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Tuesday, 1 December 2020

07:09

बदलता मौसम का मिजाज deepak tiwari

इंदौर.इंदाैर में माैसम में उतार-चढ़ाव का दाैर जारी है। उत्तर पूर्वी हवा को निवार तूफान ने गति दी थी तो दो दिन और रात ठंड के लिहाज से सर्द हो गए थे, लेकिन तूफान का असर खत्म होते ही तापमान में एकदम से इजाफा हो गया और रविवार रात न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री का उछाला आ गया था। हवा को हल्की गति मिलने से एक बार फिर से सोमवार रात को पारे में तीन डिग्री की गिरावट देखने को मिली। हालांकि यह सामान्य से करीब दो डिग्री ज्यादा रहा।
शनिवार रात को पारा 11.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था, वहीं, रविवार की रात 17.2 डिग्री होकर सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड हुआ। इसी तरह अधिकतम तापमान में भी मामूली इजाफा हुआ है। रविवार को यह 29 डिग्री था जो सोमवार को 29.4 दर्ज किया गया। हालांकि यह तापमान का सामान्य स्तर था। इसी प्रकार रविवार रात को पारा में गिरावट आई और यह 14.8 डिग्री दर्ज हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो इस सप्ताह में मौसम में उतार-चढ़ाव आता रहेगा। तापमान कभी गिरकर 13 डिग्री तक चला जाएगा तो फिर इसमें इजाफा हो जाएगा और यह 15 से 16 डिग्री तक भी रिकॉर्ड होगा। दरअसल, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से दिसंबर की शुरुआत में नमी आना शुरू हो जाएगी। इस वजह से बादल, धूप में धुंधलापन भी महसूस होगा। हालांकि बारिश के आसार नहीं है, लेकिन तापमान सामान्य से ज्यादा रिकॉर्ड होगा। इंदौर सहित प्रदेशभर में इसका असर महसूस होगा।
तापमान 10 डिग्री से नीचे आने में अभी इंतजार
न्यूनतम तापमान 10 दिसंबर तक दहाई के अंक में ही दर्ज होगा। कड़ाके की ठंड के लिए अभी इंतजार जारी रहेगा। इसके पीछे कारण यह है कि नमी के साथ-साथ पाकिस्तान, अफगानिस्तान तरफ से पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित करेगा। इस कारण तापमान अधिक रहेगा।
07:00

पुलिस लाइन की सर्विसिंग deepak tiwari

इंदौर.इंदौर IG योगेश देशमुख आज कुछ अलग ही अंदाज में दिखाई दिए। वे डीआरपी में पुलिस दरबार में समस्याएं सुनने पहुंचे लेकिन यहां मामला ही पलट गया। वे अव्यवस्थाएं देख अचानक निरीक्षण पर निकल पड़े और एक-एक करके जिम्मेदारों की खबर ली। किसी की वर्दी-जूते में खामी ढूंढ़ ली तो कहीं गाड़ियां के मेंटनेंस पर उखड़ गए। सलामी तक ठीक से नहीं देने पर तो वे आग बबूला हो गए। आखिर में डीआईजी से कह दिया कि एमटीओ को कुछ नहीं आता.. हटा ही दो।
मंगलवार को यूं तो पुलिस वाहनों का वार्षिक निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस दरबार में पुलिसकर्मियों की समस्याओं को भी सुनने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान IG ने पुलिस वाहन के भीतर जाकर कंडीशन को देखा। एवरेज से लेकर हर वाहन का सालाना खर्च तक पूछा। गाड़ियों में लगी स्टेपनी को खुलवाकर टायरों की कंपनी तक को देखा। वाहनों की कंडीशन देख वे ऐसे नाराज हुए कि निरीक्षण के दौरान ही MTO (मोटर ट्रांसपोर्टस ऑफिसर) को जमकर फटकार लगाई और यह कहते हुए DIG को MTO को हटाने के निर्देश कि इन्हें यहां के बारे में कुछ नहीं पता है। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों की वर्दी और जूते खराब को लेकर भी जमकर फटकारा। एक सिपाही की वर्दी में कट देखकर भी IG गुस्साए।
वार्षिक दौरा और पुलिस दरबार में DRP लाइन पहुंचे IG व्यवस्थाओं को देख जमकर उखड़े। ऑफिसर मेस और वहीं बने उद्यान के उद्घाटन के लिए लाल फीता तो बंधा हुआ था, लेकिन उसे काटने के लिए कैंची उपलब्ध नहीं थी। IG ने पास खड़े अधिकारियों की और निगाह की तो थोड़ी देर में कैंची सामने थी। फीता काटने के बाद हवन पूजन कर आईजी साहब एमटी परेड में पहुंचे।
परेड ग्राउंड में पहुंचते ही परेड कमांडर ने उन्हें सलामी दी। सलामी देख IG ने फिर से सैल्यूट करने को कहा। सलामी के बाद जैसे ही कमांडर ने एक पर्ची देखकर यहां मौजूद सामग्री का विवरण दिया तो IG लाल हो गए। उन्हें डपटते हुए कहा कि ऐसे ही विवरण दिया जाता है क्या, गाड़ियों की संख्या भी याद नहीं रखी जाती है। गाड़ियों की संख्या बताने के बाद लगभग शब्द का इस्तेमाल करने पर IG उखड़ गए और बोले लगभग क्या होता है।
यहां से IG थाने में सिपाहियों को दी जाने वाली दोपहिया वाहनों को देखने पहुंचे। यहां पर बाइक के ऊपर लगे स्टीकर को देख वे भड़कते हुए बोले क्या ये गाड़ियां शोरूम में खड़ी हैं। इन पर बड़े स्टीकर लगाए थे, साथ ही किसी भी गाड़ी में यह अंकित नहीं था कि यह कितने किलोमीटर चली है। IG का कहना था कि यदि इसमें किलोमीटर दर्ज होगा तो मैं यह मिलान कर सकता हूं कि कौन सी गाड़ियां कितनी चली है। इसके बाद उन्होंने गाड़ियों की सर्विस डायरी देखी। साथ उन सभी सिपाहियों से हाथ उठाने को कहा जो डायरी लेकर आए थे। इसके बाद उनके हाथ उठवाए जो डायरी लेकर नहीं आए थे। हालांकि सभी डायरी लेकर यहां पहुंचे थे। यहां पर टूल किट, हेलमेट सहित चीजों को IG ने गाैर से देखा। सूबेदार सौरभ कुशवाह को गाड़ी बेहतर तरीके से रखने के लिए 500 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया।
यहां से IG का कारवां आगे बढ़ा और चार पहिया वाहनों की ओर पहुंच गया। यहां पर MTO श्याम सुंदर ने IG को गाड़ियाें से संबंधित जानकारी दी। गाड़ियों की सही संख्या नहीं बता पाने पर MTO को फटकार पड़ी। दौरे के दौरान किसी गाड़ी में एक नया तो एक पुराना टायर लगा था। IG ने गाड़ियों के भीतर जाकर सीट पर बैठकर भी जायजा लिया। पेंट्री वैन और कैदी वाहन के भीतर भी आईजी पहुंचे। कुछ गाड़ियों को स्टार्ट करके भी देखा। वज्र वाहन को स्टार्ट करते ही वह आगे बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने वज्र के ऊपर के नोजल को भी घुमवाकर देखा। इस दौरान गाड़ियों में खामी पाए जोन पर MTO को फिर से फटकारते हुए कहा कि अब यदि और गाड़ियों में कमियों मिलीं तो अभी हटा दूंगा। IG ने साथ चल रहे DIG को कहा कि MTO को यहां से हटा दें, क्योंकि इन्हें कोई जानकारी तो है नहीं।
यहां से वे जैमर वाहन और वीआईपी वाहन को देखने पहुंचे। वीआईपी वाहन को लेकर एवरेज के बारे में जानकारी ली। जवान ने बताया कि वैसे तो 8 का एवरेज है, लेकिन 6 से 7 के बीच में देती है। इस पर आईजी ने सवाल दागा कि कभी 8 का एवरेज मिला है क्या, इस पर जवान ने कहा कि सर लॉन्ग रूट पर मिला है। इसके बाद उन्होंने सर्विस बुक देखी। IG ने DIG से जैमर वाहन के बारे में जानकारी ली। IG ने बताया कि प्रदेश में दो ही वाहन हैं, एक भोपाल और इंदौर। इस पर उन्होंने कहा कि ये कौन-कौन से सिग्नल को जाम कर सकती है। इस पर DIG ने खुफिया जानकारी होने से बहुत ही धीरे और कम शब्दों में जानकारी दी। उन्होंने इसके इंचार्ज के बारे में जानकारी ली। इसके बाद आईजी थाना प्रभारियों की जीप को देखने पहुंचे। यहां पर भी टायर नए-पुराने नजर आए। ड्राइवर से स्टेपनी खोलकर दिखाने को कहा। इसके उन्होंने किसी कंपनी का टायर लगा है यह चेक किया।
आईजी दरबार में तीन ने बताई समस्या
खजराना में पदस्थ कनाड़िया में सरकारी क्वार्टर में रहने वाले आरक्षक ने कहा कि नर्मदा लाइन से प्रॉपर पानी नहीं आने से परेशानी बनी रहती है।
एक प्रधान आरक्षक ने अपने प्रमोशन को लेकर कहा तो वहां मौजूद संबंधित शाखा अधिकारी ने कहा कि इन पर एक मामला चल रहा है, इसलिए प्रमोशन लंबित है।
डीएसपी ट्रैफिक ने कहा कि सर्विस बुक अपडेट नहीं रहने से रिटायरमेंट के दौरान कई प्रकार की परेशानी आती है।
लापरवाही पर हल्की सजा देकर उसे सुधारा जाता है
IG ने दौरे के बाद कहा कि वार्षिक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जो कमियां रह जाती हैं उसमें सुधार आ आए। सभी अधिकारियों से चर्चा कर कमियों को सुधारा जाता है। यहां की पुलिस ने ठीक-ठाक काम किया है। पुलिस की समस्याओं को लेकर कहा कि समस्याएं हर जगह होती है। दरबार में जो समस्याएं बताई गई हैं, उसमें कई में काम हो रहा है। जो काम की जरूरत है, उसे करवाने को कहा गया है। गाड़ियों का रखरखाव सही से रहना चाहिए। वर्दी ठीक नहीं होने को लेकर कहा कि दो-चार कर्मचारी लापरवाही दिखाते हैं, उन्हें हल्की सजा देकर सुधारा जाता है। कोरोना को लेकर कहा कि समाज में हर व्यक्ति अपना रोल समझेगा तभी इससे निजात पाया जा सकेगा।

