामी कार्यवाही की जा रही है। अगस्त तक टेक्स माफ करने, किराये के निर्धारण के लिये समिति की बैठक आयोजित करने , परमिट की समस्याओं के निराकरण आदि के संबंध में उचित कार्यवाही शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि बसों के संचालन से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आवाजाही में नागरिकों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि बसों के अवैध संचालन के संबंध में भी कार्यवाही की जायेगी। इंदौर में बसों का संचालन पूरी क्षमता के साथ संचालन शीघ्र शुरू हो जायेगा। बैठक में मध्यप्रदेश बस आनर्स एसोसिएशन के हेमेन्द्र कर्णावत, बृजमोहन राठी, शिव सिंह गौड़ सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्यगण मौजूद थे।
10:29

इंदौर हाईकोर्ट का अनोखा फैसला:deepak tiwari

इंदौर.मध्य प्रदेश की इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने अनोखा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रेप के आरोपी को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह पीड़ित महिला से शादी करे और दो महीने के अंदर इसके दस्तावेज भी पेश करे। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है तो जमानत खुद निरस्त हो जाएगी।
अधिवक्ता सुधांशु व्यास के मुताबिक पीड़ित महिला शादीशुदा थी। आरोपी ने महिला को अपने प्यार में फंसाकर उससे रिश्ते बनाए। यहां तक कि शादी करने का वादा कर महिला का पति से तलाक तक करा दिया। महिला ने जब पति से तलाक ले लिया, तब आरोपी ने उससे शादी करने से मना कर दिया। इस पर महिला ने उस पर रेप की रिपोर्ट दर्ज कराई।
आरोपी ने जमानत के लिए पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में अर्जी दायर की थी। वहां से अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
2017 से रिलेशनशिप में थे
मामला देवास के सिटी कोतवाली इलाके का है। 2017 से आरोपी और महिला रिलेशनशिप में थे। आरोपी के झांसे में आकर महिला ने जनवरी 2020 में पति से तलाक ले लिया था। महिला की शिकायत पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। अब आरोपी ने जमानत की अर्जी में महिला से शादी करने का प्रस्ताव रखा है। महिला ने भी कोर्ट में पत्र देकर कहा है कि वह आरोपी से शादी के लिए तैयार है। उसे उसकी जमानत से भी कोई ऐतराज नहीं है।
10:27