Sunday, 22 November 2020

08:04

मास्क लगाइये वर्ना पुलिस के सामने गिड़गिड़ाइये:deepak tiwari

इंदौर.इंदौर में शनिवार को चौराहों, बाजार और गलियों में लोग यहां-वहां बचकर भागते नजर आए। वे कोई और नहीं, बल्कि मास्क नहीं पहनने वाले लोग थे, जो निगम की चालानी कार्रवाई से बचकर भाग रहे थे। चालानी कार्रवाई से बचे लोग राहत की सांस तो लेते नजर आए, लेकिन इन्हें शायद पता नहीं था कि यह राहत रूपी खुली सांस, उन्हें कोरोना रूपी यमराज तक पहुंचा सकती है। चालानी कार्रवाई के दौरान दौड़ भाग के अलावा कई प्रकार के बहाने भी सुनने को मिले। किसी ने कहा- सांस लेने में दिक्कत होती है, तो कई बोला - मास्क टूट जाता है। किसी ने कहा- बस, यहीं तक आया था, छोड़ दो अभी लेकर आता हूं। किसी ने गाड़ी की चाभी निकालने पर आंख भी दिखाई। इन सबके बाद भी चालानी कार्रवाई जारी रही।
इंदौर में कोरोना के पलटवार से पुलिस-प्रशासन और नगर निगम एक्टिव मोड में आ गया है। प्रशासन ने जहां सभी से मास्क लगाने की अपील की। साथ ही, बात नहीं मानने पर कार्रवाई की बात भी कही। वहीं, पुलिस ने समझाइश के बाद मास्क सहित नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है। सबसे तेजी निगम ने दिखाई और एक बार फिर से मास्क नहीं लगाने वालों पर चालानी कार्रवाई शुरू की। मास्क नहीं पहनने पर 200 रुपए का स्पाॅट फाइन लगाया जा रहा है, साथ ही मास्क पहनने के लिए कहा जा रहा है।
शनिवार को जब निगम की टीम राजबाड़ा और जेल रोड पर पहुंची, तो यहां लोग मस्ती में नजर आए। चेहरे पर न मास्क था और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग। लाेग हाथों में हाथ लिए बतियाते घूम रहे थे। टीम ने चालानी कार्रवाई शुरू की, तो लोग भागने लगे। कोई गाड़ियों के पीछे से छिपकर निकला, तो किसी ने जिस ओर से आया, उसी ओर बाइक और साइकिल दौड़ा ली। जो पैदल थे, उनके पीछे टीम ने भी दौड़ लगा दी। इस लुकाछिपी में कई पकड़ाए तो कुछ भागने के बाद राहत की सांस लेते नजर आए।
पकड़ाया तो बोला - 100 रुपए ले लो, तुम कर सकते हो
निगम ने मास्क नहीं पहनने वाले एक युवक को दबोचा, तो वह बोला कि मास्क तो वह घर से लेकर चला था, पर कहीं गिर गया। इसके बाद कहने लगा- क्या करूं, मास्क की रबर टूट जाती है। जब निगम ने कहा कि 200 का चालान कटवा लो, तो बोला कि मेरे पास तो इतने हैं ही नहीं। चलो, 100 का चालान बना दो। इस पर टीम ने कहा कि चालान तो 200 का ही बनेगा। इस पर युवक बोला - अरे 100 का बना दो, कौन सा तुम्हारे घर जाएगा। निगम कर्मी ने कहा कि हां, मेरे घर तो नहीं जाएगा, पर चालान तो उतने का ही बनेगा। काफी देर बाद उसने चालान बनवाया। इसके अलावा एक युवक ने कहा कि उसके पास रुपए नहीं हैं, तो निगम ने पेटीएम के जरिए उससे चलाना भरवाया।
युवक बोला - 200 क्या, ऐसे लोगों से 500 रुपए वसूलो
युवा अरविंद ने कार्रवाई को लेकर कहा कि निगम की यह कार्रवाई जरूरी और सही है। मास्क लगाने और दूरी बनाए रखने से खुद का ही फायदा है। कोरोना महामारी से विश्व परेशान है। मास्क पहनने और दूरी बनाए रखने से किसी और को नहीं, बल्कि अपने को ही फायदा होगा। निगम नियमों का पालन नहीं करने वालों से 200 नहीं 500 रुपए चालान वसूले।
बिना मॉस्क घूमते 306 लोगों पर स्पॉट फाइन
शुक्रवार को शहर में बिना मॉस्क घूमते 306 लोगों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई कर 60 हजार 700 रुपए वसूले गए। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोगों से अपील है कि वे जब भी घर से बाहर निकलें तो मास्क अवश्य लगाएं। बिना मास्क घूमने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए सभी जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी और सीएसआई को अधिकार दिए गए हैं। ये अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मास्क नहीं लगाने वाले लोगों पर सीधे कार्रवाई करेंगे।
नवंबर में पहली बार 492 नए मामले मिले, 3 की जान भी गई
इंदौर में एक बार फिर से कोरोना विस्फोट हुआ। शुक्रवार रात को 492 संक्रमित मिले। साथ ही, 3 मरीजों की जान भी गई। इसके पहले 11 अक्टूबर को 453 मरीज मिले थे। इंदौर में एक दिन में सर्वाधिक 495 पॉजीटिव 1 और 9 अक्टूबर को सामने आए थे। नंबर के 20 दिनों में 2901 पॉजिटीव मरीज मिले और 47 मौतें हुईं। पिछले 3 दिनों में ही 10 मौतें और 1060 नए मरीज मिले हैं। अब तक जिले में जहां 729 मरीजों की जान गई। वहीं, 37115 संक्रमित मरीजों में 33693 मरीज ठीक होकर घर लौटे। शुक्रवार रात को 4684 टेस्ट में से 4153 की रिपोर्ट निगेटिव आई। जिले में अभी 2693 एक्टिव मरीज हैं। अब तक 1 लाख 52 हजार 731 रैपिड एंटीजन सैंपल लिए जा चुके हैं, जबकि 4 लाख 61 हजार 786 सैंपलों को जांचा जा चुका है।