इंदौर में अब टोटल अनलॉक:deepak tiwari

इंदौर.लाॅकडाउन के बाद से धीरे-धीरे खुल रहे इंदौर को शनिवार से पूरी तरह से अनलॉक हो जाएगा। शुक्रवार को इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने नाइट कर्फ्यू के साथ ही रविवार के लॉकडाउन काे भी खत्म करने की घाेषणा कर दी। इसके अलावा लंबे समय से थमे हुए बसाें के पहिए भी अब कल से दौड़ेंगे शुरू कर देंगे। बस ऑपरेटर्स की टैक्स की मांग काे सरकार ने मान लिया है। इसके बाद ही संचालक बस चलाने पर राजी हाे गए हैं। इसके अलावा इंदौर से भोपाल दौड़ने वाली एआईसीटीएसएल की बसों का भी संचालन शनिवार से शुरू हो रहा है। बीआरटीएस पर भी लंबे समय बाद आई बस दौड़ती नजर आएंगी। हालांकि, अभी पर्यटन को बंद रखने का कलेक्टर ने निर्णय लिया है।
कलेक्टर मनीष सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में इंदौर से भोपाल और इंदौर संभाग में बसों के संचालन शुरू करने पर सहमति बन गई। बैठक में आई बस और सिटी बसों को शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। बस आनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा की आज या कल से इंदौर संभाग में बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इंदौर से भोपाल वाल्वों बस सर्विस भी शुरू हो जाएगी। बैठक में तय किया गया कि इंदौर में पहले बीआरटीएस पर आई बस शुरू की जा रही है। इसके बाद सिटी बस का संचालन शुरू किया जाएगा।
किराए टैक्स सहित अन्य समस्याओं पर बात हुई
कलेक्टर ने बताया कि बस आनर्स एसोसिएशन की टैक्स, किराए के निर्धारण सहित अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से बात की गई। इसके बाद अगस्त तक टैक्स माफ करने, किराए के निर्धारण के लिए समिति की बैठक आयोजित करने, परमिट की समस्याओं के निराकरण आदि के संबंध में बात बनी।
बस चलने से लोगों को राहत मिलेगी
उन्होंने बताया कि बसों के संचालन से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बसों के अवैध संचालन के संबंध में भी कार्यवाही की जाएगी। इंदौर में बसों का संचालन पूरी क्षमता के साथ संचालन शीघ्र शुरू हो जाएगा। बैठक के बाद बस आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजमोहन राठी ने बताया कि करीब 5 दिन से हमारी चर्चा चल रही थी। शनिवार को शासन द्वारा टैक्स को लेकर हमारी मांगे मान ली गई हैं। इसके बाद हम अब आज या कल से बसों का संचालन शुरू कर देंगे।
लंबे समय बाद चलेंगी आई बसें
अगस्त तक पूरा टैक्स माफ कर दिया गया है। इसके साथ ही एसोसिएशन ने अपनी सेवाएं शुरू करने की घोषणा कर दी है, वहीं कलेक्टर ने एआईसीटीएसएल की सेवाएं भी शुरू करने की घोषणा कर दी है। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि बसों के संचालन पर निर्णय हो गया है। हम शनिवार से ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन शुरू कर देंगे। इसमें इंदौर-भोपाल चार्टर्ड के साथ ही बीआरटीएस पर दौड़ने वाली आई बस शामिल हैं।
सितंबर का 50 फीसदी टैक्स माफ
कलेक्टर ने बताया कि मार्केट के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से खुल चुके हैं। ऐसे में टर्नओवर को बढ़ाने के लिए बसों का संचालन जरूरी था। इसे लेकर लंबे समय से बात चल रही थी। इनकी टैक्स माफी की मुख्य मांग को शासन ने मान लिया है। अगस्त तक पूरी तरह से टैक्स माफ किया गया है, जबकि सितंबर में 50 फीसदी टैक्स लिया जाएगा। यानी की सितंबर का भी 15 दिन का ही टैक्स देना होगा। किराए को लेकर समिति के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा।
1 जून अनलॉक - 1 : लॉकडाउन के 68 दिन बाद मिली थी राहत
जिला प्रशासन ने अनलॉक -1 में शहर के मध्य क्षेत्र (जोन-1) को छोड़ सिटी और आउटर एरिया में लगभग सभी तरह की दुकानें, दफ्तर को खोलने के आदेश जारी किए थे। आउटर एरिया में दफ्तर 50% स्टाफ के साथ तो सिटी एरिया में 33% स्टाफ के साथ काम शुरू हुआ था। इसके अलावा फल, सब्जी की दुकानों की जगह ठेले पर सब्जी बेचने के आदेश जारी हुए थे। अनिवार्य सेवा वाली दुकानें सुबह 8 से शाम 5 बजे तक और अन्य सेवाएं और दफ्तर समय सुबह 11 से शाम 4 बजे तक खुल रहे थे। इसके अलावा माॅर्निंग वाॅक की भी अनुमति दे दी गई थी। शादी और विवाह समारोह, नगरीय सीमा में 12 लोगों की उपस्थिति में होने के साथ ही अंतिम यात्रा, जनाजा में पांच व्यक्तियों की मौजूदगी की अनुमति दी गई थी।
1 जुलाई अनलॉक- 2 : मैजिक और 56 दुकान पर टेक अवे की सुविधा
अनलॉक -2 में शॉपिंग मॉल्स खोलने, टाटा मैजिक-वैन चलाने और रेस्त्रां व 56 दुकान से टेक अवे के जरिए काउंटर से फूड पार्सल ले जाने की मंजूरी जारी कर दी थी। वहीं, लॉकडाउन बाद पहली बार सड़कांे पर टाटा मैजिक और वैन दौड़ी थीं। रात का कर्फ्यू 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रहा। शॉपिंग मॉल सुबह 9 से रात 8 बजे तक खुलने की अनुमति दी गई। धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग क्लासेस, बार, क्लब, स्विमिंग पूल, जिम, सिनेमा हॉल, ऑडिटोरियम, मनोरंजन पार्क, एसेंबली हॉल बंद ही रहे।
5 अगस्त अनलॉक -3 130 दिन बाद खुले जिम, पार्लर
24 मार्च से यानी 130 दिन से बंद जिम, योगा केंद्र, लाइब्रेरी, ब्यूटी पार्लर के शटर उठे थे। इसके अलावा इंदौर में लगे बाजारों पर प्रतिबंध को पूरी तरह से हटा लिया गया था। अब सभी के लिए एक जैसे नियम लागू कर दिए गए थे। पूरे जिले में सभी तरह की दुकानें और बाजार सप्ताह में छह दिन सुबह सात से रात आठ बजे तक खोले जाने की अनुमति जारी दी गई थी। हालांकि रात्रिकालीन कर्फ्यू नहीं हटाया गया था। इसके साथ ही रविवार को टोटल लॉकडाउन भी रखा गया था