Thursday, 19 November 2020

08:27

इंदौर में कोरोना अलर्ट:194 नए पाॅजिटिव, 3 की मौत deepak tiwari

इंदौर.दिवाली के पहले लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में आई कमी ने थोड़ी राहत दी थी। अब एक बार फिर से त्योहार बीतने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। बुधवार को एक निजी लैब से मिली रिपोर्ट में शहर की बड़ी ज्वेलरी शॉप के 20 कर्मचारी कोराेना पॉजिटिव मिले। इतनी बड़ी संख्या में पॉजिटिव मिले कर्मचारियों संपर्क में आए ग्राहकों व अन्य लोगों की सूची बनाई जा रही है। वहीं पूरे सेंटर को सैनिटाइज भी करवाया गया है।
मंगलवार रात 194 नए मरीज मिले। वहीं, 3 की मौत भी हुई। नवंबर के 17 दिनों में जहां 2841 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं। वहीं, 37 मौतें भी हुईं। एक्टिव मरीज की संख्या 2032 तक पहुंच गई है। देर रात 2274 टेस्ट सैंपलों की रिपोर्ट आई, जिसमें से 2040 निगेटिव मिले। वहीं, अब तक कुल 1 लाख 46 हजार 183 रैपिड एंटीजन सैंपल लिए जा चुके हैं, जबकि अब तक 4 लाख 49 हजार हजार 919 टेस्ट किए जा चुके हैं। अब तक संक्रमित मिले 36055 मरीजों में से 34304 मरीज ठीक होकर लौट गए हैं, वहीं 719 की मौत हो चुकी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रवीण जडिया ने बताया कि निजी लैब में जांच करवाने पर ज्वेलरी शॉप के 20 कर्मचारियों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। मरीजों की सूची मिलने के बाद उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाने पर जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा उनके सेंटर को भी सैनिटाइज करवाया जा रहा है। त्योहार के दौरान उनके शॉप पर आए लोगों से लिस्ट या बिल के जरिए सूची बनाकर संपर्क किया जाएगा। सेंटर को पूरी तरह से सैनिटाइज कर वे इसे फिर से शुरू कर सकते हैं।
115 क्षेत्रों में मिले मरीज, सुखलिया सबसे संक्रमित क्षेत्र
मंगलवार रात 115 क्षेत्रों से मरीज सामने आए। इनमें सुखलिया सबसे संक्रमित क्षेत्र रहा यहां पर 9 मरीज मिले हैं। इसके अलावा विजयनगर, स्कीम नंबर 74 में 8, एमआईजी कॉलोनी में 6, चोइथराम अस्पताल में 6, तिलक नगर में 5, मल्हारगंज कैलाश मार्ग में 4, बाणगंगा में 4, श्री नगर एक्टेंशन में 4, महालक्ष्मी नगर में 4, त्रिवेणी कॉलोनी में 4, शांति निकेतन कॉलोनी में 4 और आरआर कैट कॉलोनी में 4 मरीज मिले हैं। वहीं, उषा नगर में 3, रेस क्रॉस रोड में 3, लुनियापुरा में 3, वल्लभ नगर में 3, स्कीम नंबर 114 में 3, वेंकटेश नगर में 3, सिमरोल रोड पर 3 मरीज मिले हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों में एक या दो मरीज पाए गए हैं।

Monday, 16 November 2020

07:44

भक्तवत्सल लक्ष्मीनारायण:deepak tiwari

इंदौर.शहर से करीब 45 किमी दूर देपालपुर में देश का एक मात्र लक्ष्मीनारायण मंदिर है, जिसमें विष्णुजी के 24 अवतारों की मूर्तियां भी स्थापित हैं। मंदिर निर्माण के समय विधान के अनुसार लक्ष्मीनारायण की प्रतिमा के नीचे कुरूम क्षेत्र बनाया गया था, जिसमेंं पाइप के जरिए 25 लाख से ज्यादा का सोना गुप्त दान किया था।
मंदिर का निर्माण 20 बीघा जमीन पर 11 लाख ईंटों से महज 500 दिन में हुआ है। मंदिर की नींव 1968 में हुए विष्णु यज्ञ में अनंत श्री जयकरणदास भक्तमाली ने रखी थी। हालांकि तब निर्माण नहीं हो पाया था, लेकिन इसके लिए प्रयास शुरू हो चुके थे। 2016 में मंदिर बनकर तैयार हुआ। लक्ष्मीनारायण मंदिर के निर्माण में सीमेंट, रेत का इस्तेमाल हुआ, लेकिन लोहा नहीं लगाया है।
देशभर की मूर्तियां देख तय किया स्वरूप
मंदिर के भक्तों के अनुसार मूर्ति के चयन के लिए देशभर के कई लक्ष्मीनारायण मंदिरों के दर्शन किए गए। फिर गीताप्रेस गोरखपुर से जुड़े लोगों से संपर्क किया। उन्होंने ही 24 अवतारों के बारे में जानकारी दी। उसी अनुसार मंदिर में प्रतिमाओं की स्थापना की गई।
पहले आईं लक्ष्मी फिर खिले कमल
मंदिर से कुछ दूरी पर गुलावट में तालाब कमल के फूलों से भरे हुए हैं। लक्ष्मीनारायण मंदिर की नींव रखने के बाद ही गुलावट में कमल खिले, ताकि ये महालक्ष्मी को अर्पित हो सकें। हर शाम लक्ष्मीनारायण अलग-अलग शृंगार होता है। मंदिर में हर साल दीपावली, गुरुपूर्णिमा पर बड़े आयोजन होते हैं।
बिड़ला को इनकार कर यहां बनाया मंदिर
मंदिर निर्माण से जुड़े चिंटू वर्मा ने बताया यहां के बुजुर्ग कहते हैं उस दौर में बिड़ला ने भी मंिदर निर्माण के लिए गुरुजी से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने यहां प्राथमिकता दी।

Wednesday, 4 November 2020

21:49

deepak tiwari करवा चौथ के दिन कोरोना को मात देकर घर लौटे इंदौर के अवार्डी कांस्टेबल डबडबा गईं पत्नी की आंखें