Sunday, 30 August 2020

08:49

मॉर्निंग वॉक करते करते तय कर देते थे गीतों के बोल deepak tiwari

 August 30, 2020

आज है मशहूर गीतकार शैलेन्द्र की जयंती 
इन्दौर। गीतकार शैलेन्द्र एक सादगी भरी शख्शियत के लिए याद किए जाते हैं वे ऐसे गीतकार थे जो सुबह जुहू बीच पर सुबह टहलने के दौरान ही अपने अधिकांश गीतों की रचना कर देते थे … राजकपूर को अपने गीतों के जरिए शैलेन्द्र ने ही ऊंचाईयों पर पहुंचाया था ।
बॉलीवुड जगत के पिछले दो दशक से लगभग 170 फिल्मों में 500 से अधिक गीतों के जरिए लोगों को जिंदगी का हर फलसफा समझाना और जिंदगी के हर रंग को दिखाने में माहिर गीतकार शैलेन्द्र की आज 30 अगस्त को जयंती है। शैलेन्द्र ने वो हर गीत लिखे जिसमें इंसान अपनी जिंदगी के हर पहलू को जोड़ सकता है। मुंबई के जुहू बीच पर सुबह की सैर के दौरान गीत लिखने वाला ये गीतकार जीवन की हर छोटी से छोटी बात अपने गीतों के जरिए समझाता था।पश्चिमी पंजाब का रावलपिंडी शहर हुआ करता था जो आज के पाकिस्तान में बसा है वहां 30 अगस्त 1923 को शंकरदास केसरीलाल उर्फ शैलेन्द्र का जन्म हुआ , साल 1947 शैलेन्द्र में करियर और काम की तलाश में मुंबई आए और रेलवे में नौकरी करने लगे लेकिन मन उनका कविताओं में ही रहता। वो ऑफिस के समय काम कम और कविताएं लिखा करते थे। उनके इस रवैये के कारण उनके कई अधिकारी उनसे नाराज चलते थे गीतकार के रूप में शैलेन्द्र ने अपना पहला गाना राजकपूर की साल 1949 में आई फिल्म ‘बरसात’ के लिए ‘बरसात में तुमसे मिले हम सजन’ लिखा। यह गाना लोगों को काफी पसंद आया औऱ इस गाने के बाद शैलेन्द्र और राजकपूर की मानो जोड़ी बन गई। दोनों ने इसके बाद ‘आवारा’, ‘आग’, ‘श्री 420’, ‘चोरी चोरी’ ‘अनाड़ी’, ‘जिस देश में गंगा बहती है’, ‘संगम’, ‘तीसरी कसम’, ‘एराउंड द वल्र्ड’, ‘दीवाना’, ‘सपनों का सौदागर’ और ‘मेरा नाम जोकर’ जैसी फिल्मों में काम किया।
आखिरी समय एक वादा अधूरा रह गया
शैलेन्द्र ने फिल्मों में भी हाथ आजमाया और साल 1966 में ‘तीसरी कसम’ फिल्म बनाई जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी असफल साबित हुई जिसके बाद उन्हें गहरा सदमा लगा और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। 13 दिसंबर 1966 को अस्पताल जाने से पहले वो राजकपूर से मिले और उनकी आने वाली फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ का गीत ‘जीना यहां मरना यहां’ पूरा लिखने का वादा किया लेकिन ये वादा सिर्फ एक वादा ही रह गया। अगले दिन 14 दिसंबर 1966 को उनका निधन हो गया।