इंदौर.तुकोगंज में पदस्थ राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित कांस्टेबल लोकेश गाथे बुधवार को कोरोना को मात देकर अपने घर लौट आए। उनकी रिपोर्ट मंगलवार शाम को निगेटिव आई थी। बुधवार को करवाचौथ के दिन गाथे के घर लौटने पर पत्नी, बच्चों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खुशी से आंखें डबडबा उठीं। पत्नी ने कहा कि जिस दिन मुझे पता चला कि वे पॉजिटिव आए हैं। मेरे पास वो शब्द नहीं है, जिससे मैं ये बता सकूं कि उस दिन मैं कैसा फील कर रही थी। हमारे जीवन में व्रत, नियम-धर्म का बहुत महत्व है।
17 साल से पुलिस विभाग में रहते हुए देश सेवा कर रहे आरक्षक लोकेश गाथे ने बताया कि वे कोरोना की चपेट में कब आए इस बात का उन्हें पता नहीं है। 6 अक्टूबर को जब वे ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उन्हें तबीयत खराब होने का एहसास हुआ। उन्होंने थाना प्रभारी को इस बात की सूचना दी और पांच दिन का अवकाश मांगा, साथ ही यह भी कहा कि सर हो सकता है मुझे कोरोना हो गया हो। अवकाश मिलने के बाद वे घर पहुंचे और डॉक्टर से संपर्क कर खुद को आइसोलेट कर दिया। इस दौरान उन्हें बुखार, खांसी चलती रही। डॉक्टर से दवाई लेने के तीन दिन बाद वे खुद को स्वस्थ महसूस करने लगे। डॉक्टर से बात करने पर उन्होंने कहा कि दो दिन बिना दवाई के रहो। दवाई नहीं लेने पर खांसी चली तो डॉक्टर से बात की। इसी दौरान 10 अक्टूबर को मेडिकल टीम कोरोना जांच के लिए हमारे कैंपस में आई। मैंने यहां सैंपल दिए, लेकिन यह रिपोर्ट कोरोना निगेटिव थी।
गाथे के अनुसार कोरोना की रिपोर्ट तो निगेटिव आ चुकी थी, लेकिन खांसी ऐसी चल रही थी मानो खांसी का अटैक आ रहा हो। बिना रुके लगातार काफी देर तक खांसी चलती रहती थी। इस दौरान सांस लेने में भी तकलीफ हाेने लगी थी। इसके बाद मैं फिर डॉक्टर के पास पहुंचा, जहां उन्होंने सिटी स्कैन करवाने को कहा। 13 अक्टूबर को सिटी स्कैन की रिपोर्ट से पता चला कि मेरे चेस्ट में 20 से 25 फीसदी तक इंफेक्शन फैल चुका है।
इसके बाद मैंने फिर से कोरोना टेस्ट करवाया तो शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मेरे साथ ही परिवार की हालत खराब हो गई। मैं अस्पताल के लिए रवाना हुआ तो बच्चे और पत्नी रोने लगे। मैंने उन्हें ढाढ़स तो बंधाया, लेकिन मेरी भी स्थिति कुछ वैसी ही थी। मुझे चिंता इस बात की थी कि कहीं बच्चे और पत्नी पॉजिटिव ना आ जाएं। इसी चिंता में 13 से लेकर 15 अक्टूबर तक मेरा समय बहुत मुश्किल से गुजरा। क्योंकि 13 को जांच करवाने के दो दिन बाद तक पत्नी और बच्चों के रिपोर्ट की कोई जानकारी नहीं मिली।
गाथे ने कहा कि इसके बाद मैंने एसडीएम सर से मदद मांगी, जिसके बाद उन्होंने बताया कि वे लोग निगेटिव हैं। निगेटिव शब्द सुनकर मानो मेरा आधा कोरोना दूर हो गया था। गाथे ने बताया कि मेरे परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी सपना, बेटा अनुशा और बेटा रिद्धियांश है। उनके अनुसार माता-पिता परेशान नहीं हों, इसलिए उन्हें अपने पॉजिटिव आने की जानकारी मैंने नहीं दी। मंगलवार शाम को जब रिपोर्ट निगेटिव आई तक उन्हें इस बारे में बताया।
पत्नी सपना ने कहा कि उनके पॉजिटिव आने के बाद जो मैंने फील किया उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती है। बच्चे और मेरे खुद के पॉजिटिव आने की संभावना थी। बच्चे और हम तीनों ही लोग घर पर हैं। यदि मैं भी पॉजिटिव आ जाती तो बच्चों की देखरेख कौन करता। करवाचौथ के एक दिन पहले निगेटिव रिपोर्ट आने को लेकर कहा कि इस उपवास का बहुत महत्व है। हमारी संस्कृति में जो नियम बनाए गए हैं, वे कहीं ना कहीं हमें जरूर जोड़ते हैं। वे निगेटिव आए, इसके लिए मैं भगवान का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं।

Saturday, 31 October 2020

21:17

इंदौर में 89 दिनों बाद संक्रमिताें का आंकड़ा 100 से कम आया 89 नए संक्रमित मिले अब तक 4 लाख से ज्यादा लोगों की हुई जांच deepak tiwari

इंदौर.इंदाैर में काेराेना काे लेकर राहतभरी खबराें का आना जारी है। तीन दिनाें तक लगातार माैत का आकड़ा शून्य आने के बाद शुक्रवार रात काे 89 दिनों बाद संक्रमिताें का आंकड़ा 100 से कम आया। देर रात 89 संक्रमित मिले, जबकि एक मरीज के मौत की पुष्टि हुई। इसके पहले 2 अगस्त को 91 और 3 अगस्त को एक ही दिन में 89 नए पाजीटिव निकले थे। एक और अच्छी बात यह भी है कि महीनों बाद एक्टिव मरीजाें की संख्या 3 हजार से कम हुई है। वहीं, सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज इसी महीने 1 अक्टूबर मिले थे। दिन दिन 495 नए मरीज मिले थे। साथ ही 6 मरीजों की जान भी गई थी। वहीं, अब तक 4 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच हो चुकी है।
शुक्रवार देर रात 4097 सैंपलाें की जांच रिपाेर्ट आई, जिसमें 3994 की रिपोर्ट निगेटिव आई। अब तक जिले में 4 लाख 3 हजार 741 सैंपलों की जांच हो चुकी है। इनमें 34042 संक्रमित मरीज मिले हैं। अब तक 30,531 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 682 मरीजों की जान जा चुकी है। अभी भी जिले में 2829 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, रैपिड एंटीजन सैंपल की संख्या 1 लाख 16 हजार 11 हो गई है। अक्टूबर महीने में अब तक 9463 पाजीटिव मरीज मिले हैं, जिसमें आखिरी छह दिनों में सिर्फ 725 ही नए पाॅजीटिव आए हैं। वहीं इस महीने अब तक 109 लोगों की जान गई है।
56 क्षेत्रों में मिले पॉजिटिव, स्कीम नंबर - 54 सबसे ज्यादा संक्रणित
देर रात 56 क्षेत्रों से संक्रमित सामने आए। इसमें स्कीम नंबर - 54 सबसे ज्यादा संक्रमित क्षेत्र रहा। यहां पर 9 पॉजिटिव मरीज मिले। इसके अलावा विजय नगर, स्कीम नंबर, 114 और 74 में 8, सुदामा नगर में 4, केंट एरिया महू में 4, कनाड़िया में 4, जूनी इंदौर में 3, बिलानी पार्क में 3, खजराना, गोयल विहार में 2, नेहरू नगर में 2, परदेशीपुरा में 2, बख्तावर रामनगर में 2, वसंत विहार कॉलोनी में 2, शिवधाम कॉलोनी में 2, शालीमार टाउनशिप में 2, सर्व सुविधा नगर में 2, तेजाजी नगर में 2 और आशीष नगर में दो मामले सामने आए हैं। इसके अलावा 41 क्षेत्रों में 1-1 मरीज मिले हैं।

Thursday, 29 October 2020

05:12

सर्विस रोड पर एक साथ लटकते मिले युवक व युवती के शव इलाके में हड़कंप deepak tiwari


इंदौर। सुपर कॉरिडोर के पास सर्विस रोड पर आज सुबह एक युवक और युवती के शव पेड़ पर टंगे हुए मिले हैं। दोनों ने अलग-अलग कपड़ों से फांसी लगाई। युवक-युवती कौन है फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर आला अधिकारी जांच के लिए पहुंचे हैं ।

दरअसल सुबह सफाई कर्मी जब झाड़ू लगा रहे थे तभी उन्होंने ब्रिज के नजदीक सर्विस रोड के अंदर एक युवक और युवती का शव टंगा हुआ देखा। पेड़ों के बीच में एक पेड़ पर ही दोनों ने फांसी लगाई थी। युवक पीछे की तरफ था जबकि युवती आगे थी । दोनों के कपड़ों से ऐसा लग रहा था कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़े हुए हैं। फिलहाल आशंका प्रेम प्रसंग में खुदकुशी करने की लग रही है । हालांकि पुलिस ऑनर किलिंग के एंगल पर भी जांच कर रही है ।

चौकीदार परिवार के निकले लड़का-लड़की
पुलिस ने लाशों को उतरवाकर तलाशी ली तो लड़के की जेब से पर्स निकला उसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान दिलीप पिता विक्रम पवार मूल निवासी ग्राम लोहारदा कांटा फोड़ के रूप में हुई बताया जा रहा है निपानिया के पास हरि कृष्ण विहार कॉलोनी में चौकीदारी का काम करता है वही लड़की की पहचान दुर्गा के रूप में हुई है वह भी चौकीदार परिवार से ही जुड़ी हुई है बताया जा रहा है दोनों कल एक साथ भाग गए थे। जहां मिले हैं उसे थोड़ी ही दूरी पर मोटरसाइकिल नंबर एमपी 41 एमके 8795 भी मिली है

Monday, 19 October 2020

18:20

6 रात से न्यूनतम पारा सामान्य से 6 डिग्री तक ज्यादा जमकर बरसे बदरा deepak tiwari

इंदौर.अक्टूबर आधे से ज्यादा बीत गया, लेकिन दिन-रात के सामान्य से अधिक चल रहे तापमान और समुद्र से आ रही नम हवाओं के कारण उमस भी सामान्य से ज्यादा है। पिछली छह रात से न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड हो रहा है। दिन का तापमान भी 10-12 दिन से सामान्य से 1 से 3 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं रविवार रात शहर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई।
रविवार को अधिकतम तापमान शनिवार के 32.8 डिग्री से 1.1 डिग्री बढ़कर 33.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा है। इधर शनिवार रात न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है। शुक्रवार रात यह 23.8 डिग्री तक गया था। 13 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34.3 रहा। वहीं 8 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री तक गया था।
दरअसल वातावरण में आर्द्रता (नमी) 30 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत होने, हलके बादल छाने और हवा उत्तरी नहीं होने के कारण तापमान ज्यादा रिकॉर्ड हो रहा है। मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हलकी बारिश हो रही है, लेकिन मालवा में इसका असर नहीं होने से उमस हो रही है। मौसम पूरी तरह साफ होने और हवा उत्तर भारत से आने से मौसम में ठंडक आएगी। हालांकि इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। अक्टूबर अंत तक मौसम इसी तरह का रहेगा।

Tuesday, 6 October 2020

16:14

इंदौर में समाजसेवी सूदन का निधन बेसहारा और मजबूरों के थे पापाजी TAP NEWS

deepak tiwari 
इंदौर.बेसहारा और मजबूरों के पापाजी समाजसेवी अमरजीत सिंह सूदन नहीं रहे। मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद उन्होंने निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूदन ने करीब 50 सालों तक सामाजिक कार्य करते हुए कई लोगों को नया जीवन दिया तो कई का अपने हाथों से अंतिम संस्कार किया। कई के कीड़े लगे घावों को खुद साफ किया। उनकी इंसानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2006 में बिलावली तालाब में डूबी लड़की का तन ढंकने के लिए कपड़ा नहीं मिलने पर अपनी पगड़ी उतार दी थी। इसके लिए उन्हें समाज के रोष का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कहा था कि ऐसे काम के लिए वे बार-बार ऐसा करेंगे।
सड़क किनारे, बस स्टैंड कहीं भी बेसहारा दिखे, तो सूदन मदद को खड़े रहते थे।
मानवता की मिसाल थे सूदन
पुलिस कंट्रोल रूम पर यदि कोई व्यक्ति फोन कर ये सूचना देता है कि शहर की किसी सड़क, गली या मोहल्ले में कोई बीमार व्यक्ति पड़ा है, जिसके शरीर में कीड़े पड़ गए हैं, दुर्गन्ध आ रही है तो वहां से उसे 9926302002 या 9425074227 ये दो नंबर दिए जाते थे। ये नंबर किसी अस्पताल या एम्बुलेंस के नहीं, बल्कि इंदौर में रहने वाले समाजसेवी अमरजीत सिंह सूदन के थे। जैसे ही उनके पास ऐसे किसी व्यक्ति की सूचना आती है, वैसे ही वे अपनी बाइक उठाकर उसके पास पहुंच जाते और फिर अपनी बाइक पर या रिक्शा से या फिर एम्बुलेंस बुलाकर उसे ज्योति निवास या किसी ऐसे आश्रम ले जाते थे, जहां वे उसके घाव को किसी तरह साफ कर सकें। उसके घाव को साफ करके कीड़ों को बाहर निकालकर या तो वो उसे अस्पताल में भर्ती करा देते थे या फिर किसी वृद्धाश्रम या अनाथ आश्रम में पहुंचा देते थे।
इलाज के साथ कई लोगों का अंतिम संस्कार भी किया।
ऐसी है मदद की मिसाल बने सूदन की कहानी
खंडवा के रहने वाले सूदन को पीड़ितों की सेवा करने की सीख उन्हें अपने पिता से मिली थी। मदद का सिलसिला 14 साल की उम्र से शुरू हुआ था। जब एक बार वे स्कूल जा रहे थे। यहां एक बुजुर्ग महिला रो रही थी और उसके पास एक व्यक्ति लेटे हुए थे। जब सूदन ने उनसे पूछा कि आप ऐसे क्यों रो रही हैं। इस पर उन्होंने बताया कि लेटे हुए व्यक्ति उनके पति हैं और उनकी मृत्यु हो चुकी है। मेरे पास इतने रुपए नहीं हैं कि मैं उन्हें घर तक लेकर जा सकूं या फिर उनका अंतिम संस्कार कर सकूं। इस पर मैं दौड़कर अपने घर गया और अपना गुल्लक तोड़ दिया। उसमें 12-15 रुपए थे, उससे मैंने उनका अंतिम संस्कार किया। जब घर लौटा तो पिता ने कहा कि बेटा आज बहुत लेट हो गए। इस पर मैंने उन्हें पूरा वाक्या सुनाया तो उन्होंने मुझे गले से लगा लिया और बोले इतनी सी उम्र में तुमने बहुत बड़ा काम किया है।
24-25 साल के लड़के के शरीर में रेंग रहे थे कीड़े
सूदन को एमवाय अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर एक 24-25 साल का लड़का दिखा, उसकी पीठ में एक बड़ा घाव था, जिसमें कीड़े लगे हुए थे। पूरा शरीर बदबू मार रहा था, उसे देखकर उन्हें लगा कि इसके लिए कुछ करना चाहिए। इस पर वे उसे एमवाय लेकर गए, लेकिन वहां कोई उसे रखने को तैयार नहीं हुआ। इस पर वे उसे लेकर मदर टेरेसा के ज्योति निवास लेकर पहुंचे। वहां अपने हाथों से पहले उसके घाव को धोकर कीड़े निकाले और फिर उसका इलाज कराया। बाद में पता चला कि वो झारखंड का रहने वाला था। उससे पता पूछकर उसके घरवालों को इंदौर बुलाया और वो उसे लेकर वापस अपने गांव चले गए।
85 साल की वृद्धा को उठाकर गुरुद्वारा ले गए थे
14-15 साल की उम्र में ही सड़क किनारे बैठी एक 85 साल की महिला बारिश में भीग रही थी। महिला के पैर में घाव था, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे। शरीर से बदबू भी आ रही थी। सुदन ने उस वृद्धा को अपनी पीठ पर उठाया और गुरुद्वारे ले गए। यहां पर ज्ञानी जी से कहकर उन्हें रहने की जगह दिलवाई। लंगर से खाकर खाना खिलाया। अगले दिन उसे अस्पताल लेकर गए। महीनों चले इलाज के बाद वृद्धा स्वस्थ्य हो गई।
पग उतारने पर झेलना पड़ा था आक्रोश
2006-7 में पुलिस द्वारा उन्हें जानकारी मिली कि बिलावली तालाब में एक युवती की लाश मिली है। मौके पर पहुंचे तो पता चला कि वह पन्नी बिनने वाली 12-13 साल की नाबालिग बच्ची थी। वहां पर फायर टीम मौके पर थी। अंधेरा होने से फायर ब्रिगेड ने काम बंद करने को कहा। इस पर मैं रोड पर गया और कुछ कार वालों से निवेदन किया कि मेरी बच्ची तालाब में डूब गई है। लाइट नहीं होने से उसे निकालने में परेशानी आ रही है। इस पर वे तालाब की मेड से लाइट दिखाने लगे। बच्ची बाहर आई तो उसके शरीर पर पकड़े नहीं थे। पास में मौजूद झोपडी और बंगले वालों से चादर या कोई कपड़ा मांगा तो उन्होंने नहीं दिया। वापस आया तो हजारों लोग बच्ची को घूर रहे थे। इस पर मैंने अपनी पगड़ी उतारी और उसे ऑटो से लेकर अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टरों से तत्काल इलाज के लिए कह दिया कि मेरी बच्ची है। पग उतारने पर समाज वालों ने नाराजगी जताई, जिस पर उन्होंने सीधा जवाब दिया। ऐसी परिस्थिति में हर बार वे ऐसी गलती करेंगे।
घाव से कीड़े तक खुद साफ करते थे।
मां को मरने के लिए एमवाय के बाहर छोड़ गए थे बच्चे
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे सूदन काे याद करते हुए कहते हैं वे बिना किसी शुल्क के दिनभर यह काम करते थे। अपने स्वयं के खर्च से वे लोगों की मदद करते थे। हमारे पास एक बुजुर्ग महिला की खबर आई थी। वह बोल नहीं पा रही थी। उनके बच्चे उन्हें एमवाय अस्पताल के सामने रखकर चले गए थे। इसकी जानकारी सूदन को मिली तो वे खुद वहां पहुंचे, महिला की सफाई करवाई। इसके बाद इलाज करवाया। ठीक होने पर उन्होंने अपना नाम पता बताया। इसके बाद सागर जिले से उनके बच्चों को बुलाया गया। पुलिस की समझाइश के बाद वे उन्हें घर लेकर गए। संक्रमण काल में भी सूदन ने अपनी मां की तरह उनका लालन-पालन किया था।
संस्था बनाना नहीं चाहते थे
सूदन ने कई लोगों की मदद की। लोग उन्हें एक संस्था बनाकर उसके माध्यम से सेवा करने की सलाह देते थे, लेकिन वे कभी कोई संस्था बनाना नहीं चाहते थे। वे कहते थे कि मैं अपने मन की तसल्ली के लिए ये काम करता हूं. संस्था बनाकर मैं कोई तामझाम खड़ा करना नहीं चाहता। एम्बुलेंस, रिक्शा, दवाई, इलाज आदि के खर्च की व्यवस्था कैसे होती है ये पूछने पर वो बताते थे कि मेरे कुछ मित्र हैं, जिन्हें मुझ पर पूरा भरोसा है। वो हर नेक काम के लिए मेरी मदद करते हैं। वे बताते थे मेरे पिताजी मुझसे कहते थे कि अगर कोई अमीर बीमार पड़ता है तो लोग हाज़री लगाने पहुंच जाते हैं, लेकिन जो लोग सड़कों पर घूम रहे हैं, उनके लिए कोई नहीं सोचता है। अगर तू इनके लिए कुछ कर सकता है, तो ज़रूर करना।

Sunday, 4 October 2020

18:28

सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 1 हजार लीटर की जगह 10 हजार लीटर का ऑक्सीजन टैंक लगाया tap news

इंदौर.deepak tiwari सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 10 हजार लीटर क्षमता का ऑक्सीजन का टैंक लगा दिया है। पहले यहां एक हजार लीटर का टैंक लगा था। बार-बार ऑक्सीजन खत्म होने के डर से इसकी हर घंटे निगरानी करना पड़ती थी। 28 अगस्त को यह अस्पताल कोविड मरीजों के लिए शुरू किया था।
अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया अब तक 600 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा की कोशिशों के चलते यह 10 गुना क्षमता का टैंक लगा है। इसे तीन दिन में एक बार ही भरना होगा। पहले दिन में चार बार ऑक्सीजन भरना पड़ती थी।
इस कारण डर रहता था कि कहीं ऑक्सीजन खत्म न हो जाए। अब सभी 402 बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो पाएगी, जिससे कोविड मरीजों को समस्या नहीं होगी। अस्पताल में कोविड मरीज भर्ती होने से नए ऑक्सीजन टैंक से लाइन कनेक्ट करना चुनौती था। डॉ. एडी भटनागर, डॉ. डीके शर्मा भी मार्गदर्शन करते रहे।

Thursday, 1 October 2020

13:05

स्व. माधवराव सिंधिया की 19वीं पुण्यतिथि पर deepak tiwari

इंदौर.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. माधवराव सिंधिया की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार काे माल्यार्पण के लिए पहली बार बड़ी संख्या में भाजपाई जुटे। बंगाली चौराहा स्थित सिंधिया की प्रतिमा पर मंत्री तुलसी सिलावट, वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्ण मुरारी मोघे, सांसद शंकर लालवानी सहित नगर के कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया। इस मौके पर भाजपा के विधायक रमेश मेंदोला, विधायक महेंद्र हार्डिया समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंत्री सिलावट ने स्व. सिंधिया को नमन किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से सिंधिया परिवार के करीबी माने जाने वाले प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और कृष्णमुरारी मोघे भी पहुंचे। जहां उन्होंने सिंधिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। साथ ही वहां मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को माधवराव सिंधिया के जीवन से परिचित करवाते हुए, उनके सिद्धांतों पर चलने की शपथ दिलाई।
मंत्री सिलावट, सांसद लालवानी सहित बड़ी संख्या में भाजपाई कार्यक्रम में मौजूद रहे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे ने उन्हें याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार गुना से लोकसभा का चुनाव जीते ताे एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जब वे कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे तो मांगीलाल वैद्य नामक कार्यकर्ता ने कहा दिया कि जीतने के बाद कोई नेता किसी की चिंता नहीं करता। इस पर इतने आहत हुए कि रातभर वे इसी बारे में सोचते रहे। यह संवेदनशीलता नेता का पहला गुण है जो माधवराव जी में कूट-कूट कर भरा हुआ था। वे नेता नहीं एक जनसेवक थे। विकास की बात करें तो रेलवे का जो आज हम विकास देख रहे हैं। उनके रेल मंत्री बनने के बाद कई काम हुए। आज जो विराट विकास की गाड़ी दौड़ रही है। यह उन्हीं की देन है।
06:24

शिवराज बोले-3 नवम्बर के बाद हम बंगाल आ जाएंगे तब तक आप एमपी में रहो deepak tiwari

इंदौर।  प्रदेश में होने वाले 28 सीटों के उपचुनाव में अब विजयवर्गीय को भी एक बड़ी जवाबदारी दी जा रही है। उनके पास पहले से ही मालवा और निमाड़ की सीटों की जवाबदारी तो है ही, वहीं स्टार प्रचारक के रूप में वे अब चंबल और ग्वालियर भी जाएंगे। कल हुई कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विजयवर्गीय से कहा कि 3 नवंबर के बाद हम सब बंगाल आ जाएंगे, तब तक आप प्रदेश में ही रहकर चुनाव की बागडोर संभालिए।
कल भोपाल में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक के साथ‑साथ कोर कमेटी की बैठक भी हुई थी। इस बैठक में प्रदेश भर के वरिष्ठ भाजपा नेता भी शामिल हुए थे। बैठक को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, महामंत्री सुहास भगत, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। जब मुख्यमंत्री के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा कि सभी 28 सीट हम जीत रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के दुष्प्रचार के चलते हैं हमें सावधानी रखना होगी। उन्होंने विजयवर्गीय से कहा कि अब चुनाव होने तक आप प्रदेश में ही डेरा डाल लो, 3 नवंबर के बाद हम सब बंगाल आ जाएंगे। उन्होंने विजयवर्गीय से कहा कि अब प्रदेश को आपकी जरूरत है।

Thursday, 24 September 2020

16:42

इंदौर में नवरात्रि पर कलेक्टर की अपील 6 फीट से बड़ी प्रतिमा ना बनाएं tni

tap news india deepak tiwari
इंदौर.इंदौर समेत प्रदेशभर में नवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गृह मंत्रालय इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी कर चुका है। इसी को लेकर गुरुवार को कलेक्टर मनीष सिंह ने निगम और पुलिस के साथ मिलकर माता की प्रतिमा बना रहे मूर्तिकारों से बात की। कलेक्टर ने इन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि आप 6 फीट से ऊंची प्रतिमाएं नहीं बनाएं। यदि किसी ने बना भी ली है तो वे उसे किसी को नहीं दें। यदि कहीं ऐसा देखने में आया तो स्थापना करने वाले के साथ प्रतिमा को बनाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि शहर के सभी मूर्तिकारों के साथ बैठक की गई है। इसमें उन्हें कहा गया है कि गाइडलाइन के अनुसार ही प्रतिमा का निर्माण करें। यदि किसी ने 6 फीट से ज्यादा ऊंची प्रतिमा बना ली है तो वे किसी को नहीं दें। ऐसा करने पर स्थापना करने वालों के साथ ही मूर्तिकार पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें यह भी बताया गया कि खजराना में नियमों उल्लंघन करने पर हमें सख्त कार्रवाई करना पड़ी थी। इस बार यदि ऐसा कुछ होता है तो कड़ी कार्रवाई होगी।
अगले साल से नहीं बनेंगी पीओपी की प्रतिमाएं
कलेक्टर ने कहा कि कुछ लोग प्रतिबंध के बाद भी पीओपी की प्रतिमाएं बना रहे हैं, यह पूरी तरह से गलत है। ये प्रतिमाएं पानी के लिए काफी हानिकारक हैं। इस पानी को यदि जानवर भी पीते हैं, उनकी मौत तक हो जाती है। मूर्तिकारों की कुछ समस्याएं थीं, जिसके लिए पांच मूर्तिकारों की एक कमेटी गठित की गई है। ये सदस्य हमसे संपर्क में रहेंगे। उनकी जो भी समस्याएं होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि उनका व्यापार बढ़ेगा, घटेगा नहीं।
अगले साल से उन्होंने मिट्टी की प्रतिमा बनाने का आश्वासन दिया है। जहां भी सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाएं विराजित होंगी, वहां 100 से ज्यादा लोग नहीं रहेंगे। यदि कोई कार्यक्रम भी होता है तो उसमें 100 से ज्यादा लोग नहीं होंगे। इन सबके लिए एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। गरबे नहीं होंगे, गली मोहल्ले के गरबों पर भी निगरानी रखी जाएगी। चल समारोह, या जुलूस पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
नवरात्रि को लेकर ये है गाइडलाइन
प्रतिमाएं अधिकतम 6 फीट ऊंची हो सकती हैं। पंडाल का साइज भी 10 बाई 10 फीट अधिकतम होगा।
सामाजिक/सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में 100 से कम व्यक्ति ही रह सकेंगे हैं। कार्यक्रम की पूर्व से अनुमति लेनी जरूरी।
किसी भी तरह के जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। गरबा भी नहीं होगा। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्तियों के समूह को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। आयोजकों को अलग से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति पहले से लेनी आवश्यक है।
झांकियों, पंडालों और विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करेंगे। साथ ही शासन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का भी पालन करना होगा।
सभी दुकानें रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इसमें रेस्टोरेंट, मेडिकल, राशन, भोजनालय और खानपान से संबंधित दुकानें 8 बजे के बाद अपने निर्धारित समय तक खुल सकती है। रात 10:30 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना किसी कारण के घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर कम भीड़ होना चाहिए।
नियमों का पालन नहीं करने पर दुकान संचालक पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और सजा दोनों तरह का दंड होगा।

Wednesday, 23 September 2020

12:01

जीएसटी के नोटिस से झल्लाया कारोबारी जाने क्यों tni

deepak tiwari
इंदौर।  जीएसटी के नोटिस से झल्लाया कारोबारी डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर में घुसकर उन्हें जूते से मारने दौड़ा और वहां रखी फाइलें भी फेंक दीं। कमिश्नर ने इस मामले की शिकायत पुलिस को की है।

 
संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक डीएस चौहान जीएसटी के स्टेट टैक्स डिप्डी कमिश्नर हैं। कमिश्नर ने शिकायत में बताया कि उन्होंने बिचौली हप्सी रोड स्थित एटूझेड क्रिएशन नामक कंपनी को जीएसटी नहीं भरने के चलते पंजीयन निरस्त करने का नोटिस दिया था। इसके बाद कंपनी का निखिलेश जैन आरएनटी मार्ग स्थित आयकर दफ्तर में आया और जातिसूचक शब्द कहते हुए पैर में पहना जूता निकाला और मारने दौड़ा। यही नहीं, दफ्तर में रखी फाइलें भी फेंक दीं। आरोप है कि जैन ने पहले भी इस तरह जीएसटी को लेकर बवाल किया था। पुलिस ने उस पर कार्रवाई की है।
07:09

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ही मास्क की जरूरत नहीं tap news india deepak tiwari

इंदौर.मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस बेकाबू है, लेकिन खुद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ही मास्क नहीं लगा रहे। बुधवार को जब वे इंदौर आए, तो यहां 4 घंटे तक अलग-अलग सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हुए। इनमें खासी भीड़ भी रही, लेकिन मंत्री कोरोना गाइडलाइन का पालन करते नहीं दिखे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बेहिचक कह दिया, ‘मैं कभी मास्क नहीं पहनता। मैं यहां क्या, किसी भी कार्यक्रम में मास्क नहीं पहनता। इससे क्या होता है। मैं तो कभी मास्क पहनता ही नहीं हूं।’
दरअसल इंदौर वही शहर है, जहां मास्क नहीं पहनने वालों से निगम टीम 200 रुपए का स्पॉट फाइन वसूल रही है। इसे लेकर विवाद भी हो रहे हैं। यहां 22 सितंबर को ही निगम टीम ने 339 लोगों से 65 हजार 400 रुपए वसूले थे।
सवाल उठे तो बोले- सांस की तकलीफ है
गृह मंत्री ने बाद में अपनी सफाई में कहा- सांस लेने में तकलीफ की वजह से कभी-कभी मास्क नहीं लगाता हूं। मैंने कई कार्यक्रमों में मास्क लगाया है। प्रदेश के लोगों से अपील है कि वे भी मास्क लगाएं और कोविड नियमों का पालन करें।
इससे पहले मास्क को लेकर उड़ाया था मजाक
गृह मंत्री का कुछ दिनों पहले अपने ही चेहरे की फोटो वाला मास्क पहनने का वीडियो वायरल हुआ था। मास्क को देखकर नहीं लगता था कि उनके चेहरे पर कुछ है। इससे पहले कांग्रेस ने उन्हें मास्क पहनाने वाले को 11 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। मिश्रा ने इस पर कहा था कि आप लोगों ने मेरे गले में एक गमछा देखा होगा। यह तीन लेयर में है। इसे ही पहनता हूं।
राज्य में पिछले 4 दिन में 10 हजार केस मिले
राज्य में पिछले 4 दिन में 10 हजार 253 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इस महीने हर दिन औसतन 29 मौतें हुई हैं। अब तक 1 लाख 10 हजार 711 मरीज मिल चुके हैं। इंदौर में ही मंगलवार रात कोरोना रिपोर्ट में 451 नए केस मिले, जबकि 7 लोगों की मौत भी हुई। इसे मिलाकर संक्रमितों की संख्या अब 20834 हो गई है, जबकि कुल 516 मौतें हो चुकी हैं।

Monday, 21 September 2020

18:27

आरोपी रेप पीडि़ता से शादी को तैयार फिर भी कोर्ट ने नही दी बेल deepak tiwari

इंदौर। बलात्कार पीडि़ता से शादी को तैयार होने के बावजूद कोर्ट ने पांच माह से जेल में बंद एक मुलजिम को जमानत देने से इंकार कर दिया। इस बीच पीडि़ता ने बच्चे को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार मुलजिम मनीष उर्फ कुणाल ने विशेष अदालत में जमानत के लिए तीसरी बार अर्जी दी थी उसका कहना था कि वह फरियादिया से शादी करने को तैयार है और उसकी डिलेवरी हो गई है। पीडि़ता अकेली पड़ गई है, उसके परिवारवाले उसे सहयोग नहीं दे रहे है इसलिए देखरेख हेतु उसे जमानत पर छोड़ा जाएं।  उसकी जमानत पर पहले दो बार आपत्ति उठानेवाली फरियादिया इस बार डिलेवरी होने से कोर्ट में नहीं आई थी, अलबत्ता उसकी ओर से सहमति पत्र देकर कहा गया था कि मुलजिम उससे आर्य समाज के मंदिर में शादी करने व उसे और उसके बच्चे का दाना-पानी उठाने और संपत्ति में हिस्सा देने को तैयार हो तो उस दशा में उसे जमानत देने पर कोई एतराज नहीं है। संबंधित पक्षों को सुनने के बाद जज मनीषा बसेर ने मुलजिम द्वारा पूर्व में फरियादिया से शादी का झूठा लेख कराने का हवाला देकर अपराध की गंभीरता के मद्देनजर जमानत देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी।
डीएनए टेस्ट तक हुआ, रिपोर्ट बाकी
फरियादिया ने बेटमा थाने में रिपोर्ट कर बताया था कि वह मुलजिम को दो साल से जानती है, उनके बीच प्रेम संबंध था। पीथमपुर में एक होटल में रखकर खोटा काम किया। बाद में उसे छोडक़र भाग गया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मुलजिम का डीएनए टेस्ट करवाकर सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
18:19

गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर पुलिस ने दूल्हे समेत बैंड वाले पर दर्ज किया केस deepak tiwari

इंदौर.शहर में सोमवार को जवाहर मार्ग पर बैंड बाजे से बारात निकाल रहे दूल्हे समेत बैंड बाजे वाले के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर दिया। पुलिस ने गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की है।
छत्रीपुरा टीआई पवन सिंघल के अनुसार पुलिस ने बैंड संचालक परसराम और सुप्रदीप, बैंड गाड़ी चालक राहुल और कार्यक्रम आयोजन कर्ता यानी दूल्हे नवीन करोसिया के खिलाफ उल्लंघन का केस दर्ज किया है।
टीआई के अनुसार सूचना मिली थी की कुछ लोग बिना अनुमति के बारात निकाल रहे हैं। इस पर टीम जवाहर मार्ग स्थित नेमा कुल्फी वाले के सामने पहुंची। वहां पर बैंड से बारात निकल रहा था। पुलिस ने तत्काल बैंड बाजा जब्त किया। फिर मुख्य आऱोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
17:57

इंदौर में 87 साल के बुजुर्ग के शव को चूहों ने कुतरा एक लाख जमा करने के बाद ही अस्पताल ने बॉडी दी मजिस्ट्रियल जांच के आदेश deepak tiwari

इंदौर.इंदौर में कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले एक और अस्पताल ने सोमवार को मानवता को शर्मसार कर दिया। अन्नपूर्णा इलाके में स्थित यूनीक अस्पताल में तीन दिन पहले भर्ती हुए 87 साल के बुजुर्ग की रविवार देर रात मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि अस्पताल ने शव को रखने में लापरवाही दिखाई। पूरी बॉडी को चूहों ने कुतर दिया। परिजन को शव तभी सौंपा गया, जब उन्होंने एक लाख का बिल चुका दिया। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच एडीएम अजय देव शर्मा करेंगे।
इतवारिया बाजार के रहने वाले नवीन चंद जैन (87 साल) को सांस लेने में तकलीफ होने पर 17 सितंबर को यूनीक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजन के अनुसार, बुजुर्ग का कोविड वार्ड में इलाज चल रहा था। रविवार रात करीब 3 बजे उनकी मौत की सूचना दी गई। कहा गया कि निगम की गाड़ी उन्हें अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाएगी। जब हम दोपहर 12 बजे अस्पताल पहुंचे तो हमने देखा कि शव को जगह-जगह चूहों ने कुतर रखा है। हमने प्रबंधन से बात की तो उनका कहना था कि हमसे गलती हो गई।
एक लाख रुपए का बिल थमाया, शव पर गंभीर घाव थे
परिजन प्राची जैन का कहना है, ‘जब अस्पताल पहुंचे तो एक लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया गया। बिल जमा करने के बाद शव दिया गया। शव देखकर तो हमारे होश उड़ गए। चेहरे और पैर में गंभीर घाव थे। अस्पताल प्रबंधन ने शव को कहीं ऐसी जगह पटक दिया था, जहां चूहों ने कुतर दिया। आंख पर गंभीर घाव हो गया था।’ आक्रोशित परिजन ने शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश दी। हालांकि, काफी देर होने के बाद भी अस्पताल की तरफ से कोई जिम्मेदार नहीं आया, जो परिजन को पूरी जानकारी दे सके।
हमें मिलने नहीं दिया गया, शाम को अच्छे से बात की थी
परिजन के अनुसार, अस्पताल वालों ने भर्ती करने के बाद हमें मिलने नहीं दिया। रविवार शाम 4 बजे फोन पर बात हुई तो वे अच्छे से बात कर रहे थे। रात साढ़े 8 बजे अस्पताल वालों ने हमें बुलाया और हालत गंभीर बताते हुए हमसे कागज पर साइन करवा लिए। देर रात साढ़े 3 बजे हमें बताया कि उनकी मौत हो गई। यदि वे कह देते तो हम रात में ही शव लेकर चले जाते। अस्पताल वालों ने इस तरह से बॉडी क्यों छोड़ा? हमारे साथ अन्याय हुआ है।
इंदौर में दो मामले पहले भी सामने आए थे
9 सितंबर को एमवायएच में एक कोरोना मरीज की मौत हो गई थी, लेकिन परिजन को उनकी मौत का पता 10 दिन बाद चला। परिजन को लगता रहा कि मरीज का इलाज चल रहा है।

Saturday, 19 September 2020

17:59

इंदौर में 600 प्रीमियम राशि जमा करवाई और हाथ आए 2 रुपए deepak tiwari

इंदौर। एक बार फिर फसल बीमा योजना के नाम पर कई किसान मूर्ख बन गए। इन दिनों शासन द्वारा इंदौर सहित प्रदेशभर में उपचुनावों के चलते बड़े-बड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर किसानों के खातों में फसल बीमा की राशि जमा करवाने का अभियान चलाया जा रहा है। इंदौर में भी 60 हजार किसानों के खातों में 127 करोड़ रुपए की राशि जमा करवाने के दावे किए गए हैं। वहीं कई जगह किसानों का आरोप है कि उन्होंने 600 रुपए प्रति हेक्टेयर तक प्रीमियम की राशि जमा की और बदले में 2, 4, 5, 7 रुपए की राशि फसल बीमा के रूप में मिली है। कांग्रेस ने भी इस संबंध में राज्य और केन्द्र की भाजपा सरकार को कोसा है।
पूर्व में भी फसल बीमा का इसी तरह बड़ा घोटाला सामने आया था और बीमा कम्पनियों ने करोड़ों रुपए जमा करवाए और बदले में किसानों को मामूली राशि ही हाथ आई। अभी इंदौर सहित प्रदेशभर में फसल बीमा की राशि किसानों के खातों में जमा करवाई जा रही है। उसके साथ ही तमाम जिलों से किसानों की शिकायत सामने आ रही है कि उनके खाते में 4, 5, 11 रुपए से लेकर 2 रुपए तक मिले हैं। इस संबंध में पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी बयान जारी किया है, जिसमें आरोप लगाए कि एक तरफ कोरोना महामारी ने किसानों को बर्बाद किया, उसके बाद अतिवृष्टि से फसलें तबाह हुईं और अब फसल बीमा के नाम पर भी मजाक किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 लाख 64 हजार किसानों की फसलों का खरीफ 2019 के लिए 15 हजार 221 करोड़ से अधिक का बीमा करवाया गया, जिसमें से किसानों से 352 करोड़ रुपए से अधिक वसूल किए गए और राज्य शासन की ओर से 509 करोड़ रुपए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जमा करवाए थे, लेकिन इतनी बड़ी राशि जमा करने के बावजूद किसानों के हाथ में प्रीमियम की तुलना में 100 गुना तक कम राशि आई है। उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले के भी 60 हजार किसानों को 127 करोड़ रुपए फसल बीमा के मिलने का दावा शासन‑प्रशासन ने किया है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ऑनलाइन यह राशि जमा करवाने का शुभारंभ किया और मंत्री द्वारा लाभान्वित किसानों को प्रमाण‑पत्र वितरित किए जा रहे हैं। अभी तक प्रदेश के 22 लाख किसानों के बैंक खातों में 4 हजार 678 करोड़ रुपए की राशि जमा करवाई जा चुकी है। जिले में 1 लाख 6 हजार किसानों ने फसल बीमा करवाया था।